बस्तर

मृत खातेदार की पत्नी को तहसील कार्यालय की ओर से सूचना नहीं, बेटों को बंटवारा पेशी में उपस्थित रहने नोटिस थमाया
26-Nov-2020 12:58 PM 33
मृत खातेदार की पत्नी को तहसील कार्यालय की ओर से सूचना नहीं, बेटों को बंटवारा पेशी में उपस्थित रहने नोटिस थमाया

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जगदलपुर, 26 नवंबर।
बालिकोंटा पटवारी हल्का में एक सेवानिवृत्त शिक्षक की मृत्यु उपरांत उसकी पत्नी को तहसील कार्यालय की ओर से सूचना नहीं दी गई, वहीं बेटों को बंटवारा पेशी में उपस्थित रहने नोटिस थमाया गया है।

तहसील कार्यालय के कुछ कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। बालिकोंटा स्थित कॄषि भूमि खसरा क्रमांक 303, 328 और 433 के मुख्य खातेदार भारत सिंह हैं, जिनकी मृत्यु उपरांत नियमानुसार असली वारिसों का नाम दर्ज किया जाना चाहिए था। वर्तमान में मृतक खातेदार भारत सिंह की पत्नी कमला ठाकुर जीवित है, इनके अलावा 3 बेटे हैं। हल्का पटवारी की ओर से फौती उठाने की कार्रवाई नहीं की गई है, बावजूद खाते में शामिल लोगों के बंटवारे के आवेदन को तहसील में मंजूरी दी गई। हल्का पटवारी से लिखित में प्रतिवेदन मंगाए बिना बंटवारा आवेदन को न्यायालयीन करवाई के लिए प्रस्तावित कर दिया।
कमला ठाकुर का कहना है कि तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली से संदेह हो रहा है। इसकी वजह यह है कि मृत खातेदार की पत्नी कमला ठाकुर को तहसील कार्यालय की ओर से सूचना नहीं दी गई है। बल्कि इनके बेटों को 26 नवंबर को बंटवारा पेशी में उपस्थित रहने का नोटिस थमाया गया है।

मॄतक खातेदार की पत्नी कमला ठाकुर ने बंटवारे की कार्रवाई को नियम के विरूद्ध बताते हुए तहसीलदार से जानना चाहती हंै कि उन्हें पेशी में क्यों नहीं बुलाया जा रहा है?
इधर हल्का पटवारी ने भी बंटवारा प्रकरण से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उनसे तहसील के लिपिक ने न प्रतिवेदन मंगवाया, न ही मौखिक जानकारी ली। बंटवारा के लिए आवेदन करने वाले आवेदक की जानकारी भी फर्जी है। तितिरगांव की पैतृक भूमि खसरा क्रमांक 293 में दयमती का पति चतुरभूज दर्ज है, वहीं बालिकोंटा की भूमि में उन्होंने गलत जानकारी दर्ज कराकर अपनी बदनियती का सबूत दिया है।
श्रीमती ठाकुर ने आरोप लगाया है कि तहसील कार्यालय के कुछ कर्मचारी मिले हुए हैं। इनके द्बारा आए दिन गांव के सीधे-सीधे लोगों को परेशान किया जाता है। ऑनलाइन होने के बावजूद पारदर्शिता नहीं है। रिकार्ड अपडेट होने के बाद कंप्यूटर में अपलोड नहीं किया जाता और किसान अपडेटेड रिकार्ड के लिए चक्कर काटते रहते हैं।

 

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