सरगुजा

रेत माफियाओं द्वारा गोली चला देने की धमकी के बाद ग्रामीणों में भडक़ा आक्रोश, मामला दर्ज
27-Sep-2021 7:31 PM (50)
   रेत माफियाओं द्वारा गोली चला देने की धमकी के बाद ग्रामीणों में भडक़ा आक्रोश, मामला दर्ज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रामानुजगंज, 27 सितंबर। अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन से दिन प्रतिदिन ग्रामीणों एवं रेत माफिया के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है। एक तरफ लगातार जहां सडक़ें खराब हो रही है, वहीं अवैध उत्खनन एवं परिवहन वह ओवरलोड वाहनों का चलना रुक नहीं पा रहा है जिससे गांव-गांव में आक्रोश फैलता जा रहा है। इसी का नतीजा यह हुआ कि जब ग्राम पंचायत गम्हरिया के दर्जनों ग्रामीणों के द्वारा ओवरलोड रेत ट्रक को रुकवाया तो अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलग्न लोगों के द्वारा धमकी दी जाने लगी, यहां तक की गोली चला देने की बात कही गई, जिससे गांव में आक्रोश भडक़ गया है एवं दर्जनों ग्रामवसी विजय नगर चौकी पहुंच गए, जिनके द्वारा अर्पित मित्तल, नीरज ठाकुर महेंद्र सिंह राजन के विरुद्ध आवेदन दिया गया। पुलिस मामला पंजीबद्ध कर अपराध की जांच में जुट गई है।

गौरतलब है कि एक ओर जहां नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर लगातार अवैध रेत उत्खनन परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कई बार ग्रामवासियों एवं रेत माफियाओं के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई है। रविवार की सुबह 11.30 बजे के करीब गम्हरिया से होकर ओवरलोड रेत से भरी ट्रक जा रही थी, जिसे दर्जनों ग्रामीणों के द्वारा रुकवा कर ओवरलोड परिवहन का विरोध करने लगे। ग्रामीण कहने लगे कि एक तरफ हमारी सडक़ लगातार खराब हो रही है एंबुलेंस तक जाना मुश्किल हो रहा है। हम लोगों की लगातार परेशानी सडक़ के खराब होने से बढ़ते जा रही है, दूसरी तरफ आप लोगों के द्वारा अवैध रेत उत्खनन परिवहन करना नहीं छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों के द्वारा ट्रक रोककर कार्यवाही किए जाने की मांग की जाने लगी।

विजय नगर चौकी प्रभारी विनोद पासवान ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा लिखित में शिकायत की गई थी कि रेत माफियाओं के द्वारा गाली गलौज एवं गोली से मारने की धमकी दी गई जिस पर अर्पित मित्तल, नीरज ठाकुर, महेंद्र सिंह एवं राजन के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है।

सैकड़ों पेड़ काटा वन भूमि में बना दिया रास्ता

आरोप है कि रेत माफियाओं द्वारा कन्हर नदी से रेत उत्खनन किया गया, वहीं सैकड़ों पेड़ों की बलि ले ली गई। यही नहीं वन भूमि में रास्ता बना दिया गया, यहां तक कि गांव के मुक्तिधाम को भी नहीं छोड़ा गया, उसके अगल-बगल भी गड्ढा कर दिए गए जिससे अब मुक्तिधाम उपयोग लायक नहीं रहा।

हजारों ट्रक बालू का हुआ अवैध परिवहन एवं उत्खनन

रेत माफियाओं के द्वारा किस प्रकार से क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया गया इसे शिवपुर में हुए बालू भंडारण को देखकर समझा जा सकता था यहां हजारों ट्रक बालू का अवैध भंडारण कनहर नदी से बालू उठाकर कर दिया गया था। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक से बालू उत्तर प्रदेश गए।

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