कारोबार

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07-Jul-2020 5:48 PM

रायपुर, 7 जुलाई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। इसे देखते हुए राज्य के शिक्षा बोर्ड ने सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस लगाकर पढ़ाना शुरू कर दिया गया है। लेकिन मुश्किल यह है कि अधिकांश अभिभावकों के पास मोबाइल ही नहीं है, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रह गए हैं।

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि इसी तारतम्य में कैट सी.जी. चैप्टर ने संकल्प लिया कि सभी व्यापारियों एवं व्यपारिक संगठनों के सहयोग से पुराने मोबाइल जो की सभी के पास एक-दो रखे होते हैं, उसे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को स्कूलों के माध्यम से देने हेतु एक समग्र योजना बनाई गई।  अध्यापकों के अनुसार लगभग 40 से 50  प्रतिशत विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं है।

श्री पारवानी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले लगभग 1 लाख अध्यापकों द्वारा 15-20 लाख के करीब विद्यार्थियों को जूम ऐप तथा वाट्सअप के जरिए स्कूल का काम भेजा व चेक किया जा रहा है। अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को अप्रैल तथा मई महीने का सिलेबस ऑनलाइन मुहैया करवानेे के साथ पाठ्îक्रम की आडियो-वीडियो तैयार करके विद्यार्थियों के पास सोशल मीडिया के जरिए भेजी जा रही है लेकिन मोबाइल न होने से जरूरतमंद विद्यार्थी इस सुविधा से वंचित हैं। बच्चों को पढ़ाना भी जरूरी है। आनलाइन पढ़ाई बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। 

श्री पारवानी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों द्वारा अपने-अपने राज्यों में जाने के बाद शहरी इलाकों में अपने पोस्टिंग वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का डर भी बना हुआ है। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के कार्य में सहयोग के लिए कैट सी.जी. चैप्टर ने सुरेन्द्र सिंग को प्रदेश संयोजक और महेश जेठानी एवं सत्येन्द्र अग्रवाल को सह सयोजक बनाया है। 

 


07-Jul-2020 1:53 PM

जैसे ही कोई आपसे व्हाट्सएप पर मैसेज करने को कहता है तो पहले उसका नंबर सेव करना पड़ता है और फिर व्हाट्सएप में जाकर कॉन्टेक्ट रिफ्रेश करना होता है, लेकिन अब आपको एक नंबर सेव करने के लिए इतना कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अब आप क्यूआर कोड को स्कैन करके व्हाट्सएप नंबर सेव कर सकेंगे।

WhatsApp ने पिछले सप्ताह कई सारे नए फीचर्स जारी किए थे जिनमें डार्क मोड एक्पेंशन और काईओएस (4जी फीचर फोन) के लिए स्टेटस फीचर जैसे फीचर्स शामिल थे। व्हाट्सएप जल्द ही क्यूआर कोड आधारित कॉन्टेक्ट सेविंग फीचर ला रहा है जिसके बाद क्यूआर कोड स्कैन करके नंबर को सेव किया जा सकेगा।

व्हाट्सएप पिछले महीने से QR कोड की टेस्टिंग कर रहा है। कई बीटा यूजर्स इसकी टेस्टिंग भी कर रहे हैं। इसका अपडेट आने के बाद सभी व्हाट्सएप यूजर का एक अलग क्यूआर कोड होगा जिसे वे दूसरों के साथ शेयर कर सकेंगे।

कैसे काम करता है व्हाट्सएप क्यूआर कोड फीचर?
व्हाट्सएप में QR कोड यूजर्स की प्रोफाइल में दिखेगा। इसके बाद आपको क्यूआर कोड के आइकन पर टैप करना होगा। उसके बाद एक नया टैब खुलेगा जहां आपका क्यूआर कोड मिलेगा। क्यूआर कोड को फोन के कैमरे से स्कैन करने पर यूजर्स की डिटेल मिल जाएगी और उसके बाद एक क्लिक करके नंबर सेव किया जा सकेगा।


My code के ठीक बगल में यूजर्स को Scan Code का ऑप्शन भी दिखाई देगा। इसके जरिए आपको फोन का कैमरा ओपन हो जाएगा, जिससे आप किसी और यूजर का कोड स्कैन करके उनका नंबर अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव कर पाएंगे। यानी अब आपको नंबर टाइप करने की कोई जरूरत नहीं होगी। पिछले हफ्ते इस फीचर की भी घोषणा की गई थी, लेकिन अभी यह सभी यूजर्स को मिलना बाकी है। यह आने वाले कुछ हफ्तों में यूजर्स तक पहुंच सकता है।  

अब जल्द ही आम यूजर्स के लिए QR code का सपॉर्ट आने वाला है। इस फीचर के आ जाने से वॉट्सऐप पर नंबर सेव करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

कंपनी इस फीचर को कई महीनें से टेस्ट कर रही है। कुछ वॉट्सऐप बीटा यूजर्स को यह फीचर पिछले साल ही मिल गया था। अब इसे जल्द ही सभी यूजर्स के लिए जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी यूजर्स का अपना यूनीक QR कोड होगा, जिसे दूसरे यूजर्स स्कैन करके अपने फोन में नंबर सेव कर पाएंगे। तो आइए जानते हैं यह फीचर किस तरह काम करेगा

Whatsapp यूजर्स की प्रोफाइल के ठीक बगल में एक QR कोड आ जाएगा। इस कोड को देखने के लिए यूजर्स को ऐप की Settings में जाना होगा, जहां प्रोफाइल नेम और पिक्चर के साथ यह कोड भी मिलेगा। अगर आप QR कोड के आइकॉन पर टैप करेंगे तो यह My Code के नाम की एक टैब में ओपन हो जाएगा। यह कोड आप दूसरों के साथ शेयर भी कर पाएंगे।  


