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13-Aug-2020 4:25 PM

रायपुर, 13 अगस्त। राज्य शासन ने समाज कल्याण विभाग के आठ अधिकारियों का आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थापना आदेश जारी किया है। मंत्रालय महानदी भवन से समाज कल्याण विभाग द्वारा इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है। अधीक्षक सुश्री सुचिता मिंज प्रभारी उप संचालक तथा अधीक्षक शासकीय श्रवण बाधितार्थ विद्यालय जशपुर को प्रभारी उप संचालक जिला जशपुर के पद पर पदस्थ किया गया हैै। सहायक संचालक नदीम काजी प्रभारी उप संचालक कोण्डागांव को प्रभारी उप संचालक बालोद, सहायक संचालक धर्मेंद्र साहू प्रभारी उप संचालक महासमुंद को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है। इसी तरह अधीक्षक श्रीमती संगीता सिंह शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधित विद्यालय मठपुरैना, रायपुर को प्रभारी उप संचालक, महासमुंद, अधीक्षक श्रीमती वैशाली मरड़वार श्रवण बाधित विद्यालय, धमतरी को प्रभारी उप संचालक जिला बस्तर, अधीक्षक अरविंद गेडाम, शासकीय बौद्धिक मंदता विद्यालय बीजापुर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, श्रीमती बेनेदिक्ता तिर्की, अधीक्षक बौद्धिक मंदता विद्यालय, नारायणपुर को प्रभारी उप संचालक, सूरजपुर और उपसंचालक आर.एन. बोस उप संचालक, राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र रायपुर को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक के पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है।


13-Aug-2020 4:24 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अगस्त।
राज्य दुग्ध महासंघ के संचालक मंडल को भंग कर दिया गया है। दुर्ग  संभाग के आयुक्त टीसी महावर को महासंघ का प्राधिकृत अधिकारी बनाया गया है। गुरूवार को उन्होंने पदभार ग्रहण किया है। उल्लेखनीय है कि सहकारिता पंजीयक ने महासंघ में अनियमितता की शिकायत की जांच के बाद कुछ संचालकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ के अध्यक्ष रसिक परमार ने पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था। 


13-Aug-2020 4:05 PM

‘छत्तीसगढ़’ न्यूज डेस्क
ब्राजील से चीन में आयात किए गए चिकन-विंग्स की जांच में वे कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। जब आयातित चिकन की कोरोना जांच की गई तो चीन के शेंजेन के अफसरों ने उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया। यह पूरा का पूरा आयातित स्टॉक सील कर दिया गया है। अब चीनी अधिकारी किसी ब्रांड के दूसरे आयातित सामानों, और उन्हें रखने वाले कोल्ड स्टोरेज की जांच कर रहे हैं कि कोरोना उनमें तो कहीं नहीं पहुंचा है। ब्राजील में अब तक 31 लाख कोरोना पॉजिटिव निकल चुके हैं जो कि दुनिया में अमरीका के बाद दूसरा नंबर है। इसके एक दिन पहले एक और दक्षिण अमरीकी देश इक्वाडोर से चीन पहुंची झींगा मछलियां कोरोना पॉजिटिव मिली थीं। (सीएनएन)

 


13-Aug-2020 2:58 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

विश्रामपुरी/केशकाल, 13 अगस्त। बीती रात राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशकाल ब्लॉक के ग्राम आंवरभाठा के समीप शासकीय सूमो और कार के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई। हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कार में सवार अन्य दो युवकों की रायपुर ले जाने के दौरान मौत हो गई। साथ ही सूमो सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव में उपचार किया जा रहा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार में सवार 3 युवक रज्जू पांडेय (45), संतोष पाटिल (38) व अनिल सिन्हा (40) तीनों केशकाल के निवासी है, वहीं अनिल सिन्हा केशकाल नगर पंचायत पार्षद भूपेश सिन्हा के बड़े भाई हैं। तीनों कार क्रमांक सीजी 04 डीई 5000 में नारायणपुर से केशकाल की ओर आ रहे थे तथा वन विभाग के दो कर्मचारी सूमो वाहन में रायपुर से कोंडागांव की ओर जा रहे थे। तभी रात लगभग 10 बजे केशकाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आंवरभाठा के समीप दोनों वाहनों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए, वहीं कार चालक रज्जू पांडेय की मौके पर ही मृत्यु हो गई। 

घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल फरसगांव पुलिस मौके पर पहुंची तथा दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवा कर यातायात बहाल किया गया। कार में सवार अन्य दो युवक अनिल सिन्हा व संतोष पाटिल को 108 से फरसगांव अस्पताल ले जाया गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर भेज दिया गया था कि केशकाल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर शासकीय सूमो में सवार दोनों कर्मचारियों के पैर में चोट आई है, जिनका फरसगांव अस्पताल में इलाज जारी है।
 
बताया जा रहा है कि केशकाल निवासी रज्जू पांडेय, अनिल सिन्हा व संतोष पाटिल निजी कार्य हेतु नारायणपुर गए हुए थे, जो वापसी के दौरान आंवरभाठा के समीप दुर्घटना हुई है, जिसके चलते तीनों की मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही नगर में शोक की लहर छायी हुई है। उक्त तीनों मृतक केशकाल के अलग-अलग वार्डों के निवासी हैं। तीनों मृत युवकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।


13-Aug-2020 1:11 PM

मौतें-109, एक्टिव-3935, डिस्चार्ज-9508

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अगस्त।
प्रदेश में कोरोना मरीज साढ़े 13 हजार पार हो गए हैं। बीती रात सामने आए 492 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 13 हजार 552 हो गई है। इसमें से 109 मरीजों की मौत हो चुकी है। 3 हजार 935 एक्टिव हैं, जिनका एम्स समेत अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। 9 हजार 508 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट गए हैं। सैंपलों की जांच जारी है। 

प्रदेश में कोरोना का कहर लगातार जारी है और बीती रात में अब तक के सबसे अधिक मरीज दर्ज किए गए हैं। खासकर राजधानी रायपुर एवं आसपास क्षेत्र में रोज नए पॉजिटिव मिल रहे हैं। बुलेटिन के मुताबिक बीती रात 8.30 बजे 313 नए पॉजिटिव सामने आए। इसमें रायपुर जिले रायपुर से सबसे अधिक हैं। बुलेटिन के मुताबिक बीती रात 9 बजे 438  पॉजिटिव की  पहचान  की  गई  है। इसमें रायपुर जिले से 154,  राजनांदगांव  से  55,  रायगढ़  से  41,  दुर्ग  से  29,  बस्तर  से  26,  सुकमा  से  19, बिलासपुर  से  17,  नारायणपुर  से  14,  जशपुर  से  13,  कोरबा  से  11,  बलौदाबाजार  व सूरजपुर से 10-10, जांजगीर-चांपा से 9, महासमुंद से 6, बालोद व कांकेर से 5-5, धमतरी, बेमेतरा व अन्य राज्य से 3-3, बीजापुर से 2 एवं गरियाबंद, मुंगेली व सरगुजा से 1-1 मरीज शामिल रहे।

