खेल

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03-Jun-2020 6:44 PM

नई दिल्ली, 3 जून। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया में काफी बदलाव आए थे। गांगुली आक्रामक कप्तान थे और उन्होंने टीम को भी उसी तरह से तैयार किया। गांगुली के समय में हालांकि टीम इंडिया के खिलाडिय़ों की फिटनेस कुछ खास नहीं हुआ करती थी। उस समय यो-यो टेस्ट नहीं होता था, लेकिन खिलाडिय़ों को बीप टेस्ट पास करना होता था। टीम में बने रहने के लिए बीप टेस्ट में कप्तान गांगुली महज पासिंग मार्क ला पाते थे। टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने इसका खुलासा किया है।

कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के तमाम क्रिकेट इवेंट्स स्थगित या रद्द हो चुके हैं। इस बीच क्रिकेटर्स सोशल मीडिया के जरिए फैन्स के साथ जुड़े हुए हैं। यूसुफ पठान और मोहम्मद कैफ के बीच लाइव इंस्टाग्राम चैट के दौरान बीच में इरफान पठान कूद पड़े थे। दरअसल क्रिकेटरों की फिटनेस की चर्चा हो रही थी, जिस पर कैफ ने कहा था कि अगर हमारे समय पर यो-यो टेस्ट होता तो मैं, लक्ष्मीपति बालाजी और युवराज सिंह ही वो टेस्ट पास कर पाते। इस पर इरफान बीच में कूदे और कहा- हम क्या चने बेच रहे थे।

इसके बाद पठान ने खुलासा किया कि गांगुली बीप टेस्ट में जो बेंचमार्क सेट किया था, बस वहीं तक पहुंचकर किसी तरह टेस्ट पास किया करते थे। पठान ने कहा, लेकिन मुझे याद है कि दादा किसी तरह 12 (पासिंग मार्क) के स्कोर के साथ किसी तरह फिटनेस टेस्ट पास करते थे।

कैफ को अपने समय का बेस्ट फील्डर कहा जाता है, वहीं इरफान पठान के करियर का आगाज धांसू रहा था, हालांकि दोनों ही क्रिकेटर भारत के लिए ज्यादा इंटरनैशनल मैच नहीं खेल सके। इरफान ने भारत के लिए 29 टेस्ट, 120 वनडे इंटरनैशनल और 24 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले, जबकि कैफ ने 13 टेस्ट, 125 वनडे इंटरनैशनल मैच खेले हैं। (लाइव हिन्दुस्तान)


03-Jun-2020 6:43 PM

कोलकाता, 3 जून। प. बंगाल में 20 मई को आए अम्फान तूफान ने राज्य में भारी तबाही मचाई थी, जिसका शिकार एक फुटबॉलर का परिवार भी हो गया है। अपने करियर में कई बार करारे शॉट रोककर टीम को जीत दिलाने वाले गोलकीपर मिथुन सामंत आज मुसीबत में हैं। अम्फान तूफान से उनका घर, खेत सबकुछ उजड़ गया। आज से आलम है कि उनके पास छत तक नहीं है।

दक्षिण 24 परगना के बुदाखली गांव के रहने वाले 27 वर्षीय सामंत के घर की छत आधी रह गयी है और वह जर्जर अवस्था में है। मिट्टी की उसकी दीवारें टूट गयी हैं। परिवार के एकमात्र कमाई करने वाले सामंत अब इस विपदा से उबरने की कोशिशों में लगे हैं।

हाल में रीयल कश्मीर फुटबाल क्लब से जुडऩे वाले सामंत ने  कहा, चक्रवात अम्फान ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी। मिट्टी से बना हमारा घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हमारे सिर के ऊपर छत नहीं है और दो दीवारें गिर गयी हैं। एक अन्य दीवार टूटने की स्थिति में है। हमारी खेती भी बर्बाद हो गयी है। मुरी गंगा नदी उनके घर से केवल 600 किमी की दूरी पर है और वह उनके लिये खतरा बनी हुई जो चक्रवात से किसी तरह से बच गये हैं। मिथुन ने दावा किया, हर दिन सूर्यास्त से पहले मैं मुरी गंगा नदी के तट पर जाकर देखता हूं कि उसमें पानी का स्तर कितना है और वह अपने घर से कितनी दूर रह गयी है। जिस तेजी से नदी अपने किनारों को काट रही है उसे देखते हुए हमें जल्द ही रहने के लिये नयी जगह ढूंढनी पड़ सकती है।

परिवार पालने में खत्म हो गए पैसे

सामंत ने तीन साल पहले ही पेशेवर फुटबाल खेलनी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि वह जितनी भी कमाई करते हैं वह परिवार पालने में ही खर्च हो जाते हैं जबकि उनके पिता सुपारी की खेती करते हैं। कभी मोहन बागान की तरफ से खेलने वाले सामंत ने कहा, लोग पूछ सकते है कि मैंने पर्याप्त बचत क्यों नहीं की। मैं केवल तीन साल से खेल रहा हूं और मैंने जितनी भी कमाई की वह परिवारिक खर्चों में समाप्त हो गयी। मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है लेकिन मेरे पास अपना घर बनाने या खेती फिर से शुरू करने के लिये पैसे नहीं हैं। पिछले दो सप्ताह से इस परिवार की नींद उड़ी हुई है। इस गोलकीपर ने कहा कि वे टूटी छत और दीवारों को ढकने के लिये तिरपाल और प्लास्टिक शीट का उपयोग कर रहे हैं।

मिथुन ने कहा, 13 दिन हो गये लेकिन अभी तक हमारे क्षेत्र में फिर से बिजली नहीं आ पायी है। सामंत ने 20 मई की घटना को याद करते हुए कहा, हम बाल-बाल बचे। छत टूट गयी और कुछ देर बाद कमरों में पानी भर गया। हम पास में ही अपने रिश्तेदार के घर चले गये। हमारी किस्मत अच्छी थी जो किसी को चोट नहीं लगी। इस फुटबॉलर से पूछा गया कि क्या उन्होंने किसी से मदद के लिये कहा है तो उन्होंने बताया कि मोहन बागान के उनके पूर्व साथी शिल्टन पॉल हाल में उनके पास आये थे और उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है।

पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास को मिथुन की वित्तीय स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही उनसे संपर्क करने की कोशिश करेंगे। बिस्वास ने पीटीआई से कहा, चक्रवात अम्फान से प्रभावित सभी खिलाडिय़ों को हमारी सरकार से मदद मिली है। कोई भूखा नहीं रहेगा। हम मिथुन की मदद करेंगे। (भाषा)

