गरियाबंद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 17 सितंबर। मंगलवार को भगवान श्री गणेश विराजित होंगे। पर्व को लेकर काफी उत्साह का माहौल है। अंचल में भी गणेश उत्सव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
मूर्तिकार प्रथम पूज्य गणेश की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। बच्चे व विभिन्न समिति के सदस्य भगवान श्री गणेश के स्वागत की तैयारी में लगे हुए हैं।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व 19 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। शहर में विभिन्न जगहों पर श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। जिसके लिए आकर्षक और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। मूर्ति स्थापित करने बच्चे व समिति के सदस्य मूर्तिकारों के पास पहुंचकर अपने पसंद की प्रतिमाओं कि पहले से बुकिंग कर रहे हैं। मूर्ति को आकार लेता देखना बच्चों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
समीपस्थ ग्राम नवागांव के प्रसिद्ध मूर्तिकार कृष्णा चक्रधारी, संजय चक्रधारी, त्रिलोक चक्रधारी, दुर्गा चक्रधारी, बिंदु चक्रधारीकी बनाई हुई मूर्तियां राजधानी रायपुर, नवापारा, राजिम, धमतरी सहित दूर अंचल तक काफी प्रसिद्ध है। कई वर्षों से इनका पूरा परिवार मूर्तियाँ बना रहा है।
कृष्णा चक्रधारी ने बताया कि उनका पूरा परिवार इस कार्य मे उनका सहयोग करता है सुबह से लेकर रात तक अभी वे मूर्तियों को अंतिम स्वरूप देने मे लगे हुए हैं।
छोटे मूर्तियों की डिमांड ज्यादा
त्रिलोक चक्रधारी ने बताया कि छोटे गणेश मूर्तियों की डिमांड ज्यादा होती है। इस बार लगभग 50 बड़े गणेश की मूर्तियां बनाई है जो 5 फीट से 14 फीट तक है। घरों मे स्थापना के लिए छोटी मूर्तियां भी बनाई है। जिन पर रंगरोगन का कार्य चल रहा है। मूर्तिया पूरी तरह से तैयार होने के बाद बिक्री या बुकिंग की जाएगी। नवापारा, राजिम, कोलियारी सहित अंचल के कई मूर्तिकार भी मूर्तियों को अंतिम स्वरूप देने मे लगे हुए है। हर मूर्तिकार के पास बहुतों की संख्या मे गणेश की प्रतिमाये डिमांड के हिसाब से बनाई गई है। कलाकारों द्वारा चूहे पर सवार, गणेश जी का बाल्य रूप, पान के पत्ते पर विराजित गणेश, शेष नाग पर सवार गणेश, गणेश के साथ शिव जी आदि रूपों में मूर्तियां बनाई गई है। इस बार गणेश उत्सव पूरे ग्यारह दिनों तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। लोगों मे काफी उत्साह का माहौल है।