इसके बाद रात 10.45 बजे 54 और नए  पॉजिटिव मिले। इसमें रायपुर जिले से  28,  बेमेतरा  से  20,  दुर्ग  से 2 एवं  राजनांदगांव, महासमुंद,  गरियाबंद  व  रायगढ़  से 1-1  मरीज शामिल रहे। दूसरी तरफ पांच मरीजों की मौत हो गई। इसमें रायपुर से तीन एवं भिलाई-दुर्ग से दो मरीज शामिल रहे। इन सभी के संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान की जा रही है।
 
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीती रात में 269 मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज किए गए। बाकी करीब 4 हजार मरीजों का इलाज जारी है। दूसरी तरफ, प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेकर उसकी जांच कराई जा रही है। बीती रात तक 3 लाख 94 हजार के आसपास सैंपलों की जांच पूरी कर ली गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में 10 हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच हो सकेगी। इससे मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। 


13-Aug-2020 12:12 PM

अनामिका सिंह
मथुरा, 13 अगस्त।
कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सर्दी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत है, जिसके बाद उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया। कोरोना के लक्षण मिलने के बाद उनका जांच किया गया जिसमें वे संक्रमित पाए गए। इसकी सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम मथुरा और मेदांता अस्पताल के डॉ त्रेहान से उन्हें मेडिकल सुविधा मुहैया करवाने के निर्देश दिए।

महंत कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा पहुंचे थे, जहां उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बुखार और सांस लेने में तकलीफ है। आनन-फानन में डॉक्टरों को बुलाया गया। तबीयत बिगडऩे के बाद डीएम मथुरा समेत आगरा के सीएमओ व अन्य डॉक्टर इलाज के लिए सीताराम आश्रम पहुंचे। साथ ही कोविड-19 की टीम भी आश्रम पहुंची।

महंत नृत्य गोपाल दास के एक शिष्य ने बताया कि महाराज जी करीब 700 किमी की दूरी तय कर यहां पहुंचे हैं। सफर की थकान और मौसम में बदलाव की वजह से उन्हें सर्दी जुखाम की शिकायत है। डीएम समेत सीएमओ मौजूद हैं। महाराज जी की कोरोना जांच हुई है। फिलहाल महाराज जी ठीक महसूस कर रहे हैं। उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट कराया जा सकता है।

उधर महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगडऩे की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फोन पर उनका हाल जाना। उन्होंने नृत्य गोपाल दास के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मंगलवार शाम मथुरा पहुंचे थे। वे अपने साथ सरयू नदी का पावन जल लेकर आए थे। इस बार कृष्ण जन्मस्थान पर कान्हा का तीन नदियों के जल से अभिषेक किया गया।  (hindi.news18.com)


13-Aug-2020 12:03 PM

पीलीभीत, 13 अगस्त (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी नींद में खलल डाल रहे पिता के खरार्टे की वजह से उनकी हत्या कर दी। राम स्वरूप के बड़े बेटे नवीन ने पिता द्वारा खर्राटा लेने पर एक मोटे डंडे से उनके सिर पर वार किया। घायल पीड़ित (65) को पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पीड़ित के छोटे बेटे मनोज द्वारा बड़े भाई के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने नवीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना मंगलवार की रात को सोंधा गांव में हुई। घटना की रात मनोज अपनी मां के साथ अपने मामा के घर गया था।

सेरामऊ नॉर्थ एसएचओ पुष्कर सिंह ने कहा कि आरोपी पहले भी पिता के खराटरें की आदत की वजह से उनसे दुर्व्यवहार और मारपीट करता था।


13-Aug-2020 12:01 PM

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को ट्रांसपेरेंट टैक्सेशनए ऑनरिंग द ऑनेस्ट यानी पारदर्शी कराधान ईमानदारों का सम्मान नाम से एक प्लेटफॉर्म लांच किया। प्रधानमंत्री ने पारदर्शी कर व्यवस्था के लिए एक नए मंच का शुभारंभ किया है जो केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे कर सुधार के कार्यक्रमों में एक नया कदम है। 

वित्तंत्रालय की ओर से विगत वर्षों के दौरान आयकर विभाग ने कर संबंधी कई बड़े सुधार किए हैं। मसलनए पिछले साल कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती की गई। कॉरपोरेट कर की दर 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दी गई जबकि नये विनिर्माण इकाइयों के लिए 15 फीसदी कर दी गई। लाभांश वितरण कर को भी समाप्त कर दिया गया। इसके अलावा प्रत्यक्ष कर कानून को सरल बनाने का भी प्रयास किया गया है। आयकर विभाग की कार्यप्रणाली को सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (डीआईएन) को लागू करना शामिल है। इसमें विभाग की ओर से सारे पत्राचार यानी कम्युनिकेशन में अधिक पारदर्शिता लाना शामिल है।


13-Aug-2020 11:53 AM

नई दिल्ली,13 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी से टैक्‍स देने वालों को पुरस्कृत करने के लिए आज डायरेक्‍ट टैक्‍स रिफॉर्म्‍स के अगले चरण की शुरूआत की. पीएम ने बताया कि फेसलेस एसेसमेंट और टैक्सपेयर चार्टर जैसे बड़े सुधार आज से लागू हो गए है. प्रधानमंत्री ने कहा देश में चल रहा स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है. 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की इस नई व्यवस्था का आज लोकार्पण किया गया है. इस प्लेटफॉर्म में Faceless Assessment, Faceless Appeal और Taxpayers Charter जैसे बड़े रिफॉर्म्स हैं. Faceless Assessment और Taxpayers Charter आज से लागू हो गए हैं.

बीते 6 वर्षों में हमारा फोकस रहा है, Banking the Unbanked, Securing the Unsecured
और, Funding the Unfunded है. ईमानदार का सम्मान. देश का ईमानदार टैक्सपेयर्स राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. जब टैक्सपेयर्स का जीवन आसान बनता है, वह आगे बढ़ता है तो देश भी आगे बढ़ता है. आज से शुरू हो रही नई व्यवस्थाएं मिनिमम गर्वनेंट और मैक्सिम गर्वनेंस की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है. देशवासियों के जीवन से सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.

