रायपुर

वेबीनार में किसानों को मक्का फसल  में फाल आर्मी वर्म कीट बचाव उपाय
वेबीनार में किसानों को मक्का फसल में फाल आर्मी वर्म कीट बचाव उपाय
12-Sep-2020 7:09 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 सितंबर।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय,  के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर, अंबिकापुर, कोण्डागाँव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अखिल भारतीय मक्का अनुसंधान परियोजना, अंबिकापुर एवं साउथ एशिया बायोटेक्नालॉजी सेन्टर, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में मक्का में फाल आर्मी वर्म कीट प्रकोप पर विगत दिवस कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम (आनलाइन वेबीनार) का आयोजन किया गया। आनलाइन वेबीनार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सी.डी. माई, पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड एवं अध्यक्ष, साउथ एशिया बायोटेक्नालॉजी सेन्टर, नई दिल्ली थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने की।                                                              

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फाल आर्मी वर्म के प्रकोप को प्रशिक्षण के माध्यम से कम करने एवं जागरूकता लाना था। इस आनलाइन वेबीनार में लगभग 100 प्रतिभागी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सी.डी. माई ने जैव नियंत्रण को बढ़ावा देने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इस विषय में जागरूक करने की महती आवश्यकता है। 

डॉ. भागीरथ चैधरी, निदेशक, साउथ एशिया बायोटेक्नालॉजी सेन्टर ने अपने वक्तव्य में कहा कि छत्तीसगढ़ में फाल आर्मी कीट पर सबसे प्रभावशाली कार्य हो रहा है। अत: किसानों को जागरूक करना नितान्त आवश्यक है। उन्होंने फेरोमोन ट्रैप लगाने, बीजोपचार करने की आवश्यकता बताई। डॉ. साई दास, पूर्व निदेशक, भा.कृ.अनु.प., मक्का अनुसंधान निदेशालय, नई दिल्ली एवं सलाहकार, साउथ एशिया बायोटेक्नालॉजी सेन्टर, नई दिल्ली ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के सन्दर्भ में मक्के को लाभकारी फसल बताया। नई किस्मों के लगाने से मक्का उत्पादन का क्षेत्रफल पूर्व की तुलना में समृद्ध हुआ है। उन्होंने खरपतवार के नियंत्रण को आवश्यक बताया। छत्तीसगढ़ में भविष्य में मक्के की बेहतरीन सम्भावनायें हैं। और यह फसल आर्थिक रूप से लाभकारी भी है। डॉ. आर.के. बाजपेयी, संचालक अनुसंधान, इं.गां.कृ.वि., रायपुर ने छत्तीसगढ़ में मक्के की वर्तमान स्थिति एवं फाल आर्मी वर्म के नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। 

इस ऑनलाइन वेबिनार को प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. जयलक्ष्मी गांगुली, एफ.एम.सी डॉ. प्रदीप वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में निदेशालय विस्तार के सभी वैज्ञानिकगण, कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषक बन्धुओं ने भी भाग लिया। निदेशालय विस्तार के वैज्ञानिक डॉ. अरूण त्रिपाठी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

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