06-Jul-2020 4:09 PM

रायपुर, 6 जुलाई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान के चलते कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजकर मांग की है कि सरकार ई कॉमर्स पालिसी को जल्द से जल्द लागू करे जिसमें सभी वर्गों के व्यापार के लिए समान नीति बने। इससे विदेशी ई कॉमर्स कंपनियां देश के रिटेल व्यापार पर भारी डिस्काउंट, लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना जैसी व्यापारिक प्रवृतियों न चला सकें।  ई कॉमर्स के लिए एक रेगुलेटर के गठन की व्यवस्था हो तथा ई कॉमर्स के जरिये बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर अनिवार्य रूप से निर्मित देश का नाम और उस वस्तु में कितना वैल्यूए एडिशन किया गया है यह साफ रूप से अंकित हो।
कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि श्री गोयल को बताया गया कि विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों ने चीन के गुणवत्ता रहित सस्ते उत्पाद के लिए भारत को एक डंपिंग ग्राउंड बना दिया है।  निर्मित मूल देश का विवरण और वैल्यू एडिशन के विवरण लिखने से यह स्पष्ट हो सकेगा की वो वस्तु कहां बनी है और ग्राहक अपनी मर्जी के अनुसार खरीद सकेंगे।
श्री पारवानी ने बताया कि कोरोना के बाद देश में व्यापार करने का तौर-तरीका बदल रहा है और ग्राहकों के खरीददारी करने के तरीके में भी बड़ा परिवर्तन आ रहा है।  कोरोना के डर से ग्राहक बाजार में नहीं आ रहे हैं और व्यक्तिगत संपर्क करने में कतरा रहे हैं और इसी के बीच अगस्त के प्रथम सप्ताह से देश में त्योहारी मौसम शुरू हो जाएगा जो राखी से शुरू होकर दिवाली तक चलेगा। लोग ई कॉमर्स से खरीददारी करने पर ज्यादा जोर देंगे। 

श्री पारवानी ने बताया कि इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार को अब ई कॉमर्स पालिसी को तुरंत घोषित करना चाहिए जिससे देश के व्यापारी भी डिजिटल प्लेटफार्म पर अपने ई शोरूम खोल सकें जिसके द्वारा अपने ग्राहकों को सामन वितरित कर सकें । देश में एक निष्पक्ष और साफ सुथरा ई कॉमर्स व्यापार चलाने के लिए एक ठोस ई कॉमर्स नीति की आवश्यकता है जिससे बड़ी ई कॉमर्स कंपनियों की मनमानी को रोका जा सके और सभी लोगों को व्यापार करने तथा खरीददारी करने के समान अवसर मिलें।

श्री पारवानी ने यह भी बताया कि ई कॉमर्स पॉलिसी को केन्द्र सरकार के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के आव्हान को ध्यान में रखते हुए देश में बने उत्पादों तथा खास तौर पर देश के कोने-कोने में भारतीय कलाओं के द्वारा बने उत्पादों को बेचने में प्रमुखता देने के लिए ई कॉमर्स पॉलिसी में विशेष प्रावधान किए जाएं जिससे देश का आम व्यापारी भी अपने आपको ई कॉमर्स से जोड़ सके।

 


06-Jul-2020 4:06 PM

रायपुर, 6 जुलाई।  एसपी अजय यादव का मालवीय रोड व्यापारी संघ ने स्वागत करते हुए गुलदस्ता दिया। संघ के महामंत्री राजेश वासवानी, उपाध्यक्ष अजीत सिंह  कैंबो, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल एवं अजीत द्विवेदी मुख्य रूप से उपस्थित थे। 


06-Jul-2020 4:05 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 6 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन के सानिध्य में व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र जग्गी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर गोबर खरीदी को एतिहासिक निर्णय बताते आभार व्यक्त किया। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोबर खरीदने से गोधन की तो रक्षा होगी ही साथ ही रोजगार व आय भी प्राप्त होगा जो गांवों में बुजुर्ग,  महिलाएं हैं उनकी पेंशन के अलावा उन्हें अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा। जो लोग अपनी गायों को खुला छोड़ देते थे अब इस गोबर के चलते वह अपनी गायों की सुरक्षा व रक्षा भी करेंगे साथ ही भरपूर चारा भी खिलाएंगे ताकि गोबर मिले, इससे हमारी गाय-बैल और भी तंदुरुस्त होंगे और उनकी रक्षा भी होगी। इससे खाद बनेगा और ऑर्गेनिक खेती की ओर छतीसगढ़ आगे बढ़ेगा। एक यह चक्र के समान काम करेगा आने वाले समय में जो हमारे किसान गायों के कारण अपनी खेती की सुरक्षा से परेशान रहते थे अब उनकी चिंता दूर हो जाएगी।  

व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष श्री जग्गी ने बताया कि कोरोनावायरस कोविड-19 की महामारी से पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है वही उनके प्रयासों के चलते ही अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में सकारात्मक माहौल है।  जिसके कारण राज्य में जीएसटी की आवक 22 प्रतिशत बढ़ी है।  कृषि,  ऑटोमोबाइल एवं अन्य क्षेत्रों में व्यापार बढऩे से यह संभव हुआ है।  इस जीएसटी वृद्धि से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को एक नई राह दिखाई है।  

