राष्ट्रीय

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Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । चुनाव आयोग ने जनता दल (यूनाइटेड) को अपने चुनाव चिह्न तीर का इस्तेमाल झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव में करने से रोक लगा दी है क्योंकि यह चिह्न झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और शिव सेना के चुनाव चिह्न धनुष और तीर से मिलता-जुलता है। चुनाव आयोग ने इससे पहले जदयू को एक नियम के तहत दो राज्यों में अपने चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके चुनाव लडऩे की छूट दी थी। अब यह छूट वापस ले ली गई है क्योंकि झामुमो ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि चुनाव चिह्नों की समानता से मतदाता भ्रमित हो सकते हैं।
जदयू, झामुमो और शिवसेना क्रमश: बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियां हैं। चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को जारी अपने आदेश में कहा था, इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आयोग ने जदयू को निर्देश दिया है उसे चुनाव चिह्न आदेश के पैरा 10 के तहत झारखंड और महाराष्ट्र में अब से चुनाव लडऩे की छूट नहीं दी जाएगी।
इस साल मार्च में आयोग ने आदेश दिया था कि झामुमो और शिवसेना बिहार में अपने चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आठ मार्च, 2019 के आदेश में जो कहा गया था वह अब भी लागू होगा। और यही चीज महाराष्ट्र में भी लागू होगी।(भाषा)
 

 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उनके जम्मू-कश्मीर आने के न्यौते को कुछ ज्यादा खींच दिया। मलिक ने कहा, मैंने उनसे कहा था कि अगर वह हमारे विश्वास नहीं करते हैं तो आएं और देखें। लेकिन उन्होंने बाद में कहा कि वह नजरबंद लोगों से मिलना चाहते हैं, सेना से मिलना चाहते हैं। तब मैंने उनसे कहा कि मैं यह स्वीकार नहीं कर सकता हूं और पूरा मामला प्रशासन पर छोड़ दिया।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के हालात पर चिंता जताई थी। इस पर सत्यपाल ने कहा था कि वह राहुल गांधी के लिए हवाई जहाज भेज सकते हैं ताकि वह जम्मू-कश्मीर का जायजा ले सकें।  इस पर राहुल गांधी ने पलटकर जवाब दिया था कि वह लोगों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद राहुल गांधी सहित विपक्ष के 12 नेता रविवार को दिल्ली से श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। लेकिन उनको सभी को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। इस दौरान राहुल गांधी ने अधिकारियों के साथ बहस भी की।  
दूसरी ओर सत्यपाल मलिक ने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में ऐसा माहौल बनाएंगे कि पीओके के लोग भी कहना शुरू देंगे कि यह रहने की सबसे आदर्श जगह है। सत्यपाल मलिक ने कहा, हमने अनुच्छेद 370 हटा दिया है और अब आप देखेंगे कि आने वाले देखेंगे कि हम मिलकर काम करेंगे और ऐसा माहौल तैयार करेंगे कि पीओके के लोग भी कहना शुरू कर देंगे यह सबसे अच्छी जगह है। (एनडीटीवी)
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके नक्सलियों के खिलाफ दिल्ली में रणनीति तैयार की गई है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत नक्सल प्रभावित 11 राज्यों के सीएम और डीजीपी शामिल हुए। बैठक में नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने को लेकर चर्चा की गई। इस बीच, छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
देश में नक्सल समस्या से सबसे ज्याद प्रभावित छत्तीसगढ़ है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सभी जिलों सहित राजनांदगांव, कवर्धा, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिले में नक्सलियों की सक्रियता अधिक है। बस्तर संभाग में आए दिन नक्सल हिंसा से जुड़ी खबरें सामने आती हैं। नक्सल समस्या के स्थाई समाधान को लेकर ही केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज बैठक की। अमित शाह के केन्द्रीय गृहमंत्री बनने के बाद नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इस समस्या के समाधान को लेकर यह पहली बैठक थी।
छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी सुंदराज ने प्रदेश में नक्सल हमले को लेकर हाई अलर्ट जारी होने की जानकारी दी। डीआईजी के मुताबिक, नक्सली प्रदेश में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके तहत ही सुरक्षाबल के जवानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी सुंदराज ने बताया कि साल 2019 में अब तक सुरक्षाबल के जवानों ने 60 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। यह बड़ी सफलता है। मुठभेड़ में वे लगातार मारे जा रहे हैं। इसी बौखलाहट में नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके तहत ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।(न्यूज18)

