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19-Jan-2021 9:00 PM 26

नई दिल्ली, 19 जनवरी | अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और आलराउंडर हार्दिक पांड्या की पांच फरवरी से इंग्लैंड के साथ होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मैचों के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम में वापसी हुई है। उनके अलावा कप्तान विराट कोहली भी वापसी हुई है, जो अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण आस्ट्रेलिया में अंतिम तीन टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाए थे। चेतन शर्मा की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई की नवनियुक्त सीनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने इंग्लैंड के साथ होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मुकाबलों के लिए मंगलवार को भारतीय टीम का चयन किया।

ईशांत चोट के कारण आस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा सके थे। उन्हें यह चोट आईपीएल में लगी थी और इसके बाद वह बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रिहैबिलिटेशन में थे। ईशांत ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलकर अपनी फिटनेस साबित की है।

ईशांत के अलावा हार्दिक की भी टेस्ट में वापसी हुई है। हार्दिक आस्ट्रेलिया दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें टेस्ट टीम में नहीं चुना गया था। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट अगस्त 2018 में खेला था।

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्चिन और लोकेश राहुल की भी इंग्लैंड के साथ पहले दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम में वापसी हुई है। ये दोनों क्रिकेटर आस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और शार्दूल ठाकुर भी टीम में बरकरार रखा गया है।

वहीं, आस्ट्रेलिया दौरे पर खराब फॉर्म से जूझने वाले ओपनर पृथ्वी शॉ को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वह आस्ट्रेलिया दौरे पर केवल एक ही टेस्ट में खेल पाए थे। शॉ के अलावा आस्ट्रेलिया दौरे से टेस्ट में पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज टी नटराजन को भी टेस्ट टीम में नहीं शामिल किया गया है।

उनके अलावा चोटिल हनुमा विहारी, मोहम्मद शमी और उमेश यादव को भी फिलहाल नहीं चुना गया है, क्योंकि ये अभी चोटिल हैं।

भारतीय टीम को इंग्लैंड के साथ पहला टेस्ट पांच से नौ फरवरी तक चेन्नई में, जबकि दूसरा टेस्ट 13 से 17 फरवरी तक चेन्नई में ही खेला जाना है। इंग्लैंड की टीम फिल्हाल श्रीलंका दौरे पर है और वह 27 जनवरी को चेन्नई के लिए रवाना होगी।

शुरुआती दो टेस्ट के लिए भारतीय टीम : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, लोकेश राहुल, जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज, शार्दूल ठाकुर, कुलदीप यादव, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल।

स्टैंडबाय : केएस भारत (विकेटकीपर), अभिमन्य ईश्वरन, शाहबाज नदीम, राहुल चाहर

नेट गेंदबाज : अंकित राजपूत, अवेश खान, संदीप वारियर, के गौतम, सौरभ कुमार।  (आईएएनएस)

 


19-Jan-2021 7:23 PM 28

भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर चौथे टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज की. भारतीय टीम को अब फरवरी में इंग्लैंड से सीरीज  खेलनी है. भारतीय चयनकर्ता जब टीम चुनने बैठेंगे तो उनके सामने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों में किसी ना किसी को बाहर करने की चुनौती होगी.

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत से उसके कप्तान और कोच की चिंता बढ़ गई है. यही नहीं, बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की परेशानी भी बढ़ने जा रही है. यह चिंता आने वाली सीरीज को लेकर है. भारतीय टीम को अब फरवरी में इंग्लैंड से सीरीज खेलनी है. भारतीय चयनकर्ता जब मंगलवार को टीम चुनने के लिए बैठेंगे तो उनके सामने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अनुभवी खिलाड़ियों में किसी ना किसी को बाहर करने की चुनौती होगी.

भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मंगलवार को चौथे टेस्ट मैच  में शानदार जीत दर्ज की. इस जीत में युवा खिलाड़ियों शुभमन गिल, ऋषभ पंत, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, टी नटराजन का शानदार प्रदर्शन रहा. नवदीप सैनी ने भी चोटिल होने के बावजद भी अपना योगदान दिया. अब मंगलवार को ही भारतीय टीम का चयन होना है. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोट या किसी और कारण से टीम से बाहर रहे कम से कम 6 खिलाड़ी वापसी कर सकते हैं.

टीम में लौटने के दावेदारों में विराट कोहली, ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी शामिल हैं. इन खिलाड़ियों के लौटने के कारण ऐसे कई युवाओं पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका रही. ऐसे युवा खिलाड़ियों में वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, टी नटराजन शामिल हैं, जो अगली सीरीज से बाहर हो सकते हैं.

जाहिर है, जब इंग्लैंड के लिए टीम चुनी जाएगी, तो वह चयनकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती होगी. इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आ रही है. घरेलू सीरीज के लिए 15-16 सदस्यीय भारतीय टीम ही चुने जाने की संभावना है.

कप्तान विराट कोहली की टीम में वापसी तय है. हो सकता है कि वे टीम चयन के सिरदर्द से बच जाएं. कोहली यह सिरदर्द भले ही चयनकर्ताओं को ट्रांसफर कर दें लेकिन जब वे प्लेइंग इलेवन चुनते वक्त उनकी परेशानी जरूर बढ़ने वाली है. कोहली को प्लेइंग इलेवन चुनने की मशक्कत में कोच रवि शास्त्री और अजिंक्य रहाणे मददगार रहने वाले हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शास्त्री और रहाणे प्लेइंग इलेवन चुनते वक्त उन युवाओं को तरजीह देंगे कि जो आस्ट्रेलिया में जीत दिलाई है या वे अनुभवी खिलाड़ी जो बरसों से जीत दिलाते रहे हैं.(hindi.news18.com)


19-Jan-2021 6:46 PM 12

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारत ने आस्ट्रेलिया में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। इस जीत पर भारतीय क्रिकेट टीम को चारों तरफ से बधाइयां मिल रही हैं। भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष और सचिन तेंदलुकर, विराट कोहली ने भी भारत को बधाई दी है। बीसीसीआई ने भारतीय टीम को पांच करोड़ रुपये का बोनस देने की भी घोषणा की है।

गांगुली ने ट्वीट करते हुए लिखा, "शानदार जीत.. आस्ट्रेलिया जाकर इस तरह से सीरीज जीतना.. इसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा.. बीसीसीआई टीम को पांच करोड़ रुपये का बोनस देगी। इस जीत का मूल्य किसी भी आंकड़े से ज्यादा है। टीम के हर सदस्यो को बधाई।"