व्यापार प्रकोष्ठ ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए  211000 (दो लाख ग्यारह रूपये) की राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में दी गई।  प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र जग्गी,  महामंत्री प्रमोद जैन, विजय वर्मा, हरदीप सलूजा,  नीरज शर्मा, उपाध्यक्ष  योगेंद्र नांरग, अतुल अग्रवाल, तेज राजपूत, अजय अग्रवाल, अमित अग्रवाल,  बृज किशोर अग्रवाल, त्रिलोक सलूजा, कमल ठाकुर आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। 

 


05-Jul-2020 6:08 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 5 जुलाई. कैट छत्तीसगढ़ चैप्टर के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि चीनी सामान के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत कैट ने केंद्र सरकार से यह मांग की है कि देश में कुछ समय बाद लागू होने वाले 5जी नेटवर्क की प्रक्रिया से चीनी कंपनियों हुवावे तथा जेडटीइ को पूर्ण रूप से बाहर रखा जाए. भारत की सम्प्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा लोगों के व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा को देखते हुए इन दोनों कंपनियों को 5जी नेटवर्क में भाग न लेने का निर्णय लिया जाए.

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि ऐसे समय में जब सारा राष्ट्र चीन द्वारा भारत के बॉर्डर पर अनेक प्रकार की अवांछनीय गतिविधियां कर रहा है, ऐसे में किसी भी चीनी कम्पनी को सुरक्षा से सम्बंधित किसी भी विषय पर जोड़ना भारत के हित में नहीं है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को भेजे एक पत्र में बताया कि जिस प्रकार से सरकार ने देश की सुरक्षा और सम्प्रभुता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से हाल ही में 59 ऐप को प्रतिबंधित किया गया है, उसी नीति का पालन करते हुए इन दोनों को 5जी प्रक्रिया में शामिल नहीं होने देना चाहिए.

श्री पारवानी ने केंद्र और राज्य सरकारों की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ चीनी ऐप को प्रतिबंधित किया गया, वहीं दूसरी ओर रेलवे, हाईवे एवं अन्य क्षत्रों में चीनी कंपनियों के साथ हुए ठेकों को रद्द किया गया. महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों ने चीनी कंपनियों के साथ अनुबंधों को समाप्त करने का निर्णय लिया है. साथ ही साथ कैट के अभियान का समर्थन करते हुए अनेक क्षेत्रों के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने भी आवश्यक कदम उठाते हुए चीनी कंपनियों के साथ चल रहे व्यापार को समाप्त किया है. यह स्पष्ट संकेत है कि देश अब एकजुट होकर चीन के खिलाफ आर्थिक मोर्चाबंदी करने के लिए संकल्प ले चुका है.


03-Jul-2020 9:42 PM

नई दिल्ली 3 जुलाई। रिलायंस जिओ ने हाल ही में ज्यादा डेटा वाले कई प्रीपेड प्लान लॉन्च किए हैं। आज हम आपको जियो के उन रिचार्ज पैक के बारे में बताएंगे जो बंपर डेटा के साथ आते हैं। अगर आपका डेटा खर्च ज्यादा है और आपको ऐसे रिचार्ज प्लान की तलाश है जिनमें भरपूर डेटा मिलता हो, तो ये पैक आपके लिए हैं। रिलायंस जियो के पास 999, 2,121 रुपये और 2,399 रुपये वाले रिचार्ज पैक हैं जो खासतौर पर उन लोगों के लिए हैं जो ज्यादा डेटा खर्च करते हैं।

जियो का 2,399 रुपये वाला रिचार्ज पैक खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो डेटा का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इस पैक की वैलिडिटी 365 दिन है। ग्राहकों को इस प्लान में हर दिन 2 जीबी डेटा मिलता है। हर दिन मिलने वाले डेटा की लिमिट खत्म होने के बाद स्पीड घटकर 64 Kbps रह जाती है। यानी इस पैक में कुल 730 GB डेटा ऑफर किया जाता है। जियो टू जियो अनलिमिटेड जबकि नॉन-जियो नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 12 हजार मिनट्स मिलते हैं। इसके अलावा 100 एसएमएस भी हर दिन मुफ्त हैं। जियो के सभी ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी इस रिचार्ज पैक में फ्री ऑफर किया जाता है।

जियो के 999 रुपये वाले पैक को भी कंपनी ने कुछ समय पहले ही लॉन्च किया है। इस पैक की वैलिडिटी 84 दिन है। इस प्लान में कुल 3 जीबी डेटा ऑफर किया जाता है। यानी कुल 252 जीबी हाई-स्पीड डेटा का मजा लिया जा सकता है। हर दिन मिलने वाले डेटा की लिमिट खत्म होने के बाद यूजर्स 64kbps स्पीड से डेटा का फायदा ले सकते हैं। जियो-टू-जियो अनलिमिटेड कॉल की सुविधा है वहीं जियो से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 3000 मिनट्स मिलते हैं। ग्राहक हर दिन 100 मुफ्त एसएमएस भी भेज सकते हैं। इसके अलावा जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी मुफ्त मिलता है।

जियो के 2,121 रुपये वाले रिचार्ज पैक की वैलिडिटी 336 दिन है। इस रिचार्ज पैक में 1.5 जीबी डेटा हर दिन मिलता है। यानी ग्राहक कुल 504 जीबी हाई-स्पीड डेटा का फायदा ले सकते हैं। हर दिन खत्म होने वाले डेटा की लिमिट खत्म होने के बाद स्पीड घटकर 64Kbps रह जाती है। जियो नेटवर्क पर अनलिमिटेड जबकि नॉन-जियो नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए 12 हजार मिनट मिलते हैं। ग्राहक हर दिन 100 मुफ्त एसएमएस का भी फायदा ले सकते हैं। जियो के बाकी रिचार्ज प्लान की तरह इस प्लान में भी जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी मुफ्त मिलता है।(navbharat times)