 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी ने चिंता जताई थी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही थी। लेकिन पीएम के संदेश को अनदेखा कर कुछ लोग ऐसी घटनाओं के आरोपियों का सम्मान कर रहे हैं। उन्हें फूल मालाएं पहना रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि अगर इसी तरह इन आरोपियों का सम्मान होता रहा तो मॉब लिंचिंग कैसे रुकेगी?
हाल ही में उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर हिंसा के आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए तो उनका स्वागत किया गया। जय श्री राम और वंदे मातरम के नारों के बीच आरोपी जीतू फौजी, शिखर अग्रवाल, हेमू, उपेंद्र सिंह राघव, सौरव और रोहित राघव को फूल मालाएं पहनाई गईं। उनके साथ लोगों ने एक-एक कर सेल्फी ली। हालांकि आरोपियों की रिहाई के बाद हुए भव्य स्वागत का पीडि़त परिवार ने विरोध किया है। शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार का कहना है कि अगर ऐसे ही आरोपियों को रिहा किया जाता रहा और बाद में लोगों ने उनका स्वागत किया तो अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे।
पिछले साल 3 दिसंबर को स्याना के चिंगरावटी गांव में गौकशी की अफवाह के बाद हिंसा भडक़ गई थी। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान पूरे गांव में जमकर आगजनी और बलवा हुआ था। बदमाशों ने सरकारी वाहन और पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में यूपी पुलिस ने मामला दर्ज कर 38 लोगों को जेल भेजा था। 38 में से 6 आरोपी साढ़े सात महीने बाद जेल से जमानत पर रिहा होकर शनिवार को बाहर निकले थे।
रामगढ़ में बीफ ले जाने के शक में मारे गए युवक अलीमुद्दीन की हत्या के 8 आरोपियों को झारखंड हाई कोर्ट ने जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने इन आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत किया था। साथ ही बीजेपी जिला कार्यालय में मिठाई बांटी गई थी। इन आरोपियों की रिहाई के लिए लगातार आंदोलन करने वाले पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने बीजेपी कार्यलय पर ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जमानत मिलने पर खुशी का इजहार किया था।
गौरतलब है कि 29 जून 2017 को झारखंड के रामगढ़ में भीड़ ने मीट व्यापारी अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अलीमुद्दीन अपनी वैन से मांस लेकर आ रहा था। वैन में बीफ होने के शक में कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया था। उन लोगों ने पहले उसकी गाड़ी को आग लगाई और फिर अलीमुद्दीन को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही अलीमुद्दीन का परिवार शव लेने को तैयार हुआ था।
उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित बिसहड़ा गांव में गोमांस रखने की अफवाह की वजह से लोगों ने अखलाक नामक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में मृतक के बेटे को भी गंभीर चोट आई थी। जिसके बाद यूपी के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई थी। इस मामले के 18 आरोपियों में से एक आरोपी रवि सिसौदिया की जेल में मौत हो गई थी। जब उसका शव उसके गांव में घर पहुंचा था तो नोएडा के सांसद महेश शर्मा ने वहां पहुंचकर उसे सलामी दी थी।
इसी तरह से ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा में योगी आदित्यनाथ की एक चुनावी रैली के दौरान अखलाक हत्याकांड का एक आरोपी पहली पंक्ति में बैठा था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि किसे नहीं याद है कि बिसहाड़ा में क्या हुआ था। जिस तरह यहां सपा सरकार ने हमारी भावनाओं का कुठाराघात किया था, उसे कोई नहीं भूला। यह रैली भाजपा प्रत्याशी महेश शर्मा के चुनाव प्रचार के लिए आयोजित की गई थी।(आजतक)
 


