कोरिया

मेट्रीमोनियल साइट पर फर्जी आईडी बना शादी का झांसा देकर बैकुंठपुर की युवती से 24 लाख की ठगी
29-Oct-2020 2:55 PM 474
 मेट्रीमोनियल साइट पर फर्जी आईडी बना शादी का झांसा देकर बैकुंठपुर की युवती से 24 लाख की ठगी

फर्जी पासपोर्ट के साथ नाइजीरियाई नोएडा से बंदी, कई राज्यों में की है लाखों की ठगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 29 अक्टूबर।
मेट्रीमोनियल साइट पर फर्जी आईडी बनाकर शादी करने का झांसा देकर एवं अपनी संपत्ति भारत में ट्रांसफर कर भारत में सेटल होने के नाम पर बैकुंठपुर की युवती से 24 लाख की ठगी करने वाले नाइजीरिया के एक युवक को कोरिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दिल्ली जाकर न सिर्फ विदेशी को छापा मारकर पकड़ा, बल्कि उसके पास से दो पासपोर्ट बरामद किए, जिसमें एक पासपोर्ट फर्जी पाया गया। राज्य में पहली बार फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ाया एक विदेशी को पकडऩे का पहला मामला सामने आया है। 

कोरिया पुलिस एसपी चंद्रमोहन सिंह ने गुरुवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा कर बताया कि आरोपी  एजिथे पिटर चिनाका (30) निवासी 17 सेटेलाईट न्यू टॉउन लागोस नाइजीरिया जिसे कोरिया पुलिस ने छापा मारकर टावर नं. केएम 21 फ्लैट नं 204 जेपी कोसमोस सेक्टर 134 नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी द्वारा मेट्रीमोनियल साइट पर फेंक प्रोफाइल बनाकर लड़कियों को ठगा करता था, कई बार उसने रोहन मिश्रा, अरूण राय जैसे कई नामों से अपनी फेक आईडी बनाई, अपने आप को एनआरआई बताते हुए शादी करने का झांसा देकर एवं अपनी संपत्ति भारत में ट्रांसफर करने के नाम पर अपने को भारत में सेटल होने के नाम पर कस्टम चार्ज एवं आरबीआई आफिसर कभी आईएमएफ ऑफिसर के नाम पर फर्जी मेल भेजकर पैसा प्राप्त कर धोखाधड़ी किया करता था। 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने प्रार्थी निवासी बैकुंठपुर की शिकायत पर थाना बैकुण्ठपुर में धारा 419,420 का मुकदमा कायम किया कि इसकी छोटी बहन के साथ उक्त आरोपी रोहन मिश्रा के नाम से फर्जी एनआरआई बनकर Jeevansathi.com वेबसाईट के माध्यम से शादी करने का झांसा देकर एवं अपनी संपत्ति भारत में ट्रांसफर कर भारत में सेटल होने के नाम पर कस्टम चार्ज एवं आरबीआई आफिसर, आईएमएफ ऑफिसर इत्यादि के नाम पर पीडि़ता से 24,07,500.00 रू (रू चौबीस लाख सात हजार पांच सौ) की ठगी की है। 

कार्रवाई के लिए बनी उच्चस्तरीय टीम
एसपी कोरिया ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी सरगुजा रेंज सरगुजा के मार्गदर्शन में मेरे द्वारा अति पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला व उप पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल के नेतृत्व में सायबर टीम कोरिया द्वारा मामले की पतासाजी की जाने लगी। ये टीम राउंड ओ क्लॉक काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि मामले में पूरी टीम बधाई की पात्र है, इन्हें पुरस्कार दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आरोपी को पकडऩे में जुटी साइबर की टीम ने पाया कि आरोपी के द्वारा वीओआईपी कॉल, इंटरनेट कॉल, वाट्सएप कॉल उपयोग किया गया है। सायबर टीम द्वारा प्रकरण के सभी बिन्दुओं का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपी की पहचान करने में सफलता पाई गई। अपराध की विवेचना के दौरान विशेष टीम को दिल्ली, नोएडा रवाना किया गया था। विशेष टीम द्वारा के द्वारा आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपी से पूछताछ किया गया। 

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
एसपी ने बताया कि आरोपी द्वारा अन्य राज्यों तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश, झारखण्ड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश इन सभी राज्यों में भी अपने आप को डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनसमैन बताये हुये अपने झांसे में लेकर लाखों रूपये की ठगी की है तथा ठगी की रकम को कुछ अपने पास रख बाकी शेष रकम को नाइजीरिया ट्रांसफर कर देता था। 

दो पासपोर्ट मिले 
पुलिस को आरोपी के पास से 2 नग पासपोर्ट मिला जिसमें एक फर्जी पासपोर्ट एवं दूसरा पासपोर्ट, 2 नग नाईजीरियन डेबिट कार्ड, 1 नग एसबीआई डेबिट कार्ड, 4 नग मोबाईल हैण्डसेट, 14 नग सीम कार्ड, 1 वाईफाई डिवाइस, 1 नग लैपटॉप जब्त किया गया। आरोपी के पासपोर्ट एवं वीजा का अवलोकन किया गया, जिसकी मियाद समाप्त हो चुकी है। एसपी के मुताबिक मामले में भी धाराएं लगाई गई है।

आरोपी को पकडऩे में निरीक्षक विमलेश दुबे, उप निरीक्षक सचिन सिह, गंगासाय पैकरा, इस्तियाक खान, अशोक मलिक व कोरिया सायबर सेल से पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय, अरविन्द कौल, सजल जायसवाल, विजय कुमार सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

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