राष्ट्रीय

Posted Date : 23-May-2018
  • बेंगलुरु, 23 मई : एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें सीएम पद की शपथ दिलाई. वहीं, कांग्रेस के जी परमेश्वर ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस दौरान मंच पर विपक्षी एकजुटता की झलक भी दिखी. मंच पर यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री और एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायवती भी दिखीं. इनके अलावा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी नजर आए. मंच पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, डी राजा और नारायणसामी भी मौजूद थे.
    गौरतलब है कि कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसका नतीजा 15 मई को आया था. इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.  इसके बाद 17 मई को बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 19 मई को फ्लोर टेस्‍ट से पहले ही येदियुरप्‍पा ने मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्‍यपाल ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. पहले 21 मई को शपथ ग्रहण का प्रस्‍ताव था, लेकिन राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि के कारण उसे बदलकर 23 मई किया गया था.
    एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विपक्षी एकजुटता देखने को मिली. समारोह में लगभग सभी विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए और मंच पर हाथ मिलाकर अपनी एकजुटता दिखाई.
    - यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे.
    - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शपथ ग्रहण के लिए समारोह स्थल पहुंच चुकी हैं.
    - शपथ ग्रहण के लिए एचडी कुमारस्वामी भी समारोह स्थल पहुंचे..
    - समारोह स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी पहुंच चुके हैं.
    - बसपा प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे. मायावती के साथ सतीश चंद्र मिश्र भी थे. मंच पर शरद यादव भी मौजूद आ रहे हैं.
    - शपथ ग्रहण समारोह में बारिश भी खलल डाल सकती है.
    - कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंच चुके हैं. 
    - कांग्रेस के डीके शिवकुमार ने कहा कि कोई नाखुश नहीं है, हम सभी साथ हैं. हम सभी सेलिब्रेट कर रहे हैं, क्योंकि हमारी सरकार सत्ता में आ रही है. मैंने कभी नहीं कहा कि मैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद का दावेदार हूं. सब अच्छा है. 
    - शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सीताराम येचुरी, शरद पवार और अखिलेश यादव बेंगलुरु पहुंच चुके हैं, जहां वह कांग्रेस-जेडीएस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बनेंगे.
    - एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बेंगलुरु पहुंच चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम यहां कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह का गवाह बनने आए हैं और उनके प्रति हम एकजुटता दिखा रहे हैं.
    - उन्होंने कहा कि  हम भविष्य में राष्ट्रहित को प्रमोट करने और उसकी रक्षा करने के लिए साथ में काम करेंगे. हम यहां सभी क्षेत्रिय पार्टियों को मजबूत करने आए हैं.
    - शपथग्रहण समारोह में शामिल होने से पहले अरविंद केजरीवाल, चंद्रबाबू नायडू, सीताराम येचुरी ने की मुलाकात.
    -दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, सीताराम येचुरी शपथ ग्रहण से पहले एक साथ दिखे.
    वेणुगोपाल ने बताया कि पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के रमेश कुमार अगले विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) होंगे, जबकि डिप्टी स्पीकर का पद जद (एस) के खाते में जाएगा. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 22 और जद (एस) से 12 मंत्री होंगे. बृहस्पतिवार को विधानसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण के बाद वे शपथ लेंगे. कुमारस्वामी एक हफ्ते के अंदर कर्नाटक में शपथ लेने वाले दूसरे मुख्यमंत्री होंगे. दरअसल, भाजपा के प्रदेश प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने 19 मई को शक्ति परीक्षण का सामना किए बगैर इस्तीफा दे दिया था. 
    कर्नाटक में कुल 34 मंत्रियों में से 22 मंत्री कांग्रेस पार्टी से होंगे. वहीं, मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री जेडीएस के होंगे. वेणुगोपाल ने कहा कि 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री के तौर पर परमेश्वर के नाम पर मुहर लगा दी है.' इसके अलावा वेणुगोपाल ने कहा, 'विधानसभा का स्पीकर कांग्रेस से होगा और डिप्टी स्पीकर जेडीएस से होगा." (ndtv)

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Posted Date : 23-May-2018
  • मदुरै, 23 मई । तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट के विस्तार पर मद्रास हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। मंगलवार को यूनिट के विस्तार का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय लोग कंपनी के यूनिट विस्तार का विरोध लंबे समय से कर रहे हैं और पिछले लगभग 100 दिनों से यह प्रदर्शन चल रहा है। 
    मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट कंपनी के यूनिट विस्तार पर फिलहाल रोक लगा दी है। बता दें कि इस प्लांट में हर साल 4 लाख टन कॉपर कथोड बनता है, जिसे कंपनी बढ़ाकर 8 लाख करना चाहती है। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी समस्या इस प्लांट से होने वाले प्रदूषण से है और इसी को लेकर लोग विरोध कर रहे हैं। 
    प्लांट 27 मार्च से बंद है। इसे पहले 15 दिन के लिए मेंटेनेंस का काम करने के लिए बंद किया गया था। हालांकि, इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों की मौत के बहाने तमिलनाडु सरकार और बीजेपी-आरएसएस पर हमला बोला। 
    मशहूर तमिल अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता कमल हासन भी प्लांट के विरोध में तूतीकोरिन पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन में घायल हुए लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात भी की। दूसरी तरफ, कंपनी का दावा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए कंपनी सभी जरूरी निर्देशों का पालन कर रही है।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 23-May-2018