Date : 26-Aug-2019

कोयंबटूर, 26 अगस्त। तमिलनाडु में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को कोयंबटूर बस अड्डे पर एक तमिल समूह की ओर से पथराव किए जाने की खबर है। सोमवार को हुई इस पत्थरबाजी में दो बसों के शीशे टूट गए हैं। एक बस ऊटी जा रही थी, तो दूसरी कौंडमपालयम। हालांकि पथराव के दौरान किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बसों पर फेंके गए पत्थर के साथ एक खत भी मिला है। इसमें पत्थरबाजी की जिम्मेदारी एक तमिल समूह ने ली है और कहा है कि वे अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने की निंदा करते हैं। बता दें, रविवार देर शाम नागपट्टिनम के वेदारण्यम में दो समूहों में बवाल हुआ था। इस दौरान अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
गौरतलब है कि रविवार शाम को नागपट्टिनम के वेदारण्यम में दो समूहों के बीच झड़प हो गई थी। इसके बाद एक समूह ने कार में आग लगा दी। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस स्टेशन पर पत्थर फेंके गए थे। इसके विरोध में दूसरे समूह ने भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा ढहा दी। इसके बाद शहर में तनाव का माहौल है। वेदारण्यम शहर और उसके आसपास करीब 400 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। (आजतक)
 

 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । अनुच्छेद-370 खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र और प्रदेश सरकार के फैसले का प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी समर्थन किया है। इसी संदर्भ में पीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
यह याचिका कश्मीर टाईम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन द्वारा दायर याचिका के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पत्रकारों को उनका काम नहीं करने दिया जा रहा है। काम करना उनका अधिकार है।
एडवोकेट अंशुमान अशोक की तरफ से शुक्रवार को दायर याचिका में पीसीआई ने मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों को यह कहते हुए सही ठहराया है कि सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर मीडिया पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पीसीआई ने कहा कि चूंकि भसीन की याचिका में एक तरफ स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों/मीडिया के अधिकारों पर चिंता जताई गई है, वहीं दूसरी ओर अखंडता और संप्रभुता का राष्ट्रीय हित है। ऐसे में काउंसिल का मानना है कि उसे शीर्ष अदालत के समक्ष अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करना चाहिए।
पीसीआई ने आगे कहा कि भसीन की याचिका में संसद द्वारा संविधान के सबसे विवादास्पद प्रावधान को निरस्त करने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिसके चलते मीडिया पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं।(जागरण)
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । नब्बे साल के स्वतंत्रता सेनानी को भारत सरकार द्वारा परेशान किया गया है, केंद्र सरकार द्वारा दायर एक विशेष अवकाश याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की। स्वतंत्र सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन देने की मांग करने वाले अप्रवासी देव नारायण मिश्रा के आवेदन को वर्ष 2010 में सरकार ने खारिज कर दिया था। 
2015 में दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने उनकी याचिका को अनुमति दी और सरकार को एसएसएसपी योजना के तहत पेंशन भुगतान करने का निर्देश दिया। केंद्र ने डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर की जिसने एकल पीठ के आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि मिश्रा एसएसएसपी योजना में पेंशन के अनुदान के लिए बताई गई शर्तों को पूरा करते हैं और अदालत स्वतंत्रता सेनानी के मामले से निपटने के लिए एक हाइपर-तकनीकी दृष्टिकोण नहीं अपनाएगी। 
अदालत ने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित और लाभान्वित करना है। सरकार द्वारा दायर विशेष अवकाश याचिका पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा- 90 साल के एक स्वतंत्रता सेनानी को भारत सरकार द्वारा प्रताडि़त किया गया है और 190 दिनों के बाद भी अपील दायर करके ऐसा करना जारी रखा है। हमें आश्चर्य है कि यह मामला इस न्यायालय में दायर किया जाना चाहिए था? यह न्यायिक समय की सरासर बर्बादी है। पीठ ने याचिकाकर्ता पर 10,000 रुपये के जुर्माने के साथ इस विशेष अवकाश याचिका को खारिज कर दिया। यह जुर्माना सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं के कल्याण कोष के साथ जमा करवाने के निर्देश दिए गए।(लाइव लॉ)
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राज्य बीजेपी का अध्यक्ष होना चाहिए क्योंकि उनका व्यवहार और बयान बीजेपी नेता की तरह है। राहुल गांधी सहित विपक्ष के 12 नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस कर दिया गया है। इस दौरान राहुल गांधी की वहां के अधिकारियों के साथ बहस का भी वीडियो सामने आया है। रविवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को राज्य में दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की किसी कमी से इनकार करते हुए कहा कि संचार माध्यमों पर पाबंदियों की वजह से वहां बहुत सी जिंदगियां बचीं। मलिक ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद राज्य में हिंसा में किसी शख्स की जान नहीं गई है। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि राज्य में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे, सत्यपाल मलिक ने कहा, अगर संचार माध्यमों पर अंकुश लगाने से जिंदगी बचाने में मदद मिलती है तो इसमें क्या नुकसान है?
मलिक ने कहा कि पूर्व में जब कश्मीर में संकट होता था, तो पहले ही हफ्ते में कम से कम 50 लोगों की मौत हो जाती थी। उन्होंने कहा, हमारा रवैया था कि इंसानी जान नहीं जानी चाहिए। 10 दिन टेलीफोन नहीं होंगे, नहीं होंगे, लेकिन हम बहुत जल्द सब वापस कर देंगे। मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कहीं भी दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं है और लोगों की खरीद के लिए पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा, वास्तव में, ईद में हमने लोगों के घरों पर मीट, सब्जियों और अंडों की आपूर्ति की। (एनडीटीवी)