विदेशी निवेशकों का विश्वास का भारत पर बढ़ा- पीएम ने कहा, विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर बढ़ रहा है. कोरोना संकट के दौरान भी भारत में बड़े पैमाने पर FDI का आना इसका सबूत है.

1500 से ज्यादा कानूनों को समाप्त किया गया-सोच और एप्रोच दोनों बदल गई है. हमारे लिए सुधार का मतलब है, यह नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो और एक सुधार दूसरे का आधार बने. ऐसा नहीं है कि एक बार सुधार करके रुक गए. यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है. बीते कुछ वर्षों में देश में 1500 से ज्यादा कानूनों को समाप्त किया गया है. ईज आफ डूइंग में भारत कुछ साल पहले 134वें नंबर पर था. आज भारत की रैंकिंग 63 है. इसके पीछे सुधार है.

लोगों पर आधारित और उनके जरूरत के हिसाब से नियम बनाए जा रहे हैं. इसके सुखद परिणाम भी देश को मिल रहे हैं. आज हर किसी को यह अहसास हुआ है कि शार्टकार्ट ठीक नहीं है. गलत तौर-तरीके अपनाना सही नहीं है. वो दौर अब पीछे चला गया है.

अब देश में माहौल इस ओर आगे बढ़ रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए सारे काम होने चाहिए. सवाल ये है कि ये बदलाव आखिर कैसे आ रहा है. क्या ये सिर्फ सख्ती से आया है, क्या सजा देने से आया है. जी नहीं, बिल्कुल नहीं.

मोटे तौपर कहूं तो चार बड़े कारण है. पालिसी ड्रिवन सरकार- नीति जब स्पष्ट होती है तो ग्रे एरिया कम हो जाते हैं. दूसरा, सामान्य जन की ईमानदारी पर विश्वास, तीसरा-सरकारी सिस्टम में मानव के काम को कम करके तकनीक का बड़ा इस्तेमाल और चौथा- हमारी सरकारी मशीनरी ब्यूरोक्रसी में काम करने वाले लोगों को को पुरस्कृत किया जा रहा है.

टैक्स सुधार पर बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि टैक्स मामलों को लेकर नए कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है. आयकर विभाग ने कई अहम रिफॉर्म किए है. टैक्स भुगतान प्रक्रिया सरल बनाने का काम जारी है. कोरोना महामारी को देखते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाई गई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम का मिशन ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देना है. इससे चीजों में पारदर्शिता आएंगी.आयकर विभाग और टैक्सपेयर्स में तालमेल होगा.पिछले साल कारपोरेट टैक्स 30 से 20 फीसदी किया गया. आयकर विभाग ने कई सारे टैक्स सुधार लागू किए हैं. करदाताओं को सम्मान देना पीएम की इच्छा है.

टैक्स सुधारों को लेकर सरकार ने उठाए कई बड़े कदम-केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल के वर्षों में प्रत्यक्ष करों में कई बड़े टैक्‍स सुधार लागू किए हैं. पिछले वर्ष कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया गया. साथ ही नई विनिर्माण इकाइयों के लिए इस दर को और भी अधिक घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया. 'डिविडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स' को भी हटा दिया गया.

टैक्‍स रिफॉर्म्‍स के तहत दरों (tax Rates) में कमी करने और प्रत्यक्ष कर कानूनों को आसान बनाने पर जोर रहा है. आयकर विभाग के काम में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए भी केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से कई पहल की गई हैं.

कोविड-19 संकट के बीच उठाए गए ये कदम -करदाताओं की शिकायतों और मुकदमों में तेजी से कमी लाने के लिए विभिन्‍न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दाखिल करने के लिए शुरुआती मौद्रिक सीमाएं भी बढ़ा दी गई हैं. डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) और भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक (E-Payments) तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं. आयकर विभाग ने कोरोना संकट (Coronavirus Crisis) के बीच इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है. वहीं, तेजी से इनकम टैक्‍स रिफंड जारी किए गए हैं. (hindi.news18.com)


13-Aug-2020 11:33 AM

नई दिल्ली, 13 अगस्त। ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक नए खास प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म का नाम ‘ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन : ऑनरिंग द ऑनेस्ट’ दिया गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की शुरुआत है, जिसमें फेसलैस असेसमेंट-अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे बड़े रिफॉर्म हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि इनमें कुछ सुविधा अभी से लागू हो गई है, जबकि पूरी सुविधा 25 सितंबर से शुरू होगी। प्रधानमंत्री बोले कि पिछले कुछ वक्त में हमने इन मसलों पर फोकस किया है, ये नई यात्रा की शुरुआत है। अब ईमानदार का सम्मान होगा, एक ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाता है। आज से शुरू हो रही नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्ननेंस को आगे बढ़ाती हैं। पीएम ने कहा कि इससे सरकार का दखल कम होगा।

प्रधानमंत्री बोले कि गलत तौर-तरीके सही नहीं है और छोटे रास्ते नहीं अपनाना चाहिए। हर किसी को कर्तव्यभाव को आगे रखते हुए काम करना चाहिए। पीएम ने कहा कि पॉलिसी स्पष्ट होना, ईमानदारी पर भरोसा, सरकारी सिस्टम में टेक्नोलॉजी का प्रयोग, सरकारी मशीनरी का सही उपयोग करना और सम्मान करना। पहले रिफॉर्म की बातें होती थीं, कुछ फैसले मजबूरी-दबाव में लिए जाते थे जिससे परिणाम नहीं मिलता था।

इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार की ओर से टैक्सपेयर्स को फायदा पहुंचाने के लिए इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है। जिसमें टेक्नोलॉजी, डाटा का इस्तेमाल किया गया है जिससे लोगों को आसानी होगी। आयकर विभाग ने इस कार्यक्रम के तहत टैक्सपेयर्स को कई तरह की छूट दी हैं, साथ ही उनके साथ न्याय करने का वादा किया है।

पीएम मोदी के नए प्रोग्राम का मुख्य फोकस इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स यानी व्यक्तिगत आयकरदाताओं पर है। इसमें ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

पिछले 3-4 हफ्तों में प्रधानमंत्री कार्यालय की देश के टैक्स अधिकारियों से कई दौर की बैठकों में फेसलेस अससेमेंट और पारदर्शिता आदि को लेकर चर्चा हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि फेसलेस असेसमेंट और अन्य कदमों से करदाताओं की परेशानी कम होगी ?और टैक्स व्यवस्था सरल होगी।