सचिन ने लिखा, "हर सत्र में हमें एक नया हीरो मिला। जब भी हमें चोट लगी, हम खड़े रहे और लड़ाई लड़ी। हमने बिना डरे खेलने के लिए सीमाओं को बढ़ाया लेकिन लापरवाह क्रिकेट नहीं खेली। चोटों और अनिश्चित्ताओं का सामना आत्मविश्वास के साथ किया। सबसे शानदार सीरीज जीत में से एक। भारत को बधाई।"

टीम के नियमति कप्तान विराट कोहली, जो पहला टेस्ट मैच खेलने के बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए भारत लौट आए थे उन्होंने भी अपनी बनाई हुई टीम को बधाई दी है।

कोहली ने लिखा, "क्या शानदार जीत है। एडिलेड के बाद जिसने भी हम पर शक किया, खड़े होइए और देखिए। शानदार प्रदर्शन, लेकिन जो दृढसंकल्पता और इच्छाशक्ति थी वो पूरी सीरीज में अलग ही थी। पूरी टीम के खिलाड़ियों को, प्रबंधन को बधाई। इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाओ दोस्तों।"

भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस. लक्ष्मण ने कहा, "भारत के लिए ऐतिहासिक जीत। जब जरूरत पड़ी युवाओं ने प्रदर्शन किया। गिल और पंत आगे रहे। रवि शास्त्री और पूरे सपोर्ट स्टाफ को बधाई। इस टीम पर गर्व है। यह लंबे समय तक याद रखी जाएगी।"

उन्होंने लिखा, "अजिंक्य राहणे ने टीम की शानदार कप्तानी की। युवाओं को आत्मविश्वास दिया। पुजारा ने एक बार फिर अपनी क्षमता दिखाई। युवा गेंदबाजी आक्रमण को नहीं भूला जा सकता। शानदार टीम प्रयास।"

टीम के पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने लिखा, "शानदार खेल के लिए भारतीय टीम को बधाई। बेहतरीन परिणाम के साथ शानदार टेस्ट सीरीज। उम्मीद है कि चार दिवसीय टेस्ट मैच को लेकर हो रही चर्चा का अंत हो जाएगा।"

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने ट्वीट किया, "भारतीय टीम ने लचीलापन, ²ढसंकल्प जैसे शब्दों को चरित्रार्थ किया। आपने पूरे देश को प्रेरित किया है। शाबाश अजिंक्य रहाणे, रवि शास्त्री और खिलाड़ी। मोहम्म सिराज, ऋषभ पंत, शुभमन गिल को विशेष बधाई।"

--आईएएनएस


19-Jan-2021 6:44 PM 18

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारत के हाथों चौथा और अंतिम टेस्ट हारकर सीरीज गंवाने के बाद मेजबान आस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन ने मेहमान टीम की तारीफ करते हुए कहा कि अपने अनुशासित प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया इस सीरीज को जीतने की पूरी हकदार थी। भारत की युवा क्रिकेट टीम ने अपने जबरदस्त जुझारूपन और बहादुरी के दम पर चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के पांचवें दिन मंगलवार को आस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा बॉर्डर-गावस्कार ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। यह भारत की सर्वकालिक महान टेस्ट सीरीज जीत मानी जा रही है।

पेन ने मैच के बाद कहा, " हम यहां सीरीज जीतने आए थे। लेकिन भारतीय टीम ने अपने अनुशासित और शानदार प्रदर्शन के दम पर हमें मात दे दी और वे इस सीरीज को जीतने के पूरे हकदार हैं।"

चौथे और आखिरी टेस्ट मैच को जीतने के लिए भारत को 328 रन बनाने थे, जो उसने शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की बेहतरीन पारियों के दम पर सात विकेट खोकर बना लिए।

आस्ट्रेलिया को 32 साल बाद गाबा में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 1988 में आस्ट्रेलिया को इस मैदान पर हार मिली थी। उस मैच में वेस्टइंडीज ने आस्ट्रेलिया को हराया था।

आस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, " हमें फिर से वापस चीजों को देखना होगा और उनमें सुधार करना होगा। हमें एक टीम के रूप में फिर से एकजुट होना होगा। ईमानदार से कहूं तो कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिसमें हमें बहुत सुधार करने की जरूरत है। हम उनके सामने 300 से अधिक का रन लक्ष्य रखना चाहते थे और सीरीज जीतने के लिए उन्हें दबाव में लाना चाहते थे।"

भारत की ओर से ऋषभ पंत ने चौका मार भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। पंत 89 रनों पर नाबाद रहे। उन्होंने 138 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का मारा। पंत को उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

पेन ने कहा, " मुझे लगा कि आज भारतीय टीम आलआउट हो जाएगी। लेकिन उन्हें अपने बाजूओं, छाती और अपनी शरीर पर गेंदें खाई, इसलिए इस जीत की हकदार पूरी तरह से वे हैं। विकेटकीपिंग मेरे काम का एक हिस्सा है। हमारे गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। लेकिन इस सीरीज में अदभुत प्रदर्शन करने के लिए भारतीय टीम को इस जीत का श्रेय जाता है।"

- -आईएएनएस


19-Jan-2021 6:41 PM 9

बैंकॉक, 19 जनवरी | विश्व चैम्पियन महिला बैडमिंटन खिलाड़ी भारत की पीवी सिंधु और शीर्ष पुरुष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत ने मंगलवार को टोयोटा थाईलैंड ओपन के दूसरे दौर में जगह बना ली है। महिला एकल में हालांकि सायना नेहवाल को हार का सामना करना पड़ा है। सिंधु ने पहले दौर में स्थानीय खिलाड़ी बुसानन ओनगबामुरानफान को मात दी। वहीं श्रीकांत ने थाईलैंड के सिथिकोम थाममासिन को सीधे गेमों में परास्त किया।

श्रीकांत ने 38 मिनट तक चले मैच में 21-11, 21-11 से जीत हासिल की।

अगले दौर में उनका सामना आंद्रेस एंटोनसेन और टानोनंग्साक साएनसोमबूनसुक के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।

इससे पहले महिला एकल वर्ग में सिंधु ने बुसानन को 21-17, 21-13 से हराया। यह मैच 43 मिनट तक चला।

कोविड-19 के कारण लगे ब्रेक के बाद सिंधु की यह पहली जीत है। बुसानन ने योनेक्स थाईलैंड ओपन में सायना नेहवाल को मात दी थी।

पहले गेम में बुसानन ने 13-8 से बढ़त ले ली थी। सिंधु ने हालांकि यहां से दमदार वापसी की और गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम में बुसानन ने सिंधु को मात देने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने यह गेम 21-17 से अपने नाम करते हुए दूसरे दौर में जगह बनाई।

दूसरे दौर में सिंधु का सामना दोहा हैनी और किसोना सेलावडुरे के बीच होने वाली मैच की विजेता से होगा।

