जान्जगीर-चाम्पा

दशहरा पर थाने में शस्त्र पूजन की परंपरा वर्षों पुरानी-रूपक
16-Oct-2021 5:50 PM (43)
दशहरा पर थाने में शस्त्र पूजन की परंपरा वर्षों पुरानी-रूपक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सक्ती, 16 अक्टूबर।
बुराई पर अच्छाई की जीत, असत्य, अधर्म पर सत्य एवं धर्म की जीत की प्रेरणा हमें  दशहरे पर्व पर प्राप्त होती है। उक्त कथन नगर निरीक्षक थाना  सक्ती रूपक शर्मा ने थाने में विधि विधान के साथ सस्त्र पूजा के बाद कही।
उन्होंने आगे कहा कि थाने में शस्त्र पूजा की परंपरा वर्षो पुरानी है। दशहरा पर्व पर शस्त्रों की पूजा की जाती है एवं मां दुर्गा शक्ति की पूजा की जाती है। उन्होंने अपने संदेश में आगे कहा कि मां दुर्गा हमें दुष्टों का संहार करने एवं अच्छे लोगों की रक्षा करने की शक्ति प्रदान करें। श्री शर्मा ने आगे कहा कि सक्ती नगर के नागरिक हमें हमेशा सहयोग प्रदान करते हैं। यही कारण है कि हम शांति व्यवस्था बनाने में कामयाब हो पाते हैं। वहीं उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे द्वारा यह हमेशा प्रयास किया जाता है। हम अपनी ड्यूटी इमानदारी पूर्वक निभा सकें। इसके लिए हमें कभी-कभी शख्त भी होना पड़ता है।

उन्होंने दशहरा पर्व पर समस्त सक्ती नगर एवं अंचल वासियों को बधाई देते हुए कहा कि दशहरे का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएं उन्होंने यह भी कहा कि आज शहर एवं ग्रामीण अंचल में नवरात्रि पर्व में विराजी मां दुर्गा की प्रतिमा का विधि विधान के साथ विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। ज्ञात हो कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी थाना सक्ती में नगर निरीक्षक रूपक शर्मा उप निरीक्षक नवीन पटेल सम्मेलाल यादव एवं थाने के समस्त स्टॉप के लोगों की उपस्थिति में सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा अर्चना इसके पश्चात शस्त्रों की पूजा विधि विधान से पंडित ओम प्रकाश वैष्णव के द्वारा कराया गया।
 

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