03-Jul-2020 9:35 PM

नई दिल्ली 3 जुलाई। पबजी गेम का क्रेज अभी भी बरकरार है।पबजी गेम को लेकर ऐसी ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पंजाब में एक टीनएजर ने इस पॉप्युलर गेम को खेलने के दौरान इन-ऐप पर्चेजेस और अपग्रेडिंग के लिए 16 लाख रुपये खर्च कर डाले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 साल के एक टीनएजर के पास तीन बैंक अकाउंट का ऐक्सिस था। पबजी गेम के आदी बन चुके इस लड़के ने ऐप में पैसे खर्च करने के लिए इन अकाउंट्स का इस्तेमाल किया।

टीनएजर ने अपने माता-पिता को बताया था कि वह अपनी पढ़ाई के लिए मोबाइल को देर तक इस्तेमाल कर रहा है जबकि इसकी जगह वह घंटो तक पबजी खेलने में समय बिताता था। इन-ऐप पर्चेजेस के अलावा गेम खेलने के दौरान वह अपने टीममेट्स के लिए भी अपग्रेड खरीद रहा था। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया।

पैसों के खर्च होने की जानकारी तब मिली जब लड़के के मां-बाप ने बैंक अकाउंट देखा और पाया कि करीब 16 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीनएजर अपनी मां के फोन को पबजी  खेलने के लिए इस्तेमाल करता था। बैंक ट्रांजैक्शन के पूरे होने के बाद अपनी मां के डिवाइस से सारे मेसेज डिलीट कर देता था। लड़के के पिता के मुताबिक, उन्होंने अपने बेटे के भविष्य और मेडिकल जरूरतों के लिए यह पैसा बचाया था।


टीनएजर के पिता एक सरकारी कर्मचारी हैं और जिस समय उनके बेटे ने पबजी  गेम में पैसे उड़ाए, उनकी पोस्टिंग कहीं और थी। खबरों के मुताबिक, लड़के ने एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने भी किए ताकि उसे कोई पकड़ ना सके। पुलिस ने लड़के के माता-पिता को किसी तरह की मदद देने से इनकार कर दिया क्योंकि उनके बेटे ने गेम पर जानबूझकर पैसे खर्च किए थे।(navbharat times)


03-Jul-2020 5:20 PM

रायपुर, 3 जुलाई। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे ने एक प्रेसवार्ता के माध्यम से कोरोना महामारी, अस्पताल द्वारा रखी जा रही सावधानियां के बारे में बताते हुए कहा कि बहुत से लोगों में कोरोना को लेकर ऐसा डर बना है कि उन्हें लगता है कि वे अस्पताल आएंगे और उन्हें कोरोना हो जाएगा। 

डॉ. दवे ने बताया कि उन्हें लगता है कि मरीजों को मन से निकाल देना चाहिए की हॉस्पिटल जाने से हमें भी कोरोना हो जाएगा। सभी अस्पताल सावधानियां रख रहे हैं।  कोरोनाग्रस्त दूसरे मरीजों के साथ न मिलें इसलिए अस्पताल प्रतिबद्ध है।  मरीज जिनको पथरी, हर्निया, हॉट की तकलीफ, कैंसर आदि कोई भी बीमारी है जो कोरोना संबंधित नहीं है, उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

डॉ. दवे ने यह भी बताया कि लोगों से अनुरोध है कि अपनी बीमारी न बढ़ाएं और समय पर इलाज कराएं। हमने इसे एक नाम भी दिया है मिशन सुरक्षा। कोरोना से डरें नहीं, सावधानी रखते हुए हराएं, साथ ही मास्क पहनें, साबुन और सेनीटाइजर का प्रयोग करते रहें और सामाजिक दूरी का पालन करें।

 


03-Jul-2020 5:15 PM

रायपुर, 3 जुलाई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित 59 चीनी मोबाइल ऐप की कंपनियों को अपना पक्ष रखने अवसर मिला है। कैट ने केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से आग्रह किया कि कैट को भी अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए  क्योंकि सर्वप्रथम कैट ने ही 21 जून को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से इन्हें प्रतिबंधित करने की मांग की थी।  

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि श्री प्रसाद को भेजे पत्र में कैट ने कहा है कि सरकार द्वारा इन ऐप को प्रतिबंधित किया जाना देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी था। भारतीय न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता को बरकरार रखते हुए उच्च समिति द्वारा इन ऐप कंपनियों को मौका दिया जाना न्यायोचित है किन्तु न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत को देखते हुए कैट को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना बहुत आवश्यक है।

श्री पारवानी ने यह भी बताया कि कैट ने श्री प्रसाद को  यह भी स्मरण कराया कि भारत की जिन कंपनियों में चीनी कंपनियों का निवेश है तथा जिन चीनी कंपनियों ने भारत में अपनी निर्माण इकाइयां लगाई हैं, उन दोनों वर्गों की कंपनियों की भी जांच होनी चाहिए जिससे यह पता लग सके की इन कंपनियों ने भारत का जो डाटा एकत्र किया है वो कहीं भारत से बाहर तो नहीं भेजा गया अथवा उसका कोई दुरूपयोग तो नहीं हो रहा है। 