इस बीच, सायना को स्थानीय खिलाड़ी रातचानोक इंटानोन के हाथों हार गईं। इंटोनोन ने 30 मिनट तक चले मुकाबले में सायना को 21-17, 21-8 से हराया।

पुरुष एकल में समीर वर्मा भी अगले दौर में पहुंच गए हैं। समीर ने पहले दौर में मलेशिया के ली जी लिया को मैराथन मुकाबले में 18-21, 27-25, 21-19 से हराया। यह मैच एक घंटे 14 मिनट चला।

उनके भाई सौरव वर्मा को हालांकि हार का सामना करना पड़ा है। सौरव को इंडोनेशिया के एंथोनी गिटिंग ने 21-16, 21-11 से हराया।

पुरुष एकल में पारुपल्ली कश्यप मैच के बीच में ही हटने को मजबूर हुए।

--आईएएनएस


19-Jan-2021 6:33 PM 16

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारत ने मंगलवार को यहां के गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा उसे 32 साल में पहली बार इस मैदान पर हार का मुंह देखने को मजबूर किया।

आस्ट्रेलिया बीते 32 साल से गाबा पर अजेय थी। उसे आखिरी बार 1988 में वेस्टइंडीज ने हराया था। तब के बाद अब भारत ने मेजबान टीम को इस मैदान पर मात दी।

यह पहला मौका नहीं है कि जब भारत ने आस्ट्रेलिया के विजयी रथ को रोका है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-अलग तरह से अलग-अलग समय पर आस्ट्रेलिया के विजयी रथ को रोका है।

ऐसा पहला मौका आया था 2001 में। आस्ट्रेलिया लगातार 16 टेस्ट जीत हासिल कर चुकी थी और वह अपने अजेय क्रम को बरकरार रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और काबिल थी। लेकिन कोलकाता का ईडन गार्डन्स स्टेडियम फिर एक ऐसे मैच का गवाह बना जब न सिर्फ आस्ट्रेलिया की जीत का सिलसिला टूटा बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार जीत भी मिली।

राहुल द्रविड़ और वीवीएस. लक्ष्मण ने आस्ट्रेलियाई हार की कहानी लिखी और फॉलोऑन खेलने के बाद भी भारत ने आस्ट्रेलिया को पटका।

इसके बाद 2008 में भारत ने वाका में आस्ट्रेलिया के एशियाई टीमों के खिलाफ चले आ रहे जीत के क्रम को रोका। अनिल कुंबले की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 2008 में वाका के मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को 72 रनों से हराया था और इसी के साथ वह इस मैदान पर आस्ट्रेलिया को हराने वाली एशिया की पहली टीम बनी थी।

वाका के मैदान था सिडनी। 2016 में भारत ने यहां खेले गए वनडे मैच में आस्ट्रेलिया को छह विकेट से मात दी थी और उसके घर में लगातार 19 जीत के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया था।

इसके बाद गाबा का मैदान जहां 32 साल तक आस्ट्रेलिया ने हार नहीं देखी थी लेकिन एक बार फिर भारतीय टीम ने उसके एक और अजेय सिलसिले को रोक दिया।

--आईएएनएस


19-Jan-2021 5:06 PM 34

नई दिल्ली. भारत ने मंगलवार को ब्रिसबेन में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराकर इतिहास रच दिया. भारत ने एडिलेड में पहला टेस्ट मैच गंवा दिया था. फिर शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर लगातार दूसरी बार सीरीज में 2-1 से हराकर बोर्डर-गावस्कर ट्राफी पर  अपना कब्जा बरकरार रखा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा के मैदान पर चौथे टेस्ट में तीन विकेट की रोमांचक जीत के साथ सीरीज को 2-1 से अपने नाम करने वाली भारतीय टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है.

ऑस्ट्रेलिया पर मिली ऐतिहासिक जीत पर पूरे देश से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने कहा कि अब तक का सबसे कठिन दौरा, इससे बढ़कर कुछ नहीं.

भारतीय टीम की जीत पर सबसे मजेदार प्रतिक्रिया पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की ओर से आई. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'खुशी के मारे पागल. ये नया भारत है. घर में घुसकर मारता है. एडिलेड में जो हुआ, उसको पीछे छोड़कर, इन युवा खिलाड़ियों ने पूरे जीवन की खुशी दे दी. विश्वकप में जीत होती मिलेगी लेकिन ये बहुत ख़ास है. एक बात और, पंत के एक्स्ट्रा स्पेशल होने के पीछे एक खास कारण है."

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया की जीत पर खुशी जताते हुए कहा, "हर सेशन में हमने नया हीरो खोजा. जब-जब हम पर हमला हुआ हमने एकजुट होकर उसका जवाब दिया. हमने विश्वास की सीमाओं के परे जाकर निडर क्रिकेट खेली लेकिन लापरवाही से बचे. हमने अनिश्चितताओं और चोट कोसंतुलन और विश्वास से शिकस्त दी. सर्वश्रेष्ठ सीरीज जीतों में से एक. बधाई भारत."

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने लिखा, 'क्या शानदार जीत है! जी हां. उन सभी के लिए जिन्होंने एडिलेड टेस्ट के बाद हमारी क्षमता पर शक किया था, खड़े होकर देखिए. उदाहरण पेश करने जैसा प्रदर्शन लेकिन जिस तरह से हम डट कर खेले और समर्पण दिखाया, वह बिल्कुल अलग था. सभी लड़कों और टीम मैनेजमेंट ने शानदार काम किया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाइए.'  (news18.com)


19-Jan-2021 5:05 PM 44

भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में इतिहास रच दिया है. टीम इंडिया ने स्टार कप्तान विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर. अश्विन और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों की ग़ैर-मौजूदगी में बेहद रोमांचक मैच में जीत हासिल कर सिरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली है.

यूं तो इस जीत का श्रेय सभी 11 खिलाड़ियों को जाता है लेकिन इस सिरीज़ में ऋषभ पंत, चेतेश्वर पुजारा, शुभमन गिल, शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने बेहद निर्णायक भूमिका निभाई और वो कर दिखाया जो कुछ दिनों पहले तक लगभग असंभव सा लग रहा था

भारत की इस ऐतिहासिक जीत में इन पांच घटनाओं ने टर्निंग प्वाइंट की भूमिका निभाई

टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहली पारी में ऋषभ पंत जब 23 रन बनाकर आउट हुए तो टीम का स्कोर 186 रन था और भारतीय टीम मुश्किल में नज़र आ रही थी.

लेकिन अपना पहला मैच खेल रहे शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल कर दिया. दोनों ने ना केवल विकेटों का पतझड़ रोका बल्कि संभलकर रन भी बटोरे. इस जोड़ी ने 123 रनों की मैच बचाऊ साझेदारी की. इस जोड़ी के दम पर ही ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के 369 रनों के सामने भारत भी 336 रन बना पाया और मैच में वापसी कर ली.

