मनोरंजन

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी अगले हफ्ते रिलीज होगी। झांसी की रानी की वीरता की कहानी पर बेस्ड इस फिल्म का फैन्स इंतजार कर रहे हैं। रिलीज से पहले राष्ट्रपति भवन में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान वहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे। 
    शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में फिल्म की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान कंगना रनौत, प्रसून जोशी के साथ फिल्म की कास्ट और क्रू भी मौजूद थी। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। 
    इससे पहले कंगना ने कहा था कि राष्ट्रपति को फिल्म दिखाने के लिए वह काफी एक्साइटेड हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर बेस्ड यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के लिए कंगना के साथ ही पूरी टीम काफी एक्साइटेड नजर आ रही है। हाल ही में करणी सेना के विरोध पर भी कंगना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। करणी सेना ने धमकी दी थी कि अगर फिल्म में कुछ आपत्तिजनक हुआ तो एक बार फिर से पद्मावत जैसा विरोध देखने को मिलेगा। इसपर कंगना ने कहा कि वह खुद एक राजपूत हैं और अगर करणी सेना ने उन्हें परेशान किया तो वह भी उनको नहीं छोड़ेंगी।  (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • जल्द ही निहार पंड्या फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी में बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। यह बात अलग है कि निहार अपनी फिल्म नहीं बल्कि किसी और वजह से ज्यादा चर्चा में रहते हैं। दरअसल किसी समय निहार पंड्या और दीपिका पादुकोण रिलेशनशिप में थे। अब दीपिका पादुकोण की शादी हो चुकी है और निहार भी जल्द ही सिंगर नीति मोहन से शादी करने जा रहे हैं। 
    निहार पंड्या ने हाल में एक इंटरव्यू में कहा कि अब वह शादी करने जा रहे हैं और खुद को दीपिका पादुकोण के एक्स-बॉयफ्रेंड के रूप में नहीं कहलवाना चाहते हैं। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उनके मन में दीपिका के लिए कोई कड़वाहट नहीं है और उनकी सुखी जिंदगी की कामना करते हैं। 
    एक बार फिर शादी की बात करें तो निहार पंड्या और नीति मोहन की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शन वैलंटाइंस डे को शुरू होंगे इसके बाद दोनों 15 फरवरी को शादी के बंधन में बंध जाएंगे।  (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • पॉप्युलर टीवी सीरियल भाबी जी घर पर हैं से घर-घर में अनीता भाभी के रूप में फेमस हुई ऐक्ट्रेस सौम्या टंडन बेटे की मां बन गई हैं। सौम्या और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। पिछले साल नवंबर में ही उन्होंने अपने प्रेग्नेंसी की घोषणा इंस्टाग्राम पर की थी। 
    पिछले काफी समय से टीवी सीरियल से गायब सौम्या ने अपनी प्रेग्नेंसी के कारण ही छुट्टी पर चल रही थीं। अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद से ही सौम्या ने अपनी बेबी बंप वाली तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। उनकी इन तस्वीरों को भी काफी पसंद किया जा रहा था। 
    प्रेग्नेंसी के दौरान सौम्या ने योगा करना भी नहीं छोड़ा था और इसके फोटो-वीडियो उन्होंने शेयर किए थे। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनों के बाद सौम्या को एक बार फिर छोटे पर्दे पर देख सकेंगे। तो इंतजार कीजिए कब टीवी पर लौटती हैं गोरी मेम।   (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर की ऐक्टिंग तो आप फिल्म धडक़ में देख चुके हैं और अब उनकी छोटी बहन खुशी कपूर के डेब्यू को लेकर भी चर्चा होने लगी है। हालांकि, इससे पहले कि आप खुशी को बड़ी स्क्रीन पर देख सकें, वह छोटे पर्दे पर नजर आने को तैयार हैं और वह भी अपनी बड़ी बहन के साथ। जी हां, खबर है कि बॉलिवुड की ये बहनें जाह्नवी और खुशी नेहा धूपिया के पॉप्युलर चैट शो वोगबीएफएफ में साथ नजर आएंगी। 
    नेहा इस साल अपने शो में इन बहनों के बतौर मेहमान बुलाना चाहती हैं, जिस तरह कि इस शो के पिछले सीजन में दीपिका पादुकोण और अनीशा पादुकोण नजर आई थीं। उस शो में अनीशा ने दीपिका के कई सीक्रेट सबके सामने खोल दिए थे, जिसके बारे में शायद इससे पहले तक किसी को नहीं पता होगा। 
    यकीनन जाह्नवी और खुशी का एपिसोड भी उतना ही मजेदार होगा, क्योंकि यहां दोनों बहने शेयर करेंगी एक-दूसरे के बारे में वो सारी मजेदार बातें जो इससे पहले तक हमने नहीं सुनी होगी। बताया जाता है कि खुशी अपने पापा बोनी कपूर की चहेती हैं और जाह्नवी अपनी मां की फेवरिट थीं, ऐसे में हो सकता है कि शो में कई मजेदार किस्से सामने आएं। 
    बताया गया है कि जाह्नवी और खुशी इस शो के प्रीमियर एपिसोड पर नजर आएंगी और उम्मीद की जा रही है कि इसके लिए सोमवार 21 जनवरी को शूट किया जाएगा। ...तो तैयार रहिए बॉलिवुड के इस स्टार किड्स के बारे में काफी कुछ और जानने के लिए। (डीएनए)

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • मुंबई, 19 जनवरी । अभिनेत्री स्वरा भास्कर का कहना है कि एक निर्देशक ने उनका यौन उत्पीडऩ किया और इस बात को समझने में उन्हें 6-8 साल लग गए। मुंबई में आयोजित एक पैनल चर्चा में स्वरा भास्कर ने यह बात कही।
    अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा कि कार्यस्थल पर उनका यौन उत्पीडऩ हुआ था और उनका शोषण करने वाला व्यक्ति एक निर्देशक था। उन्होंने कहा, मुझे यह महसूस करने में 6-8 साल लग गए। जब मैंने किसी और को इस इस तरह के खराब अनुभव के बारे में एक पैनल में बात करते हुए सुना तब जाकर मुझे इसका अहसास हुआ कि मेरे साथ तीन साल पहले जो हुआ था वह यौन उत्पीडऩ था। 
    अभिनेत्री ने कहा कि लड़कियों को यौन उत्पीडऩ वाले व्यवहार को पहचानने की शिक्षा नहीं दी जाती है। स्वरा भास्कर के अलावा अभिनेत्री दिया मिर्जा, आनंद पटवर्धन भी इस चर्चा में शामिल थे। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • लाख कोशिशों के बावजूद केएल सहगल के वक्त के दूसरे पाश्र्वगायक उनकी बराबरी न कर सके और अगली पीढ़ी के मुकेश, किशोर और रफी जैसे गायक भी उनकी ही नकल करके स्थापित हुए...

