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दुर्ग में सर्वाधिक 13, प्रदेश में रात तक कुल 38 पॉजिटिव, 18 जिलों में शून्य
21-Oct-2021 10:18 PM (106)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 अक्टूबर। राज्य में आज रात 09.00 बजे तक 38 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 13 दुर्ग जिले से हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के इन आंकड़ों के मुताबिक आज रात तक किसी भी जिले में 15 से अधिक कोरोना पॉजिटिव नहीं मिले हैं। वहीं 18 जिलों में आज कोई संक्रमित नहीं मिले हैं।

आज एक मौत हुई है।

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दुर्ग 13, राजनांदगांव 0, बालोद 0, बेमेतरा 0, कबीरधाम 0, रायपुर 5, धमतरी 0, बलौदाबाजार 1, महासमुंद 0, गरियाबंद 0, बिलासपुर 3, रायगढ़ 2, कोरबा 0, जांजगीर-चांपा 1, मुंगेली 0, जीपीएम 0, सरगुजा 0, कोरिया 0, सूरजपुर 0, बलरामपुर 2, जशपुर 0, बस्तर 4, कोंडागांव 0, दंतेवाड़ा 0, सुकमा 0, कांकेर 2, नारायणपुर 0, बीजापुर 1, अन्य राज्य 4 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

छत्तीसगढ़ में कुपोषण में 19 फीसदी कमी
21-Oct-2021 8:41 PM (139)

   सुपोषण अभियान को बड़ी सफलता  

रायपुर, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कुपोषण मुक्ति की पहल पर छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर 2019 से शुरू हुए प्रदेशव्यापी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का अच्छा प्रतिसाद मिलने लगा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के साथ विभिन्न योजनाओं के एकीकृत प्लान और समन्वित प्रयास से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है।

प्रदेश में वजन त्यौहार जुलाई 2021 के अनुसार राज्य में केवल 18.84 प्रतिशत बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। यदि एनएफएचएस-4 से तुलना करते हैं तो कुपोषण में छत्तीसगढ़ में लगभग 18.86 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यदि अन्य राज्यों से तुलना करते हैं तो देश के अन्य 21 राज्यों में जहां एनएफएचएस-5 का डाटा जारी किया गया है वहां कुपोषण के स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़े नेट पर उपलब्ध है। इस तरह कतिपय समाचार पत्रों में छत्तीसगढ़ में कुपोषण अधिक होने से संबंधित प्रसारित समाचार भ्रामक, आधारहीन तथा तथ्यों से परे हैं। आंकड़े से साफ प्रदर्शित होता है कि छत्तीसगढ़ कुपोषण में कमी लाने वाले राज्यों में अग्रणी है तथा राज्य में कुपोषण में कमी लाने हेतु प्रयास निरंतर जारी है।

गौरतलब है कि एनएफएचएस-4 जो कि वर्ष 2015-16 में जारी हुआ था, उसमें छत्तीसगढ़ में कुपोषण 37.7 प्रतिशत पाई गयी थी तथा राष्ट्रीय औसत 35.7 था। वर्ष 2015-16 के पश्चात् राज्य सरकार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं कायर्क्रमों के माध्यम से बच्चों में कुपोषण कम करने का प्रयास किया गया। अभी जुलाई 2021 में 07 जुलाई से 16 जुलाई 2021 के मध्य वजन त्यौहार का आयोजन किया गया। इस अवधि में लगभग 22 लाख बच्चों का वजन लिया जा कर कुपोषण के स्तर का आंकलन किया गया है। यह एक रियलटाईल डाटा है तथा पारदर्शी तरीके से वजन लिया जा कर आंगनबाड़ी कायर्कर्ता के द्वारा ही एप्प में एंट्री की गई ताकि डाटा की गुणवत्ता प्रभावित न हो। इस अवधि में डाटा की गुणवत्ता परीक्षण के लिए बाह्य एजेंसी की सेवाएं ली गई थी अर्थात् वजन त्यौहार का डाटा प्रमाणित डाटा है।

छत्तीसगढ़ में जनवरी 2019 की स्थिति में चिन्हांकित कुपोषित बच्चों की संख्या 4 लाख 33 हजार 541 थी, इनमें से मई 2021 की स्थिति में लगभग एक तिहाई 32 प्रतिशत अर्थात एक लाख 40 हजार 556 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए है। जो कुपोषण के खिलाफ शुरू की गई जंग में एक बड़ी उपलब्धि है। बहुत ही कम समय में ही प्रदेश में कुपोषण की दर में उल्लेखनीय कमी आई है, इसका श्रेय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व और उनकी दूरदर्शी सोच को जाता है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं अनूठी- उइके
21-Oct-2021 7:58 PM (25)

    राज्यपाल से गुजरात के पत्रकारों के समूह ने की भेंट    

रायपुर, 21 अक्टूबर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में गुजरात के पत्रकारों के समूह ने आज मुलाकात की। पत्रकारों के समूह ने राज्यपाल को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने उन्हें छत्तीसगढ़ का स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन संसाधनों से परिपूर्ण आदिवासी बहुल राज्य है। यहां की संस्कृति और परंपराएं अनूठी है। यहां के पर्यटन स्थल मन मोह लेते हैं। यहां का बस्तर दशहरा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस अवसर पर रथयात्रा होती है, जो श्रद्धालुओं द्वारा खींची जाती है। इस पर्व का प्रत्येक चरण अनूठा है। इसकी तैयारी काफी पहले से की जाती है। लकड़ियों से रथ तैयार किया जाता है। इस रथ को आदिवासियों द्वारा चुराने की रस्म की जाती है, उसे बाद में बस्तर के राजा द्वारा खोजा जाता है और खोजकर देवताओं की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र पांचवी अनुसूची के तहत आते हैं, जहां राज्यपाल को आदिवासियों के संरक्षण के लिए विशेष अधिकार प्राप्त है। उन्होंने बताया कि जबसे उन्होंने राज्यपाल का दायित्व ग्रहण किया तबसे उन्होंने यह प्रयास किया कि राजभवन के दरवाजे जो भी आए, उनकी तकलीफों को सुनूं और उन्हें दूर करने का प्रयास करूं। उन्होंने राजभवन की परंपरागत विशिष्ट अवधारणा को समाप्त करने का प्रयास किया है। राजभवन के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, वे छत्तीसगढ़ की जनता की संरक्षक हैं और सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करती हैं।

पत्रकारों के समूह ने बताया कि उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन और सिरपुर का भ्रमण किया है। पुरखौती मुक्तांगन में आदिवासी परंपराओं और संस्कृति की जानकारी मिली। उन्हें गुजरात के आदिवासियों की संस्कृति और परंपराओं और यहां के आदिवासियों की संस्कृति में साम्यता महसूस हुई। जब उन्होंने सिरपुर को देखा तो उन्हें गुजरात में स्थित लोथल का स्मरण हुआ। उन्होंने राज्यपाल सुश्री उइके को गुजरात आने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, पी.आई.बी. रायपुर के सहायक निदेशक सुनील तिवारी, पत्र सूचना कार्यालय अहमदाबाद के कंडक्टिंग अधिकारी जितेन्द्र यादव, जतिन आर. भट्ट, सुश्री अस्मिता दवे, सुश्री गीता मेहता, सुश्री जलपा व्यास उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि गुजरात से पत्रकारों का यह समूह ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के भ्रमण पर हैं।

बंगाल में BJP को पटखनी देने के बाद अब त्रिपुरा में TMC की बड़ी तैयारी, जानें रणनीति
21-Oct-2021 7:23 PM (33)

अगरतला. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के हौसले बढ़े हुए हैं. पार्टी अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज कराने के सभी प्रयासों में लगी हुई है. अब त्रिपुरा के निकाय चुनावों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पार्टी लोगों तक पहुंचने का बड़ा अभियान चलाने वाली है.

महत्वपूर्ण ये है कि पार्टी लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने का ये कार्यक्रम विधानसभा चुनावों से करीब डेढ़ वर्ष पहले कर रही है. माना जा रहा है कि स्थानीय चुनावों के जरिए पार्टी का मुख्य निशाना विधानसभा चुनावों पर है. त्रिपुरा में बीजेपी ने 2018 में लंबे समय से चले आ रहे लेफ्ट के शासन का अंत कर दिया था.

त्रिपुरा में पार्टी की जिम्मेदी सुष्मिता देब के कंधों पर
टीएमसी ने त्रिपुरा में पार्टी की जिम्मेदारी सुष्मिता देब को दी हुई है जो कुछ ही समय पहले कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में आई हैं. देब ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष थीं.

हर ब्लॉक में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे तृणमूल के कार्यकर्ता
इंडिया टुडे पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक देब का कहना है-हम निकाय चुनाव के मद्देनजर राज्य के हर ब्लॉक में जाएंगे. हमारे युवा कमेटी मेंबर लोगों के पास जाकर उनकी परेशानियों के बारे में जानेंगे.

कोरोना की वजह से लागू है धारा 144, पार्टी नहीं तोड़ेगी कोई भी कानून
टीएमसी ने ये भी तय किया है कि राज्य में कोरोना की वजह से लागू धारा 144 का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा. देब का कहना है-हम कोई भी कानून नहीं तोड़ेंगे. हम ये कार्यक्रम अगले 10-12 दिनों में करेंगे. हमने राज्य में बीजेपी के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई है.

