महासमुन्द

हड़ताल से लौटे ऑपरेटर, टोकन कटना शुरू
30-Nov-2021 5:12 PM (51)
हड़ताल से लौटे ऑपरेटर, टोकन कटना शुरू

जिले के 25 अतिसंवेदनशील धान उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही

धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे मेें हो-कलेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 30 नवंबर।
ऑपरेटरों के हड़ताल से वापस लौटने के बाद आज समितियों की क्षमता के अनुसार टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि कुछ समितियों में टोकन वितरण को लेकर लेट लतीफी हो सकती है। क्योंकि रविवार को देर शाम सॉफ्टवेयर समितियों को मिला। कई समितियों में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं हुआ है। अधिकारी खरीदी की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। इस साल भी पूर्व की भांति 75 प्रतिशत लघु व सीमांत किसानों से पहले धान की खरीदी की जाएगी। उसके बाद ही बड़़े किसान अपना धान बेचेंगे। हालांकि इस बीच में व्यवस्था देखते हुए 25 प्रतिशत बड़े किसानों को भी धान बेचने के लिए मौका मिलेगा।

जिला विपणन अधिकारी जयदेव सोनी के मुताबिक टोकन सोमवार से जारी हो जाता, लेकिन हड़ताल की वजह से एक दिन लेट हो गया है। आज जैसे ही ऑपरेटर काम पर लौटे, इंस्टॉल कराकर टोकन रन कराने के बाद टोकन जारी किया जा रहा है। इस तरह ऑपरेटरों की हड़ताल की वजह से सोमवार को धान खरीदी समितियों में टोकन नहीं कटा और न ही किसानों को टोकन जारी हुआ। किसान बिना टोकन लिए मायूस अपने घर लौटे। एक दिसंबर से समर्थन मूल्य में धान की खरीदी होने वाली है। खरीदी शुरू होने में आज एक ही दिन शेष रह गया है।
इस वक्त जिले के उपार्जन केन्द्रों में सभी जरूरी एवं आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही है। जिले के सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र के रेंडमली धान खरीदी केन्द्रों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। फड़ की सफाई, विद्युत व्यवस्था, स्थायी-अस्थायी फेंसिंग सहित कम्प्यूटर प्रिंटर, कांटा बांट, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन नाप तौल विभाग से सत्यापन करा लिये गए हैं। बैनर, पोस्टर, दीवार लेखन के माध्यम से समर्थन मूल्य एफएक्यू स्पेशिफिकेशन का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। पंंजीकृत किसानों की सूची का भी प्रदर्शन हो रही है। जिले के 25 अतिसंवेदनशील धान उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। धान के भण्डारण एवं सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। असमय बारिश से धान को बचाने हेतु केप कव्हर, तारपोलिन एवं प्लास्टिक कवर का इंतजाम भी किया जा रहा है। कल नवीन धान खरीदी केन्द्रों का उद्घाटन संसदीय सचिव एवं संबंधित क्षेत्र के विधायक, जनप्रतिनिधि करेंगे।
गौरतलब है कि जिले की समितयिों में बारदाने की कमी बरकरार है। समितियों के पास जितना बारदाना है वो केवल एक सप्ताह ही चलेगा। यहां महासमुंद से 14300 बारदाने की मांग की गई थी, लेकिन 12400 गठान बारदाना पहुंचा है। शेष गठान अभी तक नहीं आया है। इस साल 42 हजार 800 गठान बारदाने की खरीदी में जरूरत होगी। कलेक्टर ने भी बैठक में कहा है कि पुराने और नए बारदानों का धान खरीदी में उपयोग किया जाएगा।

 उन्होंने कहा कि सभी धान उपार्जन केन्द्रों में बारदाना उपलब्ध हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। राईस मिलर्स से बारदाना समितियों को उपलब्ध कराने विशेष प्रयास के निर्देश दिए हैं। इसके साथ यह भी कहा गया है कि राईस मिलर्स के पंजीयन की कार्रवाई में तेजी लाई जाए ताकि उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव शीघ्र हो।

