गरियाबंद

बालिकाएं दैवीय शक्ति का रूप हैं-डॉ. प्रीति
12-Oct-2021 6:39 PM (52)
बालिकाएं दैवीय शक्ति का रूप हैं-डॉ. प्रीति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
छुरा, 12 अक्टूबर।
आईएसबीएम विश्वविद्यालय कोसमी, छुरा, गरियाबंद मे अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.प्रीति साहू, आयूर्वेद चिकित्सा अधिकारी, छुरा थी।
विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ.भूपेन्द्र कुमार साहू ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बालिकाओं के सरंक्षण एवं विकास के लिए सकारात्मक सोच की शुरुआत हमें अपने घर से करने की आवश्यकता है।

कुलसचिव डॉ.बी.पी.भोल ने कहा कि आजादी की लडाई से लेकर देश विकास के प्रत्येक क्षेत्र में बालिकाओं का विशेष योगदान रहा है। साथ ही इस बात पर भी चिंता जाहिर किया कि, अभी भी  बालक एवं बालिकाओं के बीच लिंगानुपात की खाई बहुत गहरी हैं। मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस प्रकार से नवरात्रि के अष्टमी को बालिकाओं को दैवीय शक्ति का स्वरूप मानकर पूजा किया जाता हैं, ठीक इसी प्रकार से बालिकाओं का प्रतिदिन सम्मान किया जाना चाहिए।

साथ ही उन्होंने बालिकाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत बताया। संकाय प्रभारी सुश्री खुशबू राजपूत ने बताया कि बालिकाओं के संरक्षण एवं विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना, लाडली लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं एवं नोनी सुरक्षा योजना चलाया जा रहा है। यूनिसेफ, यूनेस्को, यूनाइटेड नेशन महिला संगठन द्वारा समय समय पर बालिकाओं के सुरक्षा के संदर्भ में गाइडलाइन जारी किया जाता रहा है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को अतंर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन 2012 से किया जाता रहा है।

अंत में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. एन.कुमार स्वामी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि बालक और बालिकाओं को सामान अवसर प्रदान किया जाए तथा लिंगानुपात को बराबर मे लाने का प्रयास करें।

मुख्य वक्ता को शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी संकायों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। सेमिनार का सफल संचालन विभाग के प्राध्यापक मनीष कुमार पांडे ने किया।
 

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