Date : 26-Aug-2019

गया, 26 अगस्त। बिहार के गया में एक सामूहिक बलात्कार पीडि़ता का सिर मुंडवा कर उसे पूरे गांव में घुमाए जाने का मामला सामने आया है। दैनिक जागरण के मुताबिक बलात्कार की इस घटना को 11 दिन पहले अंजाम दिया गया था। लेकिन, इस मामले के सामने आने के बाद पंचायत ने नाबालिग पीडि़ता को दोषी ठहरा दिया। इसके बाद पीडि़ता और उसकी मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पंचायत में शामिल पांच लोगों और आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पीडि़ता की मां का कहना है कि पंचायत ने उसे आदेश दिया था कि थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज नहीं कराना है। इसे देखते हुए डर के चलते स्थानीय थाने में उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। उधर, प्रभारी पुलिस अधिकारी ने बताया है कि पीडि़ता के आवेदन पर कुछ लोगों को नामजद किया गया है और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार एक 90 वर्षीय स्वतंत्रता संघर्ष सेनानी को लगातार प्रताडि़त कर रही है। राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने यह सख्त टिप्पणी सरकार की एक विशेष याचिका को खारिज करते हुए की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम अचंभित हैं कि इस तरह के मामले भी कोर्ट में आ रहे हैं। इससे न्यायपालिका का समय खराब हो रहा है।’ इससे पहले याचिकाकर्ता देव नारायण मिश्रा ने स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत पेंशन की मांग की थी। साल 2010 में केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद साल 2015 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को याचिकाकर्ता को पेंशन मुहैया कराने का आदेश दिया था। इस आदेश को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
 


Date : 26-Aug-2019

कर्नाटक, 26 अगस्त। आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कोडेला शिवप्रसाद राव और उनके बेटे शिवराम कृष्ण पर सदन के फर्नीचर निजी इस्तेमाल के लिए ले जाने का मामला दर्ज किया गया है। नवभारत टाईम्स की खबर के मुताबिक दोनों के खिलाफ विधानसभा के एक अधिकारी के शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। इसमें कोडेला शिवप्रसाद राव पर सदन के परिसर से लेकर अनधिकृत स्थानों तक और शिवराम कृष्ण पर एक ऑटोमोबाइल शोरूम में अवैध रूप से फर्नीचर भेजने का आरोप है। इससे दो दिन पहले विधानसभा के अधिकारियों ने आरोपितों के आवास और शोरूम की जांच की थी। वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात को माना है कि साल 2016 में कुछ फर्नीचर उनके दफ्तर और निजी आवास पर ले जाए गए थे। लेकिन, ऐसा इनकी सुरक्षा और रखरखाव के लिए किया गया था। उनके मुताबिक उन्होंने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर उन्हें फर्नीचर लेने के लिए कहा था।
 


