महासमुन्द

फसलों में भूरा माहू का प्रकोप
18-Oct-2021 10:09 PM (59)
फसलों में भूरा माहू का प्रकोप

दिन में तेज धूप, कभी बदली और रात में ओस पडऩे के बाद उमस व गर्मी से ही भूरा माहो के कीट जन्म ले रहे हैं- विभाग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,18 अक्टूबर।
मौजूदा मौसम में एक साथ धूप, छांव और ओस की वजह से धान की फसल में भूरा माहो का प्रकोप शुरू हो गया है। किसान और कृषि विभाग दोनों का कहना है कि दिन में तेज धूप, कभी बदली और रात में ओस पडऩे के बाद उमस व गर्मी से ही भूरा माहो के कीट पौधों के नीचे जन्म ले रहे हैं। लिहाजा किसानों को खेतों की सतत निगरानी करनी पड़ रही है।

महासमुंद जिले के किसान इससे छुटकारा पाने कीटनाशक दवाओं का छिडक़ाव भी कर रहे हैं। बावजूद इसके कीट का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। कहीं-कहीं पर खेतों में ब्लास्ट की बीमारी भी देखी जा रही है, जबकि भूरा माहो का प्रकोप ग्राम नांदगांव, मुढैऩा, बेलसोंडा, घोड़ारी, चिंगरौद समेत आसपास के गांवों के खेतों में देखने को मिला है। एक महीने पूर्व नांदगाव सहित आसपास के खेतों में चूहों का आतंक था। इससे किसान परेशान थे। चूहे नमी वाले पौधों को कुतर कर बर्बाद कर रहे थे। पखवाड़े भर पहले ही इस समस्या से छुटकारा मिला है।

इसी तरह जिले के कई गांवों में तना छेदक का प्रकोप भी जारी है। किसानों ने इसकी जानकारी कृषि विभाग को दी है। जानकारों ने बताया कि ज्यादा समय में पकने वाली माई किस्म के धान सरना में पौधों की पत्ती की नोक पीला होकर सूखने लगी है, जो शीथ ब्लास्ट के लक्षण है।

इस संबंध में अफसरों का कहना है कि क्षेत्र में प्रकोप तो है, लेकिन अभी कम है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। किसान इस संबंध में कृषि अधिकारियों से संपर्क कर उपाय के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

किसानों को किया अलर्ट
कृषि विभाग ने जिले के किसानों को अलर्ट किया है कि जो फसल पक कर तैयार है, उसकी कटाई किसान फिलहाल न करें और जो किसान कटाई कर चुके हैं, उसका भंडारण तुरंत कर लें। क्योंकि 18 से 20 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है। बारिश होने से ये फसल खराब हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि आज-कल में प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। इससे इतर जिले के गांवों में धान की फसल को भूरा माहों के प्रकोप से बचाने किसान दवाइयों का छिडक़ाव कर रहे हैं। जल्दी पकने वाली धान मसलन हरुना किस्म के धान जैसे महामाया सहित अनेक किस्मों के धान में इसका प्रकोप देखने को मिल रहा है।
 

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