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30-May-2020 10:11 PM

राजेश अग्रवाल
बिलासपुर, 30 मई ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)।
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी का राजकीय सम्मान के साथ आज शाम ज्योतिपुर स्थित कब्रिस्तान में किया गया। इस मौके पर प्रदेश के अनेक मंत्री, विधायक, परिवार के सदस्य, सहित सैकड़ों समर्थक और शुभचिंतक उपस्थित थे। 

74 वर्षीय स्व. जोगी की अंतिम यात्रा आज सुबह रायपुर से निकली थी जो शाम 6 बजे उनके गौरेला स्थित जोगी निवास पर पहुंच पाई। कोटा, रतनपुर, केंदा में जगह-जगह लोगों की भीड़ उनका अंतिम दर्शन के लिए सड़क पर इंतजार कर रही थी। कोटा में केडीपी स्कूल में उनका शव दर्शनार्थ रखा गया था। उनके साथ 100 से ऊपर गाडिय़ों का काफिला भी चल रहा था। जोगी निवास पर रायपुर से आये विशप पादरियों ने बाइबिल से प्रार्थना की। इसके बाद लोगों ने वहां दर्शन किया। इसके पश्चात् ज्योतिपुर ग्रेवयार्ड में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ईसाई धर्म के रीति-रिवाज के अनुसार प्रार्थनाओं के बीच उन्हें दफनाया गया। शव को दफनाने के लिए जैसे ही क्रब पर उतारा गया पुत्र अमित जोगी फूट-फूट कर रो पड़े। वहां मौजूद पत्नी डॉ. रेणु जोगी और उनके परिजन सहित सभी की आंखें नम थीं।

 

अंतिम संस्कार में प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर व शैलेष पांडेय सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के अनेक नेता व जनप्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

रायपुर से जोगी की अंतिम यात्रा बिलासपुर पहुंची थी। उनके शासकीय आवास मरवाही सदन में लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके पश्चात् कोटा होते हुए यात्रा उनके पैतृक ग्राम जोगीसार पहुंची। वहां भी ग्रामीणों के दर्शनार्थ पार्थिव शरीर कुछ देर के लिए रखा गया था। 

अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पहुंचने की सूचना भी थी किन्तु वे नहीं आ सके। पहले उनके कोटा में और बाद में गौरेला में पहुंचने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से तैयारी की गई थी।  


30-May-2020 9:57 PM

नई दिल्‍ली, 30 मई। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन पांच यानी एक जून से लेकर 30 जून तक के लिए गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं. इसे लॉकडाउन 5 के बदले अनलॉक 1 कहा जा रहा है. इसके तहत सभी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. हालांकि रात नौ बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक सभी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी.

इन गतिविधियों को कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर ही खोला जाएगा.
पहले चरण में आठ जून के बाद से धर्मस्थलों, होटलों, रेस्त्राओं, शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति दे दी जाएगी. इसके लिए सरकार अलग से दिशानिर्देश जारी करेगी.

दूसरे चरण में स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से विमर्श के बाद जुलाई महीने में खोलने की अनुमति दी जाएगी.

तीसरे चरण में परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रा, मेट्रो सेवाओं, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल और मनोरंजन पार्क आदि को खोलने की तारीख़ों की घोषणा की जाएगी.

ई-पास की ज़रूरत नहीं होगी
ज़िला प्रशासन केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए कंटेनमेंट ज़ोन निर्धारित करेंगे.

कंटेनमेंट ज़ोन में सिर्फ़ ज़रूरी सेवाओं को ही चलने की अनुमति होगी.

राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर बफ़र ज़ोन निर्धारित कर सकेंगे.

वहीं राज्यों के भीतर और दो राज्यों के बीच लोगों के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी. किसी ई-पास की ज़रूरत नहीं होगी. हालांकि अगर कोई प्रांत या ज़िला प्रशासन लोगों के आवागमन को रोकना चाहे तो आदेश के भरसक प्रचार-प्रसार के बाद ऐसा किया जा सकेगा. संबंधित प्रक्रिया की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी.

एक जून से 30 जून के दौरान भी लॉकडाउन की तरह ही शादियों में पचास से अधिक लोगों के जाने की अनुमति नहीं होगी.
इस दौरान जहां तक संभव है कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है.

सार्वजनिक स्थलों, यातायात के दौरान और कार्यस्थल पर चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य होगा.
लोगों को एक दूसरे से दो गज़ की दूरी बनाए रखनी होगी.

