खेल

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Date : 25-Jun-2019

मैनचेस्टर, 25 जून । वर्ल्ड कप का आधे से ज्यादा सफर तय हो चुका है। भारत सेमीफाइनल के बेहद करीब है। टीम इंडिया का अभी तक का प्रदर्शन शानदार रहा है। भारत ने अब तक 5 मैच खेले हैं जिसमें उसे चार में जीत मिली है और न्यू जीलैंड के खिलाफ उसका मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम के अभी 9 अंक हैं। टीम इंडिया ने अपना पहला मैच 5 जून को खेला था, लेकिन अब उसे अगले 10 दिन में 4 लीग मैच खेलने हैं जिसमें पहला मुकाबला वेस्ट इंडीज से 27 जून को होगा। 

किसी भी टीम के लिए क्रिकेट वर्ल्ड कप उसी तरह होता है जैसे टेनिस खिलाड़ी के लिए ग्रैंड स्लैम जिसमें चैंपियन बनने के लिए करीब 2 सप्ताह में 7 विपक्षी खिलाडिय़ों को मात देनी होती है। हर मैच 5 सेट का होता है। प्रतिभा की परीक्षा से ज्यादा टेस्ट इसमें टिके रहने की ताकत और स्थिरता का होता है। भारत के लिए अगले चार मैच कुछ ऐसा ही रहने वाला है। इन मैचों में भारतीय खिलाडिय़ों का न केवल प्रतिभा का टेस्ट होगा बल्कि विपक्षी टीमों को मात देने की उनकी रणनीति की भी परीक्षा होगी। 
27 जून के बाद विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम 30 जून को मजबूत इंग्लैंड से और फिर बांग्लादेश से 2 जुलाई को मुकाबला खेलेगा। उसका अंतिम लीग मैच लीड्स में 6 जुलाई को श्री लंका के खिलाफ खेला जाएगा। 
अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले को छोड़ दें , तो भारत का सफर अब तक शानदार रहा लेकिन वर्ल्ड कप में कुछ भी हो सकता है। भारत को अगले 4 मैचों में अलग-अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पहली भिड़ंत वेस्ट इंडीज से है और इस टीम के खिलाडिय़ों ने दुनिया में अपने आक्रामक खेल से फैंस को उत्साहित किया है। 
हल्के में लेना पड़ेगा भारी 
वेस्ट इंडीज ने कुछ करीबी मुकाबले गंवाए जिसमें न्यू जीलैंड के खिलाफ उसका पिछला मैच शामिल है लेकिन टीम में ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो अपना दिन होने पर अकेले दम पर मैच का परिणाम बदल सकते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच से टीम इंडिया को जरूर कुछ  समझ आई होगी, जिससे पहले टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका को भी मात दी। पाकिस्तान के खिलाफ जीत एकतरफा रही। 
अफगानिस्तान से मिली सीख 
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर एक बार फिर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका, वहीं लोकेश राहुल टॉप ऑर्डर में बेहतर साबित नहीं हुए। दिलचस्प यह रहा कि भारत को यह सब ऐसी टीम के खिलाफ देखने को मिला जिसके पास खोने को कुछ भी नहीं था। हालांकि जीत से 2 अंक मिलना टीम इंडिया के लिए सबसे अच्छा रहा। 
हैंपशायर बाउल की इस पिच पर बांग्लांदेश ने 7 विकेट पर 267 रन बनाए और अफगानिस्तान टीम लक्ष्य का सफल पीछा नहीं कर सकी। इसी मैदान पर टीम इंडिया ने 224 रन बनाए थे और अफगानिस्तान जीत से केवल 11 रन पीछे रह गया था। 
ओपनर शिखर धवन को चोटिल होना भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, जितना पहले नहीं लगा था। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज आईसीसी के टूर्नमेंटों में बेहतर साबित होता रहा। इसके अलावा शिखर पेस और स्पिन दोनों के ही खिलाफ जमकर खेलते हैं। 
फील्डिंग और बोलिंग दमदार 
भारत को एक बल्लेबाजी ताकत माना जाता है लेकिन वर्ल्ड कप में टीम के खिलाडिय़ों ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों में ताकत दिखाई है। गेंदबाजों को फील्डरों का सपॉर्ट मिल रहा है और कैच के मामले में भी टीम शानदार है। फील्डिंग में भारत को कमजोर आंका जाता था लेकिन इस बार टीम मैनेजमेंट ने जिस तरह फिटनेस और ऐथलेटिक क्षमता पर काफी जोर दिया। कभी एक कैच छोडऩा या रन आउट ना कर पाना बड़ा नुकसान पहुंचा देता है। याद करिए 1999 वर्ल्ड कप में स्टीव वॉ का कैच गिब्स ने छोड़ दिया था। इससे ऑस्ट्रेलिया टूर्नमेंट में बरकरार रहा और बाद में ट्रोफी अपने नाम की। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 25-Jun-2019

लंदन, 25 जून । दीवालिया हो चुके जर्मनी के पूर्व टेनिस स्टार बोरिस बेकर अपने उधार का एक बड़ा हिस्सा चुकाने के लिए अपनी ट्रोफियों और स्मृति-चिन्हों को ऑनलाइन नीलाम करेंगे। नीलामी की प्रक्रिया 11 जुलाई को होगी। बेकर ने इसके लिए ब्रिटिश फर्म वेलेस हार्डी को चुना है, जिसके पास ऑनलाइन नीलामी की विशेषज्ञता है।  

वेलेस हार्डी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक बेकर ने नीलामी के लिए 82 चीजों का चयन किया है। इनसमें उनके मेडल, कप, घडिय़ां और फोटोग्राफ शामिल हैं। 51 साल के बेकर ने 2017 में ही खुद को दीवालिया घोषित कर दिया था। 
इस बीच रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि ऑनलाइन नीलामी से भी उनकी मुश्किल आसान नहीं होगी क्योंकि उन पर लाखों पाउंड का उधार है। छह बार के ग्रैंडस्लैम विजेता ने अपने टेनिस करियर के दौरान 49 खिताब जीते थे और इन सबके लिए उन्होंने कुल 2 करोड़ यूरो (करीब 1.58 अरब रुपये) की पुरस्कार राशि जीती थी। (नवभारत टाईम्स)

 

 

 


Date : 25-Jun-2019

कोलकाता, 25 जून । अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की खराब बल्लेबाजी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि नंबर-4 पर किसे बल्लेबाजी करनी चाहिए। कई विशेषज्ञों का मानना है कि रिषभ पंत को मौका दिया जाना चाहिए, लेकिन भारत के पूर्व कप्तान और कोच अंशुमान गायकवाड़ ऐसा नहीं मानते।  गायकवाड़ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, केदार जाधव एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं। वह एक व्यस्त खिलाड़ी हैं और स्ट्राइक भी बदल सकते हैं। वह बड़े शॉट खेलने का माद्दा भी रखते हैं और मैं समझता हूं कि उन्हें नंबर-4 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। गायकवाड़ ने कहा, एक अन्य विकल्प दिनेश कार्तिक हैं। वह एक अनुभवी और माने हुए फिनिशर हैं। वह क्रीज पर समय बिताते हैं और जब भारतीय टीम मुश्किल में हो तो यह बहुत महत्वपूर्ण है। आपको एक ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो कोहली के साथ टिक सके।' भारत के लिए गायकवाड़ ने 40 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले। वह अक्टूबर 1997 से अक्टूबर 1999 के बीच भारतीय टीम के कोच भी रहे।  गायकवाड़ ने शिखर धवन की जगह टीम में शामिल किए गए रिषभ पंत के बारे में कहा, वह मेरे नंबर-4 नहीं हैं। वह गेंद को अच्छे से हिट करते हैं, लेकिन उस स्थान पर आपको ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो क्रीज पर टिक सके। मैं नहीं समझता कि मैं उन्हें इस स्थान पर खिलाऊंगा।
उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के शॉट चयन की आलोचना की। 
गायकवाड़ ने राहुल के विकेट पर कहा, केएल राहुल को उस समय रिवर्स स्वीप खेलने की कोई जरूरत नहीं थी। वे संयम नहीं रख पाए जिसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। शंकर कोई भी स्वीप करने की कोई जरूरत नहीं थी। अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने कोई जादुई गेंदबाजी नहीं की। वो अपनी लाइन-लेंथ पकड़े रहे, उस समय बल्लेबाजों को गेंद की लाइन में खेलना था। भारत का अगला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 जून को मैनचेस्टर में होगा। (टाईम्स नाऊ)