    - शुभम उपाध्याय
    केएल सहगल हिंदुस्तानी पाश्र्वगायन मतलब प्लेबैक सिंगिंग के पहले जाने-माने चेहरे थे। 1931 में सवाक फिल्मों के आगमन के बाद वे पहले ऐसे गायक बने जिन्होंने इस नए माध्यम को बेहद नफासत से अपनाया और अपनी मौलिक आवाज के दम पर अभिनय के अलावा गायकी के भी पहले सुपरस्टार कहलाए। लाख कोशिशों के बावजूद उनके वक्त के दूसरे पाश्र्वगायक उनकी बराबरी न कर सके और अगली पीढ़ी के मुकेश, किशोर और रफी जैसे गायक भी शुरुआत में उनकी ही नकल करके स्थापित हुए।
    कुंदन लाल सहगल को यह लोकप्रियता सिर्फ उनकी अलग तरह की आवाज की वजह से नहीं हासिल हुई। वे जिन गीतों को गाते, उनमें पूरी तरह खुद को डुबा देते। गीतों के सही भावों को पकडऩे में उनका कोई सानी नहीं था और चाहे 'नुक्ताचीन है गमे-दिलÓ जैसी गजल हो या 'देवदासÓ फिल्म का 'दुख के अब दिन बीतत नाहींÓ, हिंदी फिल्म संगीत में रूह से सुर की मुलाकात करवाने वाले वे सबसे पहले पाश्र्वगायक थे। एक तवायफ के यहां सीखी थोड़ी-बहुत संगीत की समझ के ऊपर जब वे मुरकियां और आलाप चढ़ाते थे, तो शास्त्रीय संगीत के कई दिग्गज हैरान रह जाया करते थे।
    उनके समर्पण की एक तस्वीर 'स्ट्रीट सिंगरÓ (1938) नामक फिल्म की शूटिंग के वक्त की भी है। इस फिल्म में वे नायक थे और अपने गीतों को हमेशा की तरह अपनी आवाज दे रहे थे। तब तक हिंदुस्तानी फिल्म संगीत तकनीकी रूप से इतना सक्षम हो चुका था कि स्टूडियो में रिकॉर्ड किया जाने लगा था और सभी संगीतकार व सिंगर स्टूडियो के बंद कमरों के अंदर बैठकर ही संगीत रचा करते थे। लेकिन चूंकि 'स्ट्रीट सिंगरÓ में केएल सहगल की भूमिका सड़क पर गाने वाले एक गवइये की थी, इसलिए इस गीत को उन्होंने सड़क पर चलते हुए 'लाइवÓ गाया था!
    गीत था अवध के नवाब वाजिद अली शाह की 1856 के आसपास लिखी ठुमरी 'बाबुल मोरा नैहर छूटो ही जाएÓ, जो उन्होंने अंग्रेजों द्वारा लखनऊ निकाला दिए जाने के बाद अपने घर के बिछोह में लिखी और गाई थी। सहगल के बाद इसे भीमसेन जोशी, किशोरी अमोनकर से लेकर जगजीत सिंह और अरिजीत सिंह तक ने अपने अंदाज में गाया, लेकिन सहगल साहब ने जिस नायाब तरीके में सलीका मिलाकर गाया वैसा बाद के वर्षों में किसी सिंगर ने नहीं किया।
    'स्ट्रीट सिंगरÓ के निर्देशक द्वारा शुरू में इंकार करने के बावजूद - क्योंकि लाइव गाने से गीत की गुणवत्ता प्रभावित होती - केएल सहगल ने न सिर्फ उन्हें मनाया बल्कि हाथ में हारमोनियम लेकर सड़क पर चलते हुए इस ठुमरी को राग भैरवी में ऐसा गाया कि वो मास्टरपीस बन गया। गीत को फिल्माने के दौरान ऑर्केस्ट्रा ने वहीं किनारे बैठकर लाइव म्यूजिक बजाया और पूरा गीत रिकॉर्ड करने के लिए एक सहायक माइक लेकर गाड़ी में सहगल के पीछे-पीछे चला।
    इस गीत का एक संस्करण स्टूडियो में भी रिकॉर्ड किया गया। उसमें और फिल्म में शामिल किए गए लाइव शूट हुए गीत के बीच का फर्क आप यहां सुन सकते हैं। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • वंदना

