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Posted Date : 22-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 22 अप्रैल। सीरिया पर अमेरिका के मिसाइल हमलों से कच्चे तेल की कीमतें और बढऩे की आशंका है। वहीं सोना और आर्गेनिक जीरे के दाम भी चढ़े हैं। सीरिया ऑर्गेनिक जीरे का उत्पादन करने वाला दुनिया का प्रमुख देश है। उसके जीरे की मांग कई देशों में रहती है। हालांकि भारत में जीरे का उत्पादन इस वर्ष बीते साल की तुलना में बेहतर है फिर भी कीमतें बढ़ रही हैं। मंडियों में जीरे का भाव 16 हजार रुपए प्रति क्विंटल को पार कर गया है और मई तक इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है। सीरिया से नया जीरा मई अंत तक ही आ पाएगा। इस बीच सोने के दाम (32 हजार के पार) में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है जबकि क्रूड ऑयल में चार डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है।
    भारत में डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने के कारण दोहरी मार पड़ रही है। चूंकि भारत कच्चे तेल का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जिसकी खरीदी डॉलर में की जाती है। डॉलर के मंहगा होने के कारण डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल के भाव बीते साढ़े चार साल में सर्वाधिक हो गए हैं। रूस और सऊदी अरब का उत्पादन घटाना भी बहुत बड़ा कारण है। सीरिया पर अमेरिका-रूस टकराव और अमेरिका-चीन आयात शुल्क विवाद गहराता है तो ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव तीन माह में 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास तक पहुंच सकता है। हालांकि बीते चार वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन सर्वोच्च स्तर पर है लेकिन अगर अमेरिका व रूस के बीच टकराव बढ़ा है तो क्रूड के भाव और चढ़ेंगे। अप्रैल की शुरुआत से लेकर पेट्रोल के दाम अब तक 50 पैसे बढ़ चुके हैं। डीजल में भी करीब 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। इस साल के शुरुआत 4 महीने में पेट्रोल के दाम करीब 4 रुपए बढ़ चुके हैं। वहीं, डीजल के कीमतें 5-6 रुपए तक बढ़ चुकी हैं। ये किसी भी साल में होने वाली सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। 
    14 अप्रैल को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया की राजधानी दमिश्क के कई जगहों पर मिसाइलें दागी थीं। सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में कथित रूप से सीरिया द्वारा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी। इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे। इस चेतावनी के बाद सीरिया के खिलाफ मिसाइल हमला किया गया। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि हवाई हमलों ने सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को करारी चोट पहुंचाई, लेकिन अभी देखना है कि सीरिया कैसे जवाब देता है। इसकी जांच शुरू हो चुकी है।  (जी न्यूज)

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Posted Date : 22-Apr-2018
  • - अभय शर्मा
    नई दिल्ली, 22 अप्रैल। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ा फैसला लेते हुए आधार को बैंक अकाउंट से जोडऩा अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने नियमों में किए गए इस बदलाव की जानकारी शुक्रवार को जारी एक नए सर्कुलर में दी है। हालांकि, उसने यह भी साफ किया है कि यह नया नियम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद ही लागू किया जाएगा।
    केंद्रीय बैंक ने जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय में रहने वाले लोगों को इस नियम से छूट दी है। नए दिशा-निर्देश के अनुसार इन क्षेत्रों में जो लोग आधार और आधार पंजीयन आवेदन संख्या नहीं देते हैं, बैंक उनसे पहचान और पते के लिए आधिकारिक तौर पर वैध दस्तावेज (ओवीडी) और हालिया फोटो मांग सकते हैं। इसके अलावा जो लोग भारत के रहने वाले नहीं हैं या जो आधार हासिल करने के पात्र नहीं हैं, उनसे भी आधार नहीं मांगा जाएगा।
    पहले बैंकों में केवाईसी (नो योर कस्टमर) के लिए खाताधारक का एक हालिया फोटो, पैन कार्ड की कॉपी और पते के सबूत के लिए ओवीडी मांगा जाता था। लेकिन, जून 2017 में केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2018 तक बैंक खाते से आधार जोडऩा अनिवार्य कर दिया था। हालांकि, पिछले महीने सरकार के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला आने तक रोक लगा दी थी।  (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 21 अप्रैल । देश में पेट्रोल की कीमत बीते 55 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं है। सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक शुक्रवार को प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 74.08 रुपये रही, जो सितंबर 2013 के बाद की सबसे ऊंची दर है। वहीं, कोलकाता में प्रति लीटर पेट्रोल की खुदरा कीमत 76.78 रुपये, चेन्नई में 76.85 रुपये और मुंबई में 81.93 रुपये पहुंच गई। वहीं, डीजल की कीमत में भी प्रति लीटर चार पैसे का इजाफा हुआ है।
    एनडीटीवी के मुताबिक अकेले अप्रैल महीने में ही प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत में 50 पैसे, जबकि डीजल की कीमत में 90 पैसे से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं, 2018 की शुरुआत से अब तक प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत चार रुपये, जबकि डीजल की कीमत पांच से छह रुपये तक बढ़ चुकी है।
    पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढऩे की वजह अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल का दाम बढऩा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ोतरी का भारत में तत्काल असर पडऩे की वजह भारतीय तेल कंपनियों द्वारा बीते साल अपनाई गई रोजाना दाम तय करने की व्यवस्था है। इससे पहले पिछले 15 साल से 15 दिन पर पेट्रोल और डीजल का दाम तय करने की व्यवस्था लागू थी। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 21 अप्रैल । नोटबंदी के बाद देश के बैंकों को जाली नोट मिलने के मामले में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। साथ ही, संदिग्ध लेन-देन में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। नोटबंदी के बाद संदिग्ध जमाओं पर आई पहली रिपोर्ट के हवाले से यह बात कही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में साल 2016-17 में संदिग्ध लेन-देन में करीब पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जाली नोट पाए जाने के मामले भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। (बिजनेस स्टैंडर्ड)