  • नई दिल्ली, 23 मई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीस करोड़ रुपये की 'पार्टी ड्रग्सÓ (रेव पार्टियों में इस्तेमाल होने वाली ड्रग) पकडऩे का दावा किया है।  स्पेशल सेल ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये चारों आरोपित नशे का कारोबार करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं।
    खबर के मुताबिक पुलिस को लंदन में नशीली दवाओं के कारोबार में लगे एक समूह के बारे में जानकारी मिली थी। वहां बलजीत सिंह उर्फ बल्ली और गजेंदर सिंह राठौड़ उर्फ गज्जू नाम के दो लोग यह समूह चलाते हैं। ये दोनों कथितरूप से ब्रिटेन, अमरीका, संयुक्त अरब अमीरात और मध्य पूर्व के देशों में उच्च गुणवत्ता की नशे की गोलियां मुहैया कराते हैं। भारत में इस समूह का प्रमुख प्रवीण सैनी को बताया जा रहा है। प्रवीण फरीदाबाद का रहने वाला है और दिल्ली से कारोबार चलाता था।
    पुलिस ने बताया है कि उसने 18 मई को आशीष और आसिम को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की पार्किंग से गिरफ्तार किया था। आशीष हवाई अड्डे में कस्टम हाउस एजेंट है और वह विदेश से यहां आने वाली नशीली दवाओं के पैकेट बाहर निकलवाने में मदद करता था। (द हिंदू)

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Posted Date : 23-May-2018
  • हैदराबाद, 23 मई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता बंडारू दत्तात्रेय के बेटे वैष्णव का मंगलवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 21 साल के थे और हैदराबाद में पढ़ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलने से हैदराबाद और दत्तात्रेय के संसदीय क्षेत्र सिकंदराबाद में लोगों में शोक है। वैष्णव के निधन पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दुख व्यक्त किया है। 
    वैष्णव हैदराबाद के मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। वह तीसरे वर्ष के छात्र थे। बताया गया है कि मंगलवार को रात में खाने के बाद उन्हें स्ट्रोक आया। परिजन उन्हें फौरन मुशीराबाद स्थित गुरु नानक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रात करीब 1.30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
    वैष्णव के निधन पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया है- यह खबर सुनकर सदमे में हूं। एक बच्चे के निधन पर दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक ऐसा बच्चा, जिसकी पूरी जिंदगी उसके सामने खिल रही थी। सॉरी दत्तात्रेय गारू। भगवान से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति मिले। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ट्वीट कर दुख व्यक्त किया है। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 23-May-2018
  • चंडीगढ़, 23 मई। अकाल तख्त ने यह कहते हुए सिख सेंसर बोर्ड का गठन किया है कि अब सिखों से संबंधित और उनके धर्म से संबंधित फिल्म बनाने से पहले फिल्मनिर्माताओं को यहां से मंजूरी लेनी होगी। 
    श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख धर्म से संबंधित फिल्मों के मामले में सख्ती दिखाते हुए फिल्म सेंसर बोर्ड की तर्ज पर 21 सदस्यीय सिख सेंसर बोर्ड का गठन कर दिया है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को हिदायत दी है कि भविष्य में सिख धर्म से संबंधित फिल्म बनाने या दृश्यों को रिलीज करने से पहले निर्माता-निर्देशक श्री अकाल तख्त से लिखित मंजूरी हासिल करें। सिख धर्म पर कोई टीवी सीरियल बनाने पर भी यह मंजूरी लेनी होगी।
    जत्थेदार ने बताया कि बोर्ड फिल्मों में सिख इतिहास, सिख विरासत, गुरु मर्यादा से संबंधित दृश्यों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त को भेजेगा। अकाल तख्त से मंजूरी के बाद ही फिल्म का निर्माण हो सकेगा। निर्माण के बाद रिलीज से पहले भी मंजूरी हासिल करनी होगी। दृश्यों व अन्य सामग्री की जांच के लिए गठित सेंसर बोर्ड का कोआर्डिनेटर  एसजीपीसी के उपसचिव (धर्म प्रचार कमेटी) सिमरजीत सिंह को बनाया गया है। 
    पिछले महीने नानक शाह फकीर फिल्म के रिलीज को लेकर उपजे विवाद के बाद यह कदम उठाया गया है। यह फिल्म सिखों के पहले गुरु पर बनी है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन न्यायालय ने इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। अमृतसर में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि प्रत्येक फिल्म निर्माता के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वह सिख धर्म या सिखों के विरासत से संबंधित फिल्म बनाने के लिए बोर्ड की अनुमति ले। बोर्ड की सिफारिश के बाद अकाल तख्त वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) या एनिमेशन फिल्म के बारे में अंतिम फैसला लेगा। (भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • लखनऊ, 23 मई । उत्तर प्रदेश स्थित मदरसों में अब दीनी तालीम के साथ-साथ एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई होगी। छात्र-छात्राओं को उर्दू के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाया जाएगा।  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने यह फैसला किया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मदरसा बोर्ड ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए इसकी मांग की थी। उनका आगे कहना था कि नई व्यवस्था से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। (अमर उजाला)

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Posted Date : 23-May-2018
  • नई दिल्ली, 23 मई। दिल्ली में 26 वर्षीय एक व्यक्ति ने फेसबुक पर दोस्त बनी एक महिला से शादी करने की अनुमति ना देने पर अपने माता-पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि अपने माता-पिता की इकलौती संतान अब्दुल रहमान ने उनकी संपत्ति पर कब्जा पाने के लिए हत्या कर दी। उसका कानपुर की एक महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। वे दोनों दो साल पहले फेसबुक पर दोस्त बने थे। रहमान की पहली शादी टूट चुकी है। बाद में उसकी दोस्ती कानपुर की एक महिला के साथ हो गई। वर्ष 2017 में उसने अपने माता-पिता की मर्जी से एक अन्य महिला से शादी की। 
    पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हालांकि उसका विवाहेत्तर संबंध चलता रहा। वह फेसबुक पर बनी अपनी दोस्त से मिलता रहता था और उसने उससे शादी करने का वादा भी किया था। रहमान ने अपने माता-पिता से कहा कि वह अपनी दोस्त से शादी करना चाहता लेकिन उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। आरोपी एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था लेकिन नशे की लत के कारण उसकी नौकरी चली गई। उसने दो साथियों के साथ अपने माता-पिता की हत्या करने की साजिश रची और तीनों ने तब उनकी हत्या की जब वे सो रहे थे। 