    बीबीसी टीवी एडिटर

    लेडीज एंड जेंटलमैन, जिस प्रोग्राम का आपको इंतजार था वो अब शुरू होता है। दिल थाम कर बैठिए, पेशे खिदमत है हिंदुस्तान की मशहूर कैबरे डांसर। वन एंड दो ओनली वन... मोनिका।
    1971 में आई फिल्म कारवां का ये डायलॉग बताता है कि फिल्मों में किस शाही अंदाज में हेलेन और उनके कैबरे डांस का इंट्रोडक्शन किया जाता था। इस परिचय के बाद फिल्म में आता है हेलेन का वो कैबरे जो आज भी डांस पार्टियों की जान है- पिया तू...अब तो आजा...।
    ऋचा चड्ढा और क्रिकेटर श्रीसंत की नई फिल्म कैबरे में ऋचा कैबरे डांसर का रोल कर रही हैं। हिंदी सिनेमा में 50 और 60 के दशक में कैबरे डांस का होना लाजिमी था। हेलेन, जयश्री टी, बिंदू, अरुणा ईरानी, पदमा खन्ना - ये सब ऐसी कलाकार रहीं जो फिल्मों में कैबरे करके मशहूर हुईं।
    कैबरे पर नजर डालें तो हिंदी फिल्मों में हेलेन से भी पहले एंगलो-इंडियन मूल की कुकु 40 और 50 के दशक में अपने डांस के लिए खूब मशहूर हुईं- चाहे वो राज कपूर की आवारा और बरसात हो या महबूब खान की आन।
    संगीत से जुड़ी बेबसाइट द सॉन्गपीडिया की संस्थापक दीपा याद दिलाती हैं कि गीता दत्त की आवाज और ओपी नैयर के संगीत में मिस्टर एंड मिसेज 55 का एक गाना - नीले आसामनी, बूझो तो ये नैना बाबू किसके लिए हैं।
    इस गाने में यूँ तो मधुबाला है लेकिन गाने में कैबरे करती कुकु की मौजूदगी कम दिलकश नहीं। कुकु ने ही हेलेन को फिल्मों में काम दिलवाया जब हेलेन सिर्फ 12 -13 साल की थीं। हेलेन कुकु के पीछे कोरस में डांस किया करती थी। कुकु की शागिर्दी में हेलेन सबसे मशहूर कैबरे डांसर बनकर उभरीं। चाहे 1969 में क्लब डांसर रीटा के तौर पर हल्के-फुल्के अंदाज में गाती करले प्यार करले कि दिन है यही वाली हेलेन हों,
    या फिर 1978 में डॉन की कामिनी जो डॉन (अमिताभ) को लुभाने के लिए कैबरे का सहारा लेती है- ये मेरा दिल, प्यार का दीवाना...
    कारवां की पिया तू अब तो आजा पर कैबरे करती हेलेन हो या फिर अनामिका में वैंप बन आज की रात कोई आने को है गाती हेलेन हो। गजब का लचीलापन, चमकीले कपड़े और भड़कीला मेकअप, खास जालीदार स्टॉकिंग और उस पर कैबरे ...ये हेलेन की खासियत थी। 50-60 के दौर की फिल्मों की कहानी में ही कैबरे डांस रचा-बसा होता था। द सॉन्गपीडिया की दीपा कहती हैं कि आज के आइटम नंबर और तब के कैबरे में शायद ये बड़ा फर्क है।
    मसलन 1971 में आई फिल्म कटी पतंग में बिंदू का वो हिट कैबरे- मेरा नाम है शबनम, प्यार से लोग मुझे कहते हैं शब्बो। अभिनेत्री बिंदू जहाँ कैबरे करती है वहाँ आशा पारिख और राजेश खन्ना भी देखने आते हैं और कैबरे के जरिए बिंदू आशा पारिख को इशारों-इशारों में बता देती है कि वो उसकी जिंदगी का काला सच जानती हैं। और कहानी आगे बढ़ती रहती है।
    बिंदू की बात चली है तो उन्होंने भी कैबरे में नाम कमाया। चाहे 1973 में फिल्म अनहोनी में मैंने होंठो से लगाई तो हंगामा हो गया हो, या जंजीर की मोना डार्लिंग हो जब वो अमिताभ के सामने दिल जलों का दिल जला के गाती हैं। या फिर जयश्री तलपड़े जो जयश्री टी के नाम से मशहूर हुईं। जैसे 1971 में शर्मिली में जयश्री पर फिल्माया और आशा भोंसले की आवाज में गाया कैबरे रेश्मा उजाला है, मखमली अंधेरा।
    यहाँ अरुणा ईरानी का नाम लेना भी लाजिमी है। बाद में वो चरित्र किरदारों में नजर आने लगी लेकिन 70 के दशक में उन्होंने कैबरे के जरिए काफी लोकप्रियता पाई जैसे कारवां का गाना दिलबर दिल से प्यारे।
    संगीत विशेषज्ञ पवन कुमार झा की मानें तो हेलेन कैबरे की सर्वश्रेष्ठ एम्बेसेडर थी जबकि आशा भोंसले और गीता दत्त सबसे अच्छा कैबरे गाती थीं। उनके मुताबिक एसडी और आरडी बर्मन के साथ साथ ओपी नैय्यर ने शायद कैबरे से जुड़े गानों में सबसे अच्छा संगीत दिया है।
    फिल्म अपना देश के कैबरे दुनिया में लोगों को धोखा कहीं हो जाता है में तो संगीत आरडी ने दिया ही है, आशा भोंसले के साथ गाया भी है। जहाँ तक कैबरे की बात है तो लता ने कम कैबरे गाए हैं ।यहाँ हेलेन पर फिल्माया गया इंतकाम का कैबरे आ जाने जा अपवाद है जो लता मंगेशकर ने गाया है।
    कैबरे और वैंप का नाता
    यूँ तो शर्मिला टैगोर से लेकर कई हीरोइनों ने कैबरे किया है। 1967 में एन इवनिंग इन पेरिस में शर्मिला टैगोर जुबी जुबी में कैबरे करते हुई दिखती हैं। लेकिन उस दौर में अकसर कैबरे फिल्म की वैंप या खलनायिका के हिस्से आया करता था। या फिर जहाँ औरत को बिगड़ी हुई या वैस्टर्न दिखाना हो। जैसे पदमा खन्ना पर फिल्माया गया हुस्न के लाखों रंग। हालांकि, 80 के दशक तक आते-आते कैबरे का मिजाज बदलने लगा। परवीन बॉबी और जीनत अमान जैसी हीरोइनें उस आदर्श नारी की इमेज से बिल्कुल अलग थीं जो 50 और 60 के दौर में हीरोइन की होती थी। यहाँ वैंप नहीं हीरोइन भी कैबरे कर सकती थी।
    पवन कुमार झा के मुताबिक हीरोइन के तौर पर परवीन बॉबी को जवानी जानेमन (नमक हलाल) या सनम तुम जहाँ मेरा दिल वहाँ (कालिया) पर कैबरे करते देखना सहज लगने लगा। या फिर द ग्रेट गैंबलर में जीनत अमान का रक्कासा मेरा नाम। जैसे -जैसे संगीत बदला 90 का दशक आते-आते कैबरे गायब सा होने लगे।
    पवन कुमार झा बताते हैं कि 1992 में आई राम गोपाल वर्मा की द्रोही में सिल्क स्मिता पर एक कैबरे फिल्माया गया था। ये शायद आरडी बर्मन के साथ आशा भोंसले का आखरी कैबरे था। साल 2000 के बाद से तो आइटम सॉन्ग का ऐसा चलन शुरू हुआ कि कैबरे डांस बेदखल ही हो गया। न तो फिल्म की कहानी में कैबरे की कोई जगह बची न संगीत में।
    आइटम नंबर ने शायद कैबरे की जगह ले ली - ऐसे गाने जिनका कैबरे की तरह कहानी से कोई लेना देना नहीं होता। हाँ कभी-कभार एक-आध कैबरे जरूर देखने को मिल जाता है जैसे परिणिता में रेखा पर फिल्माया गया कैसी पहेली है ये जिंदगानी या गुंडे में प्रियंका चोपड़ा।
    इसमें कोई शक नहीं कैबरे को बॉक्स ऑफिस पर दर्शक खींचना का भरोसेमंद तरीका माना जाता था, इन गानों में सेक्स अपील और सेंशुएलिटी का मिलन होता था। लेकिन ये भी सच है कि म्यूजिक और डांस के एक फॉर्म के तौर पर हिंदी फिल्मों में कैबरे एक खास कला मानी जाती थी।
    और कैबरे के दायरे में रहते हुए भी कई जज़्बात बयां किए जा सकते थे। मसलन पवन कुमार झा जिक्र करते हैं बॉन्ड 303 में कैबरे करती हेलेन का जो जासूस जितेंद्र को कैबरे में गूगल की तरह उनकी मंजिल का पूरा नक्शा बता देती हैं। -माहिम से आगे वो पुल है उसके बायें तू मुड़ जाना, आगे फिर थोड़ी ऊँचाई है, कोने में है मैखाना। या फिर 1978 की फिल्म हीरालाल पन्नालाल का वो कैबरे जिसमें एक पिता बरसों से बिछड़ी बेटी जीनत अमान से दोबारा मिलता है जब वो एक उदास कैबरे कर रही होती हैं, जाते-जाते जिक्र 1973 में आई एक फिल्म धर्मा का जिसमें उस दौर की पाँच कैबरे डांसर एक साथ दिखी थीं- हेलेन, जयश्री, बिंदू, सोनिया और फरयाल।

     

     

     

