बलौदा बाजार

भरसेला मार्ग जर्जर, ग्रामीण हो रहे हैं धूल से परेशान
20-Oct-2021 8:03 PM (34)
   भरसेला मार्ग जर्जर, ग्रामीण हो रहे हैं धूल से परेशान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 20 अक्टूबर। भरसेला बड़ा, भरसेेेली, शुक्लाभाठा मार्ग की हालत बदहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर करीब पखवाड़े भर से मुरूम का अवैध उत्खनन कर ओवरलोड वाहनों के मध्य से परिवहन किए जाने के चलते पहले से ही जर्जर सडक़ जगह-जगह से पुन: उखड़ चुकी है वहीं इन वाहनों के लगातार आवागमन की वजह से उखड़ रही धूल से ग्रामीण अत्यधिक हलाकान हैं।

गौरतलब है कि इन दिनों कुकुरदी बाईपास के लंबित करीब डेढ़ किलोमीटर लंम्बे भाग का निर्माण कार्य जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस हेतु ग्राम सोनपुरी शुक्लाभाठा के समीप भररी से मुरूम का अवैध उत्खनन ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है, जिसका परिवहन ग्राम भरसेला बड़ा भरसेली होते हुए निर्माणाधीन कुकुरदी बाईपास में किया जा रहा है।

जर्जर सडक़ उड़ती धूल से ग्रामीण हलकान

विदित हो कि भरसेला, भरसेली, शुक्लाभाठा मार्ग का निर्माण करीब 7 से 8 वर्ष पूर्व पीएम जेएसवाई योजना के तहत हुआ था। बारह टन से अधिक वाहनों के आवागमन इस ग्रामीण पर प्रतिबंधित होने के बावजूद भी जिले के सातों सीमेंट संयंत्रों की ओवर लोड वाहन एवं मुरूम, रेत, गिट्टी आदि का परिवहन इस मार्ग पर किया जाते रहने के कारण मार्ग पहले से ही जर्जर हो चुका है। वहीं पखवाड़े भर से इस जर्जर मार्ग पर प्रतिदिन 50 से 80 ट्रिप मुरूम का परिवहन बाईपास निर्माण कार्य के ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। इसके चलते पहले से ही जर्जर मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह उखड़ चुका है। वहीं दिनभर भारी वाहनों के आवागमन के चलते उडऩे वाली धूल से ग्रामीण भी अत्यधिक परेशान हैं।

ग्रामीणों ने शासकीय अमले द्वारा सडक़ की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन सुनील कुमार जैन से मामले को संज्ञान में लेकर अवैध उत्खनन के अलावा इस मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का आवागमन बंद करने व जर्जर सडक़ निर्माण की मांग की गई है।

मामले के संबंध में बाईपास निर्माण कार्य में संलग्न ठेकेदार अनिल जसवानी ने बताया कि मुरूम का खदान स्वयं की भूमि का किया जा रहा है। उन्होंने उत्खनन की अनुमति के लिए आवेदन जिला माइनिंग कार्यालय में लंबित होने की बात कही, वहीं भारी वाहनों के आवागमन के संबंध में पीएमजेएसवाई से भी किसी तरह की अनुमति नहीं लेने की बात भी स्वीकार किया।

जिला माइनिंग अधिकारी एम चंद्रशेखर को उत्खनन स्थल की फोटो दिखाने पर उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मुरूम उत्खनन कार्य हेतु कोई भी अनुमति नहीं ली गई है। माइनिंग इंस्पेक्टर को भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।

कार्यपालन अभियंता पीएमजेएसवाई अखिलेश तिवारी का कहना है कि उक्त ग्रामीण सडक़ पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भी यदि पर परिवहन कार्य किया जा रहा है, तो जांच कर रिपोर्ट जिलाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने जर्जर भर से लाभ रसीली मार्ग के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव शासन को पूर्व में भी भेजा दिए जाने की जानकारी भी दी।

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