राष्ट्रीय

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवंबर। साऊथ दिल्ली के पॉश एरिया वसंतकुंज एन्कलेव में आज सुबह उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब वहां एक कोठी में 53 साल की फैशन डिजाइनर माला लखानी और उनके 50 वर्षीय नौकर बहादुर का शव लहूलुहान हालत में मिला। मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक लूट के इरादे से देर रात 3 लुटेरे घर के अंदर घुसे थे और हत्या करके फरार हो गए। वारदात को लखानी के पुराने टेलर ने अपने दो जानकारों के साथ अंजाम दिया। जब टेलर को लगा कि वह पहचाना जाएगा तो साथियों के साथ देर रात थाने में सरेंडर कर दिया।  
    53 वर्षीय माला वसंत कुंज एन्कलेव की एक कोठी में रहती थीं। वहां उनके अलावा नौकर बहादुर (50) भी रहता था। दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। माला का साउथ दिल्ली के ग्रीन पार्क में बुटीक है। घर पर भी टेलर रखकर काम करवाती थीं। पड़ोसी आफताब खान और शकील अहमद ने बताया कि उन्हें वारदात के बारे में पता तब चला, जब सुबह 5 बजे के आसपास कोठी पर पुलिस पहुंची। 
    इस मामले में जॉइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि डबल मर्डर को माला के पुराने टेलर राहुल ने अपने दो जानकारों के साथ मिलकर अंजाम दिया। ये लोग उनके घर में लूट की योजना बनाकर गए थे। 10 दिन से रेकी व प्लैनिंग कर रहे थे। 
    वारदात के लिए मार्केट से चाकू भी खरीदा था। बीती देर शाम माला के पास कपड़ों का डिजाइन दिखाने के बहाने पहुंचे। घर में घुसकर उनकी और नौकर की हत्या कर दी। घर से जो कुछ कैश और जूलरी मिली वह लेकर लखानी की कार से निकल गए। रातभर लूट का माल इधर-उधर छुपाया। जब आरोपी राहुल को लगा कि सब उसको पहचानते हैं, वे पुलिस से बच नहीं सकेंगे तो देर रात करीब पौने 3 बजे थाने में सरेंडर कर दिया। उनकी जानकारी पर ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। 
    पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे का दावा जरूर कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ यह सवाल बाकी है कि जब आरोपियों ने पूरी प्लैनिंग से डबल मर्डर को अंजाम दिया तो कुछ ही घंटों बाद पुलिस के सामने सरेंडर क्यों किया। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपियों से शुरुआती पूछताछ हुई है, हो सकता है कि आगे की तफ्तीश में कुछ और खुलासे हों। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • लुधियाना, 15 नवंबर । पंजाब के लुधियाना में खुदकुशी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां महज 12 साल के एक बच्चे ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। इससे पहले बच्चे ने घरवालों से मोबाइल सिमकार्ड की मांग की थी। जब परिजनों ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने ये खौफनाक कदम उठा लिया। दिल दहला देने वाला यह मामला लुधियाना की भगवान दास कॉलोनी का है। जहां रहने वाले सुखविंदर सब्जी मंडी के एक बड़े आढ़ती हैं। उनका 12 साल का बेटा पारस बाईपास के एक नामी स्कूल में पढ़ता था। वह आठवीं कक्षा का छात्र था। बुधवार को वह रोज की तरह दोपहर के वक्त स्कूल से घर आया।
    घर आते ही पारस अपनी मां से मोबाइल फोन के लिए सिमकार्ड की मांग करने लगा। उसने बहुत जिद की लेकिन मां ने उसकी एक नहीं सुनी और परिजनों ने उसे सिमकार्ड नहीं दिलाया। हारकर पारस अपने कमरे में चला गया। उसकी मां कीचन में खाना बना रही थी। खाना बन जाने पर जब पारस की मां उसे बुलाने के लिए कमरे में गई तो कमरे का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए। सामने 12 साल का बेटा पारस पंखे पर फांसी से लटका हुआ था।
    मां ने शोर मचा दिया। पास पड़ोस के लोग भी मौके पर आ गए। पारस को फंदे से उतार कर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस भी सूचना मिलने पर अस्पताल जा पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
    पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी पारस ने सिम कार्ड की मांग की थी। हालांकि घरवालों का कहना है कि उसे सिमकार्ड दिलाया गया था। लेकिन उसने सिम तोड़ दिया था। अब वह फिर से नए सिमकार्ड की मांग कर रहा था। शहर के थाना सलेम टाबरी की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।(नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवंबर । दिल्ली हाई कोर्ट ने आईटीओ के प्रेस एन्क्लेव स्थित नैशनल हाउस को खाली करने के केंद्र के आदेश को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे कि हेरल्ड हाउस की सीलिंग न की जाए। मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी और तबतक यथास्थिति बरकरार रहेगी। बता दें कि नैशनल हेरल्ड कांग्रेस का मुखपत्र है, जिसका प्रकाशन कांग्रेस की स्वामित्व वाली असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) करती है।  
    केंद्र सरकार ने लीज खत्म होने का हवाला देते हुए एजेएल को 15 नवंबर तक हेरल्ड हाउस को खाली करने का आदेश दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान एजेएल के वकील ने दावा किया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों ने भवन को खाली कराना शुरू कर दिया है। हालांकि सरकार ने इन दावों को झूठा बताया और कहा कि किसी भी अधिकारी ने हेरल्ड हाउस के परिसर में प्रवेश नहीं किया है। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए तबतक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। 
    केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को हेरल्ड हाउस को खाली करने का आदेश दिया था। इस आदेश को एजेएल ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। केन्द्र ने अपने आदेश में हेरल्ड हाउस की 56 साल पुरानी लीज को खत्म करते हुए उसे 15 नवंबर तक खाली करने को कहा था।(नवभारतटाईम्स)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • कामरेड धनीराम अनूपपुर-शहडोल-उमरिया-डिंडौरी के धाकड़ आदिवासी नेता और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ और खूब पुराने नेता और संगठक हैं। वे मध्यप्रदेश के पुष्पराजगढ़ विधानसभा के अमरकंटक और मैकल पहाड़ के बीच दुर्गम इलाके बुल्हू पानी में रहते हैं। चूंकि इस चुनाव क्षेत्र से सीपीएम चुनाव लडऩे का दुस्साहस कर रही है। इसलिए अचानक पुलिस को याद आई कि 1990 में किसी आदिवासी किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए एक मुकदमे में धनीरामजी की गिरफ्तारी पेंडिंग है, सो रातोरात धर लिए गए। 
    वे तो अगले दिन कोई सौ किलोमीटर दूर की जेल तक पहुंचा कर सात तालों में बंद कर दिए गए मगर उनकी केस डायरी के पहुंचने में पूरा आधा महीना लग गया। अब- जैसा कि पिक्चरों (फिल्मों) में दिखाया जाता है : न्याय की देवी अंधी होती है। सो केस डायरी के इंतजार में बैठी रही, देख ही नहीं पाई कि बुढ़ऊ 85 साल के हैं। 

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • फरीदकोट, 15 नवम्बर। ऐसे मामले कम ही देखने-सुनने में आते हैं। लेकिन पंजाब सरकार ने बलात्कारियों को सबक सिखाने के मामले में एक मिसाल पेश करने वाला काम किया है। 
    पंजाब सरकार ने फरीदकोट के रहने वाले और बलात्कार के एक दोषी की संपत्ति नीलाम की है। इस संपत्ति की नीलामी से सरकार को 91 लाख रुपए मिले हैं। इसमें से 50 लाख रुपए बलात्कार पीडि़त लड़की को मुआवजे के तौर पर दिए जा रहे हैं। जबकि 20-20 लाख रुपए उसके माता-पिता को दिए जाने की तैयारी है। यह संपत्ति भी जिला रेड क्रॉस सोसायटी ने खरीदी है क्योंकि कोई अन्य व्यक्ति इसे खरीदने के लिए आगे नहीं आया था। दो बार इस संपत्ति की नीलामी की कोशिशें विफल हो चुकी थीं।
    निशान सिंह नाम के व्यक्ति ने 2012 में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार किया था। उसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। मामले में निशान की मां नवजोत कौर भी दोषी थी। उसे सात साल कैद की सजा हुई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 90 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। यह रकम मुआवजे के तौर पर बलात्कार पीडि़त और उसके परिवार को दिए जाने का आदेश दिया गया था। इसके बाद फरीदकोट जिला प्रशासन ने निशान और उसकी मां की संपत्ति जब्त कर ली थी।
    घटना के अनुसार 24 सितंबर 2012 को निशान और उसके साथी 10वीं कक्षा में पढऩे वाली एक लड़की के घर जबरन घुस गए। आरोपितों ने उसके माता-पिता को बुरी तरह पीटा। फिर लड़की के हाथ-पैर बांधकर उसे अपनी कार में पटक दिया और हवाई फायर करते हुए भाग निकले। आरोपितों ने एक महीने तक पीडि़त लड़की को साथ रखा। उसके साथ कई बार बलात्कार किया। इससे वह गर्भवती हो गई। बाद में पुलिस ने गोवा से उसे बरामद किया। आगे चलकर अदालत की अनुमति से उसका गर्भपात कराया गया था। (डेक्कन हेराल्ड)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर। दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज निर्माण में भारी लेटलतीफी के कारण जहां चर्चित हुआ वहीं उद्घाटन के बाद यह कुछ अलग ही कारणों से चर्चित हो रहा है। इस ब्रिज पर सेल्फी लेने की होड़ जहां चर्चित हुई है वहीं अब ब्रिज पर निर्वस्त्र होने का वीडियो वायरल हो गया है।
    दिल्ली में नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज पर किन्नरों के निर्वस्त्र होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करने का प्रकरण दर्ज किया है।
    पुलिस ने कहा, सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात की जा रही है। सिग्नेचर ब्रिज पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। इससे पहले कुछ आरोप लगाया गया था कि पुल पर पुलिस की मौजूदगी पर्याप्त नहीं है।
    घटना के कथित वीडियो में दिख रहा है कि किन्नर सिग्नेचर ब्रिज पर अपने कपड़े उतार रहे हैं और डांस कर रहे हैं। वहीं राहगीर उन्हें देख रहे हैं। पुलिस कथित घटना की सटीक तारीख का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के बाद से ही सैर-सपाटे के लिए लोकप्रिय हो गया है। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।  (भाषा)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर। पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठाओं को 16 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश की है। आयोग ने इस संबंध में एक बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में 30 प्रतिशत आबादी मराठा है। ऐसे में उन्हें सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की जरूरत है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मराठाओं को आरक्षण देने को लेकर पिछले काफी समय से मांग की जा रही है। पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस मामले में अब सरकार को सील बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। आयोग ने कहा है कि जिस राज्य में 30 प्रतिशत आबादी मराठा हो वहां पर 16 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए।
    इसी के साथ यह भी कहा गया है कि मराठाओं को आरक्षण देने के दौरान ओबीसी कोटे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाए। अगर इस आरक्षण पर मोहर लगती है तो सभी श्रेणी को मिलाकर राज्य में कुल 68 प्रतिशत आरक्षण हो जाएगा। अभी राज्य में अलग-अलग वर्ग को मिलाकर 52 प्रतिशत आरक्षण है।
    महाराष्ट्र सरकार ने जून 2017 में पिछड़ा वर्ग आयोग को मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सर्वेक्षण करने को कहा था। पिछले 15 महीनों में आयोग ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान आयोग ने दो लाख मराठा समुदाय के सदस्यों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान आयोग ने 25 हजार परिवारों को सर्वेक्षण किया गया।
    आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मराठा आंदोलनकारियों के एक हिस्से ने बीते गुरुवार को राजनैतिक दल बनाने की घोषणा की। यह दल महाराष्ट्र में आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेगा। नए दल महाराष्ट्र क्रांति सेना का नेतृत्व सुरेश पाटिल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वह मराठा आरक्षण संघर्ष समिति के साथ पिछले 10 वर्षों से काम कर रहे हैं।
    सुरेश पाटिल ने कहा कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने ऐतिहासिक रायरेश्वर मंदिर में नया राजनैतिक दल बनाने और समुदाय के लिए काम करने का संकल्प लिया। वहीं पर छत्रपति शिवाजी ने 17 वीं शताब्दी में स्वराज्य का गठन करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि सकाल मराठा समाज (एसएमएस) और मराठा क्रांति मोर्चा (एमकेएम) जैसे मराठा संगठन नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के लिए आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। नए संगठन ने उसका विरोध किया है।
    पाटिल ने कहा, लेकिन, हम अपने राजनैतिक दल के नाम में मराठा शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वे (एसएमएस और एमकेएम) हमारे बारे में आशंका त्याग देंगे और पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सतारा से राकांपा के सांसद उदयनराजे भोंसले और छत्रपति शिवाजी के वंशज ने महाराष्ट्र क्रांति सेना को समर्थन दिया है। पाटिल ने कहा, हमें उम्मीद है कि वह हमारे टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। (एजेंसी)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'गजÓ (हाथी का संस्कृत नाम) तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के तटीय इलाकों में आज दस्तक दे सकता है। इसके कारण तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने से भू-स्खलन होने की आशंका भी जताई जा रही है। 'गजÓ एक महीने के भीतर भारत के तटीय इलाकों से टकराने वाला दूसरा तूफान है। इससे पहले 11 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान तितली ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही मचाई थी। इसमें करीब 70 लोगों की मौत हो गई थी।
    मौसम विभाग ने बताया कि 'गजÓ तूफान गुरुवार शाम तक पंबन और कुड्डलूर पर दस्तक देगा। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। इसके कारण तंजौर, तिरुवरुर, पुडुकोट्टई, नागपट्टिनम, कुड्डलूर और रामनाथपुरम जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। पुडुचेरी और कराईकल में भी सभी स्कूल बंद हैं। भारतीय नौसेना को अलर्ट किया गया है। नौसेना के मुताबिक दो जहाज- 'रणवीरÓ और 'खंजरÓ, अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, रबर की नावें, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री आदि पूरी तरह तैयार है।
    तूफान के मद्देनजर तमिलनाडु में करीब 30,500 राहत-बचाव कर्मियों को तटीय इलाकों में तैनात किया गया है। राज्य में करीब 6,000 राहत केंद्र बनाए गए हैं। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की 10 टीमें मौके पर मौजूद हैं। एनडीआरएफ को पुड्डुचेरी, केरल और अंडमान निकोबार में भी अलर्ट किया गया है। केद्रीय जल आयोग ने बांधों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। उसका मानना है कि तटीय इलाकों में भारी बारिश से बांध 24 घंटे से भी कम समय में भर सकते हैं। वहीं, राज्य सरकार ने तेल बेचने वाली कंपनियों से ईंधन का पर्याप्त भंडार रखने को भी कहा है। (पीटीआई)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर। संसद का शीतकालीन सत्र अगले महीने की 11 तारीख से शुरू होने जा रहा है। यह आठ जनवरी तक चलेगा। संसदीय मामलों के राज्य मंत्री विजय गोयल ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, इस सत्र के दौरान 20 कार्यदिवस मिलेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि शीतकालीन सत्र के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से सदन की कार्यवाही चलाने में सभी राजनीतिक दल सहयोग करेंगे।
    दिलचस्प बात यह भी है कि 11 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के ही दिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा अगले साल होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह आखिरी सत्र भी होगा। संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर महीने में होता है, लेकिन यह लगातार दूसरा मौका है जब यह दिसंबर में हो रहा है।
    उधर, इंडियन मेडिकल काउंसिल संशोधन विधेयक के अलावा इस सत्र के दौरान राज्यसभा में अटके तीन तलाक विधेयक को लाए जाने की भी पूरी संभावना है। जानकारों के मुताबिक इस सत्र में सरकार की कोशिश जहां ज्यादा से ज्यादा विधेयक पारित कराने की होगी तो वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल रफाल विमान सौदे जैसे मुद्दों के जरिये सरकार को घेरने की कोशिश करते दिख सकते हैं। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर। सुप्रीम कोर्ट ने भारत और फ्रांस के बीच 36 रफाल विमानों की खरीद के सौदे के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इन याचिकाओं में मांग की गई है कि शीर्ष अदालत की निगरानी में इस सौदे की जांच करवाई जाए। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की खंडपीठ ने बुधवार को चार घंटे तक इस मामले की सुनवाई की। इससे दो दिन पहले, सरकार ने इस सौदे से जुड़ी निर्णय प्रक्रिया की जानकारी अदालत को सौंपी थी। अदालत को एक सीलबंद लिफाफे में सौदे की कीमत से जुड़ी जानकारी भी दी गई थी।
