राजनीति

Date : 19-Aug-2019

नई दिल्ली, 19 अगस्त । लगता है हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस छोडऩे का मन बना लिया है। उन्होंने पहले अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस आलाकमान के रुख से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी रास्ते से भटक गई है और अब आगे का रास्ता तय करने के लिए एक कमिटी के गठन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में कमिटी गठित कर दी जाएगी। हुड्डा ने कमिटी की सिफारिश पर राजनीति से संन्यांस लेने तक की बात कह डाली। 
हरियाणा कांग्रेस के इस दिग्गज नेता ने कहा, कमिटी बनने के बाद संयोजक एक मीटिंग बुलाएंगे। कमिटी जो कहेगी, मैं वह करूंगा। अगर मुझे राजनीति छोडऩे को कहा जाएगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। कांग्रेस के लिए बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी वर्ष हरियाणा में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। 
गौरतलब है कि हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता ने रोहतक में रैली कर न सिर्फ शक्तिप्रदर्शन किया, बल्कि बागी तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी पर तीखे हमले किए और कहा कि कांग्रेस रास्ते से भटक गई है। रविवार को आयोजित परिवर्तन महारैली में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके गुट के ही ज्यादातर नेता मौजूद रहे। इस मौके पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अब कांग्रेस वह कांग्रेस नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पक्ष में थे जबकि कांग्रेस के कई नेता इसके खिलाफ थे। 
ध्यान रहे कि जुलाई महीने के पहले पखवाड़े में ही दिल्ली तक एक खबर पहुंची है कि पार्टी के एक कद्दावर नेता अलग होकर अपनी एक रीजनल पार्टी बनाने की सोच रहे हैं। संभावना की तलाश में कांग्रेस के इस बड़े नेता ने एक निजी कंपनी से व्यक्तिगत स्तर पर सर्वे कराया है कि अगर कांग्रेस से अलग होकर वह अपनी पार्टी बनाते हैं तो कितना फायदा होगा। इसके पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं। 
राज्य में लीडरशिप को लेकर जिस तरह का घमासान मचा हुआ है, उसमें यह कद्दावर नेता अपने लिए हर रोज स्पेस कम होता देख रहे हैं। दूसरा, उन्हें लगता है कि फिलहाल कांग्रेस की जो हालत है, उसमें किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं की जा सकती। अगर कांग्रेस से अलग होकर स्थानीय स्तर पर नए समीकरण तैयार किए जाएं तो कहीं बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं। 
वैसे चुनाव के मौके पर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं का पार्टी से अलग होना कोई नई बात नहीं है। 2014 लोकसभा चुनाव के समय चौधरी वीरेंद्र सिंह बीजेपी के साथ हो गए थे। जब उन्होंने पार्टी छोड़ी थी तो धड़ों में बंटी पार्टी के भीतर जश्न हुआ था कि एक प्रतिद्वंदी कम हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को मिली हार के बावजूद राज्य में नेताओं की आपसी प्रतिद्वंद्विता कम नहीं हुई है। (नवभारतटाईम्स)

 


Date : 19-Aug-2019

नई दिल्ली, 19 अगस्त । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस भयंकर मंदी पर सरकार की चुप्पी खतरनाक है। उन्होंने सवाल किया कि इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? प्रियंका ने ट्वीट किया, सरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है। कंपनियों का काम चौपट है। लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है। आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?
इससे पहले उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था, देश का आम नागरिक भाजपा सरकार के शीर्ष नेताओं से, वित्त मंत्री से इस भयंकर मंदी पर भी कुछ सुनना चाहता है। प्रियंका ने अखबारों में छपी कुछ खबरें भी शेयर कीं, जिसके मुताबिक वाहनों की बिक्री में काफी गिरावट दर्ज की गई है और ऑटो क्षेत्र में 10 लाख से अधिक लोगों की नौकरी जाने का खतरा है तथा कई कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी है।
इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर किस आधार पर जम्मू कश्मीर में उनकी पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया गया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस इकाई को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने से रोके जाने के बाद उन्होंने पूछा कि क्या मीडिया से बात करना गुनाह है। पुलिस ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा को हिरासत में ले लिया है और जम्मू कश्मीर के इसके अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को नजरबंद किया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘किस आधार पर जम्मू कश्मीर में कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया? क्या मीडिया से बात करना गुनाह है? जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री, जो भारत के संविधान का सम्मान तथा उसका पालन करते हैं, उन्हें हिरासत में 15 दिन हो गये हैं। हैशटैग स्टॉप इलीगल अरेस्ट इन कश्मीर से उन्होंने ट्वीट किया, यहां तक कि उनके परिवार वालों को भी उनसे बात करने की इजाजत नहीं है। क्या मोदी-शाह सरकार यह मानती है कि भारत अब भी लोकतंत्र है?
इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने पार्टी के जम्मू कश्मीर प्रमुख गुलाम अहमद मीर को हिरासत में लिये जाने की आलोचना करते हुए शनिवार को इसे बिल्कुल गैरकानूनी करार दिया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अदालतें इस मामले का संज्ञान लेंगी। अपने कई ट्वीट में पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मीर शुक्रवार से जम्मू में अपने घर में नजरबंद हैं। उन्होंने ट्वीट किया, हिरासत में लेने का कोई लिखित आदेश नहीं था। बिल्कुल गैरकानूनी है। मैं उम्मीद करता हूं कि अदालतें कदम उठाएंगी और नागरिकों की आजादी की सुरक्षा करेंगी।(भाषा)

 