ब्रिस्बेन के गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे चौथे मैच में इंडिया को जीत के लिए 328 रन की चुनौती मिली और इसकी वजह थी चौथे दिन आस्ट्रेलिया की तरफ़ से बटोरे गए 294 रन. लेकिन ये रन इससे कहीं ज़्यादा भी हो सकते थे.

भारत की तरफ़ से सिराज ने 73 रन देकर पांच विकेट झटके और शार्दुल ठाकुर ने 61 रन देकर 4 विकेट लिए. सिराज पहली बार टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में पांच विकेट लेने में कामयाब हुए.

इस मेच के बाद सिराज ने अपने पिता को याद किया, उन्होंने कहा, "आज वो ज़िंदा होते तो गर्व करते. उनकी दुआओं की कारण ही आज मैं अपना बेस्ट परफ़ॉर्मेंस दे पाया हूं."

अपने चौके के साथ सिरीज़ को 2-1 से भारत की झोली में डालने वाले ऋषभ पंत को चौथे टेस्ट मैच का वो हीरो माना जा रहा है, जिसने मैच को ड्रॉ की तरफ़ से जीत में मोड़ दिया.

तीसरे टेस्ट में भी पंत ने टीम को जिताने की कोशिश की थी लेकिन 97 रनों पर आउट हो गए थे. लेकिन इस बार वो टीम को जिताकर ही माने. विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने नाबाद 89 रनों की पारी खेली. उन्होंने नौ चौके और एक छक्का लगाया.

पुजारा का क्रीज़ पर टिके रहना
दूसरी पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ अपनी तेज़ गेंदों से वार कर रहे थे, तो पुजारा ने बल्ले और शरीर, दोनों से उन्हें झेला.

उन्होंने दूसरी पारी में कुल 211 बॉल खेली और 56 रन बनाए. इस पारी ने तय किया कि टीम इंडिया बिखर ना जाए. क्रीज़ पर टिककर खेलना उस वक्त भारत के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी था और ऐसे समय में पुजारा पिच पर दीवार की तरह डटे रहे.

दूसरी तरफ़ खड़े शुभमन गिल ने रन बटोरना जारी रखा.

शुभमन की आक्रामक बल्लेबाज़ी

चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में शुभमन ने 146 गेंदों पर 91 रनों की धमाकेदार पारी खेली और रन जुटाते रहे. इसके साथ ही गिल इस सिरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. इस सिरीज़ के हर मैच में शुभमन गिल ने अच्छे रन बनाए.  (bbc.com)


19-Jan-2021 4:37 PM 20

ब्रिसबेन. भारत ने मंगलवार को ब्रिसबेन में शुभमन गिल और ऋषभ पंत की आकर्षक अर्धशतकीय पारियों के दम पर चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करके सीरीज पर कब्जा जमा लिया. टीम इंडिया ने गाबा में ऑस्ट्रेलिया की 32 वर्षों से चली आ रही बादशाहत को खत्म कर दिया.

भारत ने एडिलेड में पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद शानदार वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर लगातार दूसरी बार सीरीज में 2-1 से हराकर बोर्डर-गावस्कर ट्राफी अपने पास बरकरार रखी. भारत ने यह जीत तब दर्ज की जबकि उसके कई शीर्ष खिलाड़ी चोटिल होने या अन्य कारणों से टीम में
नहीं थे.

टीम इंडिया की जीत पर कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये जीत बहुत मायने रखती है. मैं इस जीत को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. मुझे सच में अपनी टीम के हर खिलाड़ी पर गर्व है. हम सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते थे परिणाम के बारे में नहीं सोच रहे थे."
रहाणे ने आगे कहा, "जब मैं बल्लेबाजी करने गया था तो मेरे और चेतेश्वर पुजारा के बीच यही बात हो रही थी कि पुजारा को सामान्य बल्लेबाजी करनी है और मुझे अपने शॉट्स खेलने हैं क्योंकि हम जानते थे कि आगे पंत और मयंक हैं. पुजारा को श्रेय देना होगा. उन्होंने जिस तरह से दबाव का सामना किया वो शानदार है. अंत में ऋषभ और वॉशिंगटन सुंदर ने भी बेहतरीन काम किया."

उन्होंने कहा, "20 विकेट लेना अहम था. इसलिए हम पांच गेंदबाजों के साथ उतरे थे. वॉशिंगटन सुंदर टीम में संतुलन लेकर आए. सिराज ने दो टेस्ट मैच खेले थे, सैनी ने एक मैच खेला था. ठाकुर ने भी एक मैच खेला था. नटारजन ने भी डेब्यू किया था. ऐसी टीम के साथ मैच और सीरीज जीतना कितना अहम है, यह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता."

रहाणे ने कहा, "एडिलेड में मिली हार के बाद हमने इस बात पर चर्चा ही नहीं की थी. परिणाम की चिंता किए बिना हम सिर्फ अपना खेल खेलना चाहते थे, अच्छी सोच, मैदान पर अच्छी प्रतिद्वंदिता दिखाना चाहते थे. यह टीम प्रयास की बात है."  (news18.com)
 


19-Jan-2021 4:10 PM 21

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | आस्ट्रेलिया द्वारा रखे गए 328 रनों के लक्ष्य के बाद भारत की जीत की उम्मीद नहीं थी लेकिन युवा कंधों ने टीम की जीत की जिम्मेदारी ली और भारत के खाते में ऐतिहासिक जीत डाली। इसी के साथ भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। भारत की इस जीत की इबारत शुभमन गिल (91) और ऋषभ पंत (नाबाद 89) ने लिखी।

टीम की इस जीत से कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा है कि इस जीत को बयां करना मुश्किल है।

रहाणे ने मैच के बाद कहा, "यह जीत काफी मायने रखती है। मुझे नहीं पता कि इस जीत को कैसे बयां करूं। मुझे अपनी टीम के खिलाड़ियों पर गर्व है, हर किसी पर। हम सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते थे परिणाम के बारे में नहीं सोच रहे थे।"

उन्होंने कहा, "जब मैं बल्लेबाजी करने गया था तो मेरे और चेतेश्वर पुजारा के बीच यही बात हो रही थी कि पुजारा को सामान्य बल्लेबाजी करनी हैं और मुझे अपने शॉट्स खेलने हैं क्योंकि हम जानते थे कि आगे पंत और मयंक हैं। पुजारा को श्रेय देना होगा। उन्होंने जिस तरह से दबाव का सामना किया वो शानदार है। अंत में पंत ने भी बेहतरीन काम किया।"