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • अपनी पहली ही फिल्म के एक दृश्य में आंख मारकर सोशल मीडिया पर रातों रात सुपरस्टार बन जाने वाली प्रिया प्रकाश वॉरियर अपनी पहली सोलो लीड फिल्म श्रीदेवी बंग्लो को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
    इस फिल्म का टीजर जारी होते ही दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के परिवार और चाहने वालों ने इस फिल्म का विरोध किया है। फिल्म निर्माता और श्रीदेवी के पति बोनी कपूर तो इस फिल्म के निर्माताओं को लीगल नोटिस भेज चुके हैं।
    इस फिल्म में लीड रोल निभा रही प्रिया को भी निशाने पर ले लिया है और सोशल मीडिया पर श्रीदेवी के फैन्स का कहना है कि उनकी मौत से फायदा उठाने का जरिया है ये फिल्म।
    अब खुद के बचाव में फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रिया का कहना है कि श्रीदेवी सिर्फ एक कैरेक्टर का नाम है कि ये एक किरदार का नाम है और ये केवल संयोग है कि हमारी फिल्म में लीड एक्ट्रेस है जिसका नाम श्रीदेवी है।
    फिल्म के बारे में बात करते हुए एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने कहा कि मुझे इस बात का अंदेशा था कि फिल्म को लेकर विवाद होगा क्योंकि इस फिल्म की नायिका का नाम श्रीदेवी है और वो एक फिल्म एक्ट्रेस भी है।
    हालांकि प्रिया ने फिल्म के विषय के बारे में कुछ नहीं बताया लेकिन उन्होंने ने कहा कि वो इस फिल्म में एक सुपरस्टार अभिनेत्री श्रीदेवी का रोल कर रही है।
    फिल्म में बड़े विवाद का विषय है वो दृश्य जिसमें एक महिला को बाथटब में गिरे हुए दिखाया गया है। इसी सीन की वजह से इस फिल्म को श्रीदेवी की मौत से जोड़ कर देखा जा रहा है।
    अदाकाराओं या अभिनेताओं के नाम पर फिल्म आना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं या आमिर जैसी फिल्में बनी हैं लेकिन उन फिल्मों के मुख्य किरदार और उससे जुड़ी घटनाएं किसी असल किरदार से इतनी मिलती जुलती नहीं होती थी। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • हाल ही में मीटू अभियान के दौरान टी-सीरीज के चेयरमैन भूषण कुमार पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती को साझा करते हुए आरोप लगाया था कि भूषण ने उन्हें समझौता ना करने पर अपनी फिल्म से निकाल दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 16 जनवरी को महिला ने भूषण कुमार के खिलाफ मुंबई के ओशिवारा पुलिस थाने में शिकायत की थी।
    लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ चुका है। जहां शिकायत करने वाली महिला ने अपना केस वापस ले लिया है। इसके साथ अपने केस को भी झूठा बताया है।
    महिला ने एक बयान जारी करते उए अपनी बातों को सबके बीच रखा है। महिला का कहना है कि मेरे द्वारा लगाए गए आरोप गलत थे। मैंने ये सब तनाव और फ्रस्टेशन के कारण किया। मेरा उनकी छवि खराब करने का कोई मकसद नहीं था।
    पिछले साल चलाए गए मीटू अभियान के दौरान भी गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार पर उत्पीडऩ के आरोप लगे थे। आरोपों में कहा गया था कि उन्होंने अपनी फिल्मों में गाने का मौका देने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग की थी। हालांकि आरोपों के खिलाफ भूषण की पत्नी और डायरेक्टर दिव्या खोसला ने ट्वीट किया था और अपने पति को बेगुनाह बताया था। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान की फिल्म जीरो के बॉक्स ऑफिस पर नाकाम होने के बाद अब शाहरुख की अगली आने वाली फिल्मों को लेकर कंफ्यूज़न बन चुका है। कुछ दिन पहले ही ये खबर आई थी कि शाहरुख ने अब राकेश शर्मा पर बन रही बायोपिक सारे जहां से अच्छा से अब किनारा कर लिया है। शाहरुख खान ने ये फिल्म छोडक़र फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 करने की सोची है। जिसकी तैयारियां भी अब शुरू हो चुकी हैं।
    राकेश शर्मा की बायोपिक सारे जहां से अच्छा के लेखक अंजुम राजाबाली ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि शाहरुख के फिल्म छोडऩे की खबर कोरी अफवाह है। एक चैट इंटरव्यू के दौरान जब अंजुम से जब पूछा गया कि क्या शाहरुख अब फिल्म सारे जहां से अच्छा का हिस्सा नहीं हैं, इसपर रिप्लाई देते हुए उन्होंने लिखा कि ये एक फेक न्यूज है।
    जिसके बाद अब ये बात तय है कि शाहरुख इस साल इस फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे। जहां शाहरुख राकेश शर्मा के किरदार में नजर आएंगे जो पहले भारतीय थे जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। शाहरुख ने फिल्म की स्क्रिप्ट के बारे में बात करते हुए कहा कि कहानी बेहद शानदार है जो शाहरुख को बहुत पसंद आई है।
    ये फिल्म पहले आमिर खान के पास आई थी, उन्हें ये कहानी पसंद आई लेकिन उन्होंने ये फिल्म शाहरुख खान को दी और शाहरुख ने फिल्म को हां कर दी। जिसके बाद अब इस फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू हो सकती है। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • अंकिता लोखंडे लगातार अपनी आने वाली फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। वो इस फिल्म में झलकारी बाई के किरदार में नजर आएंगी। लेकिन हाल ही में उन्होंने एक बातचीत में अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुशांत सिंह राजपूत के साथ रिलेशनशिप पर खुलकर बात की।
    मीडिया से बातचीत के दौरान अंकिता ने सुशांत के साथ रिलेशनशिप पर खुलासा किया। हाल ही में सुशांत ने अंकिता की तस्वीर पर कमेंट कर दिया था जिसके बाद अंकिता ने उनका शुक्रिया अदा किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें होने लगीं। इस मुद्दे पर अंकिता से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने लोगों को करारा जवाब दिया और कहा कि ब्रेकअप होने का मतलब ये नहीं है कि हम दोबारा बात नहीं कर सकते। अगर कोई सामने से बात कर रहा है तो बात करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन बात करने का ये मतलब समझा जाए कि प्यार अभी बाकी है तो ये बात गलत है। हम दोनों में बातचीत के अलावा कुछ भी नहीं है।
    अंकिता जल्द ही कंगना रनौत की फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ में झलकारी बाई के किरदार में नजर आएंगी। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया था जिसे लोगों ने बेहद पसंद किया था। ये फिल्म 25 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। (फस्र्टपोस्ट)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • अनुराग बसु की फिल्म ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ के सीक्वल की पहली झलक सामने आ गई है। इस नई तस्वीर में राजकुमार राव और फातिमा सना शेख नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में दोनों का लुक बेहद अलग नजर आ रहा है। इस तस्वीर में राजकुमार राव और फातिमा सना शेख का लुक 80 के दशक वाला लग रहा है।
    अनुराग बसु की आने वाली फिल्म ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ के सीक्वल का फस्र्ट लुक सामने आ गया है। इस पहले लुक में राजकुमार राव और फातिमा सना शेख नजर आ रहे हैं। राजकुमार राव ने खुद ही इस तस्वीर को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए राजकुमार राव ने कैप्शन में लिखा है कि, ‘बहुत जल्दी सामने आएंगे आप लोगों के। तब तक के लिए एक झलक। 
    इस फिल्म में इन दोनों के अलावा अभिषेक बच्चन, परिणीति चोपड़ा, पंकज त्रिपाठी और आदित्य रॉय कपूर जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन अनुराग बसु कर रहे हैं। इस फिल्म में कई कहानियां होंगी और फिल्म का जॉनर भी काफी अलग होगा। (फस्र्टपोस्ट)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • ‘पद्मावत’ के बाद दीपिका पादुकोण ने अब तक कोई फिल्म नहीं की है। रणवीर सिंह से शादी करने के बाद मेघना गुलजार की फिल्म से दीपिका फिर से बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। दीपिका के ताजा सोशल मीडिया पोस्ट की मानें तो उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘छपाक’ की शूटिंग के लिए कमर कस ली है।
    दीपिका पादुकोण जल्द ही मेघना गुलजार की अगली फिल्म ‘छपाक’ की शूटिंग शुरू करने वाली हैं। दीपिका ने बीते दिन ही अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस बात की जानकारी दी है कि वो मेघना गुलजार की फिल्म ‘छपाक’ के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दीपिका पादुकोण ने अपनी एक बचपन की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है कि, ‘बैक टू स्कूल? छपाक...’ इस तस्वीर में दीपिका पादुकोण 6-7 साल की बच्ची के रूप में नजर आ रही हैं, उन्होंने एक बैग अपने हाथ में पकड़ा हुआ है।
    हाल ही में दीपिका पादुकोण ने ‘छपाक’ के बारे में बताया था कि, ‘जब मैंने छपाक की कहानी सुनी तो मैं अंदर से हिल गई। इस फिल्म में दर्शकों को बहुत कुछ देखने को मिलेगा। स्क्रिप्ट सुनकर मैं इतनी प्रभावित हुई हूं कि मैं चाहती हूं कि ये कहानी लोगों तक जाए और वो भी समाज की काली सच्चाई से दो-चार हों। यही वजह है कि मैंने छपाक के लिए प्रोड्यूसर बनने का फैसला लिया है। (मुंबई मिरर)

