कोरबा

कोरबा, एसईसीएल में असुरक्षा के साए में काम कर रहे कर्मचारी
कोरबा, एसईसीएल में असुरक्षा के साए में काम कर रहे कर्मचारी
Date : 25-Mar-2020

एसईसीएल में असुरक्षा के साए में काम कर रहे कर्मचारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा,  25 मार्च।  
कोरोना वायरस से लडऩे में औद्योगिक इकाईयां भी सामने आने लगी हंै लेकिन कोल इंडिया की अनुशांगिक कम्पनी एसईसीएल अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कोताही बरतती नजर आ रही है। यहां खदान में एक ओर उत्पादन बढ़ाने दिन-रात कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना से बचने जरूरी कार्य भी नहीं किये जा रहे हैं जिससे खदान में कार्य कर रहे कर्मचारियों में रोष है। 

कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबन्धन ने अभी तक अपने किसी भी कर्मचारी को न मास्क बांटे हैं न ही सेनिटाइजर के इस्तेमाल पर जोर दिया है। डम्फर, डोजर इत्यादि सेक्शन में कर्मचारियों की भीड़ रहती है ऐसे में कोई ऐहतियातन कदम नहीं उठाये जा रहे है। जागरूक कर्मचारियों ने इसकी मौखिक शिकायत अपने अधिकारियों से की है लेकिन वे भी समस्या को प्रबन्धन की जिम्मेदारी बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हंै।

पर्ची कटाने लगता है जमघट, सुरक्षा नहीं
खदान से कोयले की रोड सेल भी चालू है जिसमें सैकड़ों भारी वाहन खदान में आ-जा रहे हैं। इन भारी वाहनों में चलने वाले ड्राइवर और क्लीनर चाम्पा, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर जैसे क्षेत्रों से आते हंै और न जाने कितने लोगों के सम्पर्क में रहते हंै। जब वे सभी खदान में प्रवेश करते हैं और बेरियर, कांटा घर में टोकन, गेट पास व पर्ची लेते हंै तब वहां भी किसी प्रकार के हाथ धोने की व्यवस्था व सेनिटाइजर नहीं रखा जा रहा है। यहां तक कि ये लोग और भीतर काम कर रहे कर्मचारी बिना मास्क के होते है। कांटा घर में भारी वाहनों के वजन, गेटपास सम्बन्धी पेपरों के लिए 5 से अधिक लोगों की भीड़ रहती है जिसकी भी प्रबंधन अनदेखी कर रहा है। 

ठेका कर्मियों की सड़कों पर मुसीबत
एसईसीएल प्रबंधन के अधीन विभिन्न ठेका कंपनियों में कार्यरत ठेका कर्मियों को दूसरी शिफ्ट सुबह 9 से शाम 6 बजे ड्यूटी से छूटने के बाद जांच के नाम पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन ठेका कर्मियों के पास कोई पहचान पत्र नहीं होने से वे जांच करने वाले पुलिस कर्मियों को संतोषप्रद जवाब दे पाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।

 

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