अक्सर उठती रही है मांग
गौरतलब है कि देश की कई संस्थाएं इनकम टैक्स व्यवस्था को खत्म करने या ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करने की मांग करती रही हैं। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी तो इनकम टैक्स को खत्म कर देने की ही बात करते रहे हैं। तमाम जानकार यह भी कहते हैं कि भारत में इनकम टैक्स देने वाले को कोई प्रोत्साहन नहीं है बल्कि उसे प्रताडऩा का शिकार होना पड़ता है।

कई एक्सपर्ट यह मांग करते रहे हैं कि टैक्सपेयर्स को उसी तरह से कुछ खास सुविधाएं देनी चाहिए जैसे कि कई विकसित देशों में मिलती हैं।

पीएम ने दी जानकारी
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी यह सोच रही है कि ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे टैक्सपेयर्स की कड़ी मेहनत से ही देश तरक्की कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद ट्वीट कर बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, गुरुवार सुबह 11 बजे ‘ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन : ऑनरिंग द ऑनेस्ट’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत होगी। यह कर प्रणाली में सुधार और सरलीकरण की दिशा में हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा। इससे बहुत से ईमानदार टैक्सपेयर्स को फायदा होगा जिनके कड़े परिश्रम की वजह से देश प्रगति कर रहा है।’

आयकरदाताओं की सुविधाओं पर है निरंतर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में आयकर विभाग ने खासकर व्यक्तिगत आयकरदाताओं की मुश्किलें कम करने के लिए कई तरह के उपाय किये हैं। करदाताओं के लिए अनुपालन को ज्यादा आसान करने के लिए आयकर विभाग अब ‘पहले से ही भरे हुए’ आयकर रिटर्न फॉर्म प्रस्तुत करने लगा है, ताकि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अनुपालन को और भी अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।

लंबित कर विवादों का समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम भी प्रस्तुत किया है जिसके तहत वर्तमान में विवादों को निपटाने के लिए घोषणाएं दाखिल की जा रही हैं।

करदाताओं की शिकायतों या मुकदमों में प्रभावकारी रूप से कमी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दाखिल करने के लिए आरंभिक मौद्रिक सीमाएं भी बढ़ा दी गई हैं।

इसी तरह, डिजिटल लेन-देन और भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं। यही नहीं, आयकर विभाग ने कोविड काल में करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए भी अनेक तरह के प्रयास किए हैं। इसके तहत रिटर्न दाखिल करने के लिए वैधानिक समयसीमा बढ़ा दी गई है और करदाताओं के हाथों में नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए तेजी से रिफंड जारी किए गए हैं। (aajtak.intoday.in)


13-Aug-2020 10:17 AM

अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), 13 अगस्त (आईएएनएस)| अपने पिता की मौत के लिए न्याय की मांग कर रहे दो अनाथ भाई-बहन ने आत्महत्या करने की धमकी दी है। इन बच्चों के पिता ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी। बच्चों की मांग है कि पिता को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर करने वाले लोगों पर मामला दर्ज किया जाए। अलीगढ़ के रहने वाले 16 साल के लड़के और उसकी 15 साल की बहन साल 2005 में अपनी मां को खो चुके थे और अब उनके पिता ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया है।

शहर के श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करने वाले उनके पिता कृष्ण दत्त शर्मा (38) ने 3 अगस्त को कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

मरने से पहले शर्मा ने साफ तौर पर अपने रिश्तेदारों को बताया था कि उनके कॉलेज के प्रिंसिपल और क्लर्क उनका वेतन जारी करने के लिए दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। जबकि कथित तौर पर वे उन्हें अपना आधा वेतन दे रहे थे और उसके बाद भी उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी जा रही थी।

शर्मा ने जहरीले पदार्थ का सेवन करते हुए एक वीडियो भी बनाया था और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था।

अलीगढ़ पुलिस ने बुधवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जबकि मामले में अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

भाई-बहन ने बताया, "हम पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अतुल शर्मा से मिले थे। उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि इस मामले की उचित जांच की जाएगी, लेकिन बुधवार रात को उनका तबादला कर दिया गया (इस घटना के बाद ही भाजपा विधायक की हत्या हो गई थी)। हमें नहीं पता कि अब हमारी मदद कौन करेगा।"

वहीं बच्चों के एक रिश्तेदार गौरव कुमार शर्मा ने बताया, "कृष्ण दत्त शर्मा के पिता की मौत के बाद उनकी जगह पर उन्हें 2007 में यह नौकरी मिली थी। मरने से पहले शर्मा ने मुझे बताया था कि प्रिंसिपल और क्लर्क उसे परेशान कर रहे थे और लगातार पैसे मांग रहे थे।"


13-Aug-2020 10:13 AM

वॉशिंगटन, 13 अगस्त (आईएएनएस)| जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 2 करोड़ और मौतों की संख्या 7.47 लाख से अधिक हो गई है। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के ताजा अपडेट के मुताबिक, गुरुवार की सुबह तक दुनिया में मामलों की कुल संख्या 2,05,50,481 और मरने वालों की संख्या बढ़कर 7,47,845 हो चुकी थी।

वहीं दुनिया में कोरोना का सबसे बुरा प्रकोप झेल रहे अमेरिका में सबसे अधिक संक्रमण के मामले 51,93,266 और मृत्यु संख्या 1,65,934 दर्ज हो चुकी है। इसके बाद ब्राजील 3,164,785 मामलों और 1,04,201 मौतों के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर है। कोरोना संक्रमण की बात करें तो विश्व में तीसरा स्थान भारत का है। यहां अब तक 23,29,638 मामले दर्ज हो चुके हैं।

मामलों की संख्या में इसके बाद रूस (9,00,745), दक्षिण अफ्रीका (5,68,919), मैक्सिको (4,98,380), पेरू (4,89,680), कोलंबिया (4,10,453), चिली (3,78,168), ईरान (3,33,699), स्पेन (3,29,780), यूके (3,15,564), सऊदी अरब (2,93,037), पाकिस्तान (2,85,921), अर्जेंटीना (2,68,574), बांग्लादेश (2,66,498), इटली (2,51,713), तुर्की (2,44,392), फ्रांस (2,44,088), जर्मनी (2,20,859), इराक (1,60,436), फिलीपींस (1,43,749), इंडोनेशिया (1,30,718), कनाडा (1,22,689), कतर (1,13,938) और कजाकिस्तान (1,00,855) हैं।

वहीं ऐसे देश जिनमें 10 हजार से अधिक मौतें हुईं हैं उनमें मेक्सिको (54,666), यूके (46,791), भारत (46,091), इटली (35,225), फ्रांस (30,375), स्पेन (28,579), पेरू (21,501), ईरान (18,988), रूस (15,231), कोलम्बिया (13,475), दक्षिण अफ्रीका (11,010) और चिली (10,205) शामिल हैं।


13-Aug-2020 9:57 AM

अमरीकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करते हुए कहा कि वो एक अयोग्य नेता हैं और जिन्होंने अमरीका के 'फटे हाल' बना दिया है.