     

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • मुंबई, 21 अप्रैल। आरबीआई ने केवाईसी गाइडलाइंस में परिवर्तन किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को बैंकों और वित्त कंपनियों द्वारा ग्राहक से वित्तीय व्यवहार में आधार को प्रमुखता दी है। आरबीआई ने अन्य ऑफिशियली वैध दस्तावेजों के प्रयोग से संबंधित उन सेक्शन्स में सुधार किए हैं, जिनके नियमों के तहत बैंक ग्राहक के पते और उसकी पहचान के लिए प्रूफ के तौर पर उपयोग करते हैं। आरबीआई ने कहा है कि नए मानदंड आधार पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के तहत तय किए गए हैं।
    सर्कुलर में लेन-देन में सावधानी रखने के लिए आरबीआई से विनियमित संस्थानों को ग्राहकों से आधार नंबर, पैन या इनकम टैक्स नियमों के तहत परिभाषित फार्म नं. 60 लेना होगा। ये नियम आधार के लिए योग्य सभी नागरिकों पर लागू है।
    नए मानदंडों में पहले का एक सेक्शन शामिल नहीं है, जो राज्य सरकार या राजपत्र अधिसूचना द्वारा जारी किए गए विवाह प्रमाण पत्र की एक प्रति को अनुमति देता है। ये व्यक्ति के मौजूदा नाम में आधिकारिक रूप से मान्य दस्तावेज की प्रमाणित प्रति के साथ नाम में परिवर्तन का संकेत देता है और पते और पहचान का सबूत है। इसका अर्थ यही है कि आधार ही एक मात्र केवाईसी के लिए पहचान का प्रमाण होगा। इससे ये आसान नहीं होगा कि खाताधारक रिश्तेदार के पते पर खुद का रहना दिखाकर अपना बैंक अकाउंट बैंक में बनाए रख सके।
    आरबीआई ने एक सर्कुलर में कहा कि नॉम्र्स में बदलाव इसलिए किए गए हैं, क्योंकि सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग के कानून में बदलाव किया है। सरकार के कानून में ये बदलाव जून 2017 को प्रकाशित गैजेट नोटिफिकेशन में सामने आया था। इसके आधार पर हालाकि, अभी ये साफ नहीं है कि अब आरबीआई नई गाइडलाइन का पालन कब से लागू होगा।
    पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न सेवाओं के लिए 31 मार्च तक आधार को लिंक करने की अनिवार्यता थी, लेकिन संवैधानिक पीठ का आधार की मान्यता पर फैसला आ गया। इसमें बैंकों और टेलिकॉम सर्विसेस के साथ अन्य सरकारी योजनाओं में आधार को लिंक करने की समय सीमा हटा दी गई ।
    आधार के मामले में जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय के लोगों को आधार की अनिवार्यता से छूट दी गई है। अभी ये साफ नहीं है कि बैंक कैसे ऐसे कस्टमर के साथ नए सर्कुलर सुधार के साथ गाइडलाइंस केे नियमों का पालन कर सकेंगे। इससे पहले 25 फरवरी 2016 के कई निर्देशों का पालन भी कैसे होगा। (इंडिया.कॉम)

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Posted Date : 20-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 20 अप्रैल। देश की सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्च, 2018 में समाप्त चौथी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 4.4 प्रतिशत बढ़कर 6,904 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों को एक पर एक के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है।
    टीसीएस ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में यह जानकारी दी है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 6,608 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। टाटा समूह की इस कंपनी का समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय हिस्सा होता है। तिमाही के दौरान टीसीएस की आय या कारोबार 8.2 प्रतिशत बढ़कर 32,075 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 29,642 करोड़ रुपए रहा था।
    टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने कहा, सभी उद्योग खंडों में डिजिटल की भारी मांग तथा बड़े बदलाव वाले करार हासिल होने की वजह से चौथी तिमाही हाल के वर्षों में हमारी सबसे अच्छी तिमाही रही है। इससे हम नए वित्त वर्ष की शुरुआत विश्वास के साथ कर सकेंगे। इस दौरान कंपनी की आमदनी में डिजिटल आय का योगदान 23.8 प्रतिशत रहा। पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में टीसीएस का शुद्ध लाभ 1.7 प्रतिशत घटकर 25,826 करोड़ रुपए पर आ गया। वहीं वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की आमदनी 4.3 प्रतिशत बढ़कर 1.23 लाख करोड़ रुपए रही। मार्च, 2018 के अंत तक टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या 3,94,998 थी। आईटी सेवाओं में कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोडऩे की दर 11 प्रतिशत रही।   (पंजाब केसरी)

