दन्तेवाड़ा

पुलिस परिवार की जनअदालत लगाकर नक्सल पिटाई, गांव से बेदखल
पुलिस परिवार की जनअदालत लगाकर नक्सल पिटाई, गांव से बेदखल
15-Sep-2020 9:57 PM

चार परिवार के 20 पहुंचे किरंदुल थाना, पुलिस ने दी सुरक्षा, किया इलाज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

किरंदुल, 15 सितंबर। दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के गुमियापाल गांव के आगे पहाडिय़ों में नक्सलियों की क्रूरता फिर एक बार देखने को मिली है, जब नक्सलियों ने 14 सितंबर की शाम 5 बजे जनअदालत लगाकर चार परिवार के 20 लोगों पर लाल फरमान जारी करते हुए जान से मारने का आदेश दे दिया। इनका कसूर सिर्फ इतना है कि इनके बच्चे डीआरजी में है। 

नक्सलियों ने डीआरजी में आरक्षक अजय तेलम के पिता लछु तेलम (62 वर्ष), आरक्षक भीमा मिडीयाम के भाई हूँगा (35 वर्ष) और आरक्षक मंगू मंडावी के भाई हूंगा (28 वर्ष) को बांस बल्ली से बेहोश होते तक पिटाई की, उसके बाद जान से मारने का लाल फरमान दे दिया। जनअदालत में जान की भीख मांगने पर नक्सलियों द्वारा गांव छोड़कर जाने को कहा गया। जिसके बाद महिला बच्चे बूढ़े घायल हालात में जान बचा कर किरंदुल थाना पहुंचे। 

डीआरजी में आरक्षक अजय तेलम के पिता लछु तेलम ने बताया कि हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हमारा बेटा पुलिस में है जिसकी सजा नक्सलियों ने हमको दी. हम अपना घर बार गाय अनाज कपड़ा लत्ता सब कुछ छोड़ अपने परिवार को लेकर जान बचाकर किरंदुल पहुंचे और थाने में शरण ली। हम अब गांव कभी नहीं जाएंगे। 

एसडीओपी किरंदुल देवांश राठौर ने बताया कि नक्सलियों की क्रूरता  देखकर  मन विचलित हो गया. अधमरे हालत में यह लोग यहां पहुंचे और यहां प्राथमिक उपचार देकर इन्हें सुरक्षा प्रदान की गई है। इनका सब कुछ गांव में रह गया. यहां तक नक्सलियों इनको कपड़ा तक लेने नहीं दिए। नक्सलियों की बौखलाहट साफ देखी जा सकती है।

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