राजनांदगांव

सामाजिक बहिष्कार से तंग ग्रामीण ने राज्यपाल से मांगी इच्छा मृत्यु
26-Nov-2020 3:35 PM 32
सामाजिक बहिष्कार से तंग ग्रामीण ने राज्यपाल से मांगी इच्छा मृत्यु

डोंगरगढ़ के भूषण सिन्हा ने प्रेसवार्ता के जरिये प्रशासन को सुनाई पीड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 नवंबर।
सामाजिक बहिष्कार से परेशान एक ग्रामीण ने राज्यपाल से इच्छा मृत्यु की मांग करते पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण का आरोप है कि गांव में बहिष्कार किए जाने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते उन्हें इच्छा मृत्यु मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

गुरुवार को डोंगरगढ़ के करवारी गांव के रहने वाले भूषण सिन्हा ने अपने साथ हुए कथित अत्याचार को लेकर प्रेसवार्ता कर बताया कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने के सजा के तौर पर उसे ग्राम पटेल और सरपंच द्वारा गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है। इसके अर्थदंड के रूप में 10 हजार रुपए की मांग की गई। यह जुर्माना नहीं भरने पर अब ग्रामीणों द्वारा 2 लाख 40 हजार रुपए की मांग की जा रही है। 

पीडि़त ग्रामीण का कहना है कि 8 मई 2020 को  गांव में घास और आबादी जमीन के संबंध में सूचना का अधिकार उसने लगाया था। यह बात ग्राम पटेल और सरपंच को रास नहीं आई। बाद में दबाव बनाते हुए उसे 10 हजार रुपए जुर्माना भरने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर यह भी धमकी दी गई कि गांव से उसे बहिष्कृत कर उसके मकान पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। 

पीडि़त का कहना है कि इस मामले की शिकायत डोंगरगढ़ एसडीओपी और एसडीएम को भी की गई। डोंगरगढ़ एसडीओपी द्वारा शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पीडि़त को डराया-धमकाया गया। पीडि़त का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन से न्याय नहीं मिलने के कारण उसने इच्छा मृत्यु की मांग राज्यपाल से की है। पत्रकारवार्ता में पीडि़त ने सूचना के अधिकार मांगने की सजा की तौर उसे प्रताडि़त किया जा रहा है। इस मामले में पीडि़त ने कहा कि न्याय नहीं मिलने की सूरत में उसने इच्छा मृत्यु मांगने जैसा पत्र राज्यपाल को लिखा है।

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