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Posted Date : 19-Apr-2018
  • बेंगलूरु, 19 अप्रैल। ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भारत में एंड्रोयड उपकरणों के लिए इंटरनेट नाम से वेब ब्राउजर पेश कर दिया है। यह ब्राउजर बेहद तेजी से काम करता है और उपयोगकर्ता के डिवाइस पर बहुत ज्यादा स्टोरेज भी नहीं लेता है। कंपनी ने दावा किया है कि यह ब्राउजर किसी अन्य ब्राउजर जैसे निजी डेटा का संग्रहण नहीं करता है। मार्च से ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध इस ब्राउजर को अब तक 100 से अधिक बार इंस्टॉल किया जा चुका है। एमेजॉन ने इस ब्राउजर के लॉन्च की आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की है और इससे जुड़ी खबर सबसे पहले बुधवार को टेकक्रंच द्वारा दी गई थी।
    प्ले स्टोर पर इस ब्राउजर के विवरण में लिखा है, इंटरनेट ब्राउजर प्रतिस्पर्धी ब्राउजर्स की तुलना में हलका है। इसका मतलब है कि इसमें अपनी पसंदीदा वेबसाइटों से नए वीडियो और म्यूजिक डाउनलोड करने के लिए अधिक स्टोरेज उपलब्ध है। इसमें नए फीचर और अपडेट नियमित रूप से आते हैं। इससे उपयोगकर्ता को अपने डेटा प्लान के हिसाब से इनहें डाउनलोड करने के बारे में निर्णय लेने में मदद मिलती है। एमेजॉन ने खबर लिखे जाने तक इंटरनेट ब्राउजर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है।
     इंटरनेट का आकार महज 2 एमबी का है जिससे यह भारत में लॉन्च हुए गूगल और फेसबुक जैसे ऐप के समान ही है।  एमेजॉन इस ब्राउजर के लिए जिन बड़े फीचर्स पर विचार कर रही है, उनमें एक है निजता। कंपनी ने दावा किया है कि यह ब्राउजर किसी अन्य ब्राउजर जैसी अनुमति नहीं मांगता है और निजी डेटा एकत्रित नहीं करता है। (बिजनेस स्टैंडर्ड)

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Posted Date : 19-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 19 अप्रैल । केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ऑटो, टैक्सी और ई रिक्शा चालकों को बड़ी राहत दी है। मंत्रालय के फैसले के मुताबिक अब ऑटो, टैक्सी और ई रिक्शा चलाने के लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब निजी लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होने पर भी कमर्शियल वाहन चला सकेंगे। हालांकि ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के अभी भी अलग ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होगी।
    परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली समेत सभी राज्यों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक जिन वाहनों का वजन 7,500 किलो या इससे कम है तो इन्हें चलाने के लिए कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। मंत्रालय ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2007 में दिए गए एक आदेश के बाद लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2007 में कहा था कि गाड़ी का बीमा वाहन श्रेणी से संबंधित होता है, इसका लाइसेंस से कोई संबंध नहीं है।
    परिवहन मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इससे कमर्शियल लाइसेंस बनाने में हो रहा बड़े स्तर का भ्रष्टाचार खत्म होगा। राज्यों को कर्मिशयल वाहनों के लिए अलग से लाइसेंस जारी करने होंगे। कर्मिशियल ड्राइविंग लाइसेंस निजी लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही बनता है। (एबीपी न्यूज)

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Posted Date : 19-Apr-2018
  • मुंबई, 19 अप्रैल । एटीएम ऑपरेटर्स ने एटीएम ट्रांजैक्शन के लिए हायर इंटरचेंज रेट की मांग उठाई है, जिससे वह हाल ही में आरबीआई के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करने में सक्षम बन सके। फिलहाल सभी बैंक दूसरे बैंकों के कस्टमर से अपने बैंक का एटीएम प्रयोग करने पर हर बार कैश निकालने पर 15 रुपये और दूसरे नॉन कैश ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये लेते हैं, जो 5 ट्रांजेक्शन के बाद हर बैंक ग्राहक को देना पड़ता है। अगर यह मांग मान ली गई तो बैंक के कस्टमर्स को दूसरे बैंक के एटीएम का प्रयोग करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है।
    कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (सीएटीएमआई) ने मांग की है कि एटीएम से ट्रांजैक्शन करने पर चार्ज कम से कम 3 रुपये से 5 रुपये बढऩा चाहिए, जिससे एटीएम ऑपरेटर्स बढ़ती महंगाई में अपनी लागत निकाल सकें। सीएटीएमआई के निदेशक के श्रीनिवास ने कहा कि हाल ही में आरबीआई ने काफी सख्त गाइडलाइंस जारी की है, जिससे एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स की कुल लागत में बढ़ोतरी होगी। 
    आरबीआई ने कहा है कि बैंकों को जुलाई से कैश मैनेजमेंट संबंधी गतिविधियों के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ इस व्यवस्था में न्यूनतम मानक लागू करने चाहिए। इसमें एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए 300 कैश वैन का बेड़ा, एक ड्राइवर, 2 रक्षक और कम से सम 2 गनमैन रखे जाने का निर्देश आरबीआई ने दिया है। कैश वाहन जीपीएस ले लैस होने चाहिए। 
    जियो फेसिंग मैपिंग के साथ इसकी निगरानी रखी जा सके और किसी इमर्जेंसी की हालत में यह नजदीकी पुलिस स्टेशन का संकेत दे सके। सीएटीएमआई आरबीआई और एनपीसीआई से बातचीत कर रही है। उसे उम्मीद है कि इंटरचेंज रेट को बढ़ाने का मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर विचार-विमर्श करना चाहिए। (टाईम्स न्यूज)

     