03-Jul-2020 5:13 PM

मुंबई, 3 जुलाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऋणमुक्त होने के बाद भी मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का सिलसिला जारी है। 12 निवेशों के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 25.09% इक्विटी के लिए 1,17,588.45लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। शुक्रवार को अमेरीकी इंटेल कैपिटल ने 0.39% इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 1,894.5 करोड़ रु के निवेश की घोषणा की। दुनिया भर में बेहतरीन कम्प्यूटर चिप बनाने के लिए इंटेल को जाना जाता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश 22 अप्रैल को फेसबुक से शुरू हुआ था, उसके बाद सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी,जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और सिल्वर लेक ने अतिरिक्त निवेश किया था। बाद में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ( ADIA), TPG, एल कैटरटन और PIF ने भी निवेश की घोषणा की थी। 

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की “फ़ुली ओन्ड सब्सिडियरी” है। ये एक “नेक्स्ट जनरेशन” टेक्नॉलोजी कंपनी है जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है। इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एप, डिजिटल ईकोसिस्टम और भारत के नंबर #1 हाइ-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम लिमिटेड, जिसके 38 करोड़ 80 लाख ग्राहक हैं, वो जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड की “होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी” बनी रहेगी।

इंटेल कैपिटल इनोवेटिव कंपनियों में विश्व स्तर पर निवेश करने के साथ, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5 जी  जैसे प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में काम करती है, जहां Jio भी कार्यरत है। इंटेल कैपिटल, इंटेल कॉर्पोरेशन की निवेश शाखा है। इंटेल दो दशकों से अधिक समय से भारत में काम कर रही है और आज बेंगलुरु और हैदराबाद में अत्याधुनिक डिजाइन सुविधाओं के साथ वहां हजारों कर्मचारियों काम कर रहे हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी ने कहा, “दुनिया के  प्रौद्योगिकी लीडर्स के साथ हमारे संबंध और अधिक गहरा होने पर हम बेहद खुश हैं। भारत को दुनिया में एक अग्रणी डिजिटल सोसाइटी में बदलने के हमारे दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में ये हमारे सहायक हैं। इंटेल एक सच्चा इंडस्ट्री लीडर है,जो दुनिया को बदलने वाली तकनीक और नवाचारों को बनाने की दिशा में काम कर रहा है। वैश्विक स्तर पर इंटेल कैपिटल के पास अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में एक मूल्यवान भागीदार होने का उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। इसलिए हम अत्याधुनिक तकनीकों में भारत की क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए इंटेल के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को सशक्त बनाएगा और 130 करोड़ भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा। "

इंटेल कैपिटल के अध्यक्ष, श्री वेंडेल ब्रूक्स ने कहा, "भारत में कम लागत वाली डिजिटल सेवाओं को ताकत देने के लिए Jio प्लेटफ़ॉर्म्स अपनी प्रभावशाली इंजीनियरिंग क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। यह जीवन को समृद्ध बनाने के इंटेल के उद्देश्य के समरूप है। हमारा मानना है कि डिजिटल पहुंच और डेटा, व्यापार और समाज को बेहतर बना सकते हैं। इस निवेश के माध्यम से भारत में डिजिटल परिवर्तन को हम ताकत देंगे।

जियो एक ऐसे “डिजिटल भारत” का निर्माण करना चाहता है जिसका फ़ायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले। एक ऐसा “डिजिटल भारत” जिससे ख़ास तौर पर देश के छोटे व्यापारियों, माइक्रो व्यवसायिओं और किसानों के हाथ मज़बूत हों। जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाने और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ताकतों के बीच अहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


02-Jul-2020 6:32 PM

वॉट्सऐप कई नए फीचर लाया है। इसमें ऐनिमेटेड स्टिकर्स, वॉट्सऐप वेब के लिए डार्क मोड,क्यू आर  कोड्स शामिल हैं। नए अपडेट में कंपनी ने ग्रुप विडियो कॉलिंग को भी पहले से बेहतर किया है। वॉट्सऐप के सारे नए फीचर सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किए गए हैं। आने वाले कुछ हफ्तों में यह भारत में भी उपलब्ध हो जाएंगे।

ऐनिमेटेड स्टिकर्स

वॉट्सऐप स्टिकर्स का इस्तेमाल यूजर काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन नए ऐनिमेटेड स्टिकर्स के साथ कंपनी यूजर्स के चैटिंग एक्सपीरियंस को और शानदार बनाना चाहती है। कंपनी का मानना है कि नए स्टिकर्स के आने से यूजर अपने फ्रेंड्स और फैमिली मेंबर्स से और बेहतर तरीके से कनेक्ट हो पाएंगे। नए स्टिकर्स रोलआउट करने के बारे में वॉट्सऐप ने कहा, 'वॉट्सऐप स्टिकर्स यूजर्स के बीच एक-दूसरे से कम्यूनिकेट करने के लिए काफी पॉप्युलर हो रहे हैं। इस वक्त दुनिया भर में रोज अरबों स्टिकर्स भेजे जा रहे हैं। हम इस बार नए ऐनिमेटेड स्टिकर्स पैक को रोलआउट कर रहे हैं ताकि चैटिंग मजेदार और एक्सप्रेसिव हो।'

क्यू आर कोड्स

स्टिकर्स के साथ ही वॉट्सऐप ने क्यू आर कोड्स फीचर की भी घोषणा कर दी है। इस फीचर की मदद से यूजर्स को नए कॉन्टैक्ट्स ऐड करने में आसानी होगी। अब यूजर सेंडर के भेजे गए क्यू आर  कोड को स्कैन करके अपने कॉन्टैक्ट्स में जोड़ सकेंगे।

