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Posted Date : 21-Jul-2018
  • प्रवीण मोहता
    कानपुर, 21 जुलाई। सिलेक्शन फिक्सिंग के आरोपों में घिरे यूपी क्रिकेट में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व सचिव राजीव शुक्ला के निजी सहायक (पीए) अकरम सैफी दिल्ली में क्रिकेटर्स के लिए 'हॉस्टलÓ चलाते थे। आरोप है कि सुविधाओं और ट्रेनिंग के बदले हर महीने मोटी रकम वसूली जाती थी। बाद में इन लड़कों को यूपी में अलग-अलग क्रिकेट टीमों में जगह दी गई। इन खुलासों दौर उस वक्त शुरू हुआ, जब युवा क्रिकेटर राहुल शर्मा ने एक निजी चैनल पर अकरम पर सिलेक्शन के बदले लड़की और रिश्वत मांगने का अराप लगा दिया। 
    आरोप है कि चयनकर्ता भी उनके इशारे पर नाचने को मजबूर थे। इसी कारण पिछले कई साल से जूनियर से सीनियर लेवल तक शानदार प्रदर्शन कर चुके लड़कों को टीम से अचानक बाहर कर दिया गया।
    कुछ लोगों के साथ फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद अकरम को बीसीसीआई ने निलंबित कर जांच का ऐलान कर दिया है। इसके बाद अकरम ने भी इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार, यूपी क्रिकेट में अकरम का इतना रसूख था कि वो अपनी 'मर्जीÓ से टीम में खिलाडिय़ों को अंदर-बाहर करवाता था। 
    आरोप है कि चयनकर्ता भी उनके इशारे पर नाचने को मजबूर थे। इसी कारण पिछले कई साल से जूनियर से सीनियर लेवल तक शानदार प्रदर्शन कर चुके लड़कों को टीम से अचानक बाहर कर दिया गया। उनकी जगह दूसरे प्रदेशों के लड़कों को टीम में जगह दी गई। बाद में पता चला कि ये लड़के दिल्ली में अकरम के 'हॉस्टलÓ में रहकर क्रिकेट की प्रैक्टिस करते थे। इसके संचालन में आईपीएल खेल चुके एक क्रिकेटर का भी हाथ है। 
    उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के मीडिया समन्वयक अहमद अली खान तालिब के अनुसार, आंतरिक लोकपाल चंद्रमौलि कुमार प्रसाद इस मामले की जांच करेंगे। आशंका है कि इस मामले में कुछ क्रिकेटर भी शामिल हो सकते हैं।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 21-Jul-2018
  • पूर्व भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह ग्रुप डांस करते दिखाई दे रही हैं। इस दौरान धोनी भी वहीं मौजूद हैं। मेरे ख्वाबों में जो आए...गाने पर डांस के इस वीडियो को पूर्णा पटेल संगीत सेरिमनी का है। पूर्णा पटेल धोनी की वाइफ साक्षी की बहुत अच्छी दोस्त हैं। वे दोनों स्टेडिमय सहित कई मौकों पर साथ दिखाई देती हैं। 
    सुनहरे रंग के लहंगे साक्षी बहुत ही खूबसूरत नजर आ रही हैं। धोनी और साक्षी हाल ही में खत्म हुए वनडे सीरीज के बाद इंग्लैंड से लौटे हैं। उसके बाद उन्होंने पूर्णा पटेल के फंक्शन में हिस्सा लिया। यहां उनकी बेटी जिवा, क्रिकेटर युवराज सिंह और जहीर खान सहित कई हस्तियां भी शामिल हुईं थीं। 
    कांग्रेस के नेता प्रफुल पटेल की बेटी पूर्णा की शादी नमित सोनी से हो रही है। संगीत सेरिमनी के दौरान धोनी ने ऑलिव ग्रीन कलर का कुर्ता और ब्लैक बॉटम पहना हुआ था। उसके रात में सुनहरे रंग के कुर्ते में दिखाई दिए। इस फंक्शन से आईं तस्वीरों के बाद उनके लुक की भी काफी चर्चा रही। इंग्लैंड में सफेद बाल और दाढ़ी में दिखने वाले धोनी यहां क्लीन शेव्ड और काले बालों में दिखे। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 21-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 21 जुलाई। इंग्लैंड में शनिवार से महिला हॉकी विश्व कप शुरू हो रहा है। हालांकि शुरूआत से पहले ही इस आयोजन से जुड़ा एक विवाद भी सामने आ गया है। यह है भारतीय तिरंगे को अशोक चक्र के बिना प्रदर्शित करने का। वैसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने इस गलती को सुधारते हुए तुरंत इसके लिए माफी भी मांग ली है।
    खबरों के अनुसार महिला हॉकी विश्व कप से पहले एक फोटो शूट हुआ। इसमें सभी 16 टीमों की कप्तान अपने-अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज के साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाते हुए दिख रही हैं। इसी दौरान अशोक चक्र के बिना भारतीय तिरंगा प्रदर्शित किया गया जिसके साथ भारतीय कप्तान रानी रामपाल दिख रही हैं। यहां तक कि उन्होंने खुद अपनी यह तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा कर दी। हालांकि इसी बीच जब उन्हें गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने उस पोस्ट को डिलीट भी कर दिया। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर सक्रिय भारतीय प्रशंसक इस मसले को लेकर अपनी आपत्तियां जता चुके थे।
    मामला पकड़ में आने के बाद हॉकी इंडिया के प्रमुख नरेंद्र बत्रा ने भी तुरंत एफआईएच से संपर्क किया। उनसे गलती सुधारने का आग्रह किया। इसके बाद फोटो शूट के आयोजकों ने अशोक चक्र के साथ वाला तिरंगा प्रदर्शित किया और उसके साथ रानी रामपाल की तस्वीर भी शूट की। इसके लिए एफआईएच के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर शुक्रवार को माफी भी मांगी। इसमें उन्होंने कहा, गलती का पता चलते ही तुरंत फोटो शूट के आयोजकों को जल्द से जल्द इसे सुधारने का निर्देश दिया गया। हम इस अपराध के लिए क्षमा मांगते हैं।
    महिला विश्व कप के उद्घाटन मैच में शनिवार को भारतीय टीम का मुकाबला मेजबान इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमें पूल-बी में हैं। भारतीय टीम बीते कुछ समय से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इसके बलबूते वह फिलहाल विश्व वरीयता क्रम में अब तक सबसे बेहतर 10वें पायदान पर है। वहीं इंग्लैंड भी ओलंपिक चैंपियन है और वह अपने घरेलू मैदान में खेल रही है। फिर भारतीय कप्तान रानी रामपाल का दावा है, दबाव हम पर नहीं बल्कि इंग्लैंड पर ही होगा क्योंकि हम इससे पहले भी उनके खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। हमने उन्हें पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भी ग्रुप स्टेज में हराया था। हम यहां भी अपना वैसा ही प्रदर्शन जारी रखेंगे।
    वैसे इसके बाद भारतीय टीम को 26 जुलाई को आयरलैंड और 29 जुलाई को अमरीका से भिडऩा है। आयरलैंड विश्व वरीयता क्रम में 16वें नंबर पर है जबकि अमरीकी टीम सातवें पायदान पर। (आईएएनएस)

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Posted Date : 20-Jul-2018