कई कांग्रेसी-बीजेपी नेताओं ने ज्वाइन की तृणमूल
दरअसल खुद को राष्ट्रीय विकल्प बनाने के चक्कर में तृणमूल के साथ कांग्रेस की अनबन भी हुई है. सुष्मिता और अन्य कांग्रेसी नेताओं के ज्वाइन करने को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से टिप्पणी की गई थी. इस पर तृणमूल ने भी जवाब दिया था. विधानसभा चुनावों में टीएमसी की जीत के बाद कई बीजेपी नेता भी ममता बनर्जी खेमे का रुख कर चुके हैं. (news18.com)

 

मौत के बेहद नज़दीक था शख्स, सिख युवकों ने पगड़ी की रस्सी बनाकर यमराज से बचाया !
21-Oct-2021 7:22 PM (30)

कहते हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं और इंसानियत से बड़ा कोई सबक नहीं है. कनाडा में सिख समुदाय के कुछ युवकों ने इस बात को साबित भी कर दिया है कि वाकई जब मानवता संकट में हो, तो धर्मचिह्नों को उसकी रक्षा में कुर्बान कर देना चाहिए. यहां एक झरने के पास खड़े शख्स जान खतरे में थी, तो वहां मौजूद 5 युवकों ने अपनी पगड़ी खोल दी और उन्हें यमराज के मुंह से खींच लाए.

इस घटना का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस युवकों का जज्बा देखकर हर कोई इन्हें सैल्यूट कर रहा है. जिस तरह इन्होंने वक्त की नज़ाकत देखते हुए समय बर्बाद किए बिना फंसे हुए शख्स की सहायता के लिए पगड़ी खोलकर उसकी रस्सी बना दी, ये तारीफ के काबिल था. अगर वे रेस्क्यू टीम का इंतज़ार करते, तो शायद तब तक बड़ा हादसा हो जाता. ये वीडियो अब इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है.

मजहब से ऊपर रखी मानवता
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सिख कम्युनिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया ने शेयर किया है. ये घटना कनाडा में मौजूद मशहूर टूरिस्ट स्पॉट गोल्डन इयर्स वॉटरफॉल की है. बर्फीले सरफेस पर एक शख्स फिसलकर सीधा झरने में गिर गया था. तमाम तरह की कोशिशें करने के बाद भी वो बाहर नहीं आ पा रहा था. जब तक इसकी जानकारी रेस्क्यू टीम को दी गई, फंसा हुआ शख्स बेहाल हो रहा था. वहां मौजूद सिखों के एक ग्रुप ने जब ये स्थिति देखी, तो उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए तुरंत अपनी पगड़ियां उतार दीं और उससे एक रस्सी बना दी. इसी रस्सी से पानी में बहते शख्स की जान बचाई गई.

पहले भी हो चुका है ऐसा
इससे पहले भी साल 2020 में सिख समुदाय के कुछ बुजुर्गों ने तब एक दिल जीतने वाला कारनामा किया जब कनाडा के एक बर्फीले तलाब के पास टहल रही लड़कियां अचानक उसमें गिरकर डूबने रही थीं और वहां टहल रहे सिख समुदाय के लोगों तुरंत अपनी पगड़ी उतारकर उनके पास फेंक दी. कनाडा मीडिया के ग्लोबल नेशनल ने इस घटना का एक वीडियो भी ट्वीट किया था. एक बार फिर ऐसी ही घटना में सिख युवाओं ने पगड़ी के इस्तेमाल से युवक की जान बचा ली.

100 करोड़ वैक्सीनेशन के लक्ष्य के बाद ज्यादा कठिन हो जाएगा टीकाकरण अभियान : डॉ. कांग
21-Oct-2021 7:22 PM (30)

-हिमानी चंदना

नई दिल्ली: कोविड-19 माहामारी की जंग जीतने के लिए भारत तेजी से वैक्सीनेशन अभियान जारी रखे हुए हैं. इसी क्रम में गुरुवार को देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन डोज का आंकड़ा पार कर लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई देशों ने भारत की इस उपलब्धि पर बधाई दी. देश की इस उपलब्धि के बीच वैक्सीन विशेषज्ञ डॉ. गगनदीप कांग ने कहा कि भारत ने कोविड-19 टीकों की 100 करोड़ खुराक देने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है लेकिन अब यहां से टीकाकरण अभियान की रहा ज्यादा कठिन हो जाएगी.

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लो की रिसर्च लेबोरेटरी की प्रोफेसर डॉ. कांग ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि विश्व के तमाम बड़े देशों की तुलना में भारत कोरोनो वायरस के खिलाफ आज अच्छी स्थिति में है. रोटावायरस वैक्सीन के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली विशेषज्ञ कांग ने कहा कि वैक्सीनेशन के इस पड़ाव के बाद की स्थिति ज्यादा कठिन होने वाली है.

अंतिम लक्ष्य पाना होगा कठिन
उन्होंने कहा कि पहले 10,20 या फिर 70 प्रतिशत का पड़ाव पार करना आसान होता है लेकिन अंत के 10-20 प्रतिशत का लक्ष्य काफी कठिन होता है और यही हमें वैक्सीनेशन पर भी देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि यहां ऐसी आबादी का लक्ष्य शुरू होता है जो या तो वैक्सीन की पहुंच से दूर है या फिर जिसके मन में अभी भी वैक्सीन को लेकर संशय और हिचकिचाहट बनी हुई है.

नए प्रोटोकॉल्स पर भी देना होगा ध्यान
उन्होंने कहा आज भारत ने जो लक्ष्य पूरा किया है वह जरूर जश्न मनाने का पल है लेकिन हमें आगे क्या होगा इसकी भी तैयारी करना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की पूरी आबादी को वैक्सीनेसन की डोज देने में अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है. उन्होंने कहा अब एक बार फिर से पुनर्विचार का समय है कि कोविड-19 परीक्षण कैसे किए जाएं. ट्रेसिंग के साथ साथ ने कोविड-19 प्रोटोकॉल क्या होंगे इस बारे मे भी ध्यान देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अभी भी वैक्सीनेशन को लेकर भारत में बहुत से प्रश्न हैं. डॉ कांग ने बच्चों के वैक्सीनेशन पर कहा कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरू करने से पहले हमें पूरी तरह से परीक्षणों की जांच करना चाहिए और इस दिशा में कदम उठाने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि बच्चों का टीकाकरण क्यों और किस वैक्सीने से किया जाना चाहिए. (news18.com)

दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों में कम पड़ गए बेड, सरकार ने दिया ये बड़ा आदेश
21-Oct-2021 7:21 PM (20)

-दीपक रावत

नई दिल्ली. दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों और इलाज के लिए अस्पताल में हो रही बेड्स की कमी को देखते हुए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का एक अहम आदेश आया है. कोरोना के घटते मामलों के मद्देनजर सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में कोरोना के लिए आरक्षित बेड्स की संख्या घटाई गई है और उन बेड्स को डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किया जा रहा है.

दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में कोरोना के लिए रिजर्व 700 बेड्स की संख्या 450 की गई है, यानी 250 बेड्स डेंगू के इलाज के लिए बढ़ाए गए हैं. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कोरोना के लिए आरक्षित 600 बेड्स की संख्या 350 की गई है, यानी यहां भी 250 बेड्स डेंगू के इलाज के लिए बढ़ाए गए हैं.

इसके अलावा, दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम जिनकी क्षमता 100 बेड्स या इससे ऊपर है. अपनी कुल बेड्स क्षमता के 30 प्रतिशत के जगह केवल 10 प्रतिशत बेड्स कोरोना के लिए आरक्षित रख सकते हैं. इससे प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए बेड की उपलब्धता बढ़ेगी. बता दें कि इस हफ्ते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते में डेंगू के 243 मामले सामने आए हैं. इसके चलते दिल्ली सरकार सतर्क हो गई है और इसे रोकने के उपाय शुरू कर दिये हैं. (news18.com)

कोबरा से डसवाकर पत्नी की हत्या, सूरज ने ऐसे बनाया था पूरा प्लान
21-Oct-2021 7:20 PM (31)

कोच्चि. केरल की एक अदालत ने पिछले सप्ताह एक व्यक्ति को कोबरा से कटवाकर मारने के जुर्म में दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी गई है. केरल के पुलिस प्रमुख ने इसे एक ऐसा दुर्लभतम मामला बताया जहां आरोपी को परिस्थतिजन्य साक्ष्य के आधार पर बेनकाब किया गया. अदालत ने दोषी सूरज कुमार को हत्या के प्रयास के अपराध में उम्रकैद, जहर देने के मामले में 10 साल और सबूत नष्ट करने के लिए सात साल की सजा सुनाई. वकील ने बताया कि अदालत ने दोषी पर कुल 5.85 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

सूरज कुमार ने कैसे अपनी पत्नी को मारने के लिए पूरी योजना कैसे बनाई थी इसका पूरा खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सूरज कुमार ने पिछले साल दुनिया के सबसे जहरीले सांपो में शुमार स्पेक्टेकल्ड कोबरा को एक सपेरे से अवैध रूप से 7000 रुपये में खरीदा था. दोषी ने इस सांप को रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किया. इसके लिए उसने एक प्लास्टिक कंटेनर में हवा निकलने के लिए एक छेद करके कोबरा को उसमें रखकर घर ले आया. इसके करीब 13 दिन बाद वह एक कंटेनर में यह बैग रखकर अपनी ससुराल ले गया.

तीसरी कोशिश में सूरज ने अपने मंसूबों को दिया अंजाम
सूरज की पत्नी उत्तरा को पहले से ही सांप ने काटा था और वह इससे ठीक हो रही थी. उत्तरा को जब रसेल वाइपर सांप ने पहली बार काटा तो उनकी 3 सर्जरी हुई थीं और वह 52 दिनों के लिए अस्पताल में रहीं और ठीक होने के बाद अपने माता-पिता के घर लौट आईं. इस पूरी घटना की जांच करने वालों का कहना है कि उत्तरा की सेहत ठीक हो रही थी लेकिन सूरज ने 6 मई को उसे बेहोशी की दवा मिलाकर जूस दे दिया और उसके बेहोश होने के बाद उसने पांच फीट लंबे सांप को अपनी पत्नी के ऊपर गिरा दिया.