Date : 18-Aug-2019

रोहतक, 18 अगस्त। लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। संजय सिंह, भुवनेश्वर कलीता जैसे राज्यसभा सांसदों ने जहां पार्टी से इस्तीफा दे दिया, वहीं कर्नाटक और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी को बगावत का सामना करना पड़ा। आर्टिकल 370 के मुद्दे पर भी पार्टी में मतभेद उजागर हुए। अब इसी साल विधानसभा चुनाव में जाने वाले हरियाणा में भी पार्टी को झटका लगता दिख रहा है। हरियाणा के कद्दावर कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को रोहतक में रैली कर न सिर्फ शक्तिप्रदर्शन किया बल्कि बागी तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी पर तीखे हमले किए और कहा कि कांग्रेस रास्ते से भटक गई है। 
हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आर्टिकल 370 के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा। रविवार को रोहतक में आयोजित 'परिवर्तन महारैली' में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके गुट के ही ज्यादातर नेता मौजूद रहे। इस मौके पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अब कांग्रेस वह कांग्रेस नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के पक्ष में थे जबकि कांग्रेस के कई नेता इसके खिलाफ थे। 
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, जब सरकार कुछ सही करती है तो मैं उनका समर्थन करता हूं। मेरे कई साथियों ने अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध किया, मेरी पार्टी रास्ते से भटक गई है। यह वह कांग्रेस नहीं है, जो हुआ करती थी। जब बात स्वाभिमान और देशभक्ति की आती है तो मैं किसी पर भी समझौता नहीं कर सकता।
उन्होंने आगे कहा, मैं आर्टिकल 370 को हटाने का समर्थन करता हूं लेकिन मैं हरियाणा सरकार को बताना चाहता हूं कि आपको जवाब देना होगा कि आपने पिछले पांच साल में क्या किया, इस फैसले के पीछे छिपिए मत। हमारे हरियाणा के भाई कश्मीर में सिपाही के रूप में ड्यूटी पर हैं इसलिए मैंने इसका समर्थन किया।
हुड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐलान किया, अगर हम सरकार बनाते हैं तो आंध्र प्रदेश की तरह एक कानून बनाएंगे, जिसके तहत 75 पर्सेंट नौकरियां हरियाणा के लोगों के लिए ही होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री बने तो 4 डेप्युटी सीएम बनाएंगे। 
इसी रैली में भूपेंद्र हुड्डा के बेटे और पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, हम प्यार, विकास और बढ़ोतरी के रास्ते पर चलते हैं और पिछले पांच सालों में बीजेपी ने बेरोजगारी, दंगों और असहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। आज हमारे पास एक मौका है कि हम हरियाणा की राजनीति को उस दिशा में ले जाएं, जो हरियाणा का विकास कर सके। 
रोहतक रैली में हुड्डा ने जिस तरह अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया, उससे उन अटकलों को बल मिल रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले हुड्डा नई पार्टी बना सकते हैं। अटकलें तो यह भी लग रही थीं कि रोहतक रैली में हुड्डा इसका ऐलान भी कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे हुड्डा की संभवत: दबाव की रणनीति है। फिलहाल उन्होंने पार्टी आलाकमान को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अगर उन्हें सूबे में पार्टी की कमान नहीं दी जाती और फ्री हैंड नहीं दिया जाता तो वह अलग राह चुन सकते हैं। 
हरियाणा कांग्रेस में गुटबंदी तो काफी समय से थी। प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। लेकिन इस बार हुड्डा ने रोहतक की परिवर्तन रैली के लिए अपने कैंप के अलावा कांग्रेस के किसी नेता को न्योता तक नहीं दिया। उन्होंने 'परिवर्तन महारैलीÓ में राज्य की पार्टी यूनिट या ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के किसी नेता को नहीं बुलाया। हुड्डा नहीं चाहते कि तंवर के पास सूबे में पार्टी का कमान हो, लेकिन उनके विरोध के बावजूद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से नहीं हटाया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सोनिया गांधी ने ही 2005 की शुरुआत से 2014 के अंत तक राज्य में कांग्रेस सरकार चलाने के लिए भजनलाल पर तरजीह दी थी। लेकिन अब दोनों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। हुड्डा और सोनिया के संबंध तब तनावपूर्ण हो गए थे, जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने 2016 में कांग्रेस के राज्यसभा कैंडिडेट आर के आनंद का सपॉर्ट करने से मना कर दिया था। 
(नवभारतटाईम्स)