  • बुलावायो (जिम्बाब्वे), 20 जुलाई। जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही 5 मैचों की वनडे सीरीज के चौथे मैच में पाकिस्तान की ओपनिंग जोड़ी ने शुक्रवार को ओपनिंग विकेट का वल्र्ड रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान टीम के इमाम उल हक (113) और फकर जमां (210*) की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 304 रन बनाए। इस साझेदारी की बदौलत इन दोनों बल्लेबाजों ने वनडे क्रिकेट का 12 साल पुराना रेकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ साझेदारी का यह रेकॉर्ड सनथ जयसूर्या और उपुल थारंगा की जोड़ी ने जुलाई 2006 में लीड्स में बनाया था। ओपनिंग साझेदारी का वर्ल्ड रेकॉर्ड बना चुकी इस जोड़ी में दोनों बल्लेबाज शतकीय पारी खेल चुके थे। इमाम के आउट होने के बाद फकर जमां (210*) अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने दोहरा शतक जमाया। 
    पाकिस्तान की टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैच की सीरीज का चौथा वनडे मैच खेल रही है। इस मैच मैं पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और उसके ओपनिंग बल्लेबाजों (फकर जमां (201*) और इमाम उल हक (113) ने मिलकर 304 रन जोड़ दिए। दोनों बल्लेबाजों ने 41.6 (42वें ओवर की अंतिम बॉल) ओवर में बल्लेबाजी की और 300 रन पार की साझेदारी की। वर्ल्ड रेकॉर्ड स्थापित कर चुकी इस साझेदारी को जिमबाब्वे के वेलिंग्टन मासाकाड्जा ने तोड़ा। उन्होंने इमाम को मुसाकांडा के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। 
    अभी पाकिस्तान की बैटिंग जारी है और खबर लिखे जाने तक पाक टीम 46.5 ओवर में 1 विकेट गंवाकर 359 रन बना चुकी है। बता दें कि इस सीरीज में पाकिस्तान टीम मेजबान टीम को इससे पहले खेले गए तीनों वनडे मात देकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है। 3-0 से आगे पाकिस्तान आज इस मैच में अपनी बढ़त को 4-0 करना चाहेगा।  (नवभारतटाईम्स)

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Posted Date : 20-Jul-2018
  • सुनील गौड़
    फरीदाबाद, 20 जुलाई। अपने हौसले और लगन की बदौलत परेशानियों को पीछे छोड़ते हुए फूलों से रंगत चुराकर कबड्डी खिलाड़ी ललित कुमार अपने सपनों में रंग भर रहे हैं। ग्रेटर फरीदाबाद के गांव मवई के ललित 11वीं में पढ़ रहे हैं और परिवार का पेट भरने के लिए फूल भी बेचते हैं। इसके बाद भी मात्र 4 महीने की कबड्डी प्रैक्टिस में वह नैशनल स्तर पर खेल चुके हैं। उनके शानदार खेल को देखकर कबड्डी कोच विजयपाल शर्मा भी हैरत में पड़ गए। ललित कुमार ने घरेलू कार्य, पढ़ाई, खेल सब में सामंजस्य कायम रखा है। वह इंटरनैशनल स्तर पर खेलकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं, इसलिए प्रैक्टिस में वह कभी पीछे नहीं रहते। 
    17 वर्षीय ललित कुमार ओल्ड फरीदाबाद के सीनियर सेकंडरी स्कूल में 11वीं के छात्र हैं। ग्रेटर फरीदाबाद के गांव मवई की महेंद्र कॉलोनी में रहने वाले ललित कुमार को बचपन से ही कबड्डी का शौक था, लेकिन बेहतर प्लैटफॉर्म देने वाला कोई नहीं मिला। करीब 4 महीने पहले उन्हें किसी के माध्यम से पता चला कि सेक्टर-12 खेल परिसर में इंटरनैशनल स्तर पर खेल चुके विजयपाल शर्मा निशुल्क कुश्ती व कबड्डी का प्रशिक्षण देते हैं। वह विजयपाल शर्मा से मिलने पहुंचे तो विजयपाल उनकी लगन व मेहनत को देखते हुए ट्रेनिंग देने के लिए तैयार हो गए।
    कोच को जब पता चला कि ललित अपने बुजुर्ग ममी-पापा की मदद के लिए मंदिर, मस्जिद व पीरबाबा पर फूल, अगरबत्ती व प्रसाद बेचते हैं और पढ़ाई भी करते हैं तो उन्होंने प्रशिक्षण देने के लिए हामी भर ली। फरवरी 2018 में ललित ने ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। जून में मेरठ में आयोजित नैशनल कबड्डी चैंपियनशिप में ललित को हरियाणा टीम की ओर से खेलने का मौका मिला। ललित बेहतरीन रेड करने के साथ राइट कॉर्नर भी खेलने वाले खिलाड़ी हैं। हरियाणा टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई और हरियाणा टीम का यूपी की टीम से मुकाबला हुआ। इसमें ललित का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने अकेले ही 8 पाइंट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, लेकिन टीम को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। ललित फुर्तीला होने के साथ-साथ बेहतरीन खिलाड़ी है। अगर उसे सही दिशा मिली तो वह एक दिन देश के लिए खेल सकता है। हम भी अपने स्तर पर उसे आगे बढ़ाने के लिए बखूबी साथ दे रहे हैं।
    ललित कुमार बताते हैं, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को परिवार के साथ प्रसाद, अगरबत्ती और फूल की दुकान लगाता हूं। इस दिन स्कूल की छुट्टी करता हूं। मम्मी-पापा बुजुर्ग हो चुके है, इसलिए पढ़ाई करने के साथ ही उनकी मदद भी करता हूं। फूल बेचकर सेक्टर-12 खेल परिसर तक आने-जाने का खर्चा निकालता है। मैं अपने परिवार पर बोझ बनना नहीं चाहता।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 20-Jul-2018
  • नित्यानंद पाठक
    नई दिल्ली, 20 जुलाई। आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला के एग्जिक्युटिव असिस्टेंट मोहम्मद अकरम सैफी पर लगे सिलेक्शन के लिए लड़की मांगने के आरोप को उत्तर प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन (यूपीसीए) के सीईओ दीपक शर्मा और सेक्रेटरी युद्धवीर सिंह ने सिरे से खारिज किया है। दीपक ने कहा कि ऐसा मामला अभी तक मेरे सामने नहीं आया है। ऐसा हो भी नहीं सकता है। अगर कोई शिकायत आती है तो उस बारे में मैं पूरी बात कर पाता। 
    उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब संघ के पूर्व सेक्रेटरी और मौजूदा आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट मोहम्मद अकरम सैफी पर युवा क्रिकेटर राहुल शर्मा ने सिलेक्शन के लिए लड़की की मांग करने का आरोप लगा दिया। क्रिकेटर ने अपने आरोप में कहा कि सैफी बीसीसीआई के एज-ग्रुप मैच में खिलाने के लिए खिलाडिय़ों को फर्जी प्रमाणपत्र भी मुहैया कराते हैं। 
    इस बारे में एक न्यूज चैनल ने ऑडियो टेप भी जारी किया है। इसमें एक शख्स लड़की को होटल भेजने की बात कह रहा है, जिसे सैफी बताया गया है। यही नहीं, उस न्यूज चैनल पर कुछ अन्य क्रिकेटरों ने भी सैफी पर टीम में सिलेक्ट किए जाने को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया। 
    सीईओ और सेक्रेटरी का क्या है कहना?