सांप उस पर हमला करने के बजाय भाग गया और सूरज ने भागते हुए सांप को फिर से उठाकर उत्तरा पर फेंक दिया. लेकिन सांप फिर से फिसल गया. तीसरी बार फिर से सूरज सांप को गर्दन से पकड़कर अपनी पत्नी के हाथ के पास ले गया. इसके बाद गुस्साए सांप ने उसे काट दिया. सूरज ने फिर सांप को शेल्फ में बंद कर दिया और रात भर उसे वहीं बंद रखा.

खून और विसरा की जांच से सामने आया सच
उत्तरा की मां जब सुबह उसके कमरे में गईं तब उन्होंने देखा कि वह बिस्तर पर पड़ी है और उसका मुंह खुला हुआ और बायां हाथ लटक रहा था. जब उत्तरा की मां ने सूरज से उसकी हालत के बारे में जानना चाहा तो उसने बात को टालमटोल करना चाहा. उसके माता-पिता वहां से उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. उत्तरा के खून और विसरा की जांच में कोबरा के जहर और नशीली दवाइयों की पुष्टि हुई. जिसके बाद उत्तरा के माता-पिता ने सूरज के खिलाफ मामला दर्ज कराया और पुलिस ने उसे 24 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया. (news18.com)

Gmail में नया अपडेट : ईमेल लिखना होगा आसान, खुद जीमेल करेगा मदद!
21-Oct-2021 7:19 PM (20)

नई दिल्ली. गूगल अपने जीमेल यूजर्स के लिए कुछ नए फीचर रोलआउट कर रहा है. कंपनी वेब के लिए जीमेल में To, Cc, और Bcc में विजुअस अपडेट्स और सुधार ला रहा है. कंपनी ने कहा है कि इन नए बदलावों से यूजर्स के लिए ईमेल लिखना पहले से अधिक आसान हो जाएगा.

टू (To), सीसी (CC), और बीसीसी (BCC) फील्ड का इस्तेमाल करते समय यूजर्स को एक नए राइट-क्लिक मेनू मिलेगा. इस पर क्लिक करके यूजर्स को प्राप्तकर्ताओं का पूरा नाम और ईमेल नजर आएगा. यहीं पर कॉन्टेक्ट को एडिट और ईमेल एड्रेस को कॉपी किया जा सकेगा. यही नहीं यूजर प्राप्तकर्ता का इन्फॉर्मेशन कार्ड भी खोलकर देख पाएंगे. गूगल ने अपने एक ब्लॉग में इसकी घोषणा की है.

अवतार चिप्स और इंडीकेटर
अब आप अपनी ऑर्गेनाइजेशन के बाहर के यूजर्स या कॉन्टेक्स को जोड़ते समय अवतार चिप्स और इंडीकेटर्स देख पाएंगे. कंपनी ने पहले से बेहतर विजुअल इंडीकेटर जोड़ दिए हैं ताकि यूजर को ईमेल कंपोज करते ये इंडीकेटर गाइड कर पाएं. हर प्राप्तकर्ता (Recipient) के लिए अब एक अवतार चिप होगा, जो आपको ये जानने में मदद करेगा कि आपने किसे किसे ईमेल में जोड़ा है. आपके संस्थान के बाहर का कोई व्यक्ति यदि आपकी Recipient लिस्ट में होगा तो उसे आसानी से पहचाना जा सकेगा. वह सभी बाहरी कॉन्टेक्ट, जिनसे आप पहले कभी ईमेल का आदान-प्रदान कर चुके हैं, गहरे पीले रंग में नजर आएंगे.

ईमेल को सही फॉर्मेट में टाइप करने में मदद
गूगल अब ये भी बताएगा कि आपके द्वारा टाइप किया गया ईमेल एड्रेस सही है या गलत. यदि वह गलत होगा तो आपकी recipient चिप्स में उसकी एंट्री नहीं होगी. यदि आपने कोई ईमेल एड्रेस लिखने में कोई गलती की है तो आपको ईमेल भेजने से पहले ही एक एरर मैसेज दिखेगा.

गूगल ने अपने वेब यूजर्स को जीमेल का ये फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है. यह सभी गूगल वर्कस्पेस, जी स्यूट बेसिक और बिजनेस कस्टमर्स के लिए जारी किया जाएगा. कंपनी ने कहा है कि पर्सनल गूगल अकाउंट वाले इस नए फीचर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. (news18.com)

तेजस्वी यादव को घमंडी बता किन्नर चंपा ने कहा- दिल के टुकड़े-टुकड़े करके मुस्कुरा कर चल दिये...
21-Oct-2021 7:19 PM (19)

-विपिन कुमार दास

दरभंगा. अपनी मजबूरी और समस्या को लेकर एक किन्नर बड़ी उम्मीद से कुशेश्वरस्थान विधानसभा के विरौल गांव से चलकर दरभंगा के सोनकी तेजस्वी यादव से मिलने पहुंची थी. जैसे ही तेजस्वी यादव का काफिला अपने लाव-लश्कर के साथ होटल से निकला किन्नर ने तेजस्वी के काफिले को रोक दिया. किन्नर तेजस्वी यादव के गाड़ी के सामने खड़ी हो गई और तेजस्वी यादव से मिलने की जिद्द करने लगी, लेकिन राजद कार्यकर्ताओं ने उन्हें धक्के मार अलग कर दिया. हालांकि किन्नर के हाथ मे दो सौ रुपये की बख्शीस के रूप में रख दिया. किन्नर के साथ जब यह सब हो रहा था तो तेजस्वी यादव अपनी गाड़ी में बैठे हुए मंद- मंद मुस्कुरा रहे थे. उन्होंने किन्नर से मिलने की जरूरत भी नहीं समझी.

इससे नाराज किन्नर चंपा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे लोग मांग कर अपना भरण पोषण करते हैं. ऐसे में हम अपनी समस्या तेजस्वी यादव के पास रखने आये थे, उनको आशीर्वाद देने आए थे. लेकिन,  उनसे न मुलाकात हुई न कोई बात हुई. चंपा किन्नर ने तेजस्वी यादव को घमंडी बताते हुए कहा कि उनके लिए माला लाये वह भी नहीं लिया और गाड़ी पर फेंक दिया.

इतना ही नहीं चंपा ने बताया कि बड़ी दूर से बड़ी उम्मीद के साथ आये थे आशीर्वाद देने ताकि यह मुख्यमंत्री बने, इनके घर खुशियों की बौछार हो, लेकिन मुझे दो सौ रुपये देकर निकल गए. गुस्से भरे लहजे में चंपा किन्नर ने कहा आज के जमाने मे तो सौ दो सौ तो कुत्ते-बिल्ली भी नहीं लेते.

अपनी नाराजगी जताते हुए चंपा किन्नर ने गीत गुनगुना कर कहा दिल के टुकड़े-टुकड़े कर के मुस्कुरा के चल दिये. तेजस्वी से मुलाकात नहीं होने के कारण किन्नर चंपा पहले तो तेजस्वी यादव को खूब खरी-खोटी सुनाई, लेकिन बाद में तेजस्वी यादव को आशीर्वाद भी दिया. (news18.com)

घर-सोसाइटी में मच्छर मिले तो कटेगा हजारों रुपये का चालान, जानिए नियम
21-Oct-2021 7:18 PM (21)

नोएडा. गौतम बुद्ध नगर प्रशासन डेंगू की रोकथाम के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है. एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है. शहर में साफ-सफाई भी कराई जा रही है. साथ ही सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए चेकिंग भी की जा रही है. जहां गंदगी मिल रही है, वहां चालान काटा जा रहा है. घरों में मच्छर और एंटी लार्वा मिलने पर नोटिस भेजा रहा है तो सोसाइटी का चालान काटा जा रहा है. ऐसी ही एक सोसाइटी के बेसमेंट में पानी भरा होने और पूरी तरह से साफ-सफाई न होने पर 50 हजार रुपये का चालान काटा गया है. सेक्टर 137 में है लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी सोसाइटी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है. 35 घरों को भी नोटिस दिया गया है.

गौरतलब रहे जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा और उनकी टीम लगातार चेकिंग कर रही है. साथ ही रेजिडेंशियल सोसाइटी समेत सभी संस्थानों और होटल-रेस्टोरेंट को भी निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने यहां किसी भी तरह से पानी जमा न होने दें. अगर जरूरत पड़े तो उसमे थोड़ा सा मिट्टी का तेल जरूर डालें, जिससे लार्वा पैदा न होने पाए. मलेरिया अधिकारी का कहना है कि सभी लोग अपने यहां साफ-सफाई रखें, वर्ना इस तरह की कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

गौतम बुद्ध नगर में लगातार बढ़ रही है डेंगू के मरीजों की संख्या. सेक्टर 30 स्थित बाल चिकित्सालय एवं स्नात्कोत्तर शैक्षणिक शिक्षण संस्थान में तीसरी और चौथी मंजिल पर 10-10 बिस्तर का डेंगू वार्ड बनाया गया है. जिले के अलग-अलग अस्पताल में डेंगू के करीब 500 मरीजों को इलाज चल रहा है. हर रोज 25 से 30 मरीज डेंगू के आ रहे हैं.

