बिलासपुर

बिलासपुर: कोरोना के 187 नये मामले, सात की मौत, लगातार सामने आ रही निजी अस्पतालों की लापरवाही
23-Sep-2020 11:06 PM 3
बिलासपुर: कोरोना के 187 नये मामले, सात की मौत, लगातार सामने आ रही निजी अस्पतालों की लापरवाही

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 23 सितम्बर। बीते 24 घंटे के भीतर जिले में कोरोना के 187 नये मामले सामने आये हैं और सात लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में एक 22 साल की युवती भी शामिल है। लॉकडाउन पहले ही दिन से प्रभावी रहा और इसके उल्लंघन की कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की।

जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही है। कल रात जारी रिपोर्ट में 187 नये संक्रमितों का पता चला। इनमें बिलासपुर शहरी क्षेत्र से 120, बिल्हा से 26, मस्तूरी से 34, तखतपुर से तीन और कोटा से चार केस हैं। कल हुई सात मौतों में एक 22 साल की युवती है। 87 साल के एक बुजुर्ग की भी कोरोना से जान चली गई। कल शाम तक 112 मरीज स्वस्थ हो गये जिन्हें संभागीय कोविड अस्पताल और निजी अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया है। अब तक जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 134 पहुंच चुकी है। संक्रमण के कुल 6936 केस अब तक सामने आ चुके हैं जिनमें से 5 हजार से ज्यादा केस सिर्फ सितम्बर माह के 22 दिनों में मिले हैं। इनमें से 2750 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

संक्रमण की चेन तोडऩे के लिये 22 सितम्बर से जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस दौरान सब्जी और किराना सामान की दुकानों को भी बंद करके रखा गया है।

चौक-चौराहों पर पुलिस बल लॉकडाउन का पालन कराने के लिये तैनात है। लोग लॉकडाउन के नियमों के जानकार हो चुके हैं इसलिये ज्यादातर लोग घरों में ही समय बिता रहे हैं। पुलिस ने 22 और 23 सितम्बर तक कोई बड़ी कार्रवाई उल्लंघन के मामले में नहीं की है। जो लोग बाहर निकले उन्हें रोककर पूछताछ की जा रही है और उचित कारण नहीं बताने पर घर वापस भेजा जा रहा है।

एक मीडियाकर्मी 53 वर्षीय नरेश पटेल की मौत पर निजी अस्पताल की लापरवाही का आरोप लगा है। कोनी निवासी पटेल को सुगम हॉस्पिटल सरकंडा में भर्ती कराया गया था और उसे मलेरिया पीडि़त बताकर उपचार किया जा रहा था। चार दिन तक परिजनों से बिल के रूप में मोटी रकम ली गई और उसका कोरोना टेस्ट मौत के बाद पॉजिटिव निकला। पटेल के बेटे दीपक ने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है। इसके पहले भी निजी अस्पतालों में मौत की कई घटनायें हो चुकी हैं, जिसे लेकर परिजन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे हैं।

 

 

अन्य पोस्ट

Comments