बस्तर

नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध, संगठनों, जनप्रतिनिधियों समेत प्रभावित किसानों ने सीएम से की चर्चा
20-Oct-2020 9:15 PM 28
 नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध, संगठनों, जनप्रतिनिधियों समेत प्रभावित किसानों ने सीएम से की चर्चा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

जगदलपुर, 20 अक्टूबर। बस्तर मुख्यालय के एकमात्र संयंत्र का निजीकरण होना मतलब यहां के बेरोजगार युवाओं/प्रभावित किसानों को धोखा देने के समान है, उक्त बातें जिला कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कही।

नगरनार स्टील प्लांट के एनएमडीसी से डी-मर्जर को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्षेत्रवासियों में विरोध के स्वर ऊंचे होने लगे हैं। नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से अलग करने के फैसले से प्रभावित किसानों व क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है।

 निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस आक्रामक होकर सदन से सडक़ तक की लड़ाई के लिए तैयार है। इसी तारतम्य में प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन सहित विभिन्न संघ संगठनों ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीएम हाऊस में मिलकर कर इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा की और इस पर पहल करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री निवास में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष, जनपद सदस्य जीशान कुरैशी, नगरनार सरपंच लैखन बघेल, कस्तूरी सरपंच राजेंद्र बघेल, चोकावाड़ा सरपंच बैद्यनाथ,धनपूंजी सरपंच नीलांबर बघेल, आमागुड़ा  सरपंच भगतराम, करणपुर  सरपंच त्रिपति नागेश, उपनपाल सरपंच श्यामसुंदर नाथ, जयराम नाथ, शोभाराम कश्यप, सियाराम नाग,जालंधर नाग,घनश्याम महापात्र, धनुर्जय दास, लक्ष्मण सेठिया,प्रभु लाल बघेल, जितेंद्र नाथ, गुरुबंधु बघेल, दिगंबर सेठिया, शंभूनाथ कश्यप,राजू पटेल संतराम सेठिया,बलिराम नाथ व सहित ट्रेड यूनियन,स्टील श्रमिक यूनियन, एआईटीयूसी यूनियन,संयुक्त इस्पात मजदूर संघ,अजा,अजजा कल्याण समिति आदि संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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