दुर्ग

केन्द्रीय जेल का जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनीं
20-Jan-2021 3:27 PM 19
केन्द्रीय जेल का जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 20 जनवरी।
राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा सेवा प्राधिकरण के द्वारा केन्द्रीय जेल दुर्ग का औचक निरीक्षण किया गया। केन्द्रीय जेल के निरीक्षण में सभी पुरूष एवं महिला बैरक में जाकर विचाराधीन बंदियों एवं सजायाफ्ता बंदियों से मुलाकात की गई तथा उनकी समस्याएं सुनी गई। 

निरीक्षण में यह विशेष रूप से देखा गया कि जेल में बंदियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई है। नवीन बंदी जो जेल में प्रवेश करते है उनके लिए  कोविड -19 के संबंध में स्वास्थय चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था क्या है। बंदियों को मास्क दिया गया है अथवा नहीं. बंदियों के मध्य सोशल डिस्टेसिंग रखा जा रहा है अथवा नहीं। केन्द्रीय जेल के निरीक्षण में यह पाया गया कि बंदियों के सामान का निरीक्षण किया गया, जिसमें कोई आपत्ति जनक वस्तुएं अथवा नशा से संबंधित वस्तुएं नहीं पाई गई। बंदियों को दिये जाने वाले भोजन की जांच की गई। भोजन की गुणवत्ता देखी गई तथा भोजन की सामग्री को देखा गया। बंदियों को दिये जाने वाले भोजन को संतोषजनक पाया गया। बंदियों के बैरक की साफ-सफाई देखा गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई में कमी पाई गई । निरीक्षण के दौरान 80 वर्ष से अधिक उम्र के बंदियों पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

विचाराधीन बंदियों के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्मय से की जा रही है। बंदियों से पूछताछ की गई कि परिवार वालों से बातचीत हो पा रही है। इस पर बंदियों ने बताया कि पहले बात नहीं हो पा रही थी। राजेश श्रीवास्तव, जिला न्यायाधीश/अघ्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा केन्द्रीय जेल दुर्ग के अधीक्षक के साथ बैठक ली तथा उन्हें केन्द्रीय जेल दुर्ग के निरीक्षण में पाई गई कमियों एवं अव्यवस्थाओं से अवगत कराया गया तथा तत्काल कार्रवाई करते हुए बंदियों के स्वास्थय एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। 

जेल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिये जाने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया गया। महिला जेल में कुल 6 नाबालिग बच्चे हैं, जो महिला कैदी के संरक्षण में है उन बच्चों की पढाई सुनिश्चित करने हेतु कार्य किये जाने का निर्देश दिया गया। केन्द्रीय जेल दुर्ग के निरीक्षण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहन सिंह कोर्राम एवं सचिव  राहूल शर्मा भी उपस्थित रहें।

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