Date : 26-Aug-2019

बुलंदशहर, 26 अगस्त। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीते साल हुई हिंसा के मामले में बजरंग दल के नेताओं ने आरोपितों को जेल से बाहर फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इससे पहले हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार देर रात सात आरोपितों को रिहा किया गया था। पुलिस ने इस मामले में 27 नामजद और करीब 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इनमें से 44 को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। साथ ही, इन पर राजद्रोह का का मामला भी दर्ज किया गया है। तीन दिसंबर, 2018 को जिले की चिंगरावठी पुलिस चौकी पर कथित गोवंश हत्या को लेकर हो रहे हंगामे ने हिंसक रूप ले लिया था। इस हिंसा में पुलिसकर्मी सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक सुमित की हत्या हुई थी।
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सोमवार को 22 और वरिष्ठ अधिकारियों भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के चलते जबरन रिटायर कर दिया। इन अधिकारियों पर जनहित में मौलिक नियम 56 (जे) के तहत रिटायर किया गया है। एएनआई के अनुसार, ये अधिकारी अधीक्षक/एओ रैंक के हैं।
इससे पहले सरकार ने केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर किया था। ये अधिकारी सीबीआईसी के प्रधान आयुक्त, आयुक्त, और उपायुक्त के रैंक के थे। इनमें 1985 बैच के आईआरएस अशोक अग्रवाल का नाम सबसे ऊपर है। आयकर विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर रैंक के अफसर अग्रवाल ईडी के संयुक्त निदेशक रहे और भ्रष्टाचार के आरोप में 1999 से 2014 के बीच निलंबित रहे थे। 
वहीं, 10 जून को वित्त मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त 12 वरिष्ठ अफसरों को अनिवार्य तौर पर रिटायर कर दिया। इन अफसरों में आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर के साथ-साथ प्रिंसिपल कमिश्नर जैसे पदों पर तैनात रहे अधिकारी भी शामिल थे।(लाइव हिन्दुस्तान) 
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त। केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मिली स्पेशल प्रोटेक्शन गु्रप सुरक्षा हटा ली है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अब जेडप्लस सुरक्षा के घेरे में रहना होगा। मोदी सरकार की ओर से यह फैसला विभिन्न खुफिया एजेंसियों रॉ और आई की ओर से मिले इनपुट, कैबिनेट सचिव और गृह मंत्रालय के बीच तीन महीने की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी कर पूर्व प्रधानमंत्री को जानकारी दे दी गई है।
मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब स्पेशल प्रोटेक्शन गु्रप  सुरक्षा केवल चार लोगों को ही दी जाएगी। जिन लोगों को एसपीजी सुरक्षा मिलेगी उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हैं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री को भी यह सुरक्षा मिली थी। सुरक्षा के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों जैसे पत्नी, बेटे व बेटी को भी एसपीजी सुरक्षा दी जाती है।
एसपीजी में इस समय आईटीबीपी, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के 3000 से अधिक सैनिक शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा हटाने के मामले में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि एसपीजी एक्ट 1988 के नियमों के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खतरे की स्थिति को देखते हुए हर साल समीक्षा की जाती है। सभी सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बैठक में यह फैसला किया गया है।
केंद्र सरकार ने इस संबंध में तीन महीने पहले समीक्षा प्रक्रिया के आदेश दिया था। तीन महीने की समय-सीमा रविवार को खत्म हो गई थी। इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जानकारी दे दी गई है। पूर्व प्रधानमंत्री के मोती लाल नेहरू प्लेस वाले आवास पर फिलहाल 200 से अधिक एसपीजी के जवान तैनात हैं। (न्यूज18)
 