दुकानदारों को ग्राहकों के बीच दूरी का ध्यान रखना होगा और एक बार में दुकान के भीतर पांच से अधिक ग्राहकों को नहीं आने दिया जाएगा.

सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना और सज़ा हो सकती है. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा, शराब आदि के सेवन पर रोक रहेगी.
वहीं कंटेनमेंट ज़ोन में तीस जून तक पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा. (bbc.com/hindi)


30-May-2020 8:51 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 30 मई। भोपाल के कुछ जिम्मेदार समाजसेवियों की मदद से छत्तीसगढ़ के 49 लोग आज सुबह भोपाल से कबीरधाम पहुंचे। ये मजदूर वहां फंसे हुए थे, और सरकार के इंतजाम से परे भोपाल के कुछ सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 10 दिनों की मेहनत से अपने बल पर बस का इंतजाम किया था।
 
भोपाल की लेखिका तेजी ग्रोवर ने इसके बारे में बताया है कि इसके बाद दोनों प्रदेशों के अधिकारी और बस के मालिक से दिन भर संघर्ष करके एक बात और हो सकी कि कवर्धा से लौटते में यह बस मध्यप्रदेश के फंसे हुए 20 मजदूरों को लेकर भोपाल आएगी। इस काम में चंडीगढ़ की एक आईएएस अफसर माधवी कटारिया ने भी मध्यप्रदेश के अपने सहकर्मियों से बात करके मदद का इंतजाम किया। कवर्धा से आगे छत्तीसगढ़ी मजदूरों को दूसरी बसें मिलेंगी। छत्तीसगढ़ की सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत कौर बल से यह जानकारी मिली है कि कवर्धा से ये मजदूर मुंगेली, बेमेतरा, बलौदाबाजार, और कवर्धा के लिए रवाना भी हो गए, और वहां पहुंच भी गए।


30-May-2020 6:59 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
देश में लॉकडाऊन 30 जून तक जारी रहेगा। केन्द्र सरकार ने अभी लॉकडाऊन 5.0 की नई शर्तें जारी की हैं। इसके तहत रात 9 से सुबह 5 तक लोगों की आवाजाही बंद रखी जाएगी। लेकिन कई तरह की छूट की घोषणा भी की गई है। 
अभी-अभी आए समाचार के मुताबिक केन्द्र सरकार ने लॉकडाऊन बढ़ाने के साथ ही छूट भी बढ़ाने की घोषणा की है। आठ जून से धार्मिक स्थल कुछ शर्तों के साथ शुरू होंगे, और होटल, रेस्त्रां, मॉल भी कई शर्तों के साथ चालू होंगे। 

 


30-May-2020 6:49 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। कोरिया जिले के चिरमिरी में 16 और पॉजिटिव मिले हैं, कोरिया जिले में आज कुल 20 मरीज मिले हैं। सीएचएमओ रामेश्वर शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। बलरामपुर जिले में 6, कांकेर में 4, और रायपुर में 2 नए पॉजिटिव केस मिले हैं। 
इसके बाद कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 339 हो गई है। एक आशंका रायपुर के मेकाहारा के एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने की भी है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 


30-May-2020 6:46 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 30 मई।
मरवाही सदन में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंची भीड़ ने कोरोना से बचाव के लिए तय किये गये सामाजिक दूरी के अनुशासन को तोड़ डाला। कतार में लगकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गोल घेरे बनाये गये थे, जिसकी किसी ने परवाह नहीं की। पुलिस ने भी टोका टाकी नहीं की और खतरे से अनजान बने रहकर ड्यूटी करती रही।   

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का पार्थिव शरीर आज दोपहर अंतिम दर्शन के लिए उनके सरकारी निवास 'मरवाही-सदन' लाया गया। इससे पहले ही बड़ी संख्या में लोग पास-पास कुर्सियां लगाकर चबूतरे के नजदीक बैठ गये थे। जोगी का शव जब वाहन से नीचे उतारा गया तो लोग एक-दूसरे को धकियाते हुए पास पहुंचने के लिए उतावले हो गये। 

यहां थोड़े से बल के साथ मौजूद पुलिस निरीक्षक ने वहां पहुंचकर लोगों को समझाया कि दूरी बनाकर रखें। व्यवस्था को संभालने वाले जोगी के कुछ करीबी भी अपील करते रहे कि सामाजिक दूरी का पालन करें, लेकिन किसी पर इसका कोई असर ही नहीं पड़ा। माहौल चूंकि शोक का था इसलिये किसी के साथ जोर-जबरदस्ती करने से भी पुलिस बचती रही। 

