राजनांदगांव

शिक्षकों को 12 वर्ष बाद न्याय की जगी उम्मीद-फेडरेशन
24-Sep-2020 7:33 PM 6
 शिक्षकों को 12 वर्ष बाद न्याय की जगी उम्मीद-फेडरेशन

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

राजनांदगांव, 24 सितंबर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं प्रांतीय महामंत्री सतीश ब्यौहरे ने बताया कि शासकीय सेवकों को समयमान वेतनमान स्वीकृत करने का आदेश 28 अप्रैल 2008 को जारी हुआ था। शिक्षा विभाग ने 4 अगस्त 2010 एवं ट्राइबल विभाग ने 22 फरवरी 2011 को शिक्षक संवर्गों के लिए स्वीकृति आदेश जारी किया था, लेकिन उक्त आदेश में सहायक शिक्षक के पदनाम का उल्लेख नहीं है। राज्य शासन ने 10 मार्च 2017 को सहायक शिक्षकों को 10 एवं 20 वर्ष सेवा पश्चात क्रमोन्नत वेतनमान देने का आदेश जारी किया है। जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन समयमान वेतनमान स्वीकृत करवाने प्रयासरत है, ताकि भविष्य में मिलने वाले प्रक्रियाधीन तृतीय समयमान वेतनमान में सहायक शिक्षकों को लाभ मिल सके।

फेडरेशन के दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के सदस्यों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश 8 अगस्त 2018 को राज्य शासन ने जारी किया। जिसमें सहायक शिक्षकों के साथ पुन: न्याय नहीं हुआ, तब सहायक शिक्षकों की निरंतर उपेक्षा एवं शिक्षकों के रूके हुए पदोन्नति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने राज्यव्यापी नियाय पाती अभियान 20 अगस्त 20 से प्रारंभ किया।

अभियान के प्रथम चरण में राज्य के 28 जिलों से प्रभावित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग डॉ. आलोक शुक्ला को हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड लिखकर न्याय करने का आग्रह किया। द्वितीय चरण में जिला कलेक्टर के माध्यम से 9 सितंबर 20 को फेडरेशन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन नियाय पाती सौंपा।

उन्होंने बताया कि फेडरेशन के आह्वान पर जारी नियाय पाती अभियान के आग्रह को संज्ञान में लेते शिक्षामंत्री डॉ. टेकाम ने सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृत करने निर्देश प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को दिया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने पदोन्नति के मामले में भी शिक्षामंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

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