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धान खरीदी मामले में भूपेश सरकार लगातार झूठ का सहारा ले रही है-ललन प्रताप
30-Nov-2021 8:10 PM (51)
धान खरीदी मामले में भूपेश सरकार लगातार झूठ का सहारा ले रही है-ललन प्रताप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,30 नवम्बर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा द्वारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बारदाने की उपलब्धता के विषय में लिखे गए आपत्तिजनक पत्र को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी मामले में भूपेश सरकार लगातार झूठ का सहारा ले रही है, झूठों की इसी श्रृंखला में सबसे ताज़ा झूठ इनका बारदाने के लेकर है। हर बार ये न केवल इस मामले में झूठ बोलते हैं बल्कि प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखते समय भी मर्यादा का ख्याल नहीं रखते। सभी जानते हैं कि बारदाना खरीदना और उसकी व्यवस्था करना पूरी तरह प्रदेश सरकार का काम है। अनेक बार सदन में खुद कांग्रेस सरकार ने स्वीकार भी किया है कि बारदाना की व्यवस्था करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है।

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक के सवाल के जवाब में सदन में साफ़-साफ़ सरकार ने स्वीकार किया कि केंद्र सरकार द्वारा बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जाता है। कोलकाता जूट कमिश्नर से बारदाना खरीदा जाता है, बावजूद इसके न केवल प्रधानमंत्री को अनावश्यक पत्र लिखा है सीएम ने बल्कि उन्हें प्रदेश में क़ानून व्यवस्था खराब कर देने की धमकी भी दी है। बारदाना खरीदना इनका काम है, क़ानून-व्यवस्था बहाल रखने का दायित्व भी राज्य का होता है, फिर भी अपना सारा काम केंद्र पर थोपने की इस कोशिश को क्या कहा जाय?

आगे उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल कांग्रेस के लिए चुनाव लडऩे और उसके लिए संसाधनों की व्यवस्था में भी व्यस्त रहते हैं, अत: उनके पास प्रदेश की जनता, किसानों के लिए जऱा भी वक्त नहीं होता। भाजपा बार-बार समय रहते ही कांग्रेस को सावधान करते रही थी कि वह बारदाने की उपलब्धता पर ध्यान दे,लेकिन कांग्रेस ने ऐसी कोई व्यवस्था समय रहते नहीं की। दुर्भाग्य की बात है कि अपनी अक्षमता और निकम्मापन स्वीकार करने के बदले उलटे केंद्र पर सवाल उठाते रहती है।

वैसे ही एक माह विलम्ब से धान खरीदी करने के निर्णय से, अभी तक इसे शुरू नहीं करने के कारण किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गयी है। इसके बाद भी उन्हें उचित मुआवज़े की कौन कहे, रातोंरात रकबा कटौती कर धान खरीदी से बचने की तमाम साजि़श सरकार कर रही है।जानबूझ कर कांग्रेस यह चाहती है कि फसल नष्ट हो जाय ताकि उसे कम से कम धान खरीदना पड़े।

आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बहानेबाजी का एक और बेशर्म अध्याय प्रधानमंत्री आवास योजना पर की गयी बयानबाजी है।अभी तक 11 लाख से अधिक गरीबों के सर से छत छीनने का पाप किया है कांग्रेस ने। दुखद यह है कि बघेल जी यह कह रहे कि क्योंकि यह योजना प्रधानमंत्री के नाम से है अत: वे आवास की वयस्था नहीं करेंगे, जबकि सच यह है कि योजना का बड़ा हिस्सा केंद्र से आता है लेकिन दुर्भावनावश कांग्रेस इसे गरीबों तक नहीं पहुँचने देना चाहती है।

भाजपा सरकार के समय भी आपने सभी केंद्रीय योजनाओं को प्रदेश में लागू होते हुए देखा है, कांग्रेस की भी सरकार केंद्र में रही, तब भी भाजपा सरकार ने ऐसी कोई दुर्भावना नहीं दिखाई।उलटे अधिक से अधिक योजनाओं से लाभ हो जनता का इसलिए कोशिश करती रही थी।यह तो अपने आपमें अनोखा मामला है कि क्योंकि पैसे भाजपा सरकार दे रही है, अत: नफरत के कारण कांगेस उस योजना को वापस कर देगी. अपना राज्यांश भी नहीं देगी।  दुखद यह है कि समूचे प्रदेश को पीढिय़ों तक के लिए कर्जदार बना कर भी यह सरकार सारे पैसे कहीं और भेज रही है, शायद इसी कारण राज्यांश तक देने के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं।

भाजपा यह मांग करती है कि वह बिना किसी हीलाहवाली के एक-एक दाना धान खरीदे. 11 लाख से अधिक परिवारों के सर से छीने छत को वापस करे, उनके लिए घर की व्यवस्था करे. और रेडी टू ईट से सबन्धित फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस ले। उक्ताशय की जानकारी जिला महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता ने दिया।

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