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Posted Date : 19-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 19 सितंबर । फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बैंकों के विलय का विकल्प आजमाया है। पहले आईडीबीआई का एलआईसी (जीवन बीमा निगम) में विलय किया गया। इसके बाद अब बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के साथ दो बैंकों- देना और विजया के विलय की प्रक्रिया शुरू हुई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो बीओबी के शीर्ष प्रबंधन ने शुरू-शुरू में बड़े घाटे में चल रहे देना बैंक के विलय के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। लिहाजा उसे राजी करने के लिए सरकार को लुभावना प्रस्ताव तैयार करना पड़ा।
     देना बैंक के पास 15,000 कर्मचारियों की बड़ी फौज है। उसका लगभग 11 फीसदी कर्ज फंसा हुआ है। यानी इस कर्ज के वापस मिलने की उम्मीद बेहद कम है। मिलेगा भी तो उसके लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। इसीलिए बीओबी का प्रबंधन नहीं चाहता था कि इस बैंक का उसके साथ विलय किया जाए। सूत्रों के मुताबिक यही कारण था कि मोदी सरकार ने इस विलय प्रस्ताव के साथ विजया बैंक को भी जोडऩे की रणनीति बनाई।
    खबर की मानें तो विजया बैंक देश का इकलौता सरकारी बैंक है जो इस वक्त फायदे में चल रहा है। उसके द्वारा दिया गया सिर्फ 4।5 फीसदी कर्ज ही फंसा हुआ है। यह भी अन्य सरकारी और शायद निजी बैंकों की तुलना में भी सबसे कम है। यही नहीं 2017-18 में ये इकलौता सरकारी बैंक रहा जिसने सरकार के साथ अपना लाभांश भी साझा किया था। लिहाजा जैसे ही मुनाफे वाले इस बैंक को विलय प्रस्ताव में जोड़ा गया बीओबी प्रबंधन ने भी इस पर रजामंदी दे दी।
    अब जैसी कि खबरें हैं बीओबी के साथ देना और विजया बैंकों के विलय से देश का तीसरा बड़ा बैंक बन रहा है। विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक  के बाद बीओबी का नंबर आएगा। जबकि निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई सभी बैंकों के स्थिति क्रम में चौथे नंबर पर चला जाएगा। पहले यह तीसरे नंबर था। हालांकि सूत्रों के मुताबिक अभी कुछ और बैंकों के विलय पर भी सरकार विचार कर रही है।
    बैंकों की विलय प्रक्रिया में सरकार आगे भी इसी फॉर्मूले पर चलने वाली है। यानी एक बड़े बैंक के साथ एक खराब स्थिति और एक अच्छी स्थिति वाले बैंक को जोड़ा जाएगा। सूत्र बताते हैं कि इस फॉर्मूले के तहत जल्द ही पीएनबी के साथ इंडियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक का विलय हो सकता है। इसी तरह कैनरा बैंक में सिंडीकेट बैंक और यूको बैंक को शामिल किया जा सकता है। इनमें यूको और इंडियन ओवरसीज बैंक बड़े घाटे वाले बैंकों में शुमार किए जाते हैं। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

     

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • हुंडई की नई सैंट्रो का नाम फाइनल हो गया है। कंपनी ने भी एएच2 कोडनेम वाली कार का नाम सैंट्रो ही फाइनल किया है। जिसकी 10 अक्टूबर से बुकिंग शुरू हो रही है।
    नई सैंट्रो का नाम फाइनल हो गया है। इसके लिए कंपनी ने एक कैंपेन चलाया था, करीब दो लाख संभावित ग्राहकों ने कार के लिए सैंट्रो नाम ही चुना। ऐसे में कंपनी ने भी नाम सैंट्रो ही फाइनल कर दिया। कंपनी इसकी प्री-बुकिंग 10 अक्टूबर से शुरू कर रही है। वहीं कार की लॉन्चिंग डेट 23 अक्टूबर है।
    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई सैंट्रो की एक्स-शो रूम कीमत 3.5 लाख रुपये से 4.5 लाख रुपये के बीच में हो सकती है। और, अगर ऐसा होता है तो इसकी सीधे तौर पर मारुति सुजुकी सिलेरियो, वैगर आर, टाटा टियागो और रेनॉ क्विड 1.0 से होगी। (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 18 सितंबर । इसी साल अप्रैल के महीने में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुई एक दुर्घटना में 13 स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी। उस दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए तब रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड ने अपने प्रमुख रेल मार्गों पर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का फैसला किया था। रेलवे ने बीते पांच महीनों के दौरान इस दिशा में काफी तेजी से काम किया है।
    रेलवे के वे रूट जिन पर ट्रनों को 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने की इजाजत है, उन पर से मानव रहित क्रॉसिंग पूरी तरह खत्म कर दी गई हैं। इन क्रॉसिंग पर या तो पुल बना दिए गए हैं या फिर इन पर कर्मचारियों की तैनाती हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक इस महीने के आखिर तक देश में करीब 600 मानव रहित क्रॉसिंग ही शेष रह जाएंगी।
    भारतीय रेल के एक अधिकारी का कहना है कि अप्रैल, 2018 के दौरान रेल नेटवर्क में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग की संख्या 3,470 हुआ करती थी। इनमें से ज्यादातर क्रॉसिंग ऐसी थीं जिन पर ट्रेनों की आवाजाही और गति भी ज्यादा नहीं थी। अब तक ऐसी 1300 क्रॉसिंग्स को खत्म किया गया जा चुका है। इसके अलावा जिन मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही बेहद मामूली है उन पर भी इन क्रॉसिंग को जल्दी ही खत्म कर दिया जाएगा।
    इस दौरान उत्तर-पूर्व की फ्रंटीयर रेलवे ने भी अपने रूटों को मानव रहित क्रॉसिंग से मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। मध्य, पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य रेलवे पहले ही ऐसा कर चुके हैं। उधर, मानव रहित क्रॉसिंगों पर इस साल हुई दुर्घटनाओं में अब तक 16 जानें जा चुकी हैं जबकि ऐसी दुर्घटनाओं में साल 2011-12 के दौरान सबसे ज्यादा 204 लोग मारे गए थे। (इंडियन एक्सप्रेस)