    संघ के सीईओ दीपक ने ऐसे किसी भी मामले से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे सामने अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं है। दूसरी ओर, सेक्रेटरी युद्धवीर सिंह का कहना है कि इस नाम का कोई भी लड़का हमारे लिस्ट में है ही नहीं। जब यह मामला मेरे सामने आया तो मैं चौंक गया और पिछले 5 वर्षों का रेकॉर्ड खंगालने लगा। मैंने पाया कि ऐसा कोई भी लड़का हमारे यहां खेला ही नहीं। हालांकि, हमने इस बारे में बीसीसीआई को जानकारी दे दी है। इसकी जांच के लिए हम तैयार हैं। 
    आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, मैं तो सबसे पहले यह जानना चाहता हूं कि आरोप लगाने वाला लड़का क्रिकेट खेलता है या लड़कियां सप्लाई करने का धंधा खोल रखा है। साथ ही उन्होंने सिलेक्शन प्रॉसेस का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे यहां हर लड़के को सिलेक्शन प्रक्रिया में आने पर कम से कम 15 मैच खेलने पड़ते हैं। 
    भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश के कप्तान रहे मोहम्मद कैफ ने कहा कि वह ऐसे आरोपों से स्तब्ध हैं। उन्होंने इसकी जांच की मांग की। उन्होंने ट्वीट किया, उत्तर प्रदेश क्रिकेट में भ्रष्टाचार के स्तर से स्तब्ध हूं। युवा खिलाडिय़ों से घूस मांग कर उनके कौशल को प्रभावित किया जा रहा है।
    दूसरी ओर, कुछ युवा क्रिकेटरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि अगर आरोप लगे हैं तो जांच होनी ही चाहए। यूपीसीए दूध का धुला नहीं है। अधिकारी टीम सिलेक्शन में मनमानी करते हैं। एक क्रिकेटर ने बताया कि राजीव शुक्ला की वजह से सैफी का दखल यूपीसीए में कुछ ज्यादा ही है। सिलेक्शन पर भी उनका प्रभाव रहता है। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 20-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 20 जुलाई। भारतीय कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी बॉलिवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा फिलहाल इंग्लैंड में साथ हैं। उनके अलावा टीम इंडिया के स्टार ओपनर शिखर धवन और उनकी फैमिली भी इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले साथ में मस्ती कर रही है। शिखर धवन ने शुक्रवार को विराट और अनुष्का के साथ एक तस्वीर पोस्ट की। 
    शिखर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, गलियों में इन दो अनजानों के साथ घूमते हुए। इस फोटो में शिखर के अलावा विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, धवन की पत्नी आयशा मुखर्जी और बेटा जोरावर भी नजर आ रहे हैं। 
    विराट कोहली ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी पत्नी अनुष्का के साथ एक तस्वीर शेयर की है। विराट और अनुष्का कार में बैठे हैं। विराट-अनुष्का की इस तस्वीर को अब तक 22 लाख से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। 
    विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम फिलहाल इंग्लैंड के दौरे पर है। टीम इंडिया ने 3 मैचों की टी20 सीरीज 2-1 से अपने नाम की जिसके बाद उसे वनडे सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी। 
    भारत और इंग्लैंड के बीच 1 अगस्त से बर्मिंघम में टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाना है। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला अगले महीने 7 सितंबर से खेला जाएगा। इससे पहले टीम इंडिया एसेक्स के खिलाफ 4 दिवसीय अभ्यास मैच 25 जुलाई से खेलेगी। (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 19-Jul-2018
  • भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई एक दिवसीय मैचों की शृंखला के आखिरी मुकाबले के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने कुछ ऐसा किया जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उनके संन्यास लेने की अटकलें लगाई जाने लगीं. मीडिया में भी बुधवार को यह चर्चा गर्म रही कि अगले साल होने वाले क्रिकेट विश्वकप से पहले ही क्या महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट से संन्यास लेने का मन बना लिया है. लेकिन अब भारतीय ​क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच रवि शास्त्री ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है.
    रवि शास्त्री ने महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि वे एकदिनी मुकाबलों की भारतीय टीम का हिस्सा हैं और वे कहीं नहीं जा रहे हैं. रवि शास्त्री ने आगे कहा कि मंगलवार को मैच खत्म होने के बाद उन्होंने अंपायरों से गेंद मांगी थी. लेकिन इसकी वजह यह थी कि वे इसे टीम के गेंदबाजी के कोच भारत अरुण को दिखाना चाहते थे ताकि उन्हें गेंद की हालत देखकर अंदाजा लग सके कि पिच की परिस्थितियां कैसी थी.

    इससे पहले मंगलवार को भारत-इंग्लैंड मुकाबले के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें महेंद्र सिंह धोनी मैच की गेंद अपने पास रखते हुए दिखाई पड़े थे. क्रिकेट खिलाड़ी अक्सर विशेष मुकाबलों की यादों के तौर पर गेंद और ​स्टंप्स को अपने साथ ले जाते हैं. धोनी के भी ऐसा करने पर कयास लगने लगे थे कि इस शृंखला में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने के बाद कहीं उन्होंने भी तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला नहीं कर लिया है! (टाइम्स नाउ)

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Posted Date : 19-Jul-2018
  • भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अक़्सर ही अपने फैसलों से लोगों को चौंकाते रहे हैं. वह इसलिए कि उनके अगले फैसले के बारे में लाेगों को तभी पता चलता है जब वे ख़ुद उसका ख़ुलासा कर देते हैं. इसीलिए उनके फैसलों के बारे में अटकलें लगना लाज़िमी है जो फिलहाल लग भी रही हैं. यह उनके एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास ले लेने के बारे में हैं.