हर रोज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर दर्जनों चालान काटने वाली बिलासपुर पुलिस ने यहां हानिकारक नरमी दिखाई। वालिंटियर्स भी तैनात किये गये थे, लेकिन वे सब एक किनारे पर ही खड़े थे। हालत यह थी कि स्व. जोगी के बड़े भाई प्रो. एसआर जोगी व्हील चेयर पर परिवार के साथ पहुंचे तो उन्हें भीतर घुसने की जगह नहीं मिल रही थी। भीड़ के चलते विधायक शैलेष पांडे को करीब जाकर फूल चढ़ाने का मौका मुश्किल से मिल पाया। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल वहां श्रद्धांजलि अर्पित कर तुरंत वहां से हटे। 

महापौर रामशरण यादव और पूर्व बीडीए अध्यक्ष अनिल टाह जैसे कुछ नेताओं को शव वाहन में पुष्प अर्पित करने के लिए प्रवेश करना पड़ा। भीड़ में कई लोग ऐसे थे जिन्होंने मास्क लटका रखे थे पर पहने नहीं थे। आधे घंटे के दौरान अनेक वे लोग दर्शन से वंचित रह गये जो भीड़ में घुसने का खतरा नहीं उठाना चाहते थे, जबकि व्यवस्था ठीक तरह से बनाई जाती तो सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए सभी को मौका मिल सकता था। बड़े आकार का बंगला होने के बावजूद शव को दर्शन के लिए पोर्च पर रखा गया जहां प्रवेश करने और निकलने के लिए जगह बहुत कम थी। इसके अलावा सड़क पर लोगों की कतार के लिए घेरा बनाया गया था लेकिन लोग बिना कतार एक साथ भीतर घुसते रहे।

उल्लेखनीय है कि स्व. अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने कल अपील की थी कि अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया जाये। कोरोना संक्रमण के मामले बढऩे के बाद बिलासपुर को ग्रीन जोन की जगह अब रेड जोन में रखा गया है। यहां संक्रमण के चार मामले इस समय एक्टिव हैं। रेड जोन में होने के कारण ही यहां शनिवार-रविवार दो दिनों का टोटल लॉकडाउन रखा गया है। आज भी शहर को टोटल लॉकडाउन किया गया था।    


30-May-2020 6:32 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। कोरिया जिले के चिरमिरी में 16 और पॉजिटिव मिले हैं, कोरिया जिले में आज कुल 20 मरीज मिले हैं। सीएचएमओ रामेश्वर शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। बलरामपुर जिले में 6, कांकेर में 4, और रायपुर में 2 नए पॉजिटिव केस मिले हैं। 
इसके बाद कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 339 हो गई है। एक आशंका रायपुर के मेकाहारा के एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने की भी है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 


30-May-2020 6:26 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
प्रदेश में बिजली की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शनिवार को बिजली की नई दरों की घोषणा की। अलबत्ता, राईस मिलों और स्टील उद्योगों को राहत दी है। 

कोरोना संक्रमण के चलते बिजली की नई दरों की घोषणा में विलंब हुआ है। राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन डी.एस. मिश्रा ने आयोग के सदस्य और अन्य अफसरों की बैठक के बाद नई दरों की घोषणा की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बिजली की दरें यथावत रहेंगी। इसमें घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। यानी पूर्व में मिल रही छूट जारी रहेगी। 

बताया गया कि कृषि, गैर घरेलू और उद्योगों की विद्युत दरों के साथ-साथ लागू नियम और शर्तों को यथावत रखा गया है। पूर्व की भांति 0 से 100 यूनिट तक के लिए बिजली की दरें 3 रूपए 40 पैसे रखी गई है। इसी तरह 101 से 200 यूनिट के लिए 3 रूपए 60 पैसे, 201 से 400 के लिए 4 रूपए 90 पैसे, 401 से 600 यूनिट के लिए 5 रूपए 50 पैसे और 600 से अधिक के लिए 7 रूपए 30 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। 

स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं को राहत दिया गया है। उन्हें टैरिफ श्रेणी एचवी-6 में शामिल किया गया है। यह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पतालों के लिए लागू रहेगा। इसके अलावा अस्पताल, नर्सिंग होम, और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित दरों को युक्तियुक्तकरण करते हुए उनके ऊर्जा प्रभार में पांच फीसदी की छूट दी गई है। 