 


03-Jun-2020 6:42 PM

नई दिल्ली, 3 जून । क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों में नस्लभेद की बातें काफी सुनने को मिली है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल इसको लेकर बहुत ही ज्यादा सख्त है। वेस्टइंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल ने  कहा कि नस्लभेद सिर्फ फुटबॉल में नहीं है बल्कि क्रिकेट में भी है।

दुनियाभर में अपनी बिंदास अंदाज के लिए जाने जाने वाले वेस्टइंडीज के विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल ने बहुत ही गंभीर मुद्दे पर अपनी राय दी है। गेल ने यह बात अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति जार्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कही है।

गेल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, अश्वेत लोगों की जिंदगी भी दूसरों की जिंदगी की तरह मयाने रखती है। अश्वेत लोग मायने रखते हैं (ब्लैक लाइव्स मैटर)। मैंने पूरा विश्व घूमा है और नस्लभेदी बातें सुनी हैं क्योंकि मैं अश्वेत हूं। विश्वास मानिए। यह फेहरिस्त बढ़ती चली जाएगी। नस्लभेद सिर्फ फुटबॉल में नहीं है, यह क्रिकेट में भी है। यहां तक कि टीमों के अंदर भी एक अश्वेत होने के तौर पर मुझे अहसास हुआ है।

मैनचेस्टर युनाइटेड और इंग्लैंड के फुटबॉल खिलाड़ी माक्र्स  रशफोर्ड ने भी फ्लॉयड की मौत के बाद कहा था कि यह समाज पहले से ज्यादा बंटा हुआ लगता है।

पिछले साल नवंबर में माउंट माउंगानुई में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान एक दर्शक ने जोफ्रा आर्चर पर नस्लीय टिप्पणी की थी। इस मैच के आखिरी दिन आर्चर पर मैदान से जाते वक्त यह टिप्पणी की थी इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर इस बात को षेयर किया था। इस घटना पर जांच के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने आर्चर पर टिप्पणी करने वाले दर्शक पर घरेलू और इंटरनेशनल मैच देखने पर 2 साल की पाबंदी लगा दी थी।(आइएएनएस)

 


03-Jun-2020 6:41 PM

नई दिल्ली, 3 जून । टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की नई गाइडलाइंस के बारे में बात की। कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के तमाम क्रिकेट इवेंट्स मार्च के बाद से स्थगित या रद्द हो चुके हैं और अब एक बार फिर इंटरनैशनल क्रिकेट की वापसी की तैयारी हो रही है। इस बीच आईसीसी ने कुछ नई गाइडलाइंस बनाई हैं, जिसके तहत गेंदबाज अब गेंद पर लार (सलाइवा) या पसीना नहीं लगा सकेंगे। इसको लेकर दुनिया के तमाम बड़े तेज गेंदबाजों ने चिंता जाहिर की, लेकिन शमी इससे ज्यादा चिंतित नहीं हैं।

शमी ने कहा कि सलाइवा पर प्रस्तावित बैन के बावजूद वो गेंद को रिवर्स स्विंग करा सकते हैं बशर्ते गेंद की चमक बरकरार रखी जाए। शमी ने रोहित जुगलान के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान कहा, 'मुश्किलें होंगी। बचपन से ही हम लार के इस्तेमाल के आदी हैं। अगर आप तेज गेंदबाज हैं तो अपने आप ही गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल करने लगते हो लेकिन हां, अगर आप सूखी गेंद की चमक को बरकरार रख पाए तो यह निश्चित तौर पर रिवर्स स्विंग करेगी।

पूर्व भारतीय दिग्गज अनिल कुंबले की अगुवाई वाली इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने कहा था कि खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए पसीने का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन शमी ने कहा कि इससे तेज गेंदबाज को मदद नहीं मिलेगी। रिवर्स स्विंग में माहिर शमी ने कहा, पसीना और लार अलग तरीके से काम करते हैं। मुझे नहीं लगता कि इससे मदद मिलेगी। मैंने कभी लार के बिना गेंदबाजी की कोशिश नहीं की। अब कोरोना वायरस महामारी के कारण लार के इस्तेमाल को रोकना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। शमी ने कहा, लार रोकना बहुत जरूरी है, एक तेज गेंदबाज के तौर पर आपको बहुत ज्यादा टेंशन नहीं लेनी चाहिए। अल्लाह का करम है कि स्किल्स हैं ऐसी कि बिना लार के भी गेंद को रिवर्स स्विंग करा सकता हूं। इसको लेकर ज्यादा सोचने और टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।(एजेंसी)


03-Jun-2020 6:40 PM

नई दिल्ली, 3 जून। भारत के स्टार हरफनमौला हार्दिक पांड्या कमर की चोट के कारण फिलहाल टेस्ट क्रिकेट का जोखिम नहीं लेना चाहते और ऐसा इसलिये भी है क्योंकि उन्हें सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी उपयोगिता पता है। पंड्या ने सितंबर 2018 से टेस्ट नहीं खेला है। वह अब तक सिर्फ 11 टेस्ट खेले हैं लेकिन सीमित ओवरों में आक्रामक हरफनमौला के रूप में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। वह पिछले साल कमर के आपरेशन के बाद रिकवरी की ओर हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को बैकअप तेज गेंदबाज के रूप में देखता हूं । कमर की सर्जरी के बाद फिलहाल टेस्ट क्रिकेट खेलना चुनौतीपूर्ण होगा।’ उन्होंने कहा, ‘यदि मैं सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर होता तो खेल लेता लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि सीमित ओवरों के प्रारूप में मुझे अपनी उपयोगिता पता है।’

पांड्या को 2018 में चोट लगी थी जब उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच के दौरान मैदान से स्ट्रेचर से ले जाया गया। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मेरा करियर खत्म हो गया क्योंकि मैने कभी किसी को यूं स्ट्रेचर पर जाते हुए नहीं देखा। मेरा दर्द कम ही नहीं हो रहा था लेकिन मेरा शरीर तुरंत रिकवरी मोड में चला गया। एशिया कप वैसे भी आराम मिलने से पहले मेरा आखिरी टूर्नामेंट था जिसमें यह चोट लग गई।’

पिछले साल एक टीवी शो पर महिला विरोधी बयानबाजी के कारण विवादों से घिरे पंड्या ने कहा कि उन्होंने अपना सबक सीख लिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं उस घटना के बाद समझदार हो गया हूं।