एलाइजा किट के जरिए डेंगू के मरीजों की जांच की जा रही है. डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू की चपेट में बच्चे और बड़े सभी आ रहे हैं, इसलिए ज्यादा एहतियात बरतने की है. जानकारों की मानें तो प्लेटलेट्स की खपत भी काफी बढ़ गई है. लगातार डिमांड बनी हुई  है. अभी तक जिला अस्पताल में डेंगू के एक मरीज में सबसे कम चार हजार प्लेटलेट्स पाई गईं थी. (news18.com)

कौन होगा गुजरात कांग्रेस का नया अध्यक्ष? कल 15 नेताओं के साथ मंथन करेंगे राहुल गांधी
21-Oct-2021 7:17 PM (24)

-रवि कांत

पंजाब के बाद अब कांग्रेस के सामने गुजरात में पार्टी अध्यक्ष कौन होगा ये सवाल है? गुजरात में कांग्रेस की जिम्मेदारी किसको सौंपी जाए इसके लिए पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है. यब बैठक राहुल गांधी के आवास पर सुबह 10 बजे शुरू होगी. इस मीटिंग के लिए प्रदेश के 15 वरिष्ठ नेताओं को फोन कर दिल्ली आने को बोला गया है. मीटिंग के लिए गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक दल के नेता परेश धनानी, प्रदेश के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री, दीपक बाबरिया, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोधवाडिया, राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल को दिल्ली तलब किया गया है.

दरअसल, गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसा माना जा रहा था की गुजरात में पहले प्रभारी की नियुक्ति होगी उसके बाद संगठन में फेरबदल होगा.

इसी महीने की 7 तारीख को रघु शर्मा को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही गुजरात कांग्रेस को नया अध्यक्ष और विधायक दल का नेता मिल जाएगा.

इस मुद्दे पर न्यूज18 से बातचीत करते हुए प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोधवाडिया कहा, राहुल गांधी ने कल दिल्ली में बैठक बुलाई है. 2022 में गुजरात में चुनाव होने वाले हैं और राज्य में बीजेपी के काम से जनता में नाराजगी देखी जा रही है. हमारे पास बहुत बड़ा मौका है इसी मसले पर रणनीति बनाने के लिए गुजरात के 15 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है.

जब गुजरात में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने पर अर्जुन मोधवाडिया से सवाल किया तो उन्होंने कहा, अभी तक तो अमित चावड़ा हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं और परेश धनानी हमारे विधायक दल के नेता हैं.(news18.com)

कन्हैया, हार्दिक और जिग्नेश की तिकड़ी कल पहुंचेगी पटना, तेजस्वी से होगा मुकाबला
21-Oct-2021 7:17 PM (22)

-रवि एस नारायण

पटना. बिहार विधानसभा के 2 सीटों तारापुर और कुशेश्वरस्थान में होने वाले उपचुनाव दिलचस्प हो गया है. एक तरफ जहां जदयू अपनी जीती हुई सीट को लेकर दावा कर रही है. तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव तारापुर और कुशेश्वरस्थान में लगातार नुक्कड़ सभाएं और डोर टू डोर अभियान चलाकर जीत के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं. महागठबंधन से अलग राह अपनाने के बाद अब कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर फ्रेंडली फाइट के बजाय अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस ने तेजस्वी और जदयू के खिलाफ अपने तीन युवा चेहरों को एक साथ उतारने की तैयारी की है. कांग्रेस में हाल ही में शामिल हुये कन्हैया कुमार, गुजरात के युवा चेहरे जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल तीनों एक साथ कल दोपहर एक बजे पटना पहुंच रहे हैं.

पटना एयरपोर्ट पर कांग्रेस द्वारा बड़े स्वागत की तैयारी की गई है. कांग्रेस के तीनों युवा नेता एयरपोर्ट से निकलकर रोड शो करते हुए सदाकत आश्रम तक जाएंगे, सदाकत आश्रम में तीनों नेताओं का स्वागत किया जाएगा.

कांग्रेस देना चाहती है आरजेडी को संदेश
उपचुनाव में प्रचार के लिए पहुंच रहे तीनों युवा चेहरों कन्हैया, जिग्नेश और हार्दिक पटेल का कांग्रेस ने अपने मुख्यालय सदाकत आश्रम में जोरदार स्वागत करने की तैयारी की है. सदाकत आश्रम में प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा समेत दूसरे नेता शामिल भी इस स्वागत समारोह में मौजूद रहेंगे. सदाकत आश्रम में तीनों नेताओं की मौजूदगी में कई युवा कांग्रेस की सदस्यता भी लेंगे. कांग्रेस इन तीनों नेताओं को उपचुनाव के मैदान में प्रचार के लिए उतार कर यह संदेश देना चाहती हैं कि इस उपचुनाव को कांग्रेस गंभीरता से लड़ रही है. और आरजेडी से अलग होने का उसे कोई मलाल नहीं है.

तेजस्वी के खिलाफ कांग्रेस के तीन युवा
तारापुर और कुशेश्वरस्थान में आरजेडी की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव को जवाब देने के लिए कांग्रेस ने युवा चेहरे को ही सामने खड़ा कर दिया है. वो भी सिर्फ एक नहीं बल्कि एक साथ तीन-तीन युवा नेता तेजस्वी को चुनौती देंगे. बिहार विधानसभा चुनाव में यह पहली बार देखने को मिलेगा जब तेजस्वी, कन्हैया, हार्दिक पटेल एक दूसरे के खिलाफ ही हमला बोलते हुए दिखाई पड़ेंगे. यह देखना दिलचस्प होगा कि 2 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में कन्हैया, जिग्नेश और हार्दिक पटेल की तिकड़ी तेजस्वी को कैसे गिराती है और तेजस्वी इसका जवाब कैसे देते हैं? (news18.com)

आरक्षण हमारे माथे पर कलंक समान, इसे खत्म कर देश में लागू हो कॉमन स्कूलिंग सिस्टम - मांझी
21-Oct-2021 7:16 PM (38)

पटना. आरक्षणा का दायरा बढ़ाने की मांग के बीच पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने आरक्षण को खत्म करने की वकालत कर दी है. आरक्षण को कलंक बताते हुए मांजी ने कहा कि यह हमारे साथ चिपक गया है और ऐसा लगता है कि यह भीख है. नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बुधवार को आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मांझी ने कहा कि आरक्षण और जातिवाद का राक्षस हमें निगल रहा है. समान स्कूली शिक्षा ही इसका उपाय है.

जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर देश में कॉमन स्कूलिंग सिस्टम लागू हो जाए तो दस साल बाद आरक्षण की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. राष्ट्रपति व गरीब का बच्चा एक साथ पढ़े. इसे लागू कर 10 वर्ष का समय दीजिए. दस वर्ष में हम आगे बढ़ जाएंगे. फिर आरक्षण और जातिवाद की कोई बात ही नहीं होगी. मांझी ने कहा कि हमको आरक्षण नहीं चाहिए था. यह हमको भीख की तरह मिला. डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने भी कहा था कि 10 या 20 साल के लिए आरक्षण दीजिए और फिर इसकी समीक्षा कीजिए.

मांझी ने कहा कि अनुसूचित जाति की सीटों पर सामान्य वर्ग के लोग जीत रहे हैं. पिछड़े लोगों को भय और पैसे के बल पर वोट देने से रोका जाता रहा है. पूर्व सीएम ने कहा कि आरक्षण के ज़रिए नौकरी पाए व्यक्ति को बार बार हीन भावना से देखा जाता है और उसकी काबिलियत पर सवाल उठाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आरक्षण देकर एहसान किया गया हो.

हम प्रमुख ने कहा कि पिछड़े लोगों को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से उन्नत बनाइए. इस मामले में सरकारों ने क्या किया? आरक्षण कलंक है हमारे ऊपर. फ्रांस, कनाडा, जापान, इंग्लैंड सभी जगह समान स्कूली शिक्षा की व्यवस्था है, इसलिए वहां आरक्षण और जातिवाद नहीं है. पूर्व सीएम ने कहा कि आरक्षित वर्ग के लिए मतदाता सूची अलग होनी चाहिए. आज हम भोग रहे हैं. हमारी आबादी 80 प्रतिशत है, लेकिन 20 प्रतिशत वाले चुनाव प्रभावित करते हैं.

दलितों के उत्थान के लिए मांझी ने अंबेडकर के दोहरे मतदाता व्यवस्था के सिद्धांत को लागू करने की मांग की. मांझी के मुताबिक़ इस व्यवस्था के तहत दलितों को दोहरे मतदान का अधिकार मिलेगा. पहला , ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों का चयन किया जाए जो दलितों के लिए आरक्षित हों और उनमें केवल दलित ही मतदान करें. दूसरा , दलित अपने अपने क्षेत्रों में आम मतदान में भी भाग ले सकेगा. मांझी ने दावा किया कि इस व्यवस्था से दलितों के नेता दलितों के वोट से ही चुने जाएंगे जिससे उनकी प्राथमिकता केवल दलितों का विकास और उत्थान ही रहेगा.

वाल्मीकि जयंती पर रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए मांझी ने फिर से दोहराया कि राम एक काल्पनिक पात्र हैं. उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि राम से हजार गुणा अधिक बड़े हैं. उन्होंने कहा कि यह उनका निजी मत है. वे किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते. कार्यकारिणी के दौरान पार्टी ने निजी क्षेत्र, न्यायपालिका, राज्यसभा व विधान परिषद में आरक्षण सुनिश्चित कराने का प्रस्ताव दिया. (news18.com)

कोविड के बाद वैक्सीन सुपरपॉवर के नाम से जाना जाएगा भारत: डॉ. बलराम भार्गव
21-Oct-2021 7:15 PM (19)

नई दिल्‍ली. भारत ने कोरोना वैक्‍सीनेशन में 100 करोड़ डोज लगाने का आंकड़ा छूकर एक नया कीर्तिमान बनाया है. विश्‍व में लगी 700 करोड़ वैक्‍सीन में से सातवां हिस्‍सा भारत का है. खास बात यह रही है कि भारत ने सिर्फ टीकाकरण ही नहीं किया बल्कि दो-दो सफल वैक्‍सीन निर्माण के बाद विश्‍व में आपूर्ति के साथ-साथ भारत में टीकाकरण की रफ्तार को बनाए रखना अपने आप में बड़ी सफलता रही है. इस बारे में भारतीय राष्‍ट्रीय अनुसंधान संस्‍थान के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि कोरोना के आने के बाद अब भारत विश्‍व भर में वैक्‍सीन सुपरपॉवर के नाम से जाना जाएगा.