 


Date : 25-Jun-2019

नई दिल्ली, 25 जून । ऑस्ट्रेलिया के 2015 वल्र्ड चैम्पियन कप्तान माइकल क्लार्क का दावा है कि टीम इंडिया में एक खिलाड़ी ऐसा है जिसके हाथ में भारत के वल्र्ड कप की चाबी है।
दुनिया भर के क्रिकेट पंडित टीम इंडिया को वल्र्ड कप का मजबूत दावेदार मान रहे हैं। भारत की बात करें तो उन्होंने अपने पांच में से चार मैच जीते हैं जबकि एक मैच बारिश के कारण धुल गया था। 
इस वल्र्ड कप में विराट ब्रिगेड अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। भारत ने इस दौरान साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को मात दी है।
माइकल क्लार्क ने कहा, भारत अगर इस वल्र्ड कप में चैम्पियन बनेगा तो उसकी चाबी जसप्रीत बुमराह के हाथ में है। जसप्रीत बुमराह की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत वल्र्ड कप जीत सकता है।
क्लार्क ने कहा बुमराह के पास सब कुछ है। वह फिट और स्वस्थ है। वह वल्र्ड कप में भारत की सफलता की कुंजी होगा। क्लार्क ने कहा कि बुमराह को ऑस्ट्रेलिया खासकर वॉर्नर से चुनौती मिलेगी जो छह मैचों में 447 रन बना चुके हैं। यह पूछने पर कि बुमराह इतने खतरनाक गेंदबाज क्यों हैं, क्लार्क ने कहा, कि नई गेंद से वह स्विंग और सीम दोनों ले सकता है। बीच के ओवरों में जब मदद नहीं मिलती तब वह अतिरिक्त रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान कर सकता है।
क्लार्क ने कहा, वह 150 की रफ्तार से गेंद डाल सकता है। उसके यॉर्कर शानदार है और रिवर्स स्विंग मिलने पर वह जीनियस है। क्लार्क ने कहा एक कप्तान को ऐसा ही गेंदबाज चाहिए जो जरूरत के समय विकेट दिलाए। वह गेंदबाजी की शुरुआत कर सके, 35वां ओवर डाल सके और डेथ ओवर भी। जो भारत को वल्र्ड कप फाइनल जिता सके। क्लार्क ने भारतीय कप्तान विराट कोहली की भी तारीफ करते हुए कहा, विराट की कप्तानी बहुत अच्छी रही है। वे असाधारण क्रिकेट खेल रहे हैं। (आजतक)

 


Date : 25-Jun-2019

साउथैम्पटन, 25 जून ।  बांग्लादेश ने विश्व कप मैच में सोमवार को यहां अफगानिस्तान को 62 रन से हराया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश ने सात विकेट पर 262 रन बनाये। इसके जवाब में अफगानिस्तान 47 ओवर में 200 रन पर आउट हो गया और 62 रन के अंतर से मैच गंवा दिया।  शाकिब अल हसन ने अर्धशतक और पांच विकेट का अनोखा डबल बनाया और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका अदा की। शाकिब ने पहले 69 गेंदों पर 51 रन की पारी खेली गेंदबाजी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दस ओवर में 29 रन देकर पांच विकेट लिये। बांग्लादेश की यह सात मैचों में यह तीसरी जीत है जिससे उसके सात अंक हो गये हैं और वह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की यह लगातार सातवीं हार है। इस मैच के बाद भी न्यूजीलैंड 6 मैच में 5 जीत के साथ पहले पायदान पर है। उसके 11 अंक है। ऑस्ट्रेलिया(10)  दूसरे, भारत(9) तीसरे और इंग्लैंड(8) चौथे स्थान पर है। बांग्लादेश अब 7 अंक के साथ पांचवे स्थान पर काबिज हो गया है। 
सबसे ज्यादा रन
बाग्लादेशी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन का मौजूदा विश्व कप में धमाका जारी है। सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ 51 रन की पारी के दौरान वह विश्व कप 2019 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडिय़ों की सूची में 473 रन के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। शाकिब के बाद दूसरे पायदान पर डेविड वॉर्नर(447) दूसरे पायदान पर हैं। तीसरे चौथे और पांचवें स्थान पर जो रूट, एरोन फिंच और केन विलियमसन हैं।  
खिलाड़ी                    रन 
शाकिब अल हसन       476 
डेविड वॉर्नर               447
जो रूट                     424
एरोन फिंच                396 
केन विलियमसन        373 
सबसे ज्यादा विकेट 
रविवार को मोहम्मद आमिर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 ओवर में 49 रन देकर 2 विकेट लिए थे और 15 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाडिय़ों की सूची में पहले पायदान पर काबिज हो गए थे। हालांकि जोफ्रा आर्चर और मिचेल स्टार्क के भी 15-15 विकेट हैं लेकिन बेहतर रन औसत की वजह से आमिर टॉप पर हैं। 
ये हैं टॉप पांच गेंदबाज
 खिलाड़ी              विकेट 
मोहम्मद आमिर     15
जोफ्रा आर्चर         15
मिचेल स्टार्क         15
लॉकी फर्ग्यूसन      14
मार्क वुड              12 (टाईम्स नाऊ)

 

 


Date : 25-Jun-2019

लंदन, 25 जून । पाकिस्तान के मुख्य कोच मिकी आर्थर ने यह दावा किया है कि विश्व कप में भारत से हार के बाद स्थिति बहुत निराशाजनक थी, वह बीच में ही मैच छोडक़र चले गए थे। इतना ही नहीं, मिकी आर्थर ने कहा कि वह इस हार के बाद आत्महत्या करना चाहते थे। मैनचेस्टर में 16 जून को भारत ने पाकिस्तान को 89रनों से परास्त कर दिया था। इससे पाक फैन्स में जबरदस्त कुंठ पैदा हो गई थी। 
इस हार ने पाकिस्तान की विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका दिया था। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका को हरा कर पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों की फिर से जीवित कर दिया।
कोच मिकी आर्थर ने स्वीकार किया कि भारत से हार ने उन्हें बुरी तरह निराश कर दिया था। उन्होंने कहा कि पिछले रविवार को मैं आत्महत्या करना चाहता था। उन्होंने कहा, लेकिन मैं जानता था कि यह केवल एक खराब परफॉर्मेंस है। यह सब इतनी जल्दी हुआ। आप एक मुकाबला हारते हैं और इसके बाद दूसरा... आखिर यह विश्व कप है। मीडिया एक हार पर आपको कठघरे में खड़ा करता है, पब्लिक की उम्मीदों को पूरा न कर पाने के चलते आप बचाव की मुद्रा में आ जाते हैं।
मिकी आर्थर का भावुक कमेंट यह बताता है कि वह अपने जॉब के प्रति कितने जुनूनी हैं, लेकिन कुछ फैन्स को लगता है कि दक्षिण अफ्रीका में जन्मे हेड कोच के शब्दों ने पाकिस्तान के पूर्व कोच बॉब वूल्मर की 2007 के विश्व कप में हुई स्वाभाविक मौत की याद दिला दी है। पाकिस्तान ने आर्थर की उम्मीद को दक्षिण अफ्रीका को 49 रनों से हरा कर जीवित रखा। अब पाकिस्तान को अपनी रनरेट बेहतर करने के लिए अगले तीनों मैच जीतने होंगे ताकि वह टॉप 4 में पहुंच सके। पाकिस्तान बुधवार को बर्मिंघम में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। कोच आर्थर ने कहा, मैं अपने खिलाडिय़ों से हमेशा कहता हूं यह सिर्फ एक परफॉर्मेंस है। (लाइव हिन्दुस्तानी)