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Posted Date : 18-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 18 अप्रैल । देश के कई हिस्सों में एटीएम खाली होने और यहां नकदी की कमी होने की खबरों के बीच मंगलवार को सरकार ने घोषणा की है कि वह पांच सौ रुपये के नोटों की छपाई पांच गुना तक बढ़ाएगी।
    वित्त मंत्रालय में सचिव एससी गर्ग ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है, हम हर दिन करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य के पांच सौ रुपये के नोट छापते हैं। लेकिन अब हमने यह संख्या बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। कुछ दिनों के बाद हम रोजाना करीब 2500 करोड़ रुपये मूल्य के पांच सौ रुपये के नोटों की आपूर्ति करेंगे।
    इससे पहले सोमवार को पूर्वी महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात से एटीएम खाली होने की शिकायतें आई थीं। वहीं मंगलवार को देश के कई दूसरे हिस्सों से भी ऐसी खबरें आने के बाद इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का बयान आया है। उन्होंने कहा है, देश में पर्याप्त मात्रा में नकदी है और चिंता जैसी कोई बात नहीं है। जेटली ने इस बाबत ट्वीट करके बताया है, सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है। कुछ एटीएम में नकदी न होने की दिक्कत को हल करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही इसका समाधान हो जाएगा। जहां तक बैंकों की बात है तो उनके पास पर्याप्त से अधिक नकदी मौजूद है।(आईएएनएस)

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Posted Date : 18-Apr-2018
  • देविना गुप्ता
    दुनिया में गोल्ड के दूसरे सबसे बड़े आयातक भारत में अप्रैल के महीने में अक्षय तृतीया त्योहार की वजह से सोने की मांग में बढ़त देखी जाती है.
    लेकिन अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो इस साल की अक्षय तृतीया पर सोने की कीमतें सबसे ज़्यादा बढ़ सकती हैं.
    बीते 11 अप्रैल को 24 कैरेट सोने की कीमत 31,524 रुपये प्रति दस ग्राम का आंकड़ा पार कर गई थी.
    हालांकि, 17 अप्रैल को सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट देखी गई. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक़ खरीदार लगातार सोना खरीदना जारी रखेंगे.
    कमोडिटीज़ एंड करेंसी रिसर्च फर्म निर्मल बंग के प्रमुख कुणाल शाह कहते हैं, "मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता, भूराजनीतिक संकट से जुड़ी अनिश्चितताएं और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई के बढ़ने से जुड़ी आशंकाओं के चलते मार्च 2018 के अंत तक सोना वैश्विक स्तर पर $1450 पर खरीदा जाएगा लेकिन मार्च 2019 से पहले ये $1600 का स्तर छू लेगा."
    सोने को हमेशा ही निवेश के लिहाज से एक बढ़िया विकल्प माना जाता है. ये वैश्विक अनिश्चितताओं का साल है, अमरीका चीन के साथ ट्रेड वॉर करने की धमकी दे रहा है, सीरिया में तनाव बढ़ रहा है.
    ऐसे में निवेशक अपना पैसा किसी अन्य जगह पर लगाने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं. और इस तरह वे सोने में निवेश करने का फ़ैसला कर रहे हैं जिससे दुनिया भर में सोने की कीमतें बढ़ रही हैं. इससे भारत जैसे देश भी प्रभावित होंगे.
    भारत में कैसी है सोने की स्थिति
    भारत में नोटबंदी और जीएसटी आने के बाद सोने की मांग कम हुई थी.
    मार्च में सोने का आयात $2.4 बिलियन पर पिछले साल के मुक़ाबले 40 फीसदी तक घट गया था.
    इसकी वजह से इस इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा था. लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अब सोने की मांग में उछाल आ सकता है.
    क्योंकि बेहतर मॉनसून के चलते किसानों की आमदनी बेहतर हुई है जिससे इस त्योहारों के मौसम में सोने की मांग बढ़ सकती है.
    इस देश में सोने की कुल मांग का दो-तिहाई हिस्सा ग्रामीण भारत से आता है.
    अक्षय तृतीया के अवसर पर
    बीते कुछ सालों में अगर सोने की कीमतों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि ये 2018 इस लिहाज़ से सबसे महंगा साल हो सकता है.
    साल 2010 में जब अक्षय तृतीया 16 मई को पड़ा था तब आप दस 24 ग्राम कैरेट सोना 18,167 रुपये प्रति दस ग्राम की दर में खरीद सकते थे.
    लेकिन बीते साल ये दाम बढ़कर 29,890 रुपये प्रति दस ग्राम की दर हो गया.
    28 अप्रैल, 2017 - 28,861 रुपये
    9 मई, 2016 - 29,860 रुपये
    21 अप्रैल, 2015- 26,938 रुपये
    2 मई, 2014- 28,865 रुपये
    13 मई, 2013 -26,829 रुपये
    24 अप्रैल, 2012- 28,852 रुपये
    6 मई, 2011- 21,736 रुपये
    16 मई, 2010- 18,167 रुपये
    सोना खरीदने का सही समय
    इसमें अच्छी बात ये है कि अगर आपने पहले सोना खरीदा होता तो आपको अपनी संपत्ति में बढ़त देखने को मिलती.
    ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये सोना खरीदने का सही समय है. इस मसले पर विशेषज्ञ बंटे हुए हैं.
    कॉमट्रेंड्ज़ रिसर्च के निदेशक ग्नानसेकर त्यागराजन बताते हैं, "30 हज़ार रुपये के आंकड़े पर लोगों के बीच सोना बेचने की धारणा होती है लेकिन अब कीमतें स्थिर हो रही हैं."
    "मेरा मानना है कि इस साल के अंत तक सोने की कीमतें ऊपर चढ़ेंगी. इसलिए इस अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना ठीक हो सकता है क्योंकि अब यहां से कीमतें ऊपर ही जाएंगी."
    वहीं, एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज़ की वंदना भारती ने बीबीसी को बताया है, "इस समय बाजार का माहौल अलग है, ऐसे में मैं कुछ महीने इंतज़ार करने की सलाह देती हूं, सितंबर और अक्टूबर खरीदारी के लिए बेहतर समय हो सकता क्योंकि कीमतों में 5-6 फीसदी की गिरावट हो सकती है." (बीबीसी)