डॉ. भार्गव का कहना है कि भारत में 100 करोड़ खुराकों के टीकाकरण के लिए सबसे पहला श्रेय मैं हमारे स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर को देना चाहता हूं. जिन्होंने अथक प्रयास मेहनत और समर्पण के साथ ही महामारी के जटिल समय में भी बिना किसी विश्राम के अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर काम किया. यह सफलता या ऐतिहासिक पड़ाव उन सभी के सामूहिक प्रयास की वजह से हासिल हुआ है. दूसरा पिछले कई दशक से नवजात शिशु और माताओं के लिए संचालित किए जाने विश्व के सबसे बड़े नियमित टीकाकरण अभियान की बदौलत हमारी स्वास्थ्य सेवा टीम को टीकाकरण के संदर्भ में बड़ा अनुभव प्राप्त हुआ. जिसने टीकाकरण के लिए मनोबल को बढ़ाया.

तीसरा टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार के विभिन्न आयामों के एक समग्र लक्ष्य ने इस यात्रा में सहयोग दिया. सरकार की विभिन्न इकाइयां जैसे नीति आयोग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नेगवैग विशेषज्ञ समूह, सुसंगठित समितियां और अन्य मंत्रालयों का स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सहयोग आदि ने एकजुट होकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

सौ करोड़ टीकाकरण के इस कीर्तिमान को स्थापित करने में सरकार की जरूरतों के अनुसार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, सार्वजनिक और निजी भागीदारी के साथ काम करने की क्षमता को भी प्रदर्शित किया है. जिसके परिणामस्वरूप अनिश्चितताओं के इस समय में भी जीत मिली है. चाहे वह कोविन प्लेटफार्म को स्थापित करना हो या फिर व्यवहारिकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणी समूहों के लोगों के टीकाकरण को प्राथमिकता देना हो. बड़े और व्यापक टीकाकरण अभियान में छोटे निर्णयों को भी ध्यान में रखा गया. जिसके परिणाम स्वरूप सौ करोड़ टीकाकरण का मुकाम हासिल किया गया. इन सबसे बढ़कर देश ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी एक स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई और इसके बेहतर परिणाम मिले.

आईसीएमआर-भारत बायोटेक की साझेदारी से बढ़ा भरोसा
आईसीएमआर ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर पहली बार स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन को विकसित किया है इस सार्वजनिक निजी भागीदारी के अनुभवों पर डॉ. भार्गव का कहना है कि इस तरह से वैक्सीन को बनाने और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के साथ काम करने से एक दूसरे के प्रति विश्वास और क्षमताओं पर भरोसा पहले से अधिक बढ़ा है. इस पूरे चरण में दो तरीके से काम किया गया. पहला आईसीएमआर का भारत बायोटेक पर भरोसा बढ़ा. दूसरा भारत बायोटेक का आईसीएमआर पर भरोसा बढ़ा.

वैक्सीन विकास पर काम करने की शुरूआत के समय से ही आईसीएमआर-भारत बायोटेक ने यह स्पष्ट कर लिया था कि किसी भी तरह के वैज्ञानिक परीक्षण या विकास को एक वैज्ञानिक आधार के साथ किया जाएगा और किए गए काम के दस्तावेजों को साइंटिफिक जर्नल वैज्ञानिक शोध पत्रिका में प्रकाशित कराया जाएगा. अब जैसा कि हमें पता है कि कोवैक्सिन के वैज्ञानिक प्रमाणों पर प्रकाशित 15 से अधिक शोध पत्रों की अंतराष्ट्रीय शिक्षण संस्थाओं ने प्रशंसा की है. यह सभी शोधपत्र वैज्ञानिक साहित्य जगत में वैश्विक स्तर पर वैक्सीन शोध विकास और प्रमाणिकता के लिए जाने जाते हैं फिर चाहे वह वैक्सीन का परीक्षण पूर्व विकास हो, छोटे जानवरों पर वैक्सीन का शोध हो, हैम्सटर अध्ययन हो, बड़े जानवरों पर वैक्सीन ट्रायल आदि हो.

इन शोध पत्रिकाओं में वैक्सीन विकास के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के परिणाम लंबे समय से प्रकाशित होते रहे हैं. वैक्सीन परीक्षणों के इन अध्ययनों में अल्फाए बीटाए गामा और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की प्रमाणिकता को भी प्रभावी तरीके से शामिल किया गया.

फॉर्मेसी में ही आगे नहीं वैक्‍सीन सुपरपॉवर होगा भारत
डॉ. बलराम कहते हैं कि सबसे पहले तो वैक्सीन विकास के अनुभव से हमें इस बात का आत्मविश्वास बढ़ा है कि भारत अब फार्मेसी ऑफ वर्ल्‍ड से कहीं अधिक वैक्सीन सुपरपॉवर में भी आगे है. महामारी के बुरे दौर के बीच वैक्सीन विकास के अनुभव से प्राप्त आत्मविश्वास से हम आगे भी अन्य बीमारियों के लिए नये वैक्सीन का निर्माण कर सकेंगे. यह केवल भारतीय आबादी के लिए ही नहीं बल्कि विश्व की आबादी के लिए भी किया जाना चाहिए क्योंकि हमारे सभी प्रयासों का अंर्तनिर्हित सिद्धांत वसुधैव कुटुंबकम या दुनिया एक परिवार है का है.

दूसरा एक दशक से भी अधिक समय से हम जेनेरिक दवाओं को बनाने के लिए पॉवर हाउस के रूप में जाने जाते रहे हैं. कोविड-19 का यह अनुभव मूल्य श्रंखला को आगे बढ़ाने और विशिष्ट होने के लिए दवा की खोज या वैक्सीन खोज में नया प्रतिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा. इस अनुभव का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए हमें शिक्षा और उद्योगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर काम करना होगा. इंजीनियरिंग के क्षेत्र में यह पहले से ही किया जा रहा है, जहां आईआईटी में प्रोफेसर परामर्श करते हैं और नये प्रयोग किए जाते हैं. इस तरह का प्रयोग अभी बायो मेडिकल और चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में नहीं किया गया है. इन जगहों में हमारे शिक्षाविदों को प्रोत्साहन देना होगा और उनके द्वारा बनाई गई बौद्धिक संपदा से लाभ उठाने की आवश्यकता होगी ताकि वे नये प्रयोगों के बारे में प्रेरित हो सकें. ऐसे सभी रास्ते हमें अभी स्थापित करने हैं. (news18.com)

अब तक क्यों फेल रहे तेल की जगह वाहनों को पानी से चलाने के प्रयोग?
21-Oct-2021 7:13 PM (21)

कई बार ये सवाल दिमाग में आता है कि हमारे वाहन आखिर पानी से क्यों नहीं चल सकते. उन्हें चलाने के लिए पेट्रोल, डीजल की ही जरूरत क्यों होती है. अब तक वाहनों को पानी से चलाने के तमाम प्रयोग किए गए. कुछ बड़ी कंपनियां अब भी ऐसे प्रयोगों पर जुटी हुई हैं. लेकिन अतीत में हुए ऐसे प्रयोग क्यों नाकाम रहे, ये जरूर जानना चाहिए लेकिन ये भी तय है कि साइंस जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उससे आने वाले सालों में ये सच हो सकता है.

पेट्रोल और डीजल दोनों पेट्रोलियम पदार्थ हैं, इन्हें जीवाश्म ईंधन भी कहा जाता है. पेट्रोलियम ईंधन हाइड्रोकार्बन से बने होते हैं. हाइड्रोकार्बन अणुओं में अधिकतर कार्बन और हाइड्रोजन परमाणु होते हैं.

साथ ही साथ इनमें कुछ अन्य तत्व जैसे ऑक्सीजन भी मौजूद रहते हैं.  पेट्रोल और डीज़ल ही नहीं बल्कि लकड़ी, कोयला, कागज़ आदि में हाइड्रोकार्बन होते हैं. इनको जलाकर ऊर्जा में बदला जाता है.

तो किस तरह पैदा होती है ऊर्जा 
जब आप हवा में हाइड्रोकार्बन जलाते हैं, तो उसके अणु टूट जाते हैं. ये फिर ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस और पानी बनाते हैं. इस क्रिया अणुओं के टूटने और जुड़ने से जो ऊर्जा मुक्त होती है, वो गर्मी के रूप में बाहर निकलती है. इसे ज्वलन कहा जाता है. इससे काफी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है.

कब पहली बार ऊर्जा के रूप को इंसान ने जाना
हज़ारों-लाखों वर्षों से हाइड्रोकार्बन के उपयोग से ऊर्जा तैयार हो रही है. पहली बार ये तब पैदा हुई जब इंसान आग का इस्तेमाल करना सीखा. गाड़ियों को चलाने के लिए ज़रूरी है कि यह ऊर्जा गर्मी के रूप में नहीं बल्कि ऐसे रूप में पैदा हो, जिससे यंत्रों को चलाया जा सके. गाड़ियों में पेट्रोल या डीज़ल की ज्वलन प्रक्रिया बन्द कनस्तर यानी इंजन में होती है. ये इंजन अपना काम इस तरह करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं.