पंत ने 89 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच भी बने।

रहाणे ने टीम के बारे में कहा, "20 विकेट लेना अहम था। इसलिए हमने पांच गेंदबाज चुने। वॉशिंगटन सुंदर टीम में संतुलन लेकर आए। सिराज ने दो टेस्ट मैच खेले थे, सैनी ने एक मैच खेला था। ठाकुर ने भी एक मैच खेला था। नटारजन भी पदार्पण किया था। ऐसी टीम के साथ मैच और सीरीज जीतना कितना अहम है, यह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"

भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं थी। एडिलेड में पहले टेस्ट मैच में मिली शर्मनाक हार के बाद भारत के नियमित कप्तान विराट कोहली भी अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट गए थे। ऐसे में सभी ने भारत को नकार दिया था। लेकिन रहाणे की कप्तानी में टीम ने बेहद दमदार वापसी की और मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

रहाणे ने कहा, "एडिलेड में मिली हार के बाद हमने इस बात पर चर्चा ही नहीं की थी कि क्या हुआ था। हम सिर्फ अपना खेल खेलना चाहते थे, अच्छी सोच, मैदान पर अच्छी प्रतिद्वंदिता दिखाना चाहते थे। यह टीम प्रयास की बात है।"

आस्ट्रेलिया के नाथन लॉयन का यह करियर का 100वां टेस्ट मैच था। रहाणे ने बताया कि भारतीय टीम लॉयन को जर्सी भेंट करेगी।

रहाणे ने कहा, "भारतीय टीम लॉयन को 100वें टेस्ट मैच के लिए जर्सी तोहफे में देना चाहती है। मैं पूरी टीम की ओर से उन्हें 100वें टेस्ट की बधाई देता हूं।"  (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 4:10 PM 19

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारत की युवा क्रिकेट टीम ने अपने जबरदस्त जुझारूपन और बहादुरी के दम पर चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के पांचवें दिन मंगलवार को आस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा बॉर्डर-गावस्कार ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। यह भारत की सर्वकालिक महान टेस्ट सीरीज जीत मानी जा रही है। चौथे और आखिरी टेस्ट मैच को जीतने के लिए भारत को 328 रन बनाने थे, जो उसने शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की बेहतरीन पारियों के दम पर सात विकेट खोकर बना लिए।

मोहम्मद सिराज और शार्दूल ठाकुर की गेंदबाजी का भी योगदान इस जीत में काफी अहम रहा।

आस्ट्रेलिया को 32 साल बाद गाबा में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 1988 में आस्ट्रेलिया को इस मैदान पर हार मिली थी। उस मैच में वेस्टइंडीज ने आस्ट्रेलिया को हराया था।

भारत को ए़िडलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जिस तरह से हार का सामना करना पड़ा था उसके बाद कई दिग्गजों ने भारत को नकार दिया था। विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद टीम की स्थिति भी कमजोर लग रही थी लेकिन कार्यवाहक कप्तान अंजिक्य रहाणे की कप्तानी में टीम ने बाकी के बचे तीन टेस्ट मैचों में जिस तरह का दृढ़संकल्प, प्रतिस्पर्धा, प्रतिद्वंदिता दिखाई उसका परिणाम रहा कि भारत ने आस्ट्रेलियाई जमीन पर अपना परचम लहराया।

गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चौथे टेस्ट मैच से पहले भी भारत चोटों से परेशान थी। जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और हनुमा विहारी भी चोटिल हो गए थे। भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण इस मैच में बेहद अनुभवहीन और युवा था बावजूद इसके भारत ने आस्ट्रेलिया को पटक चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में मार्नस लाबुशैन के 108, टिम पेन के 50 रनों के दम पर 369 रन बनाए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने किसी तरह अपनी पहली पारी में 336 रन बनाए थे। पहली पारी के आधार पर आस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 33 रनों की बढ़त के साथ ही उतरी थी। दूसरी पारी में मोहम्मद सिराज के पांच और शार्दूल ठाकुर के चार विकेट के दम पर भारत ने आस्ट्रेलिया को 294 रनों पर समेट दिया था। फिर भी भारत को 328 रनों का मुश्किल लक्ष्य मिला था।

भारत ने हालांकि इस लक्ष्य को आसान बना दिया और एक बेहतरीन जीत हासिल कर इतिहास रचा। चौथे दिन भारत ने 1.5 ओवर ही खेले थे और चार रन बनाए थे। बारिश के कारण दिन का खेल खत्म हो गया था।

पांचवें और आखिरी दिन भारत को जीत के लिए 324 रन बनाने थे। रोहित शर्मा के दिन के सातवें ओवर में सात के निजी स्कोर पर आउट होने के बाद यह चुनौती और मुश्किल हो गई थी। लेकिन गिल, पंत जैसे युवा कंधों ने पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ मिलकर टीम की जीत की इबारत लिखी।

रोहित के जाने के बाद गिल और पुजारा ने 114 रनों की साझेदारी कर भारत की जीत की उम्मीदों को जगा दिया। भारत ने पहले सत्र में रोहित का विकेट ही खोया था।

युवा बल्लेबाज गिल अपने तीसरे टेस्ट मैच में ही शतक की ओर बढ़ रहा था लेकिन नौ रन पहले ही नाथन लॉयन ने गिल को स्टीव स्मिथ को आउट कर भारत को 132 के कुल स्कोर पर दूसरा झटका दिया। गिल ने 146 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्कों की मदद से 91 रन बनाए।

कप्तान अजिंक्य रहाणे 24 रन ही बना सके और 167 के कुल स्कोर पर पैट कमिंस की गेंद पर आउट हो गए। वह हालांकि भारत को जीत दिलाने की मानसिकता से मैदान पर आए थे। यह अलग बात है कि वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो सके।

कप्तान के जाने के बाद पंत ने मैदान पर कदम रखा। चायकाल तक भारत ने तीन विकेट खोकर 183 रन बना लिए थे। आखिरी सत्र में भारत को जीत के लिए 145 रनों की दरकार थी।

चायकाल के बाद पुजारा के आउट होने के बाद भारत को एक और बड़ा झटका लग गया। अर्धशतक पूरा करने के बाद पुजारा 228 के कुल स्कोर पर कमिंस का शिकार बन गए। पुजारा और पंत ने चौथे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। पुजारा ने 211 गेंदों पर 56 रन बनाए और सात चौके मारे।

पुजारा के जाने के बाद पंत ने थोड़ी आक्रामकता दिखानी शुरू की। इसी बीच मयंक अग्रवाल (9) लूज शॉट खेल कर कमिंस की गेंद पर मैथ्यू वेड को शॉर्ट एक्सट्रा कवर पर कैच दे बैठे।

पंत हालांकि बिल्कुल भी घबराए नहीं। शांत रहते हुए उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर (22) के साथ एक और 53 रनों की अहम साझेदारी कर भारत को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। यही वो साझेदारी थी, जिसने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