मैने जिंदगी में गलतियां की लेकिन उन्हें स्वीकार भी किया। यदि ऐसा नहीं होता तो मैं एक और टीवी शो कर रहा होता। अब मैं उसे सोचकर परेशान नहीं होता क्योंकि हमने एक परिवार के रूप में उसे स्वीकार कर लिया।

 मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि मेरी गलती की सजा मेरे परिवार ने भुगती। ये स्वीकार्य नहीं है।’ (भाषा)


03-Jun-2020 6:39 PM

नई दिल्ली, 3 जून। अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की अमेरिका में एक पुलिस अधिकारी के हाथों मौत के बीच पूर्व टेनिस स्टार जेम्स ब्लैक ने पांच साल पुरानी घटना को याद किया है। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि न्यूयार्क में एक लंबा चौड़ा आदमी उनकी तरफ भाग रहा था, जो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी ही था। ब्लैक उस समय अमेरिकी ओपन खेलने न्यूयार्कमें थे और मैनहाटन होटल के बाहर खड़े थे।

उन्होंने कहा, मुझे लगा कि कोई प्रशंसक मेरी तरफ आ रहा है और कहेगा कि मैंने आपको खेलते देखा। मेरे बच्चे भी टेनिस खेलते थे। मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया।  उस व्यक्ति ने अश्वेत खिलाड़ी ब्लैक को हालांकि कोई और समझ लिया था, जिसकी क्रेडिट कार्ड घोटाले में उसे तलाश थी।

वीडियो में दिखा कि उस अंडरकवर अधिकारी ने ब्लैक का हाथ पकड़ लिया और उसे नीचे गिराकर हाथ बांध दिए। फ्लॉयड की मौत ने ब्लैक को वह घटना याद दिला दी। उन्होंने कहा, मैं काफी दुखी हूं कि यह आज तक होता आ रहा है। (एजेंसी)

उन्होंने कहा, मुझे पांच साल पुरानी घटना याद आ गई। पुलिस की वह बर्बरता, खासकर अश्वेतों के खिलाफ, आज भी जारी है। टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किए हैं।

अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पिछले सप्ताह मिनीपोलिस में हो गई थी। एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने अपने घुटने से उनकी गर्दन को दबाए रखा था, जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई और उनकी मौत हो गई। फ्लॉयड की मौत के बाद पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

 


02-Jun-2020 7:14 PM

नई दिल्ली, 2 जून । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह वर्तमान क्रिकेट में बेस्ट तेज गेंदबाजों में शुमार होते हैं। बहुत कम वक्त में उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर काफी कुछ हासिल कर लिया है। बुमराह का अनूठे बॉलिंग एक्शन और छोटे रन अप को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। उन्हें अपने बॉलिंग एक्शन की वजह से कई बार आलोचना का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता है। बुमराह ने आज जो मुकाम हासिल किया है, वह अपने दम पर किया है।

बुमराह ने अपने अनूठे गेंदबाजी एक्शन के लिए कहा, क्रिकेट खेलने की शुरुआत में मैं कभी किसी प्रोफेशनल कोच के पास नहीं गया था। जो भी मैंने सीखा खुद ही सीखा। मैंने जो भी देखा और सीखा वो सब टीवी और वीडियो देख कर सीखा इसलिए मुझे नहीं पता यह एक्शन कैसे आया। हमेशा कुछ लोग शक करते थे कि मुझे इस एक्शन को बदलना चाहिए या नहीं, लेकिन मैंने वास्तव में कभी भी उनकी बात नहीं सुनी है और मुझे हमेशा विश्वास था कि यह काम कर सकता है।

उन्होंने अपने छोटे रन अप का रहस्य बताते हुए भी कहा, रन-अप इसलिए छोटा है क्योंकि मेरे घर के पीछे बहुत ज्यादा जगह नहीं थी और हम बचपन में वहीं खेलते थे। वहां बहुत लम्बा रन अप लेने की जगह नहीं थी और छोटे रन अप का शायद यही कारण हो सकता हैं।

बुमराह ने कहा, जब मैं टेस्ट मैच खेलता हूं तो छोटे रन अप से मुझे मदद मिलती है, क्योंकि जब मैं अपना चौथा या पांचवां स्पैल डालता हूं तो मैं उन गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा तरोताजा होता हूं, जो मेरे साथ खेलते हैं और लम्बे रन-अप करते इस्तेमाल करते हैं।

किसी भी तेज गेंदबाज के लिए लय में होना बहुत महत्वपूर्ण है और बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज के बाद से अबतक गेंदबाजी नहीं की है। इसको लेकर उन्होंने कहा कि वह कड़ी मेहनत कर रहे है ताकि क्रिकेट के फिर से शुरू होने से पहले थोड़ी बहुत लय हासिल कर लें। कोरोना वायरस के कारण बंद पड़ी खेल गतिविधियों के फिर से शुरू होने को लेकर तेज गेंदबाज ने कहा, मुझे सच में नहीं पता कि यह कब शुरू होगा और जब आप दो-तीन महीने तक गेंदबाजी नहीं करते हैं तो शरीर कैसी प्रतिक्रिया देगा। इसलिए मैं लगातार अभ्यास करने की कोशिश कर रहा हूं ताकि जब भी मैदान खुले मैं थोड़ी बहुत लय हासिल कर सकूं। मैं सप्ताह के लगभग छह दिन अभ्यास कर रहा हूं, लेकिन मैंने लंबे समय से गेंदबाजी नहीं की है इसलिए मुझे नहीं पता कि जब मैं गेंदबाजी करना शुरू करूंगा तो शरीर कैसी प्रतिक्रिया देगा। बुमराह ने विकेट लेने के बाद खिलाडिय़ों के एक-दूसरे को ताली न देने पर अपनी सलाह देते हुए कहा, विकेट लेने के बाद मैं बहुत अधिक उत्साहित नहीं होता हूं और मैं ताली देने (हाई फाइव) वाला इंसान भी नहीं हूं इसलिए मुझे एक-दूसरे को ताली देने पर प्रतिबन्ध लगाए जाने से खास परेशानी नहीं हैं।(एजेंसी)