क्यों पानी को ईंधन की तरह जलाया नहीं जा सकता
वहीं पानी को ईंधन की तरह जलाया नहीं जा सकता. दरअसल पानी की कोई रासायनिक प्रक्रिया नहीं है, जिसकी मदद से पानी को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाए. अलबत्ता पानी जब गरम भाप में बदलता है तो जरूर ऊर्जा पैदा करता है लेकिन इस ऊर्जा के लिए पानी गरम करने के लिए भी कोयले या दूसरे ईंधन की जरूरत होती है, लिहाजा ये प्रक्रिया छोटे वाहनों और कारों में उपयोगी नहीं.
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तो फिर स्टीम इंजन कैसे चलते थे
ये बात सही है कि भाप का इंजन स्टीम यानि भाप की ताकत के जरिए चलता था लेकिन उसमें बड़े पैमाने पर लगातार कोयला डालना होता था. इसी कारण इस तकनीक की जगह फिर बिजली या डीजल के इंजनों ने ली.

कब पानी से पैदा होती है ऊर्जा 
रासायनिक क्रियाओं की बात करें तो अकेले पानी से रासायनिक ऊर्जा निकालने का कोई तरीका भी नहीं .हां जब पानी बहुत ताकत से गिराया जाता है तो जरूर ऊर्जा पैदा होती है, जिसका इस्तेमाल पनबिजली संयंत्रों या बांध में किया जाता है. बड़े-बड़े बांधों में काफी ऊंचाई से पानी टरबाइन पर गिराया जाता है. टरबाइन घूमने से बिजली उत्पन्न होती है. लेकिन गाड़ी में ऐसी ऊंचाई कहां से लाई जाए, ऐसा करना मुश्किल होगा.

पानी कार चलाने को लेकर अब तक कई प्रयोग हुए हैं लेकिन इस राह में हमेशा कुछ ऐसी अड़चनें आती रही हैं कि ये मामला आगे नहीं बढ़ पाया.
तब बहुत खतरनाक साबित होगी पानी से चलने वाली गाड़ी.

मान लीजिए आपको पानी से चलने वाली गाड़ी बनानी है तो सबसे पहले आपको एक ऐसे उपकरण की जरूरत होगी, जो पानी के अणुओं को तोड़ सके और ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन को अलग कर सके. दोनों गैस को अलग-अलग टैंक में रखना होगा. इसके बाद उनके लिए दहन प्रणाली की जरूरत होगी, जिससे दोनों को जलाया जा सका. लेकिन ये प्रक्रिया ज्यादा कारगर नहीं होगी बल्कि हाइड्रोजन के चलते अगर कहीं दो गाड़ियों की मामूली टक्कर भी हो गई तो बड़ा विस्फोट हो सकता है.

इस कंपनी ने किया था पानी से चलने वाली कार बनाने का दावा
वर्ष 2002 में जेनेसिस वर्ल्ड एनर्जी ने घोषणा की थी कि उसने एक ऐसी गाड़ी तैयार की है जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करके और फिर उसे पानी के रूप में पुनर्संयोजित करके ऊर्जा प्राप्त करेगी. कम्पनी ने इसके लिए निवेशकों से 25 लाख डॉलर भी लिए लेकिन वे आज तक ऐसी कोई गाड़ी बाज़ार में नहीं उतार सके.

जापानी कंपनी का दावा भी हो गया फुस्स
वर्ष 2008 में एक जापानी कम्पनी जेनपेक्स ने दावा किया कि उनकी गाड़ी केवल पानी और हवा पर चलने में सक्षम है. काफी चर्चा और जांच के बाद पॉपुलर मैकेनिक्स नाम की मैगजीन ने जेनपेक्स के दावों को ध्वस्त कर दिया. जिस गाड़ी को जेनपेक्स ने मीडिया के सामने प्रदर्शित किया था, वह वास्तव में इलेक्ट्रिक कार थी जिसका निर्माण भारत में किया गया था. उसे ब्रिटेन में G-Wiz नाम से बेचा गया था.

पहले भी कई बार पानी से चलने वाली गाड़ियों के दावे हो चुके हैं लेकिन वो फेल रहे. हालांकि उम्मीद करनी चाहिए भविष्य में ऐसा कुछ हो पाए. पानी से गाड़ियां चलने लगें. वैसे ये खबरें आ रही हैं कि ऐसे कुछ प्रयोग हुए हैं और वो काफी हद तक बेहतर भी रहे हैं. (news18.com)

बुराड़ी कांड: एक साथ 11 लोगों ने किस वजह से की थी आत्‍महत्‍या? 3 साल बाद सामने आया 'आखिरी सच'
21-Oct-2021 6:52 PM (35)

नई दिल्‍ली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले का बंद कर दिया है. पुलिस ने अपनी क्‍लोजर रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले हैं और यह मौतें किसी सुसाइड पैक्ट का नतीजा हैं. बता दें कि बुराड़ी कांड दिल्‍ली पुलिस के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण मामलों में से एक साबित हुआ, क्‍योंकि यह एक ऐसा केस रहा जिसमें किसी बात का लॉजिक समझ नहीं आ रहा था. यही नहीं, इसको काला जादू से लेकर टोने-टोटके तक से जोड़ा गया था.

दिल्‍ली पुलिस की ने इस घटना को लेकर हत्‍या का केस दर्ज किया था. हालांकि क्राइम ब्रांच की तीन साल तक चली लंबी जांच के बाद नतीजा निकाला है कि यह सुसाइड पैक्‍ट’ का केस था. पुलिस ने 11 जून को अदालत में क्‍लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. जबकि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट पर नवंबर में सुनवाई होगी.

घटना से पूरा देश हो गया था चकित
राजधानी दिल्‍ली के बुराड़ी में 1 जुलाई 2018 को एक ही घर में 11 लोगों ने फांसी लगा ली थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सभी की मौत फांसी के कारण हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, घर के 11 में से 10 सदस्यों की मौत फांसी के कारण हुई, तो 11वीं सबसे वरिष्ठ सदस्य नारायणी देवी का शव जमीन पर पड़ा मिला था. फांसी से मरने वाले 10 सदस्यों के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे, लेकिन उनमें से कुछ की गर्दन टूट गई थी. यही नहीं, उनकी आंखों पर पट्टी थी और हाथ-पैर भी बंधे हुए थे.

इस आधार पर नतीजे पर पहुंची पुलिस
दरअसल पुलिस को हाथ से लिखे नोट्स भी मिले मिले थे, जिसमें वह पूरी प्रक्रिया लिखी हुई थी जिसके तहत परिवार को फांसी लगानी थी. डायरी में अंतिम एंट्री में एक पन्ने पर लिखा था कि घर का रास्ता. 9 लोग जाल में, बेबी (विधवा बहन) मंदिर के पास स्टूल पर, 10 बजे खाने का ऑर्डर, मां रोटी खिलाएगी, एक बजे क्रिया, शनिवार-रविवार रात के बीच होगी, मुंह में ठूंसा होगा गीला कपड़ और हाथ बंधे होंगे. इसमें आखिरी पंक्ति है- ‘कप में पानी तैयार रखना, इसका रंग बदलेगा, मैं प्रकट होऊंगा और सबको बचाऊंगा.’ वहीं, कई और सबूतों ने यही जाहिर किया कि मौत एक सुसाइड पैक्‍ट थी. खबरों के मुताबिक, परिवार के लोगों ने मोबाइल फोन साइलेंट कर दिए और फिर एक बैग में भरकर घर के मंदिर में रख दिए थे. डायरी की एंट्रियों और उनकी फांसी के तरीकों से भी यही लगा कि वे कोई अनुष्‍ठान कर रहे थे. वहीं, सीसीटीवी फुटेज में घटना के दिन घरवालों के अलावा किसी और को आते-जाते नहीं देखा गया था.

मौत के बजाए कुछ और चाहता था परिवार
वहीं, साइकोलॉजिकल अटॉप्‍सी से खुलासा हुआ कि इन 11 लोगों ने मौत के इरादे से ऐसा नहीं किया था बल्कि अनुष्‍ठान पूरा होने पर सामान्‍य जिंदगी में लौटने की उम्‍मीद जताई थी. वहीं, डायरी में लिखे नोट्स से लगता है कि ललित को इस बात का पूरा यकीन था कि 2007 में गुजर चुके उसके पिता भोपाल सिंह उससे बात कर रहे थे और कुछ अनुष्‍ठान करने को कह रहे थे जिससे पूरे परिवार को फायदा होगा. (news18.com)

केंद्रीय कर्मचारियों को मिला दिवाली गिफ्ट, मोदी सरकार ने 3% DA बढ़ाने का किया ऐलान
21-Oct-2021 6:51 PM (32)

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी. Department of Expenditure के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि महंगाई में बढ़ाेतरी के कारण केंद्र सरकार ने डीए बढ़ाने का फैसला लिया है. बता दें कि सरकार के इस निर्णय से केंद्र के 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारियों को लाभ मिलेगा.

31% DA पर कैलकुलेशन
बता दें कि पिछली बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों का DA बढ़कर 28 फीसदी हो गया था. इसलिए, अब 3 फीसदी की नई बढ़ोतरी को मंजूरी के DA बढ़कर 31 फीसदी हो जाएगा.
पिछले साल के मुकाबले कुल महंगाई भत्ता 11 फीसदी बढ़ चुका है. सरकार ने जुलाई 2021 से इसे 28 फीसदी कर दिया है. अब महंगाई भत्ता (17+4+3+4+3) के साथ 31 फीसदी पर पहुंच जाएगा. यानी अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है तो उसे 15,500 रुपये DA मिलेगा.

जुलाई, 2021 से लागू हुई नई दर
आपको बता दें कि सरकार ने 1 जुलाई, 2021 से महंगाई भत्ते को 28 फीसदी बढ़ाया था, जो उस वक्त 17 फीसदी से 11 फीसदी ज्यादा था. लेकिन 1 जनवरी, 2020 से लेकर 30 जून, 2021 तक की अवधि के लिए डीए 17 फीसदी ही रखे जाने का फैसला किया गया था.