Date : 18-Aug-2019

नई दिल्ली, 18 अगस्त । जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटने के बाद लद्दाख से भाजपा सांसद जमयांग सेरिंग नमग्याल ने संसद में दमदार भाषण दिया। उनके इस भाषण की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खूब तारीफ की। अपने इस भाषण के बाद से नमग्याल खासे मशूहर हो गए और लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं।
भाजपा सांसद के भाषण को लेकर इंडिया टुडे न्यूज के डायरेक्टर राहुल कंवल जब उनके निवास पर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी सोनम वांग्मो को लेकर भी बातचीत की। साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि पत्नी बहुत सहयोगी और उन्होंने समय के साथ खूब समझौता किया है। नमग्याल ने एक सवाल के जवाब में कहा, मैं भाषण के बाद व्यस्त हो गया हूं जिसकी वजह से मुझे अब राष्ट्रीय मीडिया सहित कई लोगों को समय देना होगा।
वहीं भाजपा सांसद से करीब छह महीने पहले विवाह करने वाली सोनम वांग्मो ने कहा कि वह भी बहुत सारे भारतीयों की तरह संसद में उनके भाषण से काफी प्रभावति हुई हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव वह उसके बाद काफी व्यस्त हो गए।
राजनीतिक विचारधाराओं के संबंध में पति संग मतभेदों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, राजनीति में आने पर हमारे बीच मतभेद होते हैं और वह हमेशा मुझे समझाने की कोशिश करते हैं। शादी में संघी और दूसरी विचारधारा थोड़ी चलती है। वह मुझे भाजपा और संघ की तरफ खींचने की कोशिश करते हैं।
पत्रकार संग बाचतीत में भाजपा सांसद की पत्नी सोनम वांग्मो ने कहा कि उन्हें लगता है कि जेएनयू में कन्हैया कुमार के साथ जो हुआ वो गलत था। सोनम वांग्मो मुताबिक, वीडियो और ऑडियो फर्जी थे। यह सबकुछ मेरे हॉस्टल के सामने हुआ। हमें पता है कि कन्हैया उस वक्त वहां मौजूद नहीं था। वह सिर्फ इसलिए गिरफ्तार हुआ क्योंकि वह छात्र नेता था।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन बिल पारित होने के दौरान नमग्याल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि लद्दाख के लोग इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिलवाने के लिए पिछले 70 बरसों से लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने यह आरोप भी लगा कि जम्मू-कश्मीर को विकास निधि का अधिकतर हिस्सा मिला मगर लद्दाख को कुछ नहीं मिला। लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की खूब तारीफ की। लोकसभा में उनका यह भाषण सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हुआ।
नमग्याल ने इससे पहले कहा था कि लद्दाख की जनता साल 1948 से इस क्षेत्र के लिए केंद्र शासित प्रदेश को केंद्र शासित बनाए जाने की मांग कर रही थी क्योंकि कश्मीर-केंद्रित नेता होने के चलते उनके साथ हमेशा भेदभाव किया गया।
पिछले सप्ताह केंद्र ने अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को मिलने वाले विशेष प्रावधान को निरस्त कर दिया और प्रदेश को दो केंद्र शासित भागों में बांट दिया। इसमें जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी हालांकि लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी। (जनसत्ता)


Date : 18-Aug-2019

चंडीगढ़, 18 अगस्त। हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी कलह से जूझ रही कांग्रेस पार्टी के लिए रविवार का दिन काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। एक जमाने में हरियाणा कांग्रेस का मुख्य चेहरा रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। 
इससे पहले शनिवार को हुड्डा ने दिल्ली में कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से हुड्डा की मुलाकात नहीं होने को लेकर भी तमाम तरीके की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि रविवार को रोहतक की महापरिवर्तन रैली में हुड्डा या तो अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं या राज्य में किसी अन्य दल के साथ चुनाव लडऩे की घोषणा भी कर सकते हैं। 
शनिवार को दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ हुई बैठक को फिलहाल हुड्डा ने सिर्फ एक रूटीन मीटिंग ही बताया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि शीर्ष नेताओं और हुड्डा के बीच हरियाणा में पार्टी संगठन में बदलाव को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा हुई है। शनिवार को मुलाकात के बाद हुड्डा ने दिल्ली में मीडिया से सिर्फ इतना कहा, मैंने सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं की है और जहां तक वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक का सवाल है यह सिर्फ एक रूटीन मीटिंग भर है। सभी को रविवार की महापरिवर्तन रैली का इंतजार करना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों की मानें को हरियाणा कांग्रेस के नेता हुड्डा के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव लडऩे के पक्ष में नहीं हैं। इसकी वजह हाल में हुए लोकसभा चुनाव भी हैं, जिसमें बीजेपी ने हुड्डा के जाट वोटबैंक में सेंधमारी कर दी है। इसके कारण ही हरियाणा में कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि चार पीढिय़ों से कांग्रेसी रहे हुड्डा को उनके समर्थक पार्टी की ओर से राज्य के सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रॉजेक्ट कराना चाहते हैं और इस मांग को कांग्रेस नेतृत्व ने खारिज कर दिया है। 
हरियाणा में कांग्रेस के कुल 16 सदस्य हैं, जिनमें हुड्डा को 12 विधायकों का समर्थन हासिल है, वहीं कांग्रेस विधायक दल नेता किरन चौधरी ने अपना समर्थन पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को दिया है। इसके अलावा विधायकों के अन्य दलों का नेतृत्व रणदीप सुरजेवाला समेत अन्य नेता कर रहे है। साथ ही भले ही हुड्डा रोहतक की रैली को कांग्रेस की सभा बता रहे हों, लेकिन पार्टी के प्रादेशिक संगठन नें इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं ली है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि प्रादेशिक और राष्ट्रीय संगठन से अपनी नाराजगी के कारण ही हुड्डा अब अपनी नई राह चुन सकते हैं। 
सियासत के इस फैसले में हुड्डा की राजनीतिक राह भले ही अलग हो, लेकिन तरीका ठीक वही है, जिसे कि राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपनाया था। हुड्डा से पहले भजन लाल, चौधरी देवी लाल और बंशी लाल जैसे नेता भी अपनी अलग पार्टियों के साथ सियासी लड़ाई लड़ चुके हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि हुड्डा महापरिवर्तन रैली में अपनी नई पार्टी का ऐलान करेंगे या वह इस बार का चुनाव किसी अन्य दल के निशान पर लड़ेंगे।  (टाईम्स न्यूज)