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • 'पिछले साल वैलेटाइन्स डे के मौके पर एक वीडियो ने एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर को रातोरात फेमस कर दिया था। कजरारे नैनों से अदाएं दिखाती प्रिया प्रकाश का वीडियो वायरल हो गया था। शायद आपकी नजरों से होकर भी वह वीडियो गुजरा हो।

    इसके ठीक एक साल बाद इस वैलेटाइन्स डे से पहले प्रिय प्रकाश की आने वाली फिल्म श्रीदेवी बंगलो का एक ट्रेलर जारी हुआ है। यह फिल्म बॉलीवुड में प्रिया प्रकाश की डेब्यू फिल्म होगी मगर इस ट्रेलर के कारण वह ट्रोल हो रही हैं।
    दरअसल इस फिल्म में प्रिया प्रकाश दिवंगत सुपरस्टार श्रीदेवी का रोल अदा कर रही हैं। मगर श्रीदेवी के कुछ फैन्स को यह ट्रेलर पसंद नहीं आ रहा।
    ऐसा क्या है ट्रेलर में? दरअसल, फिल्म के ट्रेलर में दिखाया गया है कि श्रीदेवी नाम की एक्ट्रेस है, जिनका नाम श्रीदेवी है। देश-विदेश में श्रीदेवी के बहुत सारे प्रशंसक हैं। लेकिन आगे कुछ ऐसा होता है कि इस एक्ट्रेस की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। वह स्मोकिंग करने लगती है, ड्रिंक्स लेने लगती है। आखिर में दिखाया गया है कि इस एक्ट्रेस की बाथटब में डूबकर मौत हो जाती है।
    फैन्स को यह टीजर पसंद नहीं आया है। वे श्रीदेवी पर इस तरह से फिल्म बनाए जाने की आलोचना कर रहे हैं। नाराज फैन्स प्रिया और इस फिल्म को ट्रोल कर रहे हैं।
    कौशक दास नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि दिवंगत श्रीदेवी पर इस तरह की चलताऊ फिल्म बनाने की जरूरत नहीं थी।
    क्या बोलीं प्रिया प्रकाश?
    बीबीसी की मधु पाल वोहरा ने प्रिया प्रकाश से बात की और पूछा कि क्या वह इस तरह की आलोचनाओं का सामना करने के लिए तैयार हैं।
    इसके जवाब में प्रिया ने कहा कि मैं बहुत अच्छे से तैयार हूँ, मेरी पहली फिल्म मलयालम भाषा की रोमांटिक कॉमेडी ओरु अदार लव थी। इस फिल्म को लेकर भी विवाद हुआ था। मुझे लगता है कि एक फिल्म डायरेक्टर की होती है, उनकी कल्पना पर आधारित होती है। मैं एक्टर हूं और बस एक किरदार निभा रही हूं। बाकी मैं डायरेक्टर पर छोड़ती हूं।
    इस फिल्म का ट्रेलर 13 जनवरी को रिलीज किया गया था। ट्रेलर में यह भी दिखाया गया है कि एक्ट्रेस लाइमलाइट में रहने के बावजूद अकेलेपन और डिप्रेशन से जूझ रही है। मूवी के पोस्टर में एक्ट्रेस को बाथटब में डूबा हुआ दिखाया गया है।
    फिल्म का नाम श्रीदेवी बंगलो होने के कारण ही बॉलीवुड की दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के पति बोनी कपूर ने डायरेक्टर प्रशांत मैमबुली को लीगल नोटिस भेज दिया है।
    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डायरेक्टर ने इस लीगल नोटिस के जवाब में कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक सस्पेंस थ्रिलर है। मैंने बोनी कपूर से कहा कि मेरी फिल्म की किरदार एक एक्ट्रेस है और श्रीदेवी एक बहुत ही आम नाम है। हम इस नोटिस का सामना करेंगें। मगर सोशल मीडिया पर इस बात की भी आलोचना हो रही है कि फिल्म के डायरेक्टर ऐसे तर्क दे रहे हैं।
    उमा नाम की एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि फिल्म निर्माता ने इस फिल्म को बनाने से पहले श्रीदेवी के परिवार से इजाजत तक नहीं ली, यह शर्मनाक है।
    बहरहाल, प्रिया प्रकाश वारियर की मलयालम फिल्म ओरु अदार लवज्भी विवादों में रही थी और अब उनके फिल्मी करियर की दूसरी और बॉलीवुड की पहली फिल्म श्रीदेवी बंगलो भी चर्चा में आ गई है। (बीबीसी)

     

     

     

