राजनांदगांव

किसान विरोधी कृषि बिल का संसद से पारित होना एक काले अध्याय की शुरूआत-हेमा
24-Sep-2020 9:12 PM 4
किसान विरोधी कृषि बिल का संसद से पारित होना एक काले अध्याय की शुरूआत-हेमा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 24 सितंबर। प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं महापौर हेमा देशमुख ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किसानों का विरोधी प्रधानमंत्री बताते इसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल देशभर के किसानों के खिलाफ  है।

महापौर ने इस दिन को इतिहास का काला दिन करार दिया और उन्होंने कहा कि किसान विरोधी विधेयक को काला दिन के रूप में याद किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि राज्यसभा में तानाशाही  के आधार पर पारित विधेयकों में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और आवश्यक वस्तु कानून संशोधन के नाम से तीन बिल पेश कर मोदी सरकार किसान हितैषी बनकर झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है, जो बेहद अफसोसजनक है।

 श्रीमती देशमुख ने कहा कि मोदी सरकार की किसान विरोधी विधेयक का इससे बढक़र और क्या उदाहरण हो सकेगा कि भाजपा की केंद्र सरकार में सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की सांसद और केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर द्वारा इस कानून के विरोध में  केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे देना और कृषि अध्यादेश का विरोध जताना यह सिद्ध करती है कि यह विधेयक वास्तव में किसान विरोधी है। श्रीमती देशमुख ने कहा कि आने वाले दिनों में किसानों के हितों को लेकर सडक़ की लड़ाई लड़ी जाएगी।

 

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