राजनांदगांव

कार्यपालिक मजिस्टे्रट-पुलिस अफसर समन्वय के साथ काम करें- संभागायुक्त
29-Oct-2020 7:30 PM 26
कार्यपालिक मजिस्टे्रट-पुलिस अफसर समन्वय के साथ काम करें- संभागायुक्त

संभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता- आईजी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 29 अक्टूबर। 
संभागायुक्त टीसी महावर ने कल जिला मुख्यालय राजनांदगांव से दूर आरोहण बीपीओ ग्राम टेड़ेसरा में जिलों के कलेक्टरों, एसपी, डीएफओ एवं जिला पंचायत सीईओ के कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली और इसके साथ पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था एवं अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक)  शालिनी रैना, कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा, कलेक्टर दुर्ग सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, कलेक्टर कबीरधाम रमेश कुमार शर्मा, कलेक्टर बालोद जन्मेजय महोबे, कलेक्टर बेमेतरा शिव अनंत तायल, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्री महावर ने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय एवं सहयोग के साथ बेहतरीन कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें। राजस्व के लंबित प्रकरणों के निराकरण के कार्य में विशेष ध्यान दें। 

पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि संभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों के बेहतर तालमेल का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि दोनों अधिकारी साथ मिलकर कार्य करते हैं तो समस्या का निपटारा तुरंत हो जाता है। उन्होंने समस्या के तत्काल निराकरण के लिए कहा।  
संभागायुक्त ने कहा कि अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन, विवादित खाता विभाजन का समय-सीमा में निराकरण करें। सीमांकन का कार्य महत्वपूर्ण है जहां ज्यादा प्रकरण लंबित है वहां शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने जिलावार राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तहसीलवार समीक्षा करने पर यह देखा जा सकता है कि किस तहसील से ज्यादा प्रकरण लंबित है। निराकृत प्रकरणों का राजस्व अभिलेखागार में भेजा जाना महत्वपूर्ण कार्य है। केस के डिस्पोजल के बाद उसे रिकार्ड रूम में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस कार्य के लिए डिप्टी कलेक्टर की ड्यूटी लगाएं।

श्री महावर ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने समन्वय करते हुए अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। कानून व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारी साथ में रहेंगे और जरूरी बातों के संबंध में जिला मजिस्टे्रट को अवगत कराएंगे। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को प्रतिबंधात्मक धाराओं से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि निकट समय में ईद एवं दीपावली का पर्व आ रहा है और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाए।  संभागायुक्त ने सभी पुलिस अधीक्षकों से उनके जिले की कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

पुलिस महानिरीक्षक श्री  सिन्हा ने कहा कि राजस्व, पुलिस एवं वन विभाग शासन के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। एकता एवं समन्वय के साथ इनका कार्य होना चाहिए। कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने में जिला मजिस्टे्रट की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समाज के हित के लिए  सभी को मिलकर कार्य करना है। 

मुख्य वन संरक्षक श्रीमती रैना ने बताया कि वनधन केन्द्र एवं हाट बाजार स्वीकृत हो गए है। इस कार्य को प्राथमिकता से करते हुए गति लाने की जरूरत है। खैरागढ़ एवं कबीरधाम में लघु वनोपज संग्रहण का कार्य आरंभ हो गया है। लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं लघु वनोपज केन्द्र पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव डी. श्रवण, पुलिस अधीक्षक दुर्ग प्रशांत ठाकुर, पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम शलभ कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा दिव्यांग कुमार पटेल, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, जिला पंचायत राजनांदगांव तनुजा सलाम एवं दुर्ग संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ तथा एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 

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