     

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 18 सितंबर। देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का आपस में विलय होने जा रहा है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि तीन बैंकों के विलय के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। विलय के बाद भी तीनों बैंक स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेंगे।
    अरुण जेटली के मुताबिक सरकार ने बजट में ही ऐलान कर दिया था कि बैंकों का विलय उसका प्रमुख एजेंडा है और इस दिशा में पहला कदम उठा लिया गया है। देश की बैंकिंग व्यवस्था कमजोर होने की बात कहते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि नए कर्ज न दिए जाने की वजह से कॉरपोरेट सेक्टर के निवेश पर बुरा असर पड़ रहा था। अरुण जेटली ने कहा कि इस विलय से बैंक मजबूत होंगे और उनकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी।
    वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि इन तीन बैंकों का विलय इनके किसी कर्मचारी के लिए यह बुरी खबर नहीं है। उन्होंने कहा, किसी भी कर्मचारी को किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले बीते साल केंद्र सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक और उसके पांच सहयोगी बैंकों का विलय कर दिया था।
    अरुण जेटली ने आगे कहा कि बहुत ज्यादा कर्ज देने और फंसे हुए कर्ज (एनपीए) में विशाल बढ़ोतरी के चलते बैंकों की हालत खराब है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में एनपीए का यह आंकड़ा 10 लाख करोड़ रु से ज्यादा हो गया है। वित्त मंत्री के मुताबिक स्थिति कितनी खराब है, इसका पता 2015 में ही चल पाया। उन्होंने इसके लिए पिछली यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उसने एनपीए के मुद्दे पर आंखें मूंदे रखीं। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 17-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 17 सितंबर। दुनिया की जानी-मानी ऑनलाइन रिटेल कंपनी अमेजन ने रविवार को बताया कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों का निजी डेटा दूसरी कंपनियों को बेचने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। आरोप लगा था कि अमेजन के कुछ कर्मचारी ग्राहकों के निजी डेटा बिचौलियों की मदद से अमेजन पर अपने सामान को बेचने वाले व्यापारियों को उपलब्ध करा रहे हैं।
    वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेजन के कुछ कर्मचारी कंपनी की साइट के जरिये अपना सामान बेचने वाले कुछ व्यापारियों को ग्राहकों का निजी डेटा बेच देते थे।
    अमेजन पर ग्राहक सीधे अमेजन या दूसरे व्यापारियों द्वारा बेचे जाने वाले सामान को खरीद सकते हैं। ग्राहकों का निजी डेटा किसी को बेचा जाना कंपनी के नियमों के खिलाफ है। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में शेंजेन में मौजूद बिचौलियों का जिक्र किया है, जो कर्मचारियों के जरिये ग्राहकों का डेटा 80 से लेकर 2000 डॉलर तक में बेचते हैं।
    इस रिपोर्ट को लेकर अमेजन के प्रवक्ता ने बताया कि मामले में गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन लोगों का सेलिंग एकाउंट बंद कर दिया जाएगा, रिव्यू को डिलीट कर दिया जाएगा, उनका फंड रोक लिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
    फेक रिव्यू भी अमेजन के लिए आंतरिक जांच का मामला है और कंपनी महीनों से इसकी भी जांच कर रही है। पूरी दुनिया में फैले अमेजन के विभिन्न ब्रांचों में करीब 5 लाख 60 हजार लोग काम करते हैं। (वॉल स्ट्रीट जर्नल)

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Posted Date : 16-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 16 सितंबर । केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से उन्हें कोई परेशानी नहीं हैं, क्योंकि वह एक मंत्री हैं। 
    एक समीक्षा बैठक में भाग लेने यहां आए अठावले से जब संवादाताओं ने पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को होने वाली परेशानी के बारे में पूछा तो उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में कहा, 'मैं पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान नहीं हूं। चूंकि मैं मंत्री हूं। मेरा मंत्री पद जाएगा तो मैं परेशान हो जाऊंगा। लेकिन जनता परेशान है। इसे समझ सकते हैं और कीमतें कम करने का दायित्व सरकार का है।    
    रामदास अठावले ने साथ ही कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते भावों पर लगाम लगाने का प्रयास कर रही है पर राज्यों को भी इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यहां संवाददाताओं के एक सवाल पर कहा कि अगर पेट्रोल डीजल के भाव कम करने हैं तो राज्यों को भी इसके लिए कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इसमें राज्य सरकार के भी कर होते हैं, केंद्र के भी कर होते हैं। इन्हें कम करने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें घट सकती हैं। इससे पहले अठावले ने यहां सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग और विशेष योग्यजन निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। (भाषा)
    फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल 
    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। आज एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल की कीमत 28 पैसे और डीजल 18 पैसे महंगा हुआ है। बढ़त के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 81.91 पैसे रु/ली और डीजल 73.72 रु/ली पर पहुंच गया है। दिल्ली में कल पेट्रोल की कीमत 81 रुपये 63 पैसे और डीजल की कीमत 73 रुपये 54 पैसे थी।  (एबीपी न्यूज)