    21 मई को पूछताछ के दौरान रहमान ने अपने माता-पिता की हत्या की बात कबूल कर ली। उसके और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। (भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • भोपाल, 23 मई । मध्य प्रदेश में अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 10 हजार रुपये प्रतिमाह, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5750 रूपये प्रति माह तथा आंगनवाड़ी सहायिका को 5,000 रूपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5,000 रुपये, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 3,250 रूपये और आंगनवाड़ी सहायिका को 2,500 रूपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है। 
    मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में महिला-बाल विकास की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त मानदेय राशि मंजूर की गयी है। अब आंगनवाड़ी सहायिका को 5,000 रूपये, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5,750 रूपये और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 10,000 रूपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।
    मिश्रा ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने एक जनवरी 2016 के पहले के शासकीय पेंशनर्स/ परिवार पेंशनर्स को देय पेंशन/परिवार पेंशन को पुनरीक्षित करने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि वृद्ध पेंशनर्स/परिवार पेंशनर्स को देय अतिरिक्त पेंशन की सुविधा यथावत रखी गई है।पुनरीक्षित पेंशन पर सातवें वेतनमान में स्वीकृत मंहगाई राहत दी जाएगी। पुनरीक्षित पेंशन से 4.39 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा और राज्य शासन के 850 करोड़ रूपये वार्षिक व्यय होंगे। (भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • चेन्नई, 23 मई। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले एक महीने से वेदांता की स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन में मारे गये लोगों की घटना को राज्य सरकार द्वारा पोषित हत्या करार दिया है।
    मंगलवार को स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं और अपने बचाव में फायरिंग भी की। पुलिस से हुई हिंसक झड़प में 30 से ज्यादा लोगों के घायल हो गये हैं। 
    राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, तमिलनाडू में स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 11 की मौत राज्य पोषित आतंकवाद का क्रूर उदाहरण है। इन नागरिकों की हत्या अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए की गई। इन शहीदों और घायलों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना।
    इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 9 लोगों के मरने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मरने वालों के परिवारों को 9 लाख रुपये और घायलों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।
    पुलिस सूत्रों ने बताया कि संयंत्र की तरफ बढऩे से रोके जाने कारण प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस के वाहनों को पलट दिया। उन्होंने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार इकाई को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।
    रैली निकालने की अनुमति न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों को खदेडऩे की कोशिश की और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी पथराव करने लगे और पुलिस वाहन को पलट दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने बताया कि पथराव की घटना में बीस से अधिक लोगों को मामूली चोट आई हैं और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। दर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित इकाई की वजह से क्षेत्र में भूजल प्रदूषित हो रहा है। वहां 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 23-May-2018
  • मेरठ, 23 मई। उत्तर प्रदेश के मेरठ में कस्तूरबा गांधी स्कूल में एक अनूठा मामला सामने आया है। स्कूल की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल वार्डन भूत बनकर उन्हें डराती हैं और छेड़छाड़ करती हैं। छात्राओं का कहना है कि वार्डन रात में भूत की नकल करती हैं और भूत की तरह कपड़े पहन लेती हैं। इसके बाद हमारे साथ छेड़छाड़ करती हैं। छात्राओं के इस आरोप के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया है। चौतरफा इसकी चर्चा हो रही है। दूसरी तरफ, मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपी वार्डन पूनम भारती का कहना है कि मैंने इस मामले में जांच की मांग की है। साथ ही अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज भी चेक करने को कहा है। इससे सच अपने आप सामने आ जाएगा। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 23-May-2018
  • गोरखपुर/तिरूवनंतपुरम, 23 मई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ऑक्सीजन की कथित कमी से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के मामले में 9 आरोपियों में से एक डॉ. कफील खान केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करेंगे। कफील खान ने बताया कि उन्होंने केरल में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी और इसके लिए केरल के मुख्यमंत्री को ट्वीट कर आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
    उन्होंने बताया कि उनके ठहरने की व्यवस्था केरल सरकार करेगी। मुझे खुशी है कि वहां कार्य करने का मौका मिल रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल अगस्त में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद कफील सात महीने जेल में रहे। उन्होंने कहा, मैं जब जेल में था, तो केरल के लोगों ने सोशल मीडिया पर मुझे समर्थन दिया था और जेल से निकलने के बाद मैं तीन दिन केरल में रहा।
    वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कहा कि राज्य सरकार को कोझिकोड जिले में कार्य करने को इच्छुक समर्पित चिकित्सकों का स्वागत करने में खुशी होगी। कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का कहर जारी है। इस कारण से अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। डॉक्टर कफील खान के आग्रह के बारे में विजयन ने कहा कि सरकार राज्य में कार्य के लिए खान जैसे डॉक्टरों का खैरमकदम करती है।
    विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में केरल में काम करने की इच्छा रखने वाले स्वास्थ्यकर्मियों से कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक से संपर्क करने का आग्रह किया था। (भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • श्रीनगर, 23 मई। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा  पर पाकिस्तान दिन रात सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। अरनिया और सांबा के बाद अब आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजर्स गोलाबारी कर रहे हैं। आज सुबह से फायरिंग में अब तक 4 नागरिकों की मौत हो गई है।
    बुधवार सुबह कठुआ जिले से हीरानगर में सीमा पार से फायरिंग की गई। इस दौरान यहां के लोंदी इलाके में राम पॉल नाम का एक व्यक्ति गोली का शिकार हो गया, जिसे इलाज के लिए जम्मू के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
    पाकिस्तान ने बीएसएफ की करीब 40 पोस्टों को निशाना बनाया गया है। बीती रात लगातार सीमा पार से गोल दागे गए। इस फायरिंग में 4 नागरिक घायल हुए हैं। इनमें तीन हीरानगर सेक्टर के लोंदी गांव के हैं, जबकि एक व्यक्ति अरनिया सेक्टर में घायल हुआ है।
    पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से रातभर हीरानगर, सांबा, रामगढ़, अरनिया और आरएसपुरा सेक्टर में गोलीबारी की गई। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के पांच किमी। के आसपास सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद किया गया है। लगातार फायरिंग को देखते हुए आरएसपुरा, अरनिया और सांबा सेक्टर में और अधिक बुलेटप्रूफ वाहनों को भेजा गया है। पाकिस्तान 82एमएम के मोर्टार दाग रहा है।
    इससे पहले मंगलवार को भी पाकिस्तान ने सीमा पार से मोर्टार दागे और एलओसी से सटे अरनिया व आरएस पुरा सेक्टर के रिहाइशों इलाकों को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई थी, जबकि अखनूर के सेरी पल्ली गांव में एक मासूम की भी गोली लगने से मौत हुई है। (आज तक)

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Posted Date : 23-May-2018
  • गोरखपुर/तिरूवनंतपुरम, 23 मई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ऑक्सीजन की कथित कमी से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के मामले में 9 आरोपियों में से एक डॉ. कफील खान केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करेंगे। कफील खान ने बताया कि उन्होंने केरल में निपाह वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी और इसके लिए केरल के मुख्यमंत्री को ट्वीट कर आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
    उन्होंने बताया कि उनके ठहरने की व्यवस्था केरल सरकार करेगी। मुझे खुशी है कि वहां कार्य करने का मौका मिल रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल अगस्त में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद कफील सात महीने जेल में रहे। उन्होंने कहा, मैं जब जेल में था, तो केरल के लोगों ने सोशल मीडिया पर मुझे समर्थन दिया था और जेल से निकलने के बाद मैं तीन दिन केरल में रहा।
    वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कहा कि राज्य सरकार को कोझिकोड जिले में कार्य करने को इच्छुक समर्पित चिकित्सकों का स्वागत करने में खुशी होगी। कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का कहर जारी है। इस कारण से अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। डॉक्टर कफील खान के आग्रह के बारे में विजयन ने कहा कि सरकार राज्य में कार्य के लिए खान जैसे डॉक्टरों का खैरमकदम करती है।
    विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में केरल में काम करने की इच्छा रखने वाले स्वास्थ्यकर्मियों से कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक से संपर्क करने का आग्रह किया था।(भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • भोपाल, 23 मई। मध्य प्रदेश में अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 10 हजार रुपये प्रतिमाह, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5750 रूपये प्रति माह तथा आंगनवाड़ी सहायिका को 5,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5,000 रुपये, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 3,250 रूपये और आंगनवाड़ी सहायिका को 2,500 रूपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है। 
    मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में महिला-बाल विकास की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त मानदेय राशि मंजूर की गयी है। अब आंगनवाड़ी सहायिका को 5,000 रूपये, उप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 5,750 रूपये और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 10,000 रूपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।
    मिश्रा ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने एक जनवरी 2016 के पहले के शासकीय पेंशनर्स/ परिवार पेंशनर्स को देय पेंशन/परिवार पेंशन को पुनरीक्षित करने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि वृद्ध पेंशनर्स/परिवार पेंशनर्स को देय अतिरिक्त पेंशन की सुविधा यथावत रखी गई है।पुनरीक्षित पेंशन पर सातवें वेतनमान में स्वीकृत मंहगाई राहत दी जाएगी। पुनरीक्षित पेंशन से 4.39 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा और राज्य शासन के 850 करोड़ रूपये वार्षिक व्यय होंगे। (भाषा)

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Posted Date : 23-May-2018
  • नई दिल्ली, 23 मई। बांग्लादेश में फील्ड विजिट पर पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में रह रहे बच्चों की दयनीय हालत का उल्लेख किया। उन्होंने दुनिया से आगे बढ़कर मदद करने की अपील भी की। यूनिसेफ की गुडविल एंबेसडर के तौर पर सोमवार को प्रियंका ने कहा- रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में रह रहे बच्चों की दयनीय हालत पर ध्यान देने की जरूरत है।
    उधर, बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने प्रियंका के दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जिस्मफरोशी के लिए रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में रह रहे बच्चों की तस्करी की जाती है। लेकिन किसे परवाह है?