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  •  प्रिया प्रकाश वारियर की फिल्म श्रीदेवी बंग्लो का टीजर रिलीज हो चुका है। टीजर के रिलीज होते ही ये फिल्म विवादों में आ गई है क्योंकि श्रीदेवी के फैंस को ये टीजर बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है। यहां तक की टीजर को देख कर कई लोग भडक़ गए हैं और फिल्म को बैन करने की मांग भी कर रहे हैं। इसके अलावा फिल्म में श्रीदेवी का रोल निभा रही प्रिया को भी कई यूजर्स ने ट्रोल किया है।
    हालांकि इस फिल्म को अभिनेत्री श्रीदेवी के जीवन की आधिकारिक बायोपिक नहीं कहा गया है। टीजर में दिखाया गया है कि एक अभिनेत्री जिसका एक बहुत अच्छा करियर है और देश विदेश में लाखों की संख्या में उनके चाहने वाले हैं। अचानक उस एक्ट्रेस की जिंदगी में काफी बदलाव आता है। वो स्मोकिंग और ड्रिंक करते हुए दिखाई देती है और टीजर के अखिर में एक्ट्रेस की बाथ टब में डूब कर मौत हो जाती है।
    टीजर आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर हडक़ंप मच गया। श्रीदेवी के परिवार ने भी इस का विरोध किया है और उनके पति बोनी कपूर ने इस फिल्म के निर्माताओं को एक लीगल नोटिस जारी करते हुए फिल्म को रोकने की मांग की है।
    दरअसल श्रीदेवी की मौत खासा विवादित रही थी और इस मामले में बोनी कपूर को भी शक के दायरे में लिया गया था। अब श्रीदेवी की जिंदगी पर फिल्म बनाने का दावा कर इस फिल्म के निर्माताओं ने श्रीदेवी के फैन्स की दुखती रग को हाथ लगा दिया है।
    इस गुस्से का खामियाजा श्रीदेवी बंग्लो की अदाकारा प्रिया प्रकाश को भी उठाना पड़ा है जिन्हें अब सोशल मीडिया पर नेगेटिव कमेंट्स मिल रहे हैं। लीड एक्ट्रेस के साथ ही यूजर्स फिल्म मेकर को भी अपने निशाने पर ले रहे हैं।
    फिल्म ओरु अडार लव में आंख मारने वाले सीन से प्रिया प्रकाश पूरे देश में फेमस हो गई हैं। श्रीदेवी बंग्लो से वो बॉलीवुड में अपना डेब्यू करने जा रही हैं। फिल्म से जुड़ी एक बातचीत के दौरान प्रिया ने फिल्मों के बारें में अपने अनुभव पर बात करते हुए कहा, मैंने अपने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा। अपनी पहली फिल्म में मैं सपोर्टिंग रोल के लिए कास्ट की गई थी और उसके बाद जो कुछ हुआ, वह किसी परीकथा से कम नहीं। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने के बाद अब आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप को भी कैंसर होने का पता चला है। हाल ही में खबर आई थी कि ताहिरा ने कैंसर से जंग जीत ली है और वे अब ठीक हैं। लेकिन लगता है कि कैंसर ने उनका पीछा अबतक छोड़ा नहीं है जिस वजह से अब ताहिरा ने किमोथेरेपी कराई है। देखिए ताहिरा कश्यप की नई तस्वीर।
    इस तस्वीर में ताहिरा कश्यप का बेहद अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। जहां वो किमो के बाद पूरी तरह से बाल्ड हो चुकी हैं। इस तस्वीर को ताहिरा ने सोशल मीडिया पर खुद पोस्ट किया है। इस पोस्ट को साझा करते हुए उन्होंने लिखा हैलो, यह मैं हूं, पुराने लुक के साथ थक गई, तो कैसा है यह। ये एक ऐसा मौका है जहां खुले तरीके से सोच सकते हैं और इसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं बाल्ड हो जाउंगी। वाकई बहुत हिम्मत लगती है इस तरह से अपने आप को सबके सामने पेश करने के लिए। ताहिरा को हमारा सलाम।
    कुछ महीनों पहले ही ताहिरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखकर ये जानकारी साझा की थी उन्हें दाएं ब्रेस्ट में कैंसर हो गया है। जिसकी सर्जरी के बाद उसे निकाल दिया गया है। लेकिन लगता है ताहिरा अब भी बीमार हैं  जिस वजह से उन्होंने ये किमोथेरेपी करवाई है। हम ताहिरा की अच्छी सेहत की कामना करते हैं।(फस्र्टपोस्ट)

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • रणवीर सिंह ने अपनी मेहनत के दम पर बहुत ही कम समय में अपना ये मुकाम हासिल किया है। आज उन्हें सुपरस्टार का ओहदा मिला हुआ है। कई ब्लॉकबस्टर फिल्में उन्होंने अब तक के करियर में दी हैं लेकिन आज भी उनके नाम पर एक विवाद जुड़ा रहता है जिसके बारे में आज हर कोई जानना चाहता है।
    रणवीर सिंह ने जब बॉलीवुड में एंट्री मारी थी, उस वक्त ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उनके पिता ने प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा को तकरीबन 10 लाख रुपए दिए थे ताकि उनके बेटे का डेब्यू यशराज बैनर से हो सके। लेकिन अब इन सारी खबरों पर रणवीर सिंह ने जुबान खोली है। उन्होंने कहा है कि मेरे डेब्यू के समय ऐसी खबरें थीं कि मेरे पिता ने आदित्य चोपड़ा को 10 लाख रुपए दिए हैं ताकि मेरा लॉन्च हो सके, जिन्हें सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ। इन खबरों ने न केवल मेरे हुनर पर बल्कि मेरी परवरिश पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। मुझे उस समय समझ नहीं आया ता कि कैसे कोई इतना बड़ा झूठ लिख सकता है?
    रणवीर सिंह ने आगे कहा कि मैंने वास्तव में स्ट्रगल की है और मैं इस बात के लिए अपने आप पर गर्व करता हूं। नए कलाकार मुझे मैसेज करते हैं कि हमने रुपए जुटा लिए हैं, बताइए कैसे हम भी यशराज से लॉन्च हो सकेंगे? मैं उन्हें बोलता हूं कि ये सब अफवाहें हैं...आप इन पर भरोसा करने से अच्छा, अपने आप पर भरोसा करो।(फस्र्टपोस्ट)

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • रणवीर सिंह की फिल्म ‘सिंबा’ में विलेन के रोल में सोनू सूद की जमकर तारीफ की गई लेकिन कुछ दिनों पहले उन्होंने कंगना की फिल्म ‘मणिकर्णिका’ के किनारा कर लिया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। उन्होंने इस फिल्म की शूटिंग भी की थी लेकिन अब जाकर सोनू ने खुलासा किया है कि आखिर क्यों उन्होंने इस फिल्म से खुद को अलग कर लिया था।
    कंगना की फिल्म ‘मणिकर्णिका’ से हाथ पीछे खींचने के बाद काफी विवाद हुआ था। लेकिन अब सोनू सूद ने खुद ही इस पूरे मामले पर जुबान खोल दी है। हाल ही में उन्होंने मीडिया को दी गई जानकारी में कहा है कि फिल्म की शूटिंग के दौरान एक समय ऐसा था जब डायरेक्टर और कंगना के बीच में चीजें ठीक नहीं चल रही थीं। वो चाहते थे कि फिल्म की री-शूटिंग हो। मैंने उनसे ये प्रार्थना की कि मुझे ये बताया जाए कि वो किस भाग की शूटिंग करना चाहते हैं क्योंकि मैं कुछ ही सीन्स री-शूट कर सकता था, जो कि अहम थे। हालांकि, जब फिल्म की एडिटिंग हुई और मैंने फिल्म को देखा तो मुझे लगा कि जो सीन हमने शूट किए थे, वो फिल्म से गायब हैं। इसके बाद मैं काफी परेशान हो गया। मैंने बहुत मेहनत की थी और उसके बाद मुझसे कहा गया कि हम दोबारा शूटिंग करना चाहते हैं तो मैंने इंकार कर दिया।
    सोनू सूद के फिल्म से बाहर जाने के बाद जीशान अयूब की फिल्म में एंट्री हुई और उन्होंने सोनू वाला किरदार किया।(फस्र्टपोस्ट)