राईस मिल और स्टील उद्योगों को राहत
प्रचलित व्यवस्था में उच्च दाब तथा निम्न दाब पर विद्युत प्राप्त करने वाले राईस मिल उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में विषमता को संज्ञान में लेते हुए उच्च दाब पर विद्युत प्राप्त करने वाले राईस मिलों को प्रचलित प्रभार में पांच फीसदी की छूट प्रदान की गई है। 

स्टील उद्योगों के लिए प्रचलित ऊर्जा प्रभार मिलने वाली लोड फैक्टर रिबेट के लिए निर्धारित अधिकतम लोड फैक्टर 77 फीसदी से ज्यादा के स्थान पर 70 फीसदी से ज्यादा निर्धारित किया गया है। 

बिजली बिलों की भुगतान में राहत
आयोग ने 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक बिजली बिलों के भुगतान में उपभोक्ताओं को लगने वाली लेट परसेंट सरचार्ज को डेढ़ फीसदी से कम कर 1 फीसदी प्रतिमाह किया गया है। निम्न दाब और उच्च दाब पर विद्युत लेने वाले उपभोक्ताओं के स्थिर प्रभार में राहत देने के उद्देश्य से निर्धारित फिक्सड चार्ज के भुगतान में तीन माह की मोरेटोरियम प्रदान की गई है। 


30-May-2020 4:29 PM

देखें VIDEO : MODI 2.0 के एक वर्ष पूरे होने पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का सन्देश, 'प्ले' पर क्लिक करें -


30-May-2020 4:24 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुन्द, 30 मई।
आज दोपहर एक बजे महासमुन्द जिले के बागबाहरा विकासखंड के अधीनस्थ ग्राम पंचायत खाड़ादरहा में बिजली के करंट से चिपक कर एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक का नाम बहुर सिंग पिता अमरसाय उम्र 55 वर्ष है। 

बताया जा रहा है कि खाड़ादरहा के उपसरपंच किशोर साहू ने अपने खेत में फसल की सुरक्षा के लिए तार की बाड़ लगवाई थी जिसमें बिजली दौड़ रही थी। मृतक बहुर सिंह उसके खेत से गुजरते हुए अपने खेत की ओर जा रहा था कि बहुर का पैर खेत की मेढ़ से फिसल गया और वह औंधे मुंह खेत की ओर लुढ़क गया। इससे फेंसिंग तार की चपेट में आने से खेत में उसकी मौत हो गई। उसी एरिया में और भी किसान अपनी खेतों में काम कर रहे थे। खेत का काम निपटाकर वापस लौटते उन्होंने ही बहुर को देखा। मेढ़ में बहुर के फिसलने के निशान देख किसानों को मामला समझ में आ गया और उन्होंने गांव में सूचना दी। बहुर के शव को खेत से बाहर लाने के बाद परिजन उपसरपंच के खिलाफ मामला दर्ज करवाने बागबाहरा थाना पहुंचे हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए चीर घर ले जाया गया है। 


30-May-2020 4:23 PM

कोटा में सीएम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 30 मई।
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का पार्थिव शरीर आज दोपहर बिलासपुर पहुंचने पर उनके समर्थकों, नेताओं और शुभचिंतकों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। करीब 30 मिनट रुकने के बाद उनकी अंतिम यात्रा कोटा होते हुए गौरेला के लिए रवाना हुई।
 
जोगी का कल रायपुर के श्री नारायणा हॉस्पिटल में 20 दिन के इलाज के बाद निधन हो गया था। रायपुर निवास से उनकी अंतिम यात्रा मरवाही के सेनेटोरियम के लिए आज सुबह निकली। सड़क मार्ग से उनका शव दोपहर 1.15 बजे उनके बिलासपुर स्थित शासकीय आवास मरवाही सदन में पहुंचा। यहां उनके समर्थक और शुभचिंतक तथा बिलासपुर में रहने वाले उनके परिवार के सदस्य पहले से प्रतीक्षा कर रहे थे। शव वाहन के मरवाही सदन पहुंचते ही परिसर अजीत जोगी अमर रहे के नारों से गूंज उठा। कई लोग जिनमें कोटा, गौरेला क्षेत्र से पहुंची महिलाएं भी शामिल थीं, फफक-फफककर रो रही थीं। 