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Posted Date : 16-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 16 अप्रैल । साल 2016 में नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपये के नोट के कालेधन में तब्दील होने की आशंका पैदा हो गई है। खबर के मुताबिक बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट में आने वाली रकम में इसकी संख्या में लगातार कमी आ रही है। मार्च, 2018 में बैंकों की करेंसी चेस्ट की बैलेंसशीट के मुताबिक 2000 रुपये के नोटों की संख्या कुल जमा रकम की केवल 10 फीसदी रह गई है। 
    यह स्थिति इनके कुल जारी करेंसी में हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी होने के बाद की है। 
    बताया जाता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने करीब सात लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2000 रुपये के नोट जारी किए हैं। जुलाई, 2017 तक बैंकों में जमा रकम में इनकी हिस्सेदारी 35 फीसदी थी। इसके बाद नवंबर, 2017 में यह घटकर 25 फीसदी रह गई थी।(सत्याग्रह)

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Posted Date : 14-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 14 अप्रैल। देश के कई इलाकों में एटीएम में कैश की किल्लत को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने आरबीआई से स्थिति की समीक्षा करने और जल्द इसका समाधान निकालने को कहा है। हालांकि आरबीआई का कहना है कि एटीएम में कैश भरने के लिए बैंकों को पर्याप्त कैश उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी के अनुसार जिन राज्यों में एटीएम में कैश की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, उनमें छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में किल्लत ज्यादा है। आरबीआई के जरिए बैंकों से कहा गया है कि वह इन शहरों में एटीएम में तेजी से कैश डालने और जो एटीएम खराब है, उनको दुरुस्त करने की रफ्तार तेज करें। उम्मीद है कि एटीएम में कैश की किल्लत की समस्या का समाधान जल्द हो जाएगा।
    सूत्रों के अनुसार कई राज्यों में एटीएम में कैश की किल्लत को लेकर कई कारण सामने आ रहे हैं। सरकार ने फाइनैंशल रेजॉलूशन ऐंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआई) बिल लाने की लाने की बात की थी। हालांकि इस बिल को वापस ले ले लिया गया। इस बिल में इस बात का प्रावधान है कि अगर कोई बैंक किसी कारणवश वित्तीय संकट में फंस जाता है तो जमाकर्ताओं के पैसे से उसका पुनरुद्धार किया जाएगा।
    बिल के अनुसार जमाकर्ताओं की 1 लाख रुपये तक जमाराशि को छेड़ा नहीं जाएगा, बाकी राशि का इस्तेमाल बैंक के पुनरुद्धार में किया जाएगा। इससे लोगों में घबराहट फैल गई थी। तब भी लोगों ने एटीएम से ज्यादा कैश निकालना शुरु कर दिया। अब पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद लोगों को लग रहा है कि कई बैंक वित्तीय संकट में फंस सकते हैं। ऐसे में वे पहले की तुलना में एटीएम में ज्यादा निकाल रहे हैं और इससे एटीएम जल्द खाली हो रहे हैं। 
    सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को 2000 रुपये के नोट प्रिटिंग कम करने और छोटे नोटों की प्रिटिंग बढ़ाने को कह रखा है। इसके साथ एटीएम में भी 2000 रुपये के नोट की बजाय छोटे नोट ज्यादा डालने के लिए आरबीई को कहा गया है। ऐसे में एटीएम में डाले गये करंसी नोट की कुल वैल्यू कम हो रही है। इससे एटीएम जल्द खाली हो रहे हैं। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने अपनी स्टडी में पाया है कि बैंकों के कुल एटीएम में 15 फीसदी एटीएम खराब हैं। बड़े शहरों में तो खराब एटीएम को जल्द ठीक कर दिया जाता है, मगर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में इसको ठीक करने में समय लगता है। 
    सरकार अब डिजिटल इंडिया को प्रमोट कर रही है। इसके चलते बैंकों, विशेष रूप से सरकारी बैंकों ने नए एटीएम लगाने की संख्या में 30 से 40 फीसदी की कमी की है। एक सरकारी बैंक के उच्चाधिकारी का कहना है कि नए एटीएम को लेकर पॉलिसी सख्त हो गई है। लोगों को ऑनलाइन और कार्ड से पेमेंट करने के लिए प्रमोट किया जा रहा है। ऐसे में नए एटीएम लगाने की रफ्तार को धीमा कर दिया गया है। इसका नेगेटिव असर एटीएम में कैश किल्लत के रूप में सामने आ रहा है। 
    आरबीआई का कहना है कि नोटबंदी के 4 दिन पहले 17.74 लाख करोड़ रुपए नोट चलन में थे। अभी कुल 18.04 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में हैं। दो सौ रुपये के नये नोट चलन में आने से एटीएम में उसको डालने में आ रही परेशानी भी कैश किल्लत का एक कारण हो सकता है।  (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 12-Apr-2018
  • केंद्र सरकार ने पूर्व सीएजी प्रमुख विनोद राय को बैंक ब्यूरो बोर्ड (बीबीबी) के चेयरमैन पद से हटा दिया है। भानु प्रताप शर्मा अब इसके नए चेयरमैन होंगे। वहीं सरकार ने तीन नए सदस्यों को भी नियुक्त किया है। इनमें वेदिका भंडारकर, पी प्रदीप कुमार और प्रदीप पी शाह शामिल हैं।    
    इसलिए गिरी गाज
    पीएनबी सहित अन्य बैंकों में उजागर हुए घोटाले के बाद से ऐसी खबरें सामने आ रहीं थी कि राय को उनके पद से हटाया जा सकता है। वैसे भी राय का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो गया था। राय को सरकारी बैंकों में प्रबंधन स्तर के अधिकारियों में कार्यशैली विकसित करने के लिए सरकार को सलाह देने का जिम्मा सौंपा गया था। दरअसल ब्यूरो सरकारी बैंकों में कर्मचारियों की गुणवत्ता सुधारने की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया।
    राय ने किया निराश 
    सूत्रों ने कहा कि जिस काम के लिए राय को सरकार ने बीबीबी का चेयरमैन बनाया था, उसमें उन्होंने काफी निराश किया है। बीबीबी को पब्लिक सेक्टर बैंकों के एमडी और सीईओ को चुनने की जिम्मेदारी दी गई थी।
    इसके अलावा अन्य सीनियर पदों पर भी सही लोगों को चुनने के लिए कहा गया था। वहीं उन पर सभी पीएसयू बैंकों में एचआर के द्वारा टेक्नीकल अपग्रेडेशन और स्टाफ की ट्रेनिंग को कराने के लिए कहा गया था, जिसमें वो पूरी तरह से फेल हो गए थे। माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय ने बोर्ड के साथ काम करने से इनकार कर दिया है।
    प्रोबेशन अधिकारियों के लिए घटी ट्रेनिंग की अवधि
    पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंकों ने प्रोबेशनरी अधिकारी के लिए सेवा में प्रशिक्षण की अवधि 24 महीने से घटाकर 1 वर्ष कर दी है। पीएनबी ने तो अपने ट्रेजरी और विदेशी मुद्रा परिचालन अधिकारियों को लंबे समय से रिफ्रेशर प्रशिक्षण के लिए ही नहीं भेजा है।
    बैंक के एक उच्चाधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है, ये अपना काम नहीं जानते हैं। लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सूचना के आदान-प्रदान से बैकअप अधिकारी तैयार हो जाते हैं। (Amarujala)

