गरियाबंद

मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, उदंती सीतानदी अभ्यारण में छोड़ा
28-Nov-2021 3:23 PM (73)
मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, उदंती सीतानदी अभ्यारण में छोड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबन्द, 28 नवंबर।
गरियाबंद वन परिक्षेत्र अंतर्गत तेंदुआ घूमते दिखने पर तेंदुआ को पकडऩे तीन पिंजरा लगाये गए थे, जिसमें कजनसरा में लगाए गए पिंजरा में कल एक मादा तेंदुआ पकड़ा गया, जिसे आज सुबह सुरक्षित उदंती सीतानदी अभ्यारण में छोड़ा गया।

वन विभाग से मिली जानकारी अनुसार ग्राम बम्हनी, मरौदा, कोचेना, काजनसरा एवं समीपस्थ अन्य गांवों के रहवासी क्षेत्रों में तेन्दुआ के लगातार दिखने एवं बम्हनी एवं कोचेना में तेन्दुआ द्वारा जनहानि एवं जनघायल की घटना होने के कारण जन सुरक्षा दृष्टिकोण से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त के दिशा निर्देशानुसार मयंक अग्रवाल वनमंडलाधिकारी गरियाबंद के मार्गदर्शन में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से तीन पिंजरा लगाये गये थे।

कोचेना काजनसरा में लगाये गये पिंजरा में शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे तेन्दुआ पकड़ा जाने की सूचना वहां पर तैनात सुरक्षा श्रमिकों द्वारा दी गई। सूचना पाकर वन परिक्षेत्र गरियाबंद की टीम मौके पर पहुंची। वहां पर सुरक्षा की दृष्टिकोण से पिंजरा को ग्रीन नेट से ढंका गया। पिंजरा को शासकीय वाहन से सुरक्षित स्थान पर लाया गया। तत्पश्चात् प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) से अनुमति प्राप्त कर डॉ. सुधीर पंचभाई एवं डॉ. तामेश कंवर, पशुचिकित्सक गरियाबंद द्वारा उपवनमंडलाधिकारी गरियाबंद, वन परिक्षेत्र अधिकारी गरियाबंद की उपस्थिति में विधिवत स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

पशुचिकित्सकों द्वारा मादा तेन्दुआ के दांत, पंजा, सिर एवं समस्त शरीर का परीक्षण किया गया। शरीर पर कहीं भी चोट वगैरह का निशान नहीं पाया गया तथा पशुचिकित्सकों द्वारा उसके स्वस्थ होने की पुष्टि की जाकर जंगल में मुक्त करने योग्य बताया गया। तत्पश्चात् उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार रहवासी क्षेत्रों से दूर शनिवार को उदंती सीतानदी अभ्यारण में उक्त  मादा तेन्दुआ को पिंजरा से मुक्त किया गया। पिंजरा से निकलते ही तेन्दुआ जंगल की ओर तेजी से चला गया।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त के दिशा निर्देशानुसार तथा  मयंक अग्रवाल वनमंडलाधिकारी गरियाबंद एवं  पंकज राजपुत वनमंडलाधिकारी के सफल मार्गदर्शन में तथा  मनोज चन्द्राकर उपवनमंडलाधिकारी गरियाबंद,  राजेन्द्र कुमार सोरी उपवनमंडलाधिकारी देवभोग के कुशल नेतृत्व में उपरोक्त कार्य का सफल क्रियान्वयन हुआ।

 

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