भारत को जीत के लिए जब 10 रन चाहिए थे तब सुंदर भी आउट हो गए। शार्दूल ठाकुर भी दो रन बनाकर आउट हो गए। पंत ने चौका मार भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। पंत 89 रनों पर नाबाद रहे। उन्होंने 138 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का मारा। पंत को उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

आस्ट्रेलिया के लिए कमिंस ने चार। उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। अपना 100वां टेस्ट खेल रहे लॉयन ने दो और हेजलवुड ने एक विकेट लिया। (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 4:06 PM 141

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारत ने यहां गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चौथे और एवं आखिरी टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 328 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना तीसरा सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है। भारत ने यहां गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चौथे और एवं आखिरी टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा दिया। भारत को जीतने के लिए 328 रनों का मुश्किल लक्ष्य मिला था जो उसने मैच के आखिरी दिन मंगलवार को सात विकेट खोकर आखिरी सत्र में हासिल कर लिया।

भारत का टेस्ट क्रिकेट में यह तीसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है, जिसे उसने हासिल किया है। वहीं, आस्ट्रेलिया में किसी भी टीम द्वारा हासिल किया गया यह तीसरा बड़ा स्कोर है।

इसी के साथ भारत ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। भारत ने पिछले आस्ट्रेलिया दौरे पर 2018-19 में यह ट्रॉफी आस्ट्रेलिया में ही जीती थी।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का भारत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ है। भारत ने 1975-76 में पोर्ट आफ स्पेन में खेले गए टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 406 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था, जोकि टेस्ट क्रिकेट में उसका सबसे बड़ा हासिल किया गया लक्ष्य है।

भारत ने अपना दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य 2008-09 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ हासिल किया था, जब उसने इंग्लैंड से मिले 387 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था।

भारत ने चौथा सबसे बड़ा लक्ष्य वेस्टइंडीज के खिलाफ नई दिल्ली में 2011-12 में हासिल किया था, जब उसने 276 रनों का टारगेट अचीव किया था। इसके अलावा भारतीय टीम 2001 में कैंडी में श्रीलंका के खिलाफ भी 264 रनों के लक्ष्य को हासिल कर चुका है।

टेस्ट में आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है, जिन्होंने 2008-09 में 414 रनों के विशाल लक्ष्य को हासिल किया था।

इसके बाद इंग्लैंड का नंबर आता है, जिन्होंने 1928-29 में मेलबर्न में 332 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 4:03 PM 141

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | भारतीय क्रिकेट टीम मंगलवार को आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में पहले स्थान पर पहुंच गई है। भारत ने आस्ट्रेलिया को चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दे पहला स्थान हासिल किया। इसी के साथ भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है।

आस्ट्रेलिया ने एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में जीत हासिल की थी। इस टेस्ट में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रनों पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम ने मेलबर्न में टेस्ट मैच जीता और सिडनी जबरदस्त खेल दिखाते हुए मैच ड्रॉ कराया। इसके बाद ब्रिस्बेन में निर्णायक टेस्ट मैच में तीन विकेट से जीत हासिल करते हुए सीरीज भी अपने नाम की।

भारत के अब 71.7 प्रतिशत अंक हैं और इतने अंकों के साथ वह पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर न्यूजीलैंड हैं जिसके 70 प्रतिशत अंक हैं। आस्ट्रेलिया 69.2 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है।

आईसीसी ने ट्वीट किया, "भारत शीर्ष पर है। गाबा में मिली शानदार जीत के बाद भारत आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप रैंकिंग में पहले स्थान पर आ गया है। आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर खिसक गई है।"

भारत का पहले स्थान पर आने का कारण ब्रिस्बेन में मिली शानदार जीत है। भारत को अब इंग्लैंड के साथ होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से जीतना होगा और वह जून में लॉर्डस में होने वाले टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी।

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत पांच फरवरी से चेन्नई से हो रही है। (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 3:49 PM 14

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर, 19 जनवरी। विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बगदरी में इंदिरा गांधी स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फाइनल मैच के मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश सदस्य विक्रमादित्य सिंहदेव रहे। प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर की 24 टीमों ने भाग लिया था। बगदरी एवं आमगांव की टीम फाइनल में पहुंची, जिसमें करमपुर की टीम ने बगदरी टीम को 6-2 गोल से पराजित कर विजयश्री का खिताब जीता।

 विक्रमादित्य सिंह देव ने कहा कि जीवन में अच्छी तालीम के साथ खेलकूद भी जरूरी है। विजेता एवं उपविजेता टीम को बेहतर खेल के प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप इसी तरह निरंतर खेलते रहें और अपने ग्राम ब्लाक जिला राज्य का नाम रोशन करें और शोहरत के बुलंदी को छुये।

ग्राम बगदरी के ग्रामवासियों ने मैदान में बाउंड्री वॉल  निर्माण कराये जाने की मांग रखी।  ग्रामीणों के मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए सिंह देव ने जल्द से जल्द ग्राउंड में बांडरीवाल निर्माण कराये जाने के लिए आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि के करकमलों से विजेता टीम आमगांव को 10000 एवं शील्ड एवं उपविजेता टीम बगदर्री को 7000 शील्ड का पुरस्कार  का वितरण किया गया।

इस दौरान नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष रमेश जायसवाल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नरेंद्र पांडे, इरशाद खान पूर्व जनपद सदस्य धर्मेंद्र झारिया रमजान खान, अमितबारी पार्षद ग्राम सरपंच सूरज सिंह, सिंगल सिंह कुन्जल सिह, अनीता सिह दर्शक ग्रामवासी काफी संख्या में मौजूद रहे ।

 


19-Jan-2021 3:47 PM 15

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 19 जनवरी। जिले के चिकपाल गांव में क्रिकेट स्पर्धा हुई। फाइनल मैच में चिकपाल और जीरमपाल की टीम पहुंची और विजयी चिकपाल की टीम हुई। प्रथम व द्वितीय पुरस्कार के इनाम जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी की तरफ से दिया गया। फाइनल मैच के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव दुर्गेश राय और नगर कांग्रेस के महामंत्री राजेश पहुंचे। उन्होंने  खिलाडिय़ों को संबोधित किया। इसके बाद अपने कर कमलों से इनाम वितरण किया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष पोटला बोजैया, कांग्रेसी कार्यकर्ता सहित जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे।


19-Jan-2021 2:17 PM 33

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में नाबाद 89 रनों की पारी खेल भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने कहा है कि यह उनके 'जीवन का सबसे बड़ा पल है।' आस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 328 रनों की चुनौती रखी थी, जिसे भारत ने मैच के अंतिम दिन मंगलवार को सात विकेट खोकर हासिल कर लिया।