मरवाही सदन में उनके कार्यालय के ठीक सामने एक चबूतरे पर उनका ताबूत रखा गया, जिस पर फूल, पुष्प गुच्छ और मालाएं अर्पित कर लोगों ने श्रद्धांजलि दी। इनमें विधायक शैलेष पांडे, महापौर रामशरण यादव, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेयी, अनिल टाह आदि शामिल थे। जोगी के सबसे बड़े भाई रिटायर्ड प्रोफेसर एसआर जोगी सहित बिलासपुर में रहने वाले उनके परिवार के सदस्य भी यहां पहुंच गये थे। 

जोगी का पार्थिव शरीर करीब 40 मिनट बाद कोटा के रास्ते से जोगीपुर रवाना किया गया, जो उनका पैतृक ग्राम है। यहां भी बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर बैठे प्रतीक्षारत हैं। गांव में आज सुबह से लोगों ने भोजन भी नहीं बनाया है। जोगी की अंतिम यात्रा पहले रतनपुर होते हुए केंदा से गौरेला ले जाने का कार्यक्रम था, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनकी अंतिम यात्रा में कोटा में शामिल होंगे, यह सूचना जिला प्रशासन के पास पहुंची। इसके बाद कोटा, बेलगहना मार्ग से वाहन ले जाया गया। रायपुर बिलासपुर के बीच भी सिमगा, नांदघाट, सरगांव और बिल्हा में लोगों ने उनका अंतिम दर्शन किया और श्रद्धांजलि दी। 


30-May-2020 3:39 PM

एक-एक पंचायत में 50-50 एन-95 मास्क!

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
कोरोना रोकथाम के नाम पर पंचायतों की राशि के बंदरबांट की कोशिश का मामला प्रकाश में आया है। बताया गया कि पंचायत विभाग के एक पत्र के आधार पर गरियाबंद जिले की कई पंचायतों में सप्लायरों ने बिना मांग के कोरोना के रोकथाम के लिए पंचायतों को मास्क, पीपीई सूट और दवाईयां भेज दी। करीब 15-20 हजार के इन सामग्रियों के लिए 90 हजार तक का बिल थमा दिया गया है। पंचायत पदाधिकारियों को चौदहवें वित्त की राशि से भुगतान के लिए कहा जा रहा है। इससे हड़बड़ाए कई सरपंचों और अन्य पंचायत पदाधिकारियों ने कलेक्टर-एसपी से मिलकर शिकायत भी की है। 

एक-एक पंचायत को जो कोरोना किट भेजी जा रही है, उसमें 50-50 एन-95 मास्क हैं, जो कि बहुत से सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर-नर्स को भी नसीब नहीं है। पंचायतों की रकम लूटने के लिए ऐसी फर्जी सप्लाई की जा रही है।

पता लगा है कि कल गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके के कई सरपंचों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर इस धोखाधड़ी और उगाही की शिकायत भी की है।

 हालांकि पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने 'छत्तीसगढ़' से चर्चा में कहा कि पत्र में पंचायतों को सिर्फ बुनियादी सावधानियां रखने के लिए कहा गया है। इसमें पीपीई किट आदि की खरीदी के लिए नहीं कहा गया है। मगर पत्र का कोई दुरूपयोग करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 

कोरोना रोकथाम के नाम पर जिले की कुछ पंचायतों में एन-95 मास्क, पीपीई सूट, सोडियम हाईड्रोक्लोराइड, हैंड सैनिटाइजर और स्पे्रयर आदि सामग्री बिना किसी मांग के पहुंचाई गई है। करीब 15-20 हजार के इन सामग्रियों के लिए पंचायतों को 90 हजार का बिल थमाया गया। जिले के कई पंचायतों में यह सामग्री पहुंच चुकी है। अब पंचायत प्रतिनिधि समझ नहीं पा रहे हैं कि इन सामग्रियों का क्या किया जाए। दिलचस्प बात यह है कि पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है जिसमें पंचायतों में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सार्वजनिक भवनों को कीटाणुरहित बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। इसमें स्वच्छता कर्मियों को मास्क, दस्ताना, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। 

यह भी कहा गया है कि इन सामग्रियों की खरीदी के लिए 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जा सकता है। और यथासंभव ग्राम के महिला स्वसहायता समूहों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। इस पत्र के जारी होते ही सप्लायर जिलों में टूट पड़े हैं और गरियाबंद जिले के पंचायतों में सामग्री की गई। पंचायतों में एन-95 मास्क सप्लाई किए गए, जो कि सिर्फ कोरोना जांच में लगे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ही उपयोगी है। 

