राष्ट्रीय

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Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी । दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट कपिल मिश्रा के हिन्दुस्तान-पाकिस्तान मैच और मिनी पाकिस्तान वाले बयान पर सियासत गरमा गई है। कपिल मिश्रा के भारत-पाकिस्तान मैच वाले बयान पर उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की प्रतिक्रिया आई है। मनीष सिसोदिया ने भारत-पाकिस्तान मुकाबले वाले बयान पर कहा कि 11 तारीख को जीतेगा तो भारत ही। कपिल मिश्रा को रिटर्निंग अधिकारी ने शाहीनबाग प्रदर्शन को लेकर मिनी पाकिस्तान वाले ट्वीट पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक टीवी चैनल से कपिल सिब्बल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आठ फरवरी को चुनाव हैं और 11 को नतीजे आएंगे। मैं एक भारतीय होने के नाते फक्र करता हूं 11 तारीख को जीतेगा तो भारत ही। अब उनको तय करना है कि क्या वो पाकिस्तान बनेंगे?।(लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 24-Jan-2020

बीजिंग, 24 जनवरी चीन में इन दिनों फैले कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए यहां स्थित भारतीय दूतावास ने  गणतंत्र दिवस  पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।
भारतीय दूतावास की ओर से शुक्रवार को एक ट््वीट में कहा गया है, ‘‘चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से उत्पन्न हालातों को देखते हुए और अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर  स्थानीय प्रशासन के रोक संबंधी निर्देश को देखते हुए दूतावास में 26 जनवरी को मनाये जाने वाले गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।’’
चीन में इन दिनों इस विषाणु का काफी संक्रमण देखने को मिल रहा है और इसके चलते अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है और 830 अन्य बीमार हैं। अधिकतर मामले चीन के हुबेई प्रांत में देखे गए हैं।
चीनी विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय ने बताया कि इस रोग पर काबू पाने के लिए 14 विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय टीम का गठन किया गया है।
गौरतलब है कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान, वियतनाम, ङ्क्षसगापुर और थाइलैंड में इस बीमारी के कई मामलों की पुष्टि की जा चुकी है और गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि अभी इसे वैश्विक महामारी घोषित करना काफी जल्दबाजी होगा।(वार्ता) 

 