     

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Posted Date : 11-Apr-2018
  • मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो और ACT फाइबरनेट ने गूगल होम डिवाइसेज के साथ डेटा सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए गूगल इंडिया से हाथ मिलाया है। यही नहीं, जियो इसके साथ कई आकर्षक ऑफर्स के साथ फ्री होम डिलिवरी भी देगा। गूगल ने मंगलवार को भारत में अपने असिस्टेंड-बेस्ड स्मार्ट स्पीकर 'होम' और 'होम मिनी' वॉइस स्पीकर्स लॉन्च किए हैं। ये डिवाइस आपके लिए डेली न्यूज से लेकर ईमेल चेक करने जैसे काम तक करती है।
    जियो के कस्टमर्स 149 रुपये (+99 रुपये प्राइम) से शुरू होने वाले किसी भी पैक पर माइजियो अकाउंट में 100 जीबी अतिरिक्त डेटा 10 जीबी वाउचर्स के पा सकते हैं। इन वाउचर्स की वैलिडिटी क्रेडिट होने की तारीख से एक साल तक होगी। यही नहीं गूगल होम डिवाइस रिलायंस रिटेल स्टोर से गूगल होम डिवाइस खरदीनेवाले यूजर्स को को जियोवाई डिवाइस फ्री मिलेगी। 

    दूसरी तरफ ACT ने कहा है कि वह गूगल के हाल ही में लॉन्च हुए स्मार्ट स्पीकर्स को हाई-स्पीड-फाइबर-टु-दि-होम (FTTH) कनेक्टिविटी से सपॉर्ट करेगा। ACT फाइबरनेट ने कहा कि वह गूगल के साथ मिल कस्टमर्स को खास बंडल प्लान्स ऑफर करेगा। गूगल मिनी आपके लिए कॉल भी करेगा और आपके घर की डिवाइसेज जैसे फिलिप्स ह्यू, नेस्ट, हनीवेल को भी कंट्रोल कर सकता है। ऐंड्रॉयड और एआई के बेहतर इंटीग्रेशन के चलते, गूगल होम स्पीकर इसे अपनी खासियत बताते हुए ऐमजॉन ऐलेक्सी वाले ऐको स्पीकर्स को चुनौती देंगे। 

    Google Home और Home Mini क्या है? 
    होम मिनी एक स्पीकर है जिसके सभी फंक्शंस गूगल होम वाले ही हैं। यह Google Home वाले ऑडियो फॉरमेट्स सपॉर्ट करता है। इसमें वाई-फाई और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के अलावा क्रोमकास्ट और क्रोमकास्ट ऑडियो बिल्ट-इन है। इसमें 40एमएम ड्राइवर दिया गया है जो एक सिंग माइक्रो-यूएसबी पोर्ट के साथ आता है। 

    भारत में पहले ऐमजॉन और अब गूगल के स्मार्ट स्पीकर्स के साथ धीरे-धीरे स्मार्ट स्पीकर इंडस्ट्री बढ़त हासिल कर रही है। ऐपल ने भी पिछले साल अपने स्मार्ट स्पीकर्स होमपॉड लॉन्च किए थे। हालांकि, क्यूपर्टिनो की कंपनी ने अभी तक भारत में अपने स्मार्ट स्पीकर्स पेश नहीं किए हैं। (इकनॉमिक टाइम्स)