 

 

 


Date : 25-Jun-2019

साउथैम्पटन, 25 जून । विश्व कप 2019 में सोमवार को अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश ने 62 रन के अंतर से जीत हासिल की और विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी संभावनाओं को जीवित रखा है। एक बार फिर विश्व कप में बांग्लादेश की जीत के हीरो शाकिब अल हसन रहे जिन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ा और इसके बाद गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट भी झटके। इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। 
मैच के बाद प्रेजेन्टेशन के दौरान शाकिब ने कहा, अब तक मौजूदा वर्ल्ड कप में उनका सफर शानदार रहा है। भाग्यवश विश्व कप में हमारी टीम की शुरुआत अच्छी रही और प्रशंसकों का हमें साथ मिला। मैच में शाकिब ने 51 रन की अर्धशतकीय पारी खेलने के साथ-साथ 29 रन देकर अफगानिस्तान के पांच विकेट भी झटके। जब उनसे ये पूछा गया कि इन दोनों में से उनके लिए क्या ज्यादा संतोषजनक है तो उन्होंने कहा कि पांच विकेट हासिल करना ज्यादा खुशी देता है हालांकि मुझे अर्धशतक के लिए आज ज्यादा संघर्ष करना पड़ा।
शाकिब वर्ल्ड कप गेंद और बल्ले दोनों से धमाल मचा रहे हैं। सोमवार को वो बांग्लादेश के लिए वर्ल्ड कप में एक मैच में पांच विकेट लेने वाले वो पहले खिलाड़ी भी बने। अब तक विश्व कप में खेले 6 मैच की 6 रन की पारियों में वो 95.2 की औसत से 476 रन बना चुके हैं। सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडिय़ों की सूची में पहले पायदान पर भी काबिज हो गए हैं। वहीं गेंदबाजी में करते हुए कुल 10 विकेट भी झटक चुके हैं। 
जब विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन का राज पूछा गया तो शाकिब ने कहा, मैंने इसके लिए विश्व कप से पहले वाकई में कड़ी मेहनत की थी। मैं पूरी तरह तैयार हूं। मैं अपनी तरफ से जिस तरह की सर्वश्रेष्ठ कर सकता था मैंने की और अब मुझे उसका फल मिल रहा है। भारत और पाकिस्तान के खिलाफ हमें बड़े मुकाबले खेलने हैं मैं आगे उन मैचों में भी ऐसा ही प्रदर्शन करते रहना चाहता हूं। 
मैच के दौरान शाकिब और मुश्फिकर के बीच तीसरे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी हुई। ऐसे में शाकिब के आउट होने के बाद उन्होंने मोर्चा संभाले रखा और 49वें ओवर में 87 गेंद पर  83रन की पारी खेलकर आउट हुए। मुश्फिकुर की तारीफ करते हुए शाकिब ने कहा, उनकी पारी के बगैर हम 262 रन के स्कोर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे उन्होंने बेहद अहम पारी खेली। हमें मालूम था कि तीन स्पिनर्स के खिलाफ रन बनाने में परेशानी होगी ऐसे में पूरी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए साझा प्रयास करने होंगे। (टाईम्स नाऊ)

 

 


Date : 25-Jun-2019

जब विश्व कप 2019 के लिए पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का नारा ‘वी हैव, वी विल’ लॉंच हुआ तो इसका मतलब था कि पाकिस्तान अतीत में वर्ल्ड कप जीत चुका है और इस बार भी जीतेगा। कई लोग मानते हैं कि पाकिस्तान ने जिस तरह 1992 में प्रदर्शन किया था, वैसा ही 2019 में वो दुहराने जा रहा है। पाकिस्तान का अभी तक का रिकॉर्ड और टूर्नामेंट में उसकी स्थिति 27 साल पहले के हालात से बहुत अलग नहीं है। पाकिस्तानी टीम के लिए विश्व कप 2019 के पहले छह मैचों के वैसे ही नतीजे रहे हैं जैसे 1992 के टूर्नामेंट के पहले छह मैचों के थे।
साल 1992 और 2019 में दोनों ही मौकों पर पाकिस्तान अपना दूसरा मैच जीतने से पहले वेस्टइंडीज से हार गया और इसका तीसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ गया।
1992 की तरह ही पाकिस्तान विश्व कप 2019 का अपना चौथा और पाँचवां मैच हार गया और छठा मैच जीत गया। साल 1992 में भी पाकिस्तान का टूर्नामेंट में बने रहना इस बात पर निर्भर कर रहा था कि ऑस्ट्रेलिया वेस्ट इंडीज़ को हरा पाता है या नहीं। और एक बार फिर पाकिस्तान चाहता है कि ऑस्ट्रेलिया जीते, इस बार इंग्लैंड के खिलाफ।
संयोगों की इस सूची में एक दिलचस्प तथ्य ये भी है कि न्यूजीलैंड, पाकिस्तान से भिडऩे से पहले तब भी अजेय था। इस बार भी वो अभी तक अजेय है और बुधवार को उसका सामना पाकिस्तान से होने जा रहा है। वर्ष 1992 और 2019 में इतनी समानताएं हैं कि पाकिस्तानी फैन निश्चित रूप से वैसे ही नतीजों की उम्मीद कर रहे होंगे। एक बड़ा फर्क यह है कि तब पाकिस्तान की टीम की कमान वर्तमान पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के हाथ में थी और अभी सरफराज अहमद के हाथों में।
वसीम अकरम क्या सोचते हैं?
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने कहा है कि रविवार को लॉर्ड्स के मैदान में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान का प्रदर्शन आलोचकों के लिए माकूल जवाब था। अकरम ने कहा कि वो टीम के प्रदर्शन से ख़ुश हैं।
पाकिस्तानी न्यूज़ नेटवर्क जिओ टीवी के एक कार्यक्रम ने अकरम ने कहा कि रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तानी टीम के खिलाडिय़ों ने जो गलतियां की हैं उस पर जीत का पर्दा नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्डिंग में पाकिस्तानी खिलाडिय़ों ने कई गलतियां की थीं।
वसीम अकरम ने कहा, हमने इस टूर्नामेंट में कुल 14 कैच छोड़े हैं। विश्व कप में कैच छोडऩे के मामले में हम टॉप पर हैं और यह अच्छा संकेत नहीं है। हमें इस समस्या से पार पाना होगा।
वसीम अकरम से पूछा गया कि पाकिस्तानी खिलाडिय़ों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह कैच कैसे छोड़ दिए? इसके जवाब में उन्होंने कहा, हमारे खिलाडिय़ों ने गेंद के आने का इंतजार नहीं किया और आने से पहले ही छलांग लगा ले रहे थे। इस मामले में भारत का प्रदर्शन सबसे उम्दा रहा है, अब तक के टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने केवल एक कैच छोड़ा है। इंग्लैंड की टीम का प्रदर्शन पाकिस्तान के बाद सबसे बुरा रहा है।
रविवार को पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका की टीम को 49 रनों से हराया और इसके साथ ही विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी दावेदारी की उम्मीद को जिंदा रखा। हालांकि इस जीत के बावजूद कैच छोडऩे के कारण पाकिस्तानी खिलाडिय़ों की ख़ूब आलोचना हो रही है।
पाकिस्तानी टीम ने अकेले इसी मैच में छह कैच छोड़े और पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तानी टीम अपनी इस कमजोरी से उबर नहीं पाई। कुछ लोग इसे फील्डिंग के मामले में सबसे बुरी टीम भी कह रहे हैं।
पाकिस्तान के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि टॉस जीतने के बाद सरफराज का बल्लेबाजी करने का फैसला बहुत अच्छा था। इसके साथ ही वसीम अकरम ने पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर की बैटिंग की भी तारीफ़ की। वसीम ने कहा, पहले बैटिंग का फैसला बिल्कुल सही था। मैदान में घास थी लेकिन पिच में अंदर से नमी नहीं थी। पाकिस्तान ने पिच को बिल्कुल ठीक समझा और इस पर पहले बैटिंग करना बिल्कुल सही था। ओपनर्स ने बढिय़ा खेल दिखाया। बाबर ने भी अच्छा खेला लेकिन उसे 50 को 100 में बदलने की जरूरत है।
उन्होंने ये भी कहा कि फखर अभी विकेट पर टिके रहना सीख रहे हैं, जो कि विपक्षियों के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि उनकी मौजूदगी गेंदबाजों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर करती है।
एक सवाल के जवाब में वसीम ने कहा कि सरफराज को इमद वसीम को भेजने की बजाय बल्लेबाजी क्रम में पहले आना चाहिए था। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तानी टीम अपना 1992 का प्रदर्शन दोहराएगी। उस समय पाकिस्तानी टीम का सामना एजबैस्टन में न्यूजीलैंड के साथ हुआ था और उस टूर्नामेंट में वो अजेय टीम थी।
वसीम ने कहा, 1992 में भी वो हमसे भिडऩे से पहले एक भी मैच नहीं हारे थे, लेकिन मैच हमने जीता। इस बार भी वो अजेय हैं और मुझे उम्मीद है कि हम पिछला प्रदर्शन दुहराएंगे। लेकिन खिलाडिय़ों को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। वसीम ने इस बात पर भी ख़ुशी जताई कि रविवार को लॉर्ड्स के मैदान में टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी दर्शक पहुंचे थे। वसीम ने कहा, सोशल मीडिया पर गिड़गिड़ाने की बजाय सभी हमलों का जवाब देने का यही सबसे बढिय़ा तरीका है। उन्होंने कहा, मैदान में भीड़ को देखकर अच्छा लगा। बड़े बड़े नाम मौजूद थे और इसे देख कर मुझे लगा कि ये मैच लॉर्ड्स में नहीं बल्कि लाहौर में खेला जा रहा है। (बीबीसी)
 


