कांकेर

क्रेडिट आउटरीच अभियान: साढ़े 17 करोड़ के ऋ ण मंजूर
22-Oct-2021 10:30 PM (56)
  क्रेडिट आउटरीच अभियान: साढ़े 17 करोड़ के ऋ ण मंजूर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कांकेर, 22 अक्टूबर । राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में क्रेडिट आउटरीच अभियान के तहत कांकेर जिले में 562 ऋ ण प्रकरण में 17 करोड़ 46 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया है, जिनमें 61 प्रकरण में 01 करोड़ 19 लाख 45 हजार रूपये का ऋण वितरण भी किया गया। 

संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक शिशुपाल शोरी के मुख्य आतिथ्य एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत धु्रव की अध्यक्षता में आज न्यू कम्यूनिटी हॉल कांकेर में क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक  शिशुपाल शोरी ने कहा कि बैंकों के द्वारा जो भी ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराया जाता है, उसका सदुपयोग करें। बैंक हमें ऋण में धनराशि उपलब्ध कराती है, जिससे हम कृषि, व्यापार इत्यादि में लगाकर आमदनी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऋण में मिली राशि को धनोपार्जन में लगायें और बैंक का ऋण समय पर पटायें ताकि जरूरत के समय आपको पुन: ऋण प्राप्त हो सके। बैंक का ऋण नहीं चुकाना सामाजिक अपराध है, यह देश की उन्नति में बाधा भी पहुंचाती है। दुनिया में जो भी संपन्नता आई है, उसमें बैंकों का बहुत बड़ा योगदान है। कांकेर की संपन्नता में भी 50 प्रतिशत योगदान बैंकों का है। श्री शोरी ने कहा कि जिले में महिला स्व-सहायता समूह बहुत अच्छा कार्य कर रही है, उनके काम-धंधा को आगे बढ़ाने के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने कहा कि वंचितों तक बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराई जावे ताकि लोगों की गरीबी दूर करने में मदद मिल सके।

 जिला पंचायत के अध्यक्ष  हेमंत धु्रव ने कहा कि जिले में महिला स्व-सहायता समूह बहुत अच्छे ढंग से कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए।जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री हेमनारायण गलबल्ला ने कहा कि क्रेडिट आउटरीच अभियान के तहत् बैंकों द्वारा वित्तीय मदद व ऋण सुविधा मुहैया कराई जा रही है, जिसका लाभ उठायें और धनार्जन कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनायें और बैंकों का ऋण समय पर पटायें।

 कलेक्टर चन्दन कुमार ने कहा कि क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के तहत् जिले में 562 प्रकरण में 17 करोड़ 46 लाख रूपये की ऋण स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें व्यक्तिगत ऋण से लेकर शिक्षा ऋण भी शामिल है। जिले में सभी बैंकों ने अच्छा मेहनत किया है, वित्तीय समावेशन को स्थापित करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं, जिसके लिए बैंक बधाई के पात्र हैं। कांकेर जिले में जितने भी महिला स्व-सहायता समूह समूह हैं उन्हें बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ज्यादातर योजनाओं में महिला स्व-सहायता समूह को ऋण स्वीकृत करने में दिक्कत नहीं होता। बैंक एवं शासकीय विभागों के अधिकारी सामंजस्य बनाकर ज्यादा से ज्याद ऋण स्वीकृत करेंगे तो इससे कांकेर जिले का जीडीपी बढ़ेगा। चन्दन कुमार ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के साथ क्रेता-विक्रेता का नहीं, अपितु भावनात्मक संबंध बनायें। ऋण के लिए जो भी व्यक्ति आते हैं, उसकी वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए पूर्ति करने का प्रयास करें।

क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 08 महिला स्व-सहायता समूह को एक से तीन लाख रूपये तक ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र एवं एक व्यक्ति को पीएमईजीपी के तहत् 25 लाख रूपये का ऋण और एक व्यक्ति को टै्रक्टर क्रय के लिए ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। कार्यक्रम में लक्ष्मणपुरी गोस्वामी, चमन साहू, भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक मिस लिली, क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज कुमार, ऋण बैंक मैनेजर निर्मल पीटर एक्का, मुख्य प्रबंधक नवीन झा एवं तेजस्वी पटेल, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक व शासकीय विभागों के अधिकारी तथा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद थीं।

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