ताजा खबर

Previous123456789...389390Next
26-Oct-2020 8:23 PM 11

इंडियन रेलवे ने दिवाली-छठ को लेकर कई ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है. वहीं शनिवार को समस्तीपुर-सोनपुर पैसेंजर ट्रेन की भी शुरूआत की गई, लेकिन पैसेंजर की कमी दिखी. इस ट्रेन में सिर्फ एक पैसेंजर ही समस्तीपुर से टिकट कटाया. वहीं रेलवे ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है.

समस्तीपुर रेल मंडल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार समस्तीपुर से सोनपुर के लिए पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन सुबह 6 बजे किया गया, जिसमें सिर्फ एक यात्री यात्रा के लिए टिकट कटाया. रेल मंडल ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन में समस्तीपुर से मुजफ्फरपुर के लिए टिकट कटाया गया.

कहीं ये तो कारण नहीं

बताया जा रहा है कि सुबह 5.45 तक टिकट काउंटर ओपन नहीं था, जिसके कारण इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्री कन्फयूजन में थे, जिसके कारण कई यात्री दूसरी सुविधा से चले गए. वहीं रेल मंडल ने बताया कि ट्रेन का अब नियमित परिचालन किया जाएगा.

दिवाली-छठ को लेकर शुरू हुआ है ट्रेन

दिवाली और छठ की भीड़ को देखते हुए पूमरे ने कई ट्रेनों क परिचालन शुरू किया है, जिससे यात्रियों को सहूलियत मिल सके.(https://www.prabhatkhabar.com/)


26-Oct-2020 7:31 PM 13

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर | इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित हिंदू राव अस्पताल के प्रशासन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना के लिए कार्यवाही शुरू करने की मांग की। संगठन ने सवाल किया कि "क्या डॉक्टरों को अपने ही भुगतान का दावा करने के लिए नक्सली बन जाना चाहिए?" हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर अपने वेतन के भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

एसोसिएशन ने इस हालात पर 'बनाना रिपब्लिक' कहते हुए तंज कसा और हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर्स को वेतन ना मिलने को सिस्टम की नाकामी करार दिया।

एसोसिएशन ने कहा, "हिंदू राव अस्पताल में डॉक्टरों के वेतन का भुगतान न करने का मामला प्रणालीगत विफलता का मामला है। कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्र की सेवा करने वाले डॉक्टर उचित प्रशंसा और प्रोत्साहन के हकदार हैं। यह बात इस तार्किक पहलू (लॉजिक) को धता बताता है, जब उन्हें अपना वैध वेतन पाने के लिए ही सड़क के किनारे आंदोलन का सहारा लेना पड़ता है।"

इस बीच, आईएमए प्रमुख डॉ. राजन शर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए पूछा कि क्या डॉक्टरों को अपने ही भुगतान का दावा करने के लिए नक्सली बन जाना चाहिए?

उन्होंने कहा, "यह शर्म की बात है कि ऐसे समय में जब महामारी फैल रही है, डॉक्टर सड़कों पर झक मारने को मजबूर हैं और वह अपनी दुर्दशा को उजागर करने के लिए जंतर मंतर और कनॉट प्लेस जैसी जगहों पर तख्तियां पकड़ें हुए हैं।"

शर्मा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली सरकार अंतिम समाधान के करीब पहुंचने के बजाय मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "एमसीडी का दावा है कि दिल्ली सरकार ने उनके धन को अवरुद्ध कर दिया है, जबकि दिल्ली सरकार का दावा है कि केंद्र राज्य के करों को जारी नहीं कर रहा है।"

शर्मा ने कहा कि वे मामले को टाल रहे हैं, लेकिन यह आखिर कहां रुकेगा? उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी किसी को तो लेनी ही होगी।

अस्पताल उत्तरी दिल्ली नगर निगम (नॉर्थ एमसीडी) के अंतर्गत आता है। अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर दो सप्ताह से अधिक समय से अपना वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों में से पांच शुक्रवार शाम से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को राजनीति से ऊपर उठना होगा और स्थिति को संभालना होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को नगर निगमों से स्वास्थ्य सेवा का अधिकार अपने पास लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य हमेशा एक राज्य का विषय है, लेकिन यहां यह नगर निगमों के दायरे में है। जब यह स्पष्ट होता है कि वे (एमसीडी) इसे प्रबंधित करने में असमर्थ हैं, तो इसे सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए।"

--आईएएनएस


26-Oct-2020 7:29 PM 14

मुंबई, 26 अक्टूबर | फिल्मकार भाई महेश भट्ट और मुकेश भट्ट ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेत्री लवीना लोध के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। पिछले हफ्ते, लवीना ने अपने सत्यापित इंस्टाग्राम पेज पर एक मिनट, 48-सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर यह दावा किया था कि महेश भट्ट द्वारा उन्हें परेशान किया जाता रहा है। अभिनेत्री ने यह भी दावा किया था कि फिल्मकार के भतीजे सुमित सभरवाल से उनकी शादी हुई थी। साथ में यह भी कहा कि चूंकि उनके द्वारा कलाकारों को मादक पदार्थो की आपूर्ति कराई जाती थी इसलिए उन्होंने तलाक के लिए अर्जी भी दी थी। लवीना ने यह भी आरोप लगाया कि सुमित लड़कियां भी सप्लाई करते थे और महेश भट्ट को इसकी जानकारी थी।

लवीना के इन्हीं आरोपों के बाद अब मुकेश भट्ट ने एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है, "जैसा कि आज (सोमवार) हमने अदालत में दायर अपने मानहानि के मुकदमे में उल्लेख किया गया है कि मिस्टर सुमित सभरवाल हमारी फिल्म निर्माण कंपनी विशेष फिल्म्स में पिछले लगभग बीस सालों से काम कर रहे महज एक कर्मचारी हैं। लवीना का मीडिया में यह दावा करना कि वह हमारे रिश्तेदार हैं, गलत है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस मकसद के साथ जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपने लाभार्थियों सहित मेरे भाई और मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया जा रहा है कि इससे प्रचार में आने में मदद मिलेगी और अदालत के बाहर भी एक आकर्षक कीमत में मामले का निपटारा किया जाएगा।"

अंत में उन्होंने कहा, "हमें अपनी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम मामले का तार्किक अंत देखना चाहते हैं।"

--आईएएनएस


26-Oct-2020 7:27 PM 13

प्रयागराज (उप्र), 26 अक्टूबर | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनके तीन परिजनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ उनकी पत्नी आलिया द्वारा दर्ज कराए गए उत्पीड़न मामले से जुड़ा था। हाईकोर्ट ने नवाजुद्दीन, उनकी मां मेहरुन्निसां और भाइयों फैयाजुद्दीन और अयाजुद्दीन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हालांकि, नवाज के तीसरे भाई मुनाजुद्दीन को ऐसी कोई राहत नहीं मिली है।

हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान नवाजुद्दीन के वकील अभिषेक कुमार मौजूद थे।

आलिया सिद्दीकी उर्फ अंजलि पांडेय ने 27 जुलाई को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना पुलिस स्टेशन में नवाजुद्दीन और उनके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने खुद पर हमला करने और 2012 में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था।

प्राथमिकी सबसे पहले मुंबई में दर्ज की गई थी, लेकिन बुढ़ाना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कथित घटना होने के लिहाज से इसे बुढाना पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था।

--आईएएनएस


26-Oct-2020 7:23 PM 13

कोल्हापुर, 26 अक्टूबर | एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इचलकरंजी म्युनिसिपल काउंसिल (आईएमसी) के परिसर में आत्मदाह कर लिया। उसने सिविक बॉडी में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध में ऐसा किया। सोमवार को यह जानकारी पुलिस ने दी। सामाजिक कार्यकर्ता की पहचान नरेश भोरे के रूप में हुई है। वह गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें निकटवर्ती इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया और बाद में एक विशेष सेंटर में ले जाया गया, जहां बुरी तरह से जला होने के कारण कुछ घंटों के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया।

वह दोपहर के आसपास सिविक बॉडी कॉम्प्लेक्स में आए और अगर कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर्स और अधिकारियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की उनकी शिकायत का निवारण तुरंत नहीं किया जाता है तो वह खुद को आग लगा लेंगे।

जैसा कि किसी ने भी उनकी धमकियों पर ध्यान नहीं दिया, उन्होंने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जबकि कई स्तब्ध होकर देखते रह गए।

कुछ लोगों ने आग की लपटों पर काबू पाने के लिए तुरंत पानी डाला, आग बुझाने का उपकरण इस्तेमाल किया और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया, लेकिन तब तक वह 60 फीसदी जल चुके थे।

भोरे को पहले आईजीएम अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया और वहां से सांगली सिविल अस्पताल में एक विशेष बर्न यूनिट में ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने कोल्हापुर के राजनीतिक हलकों को झटका दिया है, पिछले सप्ताह उन्होंने कथित तौर पर 'खुद को जलाने' की लिखित अग्रिम चेतावनी जारी की थी।

--आईएएनएस


26-Oct-2020 7:15 PM 20

आखिरकार अमेरिका ने भारत को बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (बेका) पर दस्तखत के लिए तैयार कर ही लिया। कहा जा रहा है कि इस समझौते से दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग गहरे होंगे। लेकिन हकीकत यह है कि इससे अमेरिका का फायदा कहीं अधिक है।

इस समझौते पर दस्तखत भारत और अमेरिका के बीच 26-27 अक्तूबर को नई दिल्ली में होने वाली सालाना 2+2 बैठक में हो रहे हैं। इस बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ जबकि अमेरिका रक्षा मंत्री मार्क एस्पर की बातचीत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ होगी। बहरहाल, दोनों देशों ने बेका समझौते को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने की बेसब्री दिखाई है। ट्रंप प्रशासन के ये वरिष्ठ मंत्री बेका समझौते के लिए ऐसे समय भारत आ रहे हैं जब वहां राष्ट्रपति चुनाव महज एक हफ्ते दूर होंगे। अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और वहां पूरी तरह चुनावी माहौल है। अमेरिका के लिहाज से तो यह भी सवाल उठता है कि क्या किसी निवर्तमान सरकार को इतने बड़े फैसले पर आगे बढ़ने का नैतिक अधिकार है और क्या उसे चंद माह बाद ही बनने वाली नई सरकार के लिए नहीं छोड़ दिया जाना चाहिए था ?

ऐसी भी क्या जल्दी!

दूसरी ओर, भारत में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के अलावा लद्दाख में चीन के साथ अत्यधिक तनाव का माहौल है और नरेंद्र मोदी सरकार इस संकट से निपटने में स्पष्ट तौर पर विफल रही है। ऐसे समय में इस सवाल का उठना वाजिब ही है कि बेका समझौते को लेकर इतनी हड़बड़ी क्या सही है?

दोनों देशों के बीच यह तीसरी 2+2 बैठक होगी। पहली बैठक 2018 में नई दिल्ली में हुई थी जबकि दूसरी पिछले साल वाशिंगटन में हुई। दोनों पक्षों ने इससे पहले जिन दो “रणनीतिक” समझौतों पर हस्ताक्षर किए, वे हैं अगस्त, 2016 में हुआ लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (लेमोआ) और सितंबर, 2018 में हुआ कम्युनिकेशंस कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (कॉमकासा)। तीनों समझौतों पर वर्षों से बातचीत हो रही थी और इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच “सहज सैन्य संबंध” बनाना है।

लेमोआ को पहले लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट (एलएसए) के तौर पर जाना जाता था लेकिन अमेरिका ने भारत को ध्यान में रखते हुए इसमें संशोधन किया। वैसे ही, उसने सिसमोआ (कम्युनिकेशंस इंटरप्रेन्योरशिप एंड सिक्योरिटी मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) को भी बदलकर कॉमकासा कर दिया। लेमोआ अमेरिकी नौसेना को भारतीय नौसेना के रसद प्लेटफार्मों से आपूर्ति लेने के काबिल बनाता है जबकि कॉमकासा इस बात का वैधानिक आधार बनाता है कि अमेरिका अतिसंवेदनशील संचार सुरक्षा उपकरणों और वास्तविक समय में परिचालन जानकारी भारत को दे सके। यह भारत को अमेरिकी इंटेलिजेंस के विशाल डाटा बेस तक पहुंच प्रदान करता है जिसमें रीयल- टाइम इमेजरी भी शामिल है। इसके साथ ही सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस, सी-17 ग्लोबमास्टर और पी-8 आई पोसिडॉन-जैसी उच्च तकनीक वाली सैन्य प्रणालियों को भारत को बेचे जाने का रास्ता साफ करता है।

एक बार फिर अमेरिका ने भारत को ध्यान में रखते हुए बेका का प्रारूप तैयार किया है और समझौते पर दस्तखत के बाद अमेरिका के संवेदनशील डाटा तक भारत की पहुंच हो जाएगी। इससे दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकेंगे- मसलन, लॉजिस्टिक संबंधी मदद, ईंधन भरना और रक्षा संबंधी मुद्दों में मददगार इंटेलिजेंस को साझा करना। इसके अलावा भारत की लक्ष्य भेदने और नेविगेशन की क्षमता को सटीक बनाने के लिए अमेरिका सैटेलाइट से मिलने वाली जानकारी समेत तमाम गुप्त सूचनाओं को भारत के साथ साझा करेगा। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अमेरिका की मदद से भारत की मिसाइलें ज्यादा सटीकता से लक्ष्य को भेद सकेंगी।

