राजनांदगांव

बर्खास्तगी से भडक़े संविदाकर्मी ने कराया मुंडन
23-Sep-2020 2:21 PM 6
बर्खास्तगी से भडक़े संविदाकर्मी ने कराया मुंडन

धमधा में हड़ताली महिलाकर्मी की आत्मदाह की चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 सितंबर।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंादोलनरत संविदाकर्मियों और सरकार के बीच चल रही निर्णायक लड़ाई के बीच राजनांदगांव जिले के एक संविदाकर्मी ने जहां बर्खास्तगी के विरोध में मुंडन कराया। वहीं दुर्ग जिले के धमधा में पदस्थ रहे एक महिला लैब टेक्निशियन ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आत्मदाह करने की अनुमति मांगी है।
 
मिली जानकारी के मुताबिक डोंगरगांव के एनएचएम कर्मी ने बकायदा मुंडन कराकर अपना विरोध जताया है। बीते 19 सितंबर से राज्यभर के  एनएचएम कर्मी जिले एवं ब्लॉकवार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। राज्य सरकार ने कर्मियों को तत्काल हड़ताल समाप्त कर कार्य में लौटने की चेतावनी दी है। चेतावनी को अनसुना करने पर सरकार ने बर्खास्तगी भी शुरू दी है। हालांकि कुछ दिनों में सरकार के फरमान से सहमे कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दिया है। 

राजनांदगांव जिले में कल सामूहिक इस्तीफा देकर कर्मियों ने अपना इरादा जाहिर कर दिया है। वहीं प्रदेश सरकार का रूख भी हड़तालियों को लेकर काफी सख्त है। इसी कड़ी में डोंगरगांव में पदस्थ एक कर्मचारी ने मुंडन कराकर सरकार के निर्णय का खुलकर विरोध किया है। इसी तरह धमधा में पदस्थ लैब टेक्निशियन अरूणा बंदे ने अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हुए राज्यपाल के नाम एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कम वेतन मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। जिसके चलते नियमितीकरण की मांग पूरी तरह से उचित है। इसी मांग को लेकर एनएचएम कर्मी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार मांग को पूरा करने के बजाय सभी को बर्खास्त कर रही है। इसी के चलते वह आत्महत्या करने की अनुमति मांगने मजबूर है। 

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