Date : 24-Jun-2019

दिनेश उप्रेती
इंग्लैंड में खेला जा रहा विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट अपने शबाब पर है। कुछ मुकाबले दिल की धडक़नें बेहद तेज कर देने वाले रहे हैं और चौंकाने वाले भी। एक पखवाड़े पहले दक्षिण अफ्रीका सरीखी टीमों को खिताब का दावेदार बताया जा रहा था, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में एक बार फिर इस टीम ने अपने खेल से निराश किया और सात मैचों में सिर्फ एक मुकाबला जीत कर नॉकआउट हो चुकी है।
टूर्नामेंट में अब तक कम से कम चार मैच तो ऐसे रहे, जिन्होंने साबित किया कि मैच से पहले भले ही किसी टीम को फेवरेट माना जाए, लेकिन जब खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं असल इम्तहान तभी होता है।
जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है अंकों के जोड़-तोड़ का खेल भी तेज हो गया है। श्रीलंका की इंग्लैंड पर जीत और फिर पाकिस्तान के दक्षिण अफ्रीका हराने के बाद सेमीफाइनल मुकाबलों की जंग भी दिलचस्प होती दिख रही है।
राउंड रॉबिन लीग मुकाबले में पाकिस्तान को शिकस्त देने के बाद क्रिकेट प्रशंसक ये जानने के लिए बेताब हैं कि क्या भारत अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी से एक बार फिर टकरा सकता है। अभी अंक तालिका में टॉप चार टीमें न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, भारत और मेजबान इंग्लैंड हैं।
भारत से हारने के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान से हारने के बाद दक्षिण अफ्रीका के लिए टूर्नामेंट के दरवाजे बंद हो गए हैं। अभी छह मैचों में पाँच अंक लेकर पाकिस्तान सातवें नंबर पर है। तो अब पाकिस्तान कैसे अंतिम चार में पहुँच सकती है।
न्यूजीलैंड- छह मैचों में पाँच जीत के साथ 11 अंक लेकर टॉप पर है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ मैच बाकी। बस एक और जीत से कीवियों की सेमीफाइनल में जगह पक्की हो जाएगी।
(लेकिन तब क्या अगर न्यूजीलैंड तीन में से एक भी मुकाबला नहीं जीत सकी। तो उसके 11 अंक ही रहेंगे, लेकिन इस स्थिति में श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लिए बचे तीन-तीन मुकाबलों में से कम से कम एक में हार जरूरी है, ताकि तीनों 10 अंकों तक न पहुँच सकें।)
भारत
अभी तक टूर्नामेंट में अपराजेय रही है विराट कोहली की टीम। पाँच मैचों में चार जीत के साथ 9 अंक लेकर तीसरे नंबर पर है। टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को शिकस्त दे चुकी है और बारिश से बाधित मैच में न्यूजीलैंड से अंक बांटा है।
वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ मैच बाकी। दो मैचों में जीत से तय हो जाएगी सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की।
(लेकिन अगर टीम इंडिया बाकी बचे चार मैचों में से एक भी नहीं जीत पाई तो... भारत के नौ ही अंक रह जाएंगे। ऐसे में टीम इंडिया ये उम्मीद करेगी कि श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश बाकी बचे एक से अधिक मैच न जीत पाएं। साथ ही वेस्टइंडीज भी कम से कम एक मैच हार जाए।)
ऑस्ट्रेलिया
छह मैचों में 5 जीत के साथ 10 अंक लेकर दूसरे नंबर पर है कंगारू टीम। ऑस्ट्रेलिया अभी तक सिर्फ अपना मुकाबला भारत से हारा है।
एरोन फिंच की टीम के इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच बाकी हैं। एक और जीत देगी सेमीफाइनल में पहुँचने की गारंटी।
(लेकिन अगर वो बचे तीनों मुकाबलों में से एक भी नहीं जीत सकी तो... ऑस्ट्रेलिया के 10 अंक ही रह जाएंगे। ऐसे में कंगारुओं को उम्मीद करनी होगी कि श्रीलंका कम से कम दो मैचों में परास्त हो और बांग्लादेश और पाकिस्तान भी कम से कम एक-एक मुकाबला गंवा दें। इस तरह श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान तीनों 11 अंक हासिल नहीं कर पाएंगे।)
इंग्लैंड
आईसीसी की वनडे रैंकिंग में नंबर एक मेज़बान टीम इंग्लैंड छह मैचों में 4 जीत के साथ आठ अंक लेकर चौथे नंबर पर है। अभी ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मैच खेलने बाकी। सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए दो मैच जीतने ही होंगे।
(लेकिन अगर अंग्रेज़ टीम बाकी तीनों में से एक भी मैच नहीं जीत पाई तो... इंग्लैंड के आठ ही अंक रह जाएंगे और वो टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर होगी। लेकिन कुछ अगर-मगर उसे सेमीफाइनल में पहुँचा सकते हैं। और अब बात पाकिस्तान की। 1992 में स्लो स्टार्टर रहने के बाद चैंपियन बनने वाली पाकिस्तान टीम अब भी चैंपियन बनने का ख्वाब देख सकती है।
पाकिस्तान छह मैचों में दो जीत के साथ पाँच अंक लेकर सातवें नंबर पर है। दक्षिण अफ्रीका को 49 रन से हराकर टीम ने टूर्नामेंट में वापसी की संकेत दिए हैं।
न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ मैच बाकी। सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए पाकिस्तान को तीनों मैच जीतने होंगे। इससे पाकिस्तान के 11 अंक हो जाएंगे, लेकिन इसके बाद भी कुछ अगर-मगर बने रहेंगे।
सरफराज एंड कंपनी को अंतिम चार में जगह पक्की करने के लिए उम्मीद करनी होगी कि इंग्लैंड एक से अधिक मैच न जीते। इसके अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश कम से कम एक-एक मुकाबला हार जाएं। तो अगर भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुँचे तो 9 जुलाई को मैनचेस्टर में होने वाले पहले सेमीफाइनल में या 11 जुलाई को बर्मिंघम में होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में टकरा सकते हैं, लेकिन इसके लिए भी अभी काफी अगर-मगर बाकी हैं।
फाइनल मुकाबला लंदन में 14 जुलाई को खेला जाएगा।