इसमें दो राय नहीं कि बेका को अंतिम रूप देने में अमेरिका जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखा रहा है और इस हड़बड़ी को लेकर उसकी आधिकारिक प्रतिक्रिया यह है कि भारत से निकट संबंध अमेरिका की प्राथमिकता में हैं और सितंबर, 2019 में ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी बेबाक तरीके से पुष्टि भी कर दी थी। उसी दौरान अमेरिका ने न्यूयॉर्क में क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक का भीआयोजन किया था। क्वाड विशुद्ध रूप से भारत प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ी ताकत को संतुलित करने के इरादे से शुरू किया गया।

इधर मोदी सरकार ने मालाबार युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया को भी शामिल होने का न्योता दिया है और इस तरह नौसेना का यह अभ्यास क्वाड आयोजन में तब्दील हो गया है। अमेरिका और जापान ने इसमें शामिल होने की पुष्टि कर दी है। दो चरणों में होने वाला यह अभ्यास भारत के पूर्वी तट पर 3 से 6 नवंबर तक और पश्चिमी समुद्र तट पर 17 से 20 नवंबर तक होगा। 2019 में यह अभ्यास जापान के समुद्री क्षेत्र में हुआ था।

अमेरिका रहेगा हावी !

अमेरिका के साथ इन समझौतों के पैरोकार यह तर्क दे रहे हैं कि पहले भी अमेरिका और गुटनिरपेक्ष देशों के बीच लेमोआ, कॉमकासा और बेका समझौते हुए हैं और तब संप्रभुता को लेकर कोई शक-शुबहा नहीं उठा। इन लोगों की दलील है कि हमें यह भी समझना होगा कि अमेरिका से उच्च तकनीक हासिल करने वाले देशों को इसी राह से गुजरना होता है और भारत के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं की जा रही है। ये समझौते केवल इस तरह के सहयोग की वैधानिक स्थिति बनाते हैं। लेकिन इन समझौतों को लेकर दूसरा मत यह है कि ये तथाकथित मूलभूत समझौते स्पष्ट रूप से भारत के हित में नहीं हैं क्योंकि अमेरिका के पास समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने की क्षमता है।

आधिकारिक तौर पर यह दावा किया गया है कि ये समझौते चीनी विस्तारवाद पर अंकुश लगाने में भारत की स्थिति मजबूत करते हैं लेकिन इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि अगर चीन के साथ सैन्य टकराव हो जाए तो अमेरिकी सेना के भारत के साथ आकर मोर्चा थामने की संभावना न के बराबर है। इसलिए भारतीय सेनाओं को अमेरिका के आचार संहिता और ऑपरेटिंग प्रक्रियाओं से बांध देने का कोई मतलब नहीं था। इसका एक पक्ष यह भी है कि इससे भारत कीअमेरिका पर निर्भरता बढ़ जाएगी और भारत अंतिम इस्तेमालकर्ता से जुड़े अमेरिकी नियम-कानूनों के दायरे में आ जाएगा और वह तमाम चीजों में रद्दोबदल भी नहीं कर सकेगा।

हमारे लिए चिंता की एक बड़ी वजह यह भी है कि इस तरह के समझौतों से अमेरिका को अपने सहयोगी देशों की तुलना में कहीं अधिक लाभ होता है। भारत और चीन के बीच तनाव के बीच पूरी तरह से सशस्त्र अमेरिकी नौसेना ने भारत के सामरिक दृष्टि से अहम अंडमान और निकोबार बेस पर लंगर डाला। अमेरिकी नैसेना में लंबी दूरी तक मार करने वाली पनडुब्बी, समुद्री निगरानी विमान पी-8 पोसिडॉन भी थे। इस टुकड़ी ने यहां रुककर ईंधन भरा और यह सुविधा अमेरिका को लेमोआ के तहत मिली।

अमेरिका का पिछलग्गू बनता भारत

पांच वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की एक बड़ी ताकत बनने का सपना देख रहा देश अपने आप को ऐसी स्थिति में डाल रहा है जहां उसे बात-बात में अमेरिका को मुंह ताकना होगा। अमेरिका भारत की ओर से गहरी निष्ठा के प्रति आश्वस्त रहा है। मई, 2019 में मोदी सरकार के फिर से चुने जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने भारत को अमेरिका का एक ‘महान सहयोगी’ बताया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया। एक सवाल के जवाब में विदेश विभाग के तत्कालीन प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने संवाददाताओं से कहा था, “शर्तिया हम मोदी के साथ मिलकर काम करेंगे, जैसा पहले भी कई बार किया है।”

एक ओर तो भारत की आकांक्षा एक बड़ी शक्ति बनने की हैं और दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन की ओर से भी इसे पूरा करने में उतनी ही आतुरता दिखाई गई जिसका नतीजा यह हुआ है कि भारत के रक्षा आयात में खासा इजाफा हो गया। रक्षा मंत्रालय भी स्वीकार करता है कि अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख कारक बन गया है जिसे अब “एक नए स्तर पर” ले जाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन भारत के लिए कथित तौर पर लाभकर स्थिति बनाकर भारत को महंगे हथियार खरीदने के लिए प्रेरित करता है जो अमेरिका के सैन्य उद्योग में नौकरियों को बनाए रखने और उत्पादन लाइनों को चालू रखने में मदद करता है।

2016 में अमेरिका ने भारत को अपने प्रमुख रक्षा सहयोगी के रूप में मान्यता दी, ताकि वह नई दिल्ली को हथियारों और प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण कर सके। अमेरिका भारत के साथ किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक सैन्य अभ्यास करता है। इन कड़ियों को एक रेखा में लाते हुए अमेरिकी सीनेट ने नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट पास किया जो भारत को नाटो सहयोगी का दर्जा दे देता है। यह कानून न केवल हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-निरोधी गतिविधियों, पाइरेसी-रोधी गतिविधियों और मानवीय सहायता के क्षेत्रों में बेहतर सहयोग के दरवाजे खोलता है बल्कि भारत के लिए अत्याधुनिक हथियारों और संवेदनशील तकनीकें उपलब्ध कराने का रास्ता भी साफ करता है।

