बस्तर

रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहित, 4 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
27-Nov-2021 4:22 PM (42)
रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहित, 4 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा

राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप, कलेक्टर से गुहार

परिवार के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 27 नवंबर।
रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण के 4 साल बाद भी किसान को मुआवजा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। पीडि़त किसान ने राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण मुआवजा राशि नहीं मिलने का आरोप लगाया है। किसान ने कलेक्टर से मुआवजा का चेक भुगतान तत्काल करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मुआवजा नहीं मिलने पर परिवार के साथ धरने में बैठ जाएंगी।

बस्तर ब्लॉक मुख्यालय के ग्राम पंचायत भाटपाल की निवासी बूटकी कश्यप पति  स्व सकरु राम कश्यप जिसकी भूमि पटवारी हल्का भाटपाल  रकबा 357 रकबा1.46 हेक्टयर भूमि में भारत सरकार द्वारा रेलवे लाइन हेतु भूमि अधिग्रहित किया गया है। उक्त भूमि ग्राम पंचायत आड़ावाल के आश्रित ग्राम भरनी में स्थित है। आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण भूमि स्वामी के स्थान पर अन्य किसान को मुआवजे की राशि का चेक वितरण किया गया था।

आवेदक को मुआवजा न मिलने की स्थिति में जब उसने पता लगाया तो यह बात संज्ञान में आई की, उक्त रकबा, खसरे की मुआवजे की राशि को दूसरे के नाम से जारी किया गया है। आनन-फानन में विभाग ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए गलत किसान को जारी किए गए चेक को निरस्त करने हेतु आदेश जारी किया गया, किंतु 2017 का यह मामला आज भी परेशानी का सबब बना हुआ है ।

किसान बुटकी कश्यप ने 15 अक्टूबर 2018 को बागी अधिकारी राजस्व बस्तर के नाम आवेदन पत्र भी सौंपा है। पर किसी ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। पात्र किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारियों के द्वारा लॉकडाउन का हवाला देकर किसान को लगातार गुमराह किया जा रहा है।

बुटकी कश्यप ने कलेक्टर रजत बंसल से मांग की है कि रेलवे के लिए गई उसकी भूमि का मुआवजा का चेक भुगतान तत्काल करवाने की कृपा करें, 1 सप्ताह के अंदर अगर भुगतान नहीं किया जाता है, तो परिवार के साथ धरने में बैठने को विवश हूँ जिसकी पूरी जवाबदारी संबंधित विभाग की होगी।

सरपंच करेंगी कलेक्टर से शिकायत
ग्राम पंचायत भाटपाल की सरपंच रयो नारायण कश्यप ने कहा कि राजस्व विभाग की लापरवाही का भुगतान आखिर किसान को क्यों भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2017 से लंबित यह प्रकरण आज भी लंबित है, जल्द ही इस संबंध में कलेक्टर बस्तर रजत बंसल से मामले की वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा।
 

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