मंगलवार को डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के अगले ही दिन कमला हैरिस ने जो बाइडन के साथ अपना संयुक्त चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया.

दोनों ने पहला चुनाव प्रचार बाइडन के गृह राज्य डेलवेयर के एक हाईस्कूल से शुरू किया.

तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में बाइडन का मुक़ाबला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगा.

कैलिफ़ोर्निया से सांसद कमला हैरिस पहली काली और दक्षिण एशियाई मूल की अमरीकी महिला हैं जो इस पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं.

कोरोना महामारी के कारण इस कार्यक्रम में आम लोगों को आने की इजाज़त नहीं थी, सिर्फ़ कुछ पत्रकारों को बुलाया गया था और उन्हें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना था.

बाइडन और हैरिस ख़ुद काले रंग का फ़ेस मास्क लगाए स्टेज पर आए.

इस मौक़े पर बाइडन ने कहा, "इस नवंबर को हमलोग जो चुनाव करते हैं वो बहुत ही लंबे समय के लिए अमरीका के भविष्य का फ़ैसला करेगा."

बाइडन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कमला हैरिस पर हमला शुरू कर दिया है और वो उनके बारे में बहुत ही घिनौनी बातें कर रहे हैं.

बाइडन ने कहा, "ये कोई आश्चर्य करने वाली बात नहीं है क्योंकि ट्रंप को शिकायत करना सबसे अच्छे से आता है, अमरीकी इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति से ज़्यादा."

बाइडन ने कहा, "क्या आपमें से कोई ये जानकर अचंभित हुआ कि डोनाल्ड ट्रंप को एक मज़बूत महिला से परेशानी हो रही है, या किसी भी मज़बूत महिला से."

बाइडन ने कोरोना महामारी, जलवायु परिवर्तन, बेरोज़गारी के मुद्दे पर और ट्रंप की 'विभाजनकारी नस्लीय राजनीति' पर जमकर हमला किया.

कमला हैरिस ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "यह अमरीका के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है. हमलगो जिस चीज़ की भी फ़िक्र करते हैं, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, बच्चे, किस तरह के देश में हम रहते हैं, ये सब कुछ दांव पर है."

हैरिस ने आगे कहा, "अमरीका नेतृत्व के लिए चिल्ला रहा है, लेकिन हमारे राष्ट्रपति अपनी फ़िक्र ज़्य़ादा करते हैं उन लोगों की तुलना में जिन्होंने इनको राष्टपति चुना था."

कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप को बराक ओबामा और जो बाइडन से इतिहास में सबसे ज़्यादा बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था मिली थी, लेकिन ट्रंप ने सब कुछ की तरह इसे भी सीधे ज़मीन पर ला दिया.

ट्रंप पर हमले जारी रखते हुए कमला हैरिस ने कहा, "जब आप किसी को चुनते हैं जो उस कुर्सी के योग्य नहीं है तो यही होता है, हमारा देश फटे हाल में है और दुनिया भर में हमारी प्रतिष्ठा भी ऐसी ही हो गई है."

राष्ट्रपति ट्रंप क्या कह रहे हैं?

बाइडन और हैरिस के संबोधन से पहले ट्रंप ने बाइडन पर हमला करते हुए कहा कि वो कोरोना महामारी के कारण पूरे प्रचार के दौरान घर पर ही रहे हैं.

उन्होंने व्हाइट हाउस में जमा शिक्षकों के एक समूह से पूछा कि क्या घर में आइसोलेशन में रहकर सीखना छात्रों के लिए अच्छा रहेगा.

अब आगे क्या होगा?

अगले सप्ताह होने वाले डेमोक्रेटिक पार्टी कन्वेंशन में जो बाइडन औपचारिक तौर पर पार्टी का नामांकन स्वीकार करेंगे जो कि एक वर्चुअल इवेंट होगा कोरोना महामारी के कारण.

उसके एक हफ़्ते के बाद रिपब्लिकन पार्टी का कन्वेंशन है जहाँ ट्रंप दूसरी बार अपनी दावेदारी के लिए नामांकन स्वीकार करेंगे.

उसके बाद अगले 10 हफ़्तों तक ज़ोरदार चुनाव प्रचार होगा और फिर तीन नवंबर को वोट डाले जाएंगे.

ट्रंप और बाइडन इस बीच तीन डिबेट में हिस्सा लेंगे ओहायो के क्लिवलैंड में (29 सितंबर) और फ़्लोरिडा के मियामी में ( 15 अक्टूबर) और टेनेसी के नेशविल में 22 अक्टूबर को.

कमला हैरिस अपने प्रतिद्वंद्वी माइक पेन्स के साथ सॉल्ट लेक में सात अक्टूबर को डिबेट में हिस्सा लेंगी.(bbc)


13-Aug-2020 9:36 AM

इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की जांच कैसे हो पाएगी?

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा (Civil Service Prelims Exam) कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते अभी तक नहीं हो पाई है. इस परीक्षा (Exams) का आयोजन 31 मई को देशभर (across country) के विभिन्न शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्र (Exam Centre) पर होना था, लेकिन कोरोना वायरस और देशभर में किए गए लॉकडाउन (Lockdown) के चलते इस परीक्षा को नहीं कराया जा सका. इस इस परीक्षा का आयोजन 4 अक्टूबर को होना है. यूपीएससी (UPSC) की सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल होने के लिए आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है.

जिसके मुताबिक इस बार इस परीक्षा में वहीं उम्मीदवार शामिल हो पाएंगे जिनका कोरोना टेस्ट किया गया होगा. यानी बिना कोरोना की जांच कराए कोई उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा. आयोग की तरफ से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, सिविल सेवा परीक्षा प्रीलिम्स में शामिल होने के लिए कोविड-19 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव होने की शर्त शामिल है. यानी अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो वो इस बार इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएगा. गौरतलब है कि यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी संख्या में यूपी के विद्यार्थी भी शामिल होंगे. ऐसे में विद्यार्थियों के सामने परेशानी पैदा हो गई है. 

परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षा में बैठने के लिए कोविड-19 की जांच के लिए सरकार की तरफ से नामित अस्पतालों में जांच कराने को कहा गया है. जाहिर है कि जिस परीक्षार्थी की कोविड-19 की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाएगी, वह परीक्षा से वंचित हो जाएगा. विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि अभी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की ही जांच नहीं हो पा रही है. इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की जांच कैसे हो पाएगी? फिर यदि सरकार से अधिकृत निजी अस्पतालों या पैथालॉजी में जांच करानी पड़ी तो हर विद्यार्थी को इसके लिए 2500 रुपये भुगतान करना पड़ेगा.