    सरकार कहती रही है कि सौदे की शर्तों में शामिल गोपनीयता प्रावधान के चलते कीमत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में उसकी तरफ से पेश हुए अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि इस सौदे की समीक्षा विशेषज्ञों का काम है, कोर्ट का नहीं। उधर, याचिकाकर्ताओं में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी का आरोप है कि सरकार इस प्रावधान की आड़ में छिपने की कोशिश कर रही है। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • चंडीगढ़, 15 नवम्बर। हरियाणा की राजनैतिक पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अजय सिंह चौटाला की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी है। इसके साथ ही पार्टी ने अजय चौटाला को तत्काल प्रभाव से राज्य इकाई के महासचिव पद से भी हटा दिया गया है। इससे पहले पार्टी ने उनके दोनों बेटों - लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
    यह घोषणा इनेलो के राज्य इकाई के प्रमुख अशोक अरोड़ा ने चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में की। इस संवाददाता सम्मेलन में अजय चौटाला के छोटे भाई अभय चौटाला और इनेलो के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद थे। इस दौरान अशोक अरोड़ा ने कहा कि 12 नवंबर को इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने राज्य कार्यकारिणी की 'असंवैधानिकÓ बैठक बुलाने के लिए अजय चौटाला के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
    ओम प्रकाश चौटाला के पत्र का हवाला देते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा, आज हमने अजय चौटाला को पार्टी से निकालने का निर्णय लिया है। इस दौरान उन्होंने ओम प्रकाश चौटाला का पत्र भी पढ़ा जिसमें अजय चौटाला को पार्टी के विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित करने के लिए कहा गया था।
    वहीं अजय चौटाला ने 17 नवंबर को जींद में राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इसी दिन चंडीगढ़ में पार्टी ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है जिसमें सभी विधायकों, पूर्व विधायकों और इनेलो के सभी पदाधिकारियों को हिस्सा लेने के लिए कहा गया है। (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • भोपाल, 15 नवम्बर । मध्य प्रदेश पुलिस ने अलीराजपुर जिले में संचालित बाल तश्करी के अवैध कारोबार के सिलसिले में गुजरात से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक भारतीय जनता पार्टी का कथित कार्यकर्ता और दूसरा उसका रिश्तेदार बताया जा रहा है।
    पुलिस ने बाल तश्करी में शामिल चार सदस्यीय गिरोह को पकडऩे के लिए जाल बिछा रखा था। इसी दौरान गिरोह का सरगना शैलेंद्र राठौड़ 18 महीने के एक बच्चे को बेचने की कोशिश में पकड़ा गया। वह किसी फर्जी दंपत्ति को यह बच्चा 1.4 लाख रुपए में बेचने की तैयारी में था। पुलिस की पूछताछ में उसने माना कि वह पिछले दो वर्षों में छह बच्चे बेच चुका है। इसी दौरान राठौड़ अपने गिरोह में शामिल कुछ लोगों के नाम भी पुलिस को बताए।
    इसी क्रम में वड़ोदरा, गुजरात के एक दुकानदार पुरुषोत्तम अग्रवाल और उसके रिश्तेदार राजू अग्रवाल का नाम भी सामने आया। राजू अग्रवाल गुजरात के ही छोटा उदयपुर में रहता है। वह भाजपा का कार्यकर्ता है और राठौड़ के साथ वहीं एक पेट्रोल पंप में काम किया करता था। उसने राठौड़ को बीते साल नवंबर में अपने रिश्तेदार पुरुषोत्तम से मिलवाया था, जिसकी दो बेटियां थीं और वह बेटा चाहता था। तीनों के बीच 60,000 रुपए में एक लड़का खरीदने-बेचने पर सहमति बनी थी।
    बहरहाल इस वक्त तीनों पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस ने राठौड़ और उसके गिरोह के चंगुल से चार बच्चों को बचाया है। उन बच्चों के असली माता-पिता की तलाश की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों समेत संभावित खरीदारों की पहचान में भी लगी है। (इंडियन एक्सप्रेस)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • राजीव
    लखनऊ, 15 नवम्बर । यूपी में मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मृदा स्वास्थ्य कार्ड की आउटसोर्सिंग के लिए जारी टेंडर में बड़े स्तर की धांधली सामने आई है, जिससे पूरे कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। धांधली को लेकर सीएम योगी की नाराजगी को देखते हुए बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने धांधली में शामिल सभी 9 आलाधिकारियों को निलम्बित कर दिया है और टेंडर में शामिल सभी चारों कंपनियों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके अलावा सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किया गया है।
    उल्लेखनीय है कि किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के लिए मोदी सरकार ने गत 19 फरवरी 2015 को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का शुभारंभ किया था, जिसमें किसानों को मिट्टी के प्रकार के आधार पर उनके खेतों के लिए सबसे उपयुक्त पोषक तत्वों के लिए अनुकूल सलाह दी जाती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत यूपी के हर जिले और अधिकांश तहसीलों में एक अभियान चलाकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मिट्टी की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड बाटें जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड की आउटसोर्सिंग के लिए किए गए टेंडर में हुई धांधली की मिली शिकायत पर कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभात कुमार द्वारा कराई गई और जांच में हुए खुलासे से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत विभागीय आला अधिकारियों के होश उड़ गए हैं।
