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दोरनापाल, जगरगुंडा में ग्राम संपर्क अभियान शिविर, लोगों ने रखी समस्याएं

Posted Date : 15-May-2019

जगरगुंडा में ग्राम संपर्क अभियान शिविर, लोगों ने रखी समस्याएं
कलेक्टर-सीईओ ने बुनियादी समस्याओं को दूर करने दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दोरनापाल, 15 मई।
सुकमा जिले के दूरस्थ और दुर्गम कहे जाने वाले क्षेत्र जगरगुण्डा में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी ने ग्राम सम्पर्क अभियान के तहत शिविर लगाया और वहां के ग्रामीणजनों से रू-बरू हुए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी विभिन्न समस्याओं को जाना और शासन की विभिन्न योजनाओं से उन्हें लाभ मिलने की जानकारी ग्रामीणों से ली। ग्रामीणों ने भी अपनी बुनियादी समस्याएं कलेक्टर चंदन कुमार व जिला सीईओ ऋ चा चौधरी के समक्ष रखी, जिस पर उन्हें जल्दी उनकी समस्याओं दूर करने का आश्वासन देते हुए सम्बन्धित विभाग को जल्द निराकरण के निर्देश दिए गए। यहां के लोगों के लिए अब बैंक यहां पर संचालित होंगे और उनका खाता यहीं के बैंकों में होगा तथा अब आधार कार्ड बनाने के लिए जगरगुण्डा के लोगों को कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा, आधार कार्ड जगरगुण्डा में ही बनाया जाएगा। 
हेलीकॉप्टर से जगरगुंडा पहुंचने के बाद जगरगुंडा से दोरनापाल बुनियादी समस्याओं को करीब से देखने कलेक्टर व सीईओ ने प्रशासनिक अमले के साथ सड़क के रास्ते सुकमा वापसी की। इस दौरान अधिकारियों ने 55 किमी की दूरी तय कर लोगों की समस्याएं जानी। शिविर में योजनाओं के साथ मेडिकल कैम्प लगाकर लोगों का इलाज किया गया, वहीं नेत्रहीन 2 ग्रामीणों को ब्लाइंड स्टिक व विकलांग को ट्राई साइकल भी दिया गया। 

जगरगुण्डा ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि जगरगुण्डा के लोगों को शासन की योजनाओं से सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। यहां पर खेल मैदान, तालाब, अस्पताल, पेयजल और उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जनसम्पर्क कार्यक्रम के दौरान खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि, खेल, उद्यान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत, मनरेगा सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय और मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणजनों को उनके विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा बताई गई विभिन्न समस्याओं का निदान मौके पर ही किया। इस अवसर पर एसपी डीएस मरावी, वन मण्डलाधिकारी केआर बढ़ई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सलभ सिन्हा व सिद्धार्थ तिवारी ,एसडीएम प्रदीप वैध, सहायक आयुक्त रामटेके, राजीव गांधी जिला समन्वयक श्याम सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे ।

स्कूली बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर व सीईओ
ग्राम सम्पर्क शिविर के दौरान गाँव भ्रमण के दौरान चन्दन कुमार व ऋचा चौधरी ने जगरगुंडा में चल रहे समर कैंप पहुंचे। क्लास में रखे ढोलक के बारे में जब कलेक्टर ने पूछा तो बच्चों ने उसे डमरू बताया जिसके बाद कलेक्टर ने उसकी जानकारी दी। इसके बाद कलेक्टर-सीईओ ने बच्चों द्वारा बनाई गई कला की भी तारीफ की और अच्छे से पढ़कर बेहतर जीवन के लिए सतत प्रयास करने को कहा और ये भी बताया कि पहले के बच्चों की तरह अब उन्हें बाहर जाकर नहीं पढऩा पड़ेगा सभी स्कूल सुविधाएं आश्रम सुविधाएं गांव में ही मुहैया कराई जाएगी ।

13 साल बाद वापस गांव में ही पढ़ेंगे स्कूली बच्चे
शिक्षा को लेकर ग्रामीणों की समस्या भी अब जल्द ही दूर हो सकती है। सालों से टापू में तब्दील नक्सल प्रभावित जगरगुंडा इलाके में शिक्षा को लेकर बड़ा केंद्र माना जाता था। कलेक्टर चन्दन कुमार ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्हें बताया कि जगरगुण्डा में कक्षा पहली से बारहवीं तक के स्कूल अब जगरगुण्डा में ही संचालित होंगे, जहां पहले होते थे। अब आश्रम और छात्रावास भी पहले जहां संचालित होते थे वहीं पर होंगे। ज्ञात हो कि 2006 में सलवाजुड़ुम की वजह से स्कूल भवनों में हुई तोड़-फोड़ के बाद स्कूलों का संचालन दोरनापाल में हो रहा था, जिसमें आश्रम पोटाकेबिन छात्रावास में स्कूली बच्चें परिजनों से दूर रह कर पढ़ते थे। परिवार से दूरी की वजह से कई परिवार अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित रखते थे जिस पर ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद वापस स्कूलें गाँव में ही लगेंगी।

बुनियादी समस्याओं दूर करना प्राथमिकता-कलेक्टर 
सुकमा कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा, इलाके के ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा अभियान के तहत जगरगुंडा में शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिन्हें शासन की योजनाओं के बारे में बताया गया। वहीं ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं बताई। 

आवेदन हमें ग्रामीणों से प्राप्त हुए हैं, उनका भी निराकरण किया गया। हमारी प्राथमिकता बुनियादी समस्याओं को दूर कर लोगों को शासन की योजनाओं से रूबरू कराकर उन्हें लाभ दिलाना है। एक महीने तक जगरगुंडा में आधार कार्ड बनाया जाना है। सभी ग्रामीणों से अपील है कि जिनका आधार कार्ड नहीं बन पाया वे आधार कार्ड बनवा लें, क्योंकि आधारकार्ड के बिना वे अक्सर शासकीय योजनाओं के लाभ से वँचित रह जाते हैं।

 




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