02-Jun-2020 7:12 PM

नई दिल्ली, 2 जून। हॉकी इंडिया ने भारतीय महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल के नाम की अनुशंसा खेलरत्न पुरस्कार के लिए की है जबकि वंदना कटारिया, मोनिका और हरमनप्रीत सिंह के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए भेजे गए हैं। मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए भारत के पूर्व खिलाड़ी आर पी सिंह और तुषार खांडकर के नाम भेजे गए हैं। कोच बी जे करियाप्पा और रमेश पठानिया के नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए भेजे हैं।

देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार के लिए एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2019 के बीच का प्रदर्शन आधार रहेगा। इस दौरान रानी की कप्तानी में भारत ने 2017 में महिला एशिया कप जीता और 2018 में एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। उसने एफआईएच ओलंपिक क्वॉलिफायर 2019 में भारत के लिए विजयी गोल करके टोक्यो ओलंपिक क्वॉलिफिकेशन दिलाया था।

रानी की कप्तानी में भारत एफआईएच रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंचा। विश्व खेल एथलीट का पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय रानी को 2016 में अर्जुन और 2020 में पद्मश्री मिल चुका है। भारत के लिए 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी वंदना और 150 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में हिस्सा ले चुकी मोनिका के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए भेजे गए हैं।दोनों हिरोशिमा में एफआईएच सीरिज फाइनल्स ,तोक्यो 2020 ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट और भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वॉलिफायर में भारत की जीत की सूत्रधार थीं।

भारतीय पुरुष टीम के ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह का नाम भी अर्जुन पुरस्कार के लिए भेजा गया है। उन्होंने भुवनेश्वर में एफआईएच सीरिज फाइनल्स में शानदार प्रदर्शन किया था। ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट 2020 में उन्होंने मनप्रीत सिंह की जगह कप्तानी की थी। पिछले साल रूस में ओलंपिक क्वॉलिफायर जीतने वाली भारतीय टीम का भी वह हिस्सा थे।

पूर्व खिलाड़ी आर पी सिंह और खांडकर के हॉकी को योगदान के लिए उनका नाम मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए भेजा गया है। वहीं करियप्पा का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए भेजा गया जो 2019 में जोहोर कप में रजत पदक जीतने वाली भारत की जूनियर पुरुष टीम के कोच थे।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने कहा, ''राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले सरदार सिंह पिछले हॉकी खिलाड़ी थे। रानी ने महिला हॉकी में नयी बुलंदियों को छुआ है और वह इस सम्मान की हकदार है।'' खेल मंत्रालय की एक समिति विजेताओं का चयन करेगी। पुरस्कार 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर दिए जाएंगे। (एजेंसी)

 


02-Jun-2020 7:11 PM

नई दिल्ली, 2 जून। बांग्लादेश के बल्लेबाज शब्बीर रहमान अकसर विवादों में रहते हैं, एक बाद फिर वो मुश्किलों में हैं, वजह ये है कि उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने घर के सामने कूड़ा उठाने वाले सफाईकर्मी से पहले तो बहस की, फिर उनकी पिटाई कर डाली।  क्रिकेट फैंस उनके इस रवैये पर बेहद खफा हैं।  फैंस का मानना है कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को एक तरह की हरकत नहीं करनी चाहिए, वो एक अच्छी मिसाल पेश नहीं कर रहे हैं।

28 साल के क्रिकेटर ने इस मामले में अपनी सफाई दी है और खुद को बेकसूर बताया है।  क्रिकेटर का कहना है कि जो कुछ भी हुआ उसमें उनकी कोई गलती नहीं है।  उन्होंने कहा,  मेरे घर के सामने कूड़े की गाड़ी खड़ी थी, मैं अपनी बीवी के साथ घर लौट रहा था, मैंने कहा, 'भाई आपने अपनी गाड़ी सडक़ के बीच में लगा रखी है, कोई भी आना और जाना नहीं कर पा रहा है।   कोई मरीज अगर इधर से गुजरना चाहेगा और आप सडक़ के बीच में बातें कर रहे हैं। (जी न्यूज)


02-Jun-2020 7:11 PM

नई दिल्ली, 2 जून । श्रीलंका के पूर्व कप्तान, लेजेंड्री बल्लेबाज विकेटकीपर और मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष कुमार संगकारा ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी की तुलना राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली की जोड़े से कर दी है।  ऐसे में उन्होंने इस जोड़ी को आज के युग की सबसे महान जोड़ी बताई है।  संगकारा ने कहा है कि जैसे पहले सौरभ और द्रविड़ बल्लेबाजी को आसान बनाते थे ठीक उसी तरह आज के युग में विराट और रोहित ऐसा काम कर रहे हैं।

संगकारा ने स्टार स्पोटर्स के शो पर कहा, अगर आप राहुल और दादा (गांगुली) को देखोगे तो यह दोनों परंपरागत बल्लेबाज थे।  यह दोनों खूबसूरत शॉट्स खेलते थे और तकनीकी तौर पर भी शानदार थे, द्रविड़ थोड़े ज्यादा।  लेकिन वह जिस गति से आक्रामक बल्लेबाजी करते थे वो काफी पसंद की जाती थी।

पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, अगर आप आज के युग को देखते हैं तो भारत के पास दो खिलाड़ी हैं विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो परंपरागत क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन हर प्रारूप में काफी आक्रामक हैं।  आपको गेंद को मारने के लिए ताकत की या उसे जोर से मारने की जररूत नहीं है।  यह लोग अच्छे क्रिकेट शॉट्स खेलते हैं और परिणाम अपने आप आते हैं।  संगकारा ने निरंतरता के लिए भी इन दोनों की तारीफ की। उन्होंने कहा, विराट और रोहित में कुछ विशेष है।  सच्चाई यह है कि नियम बदले हैं और बल्लेबाजी थोड़ी आसान हो गई है, लेकिन सभी प्रारूप में निरंतरता बड़ी बात है। वह टी-20 में काफी निरंतर हैं।  जितनी क्रिकेट भारतीय खिलाड़ी खेलते हैं उसको देखते हुए यह काफी मुश्किल है।(एबीपी न्यूज)


02-Jun-2020 7:10 PM

नई दिल्ली, 2 जून। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी की तारीफ की है। कोरोना वायरस के चलते आम लोगों को खाने-पीने को लेकर काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में कई लोगों की तरह शमी ने भी जरूरतमंदो तक भोजन, मास्क पहुंचाने का काम किया।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंगलवार को एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें शमी अपने घर के पास लोगों को जरूरत का सामान मुहैया करवा रहे हैं। शमी ने टैंट लगा रखा है जहां वह लोगों को भोजन और मास्क दे रहे हैं। वह बसों के यात्रियों को भी ये सामान दे रहे हैं।

