महासमुन्द

एएसपी बिल्डकॉन ने कम कीमत में जमीन दी, बैंक से फाइनेंस का दिया झांसा -आरोप
02-Dec-2021 5:44 PM (263)
एएसपी बिल्डकॉन ने कम कीमत में जमीन दी, बैंक से फाइनेंस का दिया झांसा -आरोप

पैसे नहीं लौटाऊंगा,अब हम अपना पॉवर दिखाएंगे-एएसपी बिल्डकॉन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,2 दिसंबर।
कल दोपहर एक पत्रकार वार्ता लेकर महासमुंद इमलीभांठा निवासी भीम सिन्हा और उनके मित्र संजय यादव ने महानदी रेसिडेंसी एएसपी बिल्डकान के पार्टनरों पर आरोप लगाया है कि कम कीमत में जमीन देकर उसके एवज में बैंक फाइनेंस कराने के लिए उससे एक लाख 11 हजार रुपए लेकर न तो उसे जमीन दी गई, न रजिस्ट्री हुई और न ही बैंक से पैसा फाइनेंस हुआ। अब पैसा वापस मांगने कई तरह का हीलाहवाला किया जा रहा है।

इन्होंने कांफ्रेस के दौरान जो आवेदन पत्रकारों को सौंपा है, उसमें लिखा है-मैं भीम सिन्हा ने अपने मित्र संजय यादव के साथ जाकर कलेक्टर कॉलोनी के पास स्थित महानदी रेसिडेंसी के एएसपी बिल्डकॉन के प्लाट नंबर एल 2 को खरीदने के लिए बिल्डकान के सन्नी लूनिया और अनुपम त्रिपाठी के माध्यम से सोलह सौ रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से 600 स्क्वेयर जमीन 9 लाख 60 हजार रुपए में सौदा तय किया। लॉकडाउन के दौरान प्लाट बुकिंग कराने मैंने 7 मई 2021 को अनुपन त्रिपाठी को बिल्डकान के नाम से मैंने युको बैैंक से एक लाख रुपए दिए। डाक्यूमेंट चार्ज के नाम पर 11 हजार रुपए अलग से नकद जमा किए।

आवेदन में आगे लिखा है- इस दौरान अनुपम त्रिपाठी ने कुल लागत साढ़े लाख का 50 प्रतिशत बैंक फाइनेंस कराने का वादा कर शेष 3 लाख 80 हजार रुपए रजिस्ट्री के समय जमा करने की बात कही। लाकडाउन हटने के बाद में रजिस्ट्री करने की बात हो गई।
इसी बीच अनुपम त्रिपाठी ने कहा कि अब जमीन की कीमत बढ़ गई है, आपने जिस जमीन को खरीदा है उसकी कीमत आपको 1800 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से देेना होगा। मैंने इस पर असहमति व्यक्त की। कुछ दिनों बाद मैंने अनुपम त्रिपाठी से पैसे वापस मांगे।

इस पर उन्होंने कहा कि सभी पार्टनरों से बात करके ही कुछ हो पाएगा। अब सन्नी लूनिया ने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया और अनुपम ने सीधे कहा कि पूरा रकम वापस नहीं करेंगे। आपके द्वारा जमा रकम में से कुछ रकम काटकर ही वापस करेंगे और तभी संभव है जब आपके द्वारा खरीदी गई जमीन को कोई और खरीद न ले। अनुपम त्रिपाठी ने यह भी कहा कि यदि पंद्रह दिनों के भीतर पूरे पैसे देते हो तो पुरानी कीमत पर रजिस्ट्री हो जाएगी। मैं गरीब इंसान हूं। इतनी रकम मेरे पास नहीं है। इसलिए पैसा वापस चाहता हूं। पैसे वापस न होने की स्थिति में मैं न्यायालय का आसरा लूंगा।

इस मामले में ‘छत्तीसगढ़’ से हुई बातचीत में अनुपम त्रिपाठी ने कहा कि पूरे पैसे नहीं मिलेंगे। उक्त जमीन को मैंने दूसरे के नाम पर बेचकर हफ्ते-पंद्रह दिनों में पैसे लौटाने की बात कही थी। लेकिन अब मैं यह पैसा भी नहीं लौटाऊंगा। क्योंकि हमारे खिलाफ उसने पत्रकारवार्ता ली है। उसने अपना पॉवर दिखा दिया अब हम अपना पॉवर दिखाएंगे।

इस पर प्रार्थी का कहना है कि हर बार यही वादा होता है कि पैसे हफ्ते-दस दिन में लौटा देंगे, अब तक यही चल रहा है। ‘छत्तीसगढ़’ के पास पत्रकारवार्ता के दौरान की विज्ञप्ति और अनुपम त्रिपाठी से हुई बातचीत सुरक्षित है।

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