चीन के खिलाफ मोहरा

हालांकि यह भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी ही है जिसके बूते वाशिंगटन विशाल भारत प्रशांत समुद्री क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करना चाहता है। अपने कार्यकाल के दौरान दो बार भारत का दौरा करने वाले पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत के साथ गहरे सहयोग के लिए प्रतिबद्धता का इजहार किया था और उन्होंने दोनों देशों के सहयोग को “21वीं सदी का प्रभावकारी केंद्र” करार दिया था।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि मूलभूत समझौतों और रणनीतिक साझेदारी-जैसे क्षेत्रों ने नई दिल्ली को बड़ी तेजी से वाशिंगटन का आभारी बना दिया है। स्थिति यह है कि भारत सरकार के अलावा खुद प्रधानमंत्री मोदी भी व्यक्तिगत रूप से अमेरिका के प्रति कृतज्ञ होते जा रहे हैं। वर्ष 2002 में गुजरात का मुख्यमंत्री रहते दंगों को रोक पाने में विफलता के कारण वाशिंगटन ने मोदी के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। दंगों में 1,044 लोग मारे गए थे और मोदी के खिलाफ अमेरिका ने 1998 में बने उस कानून को अमल में लाया था जो प्रावधान करता है कि “धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन” के जिम्मेदार व्यक्ति को अमेरिका वीजा के लिए अयोग्य माना जाए। लेकिन जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चुने गए तो ओबामा प्रशासन ने उनके प्रवेश पर लगी रोक को हटाते हुए उन्हें एक तरह से अंतरराष्ट्रीय वैधता दिलाई। प्रतिबंध हटने के बाद मोदी ने भी जैसे खोए समय की भरपाई करते हुए किसी भीअन्य देश की तुलना में अमेरिका की ज्यादा बार यात्रा की।(https://www.navjivanindia.com/)


26-Oct-2020 7:14 PM 45

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 अक्टूबर।
राज्य में आज शाम 6.00 तक 126 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 26 अकेले बिलासपुर-सूरजपुर जिले के हैं। 
आज शाम के आंकड़े रोज के आने वाले आंकड़ों से 5-10 फीसदी ही हैं। इस बारे में पूछने पर स्वास्थ्य विभाग के जानकार सूत्रों ने आईसीएमआर आंकड़ों को सही बताया है, और कहा है कि शायद दशहरे की छुट्टी की वजह से जिला स्तर पर आंकड़े नहीं डल पाए होंगे। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के रात 8 बजे तक आंकड़े रात 10 बजे के आसपास आएंगे, उनसे पता लगेगा कि आज राज्य में कितने कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 

आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 0, बलौदाबाजार 3, बलरामपुर 0, बस्तर 1, बेमेतरा 1, बीजापुर 2, बिलासपुर 26, दंतेवाड़ा 7, धमतरी 2, दुर्ग 0, गरियाबंद 0, जीपीएम 0, जांजगीर-चांपा 1, जशपुर 1, कबीरधाम 6, कांकेर 14, कोंडागांव 1, कोरबा 2, कोरिया 0, महासमुंद 8, मुंगेली 0, नारायणपुर 2, रायगढ़ 7, रायपुर 5, राजनांदगांव 5, सुकमा 6, सूरजपुर 26, और सरगुजा 0 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 

केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं। 


26-Oct-2020 7:00 PM 9

नई दिल्ली/ऋषिकेश, 26 अक्टूबर | राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत कभी भी स्वार्थपूर्ण कारणों से किसी के साथ युद्ध में नहीं गया है। उन्होंने आध्यात्मिक गुरुओं से भारतीय संस्कृति में विद्यमान शांति और आध्यात्मिक मूल्यों का दुनियाभर में प्रसार करने का आग्रह किया।

शनिवार को ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्र परमार्थ निकेतन में तपस्वियों, संतों और पुजारियों को संबोधित करते हुए डोभाल ने भारत के आध्यात्मिक इतिहास और स्वामी विवेकानंद के दर्शन की ताकत को याद किया।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपने संबोधन में डोभाल ने बताया, "राज्य भौतिक आयामों से बंधे हुए हैं, लेकिन राष्ट्र एक भावनात्मक बंधन है, जो आध्यात्मिकता और संस्कृति के सामान्य धागे से बंधा है, जिसमें एक सामूहिक भावना है।"

उन्होंने कहा कि भारतीय गुरुओं और आध्यात्मिक केंद्रों की भूमिका सामूहिक पहचान की इस बड़ी भावना की रक्षा करना है।

केंद्र में मेजबानों द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों का जवाब देते हुए, डोभाल ने कहा कि राष्ट्र केवल इसलिए किसी के साथ युद्ध में नहीं जाता है, क्योंकि समाज के कुछ वर्ग इसकी इच्छा रखते हैं।

उन्होंने कहा, "भारत कभी भी स्वार्थी कारणों से किसी के साथ युद्ध में नहीं गया है। राष्ट्र आस-पास और बाहर दोनों जगहों पर तभी लड़ेगा जब खतरा आसन्न हो। हम अपने स्वार्थी कारणों से युद्ध में नहीं जाएंगे।"

भारत ने पाकिस्तान के साथ 1947, 1965, 1971 तथा 1999 में चार युद्ध लड़े हैं और 1962 में चीन के साथ भी युद्ध हुआ है। किसी भी युद्ध में भारत ने पहले आक्रमण नहीं किया। भारत ने 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे बंगालियों के जनसंहार को रोकने के लिए पाकिस्तान के साथ लड़ाई लड़ी।

हालांकि, मीडिया के एक हिस्से ने डोभाल के बयान को गलत संदर्भ में ले लिया और इसे भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ इस साल जून से जारी गतिरोध से जोड़ा। कुछ समाचार चैनलों ने एनएसए को गलत बताया और दावा किया कि उन्होंने चीन के साथ युद्ध में जाने की धमकी दी है।

एनएसए के कार्यालय ने आईएएनएस से कहा, "डोभाल की टिप्पणी सभ्यता के संदर्भ में की गई है और वर्तमान संदर्भ में यह किसी के खिलाफ निर्देशित नहीं की गई है, जैसा कि कुछ चैनल ऐसा दिखा रहे हैं।"

एनएसए कार्यालय ने कहा कि मीडिया ने उनके संदेश को सही ढंग से पेश नहीं किया है।

डोभाल ने आध्यात्मिक केंद्र में हिंदी में अपनी बात रखी थी, जिसे लेकर कुछ समाचार आउटलेट ने इसका कुछ और ही मतलब निकाल लिया। उनकी टिप्पणियों को सीधे अंग्रेजी में अनुवाद करते हुए गलती कर दी गई।

--आईएएनएस


26-Oct-2020 6:50 PM 9

दिल्ली,26 अक्टूबर | रविवार 25 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर दिल्ली में रावण के पुतले और पटाखे जलाने से राजधानी की पहले से खराब वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) और भी बदतर हो गई. सोमवार सुबह शहर के कई इलाकों में स्मॉग की एक मोटी परत देखी गई और वायु गुणवत्ता का स्तर गिर कर कहीं 'बहुत खराब' तो कहीं 'खतरनाक' हो गया.

यह नजारा अमेरिकी चुनावों में हुई उस आखिरी बहस के बस कुछ ही दिनों बाद देखने को मिला, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत की हवा को "गंदी" बताया था. उनकी टिप्पणी के खिलाफ भारत में सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखने को मिला था, लेकिन भारत के प्रदूषण नियामक ने ताजा आंकड़ों के साथ वास्तविक स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी.

केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के अनुसार सोमवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता 347 थी. सोनिया विहार जैसे कुछ इलाकों में तो एक्यूआई 439 थी. सूचकांक 500 तक जाता है और बोर्ड के मानकों के अनुसार एक्यूआई 100 पार करते ही स्वास्थ्य के लिए और ज्यादा हानिकारक होती चली जाती है.

पर्यावरणविद कह रहे हैं कि अगर दशहरा में यह हाल हुआ है तो दीवाली में हालात और बदतर हो जाएंगे, क्योंकि दीवाली में लोग और ज्यादा पटाखे जलाते हैं.

शहर में पहले ही सांस लेने से संबंधित शिकायतों में उछाल देखी जा रही थी. इस महीने दिल्ली में औसत एक्यूआई 227 दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में किसानों द्वारा खेतों की पराली के जलाने को माना जा रहा है. लेकिन दशहरा के बाद के हालात ने दिखा दिया कि शहर की अपनी ही समस्याएं कम नहीं हैं.

पर्यावरणविद कह रहे हैं कि अगर दशहरा में यह हाल हुआ है तो दीवाली में हालात और बदतर हो जाएंगे, क्योंकि दीवाली में लोग और ज्यादा पटाखे जलाते हैं. दीवाली अगले महीने है और उस समय किसानों द्बारा पराली जलाना भी जारी रहने की आशंका है. इसके अलावा हवा के नीचे बहने की वजह से भी स्मॉग शहर के ऊपर ही ठहर जाएगा.

दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ नया कानून

इसी बीच, केंद्र सरकार ने कहा है कि वो दिल्ली में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक नया कानून लाएगी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वी अगले तीन-चार दिनों में एक नया कानून ला कर एक स्थायी संस्था की स्थापना करेगी जो पराली जलाने को रोकने और दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने इसी उद्देश्य के लिए कुछ ही दिन पहले सेवानिवृत्त जज जस्टिस मदन लोकुर की अध्यक्षता में एक एक-सदस्यीय समिति की स्थापना की थी. केंद्र के इस आश्वासन के बाद अदालत ने लोकुर समिति को रोक दिया है. हालांकि अभी यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह समिति क्या करेगी. इस उद्देश्य के लिए ईपीसीए नामक एक उच्च स्तरीय समिति पहले से मौजूद है, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में गठित किया था.(DW.COM)


26-Oct-2020 6:44 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 26 अक्टूबर।
कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी द्वारा गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में जनसम्पर्क के लिये मांगी गई अनुमति के आवेदन को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया है।

डॉ. रेणु जोगी ने 24 अक्टूबर को जिला प्रशासन को आवेदन दिया था कि वे अपने गृह जिले गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही के साप्ताहिक बाजारों में जन सम्पर्क, जन समस्या निवारण तथा कोरा बीमारी से बचाव की अनुमति चाहती हैं। पेन्ड्रारोड के अनुविभागीय अधिकारी एवं मरवाही विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने इस आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में प्रतिवेदन लिया गया। आवेदक एवं उनके दल से चुनाव में कोई प्रत्याशी नहीं है। इसके अलावा किसी भी जगह भीड़ एकत्र होने पर कोविड-19 के प्रावधानों का पूर्ण पालन कराना मुश्किल होगा, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना रहेगी। जिले में धारा 144 एवं आदर्श आचरण संहिता लागू है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अनुमति दिया जाना संभव नहीं है।

ज्ञात हो कि कांग्रेस विधि विभाग के अध्यक्ष संदीप दुबे की ओर से चुनाव आयोग को शिकायत की गई थी कि बिना अनुमति विधायक डॉ. रेणु जोगी व पूर्व विधायक तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष न्याय यात्रा निकाल रहे हैं। वे साप्ताहिक बाजारों में जाकर मरवाही विधानसभा चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं और कोविड-19 व चुनाव आचार संहिता के चलते लागू धारा 144 का उल्लंघन कर रहे हैं।


26-Oct-2020 6:43 PM 12

दोहा,26 अक्टूबर | दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अक्टूबर की शुरुआत में हुई एक घटना से ऑस्ट्रेलिया और कतर के बीच तनाव पैदा हो गया है. दरअसल 2 अक्टूबर को कतर एयरवेज की सिडनी जाने वाले उड़ान को तब रोकना पड़ा जब एक नवजात शिशु एयरपोर्ट पर लावारिस पाया गया. बच्चे की मां का पता लगाने के लिए एयरपोर्ट अधिकारियों ने कई महिलाओं की जांच की. इनमें 13 ऑस्ट्रलियाई महिलाएं भी थीं.

ऑस्ट्रेलिया की सेवन नेटवर्क न्यूज एजेंसी के अनुसार महिलाओं की रनवे पर मौजूद एक एम्बुलेंस में जांच की गई. प्लेन पर सवार एक व्यक्ति वुल्फगांग बाबेक ने बताया कि हर उम्र की महिलाओं की जांच की गई, "जब महिलाएं वापस आईं, तब वे सब परेशान दिखीं.

उनमें से एक युवा महिला तो रो रही थी और लोगों को यकीन ही नहीं आ रहा था कि ये सब हो रहा है." बाबेक के अनुसार उन्होंने महिलाओं से बातचीत भी की, "उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें अपने अंडरवेयर उतारने को कहा गया या फिर बोला गया कि कमर के नीचे सब कपड़े उतारें ताकि जांच की जा सके कि उन्होंने हाल में बच्चा जना है या नहीं."

बाबेक के अनुसार विमान को तीन घंटे के लिए रोका गया और इस दौरान ना तो उन्हें उड़ान में देरी की कोई वजह बताई गई और ना ही महिलाओं को विमान से उतारने की.

कतर एयरवेज और कतर सरकार ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रया नहीं दी है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरीस पेन ने सोमवार को इसे "बेहद परेशान करने वाली घटना" बताया है. उन्होंने कतर अधिकारियों के इस रवैये को अनुचित बताते हुए कहा, "यह बहुत, बहुत ही परेशान करने वाली, आपत्तिजनक और चिंता पैदा करने वाली घटना है. मैंने अपने जीवन में कभी ऐसा कुछ नहीं सुना है. हमने इस विषय में कतर अधिकारीयों को अपना रुख साफ बता दिया है."

पेन ने कहा कि आगे कोई भी कदम उठाने से पहले ऑस्ट्रलिया कतर के अधिकारियों के जवाब का इंतजार करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला संघीय पुलिस को सौंप दिया गया है लेकिन इस बारे में जानकारी नहीं दी कि ऑस्ट्रेलिया पुलिस इस मामले में किस तरह की कार्रवाई कर सकती है. पुलिस विभाग ने भी फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है.