    तस्लीमा नसरीन ने एक ट्वीट में रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों की हालात को लेकर अनदेखी की निंदा की। उन्होंने लिखा- बाल अधिकारों के लिए यूनिसेफ गुडविल एंबेसडर के रूप में प्रियंका चोपड़ा ने बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थी शिविर का दौरा किया। उन्होंने (प्रियंका ने) कहा दुनिया को ख्याल रखने की जरूरत है। रोहिंग्या बच्चों की हर रोज जिस्मफरोशी के लिए तस्करी की जाती है। लेकिन परवाह किसे है।
    सोमवार को प्रियंका लंदन से बांग्लादेश के कॉक्स बाजार पहुंचीं।उन्होंने शिविर का दौरा कर बच्चों से मुलाकात की।  मुलाकात के दौरान की कुछ तस्वीरों को भी सोशल मीडिया में पोस्ट किया। बांग्लादेश में पहुंचने से पहले प्रियंका ने ट्वीट कर दौरे की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था- मैं यूनिसेफ फील्ड विजिट पर रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों के दौरे पर हूं। मेरे अनुभवों को जानने लिए मुझे इंस्टाग्राम पर फॉलो करें। बच्चे बेघर हो गए हैं, दुनिया को ख्याल रखने की जरूरत है। हमें ख्याल रखना चाहिए।
    म्यांमार में रोहिंग्या बड़े पैमाने पर धार्मिक हिंसा का शिकार हुए। उनके कई समूहों को म्यांमार से भागकर भारत-बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में शरण लेनी पड़ी है। बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर रोहिंग्या शरणार्थी हैं। दक्षिण एशिया में इस वक्त रोहिंग्या मुसलमानों का मामला सबसे बड़े शरणार्थी संकट के तौर पर उभरा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अगस्त 2017 से लेकर अब तक लगभग 7 लाख रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार से भागकर कर बांगलदेश के कॉक्स बाजार पहुंच चुके हैं। इनमें 60 फीसदी बच्चे शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अगस्त 2017 से लेकर अब तक लगभग 7 लाख रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार से भागकर कर बांगलदेश के कॉक्स बाजार पहुंच चुके हैं। इनमें 60 फीसदी बच्चे शामिल हैं। (आज तक)

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Posted Date : 23-May-2018
  • 23 मई। जनता दल-धर्मनिरपेक्ष (जेडीएस) के नेता एचडी कुमारस्वामी आज 23 मई को कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं. उनके शपथ समारोह के बारे में पहले ख़बर आई थी कि यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ संयुक्त विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन हो सकता है. लेकिन अब इस ख़बर में थोड़ा बदलाव होने की संभावना ज़ताई जा रही है क्योंकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बारे में कहा जा रहा है कि वे इस समारोह से दूरी बनाने वाले हैं.
    केसीआर मंगलवार शाम बेंगलुरु गए थे. वे वहां जेडीएस नेता कुमारस्वामी से मिले. उन्हें मुख्यमंत्री पद संभालने की अग्रिम बधाई दी और उल्टे पांव हैदराबाद लौट आए. केसीआर के कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है. जबकि अगले दिन यानी आज बुधवार को कुमारस्वामी का शपथ समारोह है. इस समारोह को विपक्षी का एकता का शक्ति प्रदर्शन बनाने की तैयारी हो रही है. इसमें आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, वाम दलों के तमाम नेता, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव, सहित विपक्ष के और भी कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है.

