बस्तर

नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करना बस्तर के सपने को बेचने जैसा-मुक्तिमोर्चा
28-Oct-2020 9:43 PM 27
 नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करना बस्तर के सपने को बेचने जैसा-मुक्तिमोर्चा

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

जगदलपुर, 28 अक्टूबर। बस्तर के विकास व रोजगार -स्वरोजगार के सपनों से ओतप्रोत होकर बस्तर की नई पीढ़ी के विकसित भविष्य की नींव रखने वाले एक मात्र नगरनार स्टील प्लांट का केंद्र सरकार द्वारा निजीकरण करने का फैसला, वहीं राज्य सरकार द्वारा इस फैसले के विरुद्ध एक उदासीन रवैया के खिलाफ स्टील प्लांट के दो श्रमिक यूनियन व भू -प्रभावित  ग्राम पंचायत की समितियों ने सँयुक्त रूप से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया है।  धरना को बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चाँद के नेतृत्व में मुक्तिमोर्चा के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंच अपना समर्थन दिया। 

केंद्र व राज्य की सरकारों को इस फैसलों को आड़े हाथ लेते हुए मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चाँद ,सह संयोजक अमित पीटर व जिला संयोजक भरत कश्यप ने कहा  कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के विकास व रोजगार -स्वरोजगार व आने वाले युवाओं के पीढ़ी का बेहतर भविष्य तय करने इरादों व वादों को सुन कर बस्तर के लोगों ने न चाह कर भी राज्य सरकारों के प्रलोभन व दबाव में आकर अपनी जमीन बस्तर के सम्पूर्ण विकास के नाम पर दी। पर केंद्र सरकार द्वारा बिना बस्तर के हितों पर विचार किये निर्माणाधीन प्लांट को प्रारम्भ करने से पहले ही नुकसान बता कर निजीकरण करने का तुगलकी फरमान सुना दिया,  वहीं बस्तर के हितों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले राज्य सरकार ने भी अपने विपक्षीय वादे को भूल केंद्र सरकार व एनएमडीसी की निजीकरण की मंशा जानते हुए भी नियम विरुद्ध चल रहे बस्तर के चार लौह खदानों को 17 सौ करोड़ के सरकारी जुर्माने के बावजूद भी बिना बस्तर के हितों की शर्तें तय किये लीज को आगामी 20 वर्ष के लिए नवीनीकरण कर दिया गया , वहीं राज्य सरकार के इस कदम के बाद केंद्र सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट के डीमर्जर करने के अपने तुगलकी फरमान को जारी कर बस्तर के सपनों को कुचलने का प्रयास किया ।

 मुक्तिमोर्चा व बस्तर के हर नागरिक की राज्य सरकार से यह मांग है कि वह बस्तर के हितों की रक्षा करने के अपने संकल्प व कर्तव्य को निभाते हुए केंद्र सरकार के संपूर्ण  फैसले पर अपनी मंशा व योजनाओं पर श्वेत पत्र जारी कर जाहिर करें। ताकि बस्तर के लोगों को वास्तविक रक्षक व भक्षक का पता चल सके।

इस धरना प्रदर्शन में बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के पदाधिकारी शोभा गंगोत्री,एकता रानी,सी एच भारती, सुनीता सिंह,शलेन्द्र वर्मा,जानी,तुलसी मौर्य व श्रमिक यूनियन के पाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

 

 

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