राष्ट्रीय

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • शोपियां, 21 सितंबर । जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव होने से पहले आतंकियों की तरफ से इसे टालने के लिए पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं। एक बार फिर घाटी में आतंकियों ने स्थानीय पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी निर्मम हत्या की है। शुक्रवार को शोपियां में चार स्पेशल पुलिस अफसरों (पीएसओ) को किडनैप कर लिया गया।
    इनमें से तीन पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने मार दिया है। जबकि कुछ देर बाद ही आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी को छोड़ दिया है। तीनों पुलिसवालों के शव बरामद कर लिए गए हैं। चार पुलिसकर्मियों में से सिर्फ फयाज अहमद भट्ट ही वापस लौटे हैं।
    ये किडनैपिंग तब हुई है जब हिज्बुल के आतंकी रियाज नाइकू ने पुलिसकर्मियों को धमकी दी है। एक ऑडियो क्लिप सामने आई है जिसमें नाइकू कह रहा है कि सभी पुलिसकर्मियों को चार दिन में अपनी नौकरी छोड़ दें। नाइकू का कहना था कि नए कश्मीरी लड़के पुलिस ज्वाइन ना करें।
    इससे पहले भी कई बार आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को किडनैप कर उनकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। जिसके बाद से ही घाटी में काफी बवाल है।
    अभी पिछले महीने ही आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के 10 परिजनों को किडनैप कर लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया था। आतंकियों का कहना था कि पुलिसकर्मी उनके परिवार के कुछ सदस्यों को ले गए हैं और हम चाहते हैं कि उन्हें वापस भेज दें।  
    गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। ये मुठभेड़ बांदीपोरा के सुमलार इलाके में चली। मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया गया था। (आजतक)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर । 25 सितंबर से 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हो जाएगी। नीति आयोग के एक सदस्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ रविवार को करने जा रहे हैं। देशभर के 15 हजार सरकारी एवं निजी अस्पतालों ने इस योजना में भागीदारी लेने की इच्छा जताई है। यह जानकारी नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल और इस योजना के प्रमुख रणनीतिकार ने एक साक्षात्कार में दी। 
    उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री 23 सितंबर को योजना का उद्घाटन करेंगे, लेकिन प्रभावी तौर पर यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितंबर से लागू होगी। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार को अप्रैल 2019 तक इस योजना पर करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च करना पड़ सकता है। पॉल ने आगे कहा, प्रधानंत्री द्वारा उद्घाटन के साथ ही 26-27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की संभावना है।
    नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि पांच या छह राज्य ने दस्तखत नहीं किए, लिहाजा जब तक इसमें शामिल नहीं होते तब तक वहां यह योजना लागू नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा, (केंद्र के साथ समझौता पत्र पर) दस्तखत करनेवालों में बाकी बचे राज्य शायद 2-3 महीने में सही तरीके से योजना की शुरुआत कर देंगे।
    पॉल ने यह भी कहा कि सरकार टियर 2 और टियर 3 शहरों में इस योजना से अगले पांच सालों में हजारों नए अस्पतालों के जुडऩे की उम्मीद कर रही है। उन्होंने बताया, हमें 15 हजार अस्पतालों से योजना में शामिल होने का आवेदन मिला है। इनमें आधे यानी 7,500 आवेदन प्राइवेट हॉस्पिटलों से आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में अस्पतालों को जोडऩे की प्रक्रिया अभी शुरू होनी है। 
    उन्होंने बताया कि छोटे शहरों में अस्पतालों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है जबकि प्राइवेट अस्पतालों की 30 फीसदी क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा जो योजना के लिए उपलब्ध है।(पीटीआई)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नोएडा, 21 सितंबर। नोएडा के सेक्टर-1 में लुटेरों ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो गार्डों की हत्या कर दी। बैंक के गार्ड देर रात बैंक के बाहर सिक्योरिटी में तैनात थे। हमलावरों ने बैंक लूटने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि बैंक लूट का प्रयास विफल रहा।