    समारोह में शामिल होने के लिए बुलावा तो केसीआर के पास भी भेजा गया है लेकिन केसीआर से जुड़े नज़दीकी सूत्रों की मानें तो वे कांग्रेस के नेताओं के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते. चूंकि कुमारस्वामी सरकार में कांग्रेस बड़ी साझीदार है और शपथ समारोह में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेसी भी हिस्सा ले रहे हैं. जबकि केसीआर इन दिनों क्षेत्रीय दलों का ऐसा गठबंधन बनाने की कोशिश में हैं जो कांग्रेस और भाजपा से समान दूरी रखे इसीलिए उन्होंने इस कार्यक्रम से भी दूर रहने का फ़ैसला किया है. जिससे कि उन्हें अपना मक़सद पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ते वक़्त भविष्य में किसी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े. (डेक्कन क्रॉनिकल)

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Posted Date : 22-May-2018
  • प्रमिला कृष्णन
    चेन्नई, 22 मई (बीबीसी)। तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में वेदांता गु्रप की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में 9 लोग मारे गए हैं। इसमें 40 से ज़्यादा लोग जख्मी हुए हैं जिनमें कई पत्रकार और कैमरापर्सन भी हैं।
    लोग महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्टरलाइट फैक्ट्री से इलाके में प्रदूषण फैल रहा है। मंगलवार को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान आम लोगों और पुलिस में झड़प हुई और पुलिस की गोलीबारी में नौ लोग मारे गए। पुलिस का कहना है कि जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू किया तो लाठी चार्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक हालात नियंत्रण से बाहर हो गए तब पुलिस ने गोली चलाई।
    स्थानीय लोग इस प्लांट को बंद करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस प्लांट से प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्या का संकट खड़ा हो गया है।
    इस कंपनी ने हाल ही में शहर में अपनी और यूनिट बढ़ाने की घोषणा की थी। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस तटीय शहर में भारी पुलिस बलों की तैनाती की गई है। पड़ोसी जिले मदुरई और विरुधुनगर से अतिरिक्त पुलिस बलों को बुलाया गया है।
    डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पुलिस की गोलीबारी की कड़ी निंदा की है। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों से शांति बरतने की अपील की है और प्लांट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    यहां पर धातु गलाया जाता है और एक साल में चार लाख टन तांबे का तार बनता है। वेदांता ब्रिटेन की कंपनी है यह उसकी सब्सिडरी है। कंपनी की योजना है कि वो हर साल 80 हजार टन तांबे के तार का उत्पादन करे। तूतीकोरिन जिले की इस यूनिट पर प्रदूषण को लेकर कई गंभीर आरोप हैं। वेदांता को लेकर भारत के कई राज्यों में विवाद हो चुका है।

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Posted Date : 22-May-2018
  • कोझिकोड, 22 मई । केरल में नर्स लिनी को आज हीरो की तरह देखा जा रहा है। और केरल ही क्यों, पूरा देश नर्स लिनी के उस सेवा भाव को याद कर रहा है जिसमें उन्होंने नर्सिंग के कत्र्तव्य को पूरा करते-करते अपना जीवन की ही आहूति दे दी। निपाह वायरस से पीडि़त शख्स की तीमारदारी करते हुए नर्स लिनी भी इसकी चपेट में आ गईं। जब उन्हें लगा कि जीवन शेष नहीं है तो उन्होंने एक और त्याग किया। लिनी ने अपने पति के नाम खत लिखा और मरते दम तक मासूम बच्चों समेत अपने पूरे परिवार को खुद से दूर रखा ताकि वह जिनसे प्यार करती हैं वे भी इस डेडली वायरस के संपर्क में न आ जाएं।  
    केरल के पर्यटन मंत्री ने लिनी के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए फेसबुक पर उनका खत शेयर किया है जो वायरल हो रहा है। केरल के कोझिकोड जिले में फैले घातक और दुर्लभ निपाह वायरस के इंफेक्शन से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक पेरांबरा तालुक अस्पताल में कार्यरत नर्स लिनी (31) भी शामिल हैं। लिनी ने मरते हुए एक बड़ा त्याग किया है, जिसके बाद उनकी काफी चर्चा हो रही है। लिनी ने आखिरी दम तक परिवार को खुद से दूर रखा था ताकि उनसे उनके प्रियजनों को संक्रमण न फैले। 
    उनकी आखिरी विदाई भी परिवार वालों के बिना हुई। 
    दरअसल, चेंबानोडा क्षेत्र निवासी लिनी के परिवार ने शव को घर लाने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को विद्युत श्मशान से ही दाह संस्कार करने को कहा था। लिनी निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के दौरान ही बीमार पड़ गई थीं और आखिर में उनकी मौत हो गई थी। 
    उनके मामा वी बालन ने बताया, अपने आखिरी दिनों में ही लिनी को पता चल गया था कि शायद वह घातक संक्रमण से संपर्क में आ चुकी हैं। उसने निपाह वायरस से पीडि़त चंगारोठ निवासी एक युवक को शुरुआती चरण में ट्रीटमेंट दिया था, बाद में युवक की मौत हो गई थी। लिनी दूसरों की मदद के लिए जीती थीं और जाते-जाते भी वह इतना बड़ा त्याग कर गईं।