बच्चे की मां का अब भी पता नहीं चल पाया है. मध्य पूर्व के अन्य देशों की तरह कतर में भी शादी के बाहर शारीरिक संबंध बनाना अपराध है. ऐसे में कई बार महिलाएं अपनी गर्भावस्था को छिपाने की कोशिश करती हैं और विदेश में जा कर बच्चा पैदा करती हैं या गर्भपात कराती हैं. कई मामलों में माएं अपने नवजात शिशु को लावारिस छोड़ देती हैं.(DW.COM)


26-Oct-2020 6:35 PM 14

श्रीनगर ,26 अक्टूबर | पीडीपी नेता टीएस बाजवा, वेद महाजन और हुसैन वफ़ा ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती को एक पत्र में उन्होंने लिखा कि वे "उनके कुछ कामों और अवांछनीय बयानों पर विशेष रूप से असहज महसूस कर रहे हैं, जो देशभक्ति की भावनाओं को आहत करते हैं."

लगभग 14 महीनों तक हिरासत में रहने के बाद इसी महीने महबूबा मुफ़्ती की नज़रबंदी ख़त्म करते हुए सरकार ने उन्हें रिहा किया था. उसके बाद महबूबा ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वो भारत के संविधान की जगह अपनी पार्टी के मैनिफ़ेस्टो को लागू करना चाहती है.

बीते शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि पाँच अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को ख़त्म कर दिया था और जम्मू-कश्मीर राज्य को ख़त्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेश में बाँट दिया था.

महबूबा मुफ़्ती ने भारत सरकार के फ़ैसले को 'डाकाज़नी' क़रार दिया था और कहा था, "जब तक हमलोगों को अपना (जम्मू-कश्मीर) झंडा वापस नहीं मिल जाता, हमलोग भारतीय झंडे को भी नहीं उठाएंगे."(https://www.bbc.com/hindi)


26-Oct-2020 6:30 PM 14

मुंबई ,26 अक्टूबर | फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाने और बाद में उनके खिलाफ रेप का केस दर्ज कराने वाली एक्ट्रेस पायल घोष ने रामदास आठवले की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) में शामिल हुईं. पायल घोष के साथ-साथ इस मामले में उनके कानूनी सलाहकार बने वकील नितिन सातपुते भी पार्टी की सदस्यता लेने की भी अटलकलें हैं..

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अटकलें लगाई जा रही हैं कि रामदास आठवले पायल घोष को पार्टी की महिला मोर्चा का उपाध्यक्ष बना सकते हैं. जबकि उनके वकील को आरपीआई की एडवोकेट विंग का प्रदेश उपाध्यक्ष बना सकते हैं. पायल घोष के आरपीआई में जाने से हर कोई हैरान है. लेकिन ऐसी अटकले काफी वक्त से लगाई जा रही थी. यौन शोषण मामले में रामदास ने पायल घोष का काफी साथ दिया है.

यहां देखिए पार्टी की सदस्यता लेते पायल घोष-

न्याय की मांग को लेकर महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात

बता दें कि पायल घोष ने जब फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर आरोप लगाए थे, तब रामदास आठवले ने उनके न्याय के लिए मांग उठाई. पायल घोष के समर्थन में उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्मों का बहिष्कार करने की भी बात कही थी. इतना ही नहीं, पिछले महीने भी पायल घोष और रामदास आठवले ने यौन शोषण मामले में एक्ट्रेस को न्याय दिलान के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राजभवन में मुलाकात की थी.

अनुराग कश्यप की गिरफ्तारी की मांग

राज्यपाल से मुलाकात के बाद आठवले ने पायल घोष के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी और कश्यप की गिरफ्तारी की मांग की थी. बता दें अभिनेत्री ने कश्यप पर सात साल पहले उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया है. इससे पहले इस मामले में मुंबई पुलिस ने पायल घोष की शिकायत पर अनुराग कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. पायल घोष के अपने वकील नितिन सातपुते के साथ पुलिस से शिकायत करने के बाद वर्सोवा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी.()


26-Oct-2020 6:24 PM 17

श्रीनगर,26 अक्टूबर | जम्मू-कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी  के तीन नेताओं ने अपनी पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान से नाराजगी जताते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इन तीनों नेताओं का कहना है कि महबूबा के बयान से उनकी देशभक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं. पीडीपी के नेता टीएस बाजवा, वेद महाजन और हुसैन ए वफा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को लिखे पत्र में इन्होंने लिखा है, 'वे उनके कुछ कार्यों और अवांछनीय कथनों पर विशेष रूप से असहज महसूस कर रहे हैं, जो देशभक्ति की भावनाओं को आहत करते हैं.'

दरअसल महबूबा मुफ्ती ने कहा था, "हम राष्ट्रीय ध्वज को तभी उठाएंगे, जब हमारे राज्य के ध्वज को वापस लाया जाएगा. राष्ट्रीय ध्वज केवल इस (जम्मू और कश्मीर) ध्वज और संविधान वजह से है. हम इसी ध्वज के कारण देश के बाकी हिस्सों से जुड़े हुए हैं."  

महबूबा की टिप्पणियों के विरोध में जम्मू और कश्मीर में बीजेपी ने आज "तिरंगा (झंडा) मार्च" आयोजित किया. एक फ्लैग मार्च श्रीनगर में और दूसरा जम्मू में आयोजित किया गया, बुलेट-प्रूफ कारों और पुलिस की जीपों के साथ तिरंगा झंडे लहराते हुए बीजेपी कार्यकर्ता दिखाई दिए.

पीडीपी दफ्तर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लहराया तिरंगा

भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पीडीपी (PDP) के जम्मू कार्यालय पर तिरंगा फहरा दिया. सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता यहां तिरंगा लेकर इकट्ठा हुए थे और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री पीडीपी महबूबा मुफ्ती के बयान का विरोध कर रहे थे. इस दौरान पुलिस वहां मूकदर्शक बनकर खड़ी रही. भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए दोपहर को पीडीपी कार्यालय पहुंचे. इनमें से कई पीडीपी के झंडे वाले खंभे के पास की दीवार पर चढ़ गए. कार्यकर्ताओं ने फिर पोल पर तिरंगा झंडा लहरा दिया.

कानून मंत्री ने दिया महबूबा को जवाब

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसके जवाब में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 370 की बहाली कभी नहीं होगी. पार्टी ने महबूबा पर राष्ट्रविरोधी बयान देने का आरोप लगाया था. पार्टी ने पीडीपी प्रमुख के तिरंगे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की थी. वहीं कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को राष्ट्रीय ध्वज को लेकर भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बचने की सलाह दी थी.