Date : 24-Jan-2020

भोपाल, 24 जनवरी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपड़ों से पहचानने वाला बयान दिया था। पीएम मोदी के बाद अब उनकी ही पार्टी के सीनियर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अजीबोगरीब बयान दिया है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, मेरे घर में काम कर रहे मजदूरों के पोहा खाने के स्टाइल से मैं समझ गया कि वह बांग्लादेशी हैं।
गुरुवार को इंदौर शहर में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, जब हाल में ही मेरे घर में एक कमरे के निर्माण का काम चल रहा था तो कुछ मजदूरों के खाना खाने का स्टाइल मुझे अजीब लगा। वे केवल पोहा खा रहे थे। मैंने उनके सुपरवाइजर से बात की और शक जाहिर किया कि क्या ये बांग्लादेशी हैं। इसके दो दिन बाद सभी मजदूर काम पर आए ही नहीं।
विजयवर्गीय ने लोगों को किया आगाह
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस मामले में मैंने अभी तक पुलिस शिकायत नहीं दर्ज कराई है। मैं केवल इस घटना का जिक्र करते आप लोगों को आगाह करना चाहता हूं। यह सब देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है। मैं जब बाहर जाता हूं तो मेरे साथ 6 सुरक्षाकर्मी चलते हैं, क्योंकि घुसपैठिए देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं।
विजयवर्गीय बोले- देश हित में है सीएए
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में बोलते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, अफवाहों से गुमराह मत हो, सीएए में देश का हित है। यह कानून वास्तविक शरणार्थियों को नागरिकता देगा और घुसपैठियों की पहचान होगी, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
आग लगाने वालों का पता कपड़ों से चल जाता
झारखंड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, ये कांग्रेस और उसके साथी हो-हल्ला मचा रहे हैं, तूफान खड़ा कर रहे हैं। उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं। ये जो आग लगा रहे हैं, टीवी पर जो उनके दृश्य आ रहे हैं, ये आग लगाने वाले कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है। (आजतक)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कपिल मिश्रा को मिनी पाकिस्तान वाले उनके विवादास्पद ट्वीट लेकर रिटर्निंग अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। कपिल मिश्रा को यह नोटिस ऐसे वक्त में मिला है, जब उनके ट्वीट को लेकर चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि कपिल मिश्रा ने दिल्ली चुनाव को लेकर दो ट्वीट किया था, जिनमें से एक में मिनी पाकिस्तान वाला था और दूसरे में उन्होंने कहा था कि 8 फरवरी को भारत-पाकिस्तान का मैच होगा। 
नोटिस में गुरुवार को कपिल मिश्रा से उनके द्वारा किए गए ट्वीट्स को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस में कहा गया है कि कपिल मिश्रा के कृत्य से आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन होता है और इस कानून के अंतर्गत यह दंडनीय अपराध है। उनसे पूछा गया है कि कारण बताएं कि आपके खिलाफ क्यों न कार्रवाई शुरू की जाए?
दरअसल, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन स्थल को विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने मिनी पाकिस्तान करार दिया था। इससे पहले आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले मिश्रा ने कहा कि आठ फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सडक़ों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा।
कपिल मिश्रा ने गुरुवार को दो ट्वीट किया, एक ट्वीट में उन्होंने कहा, आठ फरवरी को दिल्ली में भारत बनाम पाकिस्तान होगा। आठ फरवरी को दिल्ली की सडक़ों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा। एक अन्य ट्वीट में कपिल ने कहा, पाकिस्तान की एंट्री शाहीन बाग में हो चुकी हैं और दिल्ली में छोटे छोटे पाकिस्तान बनाये जा रहे हैं। शाहीन बाग, चांद बाग, इंद्रलोक में देश का कानून नहीं माना जा रहा है और पाकिस्तानी दंगाइयों का दिल्ली की सडक़ों पर कब्जा है।
अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री रह चुके कपिल मिश्र दिल्ली के मॉडल टाउन से भाजपा उम्मीदवार हैं। आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता को केजरीवाल ने 2017 में मंत्री पद से हटा दिया था। दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे और नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिसमें से 58 सामान्य श्रेणी की है जबकि 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। (लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी । आवारा गायों की बढ़ती संख्या पर काबू के लिए पशु पालन विभाग ने इन गायों को उत्कृष्ट गायों (ज़्यादा दूध देने वाली) के जन्म के लिए सेरोगेट मदर के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है।
अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक ने कृषि पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी सिफारिश दी। उन्होंने ये सिफारिश गर्मियों में आवारा गायों के कारण फसल खराब होने की समस्या के समाधान के संदर्भ में की है।(इंडियन एक्सप्रेस)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी। ट्रोल पेट्रोल इंडिया : एक्सपोजिंग ऑनलाइन अब्यूज फेस्ड बाय वूमन पॉलिटिशियंस नाम के एक नए अध्ययन में पता चला है कि भारतीय महिला नेताओं को ट्विटर पर लगातार दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ता है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया की मदद से किए गए इस अध्ययन में 95 भारतीय महिला नेताओं के लिए किए गए ट्वीट्स की समीक्षा की गई।
इस अध्ययन में पाया गया कि 95 महिला नेताओं को किए गए 13.8 फीसदी ट्वीट्स या तो आपत्तिजनक थे या फिर अपमानित करने वाले थे। इसका मतलब ये हुआ कि इन सभी महिला नेताओं ने रोज 10 हजार से भी ज़्यादा अपमानजनक ट्वीट्स का सामना किया।
अध्ययन से भी यह भी पता चला कि मुसलमान महिला नेताओं को बाकी धर्मों की महिलाओं के मुकाबले 91.4 फीसदी ज़्यादा आपत्तिजनक ट्वीट किए जाते हैं।
यह अध्ययन साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और उनके तुरंत बाद (मार्च 2019-मई 2019) किए गए थे।
अध्ययन के नतीजों से जो प्रमुख निष्कर्ष निकाले गए, वो कुछ इस तरह हैं :
भारत महिलाओं के लिए गए हर सात में से एक ट्वीट आपत्तिजनक था। लोकप्रिय महिला नेताओं को ज़्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। मुसलमान महिला नेताओं को बाकी महिला नेताओं के मुकाबले 55.5 फीसदी ज़्यादा आपत्तिजनक ट्वीट्स का सामना करना पड़ा। मुसलमान नेताओं के धर्म को लेकर जो अपमानजनक ट्वीट किए गए वो हिंदू नेताओं के लिए गए ट्वीट्स की तुलना में दोगुनी थी।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग की नेताओं को अन्य नेताओं की तुलना में 59 फ़ीसदी ज़्यादा ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उनके लिए जाति-आधारित अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग पर दिल्ली की नाजिया ने खुलकर बात रखी।
एम्नेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने नवंबर 2019 में रिसर्च के नतीजों को ट्विटर से साझा किया और पूछा कि क्या आम चुनाव के दौरान ऑनलाइन ट्रोलिंग रोकने के लिए कोई खास कदम उठाए गए थे?
अपने जवाब में ट्विटर ने कहा, ट्विटर को सार्वजनिक बातचीत से गुमराह करने वाली अभद्र भाषा। स्पैम और बाकी दुर्व्यवहारों से मुक्त कराना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। हम इस दिशा में आगे भी बढ़ रहे हैं और लगातार कोशिश कर रहे हैं ट्विटर पर लोगों का अनुभव सकारात्मक रहे।
हालांकि कई महिला नेता ट्विटर के दावों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि ट्विटर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में नाकामयाब साबित हो रहा है।
भारतीय जनता पार्टी की नेता शाजिया इल्मी ने कहा, महिलाओं को बढ़-चढक़र राजनीति में आना चाहिए लेकिन इस काम को करने की जो कीमत मैं चुकाती हूं, वो बहुत ज़्यादा है। ट्विटर पर मैं लगातार ट्रोल होती हूं, ऑनलाइन उत्पीडऩ का शिकार होती हूं। मैं कैसी दिखती हूं, मेरा रिलेशनशिप स्टेटस क्या है, मेरे बच्चे क्यों नहीं हैं। जितनी गंदी बातें आप सोच सकते हैं, मैं वो सब झेलती हूं। जो लोग मेरे विचारों से इत्तेफाक नहीं रखते, वो मेरे काम के बारे में टिप्पणी नहीं करते बल्कि हर संभव भाषा में मुझे वेश्या कहते हैं।
आम आदमी पार्टी की आतिशी मार्लेना ने इस बारे में कहा कि सार्वजनिक जगहों पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी महिला की जिम्मेदारी नहीं है।
उन्होंने कहा, मिसाल के तौर पर अगर कोई महिला सार्वजनिक यातायात का इस्तेमाल करती है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। ठीक इसी तरह अगर कोई महिला ट्विटर का इस्तेमाल कर रही है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित कराना भी ट्विटर की ही जिम्मेदारी है।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माक्र्सवादी-लेनिनवादी) की नेता कविता कृष्णन का कहना है कि ऑनलाइन ट्रोलिंग से मानसिक तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है।
उन्होंने कहा, कई बार ऐसा होता है कि आप किसी ट्वीट को रिपोर्ट करते हैं और फिर ट्विटर कहता है कि वो ट्वीट उसकी नीतियों का उल्लंघन नहीं करता। फिर तो इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को रिपोर्टिंग और शिकायत का सारा दिखावा ही बंद कर देना चाहिए। अगर पर किसी पर कोई कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं, तो नीतियां बनाए रखने का फायदा क्या हुआ?
डॉक्टर नीतू राणा पेशे से मनोवैज्ञानिक हैं और लंबे वक्त से ऑनलाइन ट्रोलिंग का इंसानी दिमाग पर होने वाले असर का अध्ययन कर रही हैं। बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर ट्रोलिंग का मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है।
डॉक्टर नीतू कहती हैं, सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल होने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। खुद को लेकर हीन भावना और असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है। ऑनलाइन उत्पीडऩ के शिकार कुछ लोग अलग-थलग रहने लगते हैं और बाकियों से दूरी बनाने लगते हैं।
डॉक्टर नीतू के मुताबिक ट्रोल्स के साथ किसी तरह की बातचीत या बहस में शामिल ही नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा, अगर आप ट्रोल्स के कमेंट्स की परवाह करते हैं, उनका जवाब देते हैं और नाराजगी जताते हैं तो इससे उनका हौसला बढ़ता है। उन्हें पता चल जाता है कि आप उनकी बातों से परेशान हो रहे हैं और इसलिए वो आपको ज़्यादा परेशान करने लगते हैं। इसलिए जैसे ही कोई आपत्तिजनक कमेंट आए, तुरंत उसे डिलीट या रिपोर्ट करें। सोशल मीडिया पर स्वस्थ्य बहस में कोई हर्ज नहीं है लेकिन खुद को उत्पीडऩ का शिकार बिल्कुल न बनने दें। (बीबीसी)
 