Date : 17-Aug-2019

नयी दिल्ली, 17 अगस्त । आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। 
श्री मिश्रा ने यहां एक कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और पार्टी नेता विजय गोयल की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
करावल नगर से विधायक निर्वाचित श्री मिश्रा को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने गत दो अगस्त को दलबदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया था। उन पर लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में वोट मांगने का आरोप है। श्री मिश्रा को अयोग्य ठहराये जाने के बाद करावल नगर सीट अभी रिक्त है।
विधानसभा अध्यक्ष ने आठ अगस्त को ही आप के दो और विधायकों अनिल बाजपेयी और देविन्दर सेहरावत को भी अयोग्य करार दिया था।(वार्ता)
 


Date : 13-Aug-2019

नई दिल्ली, 13 । सिक्किम में बीजेपी को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। एएनआई के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग समेत पांच विधायकों को छोडक़र सभी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए।
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के 10 विधायक बीजेपी कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और बीजेपी महासचिव राम माधव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। इस साल मई में हुए चुनाव में 32 विधानसभा सीटों में 15 पर एसडीएफ ने जीत हासिल की थी और 15 सीटों पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद प्रेम तमांग ने मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। 
सिक्किम में पिछले 25 साल से एसडीएफ की सत्ता थी लेकिन इस साल मई में हुए चुनाव में पवन चामलिंग की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने चुनाव आयोग से उन्हें चुनाव लडऩे से अयोग्य ठहराये जाने को माफ करने का अनुरोध किया था। तमांग के सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने हाल के सिक्किम विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी और उन्होंने 27 मई को मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी। हालांकि, वह चुनाव नहीं लड़ सकते क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य करार दिया गया था। उन्हें अपने पद बने रहने के लिए मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव लडऩा होगा। 
तमांग ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चुनाव लडऩे के लिए उनकी अयोग्यता माफ करने के लिए जन प्रतिनिधित्व कानून धारा 11 का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है। उन्हें 1990 के दशक के भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराया गया और वह 2017 से एक साल के लिए जेल में थे। उन्हें अगस्त, 2018 को रिहा किया गया था। धारा 11 के तहत चुनाव आयोग किसी भी व्यक्ति के चुनाव लडऩे के लिए उसे अयोग्य ठहराये जाने संबंधी अवधि घटा सकता है या उसे खत्म कर सकता है। 
यह धारा कहती है, ‘‘चुनाव आयोग उन कारणों के लिये जो दर्ज किये जाएंगे, इस अध्याय के तहत किसी को अयोग्य ठहराये जाने को खत्म कर सकता है या उसकी अवधि घटा सकता है।’’ जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत तमांग सात साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते। उसमें कैद का एक साल और उसके बाद के छह साल हैं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले पर विचार चल रहा है लेकिन अबतक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।(लाइव हिन्दुस्तान)
 

 


Date : 13-Aug-2019

नई दिल्ली, 13 अगस्त। कांग्रेस पार्टी ने 2021 में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन की संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है। इसके तहत उसने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अनौपचारिक रूप से बातचीत भी शुरू कर दी है। खबर के मुताबिक कांग्रेस यहां भाजपा को जीतने से रोकने के लिए टीएमसी से समझौता कर सकती है।
हिंदुस्तान टाईम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक संसद के बजट सत्र के आखिरी हफ्ते में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में टीएमसी के नेता कल्याण बनर्जी से करीब आधा घंटा बातचीत की थी। अखबार ने बताया कि बातचीत में राहुल गांधी ने बनर्जी से पूछा कि वे पश्चिम बंगाल में अपना सबसे बड़ा (राजनीतिक) दुश्मन किसे मानती है। उन्होंने राज्य में कांग्रेस और टीएमसी के बीच सहयोग बढ़ाने की भी बात कही।
वहीं, इस मामले से जुड़े लोगों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि गठबंधन को लेकर टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बीच भी अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है। हालांकि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस-टीएमसी गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व को करना है। उधर, ममता बनर्जी के करीबी दो नेताओं की मानें तो उन्होंने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अहमद पटेल व आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से बातचीत बनाए रखी है।
दरअसल, यह कांग्रेस के भीतर के लोगों का ही मानना है कि पार्टी को बंगाल में अपनी चुनाव रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। खबर के मुताबिक कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘पिछले विधानसभा चुनाव में हमने लेफ्ट पार्टियों से साझेदारी की थी। लेकिन वामपंथी अब थक चुके हैं। हमें यह भी मानना होगा कि कांग्रेस अकेले राज्य में भाजपा को नहीं हरा सकती।’
उधर, राहुल गांधी से हुई बातचीत पर कल्याण बनर्जी ने बताया, ‘मैंने उनसे कहा कि कांग्रेस की तरह हम भाजपा को भी अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखते हैं। लेकिन मैंने यह भी कहा कि वे भले ही सहयोग को लेकर दिलचस्पी रखते हों, लेकिन उनके अन्य नेता और लोकसभा में उनके सांसद अधीर चौधरी तथा राज्य अध्यक्ष सोमेन मित्रा तृणमूल के खिलाफ हैं।’ हालांकि इस पर कांग्रेस नेता ने कल्याण बनर्जी से कहा कि अधीर चौधरी को टीएमसी को लेकर नरम रुख अपनाने को कह दिया गया है।
 


Date : 11-Aug-2019

जौनपुर (यूपी), 11 अगस्त। उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले के पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के बेढंगे बोल पर लगाम नहीं लग पा रही है। विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के डीन प्रो. विक्रम देव आचार्य के बोल ने हंगामा कर दिया है।