परीक्षा की तैयारी करने वाले ज्यादातर विद्यार्थी ऐसे परिवारों से होते हैं कि उनके लिए यह रकम खर्च कर पाना कठिन हो जाएगा.

यही नहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पद के लिए कराई जाने वाली परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थी परेशान हैं. इस परीक्षा का आयोजन 16 अगस्त को प्रस्तावित है. परीक्षा के लिए प्रदेश के 15 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि परीक्षार्थियों की संख्या पांच लाख के आसपास है.

ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो पाना मुश्किल हो जाएगा. क्योंकि अभी 09 अगस्त को हुई B.Ed प्रवेश परीक्षा में 4.31 लाख परीक्षार्थियों के लिए सभी 73 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ध्यान नहीं रखा गया.(catch)


13-Aug-2020 9:30 AM

एक ट्वीट पर ऑपरेशन, सफर, सबका किया इंतज़ाम !

शहर के पादरी बाजार की रहने वाली कानून की छात्रा प्रज्ञा मिश्रा अब अपने पैरों पर दौड़ सकेगी। जब अपनों ने मुंह मोड़ लिया तो उसके लिए इंसानियत के देवता बने अभिनेता सोनू सूद। सोनू की मदद से प्रज्ञा के दोनों घुटनों का बुधवार को दिल्ली में सफल ऑपरेशन हो गया। अब छात्रा के घर में खुशी का माहौल है। छात्रा के पिता ने कहा कि कलियुग में सोनू सूद हमारे लिए भगवान हैं।   

जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर रही प्रज्ञा मिश्रा लॉकडाउन से एक महीने पहले फरवरी माह में सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। इस हादसे में उनके दोनों घुटनों की हड्डी टूट गई। इसके बाद लॉकडाउन लग गया तो परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। छात्रा ने शहर के एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा। इसके बाद परिवार ने मदद के लिए अपनों से लेकर राजनीतिक लोगों तक से संपर्क साधा, लेकिन हर जगह निराशा मिली।

 इस बीच प्रज्ञा को अभिनेता सोनू सूद का ख्याल आया। उसने सोनू को ट्वीट किया तो उधर से जवाब आया कि दिल्ली आ जाओ डॉक्टर से बात हो गई है। इसके बाद प्रज्ञा अपनी मां के साथ दिल्ली पहुंच गई। सोनू सूद की टीम पहले से ही दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद थी। छात्रा के पहुंचते ही टीम उसे लेकर एक निजी अस्पताल गई। बुधवार देर शाम छात्रा के दोनों घुटनों का सफल ऑपरेशन हो गया। छात्रा के पिता ने बताया कि ऐसी उम्मीद कभी नहीं की थी। सोनू सूद ने जो इंसानियत दिखाई है, वैसा तो कोई अपना सगा भी नहीं करता है। बताया कि बिटिया अब ठीक है। बिटिया के साथ उसकी मां दिल्ली में मौजूद है। 

ऐसा जवाब मिलने की उम्मीद नहीं थी

छात्रा ने बताया कि अभिनेता सोनू सूद के बारे में काफी सुना था। सोचा एक बार प्रयास करके देखती हूं। अधूरे मन से ट्वीट किया तो मुझे खुद विश्वास नहीं हुआ कि सोनू सूद की तरफ से इतनी जल्दी जवाब मिल जाएगा। यह बात जब घरवालों को बताई, तो लोगों को पहले विश्वास नहीं हुआ। जब उनकी टीम ने फोन करके संपर्क साधा तो परिजनों को लगा कि वाकई में धरती पर भगवान हैं। 

अभिनेता सोनू सूद जैसा ही भाई मिले 

छात्रा ने बताया कि ट्विटर पर जब सोनू सून ने यह बात लिखी कि मैं अपाहिज नहीं होने दूंगा, जल्द ही गांव में दौड़ते हुए दिखोगी, तो ऐसा लगा हर बहन को सोनू सूद जैसा ही भाई मिले। रुपये के कारण अपनों ने मुंह मोड़ लिया था, लेकिन बिना किसी जान पहचान के एक ट्वीट पर इतनी बड़ी मदद करना साक्षात भगवान के आने जैसा लग रहा है।(amarujala)


13-Aug-2020 9:26 AM

जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले दो करोड़ चार लाख 71 हज़ार से अधिक हो गये हैं और कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या क़रीब सात लाख 48 हज़ार तक पहुँच गई है.

अमरीका में कोरोना संक्रमण के मामले अब लगभग 51 लाख 93 हज़ार होने वाले हैं. इसके बाद सूची में ब्राज़ील (31 लाख केस), भारत (23 लाख केस) और रूस (9 लाख केस) का नाम है. अमरीका में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या लगभग एकलाख 66 हज़ार हो गई है.

वहीं ब्राज़ील (1 लाख तीन हज़ार), मैक्सिको (क़रीब 54 हज़ार), यूके (46 हज़ार से अधिक) और भारत 46,091 लोगों की मौत के साथ, कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों की टॉप-5 की सूची में पहुँच चुका है.

रूस ने कोरोना वैक्सीन पर शक करने वालों से कहा, एक दो हफ़्ते में आ जाएगी पहली खेप.

जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले दो करोड़ चार लाख 71 हज़ार से अधिक हो गए हैं और मरने वालों की संख्या क़रीब सात लाख 48 हज़ार हो गई है.

ब्रिटेन के नए आँकड़ों के बाद कोरोना से मरने वालों के आधार पर दुनिया का चौथा देश बन गया है.

मरने वालों की संख्या के हिसाब से अमरीका पहले नंबर पर है, ब्राज़ील दूसरे और मैक्सिको तीसरे नंबर पर है.

ब्रिटेन ने कहा है कि 11 सालों के बाद वो आधिकारिक तौर पर आर्थिक मंदी का शिकार हुआ है.

पेरू में संक्रमण के बढ़ने से लॉकडाउन बढ़ाया गया

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पेरू में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण राष्ट्रपति मार्टिन विज़कारा ने परिवारों के एक साथ जमा होने पर पाबंदी लगा दी है. इसके अलावा पाँच और क्षेत्रों में लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है.

देश के कुल 25 क्षेत्रों में से 15 क्षेत्रों में पहले से लॉकडाउन लागू है.