Date : 24-Jan-2020

प्रयागराज, 24 जनवरी । नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी है। इस कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच प्रयागराज से ऐसी खबर आई है, जिस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। प्रयागराज में एक कांग्रेस नेता ने सीएए का विरोध करने का ऐसा तरीका अपनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 21 जनवरी को सीएए के खिलाफ में कांग्रेस नेता हसीब अहमद कब्रिस्तान गए और अपने पूर्वजों से अपनी नागरिकता का सबूत देने के लिए प्रार्थना की।
एएनआई इस विरोध की कुछ तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में से एक में कांग्रेस नेता हसीब अहमद को अपने पूर्वजों के कब्र के पास बैठकर रोते हुए देखा जा सकता है। वह यहां अपने पूर्वजों से नागरिकता की गवाही देने की अपील कर रहे हैं।
इस पर कांग्रेस नेता हसीब अहमद ने कहा कि हमारे पास दस्तावेज नहीं हैं और हम पीढियों से भारत में रह रहे हैं। हम अपने पूर्वजों से गवाही देने के लिए कह रहे हैं कि हम इस देश के नागरिक हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि अगर हमें डिटेंशन सेंटर भेजा जाता है तो हमारे पूर्वजों के अवशेष को भी वहां रखा जाए। 
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोग दो पक्षों में बंट चुके हैं। एक पक्ष जहां इसका विरोध कर रहा है तो वहीं दूसरा पक्ष इसके समर्थन में है। मोदी सरकार के कई केंद्रीय मंत्री से लेकर बीजेपी शासित राज्यों के मंत्री, सांसद, विधायक नागरिकता कानून के समर्थन में रैली निकाल रहे हैं और जनअभियान चला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली के शाहीनबाग से लेकर वाराणसी, लखनऊ में लोग इसकी खिलाफत कर रहे हैं। 
संशोधित नागरिकता कानून के अनुसार धार्मिक प्रताडऩा के चलते 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने गुरुवार की रात नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को स्वीकृति प्रदान कर दी थी जिससे यह कानून बन गया था।(एएनआई/लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 24-Jan-2020