    ख़बरों के मुताबिक मंगलवार को इंग्लैंड के साथ तीसरा एकदिवसीय मैच ख़त्म होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने मैदान से बाहर जाते वक़्त अंपायर से गेंद ले ली थी (देखें वीडियो). चूंकि कई खिलाड़ी इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते समय अपने आख़िरी मैच की गेंद को निशानी के तौर पर अपने साथ रख लेते हैं. इसीलिए धोनी को लेकर भी अटकलों का बाज़ार गर्म हुआ है कि वे जल्द ही एकदिवसीय क्रिकेट से भी संन्यास ले सकते हैं. वे टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं.
    कहा यह भी जा रहा है कि वे शायद अगला विश्वकप भी न खेलें जो 2019 में इंग्लैंड में ही होना है. हालांकि इस बाबत अब तक धोनी या उनसे जुड़े किसी सूत्र ने कुछ कहा नहीं है. उल्टा भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और बल्लेबाज़ी कोच संजय बांगड़ ने इंग्लैंड दौरे पर उनके प्रदर्शन को लेकर उनका बचाव ही किया है. फिर भी मीडिया और सोशल मीडिया पर उनके संन्यास की ख़बरें जोर-शोर से चल रही हैं.(सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 18-Jul-2018
  • इंग्लैंड ने भारत को तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच में आठ विकेट से हरा दिया. इसके साथ ही उसने श्रृंखला भी 2-1 से अपने नाम कर ली. हालांकि श्रृंखला के पहले मैच में भारत ने जीत हासिल कर आग़ाज़ अच्छा किया था. लेकिन मेज़बान इंग्लैंड ने भी बाद के दोनों मैच जीतकर उतने ही बेहतर तरीके से वापसी भी की.

    इंग्लैंड और भारत के बीच तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला का तीसरा और निर्णायक मैच मंगलवार को हेडिंग्ले में खेला गया. इसमें भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवरों में आठ विकेट खोकर 256 रन बनाए. इंग्लैंड के कप्तान इयॉन मॉर्गन ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्यौता दिया था. भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने सबसे ज़्यादा 72 गेंदों पर 71 रन बनाए. पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 66 गेंदों पर 42 रनों का योगदान दिया. पारी के आख़िर में शार्दुल ठाकुर ने 13 गेंदों पर तेजी से 22 रन बनाकर स्कोर को सम्मानजनक स्तर पर पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई.

    लेकिन इंग्लैंड के कप्तान मॉर्गन और अग्रिम पंक्ति के बल्लेबाज़ जो रूट के बीच नाबाद 186 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाज़ी की कमर तोड़ दी. और इंग्लैंड ने 44.3 ओवरों में दो विकेट खोकर ही जीत हासिल कर ली. इंग्लैंड की पारी में मॉर्गन ने 88 और रूट ने 100 रन बनाए. दोनों अंत तक आउट नहीं हुए. इस सीरीज़ में हार के साथ लगातार नौवीं द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला जीतने का भारत का सपना भी टूट गया. भारतीय टीम इससे पहले लगातार आठ द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखलाएं जीत चुकी थी. लेकिन उसकी जीत के सिलसिले को आख़िरकार इंग्लैंड ने अपनी धरती पर रोक दिया.(सत्याग्रह)

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Posted Date : 17-Jul-2018
  • कोलंबो, 17 जुलाई। अठारह साल 296 दिन के अर्जुन तेंदुलकर ने भारत के लिए विकेट लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है। उन्हें पहला विकेट लेने के लिए महज 12 गेंद लगी। अर्जुन ने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को शुरू हुए अंडर-19 चार दिवसीय यूथ टेस्ट में यह कारनामा किया।
    बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जुन ने श्रीलंकाई बल्लेबाज कामिल मिश्रा को एलबीडब्ल्यू कर अपना पहला विकेट हासिल किया। सलामी बल्लेबाज कामिल ने 11 गेंदों में 9 रन बनाकर श्रीलंका को तेज शुरुआत दी थी। अर्जुन ने अपने दूसरे ही ओवर में कामिल को अपना शिकार बनाया।
    श्रीलंकाई अंडर-19 टीम अपनी पहली पारी में 244 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से हर्ष त्यागी और आयुष बदोनी ने 4-4 विकेट हासिल किए। अर्जुन ने 11 ओवरों की गेंदबाजी में 2 मेडन के साथ 33 रन देकर एक विकेट चटकाया। मोहित जांगड़ा को भी एक सफलता मिली।
    भारत की अंडर-19 टीम श्रीलंका दौरे पर दो यूथ टेस्ट मैच खेलेगी। जूनियर तेंदुलकर का भारतीय टीम की ओर से पहला दौरा है। भारत की  सीनियर टीम को नेट पर गेंदें फेंक चुके अर्जुन के इस दौरे पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। सोशल मीडिया पर सचिन तेंदुलकर के फैंस अर्जुन को लगातार बधाई दे रहे हैं। (आजतक)

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Posted Date : 17-Jul-2018
  • दिल्ली, 17 जुलाई। फिनलैंड में हुई आईएएएफ वल्र्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतने वाली हिमा दास के लिए यह पुराने सपनों के साकार होने जैसा था। असम के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी हीमा किसी विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला धावक रहीं।
    अपने इस कारनामे से 18 साल की यह एथलीट रातों रात सुर्खियों में छा गई। आज हर जुबान पर उनकी चर्चा है और सोशल मीडिया में लोग उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं, वहीं कई लोग ऐसे भी हैं कि जो उनके बारे जानने के लिए गूगल का सहारा ले रहे हैं।
    हालांकि हीमा दास को लेकर लोगों की इस उत्सुकता में एक स्याह पहलू भी उभरकर सामने आया। देश में कई लोग जब हीमा के कारनामे का जश्न मना रहे थे, उसी दौरान कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें हिमा की जाति पता लगाने की पड़ी थी।
    हिमा दास के गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनको और खासकर उनकी जाति को लेकर गूगल सर्च में काफी उछाल देखा गया। गूगल ट्रेंड के आंकड़े बताते हैं कि लोगों ने सबसे ज्यादा हीमा दास की जाति पता करने की कोशिश की। इनमें सबसे ज्यादा संख्या असम के लोगों की थी, जिसके बाद पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश का नंबर आता है।
    यहां गौर करने वाली बात यह भी रही कि गूगल पर जैसे ही हिमा टाइप करते हैं, तो तुरंत ही हीमा दास की जाति का ऑप्शन ऊपर दिखने लगता है।
    हालांकि यह पहला मौका नहीं जब लोग किसी शख्सियत की जाति जानने में जुटे दिखे हो। इससे पहले बैडमिंटन चैम्पियन पीवी सिंधु ने जब रियो ओलिम्पिक में सिल्वर मेडल जीता तब भी कई लोगों ने गूगल पर उनकी जाति जानने की कोशिश की थी। इनमें आंध्र और तेलंगाना के लोगों खासी तादाद में थे। (न्यूज 18)

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Posted Date : 16-Jul-2018
  • फ्रांस ने फीफा वल्र्ड कप में जीत हासिल की है और 20 साल बाद इस खिताब पर कब्जा किया है। फ्रांस की इस जीत में एक खिलाड़ी का अहम योगदान रहा है, जिसका नाम है कीलियन एम्बाप्पे। एम्बाप्पे ने फाइनल मैच में 1 गोल कर फ्रांस को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया है। आइए जानते हैं इस खिलाड़ी से जुड़ी अहम बातें...
