बस्तर

जिला आयुर्वेद अस्पताल के भंडार कक्ष में लगी आग, कागजात पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए
30-Nov-2020 8:30 PM 57
जिला आयुर्वेद अस्पताल के भंडार कक्ष में लगी आग, कागजात पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए

'छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जगदलपुर, 30 नवम्बर।  जिला आयुर्वेद अस्पताल के भंडार कक्ष में रविवारकी शाम 5-6 बजे एकाएक आग लग गई । आग से खिडक़ी के पास रखें लकड़ी की अलमारी और उसमें रखे कागजात पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए हैं। परिसर में आने वाले असामाजिक तत्वों के द्वारा आग लगाए जाने की आशंका  व्यक्त की जा रही । क्योंकि शाम होते ही इस परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है।

जिला आयुर्वेद अस्पताल के भंडार कक्ष में असामाजिक तत्वों द्वारा भवन के बाहर आग लगाकर उसे खिडक़ी के अंदर फेंक दिया गया जिससे कमरे के अंदर रखा अलमारी पूरी तरह से जलकर खाक हो गया है उसमें रखे कागजात भी जल गए हैं हम आपको बता दें की जिला आयुर्वेद चिकित्सालय परिसर में महिला एवं बाल विकास शहरी परियोजना कार्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, राजीव गांधी शिक्षा मिशन संसाधन कार्यालय का संचालन हो रहा है। इस परिसर से लगे। केवल राजीव गांधी शिक्षा मिशन के बीआरसी कार्यालय में चौकीदार है शेष कार्यालयों में चौकीदार की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके चलते शाम होते ही इस क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है इस परिसर में असामाजिक तत्व शराब, गांजा सेवन करने के साथ ही बोनफिक्स सफेदा जैसे वस्तुओं का भी नशा करते हैं इन सामानों को बिखरे हुए पूरे परिसर में आसानी से देखा जा सकता है। कई बार लोगों के मना करने के बावजूद यह असामाजिक तत्व इस तरह के कृत्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। प्रभारी आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ के के मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया जहां असामाजिक तत्वों के जमावड़े से व्यवस्था बिगड़ रही है उन्हें समझाने की कई बार प्रयास किया गया लेकिन वह मानते नहीं है बल के समझाने से कुछ असामाजिक तत्व अपने नाराजगी दूसरे रूप में दिखाते हैं इसके बाद इसकी शिकायत डायल 112 को की गई डायल 112 दल के द्वारा भी असामाजिक तत्व समझाइश दी गई लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ शाम होते ही इस परिसर में असामाजिक तत्वों के द्वारा नशा किया जाता है और पैरों का सहारा लेकर छत के ऊपर चढ़ जाते हैं वहां पर शराब पीकर बोतलों को फोड़ते हैं।

 जिला आयुर्वेद अस्पताल के भंडार कक्ष में आग लगने के करण को बताते हुए स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा खिडक़ी के बाहर आग लगाया गया और उसे टूटे हुए खिडक़ी के कांच किस जगह से कमरे के अंदर फेंक दिया गया। खिडक़ी से लग कर अलमारी रखे जाने के चलते आग अधिक नहीं खेल पाई अन्यथा और भी अधिक क्षति हो सकती थी। लोगों का कहना है।असामाजिक तत्वों पर जब तक रोक नहीं लगाई जाती है तब तक व्यवस्था में सुधार होना संभव नहीं है इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन को गंभीरता के साथ योजना बनाकर कार्य करने की जरूरत है ।

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