    जांच रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विभाग के निलंबित किए गए आला अधिकारियों ने अपने स्तर से एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग नामों से बनाई गई मेसर्स यस सोल्यूशन, मेसर्स सरस्वती सेल्स, मेसर्स सिद्धि विनायक, मेसर्स सतीश अग्रवाल नामक कंपनियों को वर्ष 2017-18 में उनके मुफीद शर्तें जोड़कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड का टेंडर दिया गया। यही नहीं, वर्ष 2018-19 में भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लिए केंद्र सरकार से जारी गाइड लाइन्स को दरकिनार कर इन्हीं कंपनियों को अपने स्तर से टेंडर जारी करके करीब 12 करोड़ की धांधली की गई। दिलचस्प यह है कि उपरोक्त जिन कंपनियों को टेंडर दिया गया, उनके पास मृदा स्वास्थ्य के लिए आवश्यक मशीनें तक नहीं मौजूद नहीं है।
    सूत्रों की मानें तो कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश पर कृषि निदेशक द्वारा की गई जांच में हुए इस धांधली के खुलासे से जुड़ी रिपोर्ट बीते 28 सितंबर को ही दे दी गई थी, लेकिन कृषि मंत्री सुर्य प्रताप शाही ने इस मामले की जांच दोबारा प्रमुख सचिव कृषि से कराई, जिसमें भी हुए धांधली के खुलासे के बावजूद आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही नहीं, गत 10 अक्टूबर को दोबारा कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन धांधली की खबर जब सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई और तब मामले में सीएम की नाराजगी को देखते हुए कृषि मंत्री आनन-फानन में एक प्रेसवार्ता करके मामले में दोषी 9 अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
    निलंबित अधिकारियों में मुख्यालय में तैनात संयुक्त कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी, बरेली के उप कृषि निदेशक विनोद कुमार, मुरादाबाद के उप कृषि निदेशक डॉ. अशोक कुमार, अलीगढ़ के संयुक्त कृषि निदेशक जोगेंद्र सिंह राठौर, सहारनपुर के उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, झांसी के उप कृषि निदेशक रामप्रताप, मेरठ के उप कृषि निदेशक सुरेश चंद्र चौधरी, अलीगढ़ के मृदा परीक्षण प्रभारी और सहायक निदेशक देव शर्मा और बरेली के सहायक निदेशक संजीव कुमार समेत सभी 9 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।(न्यूज 18)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • बागपत, 15 नवम्बर। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से व्हाट्सऐप ग्रुप के एक एडमिन को गिरफ्तार किया गया है। जोश नाम से चलाए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप पर देश विरोधी और आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में उस पर कार्रवाई की गई है।
    इस ग्रुप पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान से संबंधित कमेंट्स, फोटो और वीडियो ने चौगामा क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया था। वहीं ग्रुप एडमिन नईम ने कहा, एक लिंक के माध्यम से मुझे इसमें जोड़ा गया। मुझे 10-15 मिनट पहले ही एडमिन बनाया गया था।
    नईम ने कहा, इस ग्रुप में 100 से 150 लोग थे। मैं इस ग्रुप के किसी और एडमिन को नहीं जानता हूं। मैंने ग्रुप में डाले जाने वाले मैसेज को नहीं देखा था। हिंदू जागरण मंच के जिला उपाध्यक्ष दीपक बामनौली ने दोघट थाने में इस ग्रुप के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने जब जांच-पड़ताल की तो पलड़ा गांव निवासी नईम इस ग्रुप का एडमिन निकला, जो कि जनसेवा केंद्र चलाता है।
    इस मामले में पुलिस ने आरोपी नईम के खिलाफ, धारा 292, राष्ट्र गौरव अपमान अधिनियम 1971 की धारा 2 और आईटी एक्ट 2008 की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के लिए उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। (एएनआई)

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • दिल्ली, 15 नवम्बर। दिल्ली में मशहूर सिंगर टीएम कृष्णा का एक कॉन्सर्ट रद्द कर दिया गया है। दक्षिण पंथी ट्रोलर्स की ओर से सोशल मीडिया पर चलाए गए एक कैंपेन के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मजबूरन ये फैसला लिया। दरअसल, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इसके सांस्कृतिक समूह स्पीक मकाय की ओर से शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मशहूर सिंगर टीएम कृष्णा परफॉर्म करने वाले थे, लेकिन सोशल मीडिया पर दक्षिण पंथी ट्रोलर्स ने टीएम कृष्णा के खिलाफ कैंपेनिंग चला दी। इसमें उन्हें भारत-विरोधी और अर्बन नक्सल बताया गया।
    आरोप है कि आयोजनकर्ताओं ने दबाव में आकर आखिरकार कार्यक्रम रद्द कर दिया। हालांकि, टीएम कृष्णा पर कार्यक्रम रद्द होने का कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, 17 नवंबर को मुझे दिल्ली में कहीं भी एक स्टेज दे दो। मैं आऊंगा और जरूर गाऊंगा।
    दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में हो रहे डांस एंड म्यूजिक इन द पार्क में पहले टीएम कृष्णा का कॉन्सर्ट होना था, 5 नवंबर को एएआई ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए कार्यक्रम का ऐलान किया था। फिर कालाकारों की लिस्ट भी जारी की गई थी।
    कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में जगह-जगह पोस्टर्स भी लगाए गए थे, लेकिन बुधवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बयान जारी कर बताया गया कि किन्हीं कारणों से टीएम कृष्णा का कॉन्सर्ट रद्द किया जाता है।