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • पिछले काफी समय से बॉयफ्रेंड हिमांश कोहली से ब्रेकअप के चलते सुर्खियों में रहने वाली बॉलीवुड सिंगर नेहा कक्कड़ इस बार फिर अपने वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। नेहा कक्कड़ इस वीडियो में एक बच्चे को पीटती नजर आ रही हैं। वीडियो में नेहा डांस के बीच-बीच में बच्चे को पीट रही हैं और खुश हो रही हैं। कुछ दिन पहले भी उनका एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो अपने भाई टोनी कक्कड़ के साथ मस्ती करती नजर आ रही थीं। इस वीडियो में टोनी और नेहा कक्कड़ एक्टिंग करते दिख रहे थे।
    नेहा आजकल सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव दिख रही हैं। नेहा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक बच्चे के साथ अपने सुपरहिट गाने आंख मारे पर डांस करती दिख रही हैं। इस वीडियो में नेहा डांस के बीच-बीच ने बच्चे को मारने लगती हैं। बच्चा भी उनके साथ गाने में पूरी मस्ती के मूड में दिख रहा है।
    कुछ दिन पहले नेहा कक्कड़ का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ये वीडियो नेहा और सोनू निगम के फोटोशूट का था। फोटोशूट के दौरान नेहा ब्लैक कलर के गाउन में नजर आ रही थीं। फोटोशूट पूरा होते ही नेहा ने गाउन उतार दिया, जिसे देखकर सोनू हैरत भरे एक्सप्रेशन देने लगते हैं। इसके बाद सोनू भी मस्ती के मूड में आ जाते हैं और नेहा को गाउन पहनाने की कोशिश करते हैं। शूट के दौरान दोनों जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • अक्खड़पन और स्वछंदता ओपी नैयर की पहचान थी और शायद इसी असर ने उनके संगीत को इतना लोकप्रिय बनाया