जानिए क्या है DA?
महंगाई भत्ता कर्मचारी के बेसिक सैलरी का एक निश्चित हिस्सा होता है. देश में महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है. इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है. पेंशनर्स को महंगाई राहत के तौर पर यह लाभ मिलता है. (news18.com)

आधार कार्ड में फोटो अच्छी नहीं लग रही है, ऐसे करें अपडेट, जानिए पूरा प्रोसेस
21-Oct-2021 6:51 PM (26)

नई दिल्ली. आधार कार्ड हर नागरिक के लिए जरूरी और महत्वपूर्ण पहचान प्रमाणों में से एक है. तमाम सरकारी कामों के लिए आधार कार्ड की सबसे पहले जरूरत पड़ती है. बैंक अकाउंट खुलवाना हो या फिर किसी सरकारी योजना का लाभ लेना हो, सपोर्ट बनवाना हो या फिर रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी लेनी हो, तकरीबन हर जगह आधार नंबर की मांग की जाती है. इसलिए जरूरी है कि अपना आधार कार्ड हमेशा अपडेट रखें और उसे अपने मोबाइल फोन नंबर के साथ लिंक जरूर करवा लें.

आधार नंबर जारी करने वाली संस्था UIDAI यानी  यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से समय-समय पर आधार कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मोबाइल नंबर समेत तमाम जानकारियां अपडेट करने के लिए कहा जाता है.

कई लोगों को अपने आधार कार्ड में लगी तस्वीर पसंद नहीं आती है. ऐसे में वह नीचे दिए गए प्रोसेस के जरिए आधार कार्ड में अपना फोटो चेंज या अपडेट करवा सकते हैं. चूंकि आधार कार्ड में फोटो बदलने की कोई ऑनलाइन प्रोसेस नहीं है तो नजदीकी आधार नामांकन केंद्र में जाकर प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं.

आधार कार्ड में कैसे करें अपनी फोटो अपडेट
>> सबसे पहले आधार कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आधार एनरोलमेंट/करेक्शन/अपडेट फॉर्म को डाउनलोड करना होगा. फॉर्म को पूरी सावधानी से भरें.
>> अब अपने नजदीकी आधार नामांकन केंद्र पर जाकर इस फॉर्म को जमा करना होगा और बायोमेट्रिक डिटेल देना होगा.
>> फॉर्म लेने के बाद एग्जीक्यूटिव आपकी लाइव फोटो खींचेगा और इसे सिस्टम में अपडेट करेगा.
>> डिटेल अपडेट करने के लिए आपको यहां 25 रुपये+GST शुल्क देना होगा.

(news18.com)

किसानों ने यूपी-गाजीपुर बॉर्डर NH24 पर रास्ता खोला, राकेश टिकैत बोले- अब पार्लियामेंट पर बैठेंगे
21-Oct-2021 6:49 PM (20)

-अजित सिंह

-विक्रांत यादव

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने यूपी-दिल्‍ली-गाजीपुर बॉर्डर नेशनल हाईवे 24 पर फ्लाईओवर के नीचे दिल्ली जाने वाली सर्विस लेन को खोल दिया है. किसानों ने सबसे पहले इसी रास्ते को रोका था. किसानों ने रास्ता खोलने का फैसला मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद लिया है.

वहीं, मीडिया ने किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा क्‍या सब कुछ हटा देंगे? इस पर उन्‍होंने कहा कि हां सब हटा देंगे, इसके बाद दिल्ली जा रहे हैं और पार्लियामेंट पर बैठेंगे, जहां यह कानून बनाया गया है. हमें तो दिल्ली जाना है. इस वक्‍त मौके पर काफी संख्‍या में किसान मौजूद हैं और सर्विस रोड पर लगे टेंट और दूसरा सामान हटाना शुरू कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट की चिंता के बाद किसानों उठाया कदम
दरअसल किसान आंदोलन के चलते रोड़ ब्लॉक होने पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बार फिर चिंता जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि किसी भी स्थिति में रोड़ को ब्लॉक नहीं किया जा सकता है. कुछ किसान संगठनों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने बताया कि किसानों ने रोड ब्लॉक नहीं किया हुआ बल्कि पुलिस ने किया हुआ है. पुलिस प्रशासन ने रामलीला मैदान में बीजेपी को रैली करने की अनुमति दे दी, लेकिन किसानों को नहीं दे रही. पुलिस चाहे तो जहां किसान आंदोलन कर रहे हैं, वहां बेहतर यातायात इंतजाम कर सकती है, लेकिन नहीं किए जा रहे हैं. उन्होंने ये भी अनुरोध किया कि इसी तरह का मामला तीन जजों की बेंच भी सुन रही है, लिहाजा इसे भी वहीं भेज दिया जाना चाहिए. इस पर सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बेंच बदलने की मांग नहीं मानी जानी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग रामलीला मैदान को अपना स्थायी पता बनाना चाहते हैं.

कोर्ट ने कहा कि आपके पास आंदोलन का अधिकार है, लेकिन आखिर रोड क्यों ब्लॉक की हुई हैं. वो मामले से जुड़े बड़े मुद्दों को नहीं देख रहे, उनकी चिंता सिर्फ इस बात की है कि रोड़ क्यों ब्लॉक किए हुए हैं. सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले में किसान संगठनों को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई 7 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी. दरअसल इस मामले में नोएडा के एक निवासी ने एनसीआर में रोड ब्लॉक होने के कारण होने वाली परेशानियों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी. (news18.com)

देश ने पार किया 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा, CoWIN ने ऐसे आसान की वैक्सीनेशन की राह
21-Oct-2021 6:48 PM (16)

नई दिल्ली. देश ने गुरुवार को कोरोना वैक्सीनेशन के 100 करोड़ डोज के आंकड़े को पार कर लिया है. इसके लिए डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मियों, फील्ड पर काम करने वालों और सफाई कर्मचारी आदि का शुक्रिया अदा किया जा रहा है जिन्होंने इस उपलब्धि को हासिल करने में अहम भूमिका अदा की है. लेकिन इसके साथ ही इस उपलब्धि के लिए एक ऐसा हीरो भी जिम्मेदार है जिसने न सिर्फ टीकाकरण के रास्ते को आसान बनाया बल्कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को भी बनाए रखा ताकि किसी भी तरह की कन्फ्यूजन की स्थिति न पैदा हो सके. ये हीरो है कोविन पोर्टल जिसके माध्यम से लोगों को बिना किसी परेशानी के घर बैठे वैक्सीनेशन के लिए अपॉइंटमेंट मिल सकी और साथ ही उन्हें अपने फोन पर ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी मुहैया करा दिया गया.

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉ आरएस शर्मा ने भी देश की इस अहम उपलब्धि का श्रेय कोविन ऐप को दिया. उन्होंने कहा कि इसने पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने में काफी योगदान दिया. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डॉ शर्मा ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए कोविन के सफर के बारे में कहा कि इस स्वदेशी ऐप ने केंद्र और निजी क्षेत्रों की मदद से रियल टाइम कोविड वैक्सीन की हर डोज की सही समय से ट्रैकिंग में मदद की.

शर्मा ने कहा “कोविन प्लेटफॉर्म ने हमारे देश के सुचारू कोविड-19 टीकाकरण अभियान को सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो कि आज 1 अरब के पार हो गया है. यह वाकई हम सभी के लिए गर्व करने का मौका है और साथ ही यह हमारे डॉक्टर्स, फील्ड वर्कर्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स और सभी के लगातार किए गए कठिन परिश्रम का परिणाम है. उन्होंने इसके लिए बहुत प्रतिबद्धता और इसे पूरा करने न खत्म होने वाले साहस का प्रदर्शन किया है. इसलिए हमें इस पर बहुत गर्व है.”

उन्होंने कहा, “कोविन ने टीकाकरण के सफर को आसान और पारदर्शी बनाने में बहुत अहम भूमिका अदा की है. इसने पूरे देश में निजी और सरकारी सेक्टर के वैक्सीनेशन सेंटर्स को सफलतापूर्वक जोड़ने का काम किया है. इसने ऐसा प्लेटफॉर्म मुहैया कराया है जिसके जरिए वैक्सीनेशन कराने के लिए अपॉइंटमेंट बुक की जा सकती हैं और डिजिटल सर्टिफिकेट लिए जा सकते हैं और इसमें वैक्सीन के चलते होने वाले साइड इफेक्ट्स की जानकारी भी मिल जाती है. यह सभी कुछ डिजिटल तरीके से हो जाता है. दुनिया में ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं है जो कि इतनी तेजी से आगे बढ़ा है. ऐसे में मुझे लगता है कि हमें इस पर गर्व करना चाहिए.”

इस प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने की आसानी को लेकर आरएस शर्मा ने कहा, “जब हम एक आईटी सिस्टम डिजाइन करते हैं हमें उससे जुड़ी परेशानियों को दिमाग में रखना चाहिए कि हम किसके लिए सॉल्यूशन ढूंढ रहे हैं. हम ऐसे सभी रास्ते अपनाते हैं जिससे कि लोग आसानी से इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो सकें. उन्हें सिर्फ एक मोबाइल फोन की जरूरत होती है. सिर्फ एक मोबाइल फोन से, एक व्यक्ति चार लोगों को रजिस्टर कर सकता है और उन चार लोगों के लिए अलग अलग अपॉइंटमेंट ले सकता है. लाभार्थियों को तुरंत वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट मिल जाता है जिसे मोबाइल में सेव किया जा सकता है या फिर किसी को मेल भी किया जा सकता है.” (news18.com)

इंस्टाग्राम का नया अपडेट : अब लैपटॉप या डेस्कटॉप से पोस्ट कर पाएंगे यूजर
21-Oct-2021 6:46 PM (12)

टेनई दिल्ली. फोटो शेयरिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम अब यूजर्स को अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप से भी कंटेंट पोस्ट करने की सुविधा दे दी है. इस फीचर से यूजर्स अपने डेस्कटॉप ऐप से एक मिनट तक की वीडियो या फिर फोटो को पोस्ट कर पाएंगे. अभी तक इंस्टाग्राम यूजर केवल अपने स्मार्टफोन से ही पोस्ट कर सकते थे.

फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम ने पहले डेस्कटॉप ब्राउजर से पोस्ट करने की टेस्टिंग की, जिसके बाद अब इसे यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया गया है. इनगैजेट की रिपोर्ट के अनुसार, इंस्टाग्राम ने नया अपडेट जारी किया है. इसके बाद 21 अक्टूबर से यूजर्स अब अपने कंप्यूटर ब्राउजर से फोटो और छोटे वीडियो (एक मिनट से कम) पोस्ट कर सकते हैं.

‘Collab’ कर पाएंगे क्रिएटर
केवल यही नहीं है, इंस्टाग्राम अपने क्रिएटर्स को जल्द ही उनकी पोस्ट्स और रील्स को कोलैबरेट करने का ऑप्शन भी देगा. इस ‘Collab’ फीचर को यूज करते हुए क्रिएटर्स दूसरे अकाउंट्स को अपने साथ पोस्ट कोलैबरेट करने के लिए इन्वाइट अथवा आमंत्रित कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें इंस्टाग्राम के मेनू में जाकर उस अकाउंट को टैग करना होगा.

जब सामने वाला स्वीकार कर लेगा तो दोनों अकाउंट्स व्यूज़, लाइक्स और कॉमेंट्स को शेयर कर सकेंगे. पोस्ट और रील दोनों ही दोनों अकाउंट्स के फोलोअर्स तक पहुंचेंगे. ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज़ में है और पूरी तरह रोलआउट नहीं हुआ है. केवल कुछ लोगों को ही इसका अक्सेस मिला है. हालांकि इस फीचर को ग्लोबली रोलआउट करने की तारीख भी तय नहीं हुई है. (news18.com)

सबसे बड़े हैकर! सिर्फ 15 सेकंड में हैक कर लिया iPhone 13 प्रो
21-Oct-2021 6:45 PM (19)

नई दिल्ली. यदि कोई iOS 15.0.2 पर चलने वाला iPhone 13 को हैक कर ले, तो उसे सबसे बड़ा हैकर नहीं तो क्या कहा जाए. आपके पास बेशक कोई सस्ता फोन हो या फिर आईफोन, परंतु आप चौंक जरूर जाएंगे कि भला दुनिया का सबसे महंगा फोन कैसे हैक हो सकता है? लेकिन ये कारनामा कर दिखाया है चीन के हैकर्स ने. चीन के एक नामी हैकर ने महज 15 सेकंड में 15.0.2 iOS पर चल रहा आईफोन 13 हैक कर लिया. याद रहे कि ऐपल ने कुछ दिन पहले ही iOS 15.0.2 जारी किया है. ऐपल का दावा था कि इसमें सभी सिक्योरिटी इशू ठीक कर दिए गए हैं.

दरअसल चीन के चेंग्डु में तिएनफु कप ऑर्गेनाइज किया गया था. यह कब हर साल आयोजित किया जाता है, जिसमें कि चीन के हर कोने से हैकर्स आते हैं और अपनी स्किल्स का प्रदर्शन करते हैं. इस बार भी हैकर्स ने ऐसा करिश्मा दिखाया कि बड़ी-बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के होश उड़ गए.

सिर्फ 15 सेकंड लगे हैक करने में
कुनकुन लैब की एक टीम ने आईफोन 13 प्रो को महज 15 सेकंड में हैक कर लिया. इस लैब के सीईओ किहू 360 के पूर्व सीटीओ हैं. टीम ने सफारी ब्राउजर के माध्यम से स्मार्ट फोन को हैक किया. खास बात यह है कि उन्होंने न सिर्फ एक बार बल्कि दो बार आईफोन 13 को हैक करके दिखाया.

कुनकुन लैब के सीईओ ने इवेंट के दौरान फोन को 15 सेकंड में हैक जरूर किया, लेकिन बताया गया कि उन्होंने फोन को हैक करने के लिए कई हफ्तों तक तैयारी की थी. हालांकि है कि ग्रुप में अभी तक इस बात से पर्दा नहीं उठाया है कि स्मार्टफोन को किस तरीके से हैक किया गया था. कुनकुन लैब के अवाला टीम पान्गू नें भी आईफोन 13 प्रो को हैक करके दिखाया. चैंपियनशिप में टीम को 3 लाख डॉलर की इनाम मिला है.

समझा जा रहा है कि यह दोनों टीमें जल्द ही ऐपल को यह जानकारी देंगी कि स्मार्टफोन आईफोन को किस तरीके से किया गया. दोनों टीमें आईफोन के 15.0.2 सॉफ्टवेयर के सिक्योरिटी इश्यूज के बारे में ऐपल को जानकारी देंगी. ये भी कहा जा रहा है कि ऐपल जल्द ही इस सिक्योरिटी प्रॉब्लम को दूर करेगी. (news18.com)

ATM से निकले हैं कटे-फटे नोट, कैसे बदलें बैंक से, जानें यहां
21-Oct-2021 6:43 PM (24)

ATM damaged note: कई बार ऐसा होता है कि एटीएम से कैश निकालते समय फटे हुए नोट आ जाते हैं. ये फटे हुए नोट किसी काम के नहीं होते. इनसे आप शॉपिंग नहीं कर सकते, ना ही किसी को पेमेंट दे सकते. चूंकि फटे हुए नोट एटीएम से निकले हैं तो हमारे पास इन्हें बदलने का भी ऑप्शन नहीं होता है.

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि एटीएम से पैसा निकालते समय आपके हाथ में कटे-फटे नोट आ गए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप इन्हें बदल सकते हैं. आप इन कटे-फटे नोटों को उस बैंक शाखा में बदल सकते हैं जिस बैंक के एटीएम से ये नोट निकलने हैं.

इसके लिए कुछ जरूरी बातें हैं उन पर ध्यान देना होगा. आपको एटीएम वाले बैंक की ब्रांच में जाकर ATM से पैसा निकालने की तारीख, समय और स्थान बताना होगा जहां से आपने पैसे निकाले थे. पैसे निकालते समय एटीएम से निकली पर्ची को भी बैंक में जमा करनी होगी. अगर आपने पर्ची नहीं निकाली है या नहीं निकली है तो मोबाइल फोन पर आए मैसेज को दिखाना होगा.

ऐसा करके आप एटीएम से निकले कटे-फटे नोट बदल सकते हैं. इस तरह के नोट बदलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया हुआ है.

क्या कहता है नियम (RBI Rule for damaged note)
आरबीआई कहता है कि एटीएम में नोट लोड करने से पहले नोटों को मशीनों के द्वारा अच्छी तरह से जांचा जाता है. इसलिए एटीएम से गंदे और कटे-फटे नोट नहीं निकलते हैं. अगर किसी वजह से किसी व्यक्ति के साथ ऐसा हुआ है तो वह एटीएम वाले बैंक में जाकर नोट बदल सकता है.

कोई भी बैंक एटीएम से कटे-फटे नोटों को बदलने से मना नहीं कर सकता है. साथ ही इसके बावजूद अगर बैंक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

आरबीआई कहता है कि एटीएम से निकले खराब और नकली नोट की जिम्मेदारी सिर्फ बैंक की ही होती है. एटीएम में पैसे डालने वाली एजेंसी की नहीं. नोट में अगर कोई खराबी है तो इसकी जांच बैंक कर्मचारी की तरफ से ही किया जाना चाहिए.

भारतीय स्टेट बैंक ने तो इसके लिए एक शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया हुआ है. आप कटे-फटे नोटों की शिकायत crcf.sbi.co.in/ccf/ पर दर्ज करा सकते हैं. यह लिंक भारतीय स्टेट बैंक के ATM के लिए है. (news18.com)

DA Hike! दीवाली पर केंद्रीय कर्मियों को मोदी सरकार का तोहफा, महंगाई भत्ता 3% बढ़ा
21-Oct-2021 6:02 PM (43)

नई दिल्ली: दीवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने खुशखबरी दे दी है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोतरी को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. सूत्रों ने बताया था कि आज केंद्रीय कैबिनेट केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी को लेकर चर्चा करने वाला था, इसके बाद बढ़ोतरी के पक्ष में फैसला लिए जाने की खबरें आ रही हैं. इसकी आधिकारिक जानकारी प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद जब यह आदेश लागू हो जाएगा तो आज की बढ़ोतरी के बाद अब डीए 31 फीसदी हो जाएगा. इस साल जुलाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत (डीआर) दर एक जुलाई से प्रतिशत 11 अंक की वृद्धि का फैसला किया था. इससे डीए की नई दर 17 प्रतिशत से बढ़कर 28 प्रतिशत हो गई थी. वहीं, आज डीए में तीन फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डीए की नई दर 31 फीसदी हो गई है यानी कि केंद्रीय कर्मचारियों को उनके बेसिक पे का 31 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा.
कब से मिलेगा फायदा

यह नई दरें 1 जुलाई, 2021 से लागू होंगी. बेसिक पे और पेंशन के मौजूदा 28% पर यह 3% अतिरिक्त देय होगा. इस निर्णय से केंद्र सरकार के 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारियों को लाभ मिलेगा. इससे केंद्र सरकार के ख़ज़ाने पर हर वर्ष 9,488.70 करोड़ रुपये का भार आएगा. (ndtv.in)