    टीएम कृष्णा के संगीत को लेकर जातिगत पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, जिसके चलते वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई हिंदुत्व समर्थक भी नहीं चाहते कि दिल्ली में उनका कार्यक्रम हो। इस साल अगस्त में मैरीलैंड मंदिर में उनका कॉन्सर्ट रद्द हो गया था। तब उनपर क्रिसमस के गीत गाने के आरोप लगे थे। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 15 नवम्बर । गणतंत्र दिवस के मौके पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीफ गेस्ट बनने का इनविटेशन ठुकराने के बाद भारत को उनका रिप्लेसमेंट मिल गया है। अब ट्रंप की जगह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रामापोसा 26 जनवरी के परेड के चीफ गेस्ट हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामापोसा ने भारत का इनविटेशन स्वीकार कर लिया है।
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के तौर पर सरकार तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों के नाम पर विचार कर रही थी। इसमें अफ्रीकी देश के प्रमुख सायरिल रामापोसा का नाम सबसे ऊपर था। आखिरकार उनके नाम पर ही अंतिम सहमति बनी।
    दरअसल, अगले गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की चर्चा थी। यह उनका पहला भारत दौरा होता, लेकिन हाल ही में व्हाइट हाउस की तरफ से अमरीकी राष्ट्रपति का दौरा रद्द होने की जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि भारत के रूस के साथ हुई एस-400 मिसाइल डील और ईरान से तेल करार की वजह से ट्रंप प्रशासन ने ये फैसला लिया।
    माना जा रहा है कि 26 जनवरी के दौरान ही ट्रंप का स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन और कुछ राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित हो सकते हैं, 75 वर्षीय जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद 65 वर्षीय नेता सायरिल रामापोसा को इसी साल अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) का नया अध्यक्ष चुना गया था। फरवरी में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
    दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स और अफ्रीकी महाद्वीप का एक अहम सदस्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी साल जून में ब्रिक्स समिट से इतर सायरिल रामापोसा से मुलाकात भी की थी, 26 जनवरी समारोह के लिए सायरिल को आमंत्रित करने को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जोड़कर भी देखा जा रहा है। क्योंकि, नेल्सन मंडेला की तरह सायरिल भी गांधीवादी विचारधारा के हैं।
    भारत में हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा रही है। साल 2015 में बराक ओबामा, 2016 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रैंकोईस होलैंड, 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 2018 में आसियान के सभी 10 नेता भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे। (न्यूज 18)

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • सलमान रावी
    बस्तर, 14 नवम्बर । जिन लोगों ने न्यूटन फिल्म देखी है उन्हें उस पत्रकार मंगल कुंजाम का किरदार याद होगा जो माओवादियों के चुनाव बहिष्कार के बीच बस्तर के उस सुदूर इलाके में पहुंचा जहाँ फिल्म के हीरो न्यूटन कुमार (राज कुमार राव) मतदान कराने पहुंचे थे।
    मंगल कुंजाम एक वास्तविक पात्र हैं जो बस्तर के ही रहने वाले आदिवासी पत्रकार हैं। मगर 12 नवंबर को उनकी भूमिका बदल गयी थी। वह एक मतदाता भी हैं जिन्होंने पिछले विधानसभा के चुनावों में माओवादियों के बहिष्कार के आह्वान के बावजूद अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मगर इस बार मंगल कुंजाम ने वोट नहीं डाला है।
    कुंजाम गुमियापाल के रहने वाले हैं मगर इस बार उनके गाँव का मतदान केंद्र इरोली शिफ्ट कर दिया गया था जो वहां से पैदल 4 किलोमीटर की दूरी पर है। न तो इस बार कुंजाम ने वोट डाला न ही उनके गाँव के किसी भी व्यक्ति ने।
    मतदान के दिन मैं उन्हें ढूंढता हुआ उनके सुदूर गाँव पहुंचा जहां सन्नाटा पसरा हुआ था। जगह-जगह पेड़ों पर माओवादियों के बहिष्कार का आह्वान करने वाले पर्चे टंगे हुए थे।
    कुंजाम ने क्यों वोट नहीं डाला? वह कहते हैं, ये पूरा इलाका नक्सल प्रभावित है। दूर-दराज के गाँव हैं जहाँ आने-जाने के लिए सिर्फ पैदल यात्रा करनी पड़ती है। मैंने पिछली बार वोट डाला था। मगर कुछ ही दिनों के अन्दर फिर मुझे माओवादियों का फरमान मिला और मुझे उनके सामने पेश होना पड़ा।
    मंगल कुंजाम बताते हैं कि माओवादियों ने उन्हें डराया धमकाया। चूँकि वह पत्रकार थे इसलिए ऐसा फिर नहीं करने की हिदायत के साथ उन्हें छोड़ दिया गया।
    वह कहते हैं, सुरक्षा का सरकार दावा करती है मगर ये सिर्फ मतदान के दिन तक के लिए है। मतदान हुआ, सुरक्षाबल गायब। हमें तो यहीं रहना है। इन्हीं इलाकों में रहना है जहाँ माओवादियों की हुकूमत है। उनके फरमान की अवहेलना महंगी पड़ती है। मतदान के बाद हमें कौन बचाने आयेगा? इसलिए मैंने और मेरे गाँव के किसी व्यक्ति ने वोट नहीं डाला है।
    ये कहानी सिर्फ मंगल कुंजाम की नहीं है उनके आसपास के गावों में भी ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया। जैसे - हिरोली, समलवार, लावागांव आदि। पिछले तीन विधासभा के आंकड़ों की अगर बात की जाए तो इन 18 सीटों पर वर्ष 2003 में 71.30 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि वर्ष 2008 में 70.51 प्रतिशत और 2013 में 77.02 प्रतिशत।
    ये आंकड़े तब के हैं जब माओवादियों की कमर टूटने के दावे नहीं किये गए थे। इस बार जब नक्सली हिंसा में कमी बतायी गई और सुरक्षाबलों की तादात भी बढ़ा दी गयी तो फिर इतना ही मतदान चुनाव आयोग के लिए चिंता की बात जरूर है।
    नाम नहीं बताने की शर्त पर बस्तर में तैनात वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि अंदरूनी इलाकों में पहुँच पाना ही अपने आप में बड़ी चुनौती है। ये पूरी चुनावी प्रक्रिया एक जंग की तैयारी जैसी ही है।