क्यू आर कोड से कॉन्टैक्ट ऐड

वेब के लिए आया डार्क मोड

इस साल की शुरुआत में वॉट्सऐप ने अपने मोबाइल ऐप के लिए डार्क मोड लॉन्च किया था। अब कंपनी इसी डार्क मोड को वेब यूजर्स के लिए लाई है जो वॉट्सऐप को लैपटॉप या डेस्कटॉप पर यूज करते हैं। यह फीचर आने वाले कुछ दिनों में सभी यूजर्स को मिल जाएगा।

 ग्रुप कॉलिंग

वॉट्सऐप ने हाल में ग्रुप विडियो कॉल मेंबर्स की संख्या को चार से बढ़ा आठ कर दिया था। अब कंपनी ने विडियो कॉलिंग फीचर को और बेहतर बनाने की कोशिश की है। यूजर अब चाहें तो ग्रुप विडियो कॉलिंग के दौरान के दौरान उस यूजर को फुल स्क्रीन पर देख सकेंगे जिसपर वह फोकस करना चाहते हैं। इसके लिए यूजर को उस यूजर के विडियो को देर तक प्रेस करना होगा जिसे वे फुल स्क्रीन पर देखना चाहते हैं।

वॉट्सऐप-2

जब भी हमें वॉट्सऐप पर मैसेज आता है उसे पढ़ने पर ब्लू टिक का साइन सेंडर के पास चला जाता है. इससे सेंडर को पता चल जाता है कि रिसीवर ने मैसेज पढ़ लिया है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम मैसेज पढ़ना भी चाहते हैं और ये भी चाहते हैं कि रिसीवर के पास ब्लू टिक का साइन नहीं जाए. हम आज आपको ऐसी ही ट्रिक बताएंगे, जिससे आप मैसेज पढ़ भी लेंगे और ब्लू टिक भी नहीं जाएगा.

मैसेज को सीक्रेटली पढ़ने की ट्रिक

फोन की स्क्रीन पर वॉट्सऐप मैसेज का वेट करें

अब आपको नोटिफिकेशन में मिले मैसेज पर देर तक प्रेस करके रखें.

ऐसा करने से मैसेज स्क्रीन पर ही खुल जाएगा और आप वहीं पर पूरा मैसेज पढ़ सकते हैं

इस ट्रिक को आजमाने पर आपको व्हाट्सऐप ओपन नहीं करना पढ़ेगा.

साथ ही सेंडर के पास ब्लू टिक भी नहीं जाएगा.


02-Jul-2020 3:18 PM

रायपुर, 2 जुलाई। वसुदेवकुटुम्भ फाउंडेशन के संस्थापक रविंन्द्र सिंह ने संस्था के सदस्यों के साथ सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर दिवस पर एम्स के निदेशक डॉक्टर नितिन एम. नागरकर को बधाई दिए और मेमोन्ट्स देकर सम्मान किया। 

रविंन्द्र सिंह ने बताया कि आज चिकित्सा जगत में डॉक्टर्स की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती हैं समाज को लेकर और जिसमे कोरोना जैसी महामारी मे  चिकित्सा जगत के सभी डॉक्टर्ड अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कार्य को करते है।


02-Jul-2020 3:16 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 जुलाई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल नेे बताया कि 10 जून से चलाए चीनी सामान के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान - हमारा अभिमान  में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कैट के आवाहन पर किसान, ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग, उपभोक्ता आदि के राष्ट्रीय संगठनों ने प्रबल समर्थन दिया। 

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि इस अभियान में जुडऩे वाले महत्वपूर्ण संगठनों में इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय किसान मंच, कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज, एमएसएम ईडेवलपमेंट फोरम, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया कॉस्मेटिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन,नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट फोरम, वुमन एंटरप्रीनियोर एसोसिएशन ऑफ इंडिया आदि शामिल हैं।

श्री पारवानी ने बताया कि विभिन्न वर्गों के नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि चीन को जवाब देने के लिए स्थानीय संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। एक स्वर में इसके प्रति प्रतिबद्दता जाहिर करते हुए सभी ने कहा की चीनी वस्तुओं के बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं के उपयोग को हम इसे करने और भारत में यह बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  


02-Jul-2020 2:46 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 2 जुलाई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल नेे बताया कि 10 जून से चलाए चीनी सामान के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान - हमारा अभिमान  में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कैट के आवाहन पर किसान, ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग, उपभोक्ता आदि के राष्ट्रीय संगठनों ने प्रबल समर्थन दिया। 
कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि इस अभियान में जुडऩे वाले महत्वपूर्ण संगठनों में इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय किसान मंच, कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज, एमएसएम ईडेवलपमेंट फोरम, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया कॉस्मेटिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन,नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट फोरम, वुमन एंटरप्रीनियोर एसोसिएशन ऑफ इंडिया आदि शामिल हैं।

श्री पारवानी ने बताया कि विभिन्न वर्गों के नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि चीन को जवाब देने के लिए स्थानीय संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। एक स्वर में इसके प्रति प्रतिबद्दता जाहिर करते हुए सभी ने कहा की चीनी वस्तुओं के बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं के उपयोग को हम इसे करने और भारत में यह बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  


02-Jul-2020 2:34 PM

मुंबई, 2 जुलाई । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 705 करोड़ रुपये की अनियमितता के मामले में जीवीके ग्रुप के चेयरमैन जीवीके रेड्डी और उनके बेटे संजय रेड्डी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रेड्डी के अलावा सीबीआई मे मामले में मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ-साथ अन्य कंपनियों के कई अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन सभी लोगों पर 705 करोड़ रुपये की अनियमितता और साल 2012 से लेकर 2018 के बीच सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। जीवीके ग्रुप ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और कुछ विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) नाम से कंपनी बनाई थी। इसमें जीवीके के 50 प्रतिशत से ज्यादा शेयर हैं।

