राजनांदगांव

राजगामी संपदा की सौै एकड़ जमीन कृषि विभाग को देने प्रस्ताव पर सहमति, विरोध भी
28-Oct-2020 7:11 PM 28
राजगामी संपदा की सौै एकड़ जमीन कृषि विभाग को देने प्रस्ताव पर सहमति, विरोध भी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 28 अक्टूबर। राजनांदगांव रियासत की बेमेतरा में स्थित संपत्ति में से 100 एकड़  जमीन राजगामी संपदा के हाथ से निकलती दिख रही है। राजगामी संपदा जमीन को राज्य सरकार के कृषि विभाग को सौंपने पर सहमत हो गया है। राजगामी के मालिकाना वाले इस संपत्ति को हथियाने को लेकर राजनीतिक स्तर पर चौतरफा विरोध की परवाह किए बगैर संपदा ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।

बताया गया है कि संपदा की ओर से सरकार को जमीन के एवज में 5 करोड़ रुपए सुरक्षा निधि के रूप में मांगी है। बताया गया है कि बेमेतरा में संपदा के स्वामित्व में करीब 5 एकड़ खेतीयुक्त जमीन में से 2 सौ एकड़ भूमि की मांग की थी। इस मामले को लेकर राजनांदगांव के भाजपा नेताओं ने व्यापक स्तर पर विरोध किया है। तत्कालिन राजाओं की अलग-अलग जिलों और कस्बों में जमीन सैकड़ों एकड़ भूमि है। राजनांदगांव शहर का एक बड़ा हिस्सा संपदा की जमीन पर ही बसा हुआ है। इससे संपदा को सालाना बेहतर आय होती है।

 इसी तरह बेमेतरा में भी 500 एकड़ जमीन से संपदा को सालाना 50 लाख रुपए की आय होती है। इससे राजगामी संपदा के कर्मियों को वेतन का भुगतान कियाजाता है। वहीं बेमेतरा स्थित संपदा की जमीन में सालों से कई किसान लीज में खेती कर रहे हैं। इस जमीन को सरकार को दिए जाने से इन परिवारों के सामने भी भरण पोषण की समस्या भी खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि सरकार के एक प्रभावशाली नेता ने कृषि कॉलेज खोलने के एवज में 200 एकड़ जमीन की मांग की थी। इस प्रस्ताव का विरोध होने के बाद अब 100 एकड़ जमीन दिए जाने पर सहमति बन गई है।

इस संबंध में संपदा अध्यक्ष विवेक वासनिक ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि 100 एकड़ जमीन यूजीसी के मापदंड के अनुरूप दिए जाने पर सहमति बनी है। इस जमीन के एवज में 5 करोड़ रुपए एफडी की भी मांग की गई है। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर भी नांदगांव के अफसरों पर जमीन दिए जाने का दबाव बढ़ाया गया। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी दबाव बढ़ाते हुए आखिरकार संपदा के जमीन को कृषि विभाग के हवाले करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

सरकार के फैसले का हर स्तर पर करेंगे विरोध

राजनांदगांव के पूर्व सांसद व भाजपा के जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने सरकार द्वारा राजगामी की संपदा को हथियाने का आरोप लगाते कहा कि राजघराने की इस बेशकीमती जमीन को बंदरबांट किए जाने से यह साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार में बैठे कुछ नेता  निजी हितों को साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आमजनों के साथ मिलकर हर स्तर पर इस निर्णय का विरोध करेगी। जरूरत पडऩे पर धरने और प्रदर्शन भी किए जाएंगे। किसी भी सूरत में राजगामी जमीन को हड़पने नहीं दिया जाएगा। श्री यादव ने साफतौर पर कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों से सरकारी जमीनों को बेचने का हथकंडा अपनाया गया। इस फैसले की भी चौतरफा खिलाफत हो रही है। उन्होंने कहा कि राजगामी संपदा की नांदगांव की जनता की  अमानत है। यहां की संपत्ति रियासतकालीन भावनाओं से जुड़ी हुई है। जमीन दिए जाने के मामले में कांग्रेस नेताओं को भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए। उनकी चुप्पी साफ दर्शाती है कि मिलीभगत के जरिये ही जमीन को सरकार के हवाले किया जा रहा है।

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