ताज़े आंकड़ोंं के अनुसार बच्चों और किशोरों में कोरोना संक्रमण के मामले में 75 फ़ीसद बढ़ोतरी देखी जा रही है.

हाल के दिनों में पेरू में रोज़ाना क़रीब सात हज़ार नए मामले आ रहे हैं और क़रीब 200 लोगों की रोज़ाना मौत हो रही है.

पेरू में अब तक चार लाख 90 हज़ार मामले आ चुके हैं और 21 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.(bbc)


13-Aug-2020 9:23 AM

IAF ने विरोध लिखा सेंसर बोर्ड को

कल यानि बुधवार को नेटफ्लिक्स (Netflix) पर जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) स्टारर फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ (Gunjan Saxena: The Kargil Girl) रिलीज हुई. रिलीज होने के साथ ही अब यह फिल्म विवादों में घिर गई है. दरअसल, फिल्म में इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) की नकारात्मक छवि को दिखाने से सेना नाराज है.

बेवजह नेगेटिव दिखाने की कोशिश से नाराज IAF

इंडियन एयर फोर्स ने बेवजह नेगेटिव दिखाने की कोशिश पर नाराजगी जाहिर करते हुए सेंसर बोर्ड को लेटर लिखा है. यह फिल्म इंडियन एयर फोर्स ऑफिसर गुंजन सक्सेना की जिंदगी पर आधारित है, जो कि 1999 के कारगिल वॉर की पहली महिला पायलट थीं. इस फिल्म को करण जौहर के धर्म प्रोडक्शन ने प्रोड्यूस किया है.

ऑनलाइन रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरफोर्स के अधिकारियों का कहना है कि फिल्म के कुछ सीन पर आपत्ति जताते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को लेटर लिखा गया है. आरोप है कि फिल्म के इन सीन्स में बेवजह गलत तरीके से इंडियन एयरफोर्स को दिखाने की कोशिश की गई है.

रक्षा मंत्रालय भी लिख चुका है सेंसर बोर्ड को लेटर

वेब सीरीज में सेना को दिखाने के तरीके से रक्षा मंत्रालय पहले ही सेंसर बोर्ड को अपनी नाराजगी जाहिर कर चुका है. रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने वेब सीरीज में सेना को दर्शाने के तरीकों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पिछले महीने एक लेटर भी लिखा था. लेटर के जरिए आग्रह किया गया था कि किसी भी फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज को आर्मी थीम पर प्रसारित करने से पहले प्रोडक्शन हाउस को मंत्रालय से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने की सलाह दी जानी चाहिए.

लेटर में यह भी कहा गया था कि मंत्रालय को सैन्य अधिकारी और मिलिट्री की यूनिफॉर्म को अपमानित किए जाने को लेकर शिकायत मिली थीं, जिसके बाद मंत्रालय द्वारा आपत्ति जताई गई. इतना ही नहीं, इस संबंध में रक्षा मंत्रालय द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी लेटर लिखा गया था.(tv9bharat)


13-Aug-2020 9:18 AM

बीजिंग, 13 अगस्त (आईएएनएस)| कोरोना का संक्रमण भले ही तेजी से फैल रहा है, लेकिन यह उतना घातक नहीं है। दुनियाभर में दहशत फैलाने वाला कोरोना वायरस जल्द ही खत्म हो जाएगा। कई देशों के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह वायरस तेजी से कमजोर हो रहा है। महामारी की शुरूआत में इसका संक्रमण जितना घातक था, अब वह वैसा नहीं है। इटली के प्रमुख संचारी रोग विशेषज्ञ मेटियो बाशेट्टी का कहना है कि इटली के मरीजों में ऐसे साक्ष्य मिल रहे हैं, जो बताते हैं कि वायरस अब उतना घातक नहीं रहा है। संक्रमण के बाद अब ऐसे बुजुर्ग मरीज भी ठीक हो रहे हैं, जिनमें पहले यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती थी और प्राय: मौत हो जाती थी।

दरअसल, यह वायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है यानी खुद को बदल रहा है। वायरस इंसान के सेल में जाकर खुद के जीनोम की प्रतिकृतियां बनाता है। आरएनए वायरस में अकसर ऐसा होता है कि वह अपने पूरे जीनोम को हूबहू कॉपी नहीं कर पाता और कोई न कोई अंश छूट जाता है। यही वायरस का म्यूटेशन कहलाता है। म्यूटेशन से वायरस खुद को और तेज बनाता है मगर ज्यादा म्यूटेशन के बाद वह कमजोर हो सकता है और संक्रमण फैलाने लायक नहीं रहता।

द संडे टेलिग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार जिनेवा में सेन माटीर्नो जनरल अस्पताल में संचारी रोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर बाशेट्टी ने बताया कि मार्च और अप्रैल में इस वायरस का असर जंगल में एक शेर जैसा था, मगर अब यह पूरी तरह बिल्ली बन चुका है। अब तो 80 से 90 साल के बुजुर्ग भी बिना वेंटिलेटर के ठीक हो रहे हैं। पहले ये मरीज दो से तीन दिन में मर जाते थे। म्यूटेशन की वजह से वायरस अब फेफड़ों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा रहा है।

वहीं, दिल्ली स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के मॉलिक्युलर मेडिसन ऐंड बायोटेक्नॉलजी विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. मदन मोहन गोडबोले का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है। भले ही संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन मौतों की संख्या कम होगी। उन्होंने विकास सिद्धांत की चर्चा करते हुए बताया कि दो तरह के वायरस होते हैं। एक जो काफी खतरनाक होता है और दूसरा जो कमजोर होता है। खतरनाक वायरस का प्रसार कम लोगों तक होता है, जबकि कमजोर वायरस तेजी से फैलता है।

इस तरह दोनों वायरस के बीच अस्तित्व की लड़ाई शुरू हो जाती है और इसमें कमजोर वायरस की जीत होती है। उसके बाद केवल कमजोर वायरस बच जाता है। कमजोर वायरस के अधिक लोग संक्रमित होते तो हैं, लेकिन उनमें खतरा कम होता है। कुछ दिनों के बाद इंसान का शरीर खुद को वायरस से लड़ने के लिए तैयार भी कर लेता है। इसी सिद्धांत के आधार पर गोडबोले का मानना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है और इससे संक्रमण के मामले तो तेजी से आएंगे, लेकिन मौतों की संख्या कम होगी।

(लेखक : अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप में पत्रकार हैं)


13-Aug-2020 9:15 AM

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म-निर्भर योजना

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म-निर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत 5 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। ऋण देने की प्रक्रिया 2 जुलाई से शुरू हुई है। पीएम स्वनिधि योजना शुरू होने से सड़क पर रेहड़ी लगाकर अपना व्यापार करने वालों के बीच काफी उत्साह देखा गया है,जो कोविड-19 लॉकडाउन के बाद फिर से अपने काम को शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण की तलाश कर रहे हैं।

