रायगढ़

सिंडक्टिली व जन्मजात हृदय रोग का महंगा ऑपरेशन चिरायु से नि:शुल्क
27-Nov-2021 5:53 PM (96)
सिंडक्टिली व जन्मजात हृदय रोग का महंगा ऑपरेशन चिरायु से नि:शुल्क

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 27 नवंबर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ में चिरायु टीम द्वारा गहन स्वास्थ्य परीक्षण स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में निरंतर जारी है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिदार और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर इजारदार की सक्रियता भी चिरायु कार्यक्रम की सफलता का राज है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सारंगढ के चिरायु (रा.बा.स्वा.का.) के डॉ. पीडी खरे व टीम के द्वारा 27 व 28 अक्टूबर को प्राथ. / माध्य. शाला छर्रा में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जहां समस्त बच्चों का जांच किया गया। जांचोपरांत 5 बच्चे क्रमश: नीलू लक्छमे 9वर्ष (सिंडक्टिली), यूसुफ राज 6वर्ष (हृदय रोग - दिल मे छेद पीडीए), जितेंद्र साहू 8 वर्ष, भावेश बंजारे 10 वर्ष (न्यूरो मोटर इम्पियरमेन्ट), व अमन खुटे 9 वर्ष (हृदय रोग) के पाए गए जिन्हें तत्काल उच्च स्तरीय इलाज हेतु रिफर किया गया।

जिसमें नीलू जो सिंडक्टिली से ग्रसित है अपने सारे कार्य करने में असमर्थ है। इनके माता-पिता ही हर काम में सहयोग करते हैं, खाने, दौडऩे, लिखने सबमें असमर्थता के साथ जीवन व्यतीत कर रही है। इनका ऑपरेशन रायपुर स्थित कालड़ा अस्पताल में होगा जिसके ऑपरेशन में लगभग 8 लाख रुपये लगेंगे जो पूर्णत: नि:शुल्क होगा। इस हेतु नीलू अपने माता-पिता के साथ 18 नवंबर को प्रथम जांच और इस्टीमेट, फिर अप्रूवल हेतु 23 नवंबर को कालड़ा अस्पताल जाकर एक वीडियो क्लिप बनाया गया।

15 से 20 दिनों में सारी कागजी कार्यवाही पूर्ण होगी। ततपश्चत ऑपरेशन 2 चरणों में की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ यूसुफ राज 6 वर्ष भी अपने नाना नौधा राम के साथ रायपुर स्थित सत्य साईं अस्पताल पहुंच चुके है और ईको, ईसीजी, एक्स-रे, रक्त जांच  के पश्चात आज कोविड 19 का टेस्ट होगा फिर भर्ती कर आगे ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।

सभी माता-पिता को जागरूक होना चाहिये अपने स्वास्थ्य के प्रति। चूंकि यूसुफ के पिता काम से बाहर रहते हैं। वो अपने माँ व नाना के साथ घर पर रहते हैं। वृद्ध नौधाराम अपने नाती के इलाज के लिए अकेले ही निकल पड़े हैं जो वाकई काबिले तारीफ है। चिरायु टीम भी फोन पर पल-पल की खबर लेते हैं। छोटी-मोटी समस्याओं को चिरायु टीम भी प्रबंधन से बात कर उनका समाधान भी करती है।

इस सफल कार्यक्रम में जिले के मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केशरी, जिला नोडल डॉ. योगेश पटेल तथा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ के चिरायु के अधिकारी डॉ. पी. डी. खरे, डॉ. नम्रता, डॉ. प्रभा व योगेश चन्द्रा (फार्मासिस्ट) का विशेष सहयोग रहा है।
 

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