    पुलिस मौके पर मौजूद है। बदमाशों ने तेज धारदार हथियार से गार्डों के सिर पर चोट मारकर की हत्या की। सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। आगे की जांच जारी है।
    आशंका जताई जा रही है कि गार्ड की हत्या बृहस्पतिवार देर रात की गई। शुक्रवार सुबह सात बजे जब माली बैंक आया और बैंक का दरवाजा खोलना चाहा तो अंदर से बंद मिला। काफी कोशिश के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने बैंक के मैनेजर और पुलिस को फोन किया। फिर पुलिस की मौजूदगी में बैंक का दरवाजा खोला गया तो अंदर दोनों गार्ड लहूलुहान मिले। पुलिस ने तुरंत दोनों गार्ड को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। (आजतक)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • अलीगढ, 21 सितंबर । उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिले अलीगढ़ में गुरुवार सुबह पुलिस ने एक मुठभेड़ में हत्या के आरोपी दो लोगों को मार गिराया है, और इस मुठभेड़ का सबसे अनूठा पहलू यह था कि पुलिस द्वारा न्योता देकर बुलाए गए स्थानीय पत्रकारों ने पुलिस की इजाजत से मुठभेड़ की वीडियोग्राफी की। वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मुठभेड़ स्थल पर हथियारबंद पुलिस वाले कैसे बंदूकों और पिस्तौलों से निशाना साधकर गोलियां दाग रहे हैं। पुलिस का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से वे दो लोगों (मुस्तकीम और नौशाद) की तलाश में थे। पुलिस के मुताबिक ये दोनों पिछले माह जिले में हुई कम से कम छह हत्याओं के लिए वांछित थे, जिनमें से दो हिन्दू पुजारियों की हत्याएं थीं।
    अलीगढ़ पुलिस प्रमुख अजय साहनी ने बताया, मुठभेड़ सुबह लगभग 6.30 बजे हुई...मोटरबाइक पर सवार दो लोग एक पुलिस टीम के पास से गुजरे, और जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तो उन्होंने हम पर गोली चला दी... हम लोगों ने पीछा किया, और वे लगभग चार किलोमीटर दूर जाकर खाली पड़े एक सरकारी दफ्तर की इमारत में छिप गए... वे वहां से भी हम पर गोलियां चला रहे थे... तब तक हमारे पास बैकअप पहुंच चुका था... जब हमने गोलियां चलाईं, दोनों को लगीं, और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया... हमारा एक अधिकारी भी घायल हुआ है...
    पिछले एक माह के दौरान हुई छह हत्याओं के सिलसिले में बुधवार को ही पांच अन्य लोगों (पांचों मुस्लिम) को भी गिरफ्तार किया गया था। जिनकी हत्याएं हुई हैं, उनमें दो हिन्दू पुजारी, एक युगल तथा दो किसान हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इन लोगों को किसी दुश्मनी की वजह से शिकार नहीं बनाया था, बल्कि वे एक खास शख्स को फंसाना चाहते थे, जो 2016 में हुई एक हत्या का गवाह था, और उस हत्या में भी इन सातों आरोपियों (बुधवार को पकड़े गए पांच तथा गुरुवार को मार गिराए गए दो) में से एक आरोपी था।
    उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद मार्च, 2017 से अब तक कुल 66 लोग पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, हालांकि मुठभेड़ों की संख्या 1,000 से भी ज्यादा रही है, और उनमें सैकड़ों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर । चक्रवाती तूफान, दाए, ने शुक्रवार की सुबह ओडिशा में गोपालपुर के पास समुद्र तट को पार कर लिया, जिसके बाद कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है।
    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गंजम, गजपति, पुरी, नयागढ़ और खुर्दा जिले के सभी सरकारी दफ्तरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। उन्होंने पानी, बिजली और अस्पतालों की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के खास निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दाए चक्रवात से सड़कों, फसलों और बिजली की ट्रांसमिशन लाइन्स को नुकसान हो सकता है।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को ही ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए चक्रवाती तूफान दाए की चेतावनी जारी की थी।
    आईएमडी ने एक बयान में कहा था कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और पूर्वी-मध्य के ऊपर बनने वाला दबाव चक्रवाती तूफान का रूप धारण कर सकता है। चेतावनी दी गई थी कि इस दौरान ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार हैं। इसके साथ ही दक्षिण ओडिशा के दूरदराज के इलाके और उत्तरी तटीय आंध्रप्रदेश में भी अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है।
    तूफान से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम व श्रीकाकुलम और ओडिशा के गजपति, गंजम, खुर्दा, नयागढ़ और पुरी जिले में नुकसान पहुंचने की आशंका है।
    भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच।आर। बिस्वास ने बताया कि चक्रवाती तूफान, दाए, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना था और यह वहां से पश्चिम-उत्तर पश्चिम होते हुए 23 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दक्षिण ओडिशा तथा यहां के गोपालपुर से सटे आंध्र प्रदेश के इलाकों में पहुंच गया। बिस्वास ने कहा कि आगे यह पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर जाएगा और धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा।
    राज्य के गजपति, गंजम, पुरी, रायगढ़, कालाहांडी, कोरापुत, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जिलों में शनिवार तक भारी बारिश होती रहेगी। दक्षिणी ओडिशा के समुद्र तट पर कुछ घंटों के लिए 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलती रहेंगी।
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना दबाव का क्षेत्र गुरुवार को पश्चिम दिशा की ओर पहुंच गया। यह गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया और तटीय आंध्र प्रदेश के कलिंगापत्तनम से 310 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से करीब 300 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में केंद्रित है।(एजेंसियां)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर । वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के बीच के एक दशक में भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए हैं, जो एक आशाजनक संकेत है कि गरीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई जीती जा सकती है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की, 2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक, से यह जानकारी मिली है। वर्ष 2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक (एमपीआई) रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है।
    रिपोर्ट में कहा गया, भारत में सबसे ज्यादा गरीबी चार दरिद्र राज्यों में है। हालांकि भारत भर में छिटपुट रूप से गरीबी मौजूद है, लेकिन बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गरीबों की संख्या सर्वाधिक है। इन चारों दरिद्र राज्यों में पूरे भारत के आधे से ज्यादा गरीब रहते हैं, जोकि करीब 19.6 करोड़ की आबादी है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दिल्ली, केरल और गोवा में गरीबों की संख्या सबसे कम है। 
    इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर में 1.3 अरब लोग बहुआयामी गरीबी में जीवन बिता रहे हैं, जोकि एमपीआई में परिकलित किए गए 104 देशों की कुल आबादी का एक-चौथाई हिस्सा है। रिपोर्ट में कहा गया कि बहुआयामी गरीबी में जीवन बिता रहे 1.3 अरब लोगों में करीब आधे (46 फीसदी) लोग घोर गरीबी का सामना कर रहे हैं। भारत में दस बरसों की अवधि में गरीब लोगों की संख्या घटकर आधी रह गई है, जोकि 55 फीसदी से घटकर 28 फीसदी हो गई है। 
    रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के बीच के एक दशक में भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए हैं, जोकि आशाजनक संकेत है कि दुनिया से गरीबी मिटाई जा सकती है।
    यूएनडीपी के प्रबन्धक अचीम स्टेनर ने कहा, हालांकि गरीबी का स्तर, खासतौर से बच्चों में स्तब्ध कर देने वाला है, इसलिए इससे निपटने के प्रयासों में तेजी लाने की जरूरत है। साल 1900 के बाद से भारत ही नहीं बल्कि दक्षिण एशिया के अन्य देशों में लोगों के जीवन जीने की प्रत्याशा 4 साल बढ़ी है और भारत में लोगों के जीवन जीने की प्रत्याशा 11 साल बढ़ी है। यह बहुआयामी गरीबी से सुधार के लिए अच्छा है।(एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • रावतभाटा (गुजरात), 21 सितंबर । गुजरात के गीर के जंगल में पिछले 11 दिनों में 12 बब्बर शेरों की मौत की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में ज्यादातर शेरों के मौत मौत बीमारी कि वजह से होने की बात कही जा रही है। ऐसे में जंगल में शेरों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
    जंगल के अमरेली रेंज के धारा के पास एक ही दिन में तीन शेरों के शव मिले हैं जबकि अन्य शेरों के शव रोणींया इलाके से मिले हैं। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के मुताबिक शेरों की मौत लंग्स फेलियर की वजह से हुई है। हालांकि, ये एक बीमारी है जिससे फेलाईन ल्युकेमिया होने की शंका है।