बोर्ड ने इसके साथ कैप्शन लिखा, जब भारत कोरोना से लड़ रहा है मोहम्मद शमी आगे आकर लोगों की मदद कर रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश में अपने घर सहसपुर के पास नैशनल हाईवे 24 पर लोगों को खाने के पैकेट और मास्क बांट रहे हैं। इस जंग में हम सब साथ हैं।

गौरतलब है कि रणजी ट्रोफी में बंगाल की ओर से खेलने वाले शमी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले हैं। शमी लॉकडाउन के दौरान अपने घर पर ही हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो चैट के दौरान उन्होंने बताया था कि वह अपने गांव में आ चुके हैं।

शमी जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार दोपहर एक कार्यक्रम में बसों से जाने वाले प्रवासी मजदूरों और अन्य यात्रियों को खुद ही भोजन और फल बांटे। इस मौके पर शमी ने पत्नी हसीन जहां के आरोपों पर भी बात की। शमी ने कहा कि हसीन के सभी आरोप निराधार और झूठे हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि वह अपने आरोपों को साबित करके दिखाएं। शमी ने दोहराया कि उनका अब उनका हसीन से कोई मतलब नहीं है। शमी और हसीन की लड़ाई कोर्ट में भी चल रही है। (नवभारत टाईम्स)


02-Jun-2020 7:09 PM

किंगस्टन, 2 जून । वेस्टइंडीज के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान डेरेन सैमी ने मंगलवार को आईसीसी से आग्रह किया कि क्रिकेट जगत या तो नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाए या इस समस्या का हिस्सा कहलाने के लिए तैयार रहे। उन्होंने यह बयान अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की अमेरिका में मौत के बाद दिया है। एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने उसकी गर्दन अपने घुटने से दबा दी थी,  जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद से अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन जारी है।

सैमी ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट में अश्वेतों की समस्याओं के बारे में लिखा। उन्होंने ट्वीट किया, ताजा वीडियो देखने के बाद इस समय अगर क्रिकेट जगत अश्वेतों पर हो रही नाइंसाफी के खिलाफ खड़ा नहीं होगा तो उसे भी इस समस्या का हिस्सा माना जाएगा।सैमी ने कहा कि नस्लवाद सिर्फ अमेरिका में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अश्वेतों को झेलना पड़ता है।

उन्होंने सवाल दागा, आईसीसी और बाकी सभी बोर्ड को क्या दिखता नहीं है कि मेरे जैसे लोगों के साथ क्या होता है। मेरे जैसे लोगों के साथ हो रही सामाजिक नाइंसाफी क्या नजर नहीं आती।

उन्होंने कहा, यह सिर्फ अमेरिका में नहीं है। यह रोज होता है। अब चुप रहने का समय नहीं है। मैं आपकी आवाज सुनना चाहता हूं। सैमी ने कहा, लंबे समय से अश्वेत लोग सहन करते आये हैं। मैं सेंट लूसिया में हूं और मुझे जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का दुख है। क्या आप भी बदलाव लाने के लिए अपना समर्थन देंगे। हैशटैग ब्लैक लाइव्स मैटर।(एजेंसी)


02-Jun-2020 7:08 PM

नई दिल्ली, 2 जून । न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर इयान स्मिथ ने कहा है कि टी-20 क्रिकेट में विवियन रिचर्ड्स दर्शकों के पसंदीदा बल्लेबाज होते और फ्रेंचाइजी उन पर बेन स्टोक्स और पैट कमिंस जैसे मौजूदा सितारों पर खर्च की गई कुल रकम से भी ज्यादा दाम लगाने को तत्पर रहतीं। विश्व कप 1975 और 1979 के विजेता वेस्टइंडीज के रिचर्ड्स अपने दौर के सबसे आक्रामक बल्लेबाज रहे। उन्होंने 121 टेस्ट में 8540 और 187 वनडे में 6721 रन बनाए।

इयान स्मिथ ने आईसीसी की वीडियो सीरिज इनसाइड आउट  में कहा, मेरा मानना है कि विव रिचर्ड्स किसी भी दशक में किसी भी प्रारूप में बेहतरीन खिलाड़ी होते। उनका स्ट्राइक रेट देखो जो उस समय सबसे ज्यादा था। यह टी20 का स्ट्राइक रेट था जबकि यह प्रारूप उस समय था भी नहीं।

न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर का मानना है कि रिचर्ड्स अगर टी20 खेल रहे होते तो फ्रेंचाइजी में उन्हें लेने के लिए होड़ मची होती। कमिंस और स्टोक्स पर मिलाकर जितना खर्च हुआ है, टीमें उससे ज्यादा में उन्हें खरीदने को तत्पर होती। ये दोनों आईपीएल के सबसे महंगे क्रिकेटर हैं।

स्मिथ ने कहा, ''वह टी20 क्रिकेट में लीजैंड होते। उन पर कमिंस, स्टोक्स पर मिलाकर खर्च हुई रकम से ज्यादा दाम लगता। वह दर्शकों को जबर्दस्त मनोरंजन देते।  उन्होंने कहा, जब भी आप सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ विश्व एकादश चुनेंगे तो उनका नाम हमेशा जेहन में रहेगा।

उन्होंने कहा कि इतने साल में कईबल्लेबाजों ने कई रिकॉर्ड बनाए, लेकिन गेंदबाजी की धज्जियां उधेडऩे का ऐसा हुनर बिरला ही देखने को मिलता है।

स्मिथ ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ विकेटकीपर अब अतीत की बात हो गई है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अब यह बीते जमाने की बात हो गई। अब विकेटकीपर बल्लेबाजों का चलन है और यह सिलसिला एडम गिलक्रिस्ट से शुरू हुआ।  उन्होंने यह भी कहा कि रन बनाना विकेटकीपिंग के हुनर का विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, यदि मैं विराट कोहली, रोहित शर्मा या डेविड वॉर्नर का कैच शुरू में ही छोड़ दूं तो मेरे 40 रन बनाने का क्या फायदा।(एजेंसी)

 