    खास बात ये है कि जब फ्रांस ने पहला विश्व कप जीता था, तब एम्बाप्पे का जन्म भी नहीं हुआ था। कीलियन एम्बाप्पे ने 19 साल 207 दिन की उम्र में गोल दागा और वह विश्व कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए, पेले ने 1958 में 17 साल की उम्र में गोल दागा था। 
    एम्बाप्पे का यह पहला विश्व कप है। अभी तक का उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। जब जिनेदिन जिदान की करिश्माई खेल की वजह से फ्रांस ने ब्राजील को हराकर पहला विश्व कप 1998 में जीता था, उसके कुछ महीने बाद एम्बाप्पे का जन्म हुआ।
    एम्बाप्पे के पिता फ्रांस में रह रहे कैमरून मूल के तो माता अल्जीरियन मूल की हैं। उनका जन्म 20 दिसंबर 1998 को हुआ था और वे महज 19 साल के हैं।
    एम्बाप्पे फ्रांस के लिए खेलने के साथ-साथ पैरिस सैंट जर्मन क्लब के लिए भी खेलते हैं। रिपोर्ट के अनुसार क्लब ने उन्हें 180 मिलियन यूरो यानी 14 अरब से ज्यादा की रकम पर खरीदा तब वह दुनिया के सबसे महंगे टीनएजर फुटबॉल खिलाड़ी थे।
    रिपोर्ट्स के अनुसार फीफा में एम्बाप्पे ने ऐलान किया है कि इस वल्र्ड कप के दौरान फ्रांस के लिए खेलते हुए वह जो कुछ भी कमाएंगे उसे एक चैरिटी के लिए दान कर देंगे। उन्होंने अपनी गति से सभी को खासा प्रभावित किया है। (आज तक)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • जर्मनी की खिलाड़ी एंजलीक कर्बर ने विम्बलडन ग्रैंड स्लैम महिला एकल वर्ग के फाइनल में सात बार की चैंपियन सेरेना विलियम्स को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है।
    23 ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं सेरेना विलियम्स को एंजलीक ने 6-3, 6-3 से हराया। यह एंजलीक कर्बर का पहला विम्बलडन टाइटल है। एंजलीक कर्बर ने पहले मैच पॉइंट में सर्विस रिटर्न में जीत हासिल की। वैसे तो कर्बर रक्षात्मक खेल के लिए जानी जाती हैं मगर इस मैच में सेरेना के खिलाफ वह खास रणनीति के साथ उतरी थीं। सेरेना को कोर्ट में तेजी से मूवमेंट करने में दिक्कत आ रही थी और कर्बर ने इसी बात का फायदा उठाया।
    सेरेना ने सेमीफाइनल में बेल्जियम की जूलिया जॉजेस को 6-2, 6-4 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं कर्बर ने सेमीफाइनल में लातविया की येलेना ओस्टापेंको को 6-3, 6-3 से हराया था। सितंबर में एक बच्ची को जन्म देने के बाद चौथे टूर्नामेंट में खेल रहीं सेरेना विलियम्स को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। सेरेना और कर्बर साल 2016 में विम्बलडन के फाइनल में भिड़ चुकी हैं। उस समय सेरेना ने जीत हासिल की थी।
    बाएं हाथ से खेलने वालीं एंजलीक कर्बर तीसरी बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंची थीं, जिनमें से दो बार उन्हें जीत हासिल की है। इससे पहले वह 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन जीत चुकी हैं। (बीबीसी)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 15 जुलाई। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने वनडे करियर के 10 हजार रन पूरे कर लिए। दस हजार रन के क्लब में शामिल होने वाले धोनी 12वें क्रिकेटर हैं। खास बात ये है कि धोनी ने 50 से ज्यादा के औसत के साथ 10 हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। धोनी ने ये कीर्तिमान अपने 320वें मैच में बनाया।
    औसत के लिहाज से धोनी ने सचिन तेंदुलकर और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को भी पछाड़ दिया है। सचिन का औसत 45 है जबकि पोंटिंग ने 42 के औसत से रन बनाए हैं। धोनी के बाद औसत में सबसे ऊपर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज जाक कैलिस हैं जिन्होंने 44 के औसत से 10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं।
    10 हजार रन बनाने वाले वह भारत के चौथे क्रिकेटर हैं। वहीं श्रीलंका के कुमार संगाकारा के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह दूसरे विकेटकीपर हैं। इस मुकाम पर सबसे तेजी से पहुंचने वाले वह चौथे भारतीय और दुनिया के 12वें क्रिकेटर हैं। भारत की तरफ से उनसे पहले सचिन तेंदुलकर (18426 रन), सौरव गांगुली (11363) और राहुल द्रविड़ (10889) ने दस हजार से अधिक रन बनाए हैं।
    37 साल के धोनी ने 10 हजार रन पूरे करने के लिए 273 पारियां खेली। रिकी पोंटिंग ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 266, जैक्स कैलिस ने 272, सचिन तेंदुलकर ने 259 और सौरव गांगुली ने 263 पारियां खेली थी। धोनी नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आते हैं। धोनी के अलावा इस मुकाम पर पहुंचने वाले बाकी सभी बल्लेबाज या तो ओपनर हैं या तो नंबर 3 या नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आते थे। ऐसे में किसी भी बल्लेबाज के लिए नंबर 6 और 7 पर आकर बल्लेबाजी करना और 10 हजार रन बनाना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।  
    इसके अलावा धोनी ने नंबर सात पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक भी जड़े हैं। धोनी ने 7 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 10 शतक जड़े हैं। वहीं वनडे में बतौर कप्तान उन्होंने सबसे ज्यादा छक्के जड़े हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग धोनी ने ही की है।