    उनका कहना था, पांच साल में एक बार जाने से लोगों का विशवास कैसे हासिल कर सकते हैं। सिर्फ मतदान के दिन हमारे अधिकारी और सुरक्षाबल उन इलाकों में जाते हैं जहां बाकी के पांच साल कोई नहीं जाता।
    शहरी इलाकों और कस्बों में या फिर उच्च मार्गों के किनारे बसे गांव में तो मतदान का प्रतिशत हमेशा की तरह ठीक रहा। मगर सुदूर जंगली और दुर्गम इलाकों की कहानी वैसी ही है जैसी 15 वर्षों पहले थी।
    सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में कई ऐसे बूथ हैं जहाँ एक भी वोट नहीं पड़ा जबकि कई ऐसे भी हैं जहां दहाई तक आंकड़ा नहीं पहुंचा। बस्तर के सात जिलों की 12 सीटों की बात की जाए तो इन सीटों पर अलग-अलग समय तय था। जैसे बस्तर जिले, चित्रकूट और जगदलपुर में मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम के पांच बजे तक का था।
    बस्तर में 83.51 प्रतिशत, जगदलपुर शहर में 78.24 प्रतिशत और चित्रकोट में 80.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं दूसरे घोर नक्सली क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक का था। इन जिलों में सबसे कम मतदान बीजापुर में 47.35 प्रतिशत दर्ज दिया गया जबकि नारायणपुर में 74.40, कोंटा में 55.30, दंतेवाडा में 60.62, केशकाल में 81.32 और कोंडागांव में 82.84 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
    अधिकारियों का दावा है कि इन सब के बावजूद कई ऐसे इलाके हैं जहां कभी मतदान नहीं हुआ करता था मगर इस बार वोट पड़े। वह सुकमा के सुदूर चिंतलनार के इलाके का उद्धरण देते हैं जहां वर्ष 2010 में हुए सबसे बड़े माओवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 78 जवान मारे गए थे।
    ये इलाके दुर्गम हैं और इसके आसपास के इलाकों में भी पहुंचा नहीं जा सकता है क्योंकि यहाँ बारूदी सुरंगों का जाल बिछा हुआ है। चिंतलनार में इस बार 77 लोगों ने वोट डाले जबकि आसपास गुमोड़ी में 2, मिनपा में 8 और बुर्कापाल में 105 मत पड़े। ये वो इलाके हैं जहां माओवादियों की समानांतर जनताना सरकार चलती है।
    मंगल कुंजाम कहते हैं कि उनका परिवार पुश्त दर पुश्त इन इलाकों में रहता आया है। अंदरूनी इलाके जैसे कई साल पहले हुआ करते थे, आज भी वैसे ही हैं। वह कहते हैं फर्क सिर्फ इतना है कि पहले हम खुली हवा में सांस लेते थे, अब हवा और जमीन में बारूद है। (बीबीसी)

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 14 नवम्बर । इंडियन एयरफोर्स के लिए खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत का केंद्र की तरफ से सील बंद लिफाफे में सौंपे गए ब्योरे की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ से याचिकाकर्ताों ने इस मामले को संवैधानिक बेंच को सौंपने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने आज की सुनवाई में भारतीय वायुसेना के अफसरों को भी बुलवाया है और दोपहर के लंच के बाद सुनवाई आगे चल रही है।
    इस मामले के याचिकाकर्ताओं में शामिल वरिष्ठ वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सरकार द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट से यह पता चलता है कि मई 2015 के बाद निर्णय लेने में कई गंभीर घोटाले किए गए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पांच जजों की बेंच इस पर सुनवाई करे।
    वहीं आप नेता संजय सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ससंद में 36 राफेल विमानों की कीमतों का खुलासा दो बार किया जा चुका है, इसलिए सरकार के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता कि कीमतों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
    इसके अलावा याचिकाकर्ताओं में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी की तरफ से दलील दे रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूणण ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्रांसीसी सरकार की ओर से डील के सबंध में कोई सॉवरेन गारंटी नहीं थी। उन्होंने कहा कि नई डील के कारण राफेल जेट्स की डिलेवरी में देरी हुई। पिछले चार साल में एक भी विमान नहीं आया। इसके साथ ही उन्होंन कहा, राफेल डील के नाम पर देश से धोखा हुआ है।
    इससे पहले केंद्र ने सोमवार को 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का ऑर्डर मेकिंग प्रोसेस में उठाए गए कदमों के डिटेल हेडिंग वाला 14 पेज का दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिया। सरकार ने राफेल विमान की कीमतों का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में अदालत को दिया था। याचिकाकर्ता दस्तावेजों में दर्ज बातों पर अपनी दलील दे सकते हैं।
    केंद्र ने इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि फ्रांस से 36 लड़ाकू राफेल विमानों की खरीद  में 2013 की रक्षा खरीद प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया और बेहतर शर्तों पर बातचीत की गई थी। इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि इस सौदे से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने भी अपनी मंजूरी प्रदान की। (भाषा)

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 14 नवम्बर। इंडिया टुडे के कार्यकारी संपादक और जाने-माने टीवी एंकर गौरव सावंत पर 'द हिंदूÓ अखबार की पूर्व हेल्थ एडिटर विद्या कृष्णन ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। 'द कारवां ' पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक विद्या कृष्णन ने 15 साल पहले हुए इस मामले का जिक्र करते हुए बताया कि एक असाइनमेंट के दौरान गौरव ने उनके साथ छेड़छाड़ की थी।