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Posted Date : 15-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 15 सितंबर । रेल यात्रियों को जल्दी ही एक अच्छी खबर मिल सकती है। रेलवे अपनी 40 प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी किराये की योजना खत्म करने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा फ्लेक्सी किराये के तहत आने वाली अन्य 102 सुपर फास्ट ट्रेनों के बढ़े किरायों में यात्रियों को 50 फीसदी तक की छूट दिए जाने की व्यवस्था भी देखने को मिल सकती है।
    भारतीय रेल ने शताब्दी, राजधानी और दूरंतो जैसी अपनी प्रीमियम और सुपर फास्ट ट्रेनों में नौ सितंबर 2016 को फ्लेक्सी किराया योजना लागू की थी। इस योजना के तहत एक निश्चित संख्या में सीटों की बुकिंग होने के बाद किराये में 10 से 50 फीसदी वृद्धि किए जाने की व्यवस्था की गई थी। रेलवे की इस योजना की वजह से कई बार ट्रेनों के किराये हवाई यात्रा से भी महंगे हो जाते हैं। इसके चलते कई बार खबरें आईं कि प्रीमियम ट्रेनों में काफी सीटें खाली जा रही हैं।
    इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब इस योजना में संशोधन पर विचार हो रहा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक किरायों में छूट संबंधी नई नीति को लागू करने के लिए एक नया ग्रेडिंग सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। इस अधिकारी का यह भी कहना था, 'यह फैसला रेलवे और यात्रियों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। नई व्यवस्था से जहां ट्रेनों की सीटों का अधिकतम उपयोग होगा तो वहीं यात्रियों पर भी किराये का बोझ कम होगा।Ó (टाईम्स ऑफ इंडिया)

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 14 सितंबर। विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। आज एक बार फिर कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल 28 पैसे और डीजल 22 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। राजधानी में दिल्ली में पेट्रोल 81.28 रु/ली और डीजल 73.30 रु/ली पर पहुंच गया है। आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल 88.67 रु/ली और डीजल 77.82 रु/ली पर पहुंच गया है। देश में सबसे महंगा पेट्रोल महाराष्ट्र के पभणी में बिक रहा है। परभणी में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 90.45 रु/ली और डीजल 78.34 रु/ली के भाव से मिल रहा है।
    अन्य शहरों की बात करें तो कोलकाता में पेट्रोल 83.14 रु/ली और डीजल 75.15 रु/ली, चेन्नई में पेट्रोल 84.49 रु/ली और डीजल 77.49 रु/ली, भोपाल में पेट्रोल 87.03 रु/ली और डीजल 77.23 रु/ली, लखनऊ में पेट्रोल 81.01 रु/ली और डीजल 73.42 रु/ली की दर से बिक रहा है।
    पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की घटती कीमत को लेकर सरकार हरकत में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अर्थव्यवस्था पर बैठक बुलाई है। इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल होंगे और भी कुछ कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार पेट्रोल, डीजल के दाम को काबू में रखने को लेकर जो रुख अपना रही है वह उचित है क्योंकि इन ईंधनों पर उत्पाद शुल्क में कटौती से राजकोषीय घाटा बढ़ेगा और समस्या कम होने की बजाए जटिल हो जाएगी।
    गोयल ने कहा, ईंधन के दाम को लेकर सरकार का मौजूदा रुख बिल्कुल सही है। क्योंकि अगर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो इससे राजकोषीय घाटा बढ़ेगा जिससे समस्या सुलझने के बजाए उलझेगी। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जबकि विपक्ष पेट्रोलियम ईंधन के भाव में तेजी को लेकर उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग कर रहा है।  (एबीपी न्यूज)

     

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 14 सितंबर। अगर आपके पास घर पर खुली छत है और उसका किसी तरह से प्रयोग नहीं हो रहा है, तो मुफ्त में सोलर पैनल लगाकर कमाई कर सकते हैं। घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए आपको किसी तरह का कोई खर्चा नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको साल भर इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का उपयोग करने को भी मिलेगा। 
    सौर उर्जा क्षेत्र में काम कर रही टाटा सोलर ने पूरे देश में इस तरह का ऑफर निकाला हुआ है। बिजली बचाओ और साथ में कमाओ भी नारे के साथ टाटा सोलर आपके लिए यही प्लान लेकर आयी है। कंपनी का दावा है कि इससे आपके बिजली बिल में सालाना 15 फीसदी तक की बचत होगी। इसके अलावा ज्यादा बिजली पैदा होने पर उसे कंपनी को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।
    टाटा सोलर शुरुआती लागत में भी आपकी मदद कर रहा है। सोलर पैनल की फाइनेंसिंग के लिए कंपनी ने टाटा कैपिटल के साथ टाईअप किया है, कंपनी सेटअप से लेकर मेंटेनेंस तक में हमेशा आपके साथ रहेगी।
    इस तरह से पैसा कमाने के लिए छत पर कम से कम 10गुणा10 फुट की जगह होनी चाहिए। अगर घर पर छत नहीं है और आपके पास खाली प्लाट या फिर अपना मैदान है, तो वो जगह भी यह काम करने के लिए काफी सही है। घर की छत या फिर खुले मैदान अथवा प्लॉट पर सोलर एनर्जी प्लांट कंपनियां लगाएंगी। एक किलोवॉट से लेकर के 10 किलोवाट तक का प्लांट इसमें लगेगा। एक किलोवाट का प्लांट प्रतिदिन 5 यूनिट बिजली पैदा करेगा। इन तमाम फायदों के अलावा राज्य सरकारों से मिलने वाली सोलर सब्सिडी भी एक आकर्षण है। ऐसे में कुल मिलकर सोलर पैनल सेटअप आपके लिए फायदे का सौदा होगा और टाटा सोलर इसमें आपकी मददगार।
    अगर आप अपने घर पर 2 किलोवाट का प्लांट लगवाते हैं तो फिर पूरे साल में 3 हजार यूनिट बिजली कम से कम पैदा करेंगे। इसको लगाने पर 2 लाख रुपये का खर्च आएगा। अगर आप माह में 200 यूनिट खर्च करते हैं तो पूरे साल में हुए 2400 यूनिट। बाकी बचे 600 यूनिट बिजली सोलर कंपनी नेशनल ग्रिड को बेच देगी। नेशनल ग्रिड इस तरह की बिजली को 10 रुपये की दर पर खरीदेगा। 
    अगर कंपनी आपके घर की छत पर पांच या फिर 10 किलोवॉट का प्लांट लगाती है तो इस पर उसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इसको लगाने पर कंपनी को 5 से 10 लाख का खर्च आएगा। 10 किलोवाट के प्लांट से 30 हजार यूनिट बिजली पैदा होगी। इससे कंपनी की हर महीने कम से 23 हजार रुपये की कमाई होगी। (अमर उजाला)