    गीर के अमरेली रेंज में 9 शेरों की जो मौत बिमारी की वहज से हुई है, जबकि 3 शेर अंदरूनी लड़ाई कि वजह से मौत की भेंट चढ़ गए। मरने वाले शेरों में 3 शेरनी, 2 शेर ओर 6 शेर के बच्चे शामिल हैं।  जबकि, एक शेर का शव इतना ज्यादा खराब हो चुका है कि यह पता नहीं लग पा रहा है कि वो शेर है कि शेरनी । वहीं, इसे पूरे मामले में सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल शेर की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो रहा है। बता दें कि पूरे एशिया में ये शेर सिर्फ गुजरात में ही हैं।(आजतक)

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • लखनऊ, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश से एक बार फिर भारी संख्या में बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। बीते कई दिनों से बहराइच के जिला अस्पताल में काफी ज्यादा संख्या में बच्चों ने दम तोड़ दिया है। पिछले 45 दिनों में बहराइच के जिला अस्पताल में 71 बच्चों की मौत हो चुकी है।
    अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डीके सिंह ने कहा, विभिन्न बीमारियों की वजह से बच्चों की मौत हुई है। हमारे पास 200 बिस्तर हैं लेकिन अभी 450 मरीज भर्ती हैं। हम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं।
    सिंह ने बताया कि नजदीकी गांव के लोग यहां इलाज के लिए अपने बच्चों को भर्ती कराते हैं। लेकिन सीमित संसाधनों की वजह से अस्पताल प्रशासन को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
    बीते जुलाई महीने में रिपोर्ट आई थी कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छह महीनों में 1,049 बच्चों की मौत हो गई है। इनमें इंसेफलाइटिस से ग्रस्त 73 बच्चे भी शामिल हैं। इस अवधि में सबसे अधिक एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में 681 बच्चों की मौत हुई।
    ये बच्चे संक्रमण, सांस संबंधी दिक्कतों, कम वजन आदि बीमारियों से पीडि़त थे। इस वर्ष इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत बढ़ गई है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट आई है जिसके अनुसार भारत में औसतन हर दो मिनट में तीन नवजातों की मौत हो जाती है। इसका कारण पानी, स्वच्छता, उचित पोषाहार या बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है।
    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साल 2017 में 8,02,000 शिशुओं की मौत हुई थी। हालांकि यह आंकड़ा पिछले पांच वर्ष में सबसे कम है। लेकिन दुनियाभर में यह आंकड़ा अब भी सर्वाधिक है।  (एएनआई)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • संयुक्त राष्ट्र, 21 सितंबर । संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने अपने यहां कार्यरत एक भारतीय नागरिक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। रवि करकरा नाम के इस व्यक्ति पर यौन उत्पीडऩ के आरोप थे जो यूएन की अंतरिम जांच में सही पाए गए हैं। रवि यूएन की लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण (यूएन वूमेन) इकाई में कार्यरत था। इस इकाई से संबंधित कम से कम आठ लोगों ने रवि पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया है।
    रवि करकरा यूएन वूमेन में वरिष्ठ सलाहकार था। बीते मंगलवार को यूएन वूमेन की कार्यकारी निदेशक फूमजिले मलांबों-नगकूकी ने इस मसले पर कार्रवाई की जानकारी दी थी। उनका कहना था कि यूएन वूमेन के एक सदस्य पर लगे यौन उत्पीडऩ के आरोपों को सही पाया गया है और इसके बाद आरोपित को बर्खास्त कर दिया गया है। फूमजिले के मुताबिक यह यूएन के नियमों के तहत सबसे सख्त कार्रवाई है। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर। केरल के नन रेप मामले में आरोपित बिशप फ्रेंको मुलक्कल को अस्थायी तौर पर पास्टर के पद से हटा दिया गया है। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने एक बयान जारी करते हुए इस बात की पुष्टि की है। चार दिन पहले आरोपित बिशप ने वेटिकन (कैथोलिक ईसाइयों का सर्वोच्च धार्मिक संस्थान) में पोप फ्रांसिस को एक पत्र लिखकर पद से हटने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद वेटिकन ने उनकी अर्जी मंजूर करते हुए उन्हें पद से हटा दिया है।
    उधर केरल पुलिस ने एक बयान में कहा है कि फ्रेंको मुलक्कल की गिरफ्तारी को लेकर वह एक दो दिन में फैसला ले लेगी। वहीं कल सात घंटे तक लगातार पूछताछ के बाद आज फिर से विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उनसे पूछताछ की है। इसके अलावा केरल हाई कोर्ट मुलक्कल की अग्रिम जमानत याचिका पर 25 सितंबर को सुनवाई के लिए राजी हो गया है। मुलक्कल पर मिशनरीज ऑफ जीसस कांग्रेगेशन ऑफ जालंधर डियोसी से जुड़ी केरल की एक नन के साथ बलात्कार करने का आरोप है। (इंडियन एक्सप्रेस)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को इस दिन को किसी उत्सव की तरह मनाने के निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं, यूजीसी ने इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। सेवानिवृत्त सैनिकों से छात्रों का वार्तालाप, विशेष परेड, झांकियां और सेना के प्रति अपने समर्थन को दर्शाते हुए ग्रीटिंग कार्ड्स बनाना इन सुझावों में शामिल हैं। 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के सीमा में मौजूद आतंकी संगठनों के अड्डों पर हमला कर उन्हें काफी क्षति पहुंचाई थी।