दिलचस्प बात यह है कि पंचायतों ने संक्रमण से बचाव के लिए अपने स्तर पर काफी कुछ काम कर लिए थे। महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क का वितरण किया जा चुका है। अब राशि भुगतान के लिए सरपंचों पर दबाव बनने लगा है। इस पर कुछ सरपंचों ने कलेक्टर से मिलकर इसकी शिकायत भी की है। ज्यादातर सरपंच आदिवासी हैं और वे भुगतान को लेकर पड़ते दबाव के चलते काफी परेशान हैं। 

उन्होंने बताया है कि पंचायत से उपरोक्त सामग्री के लिए न तो कोई मांग पत्र जारी किया गया है और न ही प्रस्ताव पारित किया गया है। बावजूद इसके एक वाहन में सामग्री गांव तक पहुंचाई जा चुकी है और बिल भी थमा दिया गया है। यह बिल आरके फार्मास्यूटिकल के नाम से जारी किया गया है। 'छत्तीसगढ़' ने इस पूरे मामले में फर्म के लोगों से संपर्क कर वस्तु स्थिति जानने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं दिया गया। बहरहाल, आने वाले दिनों में यह मामला गरमा सकता है।   


30-May-2020 3:23 PM

नई दिल्ली, 30 मई। कोरोना वायरस के चलते मास्को जा रहा एयर इंडिया का विमान शनिवार को वापस दिल्ली आ गया है। दरअसल, दिल्ली से मॉस्को जाने वाली फ्लाइट उस समय आधे रास्ते से वापस आ गई जब ग्राउंड स्टाफ को पता चला कि विमान में सवार पायलटों में से एक कोरोना संक्रमित पाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया का ए-320 विमान फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए मॉस्को जा रहा था। विमान उज्बेकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंचा था कि अधिकारियों को पता चला विमान में सवार एक पायलट कोरोनावायरस संक्रमित है।

अधिकारियों ने कहा कि विमान में कोई यात्री सवार नहीं था। जानकारी होते ही विमान को तुरंत वापस आने के लिए कहा गया। विमान शनिवार को दोपहर 12.30 बजे वापस दिल्ली पहुंचा। विमान में सवार चालक दल के सदस्यों को क्वारंटाइन किया गया है। फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए दूसरे विमान को भेजा जाएगा।

इससे पहले, घरेलू उड़ान सेवा में भी दो फ्लाइटों में कोरोना संक्रमित पाए जाने का मामला सामने आया था।  केंद्र ने 25 मई (सोमवार) से देश में घरेलू हवाई सेवाओं की अनुमति दी थी। अनुमति के बाद दो फ्लाइटों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं। दिल्ली-लुधियाना की फ्लाइट में मौजूद एलाइंस एयर का एक  कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद विमान में सवार अन्य यात्रियों को क्वारंटाइन कर दिया गया। 

इसके अलावा, चेन्नई-कोयम्बटूर की इंडिगो फ्लाइट में भी एक यात्री कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया है। जिसके बाद इंडिगो ने विमान के पूरे क्रू सदस्यों को 14 दिन के लिए उड़ान से रोका गया था।  (प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया)


30-May-2020 3:17 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 30 मई।
छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत संचालित पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा की पीएचडी अध्ययनरत छात्रा रश्मि एस. कश्यप को मिनिस्ट्री ऑफ ट्रायबल, भारत सरकार की तरफ से नेशनल फैलोशिप (कैटेगरी-एसटी) के लिए चयन किया गया है।
 
डॉ. रश्मि एस. कश्यप महाविद्यालय के मेडिसीन विभाग में पीएचडी प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। प्रदेश से डॉ.रश्मि एकमात्र छात्रा है, जिनका चयन इस राष्ट्रीय स्तर के स्कॉलरशिप के लिए हुआ है। वे पशु औषधि के क्षेत्र में शोध करेंगी, जिससे प्रदेश के दुरांचल में स्थित किसान एवं पशुपालक लाभान्वित होंगे। केन्द्र शासन द्वारा प्रतिभाशाली छात्राओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया जाता है जिससे आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित किया जा सके। 

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एन.पी. दक्षिणकर, अधिष्ठाता डॉ.एस.के. तिवारी एवं कुलसचिव डॉ.पी.के. मरकाम ने डॉ. रश्मि का अभिनंदन किया है एवं उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।