     

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 14 सितंबर। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पंतजलि ने गुरुवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने डेयरी उत्पाद लॉन्च कर दिये। बाबा रामदेव ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में डेयरी प्रोडक्ट के साथ पतंजलि फ्रोजन वेजिटेबल्स, पशु आहार और दिव्य जल जैसे उत्पाद भी लॉन्च किए। बाबा रामदेव ने बताया कि पंतजलि, गाय के दूध के साथ-साथ दही, छाछ और पनीर जैसे उत्पाद भी बाजार में ला रही है। उन्होंने बताया कि गाय का दूध 40 रुपये प्रति लीटर होगा। यह बाजार में पहले से मौजूद गाय के दूध से दो रुपये प्रति लीटर सस्ता है।
    पंतजलि ने बताया कि वह पहले दिन से ही चार लाख लीटर गाय के दूध की सप्लाई के साथ शुरुआत कर रही है। इसके लिए उसने दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, मुंबई और पुणे में करीब 56,000 खुदरा दुकानदारों के साथ करार किया है। बाबा रामदेव ने इस दौरान बताया कि वे जल्द ही वे फ्लेवर्ड मिल्ड की रेंज भी बाजार में लाएंगे। उनके मुताबिक ये सभी उत्पाद बाजार में मौजूद उत्पादों से 50 प्रतिशत सस्ते होंगे। दूध के अलावा कंपनी फ्रोजन मटर, कॉर्न और दूसरी सब्जियां भी बेचेगी। इसी दौरान कंपनी ने डेयरी उत्पाद के साथ पशु आहार भी लॉन्च किए। पतंजलि ने दुग्धामृत ब्रांड का यूरिया रहित पशु आहार और सप्लीमेंट बाजार में उतारे हैं। 
    इसके साथ ही पतंजलि ने दिव्य जल भी लॉन्च किया है जो 250 और 500 एमएल के अलावा एक, दो, पांच और बीस लीटर की बोतल में मिलेगा। कंपनी नेचुरल मिनरल वाटर और हर्ब इंफ्यूज्ड वाटर भी लॉन्च करेगी। इस दौरान बाबा रामदेव ने बताया कि पतंजलि ने छह मेगावॉट के सोलर पैनल का प्लांट भी शुरू कर दिया है। इस दौरान पतंजलि ने सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाइब्रिड इनवर्टर और सोलर वाटर पंप जैसे उत्पाद भी लॉन्च किए। इस मौके पर बाबा रामदेव ने घोषणा की है कि दीवाली तक बाजार में 'पतंजलि परिधानÓ भी आ जाएंगे। जींस, धोती-कुर्ता और साड़ी के साथ पतंजलि शादी के लिए भी कपड़े बनाएगी।  (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 14 सितंबर । शराब कारोबारी विजय माल्या दूर देश (लंदन) में बैठे हैं। लेकिन वे भारत में भी भरपूर सुर्खियां बटोर रहे हैं। अभी हाल में ही उन्होंने एक बयान देकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने कहा था कि भारत छोडऩे से पहले वे जेटली से मिले थे। इसके बाद बाद जेटली सहित केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अन्य मंत्री भी बचाव की मुद्रा में हैं। जेटली ने तुरंत सफाई भी दी, 'मुलाकात अनौपचारिकÓ थी। इस पर अनावश्यक विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है। लेकिन इस सफाई बावजूद विपक्षी पार्टियां जेटली को घेरने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने इस मेल-मुलाकात की जांच की मांग कर दी है। वहीं दूसरी तरफ सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सीबीआई ने जेटली तो नहीं पर उनके मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को माल्या के मामले में आरोपित करने की तैयारी कर ली है।
    सीबीआई विजय माल्या के मामले में जल्द अदालत में नया आरोप पत्र दायर कर सकती है। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपित बनाया जा सकता है। केंद्र की यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के कार्यकाल के दौरान माल्या को विभिन्न बैंकों से कर्ज दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाने के इन अफसरों पर आरोप लगाए जा सकते हैं। अखबार के मुताबिक सीबीआई ने इस बाबत वित्त मंत्रालय से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज पहले ही कब्जे में ले लिए हैं। इन दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। इस प्रक्रिया में अब तक कुछ अहम सुराग हाथ लग चुके हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े सूत्र इसकी पुष्टि करते हैं।
    इस मामले की आंच भारतीय स्टेट बैंक तक भी पहुंच रही है। इंडियन एक्सप्रेस की एक अन्य खबर बताती है कि माल्या के देश छोडऩे से चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने एसबीआई की तत्कालीन अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्या से मुलाकात की थी। उन्हें आगाह किया था कि माल्या देश छोड़कर भाग सकते हैं। यह बात 28 फरवरी 2016 की है। दवे ने बताया, मैंने एसबीआई को मशविरा दिया था कि अगले दिन यानी 29 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर माल्या के देश छोडऩे पर रोक लगवा दी जाए। लेकिन मेरी सलाह पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि शीर्ष स्तर पर सब इस घटनाक्रम से वाकिफ थे।
    माल्या पर 9,000 करोड़ रुपए से अधिक की कर्ज धोखाधड़ी का आरोप है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज और अपने प्रभावी संपर्कों की मदद से लगातार अपनी कंपनी के लिए भारतीय बैंकों से यह कर्ज लिया। फिर इसे चुकाए बिना देश छोड़कर भाग गए। वे फिलहाल लंदन में हैं। उन्हें प्रत्यर्पित कर भारत लाने की कोशिश की जा रही है। उनके प्रत्यर्पण का मामला लंदन की अदालत में चल रहा है। हाल में ही आई खबरों की मानें तो इस मामले में इसी साल के अंत तक फैसला आ सकता है। हालांकि फैसला भारत के पक्ष में ही होगा यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि ब्रिटेन में बीते वर्षों में भारतीय आरोपितों से जुड़े ऐसे कई मामले खारिज हो चुके हैं। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