अमरावती, 24 जनवरी । आंध्र प्रदेश में बीते कुछ समय से राजधानी के मसले पर सियासत गर्म है। तीन राजधानी के मसले पर घमासान के बीच आंध्र प्रदेश से जमीन घोटाले का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो हैरान करने वाला है। दरअसल, 797 सफेद राशन कार्ड वालों ने करीब 200 करोड़ रुपये की कीमत की 700 एकड़ की जमीनें खरीद लीं। इसका खुलासा खुद सीआईडी ने किया है। आंध्र प्रदेश में जमीन घोटाले के इस सनसनीखेज मामले में राज्य की सीआईडी ने करीब 797 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 
सीआईडी जांच में ये बात सामने आई है कि कि अमरावती क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाले 700 एकड़ जमीन वाले प्लॉट के मालिकों की मासिक आय 5 हजार रुपये से भी कम है। इसके अलावा, इनमें से अधिक के पास पैन कार्ड भी नहीं है। बता दें कि अमरावती में 2014-2015 के दौरान जमीनें खऱीदी गईं।
आंध्र प्रदेश के अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी ने साल 2014 और 2015 के बीच अमरावती राजधानी क्षेत्र के 5 मंडलों में अवैध रूप से जमीन खरीद-बिक्री में लिप्त होने के कारण टीडीपी के पूर्व मंत्री पृथ्वीपति पुल राव, पी नारायण और 797 से अधिक अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
सीआईडी के एडीजी सुनील कुमार ने कहा कि 797 श्वेत राशन कार्ड धारकों ने 200 करोड़ रुपये से से अधिक की 700 एकड़ जमीन खरीदी। इन सभी सफेद राशन कार्ड धारकों ने अपनी आय 5,000 रुपये प्रति माह से कम घोषित की है, इसलिए निश्चित रूप से ये संदिग्ध हैं और इनके लेन-देन भी संदिग्ध हैं। उन्होंने आगे बताया कि उनमें से करीब 500 लोगों के पास पैन कार्ड भी नहीं है।(एएनआई / लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 24-Jan-2020

सिलीगुड़ी, 24 जनवरी। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में एक मजदूर रातोरात करोड़पति बन गया। उसे अब तक यकीन नहीं हो पा रहा है कि कैसे वह फर्श से अर्श तक पहुंच गया है। 
घटना सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा बलासन कॉलोनी की है, यहां के निवासी नरहरि राय जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर है, उन्होंने गुरुवार को एक लॉटरी खरीदी और उस लॉटरी में उसे एक करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार मिल गया। 
पूरी कहानी बताते हुए नरहरि कहते हैं कि गुरुवार को काम करने के दौरान वे चाय पीने के लिए बलासन बाजार गए, वहां से तीस रुपये की एक लॉटरी खरीदी। उस लॉटरी ने नरहरि राय को करोड़पति बना दिया।
जब नरहरि राय की लॉटरी लग गई तो उसे पहले विश्वास नहीं हुआ लेकिन बाद में उसे विश्वास हुआ कि उसकी एक करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है। इसके बाद नरहरि राय अपने परिवार को लेकर माटीगाड़ा थाना पहुंचे और लॉटरी की फोटो कॉपी थाने में दी। 
नरहरि राय ने कहा कि इस लॉटरी ने उनके परिवार के अभाव को दूर कर दिया है। उनका परिवार अब ख़ुशी-खुशी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पैसे से वे इलाके के विकास में भी सहयोग करेंगे। (आजतक)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी । दुबई में छिपे बैठे घोटाले के किंग पिन हामिद अशरफ ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को ईमेल और व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर ऑफर दिया है कि अगर उसे दो लाख रुपये महीने दिया जाए तो वो आईआरसीटीसी की वेबसाइट में तकनीकी खामी को दूर कर देगा। हामिद अशरफ ने कहा कि उसे पकडऩे से कोई फायदा नहीं होने वाला क्योंकि उसक जगह कोई दूसरा भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट की खामियों का फायदा उठाकर ई-टिकट की खरीद फरोख्त कर सकता है। उसने ये भी कहा है कि वो इस टेंशन से निकलना चाहता है और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सूकुन से रहना चाहता है।(एबीपी न्यूज)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी। आम आदमी पार्टी छोडक़र बीजेपा का दामन थामने वाले और मॉडल टाउन से उम्मीदवार कपिल मिश्रा को दिल्ली चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को आज दोपहर 12.30 बजे तक जवाब देने को कहा है। मिश्रा ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि दिल्ली में 8 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा।
दिल्ली के शाहीन बाग और अन्य इलाकों में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को निशानों बनाते हुए कपिल मिश्रा ने यह बयान दिया था। चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद अब कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया है, सच बोलने में डर कैसा, सत्य पर अडिग हूं।
उन्होंने आरोप लगाया, पाकिस्तान की एंट्री शाहीन बाग में हो चुकी हैं और दिल्ली में छोटे छोटे पाकिस्तान बनाये जा रहे हैं। एक अन्य ट्वीट में मिश्रा ने दावा किया, आठ फरवरी के चुनाव में बीजेपी दिल्ली में जीत रही है, डंके की चोट पर और 11 फरवरी 2020, सुबह 11 बजे तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा हो जाएगा।
बीजेपी ने कपिल मिश्रा को मॉडल टाउन ने उम्मीदवार घोषित किया है। इस सीट पर आम आमदी पार्टी की तरफ से अखिलेश पति त्रिपाठी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस ने आकांक्षा ओला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। साल 2018 में कपिल मिश्रा को अरविंद केजरीवाल ने मंत्रिमंडल से निकाल दिया था। साल 2015 में कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी की टिकट पर करावल नगर सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें कुल 101865 वोट मिले थे। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट को हराया था।(एबीपी न्यूज)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विभिन्न मुद्दों पर देश में हुए आंदोलन पर बोलते हुए कहा है कि सहमति और असहमति लोकतंत्र के मूल तत्व हैं और शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर लोकतंत्र को मजबूत बनाएगी।
प्रणब मुखर्जी निर्वाचन आयोग की तरफ से आयोजित पहले सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की बार-बार परीक्षा हुई है। कुछ महीनों में अलग-अलग मुद्दों पर लोग सडक़ों पर उतरे। खासकर युवाओं ने इन ज़रूरी मुद्दों पर अपनी आवाज मुखर की। संविधान में उनकी आस्था दिल छू लेने वाली है।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना है कि देश मे शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर एक बार फिर हमारे लोकतंत्र की जड़ों को गहरा और मजबूत बनाएगी। हाल में देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सीएए का जिक्र नहीं किया।(बीबीसी)
 