    वनडे में बतौर विकेटकीपर एक मैच में सबसे ज्यादा रन धोनी के नाम ही दर्ज है। इतना ही नहीं इसके अलावा उनकी कप्तानी में सबसे ज्यादा टी-20 (41) जीत भी हासिल हुई है।  श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगाकारा के नाम वनडे क्रिकेट में 404 मैचों की 380 पारियों में 14,234 रन हैं। उन्होंने 296 पारी में 10,000 रन पूरे किए थे।
    इसके अलावा इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान धोनी ने वनडे में 300 कैच लेने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। उन्होंने जॉस बटलर को उमेश यादव के हाथों कैच कराकर ये कीर्तिमान रचा। धोनी से ज्यादा एडम गिलक्रिस्ट(417),  मार्क बाउचर(402) और कुमार संगाकारा(383) ने कैच लिए हैं।
    हाल ही में धोनी ने अपना 500वां अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेला था। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा टी-20 मैच उनके करियर का 500वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। धोनी के अलावा तेंदुलकर ने 664 और द्रविड़ ने 509 मैच खेले हैं। (आज तक)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • मलेशिया, 15 जुलाई। मलेशिया की एक मुस्लिम लड़की ने हर किसी को हैरान कर रखा है। वो ऐसे देश में रहती हैं जहां महिलाओं को खेलने की आजादी नहीं है। ऐसे में उन्होंने फुटबॉल के साथ ऐसा करतब किया है। जिसको हर कोई आसानी से नहीं कर पाता है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। बुर्का पहनकर वो फुटबॉल को जगल, पैरों में घुमाकर और पीठ पर रखकर करतब करती नजर आ रही हैं। उनके फ्रीस्टाइल फुटबॉल मूव्स के सब दीवाने हो चुके हैं। 
    18 वर्षीय ये लड़की मलेशिया के क्लैंग शहर में रहती हैं। जो राजधानी कुआलालम्पुर से 40 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा- बुर्के से कोई परेशानी नहीं। ये आम बात है। मायने रखता है कि आप कैसे हैंडल कर पाते हो। मलेशिया में 60 प्रतिशत यानी 32 मिलियन लोग मुस्लिम हैं। अधिकतर मुस्लिम महिलाएं हिजाब में रहती हैं। 
    18 वर्षीय लड़की ने कहा- इस्लाम खेलने से नहीं रोकता। उन्होंने 2016 में फुटबॉल खेलना शुरू किया था। उन्होंने यूट्यूब में वीडियोज देखकर फुटबॉल ट्रिक्स सीखीं हैं। उन्होंने कहा- आप शरीर को जब तक फ्री छोड़कर खेल सकते हैं। उनका परिवार काफी सपोर्ट करता है और फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित करता है। फुटबॉल मलेशिया का सबसे लोकप्रिय खेल है। पुरुषों की टीम फीफा रैंकिंग में 171वें नंबर पर आती है। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • पुडुचेरी, 15 जुलाई । भारत में अपना साम्राज्य स्थापित करने का फ्रांस का सपना भले ही 18वीं सदी में पुडुचेरी के साथ खत्म हो गया हो, दोनों के बीच रिश्ते अभी कायम हैं। पुडुचेरी में अभी भी बड़ी संख्या में फ्रेंच मूल के लोग रहते हैं। उसकी संरचना- सड़कों, गलियों और छोटे रेस्तरां- फ्रांस के किसी शहर की याद दिलाते हैं। ये सभी लोग रविवार को खेले जाने वाले क्रोएशिया-फ्रांस फुटबॉल विश्व कप फाइनल में फ्रांस की जीत मनाएंगे।  
    पुडुचेरी में फ्रांस की दूत कैथरीन सुआर्ड ने शनिवार को नैशनल डे पर अपनी स्पीच का अंत, कम ऑन फ्रांस के साथ किया। इससे उनके उत्साह का पता चलता है। उन्होंने जानकारी दी है कि वह दूतावास के हरियाली भरे लॉन्स को मैच के लिए खोला जाएगा। वहां बड़ी सी स्क्रीन लगेगी और फुटबॉल प्रेमी खाने और ड्रिंक्स के साथ खेल का मजा ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि अगर फ्रांस जीतता है तो आखिर में शैंपेन भी खोली जाएगी। 
    उनके साथ ही फ्रांस के अन्य लोग भी बेहद उत्साहित हैं। प्रॉस्पर इमैन्युअल ने बताया कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि फ्रांस फाइनल में पहुंचेगा। समुद्र के पास पार्टी की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। पुडुचेरी के कई रेस्तरां और कल्चरल हॉट स्पॉट मैच की लाइव स्क्रीनिंग करेंगे। फुटबॉल प्रेमी और मेही नगर पालिका के काउंसलर रहे पलियन प्रमोद का कहना है कि ब्रिटिश राज से उलट फ्रेंच लोगों को बाहर नहीं किया गया था। उनसे हाथ मिलाया गया था। इसलिए फ्रांस के लिए उनका प्यार बरकरार है और फ्रांस की संस्कृति को भी बना कर रखा गया है। 
    पुडुचेरी से फ्रांस का कनेक्शन 17वीं-18वीं शताब्दी से है। कर्नाटक युद्धों में हार के बाद वे पूर्वी तट पर 5 पोर्ट्स तक सीमित रह गए थे लेकिन फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1954 तक इन पोर्ट्स पर नियंत्रण रखा। इन्हीं में से एक माहे है जो कि अब पुडुचेरी की हिस्सा है। वहां अभी भी फ्रांस की छाप देखने को मिलती है। माहे फ्रेंच असोसिएसन के अद्यक्ष अदियारी कनकार्जन का कहना है कि जो बेहतर खेलता है, उसे जीतना चाहिए लेकिन वे लोग फ्रांस का समर्थन कर रहे हैं और उन्हें खुशी होगी अगर फ्रांस क्रोएशिया को हरा देगा। (टाईम्स न्यूज)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • लंदन, 15 जुलाई। भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में हुए दूसरे वनडे मैच में मेजबान टीम ने भारत को 86 रनों से हरा दिया। मैच के दौरान एक पल ऐसा आया जब फैंस ने अपना गुस्सा महेंद्र सिंह धोनी पर निकालने की कोशिश की। विराट कोहली ने फैंस के इस बर्ताव की निंदा करते हुए धोनी का सपॉर्ट किया है। विराट कोहली ने मैदान पर फैंस के ऐसे रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 