फेसबुक पर उन्होंने नाथूराम गोडसे को अहिंसक और पं जवाहर लाल नेहरू को महात्मा गांधी का हत्यारा बता दिया। इससे गुस्साए युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन देकर शांत कराया।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के डीन प्रो. विक्रम देव आचार्य ने दो अगस्त को शाम साढ़े सात बजे फेसबुक पर पोस्ट किया कि आजीवन अहिंसक रहे नाथूराम ने महामानव बापूजी की हत्या नहीं की थी, उनकी हत्या तो खुद नेहरू ने की और संघ जैसे हिंदूवादी संगठनों को बदनाम करने के लिए नाथूराम गोडसे को मोहरा बना दिया। यह एक रहस्य है, जिससे पर्दा उठना ही चाहिए। सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी तो जनता नेहरू एवं कांग्रेस से नफरत करेगी। पोस्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता आगबबूला हो गए।
यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनका कहना था कि समाज में अशांति फैलाने के लिए इस तरह की पोस्ट डाली गई है। इस पोस्ट को डीन ने फेसबुक पर अमित शाह, नरेंद्र मोदी, पीएमओ इंडिया, योग ऋषि रामदेव, मोहन भागवत, रिपब्लिक भारत को ट्वीट भी किया है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट को देखने के बाद लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे लोग जो विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण पद पर बैठे हैं, उनका इस तरह घृणा फैलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनको दंडित किया जाना चाहिए। अधिवक्ता विकास तिवारी ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकाय के डीन प्रो. विक्रम देव आचार्य ने बताया कि हमने फेसबुक पर वह पोस्ट डाली  थी, जिसे ठीक समझता हूं। लोगों की आपत्ति आई तो उस पोस्ट को हटा दिया। मगर मैंने जो लिखा है, वही सच्चाई है। पोस्ट भले ही हटा लिया है लेकिन अपनी बात पर कायम हूं। (अमर उजाला)


Date : 11-Aug-2019

नई दिल्ली, 11 अगस्त। सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बन गई हैं। शनिवार को करीब 12 घंटे तक चली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया। सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने की अपील की गई, लेकिन राहुल गांधी इसके लिए तैयार नहीं हुए। 
बैठक में सर्वसम्मति से सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में अध्यक्ष पद खाली था और पार्टी ने एक बार फिर अपने सबसे भरोसेमंद नेता सोनिया गांधी पर भरोसा जताया है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे मौजूदा परिस्थितियों में लिया गया सर्वश्रेष्ठ फैसला बताया।
अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, सोनिया गांधी जी को दोबारा कमान संभालता देख खुश हूं। मौजूदा स्थिति में लिया गया यह सर्वश्रेष्ठ फैसला है। उनका अनुभव एवं समझ कांग्रेस को सही मार्ग दिखाने में मदद करेगी। उन्होंने लिखा, मैं उन्हें और पार्टी को शुभकामनाएं देता हूं। राहुल गांधी के इस्तीफा वापस नहीं लेने के अपने रुख पर कायम रहने के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया।
अमरिंदर सिंह की पत्नी एवं पटियाला से सांसद परनीत कौर ने भी ट्वीट कर सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले का स्वागत किया, बढिय़ा खबर... सोनिया गांधी को दोबारा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस निर्णय को काफी आशा और दृढ़ता से देख रही हूं। आपका बहुमूल्य अनुभव पार्टी को पटरी पर लाने में हमारी मदद करेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पंजाब से सांसद मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, कई वर्षों से कांग्रेस के मामले देख रही हैं, श्रीमती सोनिया गांधी के पास मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी को राह दिखाने का सही अनुभव है। कांग्रेस कार्य समिति के उन्हें अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त करने के फैसले का स्वागत करता हूं।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी उन्हें अंतरिम अध्यक्ष बनाने के फैसले का स्वागत किया। हुड्डा ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी मजबूत होगी। हुड्डा के बेटे एवं रोहतक से पूर्व सांसद दीपेन्दर सिंह हुड्डा ने भी सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी। दीपेंदर सिंह हुड्डा ने ट्वीट किया, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी)  द्वारा कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने पर श्रीमती सोनिया गांधी जी को बधाई। भविष्य के लिए कांग्रेस को बधाई। सोनिया गांधी इससे पहले 14 मार्च, 1998 से 16 दिसम्बर, 2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी हैं और उनके अध्यक्ष रहते 2004 से 2014 तक पार्टी केंद्र में सत्तासीन रही। (एनडीटीवी)


Date : 10-Aug-2019

लखनऊ/ नई दिल्ली, 10 अगस्त । समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद संजय सेठ और सुरेंद्र सिंह नागर आखिरकार बीजेपी में शामिल हो गए। सेठ और नागर ने पिछले दिनों ही समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि संजय सेठ को यादव परिवार (मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव) का काफी करीबी माना जाता रहा है। 
पिछले एक महीने में समाजवादी पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले संजय सेठ तीसरे सांसद हैं। इससे पहले नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर ने भी राज्यसभा और एसपी से अपना इस्तीफा दे दिया था। नीरज शेखर पहले ही बीजेपी जॉइन कर चुके हैं। 
संजय सेठ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी थे। उनके यादव परिवार के साथ बहुत ही पारिवारिक संबंध थे। सेठ का कार्यकाल 2022 तक था। संजय सेठ सेंट्रल उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े बिल्डरों में से एक हैं। बताया जाता है कि संजय सेठ मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के बिजनस पार्टनर भी हैं। संजय सेठ के इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा में एसपी के सिर्फ दस सांसद रह गए हैं। 
उधर, कांग्रेस के भी नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। पिछले दिनों गांधी परिवार के करीबी रहे संजय सिंह ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन किया था। उसके बाद पार्टी नेता भुबनेश्वर कलिता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कलिता भी बीजेपी में शामिल हो गए थे। (नवभारतटाईम्स)
 