Date : 24-Jan-2020

नई दिल्ली, 24 जनवरी । पीएम नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों से सम्मानित बच्चों से मिलकर उन्हें देश का भविष्य बताते हुए कई मंत्र दिए। पीएम ने इस दौरान अपनी भी एक दिलचस्प कहानी बताई। दरअसल, वह मेहनत के कारण दिन में चार बार पसीना आने की बात करते हुए अपने बारे में भी एक रोचक बात बताई। पीएम ने कहा कि एकबार एक शख्स ने उनसे पूछा कि आपके चेहरे पर इतना तेज कैसे है? तब पीएम ने कहा कि मैंने उस शख्स को बताया कि मैं दिनभर खूब मेहनत करता हूं और शरीर में निकलने वाला पसीना अपने चेहरे पर मल लेता हूं। इसी से मेरे चेहरे पर इतना तेज दिखता है। 
पीएम ने बहादुर बच्चों से कहा कि उनकी कहानी सुनकर उन्हें और हर किसी को गर्व होता है। पीएम ने कहा कि वह सभी बच्चों की बहादुरी के किस्से दुनिया से शेयर करूंगा। उन्होंने कहा, आप सब कहने को तो कम आयु के हैं पर आपने जो काम किया है, उसको करने की बात तो छोड़ दीजिए, सोचने में भी बड़े-बड़े लोगों के पसीने छूट जाते हैं।
बच्चों से बात करते हुए पीएम ने कई अपनी बातें भी बताईं। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि किसी ने क्या उन्हें मां की याद नहीं आती है? इसपर पीएम ने जवाब दिया, जब याद करता हूं तो सारा थकान उतर जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों के दायरे को बढ़ाया गया है। ये पुरस्कार पाए बच्चों पर देशभर का ध्यान जाता है। आप सब उनके हीरो बन जाते हैं।
पीएम ने इस दौरान बच्चों को 2 सीख भी दी। उन्होंने कहा कि जब कुछ पा लें तो अपने लक्ष्य से भटके नहीं और अवसर को आगे भुनाते रहें। दूसरा मेहनत करने से बिल्कुल भी न घबराएं। उन्होंने बच्चों से पूछा भी कि दिनभर में किसे कितनी बार पसीना आता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से ठिठोली भी की। 
बच्चों से मिलने के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी भी मौजूद थीं। इस दौरान पीएम ने बच्चों को पानी पीने के तरीके और उसके लाभ को बता रहे थे। पीएम ने कहा कि जब टीवी पर कोई सीरियल चल रहा होता है तो मां कहती हैं कि जल्दी से दूध पी लो क्योंकि उन्हें सीरियल देखना होता है। पीएम इसके तुरंत बाद बच्चों से पूछा कौन सा सीरियल देखती हैं, सास भी कभी बहू थी। इसपर कार्यक्रम में मौजूद इरानी जोर से हंस पड़ी और वहां मौजूद अन्य लोग भी हंसने लगे। (नवभारतटाईम्स)
 


Date : 24-Jan-2020

कोलकाता, 24 जनवरी । नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भतीजे और टीएमसी के पूर्व सांसद सुगत बोस ने नागरिकता के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। इसके साथ ही उन्होंनेे  डेमोक्रेसी इंडेक्स में भारत की रैंकिंग गिरने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, सरकार किसी की सुन नहीं रही है।  बोस हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर हैं, उन्होंने फोन पर बातचीत में कहा, पिछले एक दशक में राजनीति में दक्षिणपंथ का उभार देखने को मिला है।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया और कहा, उम्मीद है कि लोग भेदभावूपर्ण वाले इस कानून के खिलाफ ऐसे ही अपना विरोध दिखाते रहेंगे और सही लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करेंगे। डेमोक्रेसी इंडेक्स में भारत की रैंकिंग गिरने पर उन्होंने कहा, ये सही है। भारत में लगातार नागरिक स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है। 2006 से जब से ये रैंकिंग बनी है तब से भारत इसमें सबसे निचले पायदान पर है।
सुगत बोस ने कहा, नेताजी ने आजादी के लिए संघर्ष में हिंदुओं, मुस्लिमों, सिखों और ईसाइयों को समान अधिकारों और सभी के लिए सम्मान के साथ-साथ भारत के विविध समुदायों सफलतापूर्वक एकजुट किया। उन्होंने अल्पसंख्यकों के निहित विश्वास को जीत लिया। उन्होंने कहा, नेताजी को सिर्फ एक सैन्य नायक से ही नहीं समझा जा सकता, जैसे गांधीवादी मूल्यों को सिर्फ एक स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं किया जा सकता है। दोनों के अनुकरणीय जीवन को खाली प्रचार और नकली इतिहास की विकृतियों से बचाया जाना चाहिए।
(न्यूज18)