    यूजीसी ने सभी कुलपतियों को एक पत्र जारी करते हुए विश्वविद्यालयों की एनसीसी यूनिट्स को इस दिन एक विशेष परेड आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सेवानिवृत्त सैनिकों और छात्रों के बीच एक संवाद सत्र रखवाने के लिए भी कहा गया है, ताकि युवा देश के लिए सेना के बलिदानों से अवगत हो सकें। पत्र में कहा गया है, यदि आपके शहर या राज्य में सर्जिकल स्ट्राइक से संबंधित झांकियों और प्रदर्शनियों का आयोजन हो रहा है तो विवि अपने छात्रों और अध्यापकों को उनमें हिस्सा लेने या वहां जाने के लिए प्रोत्साहित करें। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 21 सितंबर । वीआईपी कल्चर की वजह से आमजन को बहुत-सी परेशानियों झेलनी पड़ती हैं। कभी घंटों लंबा जाम तो कभी रास्ते ही बदल दिए जाते हैं। इतना ही नहीं कई बार इस कल्चर के आगे लोगों की जान की भी कोई कीमत नहीं रह जाती। कुछ ऐसा ही हुआ एक मासूम बच्चे के साथ। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें दिल्ली पुलिस एक एंबुलेंस को सिर्फ इसीलिए नहीं जाने दे रही है क्योंकि उस रास्ते कोई वीआईपी आ रहा है। एंबुलेंस में एक 6 या 7साल का बच्चा है जिसके शरीर से काफी खून बह रहा है। लेकिन दिल्ली पुलिस एंबुलेंस को बीच सड़क रोके हुए है। 
    इस वीडियो में वीआईपी कल्चर के लिए लोगों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। लोग बैरिकेड को हटाने लगते हैं लेकिन बावजूद दिल्ली पुलिस सोच में है। भीड़ में आक्रोश है इसीलिए वो लगातार इस एंबुलेंस को निकालने के लिए कह रहे हैं। लोग अपनी गाडिय़ों से उतरकर सड़क पर सिर्फ इस बच्चे को जल्द अस्पताल ले जाने की कोशिश में लगे हैं। पब्लिक में गुस्सा है वो पुलिस से लगातार कह रही है कि नेता लोग पहले हैं या फिर इस बच्चे की जान। 
     वहीं, एंबुलेंस चला रहा ड्राइवर भी पुलिस वालों से कह रहा है कि ये बच्चा यहां ही मर गया तो कौन जिम्मेदार है इसका? भीड़ एक बार बैरिकेड को हटा भी देती है लेकिन दिल्ली पुलिस एंबुलेंस को तब भी जाने नहीं देती। 
     खैर, आपको बता दें कि यह 1 मिनट 36 सेकेंड का ही वीडियो सोशल मीाडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद क्या एंबुलेंस को जाने दिया या नहीं, इसके बारे में फिलहाल कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। साथ ही यह वीडियो कब का है और दिल्ली के किस इलाके पर बनाया गया इसके बारे में कोई भी कोई इंफॉर्मेशन नहीं है। लेकिन इस वीडियो को देखकर एक बात तो साफ है कि वीआईपी कल्चर के आगे किसी जान की भी कोई कीमत नहीं है। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • मैसूर, 21 सितंबर । कर्नाटक के हूरा गांव में लोगों को एक अनोखी शादी देखने को मिली जहां दुल्हन शरमा तो नहीं रही थी बल्कि लातें चला रही थी। हालांकि, दूर गांव से आई दुल्हन थोड़ी घबराई जरूर थी। उधर, मेहमानों के लिए एक बड़ी चिंता चार साल के दूल्हे की हिंसक आदतें थीं जिनमें से काट खाना एक बड़ी समस्या थी। गांववालों ने दूल्हे की शादी भी इसी उम्मीद में कराई है कि शायद शादी के बाद वह दुलत्ती मारना छोड़ दे।  
    हूरा गांव के इस अकेले गधे को आखिरकार साथी मिल गया है। उत्साहित गांववालों ने पुजारी बुलवाकर पूरे विधि-विधान से शादी कराई। गधे ने गधी को मंगलसूत्र भी बांधा। नए कपड़ों में दोनों सजे थे। इस मौके पर मेहमानों को मिठाइयां भी बांटी गईं। हाल ही में इस गधे का आक्रामक व्यवहार शुरू हो गया था। बताया गया है कि पहले उसके साथ एक गधी थी और तब सब सही था। इसी साल जुलाई में जब एक तेंदुए ने गधी को मार दिया, उसके बाद से गधे का आक्रामक व्यवहार शुरू हो गया। 