01-Jun-2020 5:50 PM

नई दिल्ली, 1 जून । भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का कहना है कि कोरोना संकट के इस दौर में जब दोबारा क्रिकेट शुरू होगा तो वो पहले जैसा खेल रहेगा या नहीं। 
विराट कोहली ने सोशल मीडिया वेबसाइट इंस्टाग्राम पर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ एक लाइव बातचीत के दौरान ये बात कही। कोहली ने कहा, मुझे नहीं पता आगे क्या होने वाला है, ये सोचकर भी अजीब लगता है कि खेलते समय कभी आप अपने आप चाहेंगे कि साथी खिलाड़ी के साथ मिलकर ताली बचाएँ, पर आप वो नहीं कर सकते, आपको हाथ जोडऩा होगा और पीछे हट जाना होगा। 
उन्होंने आगे कहा, ये सुनने में अजीब लगता है, पर हो सकता है कि आगे ऐसा ही हो जाए, कम-से-कम तब तक जब तक कि कोई इलाज या टीका नहीं ढूँढ लिया जाता।  हालांकि, कोहली ने ये भी माना कि लोगों को इन नए बदलावों को स्वीकार करने में परेशानी नहीं होगी। 
भारतीय कप्तान ने कहा,हम सबको ये अजीब लगेगा, मगर इसे अपनी जि़ंदगी का हिस्सा बनाने में मुश्किल नहीं होगी। 
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी ने 22 मई को क्रिकेट के दोबारा शुरू होने के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए थे।  आईसीसी ने कहा है, एक चीफ मेडिकल ऑफिसर या बायोसेफ़्टी ऑफि़सर नियुक्त करने के बारे में सोचना चाहिए जो सरकारी नियमों का पालन करवाने और जैव-सुरक्षा की योजना को लागू करवाने के लिए जिम्मेदार होगा। 
दिशानिर्देश में साथ ही मैचों से 14 दिन पहले खिलाडिय़ों को अलग ट्रेनिंग कैंपों में रखने, उनका तापमान चेक करने, कोविड-19 की जाँच करने, खिलाडिय़ों के सामानों के सैनिटाइज़ेशन और सोशल डिस्टैंसिंग का अभ्यास करने की जरूरत भी बताई गई। 
कहा गया कि खेल के मैदानों में खिलाडिय़ों और अंपायरों को भी नियमों को मानना होगा जिसका मतलब ये है कि खिलाड़ी अब पहले की भांति अंपायर को टोपी, चश्मा, रूमाल, स्वेटर जैसी चीज़ें नहीं थमा सकेंगे।  अंपायरों को भी गेंदों को छूते समय दस्ताने पहनने पड़ सकते हैं। 
बॉल को सुरक्षित रखने के लिए खिलाडिय़ों को उस पर थूक नहीं लगाना होगा, और गेंद को छूने के बाद आँख, नाक, मुँह को नहीं छूना होगा।  आईसीसी ने कहा कि यात्रा के लिए चार्टर्ड विमानों और सीटों के बीच सुरक्षित दूरी बनाने पर भी विचार किया जाना चाहिए।  मार्च के महीने से ही एक भी अंतरराष्ट्री क्रिकेट मैच नहीं हो सका है। 
हालाँकि, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ एक सुरक्षित वातावरण में जुलाई में तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेलने की योजना बना रहे हैं।(बीबीसी) 

 


01-Jun-2020 5:50 PM

मैड्रिड, 1 जून। स्पेनिश लीग ला लीगा के पहले दो राउंड के मैचों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। ला लिगा के बाकी सभी मैच दर्शकों के बिना ही खेले जाएंगे। बार्सिलोना की टीम 13 जून को घर से बाहर रियल मार्लोका के खिलाफ होने वाले मुकाबले से अपने खिताब बचाओ अभियान की शुरुआत करेगा। कोविड-19 महामारी के कारण मार्च में लीग को स्थगित कर दी गई थी और अब 11 जून से फिर से इसकी शुरुआत होने जा रही है। लीग के फिर से बहाल होने के बाद 11 जून को पहले मुकाबले में सेविला का सामना रियल बेटिस से होगा।
स्पेनिश फुटबॉल लीग अगले दो सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी, जिसमें रीयल मैड्रिड अपने मैच क्लब के अभ्यास केंद्र पर खेलेगा। मैड्रिड का सामना 14 जून को ऐबार से है। यह मैच छह हजार की क्षमता चाले अलफ्रेडो डि स्टेफानो स्टेडियम पर खेला जाएगा जहां आम तौर पर क्लब की बी टीम खेलती है। सैंटयाबो बर्नाबू स्टेडियम पर निर्माण कार्य जारी है। ला लिगा के बाकी सभी मैच दर्शकों के बिना ही खेले जाएंगे। 
वहीं, मौजूदा चैंपियन बार्सिलोना की टीम 13 जून को घर से बाहर रियल मार्लोका के खिलाफ होने वाले मुकाबले से अपने खिताब बचाओ अभियान की शुरूआत करेगा। बार्सिलोना इसके बाद 16 जून को लेगनेस की मेजबानी करेगा जबकि 18 जून को रीयल मैड्रिड की टीम अपने घर में वालेंसिया से भिड़ेगी। गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, लीग के सभी मुकाबले बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे। रियल की टीम को अपने घर में अभी बाकी बचे छह मैच खेलने हैं। 
इससे पहले, ला लीगा के अध्यक्ष जेवियर तेबास ने कहा था कि 19 जुलाई तक जब तक स्पेन में सीजन पूरा नहीं हो जाता है तब तक प्रत्येक दिन मैच खेले जाएंगे, लेकिन आयोजकों ने फिलहाल शुरुआती दो राउंड के मैचों की ही तारीखें तय की है। 
बार्सिलोना की टीम इस समय अंकतालिका में 27 मैचों 58 अंकों के साथ टॉप पर है। रियल मेडिड की टीम 56 अंकों के साथ दूसरे और सेविला 47 अंकों के साथ टॉप तीन में कायम है। (एजेंसी)

 