Date : 24-Jan-2020

पेइचिंग, 24 जनवरी। भारत ने चीन की राजधानी पेइचिंग में गणतंत्र दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन रद्द कर दिया है। साथ ही, चीन से भारत लौटने वालों के लिए एक अडवाइजरी जारी की है जिसमें सतर्कता बरतने के कुछ सुझाव दिए गए हैं। करॉन वायरस से चीन में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, अन्य 830 लोग इस जानलेवा वायरस से पीडि़त हैं। हुबेई प्रांत के वुहान से निकला करॉन वायरस धीरे-धीरे पूरे चीन में और फिर दुनिया में फैलने लगा है। 
अधिकारियों ने हुबेई प्रांत के पांच शहरों- वुहान, हुगांग, एझाओ, झिजियांग और क्विनजिआंग शहरों में गुरुवार शाम से सार्वजनिक परिवहन का संचालन बंद कर दिया ताकि विषाणु के फैलने पर रोक लगाई जा सके। चिंता की बात यह है कि यह विषाणु चीन से निकलकर दुनियाभर में फैलने लगा है। हालांकि, करॉना वायरस इंसानों में कहां से आया, अंतिम रूप से अब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। हां, इसे लेकर अलग-अलग तरह के दावे जरूर किए जा रहे हैं। 
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की खबरों में दावा किया जा रहा है कि पिछले वर्ष के आखिरी महीनों में चीन के मध्यवर्ती शहर वुहान स्थित पशु बाजार से कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई। दरअसल, यहां जंगली जानवरों के मांस की अवैध बिक्री हुई और यह मांस खाने वाले लोगों में विषाणु पहुंच गया। प्राथमिक स्तर के शोध से पता चला कि करॉना वायरस सापों में इंसानों में पहुंचा। वैसे सरकारी चिकित्सा सलाहकार जॉन्ग ननशान ने बिज्जू (बैजर) और चूहों से भी वायरस फैलने की आशंका जताई। 
चीनी वैज्ञानिकों के ताजा अध्ययन में वायरस के चमगादड़ों से सांपों में और फिर सांपों से इंसानों में फैलने की संभावना प्रकट हुई है। चीन की राजधानी पेइचिंग में शोधकर्ताओं का अध्ययन जर्नल ऑफ मेडिकल वायरॉलजी में प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस सांपों से इंसान तक पहुंचा है। 
बैट सूप आम तो नहीं है, लेकिन यह वुहान का लोकप्रिय पेय है। वुहान के खुले मछली बाजार से ही वायरस फैला भी है। 
सोशल मीडिया पर भी अपुष्ट विडियोज जारी किए जा रहे हैं जिनमें लोगों को कटोरियों में चमगादड़ का सूप पीते देखा जा रहा है। इसी तरह, चमगादड़ के पेट में शोरबा भरी एक तस्वीर भी शेयर की जा रही है। इसी हफ्ते चाइना साइंस बुलेटिन में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया कि नया कोरोना वायरस चमगादड़ों में पाए जाने वाले वायरस से मिलता-जुलता है। (नवभारत टाईम्स)
 


Date : 24-Jan-2020

दीपक दास
नई दिल्ली, 24 जनवरी । रेल टिकट घोटाले को लेकर कई चौंकानेवाली जानकारी सामने आ रही है। इस फ्रॉड का मास्टरमाइंड रेलवे पुलिस फोर्स के चीफ तक भी पहुंच गया। आरोपी ने आरपीएफ चीफ को भेजे संदेश में दावा किया कि रेलवे के आईटी सिक्यॉरिटी सिस्टम में बहुत सारे झोल हैं। इतना ही नहीं दुबई में रह रहे मास्टरमाइंड ने आरपीएफ को सुझाव दिया है कि उसे दो लाख रुपये महीने का वेतन दें और वह सुरक्षा संबंधी सारी कमियां दूर कर देगा। 
मुख्य आरोपी ने आईआरसीटीसी को ही दी नसीहत मुख्य आरोपी हामिद अशरफ इस वक्त दुबई में है और उसका कहना है कि उसके जैसे कुछ लोगों को पकड़ लेने से यह धंधा खत्म नहीं होगा। अशरफ का कहना है कि कुछेक लोगों को पकडऩे से कोई लाभ नहीं होनेवाला। थोड़े दिनों बाद कुछ दूसरे लोग ऐसा ही कोई सिंडिकेट खड़ा कर लेंगे। हामिद का दावा है कि आईआरसीटीसी के सिस्टम में सुरक्षा के लिहाज से काफी झोल हैं और कुछ और लोग ऐसा अवैध सॉफ्टवेयर डिवेलप कर लेंगे। 
मुख्य आरोपी अशरफ को पकडऩे के लिए आरपीएफ खास रणनीति पर काम कर रही है। गुलाम मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद रेलवे पुलिस फोर्स मास्टरमाइंड को पकडऩे के लिए काम कर रही है। अशरफ 2016 में ही देश छोडक़र भाग गया। इसी तरह के रेल ई-टिकटिंग फ्रॉड केस में गिरफ्तार मास्टरमाइंड जमानत पर बाहर आया था और फिर देश छोड़ भाग गया। जिस वक्त वह ई-टिकटिंग में फ्रॉड कर रहा था तब वह 12वीं का स्टूडेंट था। 
वॉट्सऐप ब्रॉडकास्ट के जरिए इस शातिर फ्रॉड ने अपने जुर्म का खुलासा किया। उसने दावा किया है कि आईआरसीटीसी जिस सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम का का इस्तेमाल करता है उसके सिक्यॉरिटी सिस्टम में कई तरह की कमियां हैं। अपने को बेकसूर बताते हुए उसका कहना है, एजेंसी ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए और अब ऐसी घटनाओं के लिए मुझे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोगों को इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता कि मैंने क्या डिटेल शेयर किए और अब सारी जिम्मेदारी मुझ पर कैसे डाल सकते हैं? यही संदेश उसने टेक्स्ट मेसेज के जरिए आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार को भी भेजा। 
आरपीएफ के डीजी ने इस फ्रॉड की जानकारी देते हुए कहा था कि आशंका है कि इस पैसे का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए किया जाता है। आरपीएफ डीजी को भेडे मेसेज में उसने लिखा, अगर आप ऐसे इंटरव्यू टीवी चैनल को देते रहेंगे तो कोई लडक़ी मुझसे शादी नहीं करेगी। उसने रेलवे को ऑफर दिया है कि सुरक्षा खामियों को वह दूर कर सकता है अगर उसे 2 लाख रुपये हर महीने दिए जाएं। (टाईम्स न्यूज)
 