    हूरा गांव के लोगों ने चमराजनगर में उसके लिए एक गधी ढूंढी और जब उन्होंने उसके मालिक को पूरी बात बताई तो वह गधी देने को तैयार हो गया। लोग पहले ही गधी ढूंढने के लिए पैसे इक_ा कर चुके थे। जब गधी के मालिक ने उन्हें मुफ्त में गधी दे दी तो गांववालों ने उन पैसों से शादी समारोह कराने के बारे में सोचा। लोगों ने दोनों जानवरों के लिए कपड़ों का इंतजाम किया और पुजारी ने शादी कराई। (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • पटना, 20 सितंबर। बिहार के पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह में बाल कैदियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर हाउस फादर सहित एक बाल कैदी की हत्या कर दी। इस फायरिंग का फायदा उठाकर पांच बाल कैदी बाल सुधार गृह से फरार हो गए। इनमें तीन हत्या की कोशिश और दो आम्र्स एक्ट के मामले में आरोपित हैं। बताया जाता है कि इस घटना के मौके पर बाल सुधार गृह के सुपरिटेंडेंट मौजूद नहीं थे। एक कर्मी ने बताया कि बीते मंगलवार को बाल कैदियों की जांच हुई थी। इसमें एक के पास कोरेक्स कफ सिरप मिला था। इसका इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जाता है। इसके बाद बाल कैदियों को चेतावनी दी गई थी।  (जागरण)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • मुंबई, 20 सितंबर । जेट एयरवेज की फ्लाइट  में क्रू की एक अजीब गलती की वजह से करीब सौ से अधिक यात्रियों की जान पर बन आई। क्रू की गलती के कारण करीब 30 यात्रियों के नाक और कान से खून बहने लगा, जिसकी वजह से मुंबई से जयपुर के लिए 166 यात्रियों के साथ उड़ान भरने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट को आज सुबह टेकऑफ के तुरंत बाद वापस मुंबई उतारना पड़ा। अब यह फ्लाइट मुंबई से जयपुर के लिए उड़ान 10.15 बजे टेकऑफ करेगी। 
    दरअसल, जेट एयरवेज की मुंबई-जयपुर उड़ान (को टेकऑफ के बाद मुंबई वापस उतारना पड़ा, क्योंकि टेकऑफ के दौरान क्रू केबिन प्रेशर को बरकरार रखने का स्विच दबाना भूल गया था, जिसकी वजह से 166 में से 30 यात्रियों की नाक और कान से खून बहने लगा, और कुछ को सिरदर्द की शिकायत हुई। इन यात्रियों का मुंबई एयरपोर्ट पर ही उपचार किया जा रहा है।
    जेट एयरवेज की फ्लाइट 9 डब्ल्यू 697 पर क्रू केबिन प्रेशर को बरकरार रखने वाला स्विच दबाना भूल गया, जिसकी वजह के करीब 30 यात्रियों के कान और नाक से खून बहने लगे। बताया जा रहा है कि 30 यात्री अभी बीमार हैं, जिनका इलाज चल रहा है। ऑक्सीजन मास्क्स वहां मौजूद थे। कई यात्रियों ने सिरदर्द की शिकायत की। 
    हालांकि, अब जेट एयरवेज की उस उड़ान के क्रू को ड्यूटी से हटा दिया गया है, जिसमें केबिन प्रेशर बरकरार न रख पाने की वजह से यात्रियों के कान-नाक से खून बहने लगा था, और उसे टेकऑफ के बाद वापस मुंबई उतारना पड़ा था। नागरिक उड्डयन के महानिदेशालय के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो  ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
    उसी फ्लाइट में इस डरावने पल को महसूस करने वाले सवार यात्री दर्शक हथी ने एक वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें यह देखा जा सकता है कि कैसे सभी ऑक्सीजन मास्क पहने हुए हैं।(एएनआई)

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • देहरादून, 20 सितंबर । गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने वाला उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है। विधानसभा में यह बिल पास हो गया है और अब इसे केंद्र के पास अप्रूवल के लिए बढ़ाया गया है। उत्तराखंड की पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने उत्तराखंड विधानसभा में बिल पेश किया था। उन्होंने कहा, हम सभी (विपक्ष और सत्ता) गाय के महत्व से वाकिफ हैं। न सिर्फ भारत बल्कि दूसरे देशों में इसका सम्मान किया जाता है।
    मंत्री ने कहा कि गाय हमारी आस्था की प्रतीक है और उसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना गया है, जिसके दर्शन से ही सारे पाप दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गौमूत्र में औषधीय गुण भी हैं और वह एकमात्र ऐसा पशु है जो न केवल ऑक्सीजन ग्रहण करता है बल्कि ऑक्सीजन छोड़ता भी है। 
    रेखा ने कहा कि गाय को मां का रूप माना गया है और किसी बच्चे को मां का दूध उपलब्ध न होने पर गाय के दूध को वैज्ञानिक दृष्टि से भी उसका सर्वश्रेष्ठ विकल्प माना गया है।  उन्होंने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाता है तो उससे उत्तराखंड सहित देश के 20 राज्यों में लागू गोवंश सरंक्षण कानून पूरे देश में लागू होगा और उसके संरक्षण के प्रयासों को और बल मिलेगा।
    उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा, कई लोगों के लिए यह जानवर कमाई का जरिया भी है और लोग जीविकोपार्जन के लिए इस पर निर्भर हैं। देहरादून के मेयर विनोद चंबोली समेत बीजेपी के कई नेताओं ने प्रस्ताव पर लोगों एकजुटता बढ़ाने के लिए प्रयास किया। उन्होंने कहा, अब समय आ गया है कि गाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