Date : 24-Jun-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 24 जून।
जिला ताइक्वांडो संघ दुर्ग द्वारा फोर्थ जिला स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन कल को महात्मा गांधी स्कूल दुर्ग में आयोजित किया गया जिसमें पूरे दुर्ग जिला से लगभग 90 ताइक्वांडो खिलाड़ी हिस्सा लिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग शहर के आयुक्त सुनील अग्रहरि, अध्यक्षता जिला ताइक्वांडो संघ के उपाध्यक्ष खांसी मंडावी ने की। मुख्य अतिथि द्वारा बच्चों को खेल के प्रति रुचि और आगे चलकर देश के लिए मेडल लाने को कहा गया। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी अभय चंद्राकर, मितुल साहू, यश वर्मा, रजत साहू, साईं सुब्रह्मण्यम, नाविका साहू, हिमांशी चंद्राकर, सिद्धि राजपूत, युवरानी साहू, अहाना चंद्राकर, आयुष्मान राजपूत, अर्पित यादव, चंदन शर्मा डॉली साहू, पूर्वअंशी राय, चंद्र कुमार साहू, श्रेयस राजपूत, शंकर नगर कुमारी निधि साहू, शालू, मृत्युंजय प्रधान, अमित कुमार चंद्राकर, भुनेश्वरी ठाकुर, ज्योति वर्मा, भूमिका धाराम, रजत पदक श्रेया शर्मा, अभिजीत रजक, मिनांश यादव, शगुन साहू, मोहम्मद शमशेर से लूट सानिया शाह, सुयश, आर्यन दीवान, रुकमणी साव, अंबिका तथा कांस्य पदक जीतने वालों में पार्थ वर्मा, जय चंद्राकर, सोमेश्वरी देवांगन शामिल हैं। जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष गणेश शंकर देशपांडे, रोशन ताम्रकार, उपाध्यक्ष खांसी मंडावी, अविनाश प्रताप सिंह, नीरज देवागन, सचिव राकेश पुरी गोस्वामी, कोषाध्यक्ष श्रीमती उर्वशी साहू एवं जिला ताइक्वांडो संघ के सभी सदस्यों ने खिलाडिय़ों को बधाई दी। 

 


Date : 24-Jun-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 24 जून। 4
3वीं राष्ट्रीय पंजा कुश्ती प्रतियोगिता का समापन कल नेहरू सांस्कृतिक भवन सेक्टर-1 में हुआ। मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र यादव थे। अध्यक्षता दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने की। अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया। दोनों विधायकों ने भी अपना दम दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। 
अरूण वोरा ने कहा कि जिन्होंने जीत हासिल कि वे बधाई के पात्र हैं जिन्हें सफलता नहीं मिली वे भविष्य में अच्छा प्रयास करें। सभी खिलाडिय़ों ने खेल भावना का परिचय दिया है। श्री यादव ने कहा कि पंजा कुश्ती का खेल पावर उर्जा व मेहनत का एकल खेल है। छत्तीसगढ़ में खेल नीति मे सुधार करेंगे। पंजा कुश्ती संघ को छत्तीसगढ़ में बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से सहयोग करेंगे। समारोह में पूर्व विधायक भजन सिंग निरंकारी, विजय अग्रवाल, बशीर अहमद खान, बृजमोहन सिंह, लक्ष्मीपति राजू, वशिष्ठ नारायण मिश्र, सीजू एंथोनी, पंजा कुश्ती के राष्ट्रीय अध्यक्ष हासिम रजा, राष्ट्रीय महासचिव केदार सारंगी उपस्थित थे। स्वागत भाषण आयोजन समिति के चेयरमैन जी सुरेश पिल्लई ने दिया।
राष्ट्रीय पंजा कुश्ती चैम्पियनशिप में केरल ने विजेता ट्रॉफी पर कब्जा किया। दूसरे स्थान पर असम की टीम रही। चैम्पियनशिप ऑफ चैम्पियन का खिताब पुरुष वर्ग में जसबीर चावला (पंजाब) एवं महिला वर्ग में चेतना शर्मा (असम) ने जीता। चैम्पियनशिप में 22 राज्यों के 750 बालक एवं बालिका/पुरुष एवं महिला खिलाड़ी, प्रशिक्षक, प्रबंधक एवं पदाधिकारीगणों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आए खिलाडिय़ों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक पर कब्जा किया। इस दौरान 55 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, पंजाब रजत व मध्यप्रदेश कांस्य, 60 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में पंजाब स्वर्ण, केरला रजत व केरला कांस्य, 65 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में असम स्वर्ण, मिजोरम रजत व ओडि़सा कांस्य, 70 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, असम रजत व मिजोरम कांस्य, 75 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में मध्यप्रदेश स्वर्ण, केरला रजत व मिजोरम कांस्य, 80 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, केरला रजत व गुजरात कांस्य, 85 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, असम रजत व केरला कांस्य, 90 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में ओडि़सा स्वर्ण, पंजाब कांस्य व केरला कांस्य, 100 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, देलही रजत व केरला कांस्य, 110 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, केरला रजत व मध्यप्रदेश कांस्य, +110 केजी मैन स्टैंडिंग (राइट) में पंजाब स्वर्ण, केरला रजत व वेस्ट बंगाल कांस्य, 50 केजी जूनियर बालक (राइट) में असम गोल्ड, केरला रजत व मिजोरम कांस्य, 55 केजीएस जूनियर बालक (राइट) में केरला स्वर्ण, मध्यप्रदेश रजत व मिजोरम कांस्य, 60 केजी जूनियर बालक (राइट) में केरला स्वर्ण, असम रजत व हरियाणा कांस्य, 65 केजी जूनियर बालक (राइट) में महाराष्ट्र स्वर्ण, केरला रजत व हरियाणा कांस्य, 70 केजी जूनियर बालक (राइट) में पंजाब स्वर्ण, केरला रजत व पंजाब कांस्य, 75 केजी जूनियर बालक (राइट) में मिजोरम गोल्ड, मिजोरम रजत व असम कांस्य, 80 केजीएस जूनियर बालक (राइट) में देलही स्वर्ण, हरियाणा रजत व वेस्ट बंगाल कांस्य, प्लस 80 केजी जूनियर बालक (राइट) में मिजोरम स्वर्ण, महाराष्ट्र रजत व केरला कांस्य, 70 केजी मास्टर मैन (राइट) में केरला स्वर्ण, देहली रजत व मणिपुर कांस्य, 80 केजी मास्टर मैन (राइट) में मेघालय स्वर्ण, केरला रजत, मणिपुर कांस्य, 90 केजीएस मास्टर मेन (राइट) में मनिपुर स्वर्ण, मेघालय रजत व देहली कांस्य, 100 केजीएस मास्टर मेन (राइट) में मनिपुर गोल्ड, मनिपुर रजत व देहली कांस्य, प्लस 100 केजी मास्टर मेन (राइट) में पंजाब गोल्ड, वेस्ट बंगाल रजत व तेलंगाना कांस्य,55 केजी फिजिकल मेन स्टैंडिंग (राइट) में गुजरात स्वर्ण, देहली रजत व कर्नाटक कांस्य, 65 केजी फिजिकल मेन स्टैंडिंग (राइट) में केरला स्वर्ण, देहली रजत व कर्नाटक कांस्य, 75 केजी फिजिकल मेन स्टैंडिंग (राइट) में कर्नाटका स्वर्ण, केरला रजत व कर्नाटका कांस्य,+75 केजी फिजिकल मेन स्टैंडिंग (राइट) में मध्यप्रदेश स्वर्ण, कर्नाटका रजत व कर्नाटका कांस्य, 60 केजी फिजिकल मेन स्टेडिंग (राइट) में मध्यप्रदेश स्वर्ण, मेघालय रजत व केरला कांस्य, 70 केजी फिजिकल मैन स्टेडिंग (राइट) में पंजाब स्वर्ण, मेघालय रजत व केरला कांस्य, 80 केजी फिजिकल मैन स्टेडिंग (राइट) में असम स्वर्ण, केरला रजत व कार्नाटक कांस्य, 90 केजी फिजिकल मैन स्टेडिंग (राइट) में मध्यप्रदेश स्वर्ण, मध्यप्रदेश रजत व कर्नाटक कांस्य, 100 केजी फिजिकल मैन स्टेडिंग (राइट) में ओडि़सा स्वर्ण व मध्यप्रदेश रजत, 50 केजी महिला (राइट) में असम स्वर्ण, केरला रजत व केरला कांस्य, 55 केजी महिला (राइट) में देहली स्वर्ण, असम रजत व मिजोरम कांस्य, 60 केजी महिला (राइट) में मेघालय स्वर्ण, पंजाब रजत व मेघालय कांस्य, 65 केजी महिला (राइट) में असम स्वर्ण, मणिपुर रजत व हरियाणा कांस्य, 70 केजी महिला (राइट) में कर्नाटक स्वर्ण, मणिपुर रजत व हरियाणा कांस्य, 80 केजी महिला (राइट) में केरला स्वर्ण, मिजोरम रजत व कर्नाटका कांस्य, प्लस 80 केजीएस महिला (राइट) में मिजोरम स्वर्ण जीता। 