पंत को उनकी बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ दे मैच चुना गया।

पंत ने कहा, "यह मेरे जीवन का अभी तक सबसे बड़ा पल है। मैं इस बात से खुश हूं कि सपोर्ट स्टाफ और मेरी टीम के सभी साथियों ने तब मेरा साथ दिया जब मैं खेल नहीं रहा था। यह सपने जैसी सीरीज रही है।"

उन्होंने कहा, "टीम प्रबंधन ने हमेशा मेरा साथ दिया और हमेशा कहा कि आप मैच विजेता खिलाड़ी हो और आपको टीम के लिए मैच जीतने हैं। मैं हर दिन सोचता रहता था कि मुझे भारत के लिए मैच जीतने हैं और यह मैंने आज किया।"

भारत ने इस जीत के साथ चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 2:16 PM 27

ब्रिस्बेन, 19 जनवरी | आस्ट्रेलिया को यहां ब्रिस्बेन के गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में 32 साल बाद पहली बार किसी टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही गाबा पर भारत की यह अब तक की पहली जीत है। इससे पहले 2003 में भारत ने आस्ट्रेलिया को इस मैदान पर बराबरी पर रोका था। भारतीय क्रिकेट टीम ने मंगलवार को यहांोौथे टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा दिया। इसके साथ भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। साथ ही भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी अपने पास बरकरार रखा है।

आस्ट्रेलियाा को इस मैदान को पिछली हार नवंबर 1988 में मिली थी, जब वेस्टइंडीज ने उसे नौ विकेटों से करारी शिकस्त दी थी। उस हार के बाद आस्ट्रेलिया को 32 साल बाद गाबा के मैदान पर एक बार फिर से हार मिली है और इस बार उसे भारत ने धूल चटाई है।

आस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर अब तक 56 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से उसने 33 जीते हैं, 13 ड्रॉ रहे हैं जबकि केवल नौ में ही उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं, एक मैच टाई रहा है।

आस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच दिसंबर 1931 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, जब उसने पारी और 163 रनों से बड़ी जीत दर्ज की थी। इसके बाद उसे इंग्लैंड के हाथों यहां लगातार दो हार झेलनी पड़ी थी।

हालांकि इसके बाद कंगारूओं ने वापसी की थी 1958 तक लगातार आठ टेस्ट मैच जीते थे। भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर आस्ट्रेलिया के साथ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था, जहां उसे 39 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

भारत को गाबा मैदान पर इससे पहले अब तक एक भी जीत नहीं मिली थी अब मंगलवार को तीन विकेटों से मिली जीत, उसकी इस मैदान पर अब तक की पहली जीत है।

इस मैच से पहले आस्ट्रेलिया अपने घरेलू मैदान गाबा में 1989 से 2019 तक लगातार 31 मैचों से अजेय चल रही थी, जोकि विश्व टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड था।

इस मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड सबसे अच्छा है, जो अपने अपने घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में अजेय रहा है। पाकिस्तान 1955 से 2000 तक कराची के नेशनल स्टेडियम में सबसे ज्यादा लगातार 34 मैचों में अजेय रहा है।

वहीं, वेस्टइंडीज किंगस्टन के ओवल में 1948 से 1993 तक लगातार 27 मैचों में अजेय रहा है जबकि इंग्लैंड 1905 से 1954 तक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर लगातार 25 मैचों में अजेय रहा है। (आईएएनएस)

 


19-Jan-2021 2:08 PM 17

नई दिल्ली: टीम इंडिया ने जबर्दस्‍त प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को यहां चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराकर चार मैचों की सीरीज 2-1 से जीतकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी. ब्रिस्‍बेन टेस्‍ट की चौथी पारी में भारत के सामने 328 रन का लक्ष्य था जो ऑस्‍ट्रेलिया के मजबूत आक्रमण के लिहाज से मुश्किल माना जा रहा था. लेकिन शुभमन गिल, चेतेश्‍वर पुजारा और ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की शानदार अर्धशतकीय पारियों की बदौलत टीम ने यह टारगेट जो उसने छह विकेट खोकर हासिल किया. शुभमन गिल ने 91, ऋषभ पंत ने नाबाद 89 और चेतेश्वर पुजारा ने 56 रन बनाए.सिराज, शारदुल, वाशिंगटन सुंदर और शुभमन गिल और नटराजन जैसे नए प्‍लेयर्स ने भी जीत में अपनी चमक दिखाई. ऑस्ट्रेलिया की गाबा मैदान पर पिछले 32 वर्षों में यह पहली हार है जबकि भारत ने यहां अपनी पहली जीत दर्ज की है. भारत की इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई पूर्व खिलाडि़यों ने टीम को बधाई दी है. भारतीय क्रिेकेट कंट्रोल बोर्ड ने जीत पर टीम को पांच करोड़ रुपये का बोनस देने की घोषणा की है.

यह सीरीज जीत इस मायने में भी उल्‍लेखनीय है कि विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, शमी, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, उमेश यादव और हनुमा विहारी जैसे प्‍लेयर्स आखिरी टेस्‍ट में नहीं खेले और अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण ऑस्‍ट्रेलिया के सामने था. इस सीरीज में ऑस्‍ट्रेल‍ियाई  पिछली बार की तरह स्‍टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के उपलब्‍ध नहीं होने का बहाना भी नहीं बना सकते. भारतीय जांबाजों ने ऑस्‍ट्रेलिया को उसके घर में ही हराकर टिम पेन ब्रिगेड को चारों खाने चित कर दिया.  (khabar.ndtv.com)
 


19-Jan-2021 2:07 PM 14

-विशाल कुमार

ब्रिसबेन टेस्ट मैच को जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया है. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चौथे टेस्ट मैच में विकेट 3 से हरा दिया. भारत की ओर से ऋषभ पंत (Rishabh pant) ने कमाल करते हुए 89 रन की पारी खेली. भारत की इस ऐतिहासिक जीत में पंत और शुबमन गिल हीरो साबित हुए. गिल ने जहां 91 रन बनाए तो वहीं पंत ने तेजी से रन बनाकर भारत को गाबा के मैदान पर पहली जीत दिलाई. 4 टेस्ट मैचों की सीरीज को भारत ने 2-1 से जीतने में सफलता पाई. पंत के अलावा 56 रन की जुझारू पारी पुजारा ने खेली है. भारत ने 328 रनों के लक्ष्य को हासिल कर गाबा में सबसे ज्यादा रनों को सफलतापूर्वक चेज करने का रिकॉर्ड बना दिया है. वहीं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत का यह यह तीसरा सबसे बड़ा रन चेस करते हुए जीत है. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया 33 साल से इस मैदान पर कोई टेस्ट मैच नहीं हारा था लेकिन भारतीय टीम ने शानदार पऱफॉर्मेंस कर भारत को जीत भी दिलाई और इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में पहली हार भी चखाई. भारत ने ऑस्टे्रेलिया की धरती पर लगातार दूसरी बार टेस्ट सीरीज जीतने का कमाल कर दिखाया है. इससे पहले 2018-19 में भी ऑस्ट्रेलिया को भारत ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज हराया था.