     

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Posted Date : 13-Sep-2018
  • अनंत प्रकाश
    नई दिल्ली, 13 सितंबर। भारतीय मुद्रा (रुपया) में लगातार होती गिरावट के बाद बुधवार को एक अमरीकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 72.88 के स्तर पर पहुंच गया है। अमरीकी डॉलर के सामने रुपये का ये अब तक का सबसे निचला एक्सचेंज रेट है।
    विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मुद्रा की गिरावट के लिए मोदी सरकार की खराब आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि रुपये की गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण हैं।
    सवाल ये भी उठ रहा है कि आखऱि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रा में हो रही इस गिरावट का कोई उपाय क्यों नहीं निकाल रहे हैं।
    इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने बात की वरिष्ठ अर्थशास्त्री इला पटनायक से।
    1. भारतीय मुद्रा के लगातार गिरने की वजह क्या है?
    वरिष्ठ अर्थशास्त्री इला पटनायक कहती हैं कि भारतीय मुद्रा रुपये को इस समय कई तरह के दबावों से जूझना पड़ रहा है जिनमें बाहरी दबाव ज्यादा हैं। उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की मुद्राएं दबाव में हैं। कुछ देश इससे लडऩे की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम लोग इससे बहुत ज्यादा लडऩे की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
    इला कहता हैं कि तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। फेडरल रिजर्व रेट में वृद्धि और अमरीकी सरकार से ऋण लेने की दर बढऩे से जोख़िम की स्थिति पैदा होती है जिसकी वजह से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं में गिरावट देखी जाती है। भारतीय मुद्रा बीते काफी दिनों से बेहद नियंत्रित थी जिसके चलते मुद्रा के एक्सचेंज रेट में बदलाव होने की अपेक्षा की जा रही थी। इसी वजह ये गिरावट देखी जा रही है।
    2. आरबीआई मुद्रा में गिरावट क्यों नहीं रोक रही है?
    अमरीकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते दुनिया के तमाम उभरते हुए बाजारों की मु्द्राओं में गिरावट देखी जा रही है।
    तुर्की की मुद्रा लीरा इसका एक उदाहरण है जिसमें हाल के दिनों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है। इसके बाद से तुर्की उन रास्तों की तलाश कर रहा है जिससे वह इस संकट से बाहर आ सके। 
    ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारत में रिजर्व बैंक लगातार डूबते रुपये को क्यों नहीं संभाल रहा है।
    पटनायक इस सवाल का जवाब देते हुई कहती हैं कि भारत में इनफ्लेशन रेट अमरीकी इनफ्लेशन रेट से ज्यादा है। ऐसे में हमारी मुद्रा को पिछले तीन चार वर्षों में गिरना चाहिए था। लेकिन जब कैपिटल फ्लो होता है तो मुद्रा का तालमेल हमेशा उसके मूलभूत सिद्धांतों से अलग हो जाता है। ऐसे में अगर आप इस तालमेल को रोकने की कोशिश करेंगे तो आप मुद्रा को ज्यादा मजबूत रखेंगे जिससे आपके निर्यात और उद्योग जगत को नुकसान होगा। आपका घरेलू व्यापार प्रभावित होगा, वो प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा क्योंकि आप आयात सस्ता रखेंगे। ऐसे में अगर आपकी मुद्रा में सही तालमेल नहीं है तो ये अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात नहीं है।
    ऐसे में अगर अपनी मुद्रा में गिरावट आ रही है तो ये अच्छी बात है क्योंकि जब मुद्रा गिरेगी तभी मजबूत होगी। ऐसे में अगर आंतरिक और बाहरी कारणों की वजह से मुद्रा के एक्सचेंज रेट में बदलाव हो रहा हो तो उसे होने देना चाहिए। वहीं अगर आरबीआई की जिम्मेदारी की बात करें तो संसद ने आरबीआई को इन्फ्लेशन रोकने का काम दिया है।
    3. अगर आरबीआई गिरावट रोके तो क्या होगा?
    कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही विपक्ष में रहते हुए भारतीय मुद्रा में गिरावट के लिए सत्तारूढ़ पार्टी की खराब आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराती रही हैं।
    ऐसे में अगर आरबीआई राजनीतिक दबाव में आकर मुद्रा में गिरावट रोकने की कोशिश करेगी तो इसके क्या परिणाम सामने आएंगे।
    पटनायक इस सवाल के जवाब में कहती हैं कि अगर आरबीआई दबाव के चलते कुछ करने की कोशिश करती है तो वो ब्याज दरें बढ़ाएगी क्योंकि रुपये की गिरावट को रोकने का वही एक तरीका होता है। बैंक ऑफ इंडोनेशिया भी ऐसा ही कर रहा है, वहाँ पर ब्याज दरें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में अगर आरबीआई भी ऐसा ही करेगा तो इसका उद्योग जगत पर खराब असर पड़ेगा।
    4. आम आदमी आरबीआई से क्या उम्मीद करे?
    भारत में आम लोग रुपये के गिरने को अर्थव्यवस्था में गिरावट के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
    आरबीआई से आम आदमी की उम्मीदों को लेकर पटनायक कहती हैं कि लोगों को ये उम्मीद होनी चाहिए कि आरबीआई कोई पैनिक बटन इस्तेमाल न करे। क्योंकि अगर वह दबाव में आकर ब्याज दरों में वृद्धि करने लगे तो जिस तरह 2013 में ब्याज दरें बढ़ाने अर्थव्यवस्था में और गिरावट देखी गई। निवेश कम हुआ, क्रेडिट ग्रोथ कम हुई, रोजगार की दर में कमी आई, फिर से वही सारी चीजें दोबारा होंगी। आम आदमी को इससे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। रुपया जब 72 या 73 के स्तर पर होता है तो तेल की कीमतों और मोबाइल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में आम आदमी को उतना फर्क नहीं पड़ता जितना तब पड़ता है जब अर्थव्यस्था में ब्याज दरें बढ़ा दी जाएं। बैंक की क्रेडिट ग्रोथ कम हो जाये और रोजगार में कमी आ जाए। वो ज्यादा नुकसादायक है। (बीबीसी)