Date : 24-Jun-2019

नई दिल्ली, 24 जून । शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप के मुकाबले में जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा। मैच से पहले लग रहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत आसानी से जीत दर्ज करेगा लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम को पहले बल्लेबाजी और फिर गेंदबाजी में पूरी ताकत लगानी पड़ी। इस मैच के बाद भारत को कुछ सीख मिली।  
चैंपियंस की सोच 
बड़ी टीमें हमेशा जानती हैं कि बुरे दिनों की छटपटाहट का सामना किस तरह करना होता है, जो भारत ने शनिवार को दिखाया। टीम इंडिया ने मैच में हर तरह से वापसी की जो राहुल द्रविड़ की कप्तानी वाली टीम इंडिया 2007 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ नहीं कर सकी थी। यह जीत भारत के लिए सीख भी है कि वह किसी भी टीम को हल्के में लेने की गलती नहीं कर सकता। 
ऋषभ पंत के लिए मौका
भारतीय मिडिल ऑर्डर में एक बार फिर एक्स फैक्टर की कमी दिखी। कोई भी दिन हो सकता है जब टीम के शुरुआती 3 खिलाड़ी परफॉर्म नहीं कर सकें, तब थोड़ा दबाव एमएस धोनी और हार्दिक पंड्या पर आ सकता है। ओपनर शिखर धवन की जगह टीम में शामिल ऋषभ पंत के पास यह मौका हो सकता है कि वह बड़े शॉट लगाएं जिसकी कमी अफगानिस्तान के मैच में नजर आई। पंत के लिए नंबर-4 या नंबर-6 जैसे स्थान हैं। हालांकि विजय शंकर नंबर-4 पर मजबूत हैं जो पेस बोलर भी हैं, जबकि नंबर-6 पर केदार जाधव हैं जिन्होंने 52 रन की अहम पारी खेली थी। फिर भी कुछ का मानना है कि यदि पंत होते तो अफगानिस्तान के खिलाफ कुल स्कोर 224 के बजाय 270 हो सकता था। 
धोनी का दिन
महेंद्र सिंह धोनी को उनके किसी बुरे दिन के लिए हमेशा ही बल्लेबाजी की आलोचना करना गलत होगा लेकिन यह भी सच है कि उनकी 52 गेंदों पर 28 रन की धीमी पारी और फिर राशिद खान की गेंद को नहीं पढ़ पाना समझ में नहीं आता। इसमें कोई दोराय नहीं है कि कप्तान विराट की आक्रामक शैली के बीच धोनी का लगातार गेंदबाजों शमी और बुमराह से बातचीत ही अंतिम 3 ओवर में 24 रन बचाने में अहम रहा। 
शमी को कायम रखना
पेसर भुवनेश्वर कुमार ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 अहम विकेट झटके थे, उनका शांत स्वभाव प्लस पॉइंट रहता है लेकिन शमी की पेस भी भारत के काम आ रही है और टीम मैनेजमेंट उन्हें टीम में बनाए रखने के बारे में सोच सकता है। भुवी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण टीम से बाहर हैं। यह सही है कि शमी ने रन दिए लेकिन उनकी विकेट लेने की काबिलियत बांग्लादेश और श्री लंका के खिलाफ मैचों में अहम साबित हो सकती है। 
जडेजा को भी स्थान
भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के बेहद करीब है, ऐसे में रविंद्र जडेजा को भी मौका देना चाहिए, खासतौर से साउथैम्पटन की सूखी पिच पर। अमूमन सूखी पिच पर जडेजा की गेंद को घुमाने की कला और पेस विपक्षी टीम को परेशान कर सकती है। यदि जडेजा को 1-2 मैचों के लिए प्लेइंग-ङ्गढ्ढ में शामिल किया जाता है तो विपक्षी टीम भारतीय स्पिन अटैक की विविधता को समझने में परेशान हो सकती है। जडेजा फील्ड पर भी काफी ऐक्टिव रहते हैं और बल्ले से भी मौका मिलने पर खुद को साबित कर सकते हैं। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 24-Jun-2019

नई दिल्ली, 24 जून । भारत और चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के बीच खेल के मैदान पर कोई मुकाबला होता है तो दोनों देशों के फैंस भी आक्रामक मोड में आ जाते हैं। प्रशंसक अपने-अपने देश को सपॉर्ट करते हैं लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में पाकिस्तान को भारत का साथ मिला।  
ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर साउथ अफ्रीका को पाकिस्तान ने हरा दिया। भारत से मिली हार के बाद जहां पाकिस्तानी फैंस में काफी गुस्सा था, तो वहीं इस जीत के बाद कई प्रशंसक सरफराज के साथ फोटो क्लिक कराते दिखे। उन्होंने कई फैंस को ऑटोग्राफ भी दिए।  क्रिकेट वर्ल्ड कप के ट्विटर हैंडल से कुछ फोटो शेयर किए गए। इनमें एक तस्वीर में भारतीय प्रशंसक पोस्टर पकड़े हुए था- पड़ोसियों का सपॉर्ट, कम ऑन पाकिस्तान। इसमें 2 पाक फैंस भी नजर आ रहे थे। इस तस्वीर पर अन्य कई लोगों ने खेल भावना दिखाने की बात कही। एक अन्य तस्वीर में भी पाकिस्तान और भारत की जर्सी पहने 2 युवा पाकिस्तान का झंडा लिए स्टेडियम में खड़े थे।  मैनचेस्टर में 16 जून को खेले गए वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को मात दी थी जिसके बाद क्रिकेट फैंस भी सोशल मीडिया पर अपने विचार रख रहे थे। अब जीत के बाद कप्तान सरफराज अहमद को फैंस का भरपूर साथ मिला। 
पाकिस्तान की रविवार को लॉर्ड्स में साउथ अफ्रीकी टीम पर जीत के बाद उसके कप्तान सरफराज अहमद की एक विडियो भी वर्ल्ड कप के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया जिसमें वह अपने प्रशंसकों के साथ तस्वीर क्लिक कराते और उन्हें ऑटोग्राफ देते नजर आ रहे हैं। (नवभारत टाईम्स)

 

 

 