टेस्ट मैच के चौथे दिन शुबमन गिल ने रोहित शर्मा के साथ पारी आगाज किया, लेकिन रोहित कोई खास कमाल नहीं कर पाए और केवल 7 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद गिल और पुजारा ने भारतीय पारी को संभाला. दोनों ने मिलकर 114 रन की साझेदारी दूसरे विकेट के लिए की, गिल 91 रन बनाकर आउट हुए. शुबमन के आउट होने के बाद रहाणे बल्लेबाजी के लिए आए. रहाणे ने भले ही 24 रन की पारी खेली लेकिन उन्होंने तेजी से रन बनाकर भारत के इरादे साफ जाहिर कर दिए थे.  कमिंस ने रहाणे को 24 रन पर आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया था. इसके बाद रहाणे के आउट होने के बाद पंत और पुजारा ने जमकर बल्लेबाजी की. दोनों ने आपस में चौथे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी की. पुजारा 56 रन बनाकर आउट हुए.

पुजारा के आउट होने के बाद भी पंत ने पारी को आगे बढ़ाया. हालांकि मयंक अग्रवाल भी कुछ खास नहीं कर पाए लेकिन सुंदर ने पंत का साथ देकर भारत के लिए लक्ष्य आसान कर दिया, सुंदर ने 22 रन की पारी खेली. पंत को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया.  (khabar.ndtv.com)


19-Jan-2021 1:11 PM 11

-सोनाली विष्णु शिंगेट

भारतीय कबड्डी खिलाड़ी सोनाली विष्णु शिंगेट ने जब अपनी ट्रेनिंग शुरू की थी तब उनके पास जूते तक नहीं थे. उनके परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो उनके लिए जूते खरीद कर दे सके.

यह अकेली ऐसी चुनौती नहीं थी जिसका सामना उन्हें करना पड़ा था. उन्हें सिर्फ़ 100 मीटर तक दौड़ने में भी बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी. उन्हें इसके लिए अपने पैरों और पेट की मांसपेशियों को और मज़बूत करने की जरूरत थी. इसके लिए वो अपने पैरों में वजन बांधकर दौड़ती और कसरत करती थी.

सुबह में कड़ी मेहनत और शाम में मैच खेलने के बाद उन्हें देर रात पढ़ाई करने के लिए उठना पड़ता था. अगली सुबह उन्हें परीक्षा देने के लिए जाना होता था.

उनके परिवार ने साफ तौर पर उन्हें कह रखा था कि पढ़ाई की क़ीमत पर स्पोर्ट्स मंजूर नहीं है.

लेकिन पढ़ाई पर ज़ोर देने के बावजूद उनका परिवार अपने सीमित संसाधनों के साथ उनके साथ खड़ा था.

सोनाली के पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे और उनकी शारीरिक रूप से अक्षम मां खाने-पीने की छोटी-सी एक दुकान चलाती थी.

आख़िरकार सारी बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कई प्रतिस्पर्धाओं में जीत भी हासिल की.

आसान नहीं थी राह
सोनाली विष्णु शिंगेट का जन्म 27 मई 1995 को मुंबई के लोअर परेल में हुआ था. उन्होंने महर्षि दयानंद कॉलेज से पढ़ाई की है.

वो बचपन से क्रिकेट खेलना पसंद करती थीं लेकिन उनका परिवार आर्थिक तंगी की वजह से उनके इस शौक को पूरा नहीं कर सकता था.

बाद में कॉलेज के दिनों में उन्होंने कबड्डी में दिलचस्पी लेना शुरू किया. तब उन्होंने इसे लेकर कोई गंभीर योजना नहीं बना रखी थी.

कॉलेज के दिनों में उन्होंने राजेश पाडावे से ट्रेनिंग लेना शुरू किया. राजेश स्थानीय शिव शक्ति महिला संघ क्लब के कोच हैं.

उन्होंने सोनाली को अपना जूता और किट दिया. सोनाली ने ट्रेनिंग में खूब पसीना बहाया और कभी भी कोई कोताही नहीं बरती.

अपनी सफलता के पीछे सोनामी अपने परिवार के साथ-साथ, अपने कोचों और गौरी वाडेकर और सुवर्णा बारटक्के जैसे सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका गिनवाना नहीं भूलती.

कुछ सालों के अंदर सोनाली ने वेस्टर्न रेलवे ज्वाइन कर लिया था जहाँ कोच गौतमी अरोस्कर ने उन्हें उनका खेल निखारने में मदद की.

अहम पड़ाव
साल 2018 में हुआ फेडरेशन कप टूर्नामेंट सोनाली शिंगेट की ज़िंदगी का एक अहम पड़ाव साबित हुआ. वो इस टूर्नामेंट में जीतने वाली इंडियन रेलवे टीम का हिस्सा थीं. इंडियन रेलवे की टीम ने हिमाचल प्रदेश की टीम को हराया था.

इससे पहले 65वें राष्ट्रीय कबड्डी चैम्पियनशिप में हिमाचल प्रदेश की टीम ने इंडियन रेलवे की टीम को हराया था.

सोनाली के लिए यह जीत उनके करियर में एक अहम मोड़ लेकर आया. उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कोचिंग कैम्प के लिए चुन लिया गया. इसके बाद फिर जकार्ता में होने वाले 18वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में उनका चयन हुआ.

जकार्ता में जिस भारतीय टीम ने रजत पदक जीता वो उस टीम का हिस्सा थीं. इसके अलावा 2019 में काठमांडु में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम की भी वो सदस्य थीं. इसने सोनाली की उपलब्धियों को एक नई पहचान दी.

महाराष्ट्र सरकार ने 2019 में उन्हें राज्य का सबसे बड़ा खेल सम्मान शिव छत्रपति देकर सम्मानित किया.

इसके अगले साल 2020 में उन्हें 67वीं राष्ट्रीय कबड्डी चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया.

सोनाली कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेना चाहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं.

वो कहती हैं कि जैसे पुरुषों के लिए प्रो कबड्डी लीग आयोजित किया जाता है, वैसे ही भारत में महिला कबड्डी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोफ़ेशनल लीग के आयोजन की ज़रूरत है.

(यह लेख बीबीसी को ईमेल के ज़रिए सोनाली विष्णु शिंगेट के भेजे जवाबों पर आधारित है.) (bbc.com)


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