     

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Posted Date : 13-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 13 सितंबर। सरकार ने 328 फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इन दवाओं को अब देश में बनाया या बेचा नहीं जा सकेगा। बैन दवाओं में कई ऐसी हैं, जिन्हें लोग फटाफट आराम पाने के लिए खुद से खरीद लेते हैं। कई दवाएं सिरदर्द, जुकाम, दस्त, पेट दर्द जैसी बीमारी में ली जाती हैं। आपको बता दें कि एफडीसी दवाएं मरीजों के लिए खतरनाक होती हैं, कई देशों में इन पर बैन भी है।  
    जिन दवाओं पर रोक लगाई गई है, उनमें सेरिडॉन, विक्स ऐक्शन 500, कोरेक्स, सुमो, जीरोडॉल, फेंसिडील, जिंटाप, डिकोल्ड और कई तरह के ऐंटीबायॉटिक्स, पेन किलर्स, शुगर और दिल के रोगों की दवाएं शामिल हैं। अभी और भी कई एफडीसी दवाएं हैं, जो देश में बिक रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार 500 और एफडीसी पर रोक लगा सकती है। 
    दूसरी ओर 6 एफडीसी को कड़े प्रतिबंधों के साथ बेचा जा सकेगा। इन्हें डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेचा जा सकेगा। सरकार ने मार्च 2016 में 349 एफडीसी पर बैन लगा दिया था। दवा कंपनियां इस बैन के खिलाफ दिल्ली और अन्य हाईकोर्ट में चली गई थीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने बैन को खारिज कर दिया था। इस पर सरकार और कुछ निजी हेल्थ संगठन सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से बैन की गई दवाओं की जांच के लिए एक कमिटी बनाने और रिपोर्ट देने को कहा था। 
    इस पर ड्रग टेक्निकल अडवाइजरी बोर्ड ने एक कमेटी का गठन किया। कमेटी ने 343 दवाओं पर लगाए गए बैन को जायज करार दिया और छह के निर्माण और बिक्री के लिए कुछ शर्तें लगा दी। सरकार ने इनमें से 328 को ही बैन किया है। इस बैन के बाद इन दवाओं के बाजार से बाहर होने का रास्ता साफ हो गया है। 
    एफडीसी दवाएं वह होती हैं, जिन्हें दो या उससे ज्यादा दवाओं को मिलाकर बनाया जाता है। इन दवाओं पर देश में एक लंबे समय से विवाद हो रहा है। हेल्थ वर्कर्स के साथ ही संसद की एक समिति ने भी इन पर सवाल उठाए हैं। 
    समिति का कहना है कि ये बिना मंजूरी के और अवैज्ञानिक तरीके से बनाई गई हैं। इनमें कई ऐंटीबायॉटिक दवाएं भी शामिल हैं। जिन एफडीसी पर विवाद हो रहा है, उन्हें भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल की मंजूरी के बिना ही देश में बनाया और बेचा जा रहा था। इन एफडीसी को राज्यों ने अपने स्तर पर मंजूरी दे दी थी। केंद्र इसे गलत मानता है। उसका कहना है कि किसी भी नई ऐलोपैथिक दवा को मंजूरी देने का अधिकार राज्यों को नहीं है। 
    अमरीका, जापान, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के साथ ही कई देशों में एफडीसी पर रोक है। भारत के साथ ही कई विकासशील देशों में ये बिकती हैं। देश में महज पुडुचेरी एक ऐसा राज्य है, जिसने एफडीसी पर रोक लगा दी है। 
    सरकार ने जिन 328 एफडीसी पर बैन लगाया है उनका देश के संगठित दवा क्षेत्र में कुल कारोबार करीब 3800 करोड़ रुपये का है। यह भारत के फार्मा सेक्टर के कुल कारोबार का करीब 3 प्रतिशत है। सरकार के फैसले के बाद कोरेक्स पर रोक से फाइजर के 308 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ेगा। वहीं, एबॉट के 480, मैकलॉड्स के 367, पैनडेम के 214, सुमो के 79 और जीरोडॉल के 72 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर होगा।  (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 13-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 13 सितंबर। रुपये में गिरावट थमने के साथ बुधवार को केंद्र सरकार के लिए एक और राहत भरी खबर आई। देश में खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.69 प्रतिशत रही। खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में भी 0.29 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। इसके साथ ही अगस्त में औद्योगिक उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) जुलाई में 6.6 प्रतिशत रहा। बीते साल इसी महीने यह आंकड़ा एक फीसदी था।
    सीएसओ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पहली बार खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय सीमा (चार प्रतिशत) से नीचे है। इससे पहले अक्टूबर में 2017 में खुदरा महंगाई दर 3.58 प्रतिशत से नीचे दर्ज की गई थी। खुदरा महंगाई दर में कमी फल, सब्जियों सहित अन्य खाद्य पदार्थों के सस्ता होने के कारण आई है। इससे पहले बुधवार को रुपये में डॉलर के मुकाबले 100 पैसे की मजबूती देखने को मिली थी। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 12-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 12 सितंबर । रुपये में गिरावट इस कदर जारी है कि अब यह आम बात लगने लगी है। हालांकि केंद्र सरकार के लिए यह चिंताजनक है। मंगलवार को एक डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत 72.69 रुपये थी। आज सुबह विदेशी मुद्रा बाजार खुलते ही यह 22 पैसे और गिरा और प्रति डॉलर के मुकाबले 72.91 रुपये के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। 
    यह डॉलर के मुकाबले रुपये का अब तक सबसे खराब प्रदर्शन है।
    खबरों के मुताबिक व्यापार युद्ध के चलते कई देशों के बैंकों और आयातकों में डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है, खासतौर पर तेल कारोबार से जुड़े देशों में। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कच्चे तेल के दाम बढऩे की वजह से भी रुपये पर दबाव बना हुआ है। वहीं, बाजार से विदेशी धन का निकलना भी इसका एक प्रमुख कारण है। सरकार भी रुपये गिरने और तेल के दाम बढऩे के पीछे यही दलीलें दे रही है।
    हालांकि इस बीच शेयर बाजार से अच्छी खबर है। सेंसेक्स आज 133.29 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 37,546.42 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 33 अंक बढ़ा है। फिलहाल यह 11,290 अंकों के साथ कारोबार कर रहा है। इससे पहले मंगलवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स में जहां 500 अंकों की गिरावट आई, वहीं, निफ्टी भी 150 अंक गिरकर बंद हुआ था।
    (सत्याग्रह)