Date : 24-Jan-2020

अहमदाबाद, 24 जनवरी । गुजरात के आणंद की एक लोकल चर्च में करीब 8 साल पहले अपने बेटे को बैप्टाइज करने के आरोप में एक महिला के खिलफ मामला दर्ज किया गया है। इस सिंगल मदर ने बिना जिला कलेक्टर की इजाजत के बेटे का धर्म परिवर्तन कराया जिसके चलते गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। 
पुलिस ने आणंद कलेक्टरेट में 2013 में फोरम फॉर पीस ऐंड जस्टिस नाम का संगठन चलाने वाले धर्मेंद्र राठौड़ की याचिका पर कार्रवाई की है। राठौड़ ने आरोप लगाया था कि महिला ने बच्चे का धर्म परिवर्तन कराने से पहले अलग हो चुके पति या जिला मैजिस्ट्रेट की सहमति नहीं ली थी। राठौड़ ने कहा, जांच 6 साल से चल रही है। आणंद जिला कलेक्टर आरजी गोहिल ने 3 जनवरी, 2020 को पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
गोहिल ने कहा कि एक हिंदू पैरंट का अपने बच्चे को बिना आधिकारिक इजाजत के बैप्टाइज कराना गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन ऐक्ट का उल्लंघन है। इस ऐक्ट का उद्देश्य है कि किसी भी तरह के दबाव, लालच या फर्जीवाड़े के चलते धर्म परिवर्तन किए जाने के मामलों को रोका जा सके। सामाजिक कार्यकर्ता मंजुला प्रदीप ने बताया है कि 8 अप्रैल, 2012 को 42 साल की महिला बेटे को चर्च लेकर गई और कैथलिक पादरी से बैप्टिजम करने को कहा। 
उन्होंने कहा, कोई भी बच्चा अपना धर्म नहीं चुन सकता। वह अपने माता-पिता का धर्म अपनाता है। बच्चा बड़ा होने पर धर्म बदल सकता है। सिर्फ इसलिए कि एक मां ने अपने बच्चे को बैप्टाइज करा दिया, एफआईआर दर्ज करने का कोई मतलब नहीं है।(टाईम्स न्यूज)
 


Date : 24-Jan-2020

मुंबई, 24 जनवरी। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के बाद अब शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार विपक्ष के नेताओं के फोन टैप कराती थी। देशमुख ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी सरकार में विपक्षी नेताओं के फोन टैप करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। अब राउत ने ट्वीट कर इस दावे का समर्थन किया है। 
राउत ने लिखा है, आपके फोन टैप हो रहे हैं। ये जानकारी मुझे बीजेपी के एक वरिष्ठ मंत्री ने भी दे रखी थी। मैंने कहा था, भाई साहेब मेरी बात अगर कोई सुनना चाहता है तो स्वागत है। मै बालासाहेब ठाकरे जी का चेला हूं। कोई बात या काम छुप-छुपकर नहीं करता। सुनो मेरी बात। वहीं, देशमुख ने जानकारी दी थी कि इस संबंध में जांच का आदेश दिया गया है। 
देशमुख ने गुरुवार को बताया था कि राज्य पुलिस विभाग के साइबर सेल को विपक्षी नेताओं के फोन टैपिंग की शिकायतों की जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार उन अधिकारियों को भी ढूंढने की कोशिश कर रही है जिन्हें कथित तौर पर स्नूपिंग सॉफ्टवेयर का अध्ययन करने के लिए इजराइल भेजा गया था। (नवभारतटाईम्स)
 

 


