कोरबा

ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल, कोरबा में आंशिक असर
26-Nov-2020 3:46 PM 49
ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल, कोरबा में आंशिक असर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 26 नवंबर। कमर्शियल माइनिंग को अनुमति दिए जाने के विरोध में एक दिन की देशव्यापी हड़ताल कोरबा जिले में बहुत ज्यादा असर नहीं डाल सकी। यहां के कोलफील्ड्स में उत्पादन संबंधी कार्य सामान्य ढंग से संचालित होने का दावा प्रबंधन की ओर से किया गया। इसके बीच हड़ताल का आह्वान करने वाले यूनियनों ने प्रदर्शन किया।

 हड़ताल का आह्वान भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ को छोडक़र अन्य ट्रेड यूनियनों ने किया था। इससे पहले हड़ताल का अल्टीमेटम सरकार को दिया गया था और मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी। इस दिशा में बातचीत की गई और विकल्प तलाशने का प्रयास किया गया, जो बेनतीजा रहा। इस स्थिति में हड़ताल को अवैध करार देने की घोषणा के बावजूद 26 नवंबर को कोल सेक्टर में खासतौर पर हड़ताल की गई।

 कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के सीएमडी ने हड़ताल को अवैध ठहराने के जरिए कोशिश की कि संबंधित यूनियनें बैकफुट पर आएं। इस मुद्दे को लेकर कई तरह के दावे किये जाते रहे और सफाई का जोर भी जारी रहा। हड़ताल दिवस को अस्तित्व की खातिर यूनियनों ने जिले के कई खदानों के आसपास प्रदर्शन किया और कमर्शियल माइनिंग को वापस लेने की मांग की। ह

ड़ताल को देखते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए एरिया के यूनियन प्रतिनिधि इकाईयों में दौरा किया। केएसएस के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सचिव जनकदास कुलदीप व अनूप सरकार प्रात: 6 बजे ढेलवाडीह, सिंघाली, बगदेवा, सुराकछार व बलगी में जाकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। धर्माराव एसकेएमएस के अध्यक्ष  कोरबा पश्चिम क्षेत्र के सभी इकाईयों का दौरा करते नजर आये। जबकि इधर एसईकेएमसी के गोपालनारायण सिंह, एसकेएमएस के दीपेश मिश्रा, एचएमएस के ए विश्वास व सुरेन्द्र मिश्रा भी इकाईयों में दौरा कर रहे थे।

सीजीएम कार्यालय उपस्थिति में कोई असर नहीं

कोरबा जिले के अंतर्गत चार क्षेत्रों में कोयला खनन का काम अलग-अलग खदानों के जरिए होता है। इनमें कोरबा क्षेत्र की अधिकतम अंडरग्राउंड सहित अन्य क्षेत्रों की ओपनकास्ट माइंस शामिल हैं। कार्मिक विभाग के कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका विस्तार क्षेत्र के एपीएम से हड़ताल के बारे में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल का आह्वान यूनियनों ने जरूर किया है लेकिन आज की स्थिति में जनरल शिफ्ट में खदानों में कोई असर नहीं पड़ा है। उत्पादन से लेकर अन्य कार्य सामान्य तरह से संचालित हो रहे हैं।

अन्य पोस्ट

Comments