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Posted Date : 10-Apr-2018
  • मुंबई, 10 अप्रैल। एक्सिस बैंक के निदेशक मंडल ने बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ शिखा शर्मा का नया कार्यकाल तीन साल से घटाकर सिर्फ सात महीने कर दिया है। शिखा ने खुद ही अपने कार्यकाल में कटौती का 'चौंकाने वाला आग्रहÓ बैंक के बोर्ड से किया है। निजी क्षेत्र के बैंक के निदेशक मंडल का यह फैसला ऐसे समय में आया है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक की सीईओ व प्रबंध निदेशक पद पर शिखा शर्मा की चौथे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति पर सवाल उठाया था। एक्सिस बैंक बढ़ती गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की समस्या से जूझ रहा है।
    बैंक का कहना है कि खुद शिखा शर्मा ने बोर्ड से आग्रह किया कि उनके नये कार्यकाल को घटाते हुए इस साल दिसंबर तक कर दिया जाए। यानी उन्हें तय समय से 29 महीने पहले ही पद से मुक्त कर दिया जाए।  शिखा शर्मा का तीसरा कार्यकाल 31 मई 2018 को पूरा हो रहा है। वे 2009 से इस पद पर हैं। 
    एक्सिस बैंक ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि बोर्ड ने शिखा शर्मा को सात महीने एक जून से 31 दिसंबर 2018 तक के छोटे कार्यकाल का आग्रह किया है। इससे पहले पिछले साल आठ दिसंबर को बैंक ने कहा कि बोर्ड ने शिखा को एक जून 2018 से तीन साल के लिए पुनर्नियुक्ति करने का फैसला किया है। हालांकि, शिखा शर्मा की पुनर्नियुक्ति पर आरबीआई की मंजूरी अभी ली जानी है। (भाषा)

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Posted Date : 10-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 10 अप्रैल। विवादों में फंसीं आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर को अब बोर्ड के सदस्यों का भी समर्थन नहीं मिल रहा है। खबर के मुताबिक बोर्ड के एक सदस्य का कहना है कि इस मामले में बोर्ड का ध्यान संस्थान को मजबूत करने पर होना चाहिए न कि किसी आरोपित व्यक्ति (चंदा कोचर) का बचाव करने पर। सोमवार को न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने खबर दी कि इसके चलते चंदा कोचर की जगह किसी और अंतरिम सीईओ बनाया जा सकता है।
    उधर, इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बैंक के कुछ बड़े निवेशकों ने चेयरमैन एमके शर्मा से बात की है। बोर्ड ने पहले मजबूती से चंदा कोचर का समर्थन किया था। अब कहा जा रहा है कि बोर्ड के रुख में बदलाव हो सकता है। इस कवायद में शामिल दो सूत्रों के मुताबिक निवेशकों से कहा गया है कि बोर्ड इस मामले में उनकी चिंताओं को समझता है। आईसीआईसीआई बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पहले बोर्ड चंदा कोचर के साथ खड़ा था लेकिन हालिया बैठकों में कहा गया कि संस्थान किसी व्यक्ति से बड़ा है और बैंक निवेशकों की चिंताओं पर ध्यान दे रहा है। उधर, सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन समूह के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ शुरुआती जांच का मामला दर्ज किया गया है।
    यह मामला आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को विवादित तरीके से 3,250 करोड़ का कर्ज देने से जुड़ा है। आरोप है कि वीडियोकॉन के मुखिया वेणुगोपाल धूत ने इस रकम का 10 फीसदी हिस्सा उन कंपनियों में निवेश किया जिन्हें दीपक कोचर चला रहे थे। इसमें से 2,810 करोड़ रुपये की रकम गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित हो चुकी है। इसके अलावा सरकारी बॉन्डों को बेचने में भी नियमों का पालन नहीं करने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आलोचना का सामना कर रहा है। इसके लिए पिछले महीने आरबीआई ने बैंक पर 58 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।  (टाईम्स आफ इंडिया)

    चंदा कोचर के कार्यकाल पर फैसला लेना रिजर्व बैंक का अधिकार- वित्त मंत्रालय
    नई दिल्ली, 10 अप्रैल। बैंक संचालन में भाई-भतीजावाद के आरोपों का सामना कर रही निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर के कार्यकाल को लेकर कोई भी फैसला लेना बैंक क्षेत्र के नियामक रिजर्व बैंक या फिर आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल के अधिकार क्षेत्र में आता है। आधिकारिक सूत्रों का यह कहना है।
    वित्त मंत्रालय का मानना है कि निजी क्षेत्र के बैंक अईसीआईसीआई बैंक के मामलों को देखना और उसके बारे में कोई फैसला लेना उसका काम नहीं है। हालांकि, एक नियामक के तौर पर रिजर्व बैंक इस मामले पर गौर कर सकता है।
    वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि यह देखना रिजर्वबैंक का काम है कि चंदा कोचर को आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ के पद पर बने रहना चाहिये अथवा नहीं। मंत्रालय ने कहा है कि नियामक और आईसीआईसीआई बैंक का निदेशक मंडल इस बारे में निर्णय लेने में सक्षम है।
    कोचर के खिलाफ अपने कामकाज में भाई भतीजावाद चलाने का आरोप है। इससे बैंकों के कार्य संचालन को लेकर सवालिया निशान लग गया है।  (एजेंसी)

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Posted Date : 10-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 10 अप्रैल। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र, दिल्ली सरकार और दूसरे प्राधिकरणों से राज्य में अनधिकृत निर्माण और अवैध ढांचों की सीलिंग को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने को कहा है। खबर के मुताबिक न्यायाधीश एमबी लोकुर और न्यायाधीश दीपक गुप्ता की पीठ ने यह बात कही है। इससे पहले बीती चार अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण रोकने में विफल रहने पर केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों को फटकार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 अप्रैल को तय की है। (बिजनेस स्टैंडर्ड)