आरोप है कि 2012 से 2018 के बीच जीवीके ग्रुप ने एमआईएएल के सरप्लस फंड के पैसे अपनी दूसरी कंपनियों में लगाए थे। यह धनराशि 395 करोड़ रुपये के करीब थी। इतना ही नहीं, कंपनी के मुंबई में होने के बावजूद इसके सरप्लस फंड के पैसों को हैदराबाद के बैंकों में रखा गया। केंद्रीय जांच एजेंसी इन सभी अनियमितताओं की जांच कर रही है। बता दें कि जीवीके रेड्डी एमआईएएल के चेयरमैन हैं, जबकि उनके बेटे संजय रेड्डी कंपनी में एमजी के तौर पर नियुक्त हैं। (navbharattimes.indiatimes.com)


30-Jun-2020 4:22 PM

रायपुर, 30 जून। होंडा मोटर साइकल स्कूटर इंडिया ने सोमवार को राजधानी रायपुर के अग्रणी अधिकृत विक्रेता सिटी होंडा के पचपेड़ी नाका, लालपुर स्थित शोरूम में अपनी नई मोटर साइकल होंडा सीडी 110 बी एस 6 मॉडल की ई - लॉंचिंग की। इस अवसर पर निगम रायपुर के अध्यक्ष व पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, सिटी होंडा ग्रुप के संचालक कैलाश खेमानी, सिटी होंडा कालीबाड़ी से अमर सचदेव, सागर सचदेव, सिटी होंडा भाटागाँव से तेजेश मुखर्जी, संस्था के महाप्रबंधक अभिजीत सोनी व अमित चंद्रा विशेष रूप से उपस्थित थे।

 सिटी होंडा ग्रुप के खेमानी ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए होंडा सी डी 110 बी एस 6 के आकर्षक फीचर्स के बारे में बताया कि होंडा सीडी 110 बी एस 6 को दो वेरियेंट में लॉंच किया गया हैं जिसमें स्टैंडर्ड वेरियेंट का एक्स शोरूम मूल्य 64,333 रु. और डिलक्स वेरियेंट का एक्स शोरूम मूल्य 65,333 रु. हैं। यह वाहन आकर्षक ग्राफिक्स व आधुनिक तकनीक से परिपूर्ण है, 6 एफ 1 इंजन तथा एसीजी स्टार्टर मोटर, 735 एमएम लंबी सीट, डीसी हेडलैम्प, 1285 व्हीलबेस, सीबीएस इक्वालाइजऱ, सेल्फ़ स्टार्ट, पासिंग लाईट, सिल्वर एलोए व्हील के साथ यह वाहन 8 आठ खूबसूरत रंगो में उपलब्ध है। कोरोना वाइरस के सुरक्षा मानको को ध्यान में रखते हुए वाहन की ई - लॉंचिंग की गई जिसे फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, व्हाट्सअप व अन्य सोशल मीडिया में लाइव किया गया जिसे सिटी होंडा के ग्राहकों से जबरदस्त लाइकिंग मिला साथ ही हज़ारों लोंग इस ई - लॉंचिंग के ऑनलाइन गवाह बने।


30-Jun-2020 4:21 PM

रायपुर, 30 जून। मैट्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के सफल संचालन के संबंध में आयोजित फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में प्रमुख वक्ताओं एवं विषय पर विशेषज्ञों ने वर्तमान जरूरत बताया।

इस प्रोग्राम का विषय था ’ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कक्षाओं के लिए प्रभावी शिक्षण विज्ञान’ जिसमें प्रदेश के प्रतिष्ठित स्कूलों के शिक्षकों, प्राध्यापकों व प्राचार्यगणों ने हिस्सा लिया।

मैट्स स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडी के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश गुप्ता ने बताया कि इस ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के मुख्य आतिथ्य में किया गया। विशिष्ट अतिथि सीबीएसई निदेशक रणबीर सिंह एवं एससीईआरटी के अतिरिक्त निदेशक आर.एन. सिंह थे। अतिथियों ने मैट्स विश्वविद्यालय के ऑनलाइन कक्षाओं एवं फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को सराहनीय प्रयास बताया। सत्र की अध्यक्षता कुलाधिपति गजराज पगारिया ने की।

 मुख्य उद्देश्य शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में बेहतर रूप से ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना था। सत्र में विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षण प्रक्रिया के संबंध में अपने विचार साझा किए।  स्कूल के शिक्षकों को नवीन शिक्षण की इस तकनीकी आधुनिक दुनिया में समायोजित करने के लिए प्रशिक्षित करना भी इस सत्र का मुख्य उद्देश्य था।  मैट्स विश्वविद्यालय के कुलसचिव गोकुलानंद पंडा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। सत्र में बिजनेस स्टडी विभाग सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया।


29-Jun-2020 4:11 PM

‘छत्तीसगढ़’ सम्वाददाता।

रायपुर 29 जून। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि देश में चीनी सामानों के बहिष्कार के लिए अपने राष्ट्रीय अभियान में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मांग की है कि भारत में ई-कॉमर्स अथवा बाजारों या अन्य किसी भी जरिये से बेचे जाने वाली प्रत्येक वस्तुओं पर किस देश में वो सामान निर्मित है तथा उक्त वस्तु में मूल्यवर्धन की सामग्री का उल्लेख अनिवार्य होना चाहिए।