Date : 29-Jul-2019

बेंगलुरु, 29 जुलाई । बी एस येदियुरप्पा सरकार के कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को बहुमत हासिल करने के बाद अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस और जनता दल (एस) सरकार के पिछले सप्ताह पतन के बाद श्री येद्दियुरप्पा राज्य के मुख्यमंत्री बने थे । राज्यपाल वजू भाई वाला ने श्री येदियुरप्पा को 31 जुलाई तक सदन में बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया था । श्री येदियुरप्पा ने आज सदन में ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल कर लिया और इसके बाद अध्यक्ष श्री कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया ।
सदन में विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद श्री कुमार ने अपना इस्तीफा उपाध्यक्ष कृष्णा रेड्डी को सौंप दिया।(वार्ता)

 


Date : 29-Jul-2019

मुंबई, 29 जुलाई। कर्नाटक और गोवा के बाद क्या अब महाराष्ट्र कांग्रेस में भी टूट होने वाली है। हालही कर्नाटक के एक दर्जन से ज्यादा विधायकों ने सरकार से बगावत कर ली थी। इसके बाद कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार गिर गई। वहीं दूसरी ओर गोवा में 10 कांग्रेस विधायकों ने पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने रविवार को दावा किया कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपना पाला बदलने के लिए कांग्रेस और राकांपा के कम से कम 50 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। महाजन का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कई नेता हाल ही में पार्टी छोड़ चुके हैं। 
महाजन ने कहा, कांग्रेस और राकांपा के करीब 50 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। राकांपा की वरिष्ठ नेता चित्रा वाघ ने एक महीने पहले भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताते हुए दावा किया था कि उनका अपनी मूल पार्टी (राकांपा) में कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा, विधायक अनुरोध कर रहे हैं कि वे विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। कांग्रेस लडख़ड़ा रही है और अगले कुछ हफ्तों में, राकांपा कमजोर दिखेगी।
महाजन ने शरद पवार के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि भाजपा कांग्रेस और राकांपा को हराने के लिए उनके नेताओं के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक और झटका देते हुए अकोला से विधायक वैभव पिचड ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह सत्ताधारी भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। वैभव एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री मधुकर पिचड के बेटे हैं। दो दिन पहले राकांपा की मुंबई इकाई के प्रमुख सचिन अहिर ने भी सत्ताधारी गठबंधन दल शिवसेना का दामन थाम लिया था।
वैभव पिचड ने बताया कि उन्होंने अहमदनगर के अकोला में शनिवार को अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाकर उनकी राय जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अधिकतर समर्थक चाहते हैं कि वह भाजपा में शामिल हो जाएं। पिचड ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने में हर तरह की मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, बहुत जल्द मैं औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो जाउंगा। (भाषा)।
 


Date : 29-Jul-2019

नई दिल्ली, 29 जुलाई । लोकसभा में पीठासीन महिला सांसद रमा देवी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने माफी मांग ली है। सोमवार को स्पीकर से मुलाकात के बाद आजम ने सदन में सबके सामने रमा देवी से माफी मांगी। हालांकि, आजम के माफी मांगने के बाद भी बीजेपी सांसद रमा देवी नाराज और असंतुष्ट नजर आईं।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आजम खान ने लोकसभा स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा- मेरी मैडम चेयर के प्रति ऐसी कोई भावना न थी और न हो सकती है। मेरे भाषण और आचरण को सारा सदन जानता है। इसके बावजूद भी चेयर को ऐसा लगता है कि मुझसे कोई गलती हुई है, तो मैं उसके लिए क्षमा चाहता हूं।
इतना बोलने के बाद आजम खान बैठक गए। लेकिन बीजेपी के सांसद हंगामा करने लगे। बीजेपी के सांसदों ने आजम खान के हाव-भाव पर सवाल उठाए। इस दौरान सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने उन्नाव रेप पीडि़ता के हादसे का मामला उठा दिया और कहा कि बीजेपी को उसपर भी ध्यान देना चाहिए। (न्यूज18)
 


Date : 28-Jul-2019

नई दिल्ली, 28 जुलाई। कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कांग्रेस और जेडीएस के 14 बागी विधायकों को आयोग्य घोषित कर दिया है। आपको बता दूं कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सोमवार को बहुमत साबित करने का मौका दिया है।
कर्नाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि बीएस येदियुरप्पा ने मुझे कल (सोमवार को) विश्वास मत की निगरानी करने के लिए कहा है। वित्त विधेयक 31 जुलाई को समाप्त होगा। मैं सभी विधायकों से विश्वास प्रस्ताव के लिए सत्र के लिए उपस्थित होने की अपील करता हूं।
उन्होंने कहा कि ने कहा कि हम कहां तक पहुंचे हैं? जिस तरह से स्थिति (कर्नाटक में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम) से एक वक्ता होने के नाते मुझ पर दबाव डाला जा रहा है।  इन सभी चीजों ने मुझे अवसाद के समुद्र में धकेल दिया है। (लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 28-Jul-2019