    दरअसल, इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 322 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम सिर्फ 236 रन ही बना पाई। भारत के बाकी बल्लेबाजों की तरह धोनी को भी शॉट लगाने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में धोनी को अपनी आक्रमक छवि से उल्टा खेलते देख लोगों ने उन्हें निशाने पर ले लिया। हद तो तब हो गई, जब धोनी की हर डॉट बॉल पर फैंस तरह-तरह की आवाजें निकालने लगे। 
    धोनी ऐसी स्थिति में शांति से खेलते रहे और कुछ देर बाद शॉट लगाने के चक्कर में आउट होकर चले गए। उन्होंने अपनी पारी में 59 गेंदों पर 37 रन बनाए। उनका औसत 62.71 रहा था। वह प्लंकेट की गेंद पर शॉट मारकर स्टोक्स के हाथों कैच हो गए। 
    धोनी के सपॉर्ट में विराट ने कहा, ऐसा कई बार देखा गया है, जब भी वह अच्छा नहीं खेल पाते लोग ऐसा करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम सब उनको सबसे बेहतर फिनिशर कहते हैं, लेकिन जब वह अच्छा नहीं खेल पाते तो लोग उन्हें निशाने पर ले लेते हैं। क्रिकेट में बुरे दिन आते हैं, आज का दिन सिर्फ उनके लिए नहीं पूरी टीम के लिए बुरा रहा। लोग बहुत जल्दी नतीजों पर पहुंचने की कोशिश में रहते हैं जो ठीक नहीं। मुझे धोनी और टीम के बाकी प्लेयर्स की काबिलियत पर पूरा भरोसा है।  (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • मॉस्को, 15 जुलाई । फीफा वल्र्ड कप 2018 का फाइनल मुकाबला रविवार को रूस की राजधानी मॉस्को के लुज्निकी स्टेडियम में फ्रांस और क्रोएशिया के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8.30 बजे से शुरू होगा।
    32 टीमों की शिरकत के बाद फीफा वल्र्ड कप के 21वें संस्करण के फाइनल में दो टीमें- फ्रांस और क्रोएशिया तमाम जद्दोजहद को पार कर फाइनल में पहुंची हैं। इन दोनों की नजरों में वल्र्ड चैंपियन बनने का सपना है। दोनों टीमें आज अपने इसी सपने के लिए एक दूसरे से लड़ेंगी।
    फ्रांस तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। वह 1998 में पहली बार अपने घर में खेले गए वल्र्ड कप में फाइनल खेली थी और जीतने में सफल रही थी। इसके बाद 2006 में उसने फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन इटली से हार गई थी। फ्रांस के पास फाइनल खेलने का अनुभव है, लेकिन अगर क्रोएशिया की बात की जाए तो वह पहली बार फाइनल खेलेगी।
    क्रोएशिया यहां तक पहुंचेगी यह किसी ने भी नहीं सोचा था, लेकिन उसने जिस तरह का खेल दिखाया है, वो उसे फाइनल में जाने का हकदार बनाता है। हार न मानने की जिद क्रोएशिया की सबसे बड़ी ताकत है जो उसने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भी दिखाई थी। एक गोल से पीछे होने के बाद अतिरिक्त समय में मैच ले जाकर इंग्लैंड से जीत छीन ली थी।
    वह लगातार तीन मैच अतिरिक्त समय में ले जाकर जीतती आई है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह आखिरी पल तक हार नहीं मानती। फ्रांस के लिए यह सिरदर्द है, लेकिन क्या क्रोएशिया, फ्रांस की बेहद मजबूत चुनौती खासकर उसके डिफेंस को भेद पाने में कामयाब रहेगी, यह मैच में ही पता चलेगा।
    लुका मोड्रिक की यह टीम फ्रांस को पस्त करने का माद्दा जरूर रखती है। क्रोएशिया एक संतुलित टीम है जिसकी ताकत उसकी मिडफील्ड है। लुका मोड्रिक को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर माना जाता है।
    कप्तान के तौर पर उनके ऊपर अपने देश को पहला वल्र्ड कप दिलाने की जिम्मेदारी है। क्रोएशिया ऐसी टीम नहीं है, जो सिर्फ एक खिलाड़ी के दम पर खेले। उसके पास एंटे रेबिक, इवान राकिटिक, सिमे वारसाल्ज्को, इवान पेरीकिस जैसे खिलाड़ी हैं।
    क्रोएशिया की एक और ताकत है उनके गोलकीपर डेनियर सुबासिच। जिन्होंने पूरे वल्र्ड कप में कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को यहां तक पहुंचाने में शानदार भूमिका निभाई है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उन्होंने आसान मौकों पर भी गोल नहीं करने दिए थे।
    क्रोएशिया के डिफेंस और गोलकीपर दोनों के लिए फ्रांस के आक्रामण को रोकना आसान नहीं होगा। एंटोनियो ग्रीजमैन, कीलियन एमबाप्पे, पॉल पोग्बा, एनगोलो कांते को रोकना टेढ़ी खीर है, हल्की सी चूक और ये गेंद को नेट में डाल देते हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा मुश्किल क्रोएशिया के लिए फ्रांस के डिफेंस को तोडऩा है।
    फ्रांस के डिफेंस में राफेल वरान, सैमुएल उम्तीती और गोलकीपर ह्यूगो लोरिस की तिगड़ी है जो अच्छे से अच्छे अटैक को अभी तक रोकने में सफल रही है। यह दीवार कभी न हार मानने वाली क्रोएशिया के सामने ढह जाएगी या नहीं इस बात का पता फाइनल में चलेगा।
    फ्रांस ने जब पहली बार वल्र्ड कप जीता था तब उसके कप्तान दिदिएर डेसचेम्पस थे जो इस समय टीम के कोच हैं। अगर यह रणनीतिकार फ्रांस को दूसरा वल्र्ड कप दिलाने में सफल रहता है तो वह विश्व के ऐसे तीसरे शख्स बन जाएंगे जिसने खिलाड़ी और कोच के तौर पर वल्र्ड कप जीता हो। उनसे पहले ब्राजील के मारियो जागालो और जर्मनी के फ्रांज बेककेनबायुएर ने कोच और खिलाड़ी से तौर पर वल्र्ड कप जीते हैं। फाइनल मैच के रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है।
    टीमें-