Date : 24-Jun-2019

नई दिल्ली, 24 जून। स्विट्जरलैंड के करिश्माई खिलाड़ी रोजर फेडरर ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ग्रास कोर्ट पर खेले गए हला ओपन का खिताब जीता। फेडरर ने फाइनल में बेल्जियम के डेविड गोफिन को सीधे सेटों में 7-6,7-2, 6-1 से हराया। 20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता ने रिकॉर्ड 10वीं बार हला ओपन का खिताब जीता है। वह अपने स्वर्णिम करियर में 102 खिताब जीत चुके हैं।
फेडरर ने जीत के बाद कहा यह अविश्वसनीय है। जब मैंने पहले बार यहां खेला था तब यह नहीं सोचा था कि मैं 10 खिताब जीतूंगा। वह अगले महीने 9वीं बार विंबल्डन का खिताब जीतने के लिए कोर्ट पर उतरेंगे। फेडरर को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में स्पेनिश दिग्गज राफेल नडाल के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ये दोनों साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में आमने-सामने थे। यहां नडाल बाजी मार ले गए।

 

 


Date : 24-Jun-2019


नई दिल्ली, 24 जून (भाषा)। देश के क्रिकेट प्रशंसको के साथ-साथ बीमा कंपनियां भी बारिश के देवता इन्द्र से प्रार्थना कर रही हैं कि ब्रिटेन में चल रहे मौजूदा विश्व कप में भारत के शेष मुकाबले वर्षा की भेंट न चढ़ें क्योंकि इससे उन्हें 100 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौजूदा विश्वकप में सेमीफाइनल से पहले भारत को अभी चार और मैच खेलने हैं। बीमा कंपनियां चाहती हैं कि इन मैचों के दौरान वर्षा नहीं हो। क्योंकि मैच के रद्द होने या बाधित होने पर उनकी आर्थिक देनदारी होती है। 
भारत की बीमा कंपनियों पर अब भी बारिश की वजह से 100 करोड़ रुपये का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि शेष मैचों में भी बरसात की खलल की आशंका है। इस विश्वकप में अब तक चार मैच बरसात के कारण धुल चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक भारतीय बाजार का करीब 150 करोड़ का जोखिम कवर है। इनमें कई बीमा कंपनियों का हिस्सा है। 
न्यू इंडिया इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस जैसी बड़ी कंपनियां आम तौर पर ये बीमा कवर उपलब्ध कराती हैं। यह कवर मुख्य तौर पर प्रसारकों के लिए होता है जो कि प्रसारण अधिकारों के लिए आईसीसी को अग्रिम भुगतान करते हैं। यदि मैच होता है तो बीमा कंपनियों की कोई देनदारी नहीं बनती है लेकिन मैच में बाधा होती है अथवा वर्षा के कारण मैच नहीं होता है तो इसका विज्ञापन पर असर पड़ता है और प्रसारणकर्ताओं को राजस्व का नुकसान होता है। 
 


Date : 23-Jun-2019

तरुण वर्मा
मोहम्मद शमी ने शनिवार को आईसीसी क्रिकेट वल्र्ड कप 2019 के मैच में आखिरी ओवर में हैट्रिक लगाकर मोहम्मद नबी की 52 रनों की बेहतरीन पारी पर पानी फेर दिया और भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ 11 रनों से जीत दिला दी। इस मैच में शमी ने कुल चार विकेट झटके हैं। 
शमी इसी के साथ वल्र्ड कप में हैट्रिक लेने वाले भारत के दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले 1987 में चेतन शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक ली थी। 
भारत के तेज गेंदबाज चेतन शर्मा को क्रिकेट वल्र्ड कप की पहली हैट्रिक लेने का गौरव हासिल है। वल्र्ड कप के चौथे संस्करण के दौरान भारत के अंतिम ग्रुप मैच में चेतन शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक बनाई थी।
नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन ग्राउंड पर उनके शिकार केन रदरफोर्ड, इयान स्मिथ और इवान चैटफील्ड हुए थे। चेतन ने तीनों को क्लीन बोल्ड किया था।
225 रनों का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान को आखिरी ओवर में 16 रनों की जरूरत थी। नबी ने पहली गेंद पर चौका मार अपना अर्धशतक पूरा किया और भारत के माथे पर शिकन ला दी। लेकिन शमी ने अगली गेंद खाली निकाली और ओवर की तीसरी गेंद पर नबी को लॉग ऑन पर हार्दिक पंड्या के हाथों कैच कर मैच भारत के पक्ष में कर दिया।  अगली दो गेंदों पर शमी ने अफताब आलम और मुजीब उर रहमान के विकेट ले अफगानिस्तान को 49.5 ओवरों में 213 रनों पर ढेर कर भारत को वल्र्ड कप 2019 में चौथी जीत दिलाई।
मोहम्मद शमी इस वल्र्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। यह उनके इंटरनेशनल करियर की भी पहली हैट्रिक है। शमी वल्र्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कुल नौवें गेंदबाज भी हैं। वल्र्ड कप में अभी तक कुल 10 हैट्रिक लगी हैं जिनमें से दो हैट्रिक श्रीलंका के लसिथ मलिंगा ने ली हैं। वह ऐसा करने वाले एक मात्र गेंदबाज हैं। शमी ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर मोहम्मद नबी, फिर अफताब आलम और फिर मुजीब उर रहमान को आउट कर अपने वनडे करियर की पहली हैट्रिक लगाई। 
शमी से पहले 1987 में चेतन शर्मा ने भारत के लिए वल्र्ड कप में पहली हैट्रिक लगाई थी। इत्तेफाक से चेतन वल्र्ड कप में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज भी हैं। उनके बाद 12 साल बाद पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक ने 1999 में इंग्लैंड में ही खेले गए वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। दक्षिण अफ्रीका में 2003 में खेले गए वल्र्ड कप में दो हैट्रिक लगी थीं। श्रीलंका के चामिंडा वास ने बांग्लादेश के खिलाफ और ब्रेट ली ने केन्या के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। 
वेस्टइंडीज में 2007 में खेले गए वल्र्ड कप में लसिथ मलिंगा ने अपनी पहली हैट्रिक ली थी। उन्होंने यह उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हासिल की थी। मलिंगा ने 2011 में भी हैट्रिक ली थी लेकिन इस बार सामने केन्या थी। इसी वल्र्ड कप में वेस्टइंडीज के केमार रोच ने भी नीदरलैंड्स के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। 2015 वल्र्ड कप में भी दो हैट्रिक लगा थीं। यहां इंग्लैंड के स्टीवन फिन और दक्षिण अफ्रीका के जेपी डुमिनी ने हैट्रिक ली थी। फिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तो वहीं जेपी डुमिनी ने श्रीलंका के खिलाफ। वल्र्ड कप में एक से ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड मलिंगा के नाम ही है। वह इस विश्व कप में भी खेल रहे हैं। 
वल्र्ड कप हैट्रिक
चेतन शर्मा (भारत), 1987
सकलेन मुश्ताक (पाकिस्तान), 1999
चमिंडा वास (श्रीलंका), 2003
ब्रेट ली (ऑस्ट्रेलिया), 2003
लसिथ मलिंगा (श्रीलंका), 2007 (4 में 4)
केमार रोच (वेस्टइंडीज) , 2011
लसिथ मलिंगा (श्रीलंका), 2011
स्टीवन फिन (इंग्लैंड), 2015
जेपी डुमिनी (साउथ अफ्रीका, 2015
मो. शमी (भारत), 2019 

 