नई दिल्ली, 28 जुलाई। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जेडीएस के विधायकों द्वारा राज्य में बनी नई सरकार के समर्थन करने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उनकी पार्टी के एक विधायक जीटी देवगौड़ा ने कहा था कि बीजेपी सरकार को जेडीएस के कुछ विधायक अपना समर्थन दे रहे हैं। देवगौड़ा के इस दावे पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट किया कि हमारी पार्टी के कुछ विधायकों द्वारा बीजेपी की नई सरकार को समर्थन देने की बात इन दिनों चर्चाओं में है। मैं आश्वस्त कर देना चाहता हूं कि इस तरह की कोई भी बात पूरी तरह से आधारहीन है। हम कर्नाटक की जनता के लिए अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगी। 
वहीं, एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा ने पीटीआई से कहा कि हम राज्य में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने जा रहे हैं। एक क्षेत्रिय दल होने के नाते हमें अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभानी है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी।
हालांकि बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। बीएस येदियुरप्पा  ने कहा था कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करुंगा और उन्हें सूचित करुंगा। इससे पहले येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरुरत है।  
बीएस येदियुरप्पा मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के निर्देशों का इंतजार कर रहे थे। जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बासवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटी वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने गुरुवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की थी। दरअसल, कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी। इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया। 
पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 222 सीटों में से 104 सीटों पर कब्जा जमाया था। सबसे बड़ी पार्टी बनते ही बीजेपी की ओर से शपथ ग्रहण की घोषणा कर दी गई। बीएस येदियुरप्पा बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए। 16 मई 2018 को बीजेपी ने कहा था कि 17 मई की सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री के रूप में बीएस येदियुरप्पा शपथ लेंगे। हालांकि कांग्रेस और जेडीएस शपथ ग्रहण को रोकने की अर्जी के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने शपथ ग्रहण रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद 19 मई को फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले ही येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था। 


Date : 28-Jul-2019

मुंबई, 28 जुलाई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तमाम नेताओं के इस्तीफे के बीच पार्टी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पवार ने कहा है कि उनकी पार्टी के जिन नेताओं ने बीजेपी का दामन थामने से इनकार किया है, उनके खिलाफ एजेंसियों द्वारा कार्रवाई कराई जा रही है। 
एनसीपी के नेता हसन मुश्रीफ के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी होने के बाद शरद पवार ने इसके लिए केंद्र सरकार पर साजिश करने का आरोप लगाया। शरद पवार ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, जिनके पास सत्ता है, वह हमारे लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने उनमें से कुछ लोगों से बात की है और पता चला है कि सरकार प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल कर रही है। यह ठीक वैसे ही हो रहा है, जैसे कोल्हापुर में हसन मुश्रीफ के यहां हुआ। उन लोगों को पार्टी जॉइन करने के लिए कहा गया था और जब उन्होंने इसके लिए इनकार किया तो यह कार्रवाई की गई।
पवार ने आगे कहा, हमनें पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई देखी है और हम जानते हैं कि अपनी पार्टी को दोबारा कैसे बनाया जाता है। आज युवा लड़ाई के लिए आगे आ रहे हैं और हम ऐसा माहौल बना रहे हैं जिससे कि उन्हें और मौके मिल सकें। हम अपनी पार्टी को परिवार की तरह ही चलाते हैं और अगर कुछ लोग अपना अलग स्टैंड लेते हैं तो वह भी सही ही है।
शरद पवार ने हाल ही में एनसीपी के तमाम नेताओं के बीजेपी में जाने के बाद यह बयान दिए हैं। कुछ वक्त से एनसीपी के कुछ नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। पूर्व में मुंबई एनसीपी के प्रमुख सचिन अहीर ने अपनी पार्टी छोड़ दी थी। इसके अलावा एनसीपी की महिला विंग की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने भी पद छोडऩे का ऐलान किया था। (एजेंसियां) 


Date : 27-Jul-2019

नई दिल्ली, 27 जुलाई । पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान द्वारा संसद में दी गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आजम खान ने अपने इस बयान से शालीनता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। उनके इस बयान के बाद लगता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा कि आजम खान इस तरह के बयानों के लिए ही जाने जाते हैं। उनका हालिया बयान बताता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। उन्होंने सदन में सभापति को संबोधित करते हुए जो भी टिप्पणी की वह संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। मुझे लगता है कि उन्हें इस बयान के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। 
गौरतलब है कि आजम खान के इस बयान को लेकर कई अन्य महिला सासंदों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।लोकसभा में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा सहित सभी दलों ने गुरूवार को पीठासीन सभापति रमा देवी के बारे में आजम खान की टिप्पणी की पार्टी लाइन से हटकर कड़ी निंदा की और स्पीकर से इस मामले में कठोर कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले पर शून्यकाल में निचले सदन में विभिन्न दलों की महिला सांसदों समेत दलों के नेताओं ने अपनी बात रखी। महिला सांसदों ने स्पीकर से ऐसी कार्रवाई करने की मांग की जो नजीर बन सके।
विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि या तो आजम खान इसके लिए माफी मांगे या उन्हें निलंबित कर दिया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न दलों के नेताओं एवं सदस्यों की इस मुद्दे बात सुनने के बाद अंत में कहा कि वह सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में कोई निर्णय करेंगे। लोकसभा सदस्य आजम खान के आचरण पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यह पुरुषों समेत सभी सांसदों पर धब्बा है। इस घटना से पूरा सदन शर्मसार हुआ है। अगर ऐसी घटना सदन के बाहर होती तो पुलिस से संरक्षण मांगा जाता। उन्होंने कहा था कि आप ऐसा कुछ करके, बच कर नहीं जा सकते । यह सिर्फ महिला का सवाल नहीं है। आप (स्पीकर) ऐसी कार्रवाई करें कि दोबारा ऐसी बात कहने की कोई हिम्मत न कर सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि कल जो घटना हुई वह अत्यंत निंदनीय है।  कोई महिला बड़ी कठिनाई से ऐसे पद तक पहुंचती है और उसे ऐसा अपमान सहना पड़े यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा था कि हमें राजनीतिक सरोकारों से परे हटकर और एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए और सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। एनसीपी की सुप्रिया सुले ने कहा कि कल की घटना के बाद सिर शर्म से झुक गया है। अगर इस पर सही कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा था कि हम उम्मीद करते हैं कि आप (स्पीकर) कार्रवाई करें, सख्त से सख्त कार्रवाई करें तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने कहा कि यह ऐसी घटना है जो निंदनीय है। महिला के प्रति चाहे शब्द से या कृत्य से किसी तरह का असम्मान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा था कि 14 वर्ष वनवास के दौरान लक्ष्मणजी ने सीताजी का मुख नहीं देखा। कल जो बात कही गई (आजम खान ने) उससे महिलाओं की भावना आहत हुई है। जो हुआ वह अच्छा नहीं था। इस पर कार्रवाई हो।
कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भी इस घटना का गलत बताया और कहा कि इस बारे में संसद की आचार समिति या विशेषाधिकार हनन समिति है, वह चर्चा करें। द्रमुक की कनिमोई ने कहा कि चाहे हम इधर बैठे हों या उधर बैठे हों लेकिन कल जो घटना घटी उससे सदन का अपमान हुआ है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने की मांग की।  बीजद के भतृहरि माहताब ने कहा कि सदन में स्पीकर को पूरी शक्ति दी गई है। आप चाहे तो विभिन्न दलों के नेताओं से चर्चा कर सकते हैं।  यह घटना माफ करने योग्य नहीं है। आपने सदस्य से (आजम खान) से बार बार खेद प्रकट करने को कहा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा था कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई हो। (एनडीटीवी)
 