Date : 23-Jan-2020

नई दिल्ली, 23 जनवरी। जनता दल यूनाइटेड में जारी घमासान के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को वैचारिक रूप से कंगाल बताया है। राजद नेता ने अपने ट्वीट में लिखा है- आदरणीय नीतीश कुमारजी ऐसे नेता व ऐसी पार्टी के अध्यक्ष है जिनकी विचारधारा व वैचारिक दृष्टि की स्पष्टता उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ विद्वान नेताओं को मालूम नहीं है। आम जनता और कार्यकर्ताओं को तो छोड़ ही दिजीए। क्या वैचारिक रूप से कंगाल ऐसे दुर्लभ नेता और पार्टी कहीं और मिलेंगे?
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को लेकर छ्वष्ठ के वरिष्ठ नेता पवन कुमार वर्मा ने सवाल उठाए जाने के बाद गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि पब्लिक में उनका बयान देना हैरानी भरा है। वह जा सकते हैं और जो भी पार्टी उन्हें पसंद हो, उसे जॉइन कर सकते हैं। अब पवन वर्मा ने इस बारे में कहा कि वह उनके (नीतीश कुमार) बयान का स्वागत करते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पवन वर्मा से जुड़े मीडिया के सवाल पर कहा, कुछ लोगों के बयान से जनता दल यूनाइटेड को मत देखिए। छ्वष्ठ जनता के साथ अपना काम करती है। कुछ चीजों पर हमारा स्टैंड साफ होता है। एक भी चीज के बारे में हम कंफ्यूजन में नहीं रहते हैं। किसी के मन में अगर कोई बात है तो विमर्श करना चाहिए, बातचीत करनी चाहिए। जरूरी समझें तो पार्टी की बैठक में चर्चा करनी चाहिए। इस तरह का बयान, ये आश्चर्य की बात है। फिर भी सम्मान है, इज्जत है लेकिन जहां उनको अच्छा लगे वहां जाएं, मेरी उनको शुभकामनाएं हैं। (एनडीटीवी)
 


Date : 23-Jan-2020

पटना, 23 जनवरी । नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर जेडीयू में दरार खुलकर सामने आ गई है। पार्टी महासचिव पवन कुमार वर्मा के लंबा पत्र लिखकर जवाब मांगने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पवन किसी भी पार्टी में जाने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है। उधर, पवन वर्मा ने नीतीश के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि वह अपने पत्र के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी को दुख देने की नहीं है। 
इसे नीतीश कुमार के अपने नेताओं को अल्टिमेटम की तरह देखा जा रहा है, जो पिछले कई दिनों से सीएए और एनआरसी को लेकर सवाल कर रहे हैं। पवन कुमार वर्मा की चि_ी पर पर प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार ने कहा, वह किसी भी पार्टी में जा सकते हैं। लेकिन सार्वजनिक रूप से इस तरह के बयान हैरान करने वाले हैं। नीतीश ने कहा, कुछ लोगों के बयान पर मत जाइए, हमारा रुख साफ है। मैं किसी के बयान से प्रभावित नहीं होता हूं। जेडीयू नेता पवन कुमार वर्मा ने मंगलवार को सीएए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के अलावा दिल्ली चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन करने पर नीतीश कुमार से विस्तृत बयान देने की मांग की थी। 
अब इस पर पवन वर्मा का बयान भी आया है। पवन वर्मा ने कहा, नीतीश कुमार के बयान का स्वागत करता हूं, उन्होंने कहा है कि पार्टी के अंदर मुद्दों पर बातचीत के लिए जगह है, जिसके लिए मैंने उनसे पूछा था। मेरी मंशा उनको दुख पहुंचाने की नहीं थी। मैं चाहता हूं कि पार्टी की विचारधारा में स्पष्टता हो। मैं अपने पत्र के जवाब का इंतजार कर रहा हूं। इसके बाद आगे देखूंगा।
पवन वर्मा ने जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार को पत्र लिखकर दिल्ली में बीजेपी के साथ गठबंधन पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पटना हवाई अड्डे पर कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के मद्देनजर पार्टी द्वारा वैचारिक स्पष्टता की जरूरत है। नीतीश को लिखे दो पेज के लेटर को ट्विटर पर साझा करते हुए पवन ने कहा था, लेटर के माध्यम से मैंने पूछा है कि विभाजनकारी सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बावजूद जेडीयू ने दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी के साथ कैसे गठबंधन किया। 
पवन ने कहा था कि नीतीश कुमार ने कहा है कि एनआरसी को बिहार में लागू नहीं किया जाएगा, जबकि उन्होंने माना है कि एनपीआर और सीएए पर और चर्चा किए जाने की जरूरत है। उन्होंने अपने पत्र का जिक्र करते हुए कहा था, वह (नीतीश) विस्तृत बयान दें, जिससे विचारधारा स्पष्ट हो। बीजेपी के साथ लंबे समय से गठबंधन करने वाली पुरानी पार्टी अकाली दल ने इस कानून (सीएए) की वजह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में गठबंधन नहीं किया तो जेडीयू के आगे ऐसा करने की क्या जरूरत थी?
पवन वर्मा ने शालीन भाषा में बेहद तल्ख अंदाज में पत्र लिखा था। उन्होंने नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए लिखा था, महागठबंधन का नेतृत्व करते हुए आपने आरएसएस मुक्त भारत का नारा दिया था। 2017 में फिर से बीजेपी के साथ जाने के बावजूद भी आप व्यक्तिगत स्तर पर मानते रहे थे कि बीजेपी के विचारों में कोई परिवर्तन नहीं आया है। आपके निजी विचार जो मुझ तक पहुंचे उसमें यही संदेश था कि बीजेपी ने संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।
जेडीयू में प्रशांत किशोर को शामिल करने और उनकी ताकत बढ़ाने के पीछे पवन वर्मा को ही माना जाता है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा आम है कि जेडीयू के कई नेता प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने पर सहमत नहीं थे, लेकिन वर्मा ने उस वक्त उनका साथ दिया। हालांकि, इस वक्त खुद वर्मा और प्रशांत किशोर दोनों ही पार्टी में हाशिये पर चल रहे हैं। प्रशांत किशोर की कंपनी ने तो अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के चुनाव प्रचार का जिम्मा भी संभाल रखा है। (नवभारतटाईम्स)
 


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