01-Jun-2020 5:49 PM

कोलकाता, 1 जून। कुछ ही दिन पहले की बात है कि जब सोशल मीडिया पर महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज होने लगीं, उनका नाम ट्रेंड करने लगा, तब धोनी की पत्नी साक्षी धोनी ने एक ट्वीट करके ऐसा करने वालों को लताड़ लगाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने उस ट्वीट को हटा दिया था। खैर, अब साक्षी ने खुलकर इस पर बात की है और अपने पति के संन्यास लेने की खबरों पर हैरानी जताते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि इस पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान की नजरें अब भी राष्ट्रीय टीम में वापसी पर टिकी हैं।
धोनी पिछले एक साल से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं। वह पिछली बार भारत की ओर से न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में खेले थे जिसमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था और तभी से उनके भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने केंद्रीय अनुबंधित खिलाडिय़ों की सूची में भी इस बार उन्हें जगह नहीं दी।
चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के इंस्टाग्राम लाइव सत्र के दौरान साक्षी ने कहा, ‘वो लो प्रोफाइल रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान वह सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर हैं। मुझे नहीं पता कि ये चीजें कहां से आती हैं। मुझे बिलकुल नहीं पता। देखिये अगर आप सोशल मीडिया पर हैं तो आपको इन चीजों के लिए तैयार रहना होता है। लोगों का अपना नजरिया है। दो दिन पहले धोनी ने ‘संन्यास लिया’ ट्रेंड कर रहा था, जब भी कुछ होता है तो मेरे पास फोन और एसएमएस आने लगते हैं।’
ये अटकलें उस समय और प्रबल हो गई जब कोविड-19 महामारी के कारण इस साल होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग पर अनिश्चितता छा गई क्योंकि धोनी इस लुभावनी टी20 लीग के जरिए भारतीय टीम में वापसी पर नजरें टिकाए बैठे थे। साक्षी ने कहा, ‘बेशक हमें सीएसके की कमी खल रही है, नहीं पता कि आईपीएल होगा या नहीं। मेरी बेटी भी पूछ रही है कि यह कब होगी। देखते हैं।’
अगर क्रिकेट नहीं होता है तो पूरा परिवार उत्तराखंड के पहाड़ों पर समय बिताने की योजना बना रहा है। साक्षी ने कहा, ‘अगर क्रिकेट होता है तो क्रिकेट होगा। लेकिन माही और मैंने पहाड़ों पर जाने की योजना बनाई है। हमने उत्तराखंड जाने की योजना बनाई है, छोटे गांवों में रहेंगे। हम सडक़ के रास्ते जाएंगे जो सुरक्षित है। विमान से नहीं जाएंगे।’
जब साक्षी से पूछा गया कि इंस्टाग्राम लाइव पर आपके साथ धोनी क्यों नहीं आए, तो उन्होंने कहा, ‘आपको पता है कि माही कैसा है... माही इंस्टा लाइव पर बात करने नहीं आता। मुझे पता है कि प्रशंसक उसे लेकर दीवाने हैं। लेकिन हम सभी को पता है कि सोशल मीडिया पर वह लो प्रोफाइल हैं।’ (भाषा)

 


01-Jun-2020 5:48 PM

कोलंबो, 1 जून । श्रीलंका की 13 सदस्यीय क्रिकेट टीम कोरोना वायरस महामारी के कारण कड़े दिशानिर्देशों के बीच सोमवार से अभ्यास शुरू करेगी जिसमें मैदानी प्रैक्टिस भी शामिल है। कोविड-19 महामारी के कारण श्रीलंका में मार्च से क्रिकेट ठप्प पड़ा हुआ है। तब इंग्लैंड की टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका दौरे पर आई थी लेकिन वह दौरे के शुरू में ही स्वदेश लौट गई थी। 

यह सीरीज अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने बयान में कहा कि प्रैक्टिस सेशन 12 दिन तक चलेगा जिसमें 13 खिलाड़ी भाग लेंगे। इनमें मुख्य रूप से गेंदबाज शामिल हैं। अभ्यास सत्र की शुरुआत सोमवार को कोलंबो के एक होटल में फिटनेस सत्र से होगी जिसके अगले दिन से खिलाड़ी समूहों में उतरकर मैदान पर अभ्यास करेंगे। 
एसएलसी ने बयान में कहा, ‘प्रैक्टिस कैंप में हिस्सा लेने वाले सदस्यों को निजी कारणों से होटल या अभ्यास स्थल छोडऩे की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ इसमें कहा गया है, ‘कैंप में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को सभी फॉर्मेट से चुना गया है और इसमें मुख्य रूप से गेंदबाज शामिल हैं क्योंकि उन्हें सक्रिय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पहले अनुकूलन के लिए ज्यादा समय चाहिए।’ 
आईसीसी के भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) के अनुसार श्रीलंका को जून-जुलाई में साउथ अफ्रीका और भारत से 3-3 वनडे मैचों की सीरीज खेलनी थी। उसे अगस्त में तीन टेस्ट मैचों के लिए बांग्लादेश की मेजबानी करनी है। ये तीनों मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। श्रीलंका में अभी तक कोविड-19 से 1,620 लोग संक्रमित पाए गए हैं जिनमें से 10 की मौत हुई है।(एजेंसियां)

 


01-Jun-2020 5:47 PM

लंदन, 1 जून । इंग्लिश फुटबॉल लीग (ईएफएल) के हालिया कोरोना वायरस टेस्ट में 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ईएफएल ने रविवार को इसकी जानकारी दी। ईएफएल ने कहा कि चैंपियनशिप में आठ क्लबों के 10 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि लीग-2 में तीन क्लबों के सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 

ईएफएल ने अपनी वेबसाइट पर एक आधिकारिक बयान में कहा, कोविड-19 टेस्ट के हालिया राउंड के बाद, ईएफएल इस बात की पुष्टि कर सकता है कि 28 और 29 मई को 24 क्लबों के 1058 खिलाडिय़ों और स्टाफ की कोविड-19 टेस्ट की गई है, जिसमें से आठ क्लबों के 10 रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं।
ईपीएल ने कहा, पॉजिटिव पाए जाने वाले खिलाडिय़ों और क्लब के स्टाफ को अब सात दिनों के लिए आइसोलेशन में रहने को कहा गया है। अब केवल उन्हीं खिलाडिय़ों को मैदान पर अभ्यास करने की अनुमति दी जाएगी, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
भारत के पूर्व बॉक्सर डिंको सिंह कोविड-19 टेस्ट में निकले पॉजिटिव
लीग ने कहा, कोविड-19 टेस्ट की शुरुआती राउंड के बाद ईएफएल इस बात की पुष्टि कर सकता है कि 28 और 29 मई को चार लीगों के 135 खिलाडिय़ों और स्टाफ की -19 टेस्ट की गई है, जिसमें से तीन क्लबों के सात रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं।
स्काई स्पोटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रीस्टन क्लब ने पुष्टि की है कि उसका एक खिलाड़ी जयडेन स्टॉकली, उन पॉजिटिव खिलाडिय़ों में हैं, जिनके अंदर यह लक्षण पाए गए हैं। खिलाड़ी ने कहा है कि वह ठीक हैं। 
स्टॉकली ने कहा, वास्तव में मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मेरे अंदर किसी भी तरह के लक्षण नहीं है। मैं अच्छा महसूस करता हूं। मैं चाहता हूं कि हर कोई अपनी देखभाल करें। ईएफएल लीग के अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।(एजेंसी)