महासमुंद जिले में इस साल धान खरीदी केन्द्रों की संख्या 138 से बढक़र 149 हो गई है। इस वर्ष 11 नए धान खरीदी केन्द्र खोले गए है। नवीन बनाए गए उपार्जन केन्द्र महासमुंद विकासखण्ड में अछोला, डुमरपाली ढांक, अचानकपुर एवं कोसरंगी, बागबाहरा में ओंकारबंद एवं घोटियापानी, पिथौरा में झारमुड़ा, कोलदा एवं सावित्रीपुर तथा बसना विकासखण्ड मेें दुलारपाली एवं पुरूषोत्तमपुर गांव शामिल हैं।

सहकारी समिति के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू कहते हैं कि ऑपरेटरों की हड़ताल की वजह से टोकन वितरण प्रभावित हो गया है। रविवार को देर रात सॉफ्टवेयर आने के कारण ऑपरेटर इंस्टॉल नहीं कर पाए। दूसरे दिन वे हड़ताल में चले गए। सोमवार को टोकन का वितरण नहीं हो पाया। किसान समिति आकर चक्कर लगा रहे थे। आज ऑपरेटर समिति पहुंचते ही टोकन जारी किया जा रहा है।

मालूम हो कि शासन ने किसानों के बारदाने से भी धान खरीदी करने का प्रावधान शुरू किया है। किसान अपने बारदाने से यदि धान बेचता है तो उन्हें बारदानें की कीमत 18 रुपए देगी। जिले में वनाधिकार पट्टाधारी पंजीकृत किसानों की संख्या 3111 है। इस बार 9651 नए किसानों ने धान विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया है। पिछले बार के 140697 किसानों को भी रिफॉरवर्ड पंजीयन किए गए। प्रत्येक तहसील में कोचियों एवं बिचौलियों को चिन्हांकित कर आवश्यक कार्रवाई के कलेक्टर ने निर्देश दिए हंै। इसके साथ जिले के 25 अतिसंवेदनशील धान उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। धान का भण्डारण एवं सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। असमय बारिश से धान को बचाने हेतु के तालपत्री आदि की व्यवस्था की जाएगी।

धान खरीदी से पहले धान की खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डोमन सिंह ने कल कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक रखी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में प्राथमिक सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे मेें हो। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में सभी अधिकारी.कर्मचारी जीरो टॉलरेन्स को ध्यान में रखकर काम करें। उन्होंने कहा कि नियमों से परे कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करेगा तो कार्यवाही होगी। राजस्व के साथ.साथ पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहेगी। धान खरीदी के बीच बे.मौसम बारिश की भी संभावना हो सकती है। इसलिये समितियां पहले से तिरपाल का इंतजाम कर लें। प्लास्टिक की पन्नी से काम नहीं चलने वाला है। किसी भी हालत में समिति स्तर पर किसान का धान भीगना नहीं चाहिए। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। धान उपार्जन केन्द्रों में बिजली, पानी एवं अन्य जरूरी व्यवस्था हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, उप पंजीयक, कृषि सहित जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी उपस्थित थे। महासमुंद के अलावा विकासखण्डों के अधिकारी वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

धान खरीदी के नाम पर किसानों से खेल खेल रही है राज्य सरकार-आप
आम आदमी पाटी के जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र चन्द्राकर ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों के साथ लगातार छल करते आ रहे हैं। धान खरीदी नवम्बर माह से शुरू हो जानी थी। किसानों के धान खलिहानों में ही पड़ा है। बैमौसम की बारिश ने किसानों का दम निकाल दियाअब उनके सामने 25 प्रतिशत बारदाना लाने का तुगलकी आदेश है। बारदाने के कमी का दोषारोपण केन्द्र सरकार पर डाल रही है। जबकि बारदाने की व्यवस्था न कर पाना इस सरकार की अक्रमन्यता है।
 

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