Date : 26-Aug-2019

लखनऊ, 26 अगस्त । उत्तर प्रदेश के एक थाने में ऑर्केस्ट्रा से बुलाई गईं लड़कियों के साथ  डांस कार्यक्रम आयोजित करने का मामला सामने आया है। जनमाष्टमी को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भोजपुरी गाने पर डांस हो रहे थे और रुपये लुटाए जा रहे थे।
थाने में डांस का ये मामला मिर्जापुर जिले का है। मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अवधेश पांडेय ने कहा है कि उन्हें आपत्तिजनक फोटोज के वायरल होने की जानकारी मिली है। इसलिए सर्किल ऑफिसर को मामले की जांच करने को कहा गया है। 
पुलिस अधीक्षक अवधेश पांडेय ने कहा कि जांच के बाद कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीनियर पुलिस अफसर को कानून का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। 
मिर्जापुर के अदलहाट थाने में जनमाष्टमी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो के मुताबिक, थाने में भव्य स्टेज बनाया गया था। कार्यक्रम में कई लोग लड़कियों के साथ डांस करते देखे गए। कार्यक्रम में ऑर्केस्ट्रा टीम की दो बार बालाएं डांस के लिए बुलाई गई थीं।  भोजपुरी गाने तेज आवाज में बज रहे थे। इसी दौरान कई लोग स्टेज पर पहुंच गए और जमकर ठुमके लगाने लगे। 
डांस कर रही लड़कियों पर रुपये भी लुटाए जा रहे थे। बताया जाता है कि कार्यक्रम देर रात तक चला। वहीं, कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। (आजतक)
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेता पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। वह अभी केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की हिरासत में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद सीबीआई ने चिदंबरम को हिरासत में लिया, अदालत द्वारा मिली कस्टडी आज खत्म हो रही है। चिदंबरम से जुड़ा मामला आज सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा, जहां सीबीआई की कस्टडी को चुनौती दी गई है।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आईएनएक्स मीडिया मामले में पी. चिदंबरम पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। अगर चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो ईडी पूर्व वित्त मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहेगी। ईडी ने इसके लिए शीर्ष कोर्ट में हलफनामा दायर किया है और कहा है कि चिदंबरम ने अपने करीबी विश्वासपात्रों और सह साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर भारत और विदेश में मुखौटा कंपनियों का जाल बनाया। ईडी के पास अपने दावों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। मुखौटा कंपनियों का संचालन करने वाले लोग चिदंबरम के संपर्क में हैं और एजेंसी के पास इसके सबूत हैं।  ईडी केवल हिरासत में पूछताछ सच्चाई को उजागर करेगी।
हलफनामा में कहा गया है कि चिदंबरम एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्होंने खुद और अपने परिवार से दूरी बनाने के लिए शेल कंपनियों के शेयर होल्डिंग पैटर्न में बदलाव किए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि मनी लॉन्ड्रिंग एक गंभीर अपराध है क्योंकि भारत इंटरनेशनल फोरम- फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का सदस्य है।  ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि चिदंबरम पूर्व वित्त मंत्री, पूर्व गृहमंत्री हों या एक सामान्य नागरिक, अग्रिम जमानत मंजूर नहीं की जानी चाहिए। अगर शीर्ष अदालत आरोपी की याचिका पर विचार करती है तो यह न्याय का मखौल उड़ाना होगा।
पिछले शुक्रवार से सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। ईडी ने शीर्ष अदालत को चिदंबरम के विदेशी खातों और संपत्ति के बारे में सूचित किया है। ईडी ने शीर्ष कोर्ट को बताया है कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम ने अपने आधिकारिक पद का कैसे दुरुपयोग किया।
सुनवाई के दौरान ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने पैसा कमाने के लिए चिदंबरम द्वारा मुखौटा कंपनियां स्थापित करने और परिवार के सदस्यों से जुड़े ट्रस्ट का विवरण पेश किया है। फिलहाल ईडी कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद जांच में हुई प्रगति के बारे में अदालत को सूचित करेगा।
एक बयान में एफआईपीबी अधिकारियों का दावा है कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम ने आईएनएक्स को 4.6 करोड़ रुपये के बजाय 305 करोड़ रुपये की एफडीआई लाने की अनदेखी करने का दबाव बनाया था। जांच एजेंसी ने ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, बरमूडा, सिंगापुर और मॉरीशस को पत्र यानी लेटर ऑफ रोजेटर्स (एलआर) भेजकर इस मामले में मदद मांगी है।
ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में स्थापित यूनिसन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी का विवरण जिसे किकबैक हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, उसके बारे में भी जानकारी मांगी गई है। इसी तरह एफआईपीबी क्लीयरेंस के कई अन्य मामलों में इसी तरह के तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया गया है।
माना जा रहा है कि यदि सीबीआई आगे चिदंबरम के हिरासत की मांग नहीं करती है तो ईडी उनके हिरासत की मांग करेगी और ढ्ढहृङ्ग मीडिया केस में मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर आगे की पूछताछ करेगी। हालांकि दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि सीबीआई ने पी। चिदंबरम की हिरासत को बढ़ाए जाने की संभावना जताई है क्योंकि आईएनएक्स मीडिया मामले में पूछताछ अभी तक पूरी नहीं हुई है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि चिदंबरम को फिलहाल राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है।(आजतक)
 

