राजनांदगांव

केंद्रीय प्रभारी अधिकारी उपाध्याय ने की निर्धारित संकेतकों की समीक्षा
25-Nov-2020 5:35 PM 22
केंद्रीय प्रभारी अधिकारी उपाध्याय ने की निर्धारित संकेतकों की समीक्षा

एक्शन प्लान तैयार कर करें कार्य

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 25 नवंबर।
ऊर्जा मंत्रालय भारत शासन के अतिरिक्त सचिव एवं केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी आशीष उपाध्याय ने मंगलवार को आकांक्षी जिला राजनांदगांव में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर टीके वर्मा, जिला पंचायत सीईओ तनुजा सलाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्री उपाध्याय ने आकांक्षी जिला के संकेतक स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन तथा कौशल विकास के कार्यों की विभागवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लगातार कार्य करने की जरूरत है। इसके लिए लक्ष्य तैयार किए जाए और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के अनुरूप कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने मार्च 2022 तक के लिए एक्शन प्लान तैयार कर कार्य करने कहा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को ध्यान रखते इनके संकेतकों पर कार्य करें तथा इसकी जानकारी लगातार अपडेट करें। इसके लिए शासन द्वारा लागू योजनाओं का भी उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण जो बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे उन्हें शिक्षित करने के लिए कार्य किए जाए। मार्च 2022 तक बेस्ट इंटीकेटर तक पहुंचने के लिए योजना बनाएं, इसके लिए शासन की योजनाओं का लाभ लें। सबसे कमजोर क्षेत्र का चयन कर इसमें कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिले के सभी सेक्टरों के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएं और उन्हें कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाए।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लक्षण वाले मरीजों का पहचान कर सैम्पल लिया जा रहा है तथा उन्हें आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है। वहीं शासन द्वारा 1 दिसंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी में पपीता, आम, केला के क्षेत्रों में वृद्धि हुई है। शिवनाथ नदी में एनीकट निर्माण किया गया है। जिससे ग्राऊंड लेवल वॉटर बढ़ा है। इससे द्वीफसल रकबे में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को साक्षर करने के लिए लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।

जिला पंचायत सीईओ तनुजा सलाम ने बताया कि जिन गांवों में इंटरनेट कनेक्शन पहुंचाना है उन्हें चिन्हांकित कर लिया गया है। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रेणु प्रकाश ने बताया कि एनीमिक गर्भवती माताओं को गर्म भोजन, अंडा तथा गुड़ चिक्की दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर पोषण बाड़ी बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुघ्घर बुधवार कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसमें गर्भवती माताओं का एएनसी चेकअप तथा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। 
 

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