    लिनी के दोनों बच्चों सिद्धार्थ (5) और रितुल (2) अपनी मां को आखिरी बार देख भी नहीं सके। उनके पति सजीश लिनी की बीमारी के बारे में सुनकर दो दिन पहले ही खाड़ी देश से वापस आए थे, वह वहीं नौकरी करते हैं। 
    फेसबुक पर लिनी का आखिरी पत्र जो उन्होंने अपने पति के लिए लिखा था, मुझे नहीं लगता कि अब मैं तुमसे मिल पाऊंगी। प्लीज हमारे बच्चों की देखभाल करना। उन्हें अपने साथ गल्फ (खाड़ी देश) ले जाओ, और हमारे पिता की तरह बिल्कुल अकेले मत रहना। लिनी कोझिकोड के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थीं। पिछले साल सितंबर में वह एक कॉन्ट्रैक्ट बेस पर पेरंबरा तालुक अस्पताल में कार्यरत हो गईं। 
    लिनी के पड़ोसी अवालम हामिद ने बताया, लिनी ने मुझे बताया था कि उन्होंने एक शख्स के बीमार पडऩे पर पेरांबरा अस्पताल में उसे शुरुआती ट्रीटमेंट दिया था। बाद में जब उन्हें मरीज की मौत के बारे में पता चला तो वह बेहद दुखी हो गईं और बताया था कि उन्हें भी वही लक्षण दिख रहे हैं जो उस मरीज को थे। 
    युनाइटेड नर्सेस असोसिएशन (यूएनए) के राज्य उपाध्यक्ष सुनीश एपी ने कहा, अपनी ड्यूटी निभाते हुई लिनी की मौत हो गई। सरकार को उनके परिवार के लिए मदद मुहैया करानी चाहिए। यूएनए के प्रतिनिधित्व लिनी के घर जाकर उनको अपना सहयोग देंगे।
    जिले में फैले निपाह वायरस के चलते राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने सोमवार को कहा कि हालात काबू में हैं और डरने की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, कोझिकोड चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के सभी उपनगरीय अस्पताल इस बुखार से सामना करने के लिए पूरी तरह उपकरणों से लैस हैं। जिन लोगों को बुखार है, उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय में भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है।
    निपाह वायरस चमगादड़ों से फैलता है। इससे जानवर और इंसान दोनों प्रभावित होते हैं। इस वायरस से कुछ ही सप्ताह के भीतर पीरमबाड़ा में दो भाइयों और उनकी एक रिश्तेदार की मौत हुई है, जबकि आठ अन्य लोग चिकित्सा निगरानी में हैं। संक्रमित चमगादड़ों, सूअरों और एनआईवी से ग्रस्त लोगों के साथ सीधे तौर पर संपर्क में आने से एनआईवी फैल रहा है। (टाईम्स न्यूज)

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Posted Date : 22-May-2018
  • नई दिल्ली, 22 मई । पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख मोहम्मद असद दुर्रानी ने यह स्वीकार किया इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने ही घाटी में हुर्रियत का बीज बोया था। पाकिस्तान की तरफ से अपनी तरह का यह पहला कबूलनामा है।
    दर्रानी वर्ष 1990 से 92 के बीच आईएसआई के प्रमुख थे, इसी दौरान कश्मीर घाटी में इतने बड़े पैमाने पर हथियारबंद अलगाववादियों का तांडव शुरू हुआ था। वह कहते हैं, मुझे लगता है कि तहरीक (आंदोलन) को एक राजनीतिक दिशा देने के लिए हुर्रियत का गठन एक अच्छा आइडिया था। दुर्रानी हुर्रियत के गठन का सेहरा भले ही अपने सर बांधते हैं, लेकिन इसे खुली छूट देने का उन्हें अफसोस है।
    दरअसल खुफिया एजेंसियों और उनके कारनामों पर आधारित किताब ‘Spy Chronicles RAW, ISI and the Illusion of Peace’ में पत्रकार आदित्य सिन्हा के साथ दुर्रानी और पूर्व रॉ प्रमुख एएस दुलत की चर्चा में यह बात उजागर हुई।
    इस किताब में दुर्रानी और दुल्लत के बीच कश्मीर, हुर्रियत, अफगानिस्तान, ओसामा बिन लादेन, परवेज मुशर्रफ, अजित डोभाल, अटल बिहारी वाजपेयी, परवेज मुशर्रफ और वाजपेयी के बीच हुई आगरा वार्ता और नरेंद्र मोदी को लेकर हुई बातचीत का विस्तार से जिक्र है। यहां एक दिलचस्प बात यह भी है कि 1990 के दशक में दुर्रनी जब आईएसआई का जिम्मा संभाल रहे थे, तब दुलत भी खुफिया ब्यूरो (आईबी) के संयुक्त निदेशक के रूप में कश्मीर में तैनात थे।
    दुर्रानी से भारत के खिलाफ मुहिम में आईएसआई की नाकामी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बातों-बातों में बताया कि आईएसआई ने कैसे हुर्रियत का गठन किया और कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन के शुरुआती दिनों में उसकी मदद की। दुर्रानी ने कहा, सबसे बड़ी नाकामी यह थी कि कश्मीर में जब आंदोलन शुरू हुआ, तो हमें यह कतई अंजादा नहीं था यह कितना आगे जाएगा।
    उन्होंने कहा, यह चीजें अमूमन छह महीने या एक साल तक चलती हैं। लेकिन जब यह लंबा खिंचने लगा, तो हमें इस बात की फिक्र होने लगी कि इसे अपने काबू में कैसे रखा जाए। हम यह कभी नहीं चाहते थे कि यह बेकाबू हो जाए। इससे जंग छिडऩे का खतरा था और दोनों में कोई भी देश जंग तो नहीं ही चाहता था।
    दुर्रानी आगे बताते हैं कि वह सबसे पहले कश्मीर के कुपवाड़ा में रहने वाले अमानतुल्ला गिलगिति से मिले, जिसने कश्मीर के पहले हथियारबंद अलगाववादी समूह जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की स्थापना में मदद की।
    इसके साथ ही वह कहते हैं, मुझे आज भी इस बात का मलाल है कि हमने अमानतुल्ला को उतनी गंभीरता से नहीं लिया। उसके ग्रुप ने आंदोलन की शुरुआत की थी। आजादी के उसके तीसरे ऑप्शन ने कीचड़ फैलाना शुरू कर दिया। और इस आजादी का मतलब भी क्या था भला?