Date : 26-Jul-2019

नई दिल्ली, 26 जुलाई। कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। हालांकि बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। बीएस येदियुरप्पा  ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करुंगा और उन्हें सूचित करुंगा। इससे पहले येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरुरत है।  
बीएस येदियुरप्पा मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के निर्देशों का इंतजार कर रहे थे। जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बासवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटी वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की थी। दरअसल, कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी। इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया। 
पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 222 सीटों में से 104 सीटों पर कब्जा जमाया था। सबसे बड़ी पार्टी बनते ही बीजेपी की ओर से शपथ ग्रहण की घोषणा कर दी गई। बीएस येदियुरप्पा बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए। 16 मई 2018 को बीजेपी ने कहा कि 17 मई की सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री के रूप में बीएस येदियुरप्पा शपथ लेंगे। हालांकि कांग्रेस और जेडीएस शपथ ग्रहण को रोकने की अर्जी के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने शपथ ग्रहण रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद 19 मई को फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले ही येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था।  
गौरतलब है कि कुमारस्वामी द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 99 और विरोध में 105 मत पड़े थे।  इस तरह कुमारस्वामी सरकार के विश्वासमत हारने के बाद तीन सप्ताह से चले आ रहे सियासी नाटक का पटाक्षेप हो गया था। कांग्रेस और जद (एस) की अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं और विधायकों के इस्तीफे पर कुमार के फैसले को अन्य बागियों को कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अन्य बागी विधायक अब भी मुंबई में डेरा डाले हुए हैं और उनका कहना है कि वे विधानसभा सदस्यता छोडऩे के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। 
कांग्रेस के बागी विधायकों रमेश जारकीहोली, महेश कुमातल्ली और शंकर को स्पीकर के कड़े फैसले का सामना करना पड़ा।  (एनडीटीवी)


Date : 26-Jul-2019

नई दिल्ली, 26 जुलाई । आजम खान के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हो गया है। उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए स्पीकर को अधिकार दे दिया गया है। बता दें कि गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान रामपुर से एसपी सांसद आजम खान ने सभापति की कुर्सी पर बैठी रमा देवी पर निजी और विवादास्पद टिप्पणी की थी। इसे लेकर संसद में काफी हंगामा हुआ था।
आज लोकसभा में बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि ऐसे बयान के लिए आजम खान को हर हाल में माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा, ये ऐसी जगह नहीं है जहां किसी औरत की आंखों में झांका जाए। ईरानी के मुताबिक आजम खान इस्तीफे का ड्रामा कर रहे थे।
स्मृति ईरानी ने आगे कहा, मेरे 7 साल के संसदीय कार्यकाल में किसी पुरुष ने इस तरह की हिमाकत नहीं की, ये सदन महिला से जुड़ा नहीं है बल्कि पूरे समाज से जुड़ा है। महिला किसी भी पक्ष की हो, मामला इस सदन के विशेषाधिकार का है और किसी को महिला के अपमान का हक नहीं है।
इससे पहले बीजेपी सांसद रमा देवी ने आजम खान द्वारा उनके ऊपर की गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा, आजम खान ने कभी औरतों की इज्जत नहीं की। हम सभी जानते हैं कि उन्होंने जया प्रदा को लेकर क्या कहा था। इन्हें लोकसभा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं स्पीकर से आजम खान को बर्खास्त करने का अनुरोध करूंगी। आजम को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान रामपुर से एसपी सांसद आजम खान ने सभापति की कुर्सी पर बैठी रमा देवी पर निजी और विवादास्पद टिप्पणी की थी। इसे लेकर संसद में काफी हंगामा हुआ था। हालांकि हंगामे के बाद आजम खान लोकसभा की कार्यवाही छोडक़र बीच में ही चले गए थे।
अखिलेश यादव ने आजम खान का बचाव करते हुए कहा था कि उनकी भाषा और भावना कोई गलत नहीं थी। अखिलेश के ये बोलते ही सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष के नेताओं को बदतमीज तक कह दिया। इस बात से नाराज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अखिलेश यादव को सदन में माफी मांगने को कहा। (न्यूज18)