    द कारवां में प्रकाशित निकिता सक्सेना की रिपोर्ट में विद्या ने बताया कि साल 2003 में जब यह घटना हुई तब वह 21 साल की थीं। उस वक्त उन्होंने 'द पॉयनियरÓ अखबार जॉइन किया था और एक असाइनमेंट के दौरान पहले से डिफेंस पत्रकार के तौर पर ख्याति पा चुके सावंत ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की और उनके कमरे में घुसकर उनके साथ बदसलूकी भी की थी।
    विद्या कृष्णन के आरोप पर इंडिया टुडे में बतौर कार्यकारी संपादक कार्यरत सावंत ने ट्वीट किया है कि द कारवां में प्रकाशित लेख 'गैर जिम्मेदार, आधारहीन और पूरी तरह से झूठ है।Ó साथ ही उन्होंने लिखा है, मैं मेरे वकीलों से बात कर रहा हूं और इस पर कानूनी कदम उठाऊंगा। मेरा सहयोग करने के लिए मेरे परिवार, दोस्त और दर्शकों का आभारी हूं।

    इस मामले पर इंडिया टुडे ने कहा, दुर्भाग्यवश हम इस मामले पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकते और न ही इसकी जांच कर सकते हैं, क्योंकि साल 2003 में सावंत हमारे साथ काम नहीं करते थे। हालांकि, सावंत से इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने इस पूरे मामले का खंडन करने के साथ हमें बताया कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए अपने वकीलों से सलाह ले रहे हैं।
    विद्या कृष्णन ने बताया कि बहुत साल पहले जब वह पंजाब के ब्यास शहर में भारतीय सेना द्वारा आयोजित कार्यक्रम कवर करने गई थीं। दिल्ली से बाहर उनका यह पहला असाइनमेंट था, तब सावंत भी उनके साथ उस ट्रिप पर थे। एक वाहन में विद्या अकेली महिला थीं जिसमें पत्रकारों की टीम को ले जाया जा रहा था।
    वे आगे बताती हैं कि गाड़ी में सावंत उनके पीछे बैठे हुए थे। उनके अनुसार, एक जगह अचानक सांवत अपना दायां हाथ उनकी छाती पर रख देते हैं। विद्या ने बताया कि उस समय वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पाईं और न ही इस बारे में किसी को बता पाईं क्योंकि वह इसके लिए पर्याप्त साहस नहीं जुटा सकीं।
    विद्या के अनुसार, सावंत के भद्दे व्यवहार का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उस रात सावंत ने उन्हें एक लिखित मैसेज भेजकर अपने कमरे में बुलाया। मैसेज में उन्होंने यह भी कहा था कि वह उनके साथ बाथटब में जाना चाहते हैं।
    विद्या ने बताया कि उन्होंने इंकार कर दिया। उसके कुछ ही मिनट के बाद सावंत उनके कमरे में बिना इजाजत पहुंच गए और उनके साथ बदसलूकी करना शुरू कर दिया।
    विद्या के अनुसार, उसके बाद सावंत ने अपनी पैंट की जिप खोली और उन पर अपना निजी अंग छूने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने उन्हें धक्का देने की कोशिश की पर वो असमर्थ रहीं। विद्या कहती है, उसके बाद मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया।
    रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही विद्या की आवाज तेज हुई, सावंत वहां से हट गए। विद्या ने कहा, मुझे लगता है कि उस वक्त उनके दिमाग में विचार आया होगा कि वह उनका रेप नहीं कर सकते। इसलिए उस वक्त वह चले गए।
    हालांकि, विद्या ने उस वक्त न ही द पॉयनियर अखबार के प्रबंधन से शिकायत नहीं की और न ही अखबार के संपादक और पूर्व राज्यसभा सांसद चंदन मित्रा से इस बारे में संपर्क करना चाहा।
    वे आगे बताती हैं कि उन्हें उस वक्त इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि द पॉयनियर में कोई आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) थी या नहीं।  पॉयनियर के संपादक चंदन मित्रा कहते हैं, 'पॉयनियर में यौन उत्पीडऩ की समस्या की रिपोर्ट के लिए एक समिति बहुत पहले से थी। लेकिन साल 2003 में थी या नहीं यह बात उन्हें ठीक तरह से याद नहीं।
    विद्या ने बताया कि उन्होंने सावंत का नाम नहीं लिया इसके पीछे केवल उनकी पेशेवर मजबूरियां ही नहीं, बल्कि सामाजिक मजबूरियां भी थीं। विद्या कहती हैं, महिलाओं के प्रति इस तरह का व्यवहार न्यूज रूम कल्चर में बहुत आम बात हो चुका है। हमारे साथ बहुत सी प्रतिभाशाली महिला रिपोर्टर होती हैं लेकिन वो आगे नहीं बढ़ पातीं क्योंकि उन्हें वस्तु की तरह देखा जाता है।  (भाषा)

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • चेन्नई, 14 नवम्बर। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात ओडिशा तट पर गुरुवार तड़के दस्तक दे सकता है। गाजा के कमजोर पडऩे से गुरुवार दोपहर से पहले पंबन और कुड्डालोर के बीच तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है। चक्रवात गाजा वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में केंद्रित है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
    विभाग ने कहा कि चक्रवात गाजा के कमजोर होने से पहले तमिलनाडु-दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हालात बिगड़ सकते हैं और समुद्र में ऊंची लहरे उठने की उम्मीद है। मछली पकडऩे गए मछुआरों को जल्द लौटने की सलाह दी गई है।
    भारतीय मौसम विभाग ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि गाजा बीते छह घंटों में पांच किमीप्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। चक्रवाती तूफान गाजा मंगलवार सुबह करीब 5.30 बजे यहां से करीब 750 किलोमीटर पूर्व में व नागापट्टनम से 840 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व में केंद्रित था।
    इसके अगले 24 घंटे के दौरान बुधवार तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है और तूफान की तीव्रता गुरुवार तक बनी रह सकती है। आईएमडी ने कहा, इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम तरफ बढऩे की ज्यादा संभावना है।
    विज्ञप्ति में 13-15 नवंबर के दौरान उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी व इससे लगे दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के इलाकों में मछली पकडऩे के लिए नहीं जाने की सलाह दी गई है। (एजेंसी)

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