सरगुजा

13 दिन विलंब से मानसून हुआ विदा, 1975 और 2010 का टूटा रिकार्ड
28-Oct-2020 9:26 PM 43
 13 दिन विलंब से मानसून हुआ विदा, 1975 और 2010 का टूटा रिकार्ड

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

अम्बिकापुर, 28 अक्टूबर। सरगुजा से आज दक्षिण- पश्चिम मानसून की विदाई हो गई। अपने सामान्य औसत तिथि 15 अक्टूबर से मानसून इस बार 13 दिन विलम्ब से लौटकर वर्ष 1975 और 2010 का रिकार्ड तोड़ दिया।

सरगुजा में सामान्य तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी सामान्यत: 17 सितम्बर से प्रारम्भ होती है। इस वर्ष मानसून 28 सितम्बर को लौटना प्रारम्भ किया। 28 सितम्बर से लौटते हुए 6 अक्टूबर को देश के उत्तरी और उत्तर पश्चिमी हिस्सों से विदाई के बाद मानसून की वापसी की प्रक्रिया रुक गयी है। लगातार बंगाल की खाड़ी में अवदाब क्षेत्र के निर्मित होने से मानसून की वापसी में रुकावट आयी।

मौसम वैज्ञानिक अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि भारत में मौसम विज्ञान ने मानसून की वापसी की प्रक्रिया पर सन 1975 से दृष्टि रखना प्रारम्भ किया था। 1975 से आज तक सबसे विलम्ब से मानसून की वापसी 2010 में 26 अक्टूबर और 2011 में 24 अक्टूबर को हुई थी।वर्ष 2020 में 28 अक्टूबर को मानसून ने विदा लेते हुए पुराने रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया।

मानसून वापसी के कुछ आंकड़े पर नजर डाले तो वर्ष 2007 में 30 सितम्बर,2008 में 29 सितम्बर, 2009 - में 25 सितम्बर, 2010 में 27 सितम्बर, 2011 में 23 सितम्बर, 2012 में 24 सितम्बर, 2013 में 9 सितम्बर,2014 में 23 सितम्बर, 2015 में 4 सितम्बर, 2016 में 15 सितम्बर, 2017 में 27 सितम्बर, 2018 में 29 सितम्बर, 2019 में 9 अक्टूबर को वापसी होना प्रारम्भ हो गया था।

इस वर्ष 2020 में मानसून की वापसी 28 सितम्बर से प्रारंभ हो गई थी लेकिन लगातार बंगाल की खाड़ी में अवदाब क्षेत्र के निर्मित होने से मानसून की वापसी में देरी हुई।दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी सरगुजा से आज 28 अक्टूबर को विदा हुई। मानसून के विदा होने के बाद अब ठंड में भी वृद्धि कुछ दिनों में देखने को मिलेगी। हालांकि सरगुजा में गुलाबी ठंड गत 10 दिनों पहले से ही पडऩी शुरू हो गई है।

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