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Posted Date : 12-Sep-2018
  • पर्थ, 12 सितंबर। ऑस्ट्रेलिया के खदानों में खनन के दौरान सोने की दो चट्टानें मिलीं है। सोने की दोनों चट्टानों की अनुमानित कीमत लगभग 80 करोड़ रुपए (11 मिलियन डॉलर) है। इस देश में छिपे हुए सोने के भंडार में यह शायद मिलनेवाला अब तक का सबसे बड़ा भंडार है।
    कनाडा की एक खनन कंपनी को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक जिले में खनन के दौरान सोने के दो बड़े पत्थर मिले। इनमें से एक का वजन 95 किलोग्राम है और इसमें 68 हजार ग्राम सोना है। भू वैज्ञानिकों ने इसे बहुत दुर्लभ बताया है। जबकि सोने की दूसरी चट्टान का वजन 63 किलोग्राम है और इसमें 45 हजार ग्राम सोना है। 
    जमीन से 500 मीटर अंदर की खुदाई के दौरान मजदूरों ने 190 किलोग्राम का एक भारी-भड़कम पत्थर देखा। पत्थर में मुख्य रूप से दो तरह के अंश शामिल थे। पर्थ से लगभग 600 किलोमीटर की दूरी पर बेटा हंट माइन अभियान के तहत यह सोने का खजाना हाथ लगा।
    खनन करने वाली फर्म आरएनसी मिनरल्स के सीईओ मार्क सेलबे ने कहा कि यह अब तक का शायद सबसे बड़ा स्वर्ण खनन अभियान है। 

    खनन से निकाले गए सोने को तत्काल पर्थ स्थित लैब में भेजा जा रहा है, ताकि कुछ वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद उन्हें बेचने के लिए तैयार किया जा सके। 
    इस खनन से जुड़े एक भूविज्ञानी ने बताया कि आप अपना पूरा जीवन बिता देते हैं तो भी ऐसी वस्तु आपको नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि जीवन भर में कभी कभार इस तरह के सोने की खोज होती है। 
    इटली के एक थिएटर में घड़े में पांचवीं सदी के करोड़ों रुपये के सोने के सिक्के मिले हैं। यह सोने के सिक्के उस वक्त मिले जब बिल्डर्स कोमो में क्रेसोनी थिएटर को गिरा रहे थे। इन सिक्कों को एक संग्रहालय में रखा जाएगा।  (एजेंसी)

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Posted Date : 11-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 11 सितंबर । बैंकों के डूबे कर्ज को लेकर आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बड़ा बयान दिया है। मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की प्राक्कलन समिति को भेजे जवाब में राजन ने घोटालों की जांच में देरी और फैसले लेने में देरी की वजह से बैंकों का डूबा कर्ज (एनपीए) बढ़ता चला गया।
    राजन ने बताया है कि बैंकों ने जोंबी लोन को एनपीए में बदलने से बचाने के लिए ज्यादा लोन दिए। साल 2006 से पहले बुनियादी क्षेत्र में पैसा लगाना फायदेमंद था। इस दौरान एसबीआई कैप्स और आईडीबीआई बैंकों ने खुले हाथ से कर्ज दिए। बैंकों का अति आशावादी होना घातक साबित हुआ। लोन देने में सावधानी नहीं रखी गई। इसके साथ ही जितने लाभ की उम्मीद की गई थी, उतना लाभ नहीं हुआ।
    राजन के बयान से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, दरअसल कांग्रेस लगातार मोदी सराकर को बढ़े एनपीए के लिए जिम्मेदार बताती रही है। राजन की नियुक्ति यूपीए सरकार में ही हुई थी ऐसे में बीजेपी कांग्रेस पर हमले का मौका नहीं गंवाएगी।
    जुलाई में समिति के सामने पेश हुए पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने एनपीए संकट से निपटने के लिए पूर्व आरबीआइ गवर्नर राजन की तारीफ की थी। सुब्रमण्यम के बयान के बाद ही कमेटी ने राजन को समिति इस विषय में पूरा ब्यौरा देने को कहा था। साल 2013 से 2016 रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे रघुराम राजन इस वक्त शिकागो यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं।
    इस समय देश के सभी बैंक एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं। दिसंबर 2017 तक बैंकों का एनपीए 8.99 ट्रिलियन रुपये हो गया था जो कि बैंकों में जमा कुल धन का 10.11 फीसदी है। कुल एनपीए में से सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों का एनपीए 7.77 ट्रिलियन है। (एबीपी न्यूज)

     