01-Jun-2020 5:46 PM

नई दिल्ली, 1 जून। इरफान पठान उन क्रिकेटरों में से रहे हैं, जो अपने आखिरी वनडे मुकाबले में मैन ऑफ द मैच रहे थे, लेकिन उसके बाद वह कभी भारत के लिए नहीं खेले।  4 अगस्त, 2012 को खेले गए इस मैच में पठान ने 28 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाने के अलावा 10 ओवर में 61 रन देकर पांच विकेट लिए थे।  वह मैन ऑफ द मैच बने, लेकिन  इसके बाद कभी भारत के लिए नहीं खेले।  अब इरफान पठान ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में अपने दिल का गुबार निकालते हुए खुद के टीम से बाहर होने के लिए एमएस धोनी पर दोष मढ़ते हुए कई अहम बातें कही हैं।  
इरफान ने  कहा कि उन्हें उस समय नियमित रूप से मौके नहीं दिए गए।  और न ही कप्तान ने उन्हें भरोसा देने की कोशिश की।  धोनी ही उस समय टीम के कप्तान थे।  पठान बोले कि यह नेरेटिव गढ़ा गया कि पठान की स्विंग खत्म हो गई।  यह सही था लेकिन इसके पीछे के कारण भी थे।  पठान ने बहुत बेहतर करने के बावजूद न खिलाए जाने पर गैरी कर्स्टन से जब सवाल किया, तो भारत के पूर्व कोच ने उन्हें कहा कि आप सब बढिय़ा कर रहे हो, लेकिन कुछ चीजें मेरे हाथ में नही हैं।  
एक सवाल के जवाब में इरफान ने कहा कि उन्होंने एमएस धोनी से भी पूछा कि वे साफ विचार मेरे बारे में रखें, तो उन्होंने कहा कि सब सही है, लेकिन चीजें सही नहीं हुईं।  उन्होंने कहा कि बार-बार सफाई मांगने से इज्जत भी कम होती है और यह संभव नहीं था।  इरफान ने धोनी पर बड़ा वार करते हुए कहा कि हमसे न तो रूम में जाकर किसी के लिए हुक्का सेट करने की आदत है।  न ही हमें कुछ कुरेदने की आदत है और इसके बारे में सबको मालूम है। 
इरफान ने कहा कि क्रिकेटर का काम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।  यहां तक कि मैं साल 2016 में घरेलू सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज था और तीसरे या चौथे नंबर का रन स्कोरर था, लेकिन उसके बावजूद सेलेक्टरों ने कहा कि मजा नहीं आ रहा।  इस बातचीत में इरफान ने पूर्व ओपनर और सेलेक्टर रहे श्रीकांत पर भी उनके बयान के लिए निशाना साधा। (एनडीटीवी) 

 


01-Jun-2020 5:45 PM

नई दिल्ली, 1 जून । भारत के शीर्ष तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को मैदान पर गले लगने या हाई-फाइव की कमी नहीं खलेगी, लेकिन गेंद पर लार के इस्तेमाल की कमी वह जरूर महसूस करेंग। उनका मानना है कि इसका विकल्प मुहैया कराया जाना चाहिए। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस महामारी के बाद क्रिकेट बहाल होने पर गेंद पर लार के इस्तेमाल पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। समिति ने गेंद पर कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं दी। 

नए नियम से गेंदबाजों के लिए काफी कठिन हालात हो जाएंगे। कई पूर्व और मौजूदा तेज गेंदबाजों की तरह बुमराह का भी मानना है कि लार का विकल्प होना चाहिए।  उन्होंने आईसीसी की वीडियो सीरिज इनसाइड आउट में इयान बिशप और शॉन पोलाक से बातचीत में कहा, मैं वैसे भी मैदान पर गले लगने या हाई-फाइव करने वालों में से नहीं हूं तो मुझे इसकी कमी नहीं खलेगी। लेकिन लार के इस्तेमाल की कमी महसूस होगी।
बुमराह ने कहा, मुझे नहीं पता कि खेल बहाल होने पर क्या दिशा निर्देश होंगे, लेकिन मेरा मानना है कि इसका विकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लार का इस्तेमाल गेंद पर नहीं होने से खेल पूरी तरह से बल्लेबाजों के अनुकूल हो जाएगा।  उन्होंने कहा, गेंद पर लार का इस्तेमाल नहीं कर पाने से गेंदबाजों के लिए काफी कठिनाई आएगी। मैदान छोटे होते जा रहे हैं और विकेट भी सपाट हो रहे हैं।
बुमराह ने कहा, हमें गेंद की चमक बनाए रखने के लिए विकल्प की जरूरत है ताकि स्विंग या रिवर्स स्विंग मिल सके। बिशप ने जब यह कहा कि पिछले कुछ साल से हालात तेज गेंदबाजों के अनुकूल थे, तो बुमराह ने उनसे सहमति जताई। उन्होंने कहा, टेस्ट क्रिकेट में यह सही है। यही वजह है कि यह मेरा पसंदीदा प्रारूप है। वनडे और टी20 क्रिकेट में गेंद को आखिर में रिवर्स स्विंग मिलती ही नहीं है। उन्हें बल्लेबाजों की इस शिकायत पर हैरानी होती है कि गेंद स्विंग लेती है।
जसप्रीत बुमराह ने कहा, जब भी हम खेलते हैं तो बल्लेबाज कहते हैं कि गेंद स्विंग ले रही है। हमारी टीम में ही नहीं, हर जगह। लेकिन गेंद तो स्विंग लेगी ही। हम सिर्फ थ्रोडाउन डालने के लिए मैदान में तो नहीं उतरते।  पिछले दो महीने से गेंदबाजी नहीं कर सके अहमदाबाद के इस गेंदबाज ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि खेल बहाल होने पर उनका शरीर कैसी प्रतिक्रिया देगा। 
उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि दो तीन महीने बाद गेंदबाजी करने पर शरीर कैसी प्रतिक्रिया देगा। मैं शरीर का पूरा ख्याल रख रहा हूं ताकि फिट रहूं। मैं सप्ताह में छह दिन अभ्यास करता हूं लेकिन लंबे समय से गेंदबाजी नहीं की।(एजेंसी)


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