    दुर्रानी यह मानते हैं कि हुर्रियत की स्थापना से तहरीक को एक दिशा मिली। वह कहते हैं, 90 के दशक पर नजर दौड़ाने से मुझे यही लगता है कि कि तहरीक को राजनीतिक दिशा देने के लिए हुर्रियत का गठन एक अच्छा आइडिया था। लेकिन उस पर से काबू छोड़ देना... उसे जो मर्जी वह करने देना- ठीक नहीं था।
    आईएसआई के इस पूर्व प्रमुख का भले ही यह कहना है कि पाकिस्तान अब हुर्रियत या कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के संपर्क में नहीं रहा, लेकिन ऐसे कई दस्तावेजी सबूत हैं जो कश्मीर में चरमपंथ की राह पर चल पड़े युवाओं को हथियार और दूसरी मदद में इस्लामाबाद की भूमिका की तस्दीक करते हैं। गिलगिती, सैयद सलाउद्दीन और हाफिज सईद जैसे कश्मीर में चरमपंथ के शुरुआती दिनों में खड़े हुए आतंकवादी आज भी पाकिस्तान में फल-फूल रहे हैं।
    इस किताब में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख दुलत के हवाले से कहा गया कि कश्मीर में पाकिस्तान का इंटरेस्ट एक बार बढ़ता दिख रहा है। दुलत कहते हैं, पिछले तीन वर्षों में हमने जो वहां अनिश्चितता की स्थिति पैदा की उससे यह फिर शुरू होता दिखा है। हमने वहां यथास्थिति बना रखी है, उससे पाकिस्तान ने एक बार उधर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
    दुलत कहते हैं, हुर्रियत पाकिस्तानी टीम है... इंडिया की अपनी टीम है, पाकिस्तान की अपनी टीम है, और इन सबके बीच में कश्मीरी पिस रहे हैं।(न्यूज 18)

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Posted Date : 22-May-2018
  • कोहिमा, 22 मई । नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए 28 मई को होने वाले उपचुनाव में राज्य के करीब एक लाख विद्यार्थी वोट नहीं देंगे।
    द मोरुंग एक्सप्रेस की खबर के अनुसार ऑल नगालैंड कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन (एएनसीएसयू) ने यह कदम प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा सुधार की उनकी मांगों के पूरा न होने के खिलाफ उठाया है।
    ज्ञात हो कि एएनसीएसयू शिक्षकों की नियुक्ति, स्कॉलरशिप और कोहिमा साइंस कॉलेज के अतिक्रमण सहित शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सुधारों की मांग कर रहा है।
    शनिवार 19 मई को कोहिमा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एएनएससीयू के अध्यक्ष केपी अवोमी ने बताया एएनसीएसयू के अंदर आने वाले 42 कॉलेजों के तकरीबन 1 लाख विद्यार्थी शिक्षा सुधार न होने के विरोध स्वरूप आगामी उपचुनाव में मतदान नहीं करेंगे।
    अवोमी ने कहा, हमने कई बार मुख्यमंत्री को लिखा, उनसे अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया, इसलिए हम यह कदम उठाने के लिए मजबूर हो गये हैं।
    मतदान न करने के अलावा छात्र वोटिंग के दिन विरोध पर सड़क पर उतरने की भी योजना बना रहे हैं। यूनियन का कहना है कि राज्य में न उच्च शिक्षा और न ही स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार देखने को मिल रहा है।
    अवोमी ने कहा, हम बदलाव की बात कर रहे हैं, लेकिन कोई बदलाव नहीं है। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए कोई नई नीति नहीं बनाई गयी है। हमारी विभिन्न मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
    छात्र यूनियन की यह भी मांग है कि मंत्रियों, विधायकों और अन्य सरकारी अफसरों से संबंधित शिक्षकों को 30 दिनों के भीतर हटे जाए, साथ ही एक नोडल सेल विभाग बनाया जाए, जिससे राज्य के विद्यार्थी विभिन्न छात्रवृत्ति का लाभ ले सकें।
    इसके अलावा यूनियन का यह भी आरोप है कि जोत्सोमा में कोहिमा साइंस कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है। मालूम हो कि नेफियू रियो के इस्तीफे के कारण नगालैंड लोकसभा सीट पर चुनाव की जरूरत पड़ी। मौजूदा मुख्यमंत्री रियो ने नगालैंड विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए इस साल फरवरी में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। (भाषा)

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