गरियाबंद

मांगों को ले आदिवासी समाज की रैली, राज्यपाल-सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
25-Oct-2020 12:13 AM 26
 मांगों को ले आदिवासी समाज की रैली, राज्यपाल-सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

गरियाबंद, 24 अक्टूबर। शुक्रवार को अखिल भारतीय आदिवासी परिषद और अखिल भारतीय विकास परिषद गरियाबंद द्वारा 15 सूत्रीय मांग को लेकर नारे बाजी करते हुए रैली निकाल कलेक्ट्रोरेट पहुंचे और राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वहीं कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव भी किया गया। कलेक्टर प्रतिनिधि के रुप में अपर कलेक्टर ज्ञापन लेने पहुंचे। आदिवासी नेता कलेक्टर को ही ज्ञापन देने के लिए अड़े रहे। अंत में कलेक्टर के आने पर 15 सूत्रीय मांग पत्र राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

शुक्रवार को जिला मुख्यालय में स्तिथ अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद भवन में पांचों ब्लॉक से आदिवासी समाज के पदाधिकारी संरक्षक पी. एन. कश्यप, महेंद्र नेताम, भरत दीवान,  जिलाध्यक्ष उमेंदी कोर्राम, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम, सुरेखा, यशवंत सोरी, नरेंद्र कुमार ध्रुव, अन्य नेताओं की अगुवाई में 15 सूत्रीय मांगों को लेकर परिषद भवन से आक्रोश रैली निकाल नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रोरेट पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय घेराव की पूर्व सूचना पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहे।

ज्ञात हो कि गरियाबंद एक आदिवासी बाहुल्य जिला है। जहां लगभग 3.5 लाख की आबादी आदिवासियों की है, जो समाज की मुख्य धारा से पिछड़ी है, किन्तु यहां के आदिवासी अब विकास की मुख्य धारा से जुड़कर समाज को विकसित करना चाहते हैं। इसी सर्वांगीण विकास के क्रम में अपने 15 सूत्रीय मांग को लेकर जिले के 5 तहसीलों से आए आदिवासियों ने जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। परिसर में नहीं जा पाने की स्थिति में रैली ने मुख्य रोड पर चक्काजाम जैसी स्थिति निर्मित कर दी। जिसे देखते हुए तहसीलदार के दल और एसडीएम जी डी वाहिले अपर कलेक्टर जे आर चौरसिया ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बात नहीं बनते देख एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने मोर्चा संभाला फिर जैसे तैसे आदिवासियों ने प्रशासन की सशर्त बात सुनी।

जिसमें उनकी मुख्य शर्त थी कि आज तक की पदस्थापना पर किसी आदिवासी से ना किसी कलेक्टर ने कोई आवेदन स्वीकार किया है न किसी से मिले हैं इसलिए उन्हें हमारे बीच अपने केबिन से आकर हमसे मुलाकात करनी होगी।

एडिशनल एसपी द्वारा बताए कुछ प्रोटोकॉल के तहत सीमित व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश कराया गया और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्त मांगों को उनके समक्ष रखा गया एवं राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

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