Date : 23-Jun-2019

नई दिल्ली, 23 जून । अफगानिस्तान के खिलाफ वल्र्ड कप मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने 52 गेंदों पर 28 रनों की पारी खेलकर फैंस को नाराज और निराश कर दिया। धोनी ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 3 चौके लगाए। 
धोनी की बल्लेबाजी देखकर नाराज फैंस ने ट्विटर पर जमकर भड़ास निकाली है। फैंस के मुताबिक धोनी ने एक वनडे मुकाबले में टेस्ट क्रिकेट जैसी बल्लेबाजी की।
भारत का स्कोर 30.3 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 135 रन था। यहां भारत के लिए संकट की घड़ी थी, और अब उसका दारोमदार महेंद्र सिंह धोनी और जाधव पर था। दोनों ने मिलकर भारत के खाते में 57 रनों का इजाफा किया।
धोनी के सामने रनगति तेज करने का दवाब था।  इसी दवाब में धोनी ने राशिद खान को निकल कर मारने के प्रयास किया और अपने वनडे करियर में दूसरी बार स्टम्प आउट हुए। इससे पहले वो 20 मार्च 2011 को चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ देवेंद्र बिशू गेंद पर स्टम्प हुए थे।
इत्तेफाक से धोनी दोनों बार अपने वनडे करियर में विश्व कप में ही स्टम्प हुए हैं। धोनी ने 52 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 28 रन ही बनाए। 
धोनी के बाद हार्दिक पंड्या से तेजी से रन बनाने की उम्मीद थी जो जल्दी खत्म हो गई।
नाराज फैंस ने कहा कि धोनी की ऐसी पारी को देखकर लगता है कि उन्हें जल्द रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। (आज तक)

 

 


Date : 23-Jun-2019

साउथैम्पटन, 23 जून । आईसीसी विश्व कप-2019 में शनिवार को भारत ने अफगानिस्तान को रोमांचक मैच में 11 रनों से हरा दिया। इस जीत में अहम भूमिक निभाने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि यह मैच काफी मुश्किल था लेकिन उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा था। अफगानिस्तान के लिए मोहम्मद नबी ने 52 रनों की अहम पारी खेली और वह मैच भारत की झोली से निकालते दिख रहे थे लेकिन बुमराह ने अंत के ओवरों में अच्छी गेंदबाज कर उन्हें ज्यादा रन नहीं बनाने दिए। 
बुमराह ने 49वें ओवर में सिर्फ पांच रन दिए और आखिरी ओवर में अफगानिस्तान के लिए 16 रन छोड़े जिन्हें मोहम्मद शमी ने नहीं बनाने दिया। बुमराह ने 10 ओवरों में 39 रन देकर दो विकेट लिए और एक मेडन ओवर भी फेंका। इस शानदार प्रदर्शन के लिए बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बुमराह ने कहा, जब कप्तान का विश्वास आपमें होता है तो आपको काफी आत्मविश्वास मिलता है। इससे मुझे अपनी सोच साफ रखने में मदद मिलती है। मैं जान पाता हूं कि मुझे किस तरह से अपनी रणनीति को लागू करना है।
उन्होंने आगे कहा, हम देख रहे थे कि विकेट समय के साथ और धीमी होती जा रही है इसलिए हम सटीक रहने और स्टम्प टू स्टम्प गेंद करने की कोशिश कर रहे थे। यह बड़ा मैदान है और यहां रिवर्स स्विंग भी मिल रही थी, लेकिन आपको अपनी यॉर्कर पर ज्यादा निर्भर रहना होता है और स्थिति के हिसाब से खेलना होता है। यह मुश्किल मैच था, लेकिन मुझे अपनी काबिलियत पर भरोसा था।
शमी को लेकर बुमराह ने कहा, ऐसे गेंदबाज होने से हमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा मिलती है। हम साथ ही अपनी रणनीति के बारे में चर्चा करते रहते हैं। जब हर कोई विकेट लेकर योगदान दे रहा होता है तो यह टीम के लिए अच्छा होता है। (आईएएनएस)
 


Date : 22-Jun-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 22 जून। प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कल शाम को  43वें राष्ट्रीय पंजा कुश्ती प्रतियोगिता के संध्याकालीन सत्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने खिलाडिय़ों के दमखम को देखते हुए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खिलाडिय़ों के भावना के अनुरूप खेल नीति बनाई जायेगी। उन्होंनें 43वीं राष्ट्रीय पंजा कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करने की घोषणा की। उन्होंने विजयी खिलाडिय़ों को पुरस्कृत भी किया। समारोह मे जि़ला कागेस कमेटी की अध्यक्ष तुलसी साहू, बृजमोहन सिंह, पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र, रश्मि सिंह, गुरमीत कौर धनई, श्रीकांत, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद इरफान खान, अरूण सिंह सिसोदिया मंचासीन थे आयोजन समिति ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। जी.सुरेश पिल्लई ने स्वागत भाषण दिया। प्रतियोगिता में 22 राज्यों के 750 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहै है इसी प्रतियोगिता  में भारतीय टीम का चयन किया जायेगा जो सितम्बर 2019 में रोमानिया में आयोजित विश्वकप स्पर्धा में खिलाड़ी भाग लेंगे समारोह मे कृष्णा साहू ने आभार प्रदर्शन किया।
इसके पूर्व औपाचिरक उद्घाटन सुबह 10 बजे फिल्म अभिनेत्री प्रीति झंगियानी, फिल्म अभिनेता प्रवीण डबास ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय भारतीय पंजा कुश्ती महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी सुरेश पिल्लई बाबे ने की।  नेहरु सांस्कृतिक केन्द्र सेक्टर-1 में 21 से 23 जून स्पर्धा आयोजित है। इसी स्पर्धा के माध्यम से रोमानिया में आयोजित 41वीं विश्वकप पंजाकुश्ती चैम्पियनशिप के लिए टीम का चयन भी किया जाएगा। अभिनेत्री प्रीति झंगियानी ने कहा कि शीघ्र ही पंजाकुश्ती चैम्पियनशिप के लीग का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए पंजीयन शुरु हो चुका है। आने वाले दिनों में शीघ्र ही तिथि की घोषणा की जाएगी। भारतीय पंजाकुश्ती महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश पंजाकुश्ती संघ व बीएसपी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है। जी.सुरेश पिल्लई ने बताया कि प्रतियोगिता का समापन-पुरस्कार वितरण समारोह 23 जून को संध्या 4 बजे सम्पन्न होगा। 

 


Date : 22-Jun-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
धमतरी, 22 जून। 6वीं राष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन पंजाब के मोहाली में व्हीलचेयर बास्केटबाल फेडरेशन द्वारा किया गया है। यह स्पर्धा सिर्फ दिव्यांगों के लिए है। 24 से 29 जून तक यह स्पर्धा चलेगी। गर्ल्स-ब्वायस टीम के 10-10 खिलाड़ी और कोच, मैनेजर शुक्रवार को रायपुर से रवाना हुए। गर्ल्स टीम में एक्जेक्ट फाउंडेशन रूद्री की दिव्यांग चंचल सोनी (14) भी शामिल है। चंचल पहली बार व्हीलचेयर बास्केटबाल खेलेगी। सिर्फ 6 महीने की प्रैक्टिस में चंचल ने अपने बेहतर प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्पर्धा में स्थान बनाने में सफल हुई। टीम रवाना होने से पहले कोच द्वारा रायपुर में कोचिंग भी लगाया गया, जिसमें चंचल भी शामिल हुई थी। 
इनका भी हुआ चयन 
चंचल के अलावा चयनित खिलाडिय़ों में ब्वायस टीम के किशन यादव, विभांस निषाद, धीरेंद्र निषाद, इंद्रकुमार साहू, तिलक, धनेश्वर मेहर, चित्रसेन साहू, अनूप, कुलदीप, रोहित तथा गर्ल्स टीम में चंचल सोनी, अनसुइया साहू, गिरिजा साहू, रामेश्वरी, अनिता बघेल, रूखमणी, नीरा, ललिता, अनपूर्णा, सुनिता शामिल हैं।  
कप्तान संभालती है मोर्चा 
अनिता टीम की कप्तान है। मैदान में वही मोर्चा संभालती है। पिछले 3 साल से वह राष्ट्रीय स्पर्धा में शामिल हो रही है। उन्होंने बताया कि चंचल उनकी टीम में सबसे छोटी है। उसमे कमाल की स्फूर्ती है। बहुत जल्दी वह व्हील चेयर में बैठे-बैठे बाल पकडऩा सीख ली। बाल पकडऩे में भी प्वाइंट मिलते हैं। एक मैच 40 मिनट का होता है। ज्यादा प्वाइंट बनाने वाली टीम जीतती है।

 


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