रायपुर

कैट ने अमेजन पर साधा निशाना
29-Oct-2020 7:55 PM 33
कैट ने अमेजन पर साधा निशाना

मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में एफडीआई पालिसी के सीधे उल्लंघन के लिए जिम्मेदार

रायपुर, 29 अक्टूबर। कैट के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी आदि कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल को एक पत्र भेजकर एफडीआई पालिसी 2018 के प्रेस नोट न. 2 के प्रावधानों का दुरूपयोग करने का अमेजन पर आरोप जड़ते हुए श्री गोयल से आग्रह किया है कि प्रेस नोट न. 2 में सरकार की मंशा का खुला स्पष्टीकरण करने तथा उसकी विसंगतियों को दूर करने के लिए एक नया प्रेस नोट जारी किया जाए जिससे ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा प्रेस नोट के उल्लंघन की संभावना को कम किया जा सके। 

उन्होंने कहा कि मौजूदा एफडीआई पालिसी के उपनियम न केवल मल्टी ब्रांड रिटेल में किसी भी प्रकार की विदेशी कंपनी को निवेश की मंजूरी नही देते है, बल्कि किसी भी विदेशी कंपनी अथवा विदेशी स्वामित्व वाली ई कॉमर्स कंपनी को भारतीय ई कॉमर्स पर पोर्टल द्वारा इनवेंटरी को नियंत्रित करने की इजाजत भी नही देतें है। हालांकि इस बात के साफ संकेत मिल रहे है कि कई बड़ी विदेशी ई कॉमर्स कंपनियां जैसे कि अमेजन पैंट्री, क्लाउडटेल पैंट्री इत्यादि सीधे तौर ग्रोसरी रिटेल से जुड़ी ‘इन्वेंटरी आधारित ई कॉमर्स मॉडल’ को न केवल नियंत्रित कर रही है बल्कि उनमे निवेश भी कर रही है। देश की एफडीआई पालिसी का खुलेआम हो रहा ये अनादर कैट को हरगिज मंजूर नही है और यही कारण है कि कैट ने पत्र लिख पीयूष गोयल से इस विषय मे तुरंत कदम उठाने का अनुरोध किया है।

श्री पारवानी ने कहा कि देश के 7 करोड़ छोटे बड़े व्यापार से 40 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है जिसको नजरअंदाज नही किया जा सकता। छोटे किराना स्टोर अथवा व्यापारियों की सुरक्षा और जीविका के लिए सरकार ने प्रेस नोट में दिए गए उपनियम 5.2.5 और उपनियम 5.2.5.2 के अनुसार सिर्फ मैन्युफैक्चरर को ही अपने द्वारा बनाये गए खाद्य प्रदार्थो को व्होलेसेल या रिटेल में बेचने की अनुमति है। इसमे ई कॉमर्स भी शामिल है।  कैट ने लिखे गए पत्र में ये सवाल उठाया है कि आखिर क्यों ये विदेशी कंपनियां बार बार देश की एफआईआर पालिसी का उलंघन करने का साहस कर रही है।
 

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