बता दें कि शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी पार्टी पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए गए विशेष राज्य के दर्जे को फिर से पाने के लिए कोई भी संवैधानिक लड़ाई लड़ना नहीं छोड़ेगी. महबूबा ने केंद्र पर हमलावर अंदाज में कहा, "एक डाकू पराक्रमी हो सकता है लेकिन उसे चोरी का सामान वापस करना होगा. उन लोगों ने संविधान को ध्वस्त कर दिया... संसद के पास ये शक्ति नहीं कि वो विशेष दर्जा छीन सके." महबूबा ने कहा कि जो लोग ये सोच रहे हैं कि हम कश्मीर को छोड़ देंगे वो बड़ी गलती कर रहे हैं.(https://khabar.ndtv.com/)


26-Oct-2020 6:16 PM 13

मुंबई,26 अक्टूबर | कांग्रेस द्वारा विनायक दामोदर सावरकर की आलोचना पर चुप्पी के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधे जाने के एक दिन बाद शिवसेना ने पलटवार करते हुए सोमवार को पूछा कि भाजपा (BJP) ने पूर्व हिंदुत्व विचारक को अब तक भारत रत्न क्यों नहीं दिया? कांग्रेस राज्य में महा विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना की सहयोगी है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इस गठबंधन में तीसरा सहयोगी दल है.

संवाददाताओं से शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न “महान और हिंदुत्ववादी नेता” सावरकर को दिया जाना चाहिए. शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली  के दौरान रविवार को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे  ने कोविड-19 की स्थिति की वजह से विशाल शिवाजी पार्क की जगह यहां दादर इलाके में सावरकर हॉल में अपना संबोधन दिया था.

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने बाद में सत्ताधारी दल पर सत्ता के लिए हिंदुत्व से समझौते का आरोप लगाया. उपाध्ये ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस द्वारा सावरकर की आलोचना पर एक शब्द नहीं कहा और अब उन्हें सावरकर प्रेक्षागृह से दशहरा रैली को संबोधित करना पड़ा.” उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने सोमवार को कहा कि शिवसेना “कभी सावरकर से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं रही और कभी ऐसा करेगी भी नहीं.”

भाजपा का नाम लिए बगैर साधा निशाना

भाजपा का नाम लिए बगैर राउत ने कहा कि पार्टी को सावरकर पर शिवसेना के रुख को लेकर इतिहास खंगालना चाहिए. राज्यसभा सदस्य ने कहा, “वीर सावरकर हमेशा से शिवसेना और हिंदुत्व के प्रेरक रहे हैं. जो लोग हम पर सवाल उठा रहे हैं…वे वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं देते?” राउत ने जानना चाहा, “आपने अपने पिछले छह साल से शासन में कई लोगों को यह पुरस्कार दिया. वीर सावरकर को भारत रत्न देने में आपको क्या परेशानी थी?”

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद पिछले साल शिवसेना ने राज्य में लंबे समय से उसकी सहयोगी रही भाजपा का दामन छोड़ दिया था. शिवसेना ने सत्ता में साझेदारी और बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालने के मुद्दे पर एक राय न होने के बाद यह कदम उठाया था.(https://hindi.news18.com/)


26-Oct-2020 6:12 PM 13

तमिलनाडु,26 अक्टूबर | तमिलनाडु में NEET काउंसलिंग में 50 फीसदी OBC कोटा की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. AIDMK ने मेडिकल एडमिशन 2020-21 के लिए ओबीसी का पचास फीसदी आरक्षण कोटा लागू करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की थी. सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को 2020-21 के शैक्षणिक वर्ष के लिए स्नातक, परास्नातक और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में अखिल भारतीय कोटा में राज्य की मेडिकल सीटों पर तमिलनाडु में 50 प्रतिशत कोटा OBC को देने की अंतरिम प्रार्थना को ख़ारिज कर दिया.

जस्टिस एल नागेश्वर राव, हेमंत गुप्ता और अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के लिए 50 फीसदी कोटा लागू करने की दलीलों वाली अंतरिम प्रार्थना को खारिज कर दिया. तमिलनाडु सरकार और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने 27 जुलाई को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) की मेडिकल सीटों के तहत गैर केंद्रीय संस्थानों में ओबीसी आरक्षण के लिए डेक को क्लियर किया गया था. केंद्र को प्रतिशत निर्धारण के लिए तीन माह का समय दिया गया था.

राज्य सरकार और सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पार्टी ने अपने सीमित बिंदु में यह कहते हुए राहत मांगी थी कि उच्च न्यायालय ने यह निर्दिष्ट नहीं किया था कि चालू शैक्षणिक वर्ष में ही ओबीसी कोटा लागू किया जाना चाहिए. केंद्र ने तर्क दिया कि मौजूदा शैक्षणिक वर्ष में 50 प्रतिशत कोटा लागू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा.

13 जुलाई को शीर्ष अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट को तमिलनाडु सरकार सहित उन सभी याचिकाओं पर फैसला करने को कहा जो केंद्र द्वारा राज्य की मेडिकल सीटों में 50 फीसदी आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर की गई थी. यह मांग 2020-21 सेशन की स्नातक और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए थी. राज्य सरकार ने 2 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए आग्रह किया था कि वे हाई कोर्ट को फैसला देने के लिए निर्देशित करे. राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने तमिलनाडु के कानून के अनुसार ओबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण नहीं देने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी.(https://hindi.news18.com/)


26-Oct-2020 6:08 PM 11

मौतें-1818, एक्टिव-23743, डिस्चार्ज-150398

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 26 अक्टूबर। प्रदेश में कोरोना मरीज एक लाख 76 हजार आसपास पहुंच गए हैं। बीती रात मिले 1 हजार 368 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 1 लाख 75 हजार 959 हो गई है। इसमें से 1818 मरीजों की मौत हो गई है। 23 हजार 743 एक्टिव हैं और इनका एम्स समेत अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा है। 1 लाख 50 हजार 398 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट गए हैं। सैंपलों की जांच जारी है। 

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में कोरोना संक्रमण जारी है और नए पॉजिटिव ढाई-तीन हजार आसपास से घटकर अब डेढ़ हजार से भी कम हो गए हैं। बुलेटिन के मुताबिक बीती रात 8 बजे 1 हजार 368 नए पॉजिटिव सामने आए। इसमें रायपुर जिले से सबसे अधिक 144 मरीज पाए गए। बिलासपुर से 143 व कोरबा से 124 मरीज मिले।  दुर्ग जिले से 89, राजनांदगांव-57, बालोद-38, बेमेतरा-16, कबीरधाम-21, धमतरी-78, बलौदाबाजार-22, महासमुंद-25, गरियाबंद-18,  रायगढ़-87, जांजगीर-चांपा-99, मुंगेली-16, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-3, सरगुजा-45, कोरिया-9, सूरजपुर-37, बलरामपुर-9, जशपुर-6, बस्तर-66, कोंडागांव-20, दंतेवाड़ा-64, सुकमा-41, कांकेर-47, नारायणपुर-23, बीजापुर जिले से 17 व अन्य राज्य से 4 मरीज सामने आए हैं। ये मरीज आसपास के कोरोना अस्पतालों में भेजे जा रहे हैं। इनके संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान जारी है। 