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Posted Date : 11-Sep-2018
  • मुंबई, 11 सितंबर।  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को भी तेजी जारी है। महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल की कीमत 90.05 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जो देश में सबसे ज्यादा है। वहीं मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 14 पैसे बढ़कर 88.26 रुपये पर पहुंच गई, जबकि दिल्ली में यह 80.87 रुपये पर मिल रहा है। वहीं डीजल के दामों में भी 15 पैसे का इजाफा हुआ है और मुंबई में यह 77न47 रुपये प्रति लीटर जबकि दिल्ली में 72.97 रुपये प्रति लीटर के दाम पर मिल रहा है। इससे पहले सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 80.73 रुपये लीटर, जबकि डीजल 72.83 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा था।
    अगस्त के मध्य से पेट्रोल की कीमत 3न79 रुपये लीटर, जबकि डीजल 4.21 रुपये लीटर महंगा हुआ है। इसका प्रमुख कारण अमरीकी डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंचना है।
    उधर पट्रोल और डीजल के दाम में तेजी के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद बुलाया था। इस बंद में विपक्ष की 21 पार्टियों ने उसका साथ दिया। विपक्ष ईंधन को सस्ता करने के लिए टैक्स घटाने की मांग कर रहा है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल एक्साइज ड्यूटी में कटौती का उसका कोई इरादा नहीं है।
    खुदरा ईंधन की कीमत में करीब आधा हिस्सा केंद्रीय तथा राज्यों के टैक्स का है। तेल कंपनियों के अनुसार, रिफाइनरी में पेट्रोल की लागत करीब 40.50 रुपये लीटर है, जबकि डीजल 43 रुपये लीटर बैठता है।
    केंद्र फिलहाल पेट्रोल पर 19.48 रुपये लीटर, जबकि डीजल पर 15.33 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके ऊपर राज्य सरकारें वैल्यू ऐडैड टैक्स (वैट) लगाती हैं। सबसे कम वैट अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में है। वहां दोनों ईंधन पर छह प्रतिशत कर वसूला जाता है। वहीं मुंबई में पेट्रोल पर वैट सबसे ज्यादा 39.12 प्रतिशत, जबकि तेलंगाना में डीजल पर सबसे ज्यादा  26 प्रतिशत वैट है। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल पर वैट क्रमश: 27 प्रतिशत और 17.24 प्रतिशत है।  (भाषा)

     

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Posted Date : 11-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 11 सितंबर। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों के बैंक खातों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर जालसाजी के मामले सामने आए थे, जिसको देखते हुए एसबीआई ने फैसला लिया है कि किसी के खाते में कोई दूसरा शख्स पैसे नहीं जमा करा पाएगा। यानी अगर एक्स का एसबीआई में बैंक खाता है तो केवल वही कैश काउंटर पर जाकर पैसे जमा करा पाएगा। यहां तक कि कोई पिता भी अपने बेटे के एसबीआई खाते में पैसे नहीं जमा करा पाएगा।
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसबीआई से जब इस नियम को लागू करने के पीछे की वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि नोटबंदी के दौरान कई बैंक खातों में बड़ी संख्या में हजार और पांच सौ नोट जमा किए गए थे। अब जांच के बाद जब लोगों से इतने सारे नोटों के बारे में पूछा जा रहा है तो उनका कहना है कि किसी अनजान शख्स ने उनके बैंक खातों में पैसे जमा करा दिए हैं। उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है।
    इसके बाद आयकर विभाग ने सरकारी बैंकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे नियम बनाएं कि कोई दूसरा शख्स किसी के बैंक खाते में नकद रुपए नहीं जमा करा पाए, ताकि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते में जमा पैसे के बारे में अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बच न सके। बैंक इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से आतंकी फंडिंग पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
    बैंक ने इस नए नियम को लागू करने के साथ इसमें विशेष परिस्थितियों का भी ख्याल रखा है। उदाहरण के तौर पर अगर मिस्टर एक्स मिस्टर वाय के बैंक खाते में नकदी जमा करना चाहते हैं तो एक्स को वाय से एक अनुमति लेटर लिखवाना होगा, जिसपर वाय का हस्ताक्षर भी होगा। इसके अलावा बैंक काउंटर पर नकदी के साथ दी जाने वाली जमा फॉर्म पर बैंक खाता धारक का हस्ताक्षर होना चाहिए। इन दो परिस्थितियों में ही कोई दूसरा शख्स किसी के बैंक खाते में नकदी जमा कर पाएगा। हालांकि बैंक ने ये भी साफ कर दिया है कि अगर कोई ऑनलाइन किसी के बैंक खाते में पैसे जमा कराना चाहता है तो वह इसके लिए स्वतंत्र है। यहां नया नियम लागू नहीं होगा। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 10-Sep-2018
  • नई दिल्ली, 10 सितंबर।टेलीकॉम ऑपरेटर रिलायंस जियो ने दो साल पूरे होने के मौके पर एक ऑफर पेश किया है। इस ऑफर के तहत यूजर्स को एक कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट खरीदने पर एक जीबी हाईस्पीड डाटा दिया जाएगा।
    जियो यूजर्स को इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए सिर्फ डेयरी मिल्क की चॉकलेट खरीदनी होगी। इसके बाद उसके रैपर को अपने पास रखना होगा। यह ऑफर डेयरी मिल्क चॉकलेट पांच रुपये वाली या फिर अधिक, डेयरी मिल्क क्रैकल, डेयरी मिल्क रोस्ट अल्मॉन्ड, डेयरी मिल्क फ्रूट औ नट पर उपलब्ध है। 
    जियो इसके अलावा एक और ऑफर लेकर आया है। अब जियो यूजर्स अपना डाटा दूसरे जियो यूजर्स को ट्रांसफर कर सकते हैं। यह ऑफर 30 सितंबर तक वैलिड है। इसके लिए यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में मायजियो एप को डाउनलोड कर उसपर जाना होगा। एप पर यूजर्स को होमस्क्रीन पर एक फ्री डाटा ऑफर का बैनर दिखेगा। बैनर पर टैप करने के बाद वहां आप बारकोड से चॉकलेट रैपर को स्कैन कर एक जीबी डाटा मुफ्त में पा सकते हैं।
    इस ऑफर में यूजर्स पांच रुपये वाली डेयरी मिल्क चॉकलेट, 10, 20, 40 और 100 रुपये वाली डेयरी मिल्क चॉकलेट शामिल होंगी। इसके अलावा भी कई डेयरी मिल्क की चॉकलेट्स को इस ऑफर में शामिल किया गया है। यह एक जीबी डाटा अतिरिक्त डाटा के रूप में मिलेगा। (लाइव हिन्दुस्तान)

     

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