30-May-2020 3:09 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
रायपुर में नगर पालिक निगम बिरगांव के वार्ड रांवाभाटा क्षेत्र थाना उरला में एक नए कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया है। पीडि़त व्यक्ति भी मजदूर है। इसको माना अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कोरोना पीडि़त को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है।
 
कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर सौरभ कुमार ने पूर्व में शिव मंदिर के पास नाला, पश्चिम में श्यामलाल दिप का मकान, उत्तर में रामविलाश साहू के मकान के पास, उत्तर-पश्चिम में सुरेश साहू का मकान और दक्षिण में रास्ता बंद है, को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इसके अतिरिक्त मरीज के कार्यस्थल गणपति इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, दैनिक भास्कर प्रेस के बाजू से, औद्योगिक क्षेत्र उरला को भी कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। 


30-May-2020 3:05 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
शहर के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब की सफाई के साथ ही उसके सौंदर्यीकरण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। बीती रात में दानी गल्र्स स्कूल की एक पुरानी बिल्डिंग को गिराकर वहां गार्डन के कुछ पेड़ों की कटाई की गई। कहा जा रहा है कि सप्रे स्कूल, दानी स्कूल और डिग्री गल्र्स कॉलेज की चारदीवारी को पीछे हटाकर व कुछ पुराने हॉस्टल भवनों को तोड़कर यहां तेलीबांधा मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का निर्माण किया जाएगा। इस तरह बूढ़ातालाब को शहर की सबसे सुंदर जगह बनाने की तैयारी है।
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया हाल ही में बूढ़ातालाब की सफाई देखने पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महापौर एजाज ढेबर, एमआईसी सदस्यों और अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा था कि बूढ़ातालाब को शहर का सबसे सुंदर जगह बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से तालाब के संरक्षण और संवर्धन की तैयारी शुरू कर दी गई है। निगम जोन चार ने नेहरू नगर में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। वहीं स्मार्ट सिटी कंपनी ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। 

कहा जा रहा है कि करोड़ों की लागत से बूढ़ातालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। उसे तेलीबांधा मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। सड़क, पाथवे के साथ यहां चौपाटी बनाई जाएगी। तालाब में आकर्षक रंगीन फौव्वारे लगाए जाएंगे। इसके लिए सप्रे स्कूल, दानी स्कूल व डिग्री गल्र्स कॉलेज की चारदीवारी को पीछे हटाने के साथ ही कुछ पुराने हॉस्टल भवन भी गिराए जा सकते हैं। इसके लिए बकायदा मार्किंग भी की जा रही है। हालांकि स्मार्ट सिटी से जुड़े अफसर फिलहाल इस संबंध में ज्यादा कुछ नहीं बता रहे हैं और यह कह रहे हैं कि अभी पूरी योजना बननी है। 


30-May-2020 1:51 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 30 मई। हाईकोर्ट ने दुर्ग के प्रतिष्ठित नागरिक व व्यवसायी रावलमल जैन और उनकी पत्नी की गोली मार कर हत्या करने के आरोपी पुत्र को तीन माह बाद भी केस डायरी प्रस्तुत नहीं होने के अधार पर जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने आरोपी को एक जुलाई को ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2018 में दुर्ग के प्रतिष्ठित नागरिक व व्यवसायी रावलमल जैन व उनकी पत्नी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दुर्ग पुलिस ने लंबी जांच के बाद उनके पुत्र संदीप जैन को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया था। इसके साथ आरोपी ने न्यायालय में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने एवं जमानत प्रदान करने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। 

याचिका में कहा गया कि इस मामले में उसे हत्या के झूठे मामले में फंसाया गया है। अभियोजन के पास इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है। फरवरी में जस्टिस रजनी दुबे ने नोटिस जारी कर दुर्ग पुलिस को केस डायरी पेश करने का आदेश दिया था। गुरुवार को जस्टिस दुबे की कोर्ट में मामले में पुन: सुनवाई हुई। केस डायरी प्रस्तुत नहीं होने पर कोर्ट ने आरोपी को अंतरिम जमानत प्रदान कर दी। कोर्ट ने आरोपी  को एक जुलाई को कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है।