    हालांकि उत्तराखंड में विपक्ष की नेता इंदिरा हृदयेश ने कहा, हम सभी गाय का सम्मान करते हैं लेकिन मैं यह समझने में असमर्थ हूं कि बीजेपी गाय को राष्ट्र माता घोषित करके क्या साबित करना चाहती है? प्रदेश के गोशाले बुरी स्थिति में हैं और बूढ़े होने के बाद गायों को लोग छोड़ देते हैं। प्रदेश में पशुचिकित्सकों की भी कमी है।
    उन्होंने कहा कि प्रस्ताव लाने के बजाय बीजेपी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बछड़ा मारा न जाए, गायों को उचित भोजन मिले, गोशालों की स्थिति ठीक हो और बुजुर्ग जानवरों के लिए उचित बंदोबस्त कराया जाए। बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के विचार सुनने के बाद विधानसभा स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने वोटिंग के आधार पर प्रस्ताव पारित किया। (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 20 सितंबर । पंजाब में एक सीनियर पुलिस अफसर पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप कानून की पढ़ाई कर रही  26 वर्षीय छात्रा ने लगाया है। आरोप है कि पंजाब पुलिस में सहायक महानिरीक्षक (एआइजी) पद पर तैनात यह आईपीएस छात्रा को बार-बार फोन कर यौन संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। शारीरिक संबंध न बनाने पर खतरनाक परिणाम भुगतने की धमकी देता था। छात्रा की शिकायत पर आरोपी अफसर पर केस दर्ज हुआ है। छात्रा ने पंजाब पुलिस के सहायक महानिरीक्षक पर धमकी देने और यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया है।
    पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अमृतसर पुलिस आयुक्त के कार्यालय में मंगलवार की शाम इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। महिला ने आरोप लगाया कि सहायक पुलिस महानिरीक्षक पिछले तीन महीनों से उसे फोन कर रहे थे और शारीरिक संबंध नहीं बनाने पर खतरनाक परिणाम भुगतने की धमकी देते थे।पीडि़त छात्रा विवाहित बताई जाती है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी ने अमृतसर के एक होटल में उससे बलात्कार का प्रयास भी किया था। होशियारपुर जिले की निवासी महिला ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उसकी मां को जानता है।अमृतसर पुलिस आयुक्त एस एस श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई के लिए शिकायत राज्य के पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है।(एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 20 सितंबर । पाकिस्तान में इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद भारत-पाक के बीच रिश्तों में सुधार के लिए बातचीत की सुगबुगाहट फिर से शुरू हो गई है। इमरान सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के आयोजन के दौरान भारत-पाक के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत हो। हालांकि, भारत का रुख यही है कि आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती।
    इसकी संभावना को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना की चर्चा इमरान खान के पीएम मोदी को 14 सितंबर को लिखे खत से शुरू हुई। इमरान खान ने पीएम मोदी के बधाई संदेश के जवाब में यह खत लिखा था।
    इमरान खान के इस खत में ही यह प्रस्ताव दिया गया है कि इस माह के अंत में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच बातचीत हो। इमरान खान ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि भारत जल्दी से जल्दी पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन आयोजित कराने पर विचार करे।
    दोनों देशों के सूत्रों ने आजतक-इंडिया टुडे से इस बात की पुष्टि की है कि इस तरह की मुलाकात की संभावना को लेकर संबंधित विदेश मंत्रालय अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक खान ने कश्मीर सहित सभी बड़े लंबित मसलों को हल करने का भी आह्वान किया है।
    संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक न्यूयॉर्क में 25 सितंबर से शुरू हो रही है, जो अगले 9 दिन तक चलेगी। इसी दौरान सार्क विदेश मंत्रियों की भी बैठक हो सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि 27 सितंबर को सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से एक दिन पहले यह मुलाकात हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री डॉ. फैजल ने बुधवार को कहा, अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है। हम इसकी कोशिश में लगे हैं।
    दूसरी तरफ, उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा है कि भारत का रुख यही है कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि वार्ता होगी या नहीं, लेकिन रुख साफ है।(इंडिया टुडे)