दूसरी तरफ कल 8 लोगों की मौत हो गई। इसमें 3 की मौत कोरोना से और 5 की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से हुई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को महासमुुंद, सरगुजा, दुर्ग, कोरबा जिले के अस्पतालों से पूर्व में हुई 17 और मौतों की जानकारी मिली है। इसमें 8 की कोरोना और 9 की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से हुई है। इस तरह कल 25 लोगों की मौत दर्ज की गई है। स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि प्रदेश में प्रदेश में नए पॉजिटिव पहले से कम हुए हैं, लेकिन संक्रमण जारी है। लगातार सतर्कता बरती जाए  तो ये पॉजिटिव और कम हो सकते हैं। 


26-Oct-2020 6:07 PM 15

भदोही,26 अक्टूबर | बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद इऩ दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं. ताजा मामला यूपी के भदोही जिले का है. जहां अभिनेता सोनू सूद के प्रयास से एक युवती की जिंदगी बच गई. भदोही जिले की युवती की हरियाणा में करनाल के एक निजी अस्पताल में सर्जरी (रीढ़ की टूटी हड्डी) हुई है. इसका पूरा खर्चा सोनू सूद ने उठाया है. डॉक्टरों के अनुसार, उनका ऑपरेशन सफल रहा और जल्द ही ठीक होकर घर लौटेंगी.

दरअसल भदोही जिले के घोषिया की रहने वाली युवती ने आर्थिक तंगी और पिता के अत्याचारों से तंग होकर ट्विटर के माध्यम से फिल्म अभिनेता सोनू सूद को गुहार लगाई थी, जिस पर अभिनेता ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया था. सोनू सूद की टीम भी लगातार फोन करके हालात जान रही है. अस्पताल के न्यूरो रिकवरी विभाग के टीम सदस्य जसबीर ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा. सर्जरी के कारण युवती से बात नहीं करवा सकते. बता दें कि भदोही जनपद के घोसिया की रहने वाली प्रतिभा नाम की युवती की मदद के लिए सोनू सूद सामने आए थे. कुछ वर्ष पहले अपने पिता की अश्लील हरकतों से परेशान होकर युवती घर छोड़कर चली गई थी.

नोएडा में युवती ब्यूटी पार्लर में काम कर रही थी. इसी दौरान बस से सफर करने के दौरान एक हादसे में उसको चोट लग गई थी जिसकी वजह से उसे बोन टीवी हो गया था. आर्थिक तंगी की वजह से युवती अपने घर भदोही आ गई लेकिन वह अपना इलाज नहीं करा पा रही थी. सोशल मीडिया पर युवती ने मदद की गुहार लगाई थी जिसके बाद फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने मदद का आश्वासन दिया था और भदोही के स्वास्थ्य विभाग ने भी इलाज शुरू करा दिया था.(https://hindi.news18.com/)


26-Oct-2020 6:02 PM 14

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर | भारत दौर पर आए अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच सोमवार को विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक शुरू हुई। साउथ ब्लॉक में वार्ता अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर और उनके भारतीय समकक्षों, विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच 2 प्लस 2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के तीसरे संस्करण का हिस्सा है।

महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों, जिसमें भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख में उसके आक्रामक व्यवहार-वार्ता में शामिल होंगे।

दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए, चार सैन्य संचार मूलभूत समझौतों में से अंतिम, जियोस्पेशियल कोऑपरेशन (बीईसीए) के लिए बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौते, अमेरिका के साथ किए जाने की उम्मीद है।

यह काफी हद तक जियोस्पेशल इंटेलिजेंस और रक्षा के लिए नक्शे और उपग्रह चित्रों की जानकारी साझा करने के बारे में है।

दोनों देशों द्वारा समुद्री सूचना साझाकरण तकनीकी व्यवस्था पर भी हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

--आईएएनएस


26-Oct-2020 5:51 PM 6

इस्लामाबाद, 26 अक्टूबर | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामोफोबिया पर अपनी टिप्पणी को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनानेल मैक्रों की आलोचना करते हुए कहा कि 'आगे के लिए ध्रुवीकरण और हाशिए पैदा करना, अनिवार्य रूप से कट्टरता की ओर लेकर जाता है।' खान मैक्रों के 21 अक्टूबर के बयान का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि 'फ्रांस कार्टून को लेकर हार नहीं मानेगा।' उन्होंने यह टिप्पणी सैमुअल पैटी को श्रद्धांजलि देते हुए की थी।

गौरतलब है कि सैमुअल पैटी की इस महीने पैगंबर मुहम्मद का कार्टून दिखाने को लेकर सिर काट कर हत्या कर दी गई थी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कई ट्वीट के माध्यम से कहा, "एक नेता की पहचान इंसानों को एकजुट करना है, जैसा कि (नेल्सन) मंडेला ने किया था, न कि उन्हें विभाजित करना। लेकिन एक आज का समय है, जब राष्ट्रपति मैक्रों देश से रेसिज्म, ध्रुवीकरण हटाने की बजाय अतिवादियों को हीलिंग टच और अस्वीकृत स्थान देने में लगे हैं, जो निश्चित रूप से उनकी कट्टरवादी सोच को दिखाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह हिंसा करने वाले आतंकवादियों, भले ही वह मुसलमान, श्वेत वर्चस्ववादी या नाजी विचारक वाला हो, उस पर हमला करने के बजाय इस्लाम पर हमला करके इस्लामोफोबिया को प्रोत्साहित कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अफसोस की बात है कि राष्ट्रपति मैक्रों इस्लाम और हमारे पैगंबर को निशाना बनाने वाले ईशनिंदा कार्टून के प्रदर्शन को बढ़ावा दे रहे हैं अपने स्वयं के नागरिकों सहित मुसलमानों को जानबूझकर भड़कने पर मजबूर कर रहे हैं।"

इमरान खान ने आगे कहा, "बिना इस्लाम को सही तरह से जाने उस पर हमला करके राष्ट्रपति मैक्रों ने यूरोप और दुनियाभर में लाखों मुसलमानों की भावनाओं पर हमला किया और उन्हें चोट पहुंचाई।"

उन्होंने आगे कहा, "आखिरी चीज जिसे दुनिया चाहती है या जरूरत है, वह और अधिक ध्रुवीकरण है। अज्ञानता पर आधारित सार्वजनिक बयान अधिक नफरत, इस्लामोफोबिया के साथ चरमपंथियों के लिए जगह बनाएंगे।"

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा खान ने रविवार को सोशल मीडिया, फेसबुक को इस्लामोफोबिया पर प्रतिबंध लगाने और इस्लाम के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर प्रतिबंध लगाने के लिए भी लिखा।

---आईएएनएस


Previous123456789...389390Next