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि कैट द्वारा पूर्व में की गई एक मांग को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने सरकारी ई-पोर्टल जैम पर बेचे जाने वाले सभी उत्पादों पर उपरोक्त दोनों विवरणों का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया है। चीन और अन्य देशों से आयात किये गए विभिन्न उत्पादों पर किन्ही तत्वों द्वारा मेड इन इंडिया का लेबल चिपकाकर भारत में बेचे जाने की सूचनाएं कैट को प्राप्त हुई हैं और इसी के मद्देनजर कैट ने वाणिज्य मंत्री श्री गोयल से यह मांग की है कि भारत में ई-कॉमर्स, ऑफलाइन बाजार, बड़े कॉर्पोरेट शोरूम, डायरेक्ट सेल्लिंग या किसी भी अन्य तरीके से कोई भी सामान बेचे जाने पर उस सामान के निर्मित देश और उस सामान को बनाने में लगे एक अथवा एक से अन्य देशों के सामान का पूर्व विवरण लिखा जाना अनिवार्य करना बेहद जरूरी है।

कैट ने यह भी मांग की है कि उपरोक्त विवरण न देने वाले उत्पादों को देश में नहीं बेचा जाना चाहिए और इस प्रावधान के उल्लंघन की स्थिति में निर्माता, आयातक या मार्केटिंग एजेंसी जिसका नाम उक्त उत्पाद पर लिख हो को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

श्री पारवानी ने कहा कि सामानों के निर्माण में उत्पादों की संरचना के बारे में विवरण होगा कि क्या उत्पाद 100 प्रतिशत मेड इन इंडिया है या आयातित या भारतीय सामग्री के उपयोग से बना है अथवा क्या पूर्ण रूप से आयातित उत्पाद है की सही जानकारी उपभोक्ताओं को देगा जिससे सामान खरीदते समय उपभोक्ता पूर्ण रूप से निश्चिन्त होंगे की वो कौन से देश का बना सामान खरीद रहे हैं। देश में बेचे जाने वाले प्रत्येक सामान पर कंट्री ऑफ ओरिजिन और वैल्यू एडिशन के उल्लेख का अनिवार्य प्रावधान ग्राहकों को यह समझने में मदद करेगा की वो जो सामान खरीद रहे हैं है वो भारत अथवा किस देश में बना है जिससे ग्राहक के सभी भ्रम दूर होंगे। इस तरह के प्रावधान से केन्द्र सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की अवधारणा को भी बल देगा तथा कुछ निहित स्वार्थों वाले लोग जो चीन के बने सामानों को अनैतिक रूप से मेड इन इंडिया का बताकर बेच रहे हैं जैसी कोशिशों को ध्वस्त करेगा।

श्री पारवानी ने यह भी कहा कि जब से केंद्र सरकार ने अपनी घोषणा की तारीख से ही जैम पोर्टल पर बेचे जाने वाले उत्पादों पर उपरोक्त दोनों प्रावधानों का उल्लेख करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तब अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को इस प्रावधान को तुरंत अमल में लाने में देरी का कोई कारण नहीं होना चाहिए और उन्हें होना तत्काल प्रभाव से अपने पोर्टल पर लागू करना चाहिए। कैट ने कहा है की इस प्रावधान के बहाने ई-कॉमर्स कंपनियों को इस निर्णय को दरकिनार करने में देरी करने का कोई बहाना नहीं ढूंढ़ना चाहिए।


28-Jun-2020 6:31 PM

‘छत्तीसगढ़’ सम्वाददाता।

रायपुर, 28 जून। कैट प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल और प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि देश में विभिन्न वर्गों के बीच हुए एक सर्वे में 98.8 प्रतिशत लोगों ने चीनी सामान के बहिष्कार का समर्थन किया है। यह सर्वे कनफेडेरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 19-27 जून के बीच चला और सभी राज्यों से कुल 9735 ने भाग लिया।

श्री पारवानी ने बताया कि सर्वे में चीन के साथ चल रहे वर्तमान हालात से सम्बन्धित नौ प्रश्न पूछे गए थे और सभी उत्तरों से यह जाहिर होता है की इस मुद्दे पर सारा देश चीन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है और किसी भी कीमत पर अब चीन को सबक सिखाना चाहता है। व्यापारियों, लघु उद्योग, किसान, हॉकर्स, उपभोक्ता, स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी, ग्रहणी, कामकाजी महिलाएं, विद्यार्थी एवं सामाजिक संगठनों के लोगों सहित अनेक वर्गों ने भाग लिया। कैट ने देश के सभी राज्यों के लगभग 11 हजार लोगों को सर्वे फॉर्म भेजा जिसमें से 9735 लोगों ने अपनी राय दी।

श्री पारवानी ने कहा की सर्वे के सभी प्रश्नों के नतीजे के रूप में भारतीय लोगों ने बड़ी संख्यां में चीन के खिलाफ अब जोरदार लड़ाई करने पर आम सहमति व्यक्त की। ख़ास बात यह रही की नौ दिनों तक चलने वाले सर्वे में सभी प्रश्नों के उत्तरों का प्रतिशत लगभग एक जैसा रहा जो इस बात को दर्शाता है की देश भर के लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी राय बहुत अधिक स्पष्ट है और किसी प्रकार का कोई भ्रम नहीं है। नतीजों से कैट को अब और अधिक आक्रामतकता के साथ देश भर में चीनी वस्तुओं के राष्ट्रीय अभियान ‘भारतीय सामान -हमारा अभिमान’ को चलाया जा सकेगा।


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