महासमुन्द

मांगों को लेकर धरना पर बैठी आंबा कार्यकर्ता-सहायिकाएं
24-Oct-2021 5:55 PM (46)
मांगों को लेकर धरना पर बैठी आंबा कार्यकर्ता-सहायिकाएं

एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 24 अक्टूबर।
छग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने शनिवार को अपने-अपने ब्लॉक में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके पहले धरने पर बैठी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ  नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला मुख्यालय के पटवारी दफ्तर के सामने और जिले के चारों ब्लॉक में कार्यकर्ता व सहायिका संघ ने धरना दिया। संघ की अध्यक्ष द्रोपती साहू का कहना है कि आंबा कार्यकर्ता और सहायिकाएं सरकार द्वारा सौंपे गए सभी कार्यों का संपादन कर रही हैं। इसके बाद भी उनके कार्यों के हिसाब से उन्हें मानदेय और सुविधाएं कम दी जा रही है। भविष्य के लिए पेंशन योजना भी लागू नहीं है। कई बार अपनी समस्याओं से वे शासन का ध्यानाकर्षण करा चुके हैं। बावजूद इसके इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। लिहाजा अब ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन के बाद 1 नवंबर को जिला स्तरीय आंदोलन संघ की ओर से किया जाएगा। और यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई तो 10 से 30 नवंबर तक संभाग स्तरीय और 10 दिसंबर से 16 दिसंबर तक रायपुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा।

पटवारी कार्यालय के सामने कल सुबह 11 से 2 बजे तक धरना दिया। इसके बाद रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन में प्रमुख रूप से हेमलता साहू, मथुरा, प्रमोदनी तांडी, दम्यति चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थी। संघ की मांगों में प्रमुख रूप से शिक्षाकर्मियों की तरह ही आंबा कार्यकता, सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए, एमपी सरकार की तरह 10 हजार रुपए स्वीकृत कर चुनावी घोषणा को पूरा किया जाए, मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जाए, सुपरवाइजर के रिक्त पदों को शत-प्रतिशत वरिष्ठता क्रम में कार्यकर्ताओं से ही शीघ्र भरा जाए, कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर सहायिकाओं को पदस्थ किया जाए।

और 25 प्रतिशत के बंधन को समाप्त किया जाए, मासिक पेंशन, ग्रेज्युटी, समूह बीमा का लाभ दिया जाए, मोबाइल, नेट चार्ज और भत्ता दिया जाए की मांग शामिल हैं।

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