दन्तेवाड़ा

 अजजा आयोग के सदस्य पहुंचे आलनार, ग्रामीणों का बयान किया दर्ज
अजजा आयोग के सदस्य पहुंचे आलनार, ग्रामीणों का बयान किया दर्ज
15-Sep-2020 9:59 PM

कहा ग्रामसभा फर्जी, जांच की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेंगे

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

किरंदुल, 15 सितंबर। किरंदुल के गुमियापाल गांव में 7 सितंबर को हज़ारों आदिवासियों ने आलनार लौह अयस्क की पहाड़ी का फर्जी ग्राम सभा कर स्पंज आयरन कंपनी को बेचे जाने के खिलाफ पारंपरिक हथियारों के साथ पहुंचे थे। इसको संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य नितिन पोटाई पूरे मामले की जांच करने 14 सितंबर को धुर नक्सली क्षेत्र गुमियापाल के आलनार गांव अपनी निजी गाड़ी से पहुंचे। यहां उन्होंने बैठक लेकर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। 

पोटाई ने ग्रामीणों को बताया कि संविधान में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विशेष कानून बनाये गये हैं। सम्पूर्ण बस्तर संभाग में संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता हैं और पेशा एक्ट लागू है। इसलिए यहां सबसे बड़ी संस्था ग्राम सभा है जहां सारे निर्णय लिये जाते हैं। बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव के आदिवासी अंचल के किसी भी खदान को किसी संस्था अथवा कंपनी को लीज में नहीं दिया जा सकता। यदि बिना ग्रामसभा के प्रस्ताव के आलनार गांव का तरालमेटा लौह अयस्क पहाड़ स्पंज आयरन निजी कंपनी को बेच दिया गया है, तो मामला गंभीर है। 

उन्होंने आगे कहा कि बस्तर अंचल खनिज संसाधनों की दृष्टि से काफी समृद्ध है, इसलिए देश के बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों के द्वारा इसे हासिल करने के लिए गलत तरीके अपनाये जा रहे हैं। जिससे आदिवासी हितों पर गहरा आघात पहुंच रहा है। आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय का आयोग पूर्ण रूप से संज्ञान ले रहा है, उनके अधिकार का हनन नहीं होने दिया जाएगा। 

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान उनके सचिव एच के सिंह, निज सहायक जय सिंह राज, संदीप कुमार, किरंदुल एनएमडीसी एसटी, एससी एम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार औयमि, मंगल कुंजाम, जनपद सदस्य राजू भास्कर, संयुक्त पंचायत संघर्ष समिति अध्यक्ष नंदा कुंजाम मौजूद रहे।

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