 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं के कश्मीर दौरे पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि बिना अनुमति कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं को कश्मीर नहीं जाना चाहिए था। क्या यह केंद्र और गर्वनर को राजनीति करने का मौका नहीं देता है? सभी पार्टियों को थोड़ा इंतजार कर लेना चाहिए।
मायावती ने कहा, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखण्डता के पक्षधर रहे हैं, इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से धारा 370 का प्रावधान करने के कतई भी पक्ष में नहीं थे। इसी खास वजह से बीएसपी ने संसद में इस धारा को हटाये जाने का समर्थन किया।
सुप्रीम कोर्ट के बयान को दोहराते हुए मायावती ने कहा, देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त इस धारा 370 की समाप्ति के बाद अब वहां पर हालात सामान्य होने में थोड़ा समय अवश्य ही लगेगा। इसका थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर है, जिसको माननीय कोर्ट ने भी माना है।
कांग्रेस समेत कई पार्टियों से सवाल पूछते हुए मायावती ने कहा, ऐसे में अभी हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केन्द्र व वहां के गवर्नर को राजनीति करने का मौका देने जैसा इनका यह कदम नहीं है? वहां पर जाने से पहले इस पर भी थोड़ा विचार कर लिया जाता, तो यह उचित होता। (आजतक)
 


Date : 26-Aug-2019

नई दिल्ली, 26 अगस्त । उच्चतम न्यायालय आईएनएक्स मीडिया धनशोधन एवं भ्रष्टाचार मामलों में अग्रिम जमानत देने से इंकार करने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाले पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम की अर्जियों पर सोमवार को सुनवाई करेगा।
न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ चिदम्बम की उस नयी अर्जी पर भी सुनवाई करेगी जिसमें उन्होंने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में उनके विरुद्ध जारी गिरफ्तारी वारंट तथा उन्हें सोमवार तक के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है।
शुक्रवार (23 अगस्त) को शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज किये गये धनशोधन मामले में चिदम्बरम को सोमवार तक के लिए गिरफ्तारी से छूट प्रदान की थी। शीर्ष अदालत ने चिदम्बरम की अर्जी पर ईडी से जवाब भी मांगा था और निर्देश दिया था कि सभी तीन मामलों को सोमवार को उसके सामने सूचीबद्ध किया जाए।
चिदम्बरम ने दलील दी है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है कि उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर शीर्ष अदालत ने 20 और 21 अगस्त को सुनवाई नहीं की तथा उन्हें 21 अगस्त रात को गिरफ्तार कर लिया गया। 
ईडी की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि याचिकाकर्ता और उनकी पार्टी के सहयोगियों ने 'काफी शोर-शराबा किया और राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया लेकिन मैं काफी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि यह धनशोधन का बहुत ही बड़ा मामला है।
चिदम्बरम को भ्रष्टाचार के मामले में 21 अगस्त की रात को जोरबाग में उनके घर से सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 22 अगस्त को निचली अदालत में पेश किया गया था । निचली अदालत ने उन्हें 26 अगस्त तक के लिए चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था।(एजेंसी)
 

 


Date : 25-Aug-2019

नई दिल्ली, 25 अगस्त। पूर्व वित मंत्री अरुण जेटली का अंतिम संस्कार आज निगम बोध घाट पर दोपहर ढाई बजे किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले अरुण जेटली का पार्थिव शरीर पार्टी मुख्यालय पहुंच चुका है। अरुण जेटली के पार्थिव शरीर को सेना के ट्रक में राजकीय सम्मान के साथ बीजेपी मुख्यालय लाया गया है।