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Posted Date : 09-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 9 अप्रैल। आईसीआईसीआई बैंक के मामलों के जानकारों कहना है कि बैंक का पूरा बोर्ड अब इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता कि बैंक की सीईओ चंदा कोचर को पद पर रहने दिया जाए या नहीं। दो हफ्ते पहले बोर्ट ने कोचर पर पूरा विश्वास जताया था। लेकिन अब कहा जा रहा है कि कुछ निदेशकों ने आपत्ति के स्वर उठाए हैं। बताया जा रहा है कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कुछ बाहरी निदेशकों ने कोचर के रोल को जारी रखने का विरोध किया है। नाम न जाहिर करने इन लोगों ने यह बात कही है। कोचर का वर्तमान कार्यकाल 31 मार्च 2019 को समाप्त हो रहा है। 
    28 मार्च को फाइल किए गए क्रेडिट अपू्रवल प्रोसेस को बोर्ड के 12 सदस्यों ने सही पाया था। फाइलिंग में बोर्ड की अध्यक्षता चेयरमैन एमके शर्मा की थी और कहा था कि किसी प्रकार की कोई तरफदारी नहीं की गई है और कोचर पर पूरा भरोसा है। 
    आईसीआईसीआई के बोर्ड में 9 स्वतंत्र निदेशक हैं, इनमें बैंक के चेयरमैन, एलआईसी के प्रमुख (एलआईसी के पास 9।4 प्रतिशत शेयर हैं) भी शामिल हैं। बता दें कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन समूह में बिजनेस डील हुई थी। इस डील के बाद बैंक से वीडियोकॉन ग्रुप को लोन दिया गया है। इस केस में सीबीआई की प्राथमिक जांच जारी है।
    जब बोर्ड में ऐसे मतविभाजन पर आईसीआईसीआई के प्रवक्ता से पूछा गया तो उनका कहना था कि आपकी जानकारी पूरी तरह से निराधार और गलत है। आज सुबह शेयर बाजार में आईसीआईसीआई के शेयर 1.8 प्रतिशत नीचे थे। इससे पहले भी बैंक के शेयर 2.2 प्रतिशत गिर चुके हैं। 
    सीबीआई इस मामले को लेकर के चंदा कोचर के देवर को भी हिरासत में ले चुकी है। बोर्ड कुछ दिन पहले साफ कर चुका था कि वो इस मामले में पूरी तरह से कोचर के साथ है और यह उन पर निर्भर करेगा कि वो इस पद पर बनी रहेंगी या नहीं। 
    सीबीआई ने रविवार को आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स के निदेशक उमानाथ वैकुंठ नायक से पूछताछ की थी। नायक से सीबीआई ने यह पूछताछ आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए 3250 करोड़ रुपये के सिलसिले में थी। 
    सीबीआई इस मामले में पहले ही चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत के करीबी महेश चंद्र पुंगलिया से पूछताछ कर चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत और चंदा कोचर के पति खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 09-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 9 अप्रैल । तेरह हजार 600 करोड़ रुपए के पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कारगुजारी सामने आने से एक साल पहले ही केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने जूलरी सेक्टर में अनियमितता को लेकर खतरा जाहिर किया था। पीएनबी के साथ एजेंसियों ने अगर सतर्कता बरती होती तो आरोपियों पर समय रहते ही शिकंजा कसा जा सकता था।
    सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट 2017 के अनुसार आयोग ने 5 जनवरी 2017 को सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय के सीनियर अधिकारियों और पीएनबी सहित 10 बैंकों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उस बैठक में कुछ जूलरी फर्मों के अकाउंट्स में गंभीर अनियमितता की चर्चा की गई थी। 
    सीवीसी के वी चौधरी ने बताया, वह मीटिंग विनसम ग्रुप के जतिन मेहता द्वारा बैंको के साथ किए गए फ्रॉड को लेकर थी। इसके साथ ही जूलरी फर्म में फ्रॉड, बैंकिंग सिस्टम में गड़बड़ी, सीवीओ की पूछताछ प्रक्रिया, खरीददारों के अकाउंट्स और सोने के आयात पर भी चर्चा की गई थी।
    उन्होंने कहा कि उस वक्त नीरव मोदी और चौकसी का घोटाला सामने नहीं आ सका था। हालांकि खतरे की आहट मिलने के बाद अगर जांच एजेंसियां समय रहते सतर्क हो गई होतीं और पीएनबी भी इस सेक्टर से जुड़े खातों की सही से जांच करता तो इस घोटाले को रोका जा सकता था। पीएनबी मैनेजमेंट की तरफ से चूक हुई, नहीं तो नीरव और मेहुल पर काफी पहले ही शिकंजा कसा जा सकता था। 
    सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के आरोपी अरबपति जूलर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी कर दिया है। पंजाब नैशनल बैंक में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम देकर दोनों मामा-भांजे देश छोड़कर भाग चुके हैं। पिछले महीने स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट कोर्ट ने भी पिछले महीने इनके खिलाफ मुख्य गैरजमानती वॉरंट जारी किया था। अदालत द्वारा गैरजमानती वॉरंट जारी होने के साथ ही दोनों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग करने का रास्ता खुल जाएगा। 
    नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रान्च के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था। फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए पैसों की निकासी की गई। इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई और जैसी एजेंसियां कर रही हैं। पीएनबी के पूर्व डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी के अलावा नीरव मोदी और चौकसी की कंपनियों के कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 
    नीरव और चौकसी ने सीबीआई के नोटिस के जवाब में पेश होने से इनकार कर दिया था। धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी के हॉन्ग कॉन्ग में होने की खबर है। विदेश मंत्रालय ने हॉन्ग कॉन्ग प्रशासन से नीरव मोदी की प्रविजनल गिरफ्तारी के लिए अनुरोध किया है। पिछले दिनों विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी। (टाईम्स न्यूज)

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