    -अंजलि मिश्रा

    आज से नब्बे साल पहले भी पंजाब में लोहड़ी का उत्साह पूरे हफ्तेभर रहता था। लेकिन उस साल लाहौर के नैयर परिवार के लिए यह उत्साह और खुशी दो-गुनी थी और कई हफ्तों चलने वाली थी। लोहड़ी के तीन दिन बाद यानी 16 जनवरी, 1926 को उनके घर के एक बेटे ने जन्म लिया था। नाम रखा गया ओम प्रकाश। जिसे हम ओपी नैयर के नाम से जानते हैं।
    सिर्फ संगीत की वजह से ही नहीं ओपी नैयर को अपनी शख्सियत की वजह से भी बॉलीवुड के सबसे अलहदा संगीतकारों में शुमार किया जाता है। इस शख्सियत की पहली खासियत थी विद्रोही स्वभाव। कहते हैं कि उनके पिता परम अनुशासित व्यक्ति थे। बचपन में नैयर ने पिता जी से इतनी मार खाई कि विद्रोह तब से ही उनके स्वभाव का हिस्सा बन गया। ऐसा विद्रोह, ऐसी सख्ती जिसे उनके भीतर बह रहा संगीत का तरल बहाव भी नरम नहीं कर पाया और एक दिन किसी बात का विरोध करते हुए उन्होंने घर ही छोड़ दिया।
    पढ़ाई-लिखाई की नहीं थी, संगीत में थोड़ा-बहुत मन रमता था सो ओपी नैयर ने लाहौर के ही एक गर्ल्स स्कूल में संगीत शिक्षक की नौकरी कर ली। मगर कुछ ही दिनों में उन्हें नौकरी छोडऩी पड़ी। वजह यह थी कि स्कूल की हेड मास्टरनी नैयर साहब के इश्क में पड़ गई थीं और स्कूल प्रबंधकों को यह गवारा न हुआ। वहां से निकलने के बाद आकाशवाणी में नौकरी कर ली। उस वक्त के लोकप्रिय गायक सीएच आत्मा के लिए गीत बनाया, जिसके बोल थे 'प्रीतम आन मिलोÓ। 'प्रीतम आन मिलोÓ के साथ ओपी नैयर भी मकबूल हुए। मेहनताना मिला बारह रुपये। इन बारह रुपयों से शुरू हुआ सिलसिला बाद में लाख रुपये प्रति फिल्म तक भी पहुंचा। ओपी नैयर अपने जमाने के सबसे महंगे संगीतकार थे। उस दौर में वे लाहौर के ही बाशिंदे हुआ करते थे। जब विभाजन हुआ तो उस त्रासदी के दौर में भी जो कुछ सौगातें पाकिस्तान से हिन्दुस्तान के हिस्से आईं उनमें से एक ओपी नैयर भी थे।
    लाहौर से पंजाब पहुंचने वाले ओपी नैयर अब शराब और शबाब के शौकीन हो गए थे। यहां वे नौकरियां करते-छोड़ते रहे, माशूकाओं का दिल तोड़ते रहे। एक दिन मुंबई जाने का खयाल आया तो चल पड़े। संगीतकार बनने के लिए नहीं, हीरो बनने के लिए। हीरो बनने के लिए उनके पास सिर्फ शक्ल थी। सिर्फ शक्ल की बदौलत हीरोगिरी नहीं चलेगी ये समझने की अक्ल भी उन्हें जल्दी ही आ गई।
    हीरो छोड़ कुछ दिन गायक बनने की भी कोशिश की। एक दिन घूमते-फिरते उनकी कृष्ण केवल से मुलाकात हो गई। कृष्ण केवल उन दिनों 'कनीज (1949)Ó बनाने की सोच रहे थे और उन्हें इस फिल्म के लिए कंपोजर की जरूरत थी। कनीज में नैयर साहब ने बैकग्राउंड स्कोर दिया।
    इस फिल्म के बाद नैयर साहब ने कुछ संगीतकारों के साथ इक्का-दुक्का गीत बनाए। 1952 में आई फिल्मों 'आसमानÓ और 'छम छमा छमÓ में उन्होंने पहली बार स्वतंत्ररूप से संगीत दिया था। बतौर संगीतकार 'आसमानÓ नैयर की पहली फिल्म कही जाती है। हालांकि फिल्में कुछ कमाल नहीं कर पाईं लेकिन इनके जरिए फिल्म जगत में नैयर की जान-पहचान का दायरा जरूर बड़ा हो गया।
    नैयर की अच्छी परिचितों में गीता दत्त भी शामिल थीं। उन्होंने इस बुरे वक्त में उन्हें गुरुदत्त से मिलने की सलाह दी। इस बात का अंदाजा शायद नैयर को भी नहीं होगा कि यह मुलाकात उनको क्या से क्या बनाने जा रही है। गुरुदत्त ने उन्हें 'आर-पार (1954)Ó का संगीत रचने की जिम्मेदारी दी। उनकी अगली फिल्म 'मिस्टर एंड मिसेस 55 (1955)Ó का संगीत भी ओपी नैयर ने दिया था। इन दोनों फिल्मों की कामयाबी ने उन्हें हिंदी फिल्म जगत में स्थापित कर दिया। इसके बाद जो हुआ वो कहानी सब जानते हैं मगर फिर भी रस्मी तौर पर कुछ फिल्मों का नाम लेना जरूरी है, जैसे 'तुमसा नहीं देखा,Ó 'बाप रे बाप,Ó 'हावड़ा ब्रिज,Ó 'सीआईडी,Ó 'फागुनÓ वगैरह-वगैरह। 'सीआईडीÓ में ओपी नैयर ने आशा भोंसले को पहली बार मौका दिया और इस जोड़ी ने बाद में कई हिट गाने दिए।
    नैयर की अच्छी परिचितों में गीता दत्त भी शामिल थीं। उन्होंने इस बुरे वक्त में उन्हें गुरुदत्त से मिलने की सलाह दी। इस बात का अंदाजा शायद नैयर को भी नहीं होगा कि यह मुलाकात उनको क्या से क्या बनाने जा रही है
    'संगीतकारÓ ओपी नैयर ने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा नहीं ली थी। उस दौर में लोगों को यकीन दिलाना मुश्किल था कि एक इंसान जिसने न स्कूल की पढ़ाई ढंग से की, न संगीत की वह 'तू है मेरा प्रेम देवता (कल्पना)Ó जैसे गीत को पूरी समझ के साथ कैसे कंपोज कर सकता है। इस गाने के बोल शुद्ध हिंदी में है और धुन शास्त्रीय संगीत पर है।
    कुछ इसे अजीब बात मानेंगे तो कुछ करिश्मा लेकिन संगीत के अपने सीमित ज्ञान के सहारे ही ओपी नैयर ने अपनी तिलिस्मी धुनें रची हैं। कुछ गाने जैसे 'मांग के साथ तुम्हाराÓ या 'जरा हौले हौले चलो मोरे साजनाÓ सुनते हुए जो टक-टुक टक-टुक सी घोड़े की टापों की आवाज सुनाई देती है, वह ओपी नैयर की पहचान है। ऐसे ही नया दौर के मशहूर गाने 'उड़े जब जब जुल्फें तेरीÓ में तालियों का इस्तेमाल गाने को शानदार शुरुआत देता है। मुखड़े और अंतरे के बीच सितार का सोलो प्रयोग सिर्फ नैयर के संगीत में मिलेगा। वे तालियां, सीटी और घोड़ों की टापों से संगीत निकालते थे।
    ओपी नैयर से जुड़ी एक मजेदार बात है कि संगीत के साथ उनकी 'प्रयोगधर्मिताÓ भले ही श्रोताओं को लुभाती हो लेकिन 1950 में आकाशवाणी ने उनके गानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। तर्क यह था कि इन गानों को संगीत की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। नैयर की प्रयोगधर्मिता सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं थी। वे कई मामलों में ट्रेंड सेटर कहे जा सकते हैं। जैसे कॉमेडियन के लिए पूरे तीन मिनट का गाना बनाना, अभिनेत्रियों से संगीत के हिसाब से अदाएं करवाना वगैरह।
    यदि विद्रोह किसी के व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है तो उसका जिद्दी होना भी कोई असामान्य बात नहीं है। नैयर जिद्दी भी खूब थे। तभी तो लता मंगेशकर जैसी गायिका से कभी न गवाने की जिद पर आखिर तक डटे रहे। लता और ओपी नैयर के बीच इस बेरुखी के पीछे भी एक किस्सा है। हुआ यूं कि ओपी नैयर की पहली फिल्म 'आसमानÓ के आठ गानों में से एक गाना सहनायिका पर फिल्माया जाना था। नैयर यह गाना लता मंगेशकर से गवाना चाहते थे। लता मंगेशकर उस समय की सबसे सफल गायिका थीं। इस बड़ी गायिका ने सहनायिका के लिए गाना अपना अपमान समझा और मना कर दिया। बस यही बात नैयर साहब को चुभ गई और उन्होंने लता जी से तौबा कर ली। आशा भोंसले और गीता दत्त से ही अपने सारे (करीब 150) गाने गवाए। हालांकि अपने जिद्दी और अक्खड़ मिजाज के चलते में नैयर साहब की गीता दत्त, आशा भोसले और मोहम्मद रफी से भी अनबन की खबरें आती रहीं। आशा भोसले से अनबन का नतीजा था कि 1974 में दोनों ने मिलकर साथ काम न करने का फैसला किया।
    ओपी नैयर ने हमेशा मझोले फिल्मकारों के साथ काम किया। फिर भी वे अपने दौर के सबसे महंगे संगीतकार रहे। बीआर चोपड़ा की 'नया दौरÓ इकलौती ऐसी फिल्म है जिसमें उन्होंने किसी बड़े बैनर तले काम किया। 1949 से लेकर 1974 के बीच सिर्फ 1961 ही एक ऐसा साल था जब उनकी कोई फिल्म नहीं आई। हालांकि 1974 में आशा भोंसले का साथ छूटने बाद नैयर करियर ढलान पर आ गया। दिलराज कौर, वाणी जयराम, कविता कृष्णमूर्ति सबसे गवाया, पर गीतों में 'वोÓ बात नहीं आ पाई। नब्बे के दशक में भी दो-तीन फिल्में आईं, मगर उनका भी हश्र वही रहा।
    नैयर का स्वभाव, उनकी साफगोई उनके पारिवारिक जीवन पर भी भारी पड़ा। जिसने पिता का अनुशासन नहीं माना वो जिंदगी का क्या मानता। शादी की पहली ही रात पत्नी सरोज मोहिनी को ये बता दिया कि उनके प्रेम प्रसंग के किस्से सुनकर अगर वो बाद में कलह करने वाली हैं तो तुरंत घर छोड़कर जा सकती हैं। नैयर ने साफ-साफ कहा कि जो किस्से उन तक पहुंचेंगे उनमें से ज्यादातर सच होंगे। उस समय तो सरोज मोहिनी ने बड़प्पन दिखाते हुए हामी भर दी। लेकिन आम जीवन में ऐसा होता नहीं है सो एक दिन बच्चों सहित उन्हें छोड़कर चली गईं।
    परिवार छोड़ ही गया था, अब गिनती के कुछ दोस्तों से ही ताल्लुक बचे थे। ओपी नैयर को संगीत से इतर ज्योतिष और होम्योपैथी की भी जानकारी थी। कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद उनके प्रशंसक मरीज बनकर उनसे मिलने आते थे।
    जो विद्रोही स्वभाव, जिद और अक्खड़पन नैयर को बचपन में ही मिल गया था वह आखिरी वक्त तक उनके साथ रहा। 28 जनवरी 2007 को उनकी मृत्यु हुई थी लेकिन जाते-जाते भी उन्होंने अपनी जिद नहीं छोड़ी। अंत्येष्टि में परिवार का कोई व्यक्ति शामिल न हो, यही आखिरी जिद थी। जो उनके परिवार वालों ने ससम्मान पूरी की। संगीत हो या नैयर खुद, उनकी नकल नामुमकिन है। (सत्याग्रह)

     

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