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • लखनऊ, 20 सितंबर । उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने हनीट्रैप में फंस कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के जवान को बुधवार को गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया जवान मध्य प्रदेश के रीवा जिले का रहने वाला है।
    उसने शुरुआती पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बीएसएफ और सेना के प्रशिक्षण केन्द्रों की सूचनाएं व खुफिया जानकारी देने की बात कबूली है।
    यूपी के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया कि एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की एजेंट के साथ गोपनीय सूचनाएं साझा करने के आरोप में बीएसएफ के कांस्टेबल अच्युतानंद मिश्रा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में रीवा के रहने वाले अच्युतानंद मिश्रा को देश की गोपनीय और संवेदनशील सूचनाएं आईएसआई के साथ साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    सिपाही अच्युतानंद वर्ष 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था और शादीशुदा सिपाही साल 2016 में उस वक्त हनीट्रैप का शिकार हुआ, जब उसने खुद को सेना का रिपोर्टर बताने वाली महिला से फेसबुक पर दोस्ती की। आरोपी सिपाही ने उस महिला मित्र का नाम अपने फोन पर पाकिस्तानी दोस्त के नाम से सेव किया है और उसकी बातों में आकर कई गोपनीय सूचनाएं (यूनिट की लोकेशन, शस्त्र गोला बारूद का विवरण, बीएसएफ परिसर के फोटो और वीडियो) देना शुरू कर दिया।
    इस बारे में मिलेट्री इंटेलीजेंस की चंडीगढ़ इकाई ने एटीएस को सूचना दी थी। जिसके बाद 17 व 18 सितम्बर को नोएडा में एटीएस और बीएसएफ के अधिकारियों ने उससे पूछताछ की और उसके डाटा को एक्सट्रैट किया। जिसके आधार पर मिश्र को आफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गलत पाया गया।
    डीजीपी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में मिश्र ने अपना जुर्म स्वीकार किया है कि उसने बीएसएफ और सेना की सूचनाएं आईएसआई को दी हैं। उन्होंने बताया कि मिश्र के बैंक के खातों को भी खंगाला जा रहा है। इससे पता चलेगा कि मिश्र ने सूचनाएं साझा करने के बदले आईएसआई से धन लिया है या नहीं। उन्होंने कहा कि मिश्र के खिलाफ देशद्रोह सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
    वहीं आईजी असीम अरुण ने बताया कि पकड़ा गया सिपाही पाकिस्तानी नम्बर पर व्हाट्सएप से काफी समय से चैट कर रहा था। चैटिंग में उसे धर्म परिवर्तन और कश्मीर पर भारत विरोधी बात कह कर प्रभावित भी किया जा रहा था। उसकी फेसबुक आईडी और मोबाइल से कई और साक्ष्य मिले हैं। उसके नेटवर्क के बारे में पता किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि सिपाही को लखनऊ में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और रिमांड पर लेकर पूछा जाएगा कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जासूसी करने के लिए उसका मोटिवेशन क्या रहा, क्या उसे पैसा मिला। यह जानने के लिए उसके एकाउंट भी चेक किए जाएंगे। यही नहीं यह भी पूछा जाएगा कि उसने जो सूचनाए आईएसआई को दी, उससे कितना नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि हनी ट्रैप और जासूसी से बचने के लिए सशस्त्र बलों के सदस्यों को जागरूक किया जाएगा।(एजेंसी)

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • भोपाल, 20 सितंबर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे घरों में इस्तेमाल किए जा रहे टाइलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो तत्काल हटाई जाए। अदालत ने कहा कि यह काम 20 दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। इससे पहले केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि इन तस्वीरों को हटाने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश में टाइलों पर सिर्फ इस योजना का लोगो लगाने की बात कही गई थी।
    हाईकोर्ट ने यह फैसला बीते जुलाई में दायर एक जनहित याचिका पर सुनाया। इस याचिका में इस पर सवाल उठाया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे आवासों में इस्तेमाल हो रही टाइलों पर नेताओं की तस्वीरें लगी हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि जनता के पैसों से चल रही इस योजना का चुनावी फायदा लेने की कोशिश हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते रहे हैं कि 2022 तक सभी भारतीयों के सिर पर उनकी अपनी छत हो, यह उनका सपना है।(सत्याग्रह)

     

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