कवर्धा

साढ़े 13 लाख के गांजा के साथ ओडिशा के 2 गिरफ्तार
21-Aug-2021 5:23 PM (101)
साढ़े 13 लाख के गांजा के साथ ओडिशा के 2 गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कवर्धा, 21 अगस्त।
साढ़े 13 लाख के गांजा समेत ओडिशा के 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को पुलिस ने  गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुआ कि रायपुर की और से एक महेंद्रा बुलोरो पिकप क्रमांक-ओडी31जी3289 जिसमें गांजा का परिवहन किया जा रहा है। जिस पर तत्काल थाना चिल्फी प्रभारी के द्वारा उक्त सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाते हुवे सूचना की तस्दीक हेतु टीम रवाना कर चलित नाकेबंदी के माध्यम से चेकिंग किया जाने लगा। 

मुखबिर के बताये हुलिया अनुसार महेंद्रा बुलोरो पिकप क्रमांक ओडी31जी3289 को रुकवाकर घेराबंदी करते हुवे  विधिसम्मत तलाशी ली गई। पिकप में एक व्यक्ति जो पिकप का चालक था। जिससे पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर अपना नाम रोहित कुदेई (27)गुरडापार थाना बालीगुढा जिला कंधामाल व उसके साथी ने अपना नाम दुर्भशा प्रधान (28)अंधारी थाना जुजुमुंडा जिला संबलपुर ओडिशा का होना बताया  व पीकअप  कि विधिसम्मत डाले की तलाशी लेने पर  लोहे के चादर को वेल्डिंग कराकर डाला के नीचे गोपनीय चेम्बर बनाकर नट बोल्ट कसा हुआ को खोलकर चेक करने पर कुल 132 पैकेट गांजा जो खाखी रंग की टैप से लिपटा था। जिसे गवाहों के समक्ष तोल कराने पर गांजा का कुल वजन 135.150 किलोग्राम होना पाया गया। जब्त गांजा की कुल कीमत 13 लाख 51 हजार 500 रुपये व वाहन 7 लाख कुल जुमला 20 लाख 51 हजार 500 रुपये जब्त किया गया। आरोपी के  विरूद्ध पर्याप्त सबूत साक्ष्य पाए जाने पर  विधिवत कानूनी प्रकिया व कोविड नियमों का पालन करते हुवे गिरफ्तारी व जब्ती की कार्यवाही की गई। उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर  न्यायालय पेश किया गया है। 

आरोपी से पूछताछ करने पर गांजा का अवैध तस्करी करते हुए धन लाभ अर्जित करने महेंद्रा बुलोरो पीकअप  के डाले के नीचे मोडिफाई कर गोपनीय चेम्बर बनाकर ओडिशा से मंडला मध्यप्रदेश ले जाकर देश के विभिन्न स्थानों पे भेजना बताये। इस संपूर्ण कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष ठाकुर व अनुविभागीय अधिकारी बोड़ला जगदीश उइके के निर्देशन में थाना प्रभारी चिल्फ़ी निरीक्षक रमाकांत तिवारी एवं थाना चिल्फी पुलिस टीम से सहायक उपनिरीक्षक गोविंद चंद्रवंशी एवं समस्त थाना स्टाप व डायल 112 के स्टाप का सराहनीय योगदान रहा।
 

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