30-May-2020 1:16 PM

ट्विटर पर फिलहाल गूगल सर्च मत करिये ट्रेंड हो रहा है। सुनकर ऐसा लगता है कि यह गूगल से जुड़ा कोई विवाद है। लेकिन फिर पता चलता है कि यह समाचार चैनल पर हुई एक बहस का नतीजा है। यह बहस एबीपी न्यूज पर प्रवासी मजदूरों के संकट को लेकर हो रही थी। विपक्षी कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के प्रवक्ता एक-दूसरे से तर्क-वितर्क कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया से पूछा कि वे मजदूरों की चिंता की बात कर रहे हैं लेकिन क्या उन्हें अपनी सरकार के श्रम मंत्री का नाम पता है।

इस पर गौरव भाटिया पहले तो यह कहकर मामला टालने की कोशिश करते दिखे कि आप अपना जवाब दीजिए और जब उनकी बारी आएगी तो वे बताएंगे। लेकिन रोहन गुप्ता बार-बार उनसे यही पूछते रहे। इस पर गौरव भाटिया नीचे देखने लगे और ऐसा लगा जैसे वे कुछ खोज रहे हों। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वे तुरंत नाम बताएं और गूगल पर मत खोजें। काफी देर बाद गौरव भाटिया ने जवाब दिया कि संतोष कुमार गंगवार।

इस वीडियो को लेकर गौरव भाटिया और भाजपा पर खूब तंज कसे जा रहे हैं। कई यूजर चुटकी भी ले रहे हैं। मसलन दिनेश दीक्षित नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया है कि गौरव भाटिया अगर गूगल सर्च करें कि श्रम मंत्री कौन है तो जवाब आएगा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

कुछ समय पहले भाजपा के ही एक और प्रवक्ता संबित पात्रा का ऐसा ही एक वीडियो भी चर्चा में रहा था। तब एक टीवी चैनल पर पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था पर हो रही चर्चा में कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने उनसे पूछ लिया था कि पांच ट्रिलियन में कितने जीरो होते हैं। इस पर संबित पात्रा भी अटक गए थे। (satyagrah.scroll.in)


30-May-2020 12:21 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

उदयपुर, 30 मई। आज सुबह सरगुजा जिले के जजगा मोड़ के समीप एचपी कंपनी का डीजल-पेट्रोल लोड टैंकर बेकाबू होकर पलट गया। टैंकर चालक व खलासी मौके से फरार हो गए। पुलिस के पहुंचने तक 1 घंटे तक डीजल-पेट्रोल लूटने ग्रामीणों में होड़ मची रही। समाचार लिखे जाने तक टैंकर से तेल का रिसाव जारी है।

शनिवार सुबह करीब 7 बजे सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जजगा मोड़ के समीप एचपी कंपनी की डीजल पेट्रोल लोड टैंकर क्रमांक सीजी 15 एसी 9829 ग्राम जजगा मोड़ के समीप अनियंत्रित होकर पलट गई। टैंकर के पलटते ही चालक व क्लीनर मौके से किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए फरार हो गए। इसी बीच डीजल पेट्रोल लोड टैंकर पलटने की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण बाल्टी, डिब्बा और अन्य साधन लेकर टैंकर के समीप पहुंच गए तथा टैंकर से गिर रहे डीजल पेट्रोल को लेने की होड़ मच गई। इस दौरान लोग अपने जान को जोखिम में डालकर यह काम करते रहे। लॉकडाउन के नियमों की किस तरह धज्जियां उड़ी, यह भी यहां देखा नजर आया।  लोग कोरोना महामारी को भी भूल गए। 

लखनपुर पुलिस को सूचना करने पर 112 की टीम घटनास्थल पहुंची, तब तक  लोग अपनी जान की परवाह किये बगैर डीजल-पेट्रोल इक_ा करने में लगे हुए थे। पुलिस ने लोगों को वहां से भगाया। टैंकर में लिखे नंबर से टैंकर मालिक को दुर्घटना की सूचना पुलिस द्वारा दे दी गई है। अभी भी टैंकर से तेल का रिसाव जारी है। प्रशासनिक अमले को भी घटना की सूचना मोबाइल के माध्यम से दी गई है।


30-May-2020 11:43 AM

सागौन बंगले से आखिरी बार रवाना हुए जोगी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पार्थिव शरीर  को लेकर परिवार के सदस्य सागौन बंगले से शनिवार को रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुए। मरवाही सदन में कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद श्री जोगी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव जोगीसार गौरेला ले जाया जाएगा। बाद में शाम साढ़े 4 बजे गौरेला के प्रभु ख्रीष्ट वाटिका में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बेटी अनुषा जोगी के कब्र के बगल में ही अजीत जोगी का अंतिम संस्कार होगा। 


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