पीएम स्वनिधि योजना को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत लॉन्च किया है। मंत्रालय ने कहा,इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों और उसके आसपास के अर्ध-शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वाले छोटे व्यापारी) को कोविड-19 लॉकडाउन के बाद फिर से अपना कारोबार शुरू करने के लिए बिना किसी गारंटी के एक साल की अवधि के लिए 10,000 रुपये तक के कार्यशील पूंजी ऋण की सुविधा देना है।

इसके तहत ऋण के नियमित भुगतान करने पर प्रोत्साहन के रूप में प्रति वर्ष 7 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी, निर्धारित डिजिटल लेनदेन करने पर सालाना 1,200 रुपये तक का कैशबैक और आगे फिर से ऋण पाने की पात्रता भी प्रदान की गई है।

पीएम स्वनिधि योजना में अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों- सार्वजनिक एवं निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंकों के अलावा ऋण देने वाली संस्थाओं के रूप में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी)और लघु वित्तीय संस्थानों (एमएफआई) को योजना से जोड़कर इन छोटे उद्यमियों के द्वार तक बैंकों की सेवाएं पहुंचाने का विचार किया गया है। डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर इन विक्रेताओं को लाना इनके क्रेडिट प्रोफाइल का निर्माण करने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है, ताकि इन्हें औपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने में मदद मिल सके।

इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को दी गई है। रेहड़ी-खोमचे वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को उधार देने के लिए इन ऋणदाता संस्थानों को लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई)के माध्यम से प्रोत्साहित करने हेतु इनके पोर्टफोलियो के आधार पर एक ग्रेडेड गारंटी कवर प्रदान किया जाता है।

सड़कों पर रेहड़ी लगाकर व्यापार करने वाले ज्यादातर विक्रेता बहुत कम लाभ पर अपना व्यवसाय करते हैं। इस योजना के तहत ऐसे विक्रेताओं को लघु ऋण से न केवल बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि उन्हें आर्थिक प्रगति करने में भी मदद मिलेगी। एकीकृत आईटी प्लेटफॉर्म वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के उपयोग ने इस योजना को न्यूनतम सरकार और अधिकतम प्रबंधन के उद्देश्य के साथ समाज के इस तबके तक पहुंचने और इन्हें लाभ पहुंचाने में सक्षम बनाया है।


13-Aug-2020 9:14 AM

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने बुधवार को कहा कि स्वदेशी का अर्थ जरूरी नहीं कि सभी विदेशी उत्पादों का बहिष्कार किया जाए. उन्होंने कहा कि केवल ऐसी प्रौद्योगिकी या उत्पादों का आयात किया जाए जिसकी देश में पारंपरिक रूप से कमी है या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है.

कोविड-19 के मद्देनजर आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की प्रासंगिकता का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि महामारी ने स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विकरण के वांछित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं और एक आर्थिक मॉडल सभी जगहों पर लागू नहीं होता है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश की जरूरतों के अनुरूप आर्थिक नीति नहीं बनी और दुनिया एवं कोविड-19 के अनुभवों से स्पष्ट है कि विकास का एक नया मूल्य आधारित मॉडल आना चाहिए.

भागवत ने डिजिटल माध्यम से प्रो. राजेन्द्र गुप्ता की दो किताबों का लोकार्पण करते हुए दुनिया को एक बाजार की बजाए एक परिवार समझने और आत्मनिर्भरता के साथ सद्भावनापूर्ण सहयोग की जरूरत को रेखांकित किया. भाजपा नीत राजग सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करते हुए सरसंघचालक ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ देशी उत्पादों और प्रौद्योगिकी को प्राथमिकता देना है लेकिन इसका मतलब सभी विदेशी उत्पादों का बहिष्कार नहीं है.

'हमें इस बात पर निर्भर नहीं होना है कि विदेश से क्या आता है'

उन्होंने कहा कि केवल ऐसी प्रौद्योगिकी या सामग्रियों का आयात किया जाए जिसकी देश में पारंपरिक रूप से कमी है या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा , ‘‘हमें इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि हमारे पास विदेश से क्या आता है, और यदि हम ऐसा करते हैं तो हमें अपनी शर्तों पर करना चाहिए. ’’ उन्होंने कहा कि विदेशों में जो कुछ है, जरूरी नहीं कि उन सभी का बहिष्कार करना है लेकिन अपनी शर्तो पर लेना है.

भागवत ने कहा कि ज्ञान के बारे में दुनिया से अच्छे विचार आने चाहिए. उन्होंने कहा कि अपने लोगों, अपने ज्ञान, अपनी क्षमता पर विश्वास रखने वाला समाज, व्यवस्था और शासन चाहिए. सरसंघचालक ने कहा कि भौतिकतावाद, जड़वाद और उसकी तार्किक परिणति के कारण व्यक्तिवाद और उपभोक्तावाद जैसी बातें आई. ऐसा विचार आया कि दुनिया को एक वैश्विक बाजार बनना चाहिए और इसके आधार पर विकास की व्यख्या की गई. उन्होंने कहा कि इसके फलस्वरूप विकास के दो तरह के मॉडल आए. इसमें एक कहता है कि मनुष्य की सत्ता है और दूसरा कहता है कि समाज की सत्ता है.

जैसी आर्थिक नीति बननी चाहिए थी, वैसी नहीं बनी- भागवत

भागवत ने कहा, 'इन दोनों से दुनिया को सुख प्राप्त नहीं हुआ. यह अनुभव दुनिया को धीरे धीरे हुआ और कोविड-19 के समय यह बात प्रमुखता से आई. अब विकास का तीसरा विचार (मॉडल) आना चाहिए जो मूल्यों पर आधारित हो.' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की बात इसी दृष्टि से कही है.

सरसंघचालक ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद जैसी आर्थिक नीति बननी चाहिए थी, वैसी नहीं बनी. आजादी के बाद ऐसा माना ही नहीं गया कि हम लोग कुछ कर सकते हैं. अच्छा हुआ कि अब शुरू हो गया है. ’’ सरसंघचालक ने कहा कि आजादी के बाद रूस से पंचवर्षीय योजना ली गई , पश्चिमी देशों का अनुकरण किया गया. लेकिन अपने लोगों के ज्ञान और क्षमता की ओर नहीं देखा गया. उन्होंने कहा कि अपने देश में उपलब्ध अनुभव आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने की जरूरत है.(news18)


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