    क्रोएशिया-गोलकीपर: डेनिजेल सुबासिक, लोवरो कालिनिक और डोमिनिक लिवाकोविक। डिफेंडर: वेद्रन कोलुर्का, डोमागोज विदा, इवान स्ट्रिनीक, डेजान लोवरेन, सिमे वसाल्जको, जोसिप पीवारिक, टिन जेडवेज, डुजे सालेटा कार। मिडफील्डर: लुका मोड्रिक, मटिओ कोवाचिक, इवान रेकिटिक, मिलान बाडेल्ज, मासेर्लो ब्राजोविक और फिलिप ब्राडेरिक। फॉरवर्ड: मारियो मांजुकिक, इवान पेरीसिक, निकोला कालिनीक, एंद्रेज करामारिक, मार्को पीजासा और एंटे रेबिक। 
    फ्रांस-गोलकीपर:लोरिस, स्टीव मन्दंदा, अल्फोन्स एरोओला। डिफेंडर: लुकास हर्नान्डेज, प्रेसनेल किम्पेम्बे, बेंजामिन मेन्डी, बेंजामिन पावर्ड, आदिल रामी, जिब्रिल सिदीबे, सैमुअल उम्तीती, राफेल वरान। मिडफील्डर: एनगोलो कान्ते, ब्लेस मातुइदी, स्टीवन एंजोंजी, पॉल पोग्बा, कोरेंटिन टोलिसो। फॉरवर्ड: ओउस्मान डेम्बेले, नाबिल फकीर, ओलिवियर जीरू, एंटोनी ग्रीजमैन, थॉमस लेमार, कीलियन एम्बाप्पे, फ्लोरियन थौविन।(आज तक)

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • मास्को, 14 जुलाई : युवाओं से भरी फ्रांस की टीम अपने स्टार किलियान एमबापे और एंटोइन ग्रिजमान के बूते रविवार को यहां होने वाले 2018 विश्व कप फुटबॉल टूर्नमेंट के फाइनल में क्रोएशिया को पराजित कर दूसरी बार यह ट्रोफी हासिल करना चाहेगी। हालांकि चार हफ्ते पहले टूर्नमेंट के शुरू होने के समय इस फाइनल की कल्पना कुछेक लोगों ने ही की होगी। 
    माटुईडी ने कहा, ''यह हमारे लिए सबक था और इसका मतलब है कि हम जानते हैं कि फाइनल खेलना क्या होता है।'' हालांकि फ्रांस की आधी टीम अब बदल गई है, लेकिन एमबापे अपने आक्रामक प्रदर्शन से स...+
    लियोनल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नेमार जैसे स्टार फुटबॉलर स्वदेश लौट चुके हैं, इसी तरह अंतरराष्ट्रीय मैचों में पारंपरिक रूप से ताकतवर टीमें जर्मनी, ब्राजील और अर्जेंटीना भी बाहर हो चुकी हैं। फ्रांस की टीम टूर्नमेंट की दूसरी सबसे युवा टीम है, जिसमें तेज तर्रार एमबापे की मौजूदगी उसके लिए प्रेरणादायी रही। वहीं क्रोएशियाई टीम भी लुका मोदरिच से प्रेरित है जो इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन मिडफील्डर में शामिल हैं। 
    हालांकि कुछ खेल समीक्षक इस बात से निराश होंगे कि फाइनल दो ताकतवर टीमों के बीच नहीं हो रहा या इसमें कोई दक्षिण अमेरिकी टीम मौजूद नहीं है। क्योंकि ऐसा स्पेन के 2010 में नीदरलैंड को मात देकर खिताब जीतने के बाद दूसरी बार हो रहा है जब ब्राजील, जर्मनी, इटली या अर्जेंटीना जैसी धुरंधर टीमों ने फाइनल में जगह नहीं बनाई है। लेकिन यह विश्व कप का फाइनल है और फ्रांस के पास 1998 के बाद दूसरा खिताब जीतकर अर्जेंटीना और उरूग्वे के साथ शामिल होने का मौका है। 
    पिछली बार जब फ्रांस ने खिताब जीता था, तब डिडिएर डेस्चैम्प्स टीम के कप्तान थे और अब वह कोच हैं। इससे वह खिलाड़ी और मैनेजर के तौर पर खिताब हासिल करने वाले तीसरे खिलाड़ी बन सकते हैं और मारियो जागालो और फ्रांज बैकेनबॉर की सूची में जुड़ सकते हैं। 
    मिडफील्डर ब्लेसे माटुईडी ने कहा, 'विश्व कप फाइनल, यह सपने के साकार होने जैसा है। हम ट्रोफी के इतने करीब हैं कि हम इसे छूना चाहते हैं। यह हमारी जिंदगी का सबसे अहम मैच है।' वर्ष 2006 के फाइनल में उसे इटली से पेनल्टी में हार का सामना करना पड़ा था और उसकी खिताब की भूख यूरो 2016 फाइनल में मेजबान पुर्तगाल से हारने के बाद और ज्यादा बढ़ गई है। 
    माटुईडी ने कहा, 'यह हमारे लिए सबक था और इसका मतलब है कि हम जानते हैं कि फाइनल खेलना क्या होता है।' हालांकि फ्रांस की आधी टीम अब बदल गई है, लेकिन एमबापे अपने आक्रामक प्रदर्शन से स्टार बने हुए हैं। उन्होंने अंतिम 16 में अर्जेंटीना पर मिली 4-3 की जीत के दौरान मैदान पर तेज तर्रार प्रदर्शन से सभी का दिल जीता। लेकिन इसके अलावा फ्रांस ने डेस्चैम्प्स की टीम के तौर पर बेहतर खेल दिखाया जिसमें उनका जोर डिफेंस पर था। 
    फ्रांस ने अपने ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया और पेरू को हराया जबकि डेनमार्क से गोलरहित ड्रॉ खेला जो टूर्नमेंट का एकमात्र गोलरहित ड्रॉ रहा। इसके बाद टीम अर्जेंटीना, उरूग्वे और बेल्जियम के सामने काफी मजबूत दिखी और अब उस फाइनल में सही प्रबल दावेदार है जो 1998 के सेमीफाइनल का दोहराव होगा। तब लिलियान थुर्राम के दो गोल की बदौलत फ्रांस ने क्रोएशिया को 2-1 से मात दी थी जो स्वतंत्र देश के तौर पर पहला विश्व कप खेल रहा था। 
    क्रोएशिया ने अपने सभी तीनों ग्रुप मैच जीते, उसने अर्जेंटीना को हराने के बाद डेनमार्क और रूस को पेनल्टी में पराजित किया। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड को सेमीफाइनल में अतिरिक्त समय में मात दी। ज्लाटको डालिच की टीम के लिए यह सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है और अब टीम एक बार फिर खुद को प्रेरित करते हुए अंतिम प्रयास में खुद को साबित करना चाहेगी। 
    डालिच ने स्वीकार किया, 'हमने मुश्किल सफर तय किया है। यह जिंदगी में एकमात्र मौका है। हमारे लिए सबकुछ कठिनाइयों भरा रहा है, लेकिन मुझे भरोसा है कि हम प्रेरणा हासिल कर मजबूत प्रदर्शन करेंगे।' क्रोएशियाई टीम को पूरा भरोसा है कि दुनिया भर से काफी लोग उनका समर्थन करेंगे। इवान राकितिच ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि लाखों लोग हमारे जीत की कामना करेंगे।' (एएफपी)

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