गौरतलब है कि जेटली का लंबी बीमारी के बाद शनिवार सुबह दिल्ली के एम्स में 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। सांस लेने की तकलीफ की शिकायत के बाद अरुण जेटली को 9 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। यहां उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही और उन्हें बाद में लाइव सपोर्ट सिस्टम पर रखना पड़ा। जेटली को गुरुवार को डायलिसिस हुआ था। निधन के बाद जेटली के पार्थिव शरीर को दिल्ली के कैलाश कॉलोनी स्थित उनके आवास पर ले जाया गया था। जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित विभिन्न नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। (न्यूज18)

 

 

 


Date : 25-Aug-2019

नई दिल्ली, 25 अगस्त । एक महिला ने कहा है कि उनके पति ने ही उन्हें ड्रग दे दिया और जब वह जगी तो कोई और पुरुष उनका रेप कर रहा था। महिला का कहना है कि पति के सामने ही उनके साथ रेप किया गया। और ऐसी घटनाएं बार-बार घटी। 
घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए काम करने वाली ऑस्ट्रेलिया की एक संस्था ब्रोकन टू ब्रिलिएंट ने एक किताब पब्लिश की है। शैटर्ड टू शाइनिंग नाम की किताब में ऐसी 10 महिलाओं की कहानी प्रकाशित की गई है जिन्हें रिश्ते में हिंसा का सामना करना पड़ा।
ब्रिस्बेन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शैटर्ड टू शाइनिंग नाम की किताब में मैरी (बदला हुआ नाम) ने बताया है कि ऑफिस में एक शख्स से उनकी मुलाकात हुई। वह तुरंत उसकी ओर खींची चली गई क्योंकि वह अपने बच्चों को काफी प्यार करता था और उसके व्यक्तित्व में कुछ रहस्यमय जैसा भी था। 
ऑफिस के अन्य साथियों से छिपाकर दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। मैरी ने कहा- एक साल के बाद मैं सेक्स स्लेव बन गई थी। मेरे साथ हो रही यौन हिंसा को देखने में उसे (पति को) संतुष्टि मिलती थी।
मैरी की जिंदगी बुरी तरह खराब हो गई थी। वह फंसी हुई महसूस कर रही थी क्योंकि वह उससे काफी अधिक प्यार करती थी। वह हमेशा पति को माफ करने के बहाने ढूंढा करती थी। 
अपनी दोहरी जिंदगी की वजह से मैरी ने अपने परिवार के लोगों और दोस्तों से भी खुद को अलग-थलग कर लिया। दुव्र्यवहार करने वाले पति से मैरी को एक बेटा भी हो गया। 
मैरी करीब एक दशक तक दुव्र्यवहार का सामना करती रही। आखिर उसने हिम्मत से काम लिया और पति को छोडऩे का फैसला किया। मैरी ने अपनी बहन को सारी बातें बता दी। 
इस दौरान मैरी ने दो बार ऐसी स्थिति का सामना किया जब उनके पास कोई घर नहीं था। मजबूरी में उन्हें एब्यूजर के घर में रहना पड़ा। दो बार मैरी को डिप्रेशन की वजह से हॉस्पिटल में भी भर्ती होना पड़ा।  
मैरी ने खुद की जिंदगी समाप्त करने की कोशिश भी की। बाद में पता चला कि वह बायपोलर डिसऑर्डर का सामना कर रही है। बता दें कि शैटर्ड टू शाइनिंग किताब में मैरी की तरह 10 महिलाओं की घरेलू हिंसा की कहानियों को शेयर किया गया है। 
मैरी का कहना है कि लोग मुझसे पूछते हैं कि क्यों तुम इतने लंबे समय तक उस रिलेशनशिप में रही? अब मैं उन्हें जवाब के रूप में किताब का अपना चैप्टर सुझा सकती हूं। हालांकि, उन्होंने कहा कि दूसरी महिलाओं की कहानियां पढऩा उनके लिए काफी कठिन है।(आजतक)

 


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