बस्तर

समाज की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है के मूलमंत्र को लेकर बच्चों में कर्मठ एवं जिम्मेदार नागरिक के गुणों का करें विकास-कमिश्नर
18-Sep-2021 7:30 PM (37)
समाज की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है के मूलमंत्र को लेकर बच्चों में कर्मठ एवं जिम्मेदार नागरिक के गुणों का करें विकास-कमिश्नर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 17 सितम्बर। कनिश्नर आर चुरेंद्र ने कहा  कि समाज की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है के मूलमंत्र को लेकर बच्चों में कर्मठ एवं जिम्मेदार नागरिक के गुणों का विकास किया जाना चाहिए। उक्त निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कमिश्नर श्री चुरेंद्र ने जगदलपुर शहर के शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यम शाला में बुधवार को आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए।

 बैठक में कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर संभाग को राज्य में प्रथम स्थान पर रखने हेतु सामुदायिक सहभागिता पर बल दिया। समय-समय पर पालक-बालक सम्मेलन के आयोजन तथा सामाजिक सरोकार के मुद्दों पर शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के साथ अधिकारियों एवं शिक्षकों को गहन चर्चा के द्वारा सामाजिक बुराईयों की रोकथाम पर बल दिया। कमिश्नर ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, खेल मैदान का श्रमदान से निर्माण किए जाने पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा हेमन्त उपाध्याय, बस्तर संभाग के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, डाईट प्राचार्य, जिला मिशन समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन, बीईओ एवं एबीइओ उपस्थित थे।

 बैठक में संयुक्त संचालक ने कोविड-19 के कारण लगभग डेढ़ वर्ष बाद स्कूल में आए बच्चों की अधिगम क्षमता के आकलन एवं कमियों को दूर करने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा कर मार्गदर्शन दिया। बोर्ड परीक्षा के परिणामों में अपेक्षित सुधार तथा स्कूलों की प्रत्येक स्तर पर प्रभावी एवं सघन मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए सकारात्मक अवलोकन एवं आवश्यकतानुसार सुधार हेतु शिक्षकों को सुझाव तथा समझाइश देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर क्षेत्रीय बोली के माध्यम से अध्यापन, भाषाई कौशल के विकास, गणितीय संक्रियाओं के अधिगम एवं विज्ञान के प्रोजेक्ट एवं प्रायोगिक कार्यों के द्वारा बच्चों की अधिगम दक्षता के विकास पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, बेहतर शैक्षिक वातावरण, आकर्षक और साफ सुथरे स्कुल परिसर पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा प्रत्येक बच्चे का प्रगति पत्रक संधारित कर रखा जाये। स्कूल खुलने से लेकर छुट्टी होने तक पूरे समय शिक्षक की शाला में उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा।

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