राजनांदगांव

कांग्रेसियों को एका और बेहतर समन्वय बनाने की सीख दे गए अकबर
28-Jan-2021 1:34 PM 157
कांग्रेसियों को एका और बेहतर समन्वय बनाने की सीख दे गए अकबर

गणतंत्र पर्व पर प्रभारी मंत्री ने मनमुटाव दूर कर काम करने की दी नसीहत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 28 जनवरी।
राजनंादगांव जिले में कांग्रेस की मौजूदा सांगठनिक इकाई में बढ़ रही आपसी खींचतान से प्रदेश नेतृत्व और जिले के प्रभारी मंत्री भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। गणतंत्र दिवस पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर के सामने कुछ कांग्रेसी नेताओं का आपसी मनमुटाव खुलकर सामने आया है। 

बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष पदम कोठारी से लेकर राजगामी संपदा अध्यक्ष विवेक वासनिक पर नेताओं को उचित महत्व नहीं दिए जाने का मामला प्रभारी मंत्री के सामने आया है। वहीं कुछ पदाधिकारियों के हाशिये में रहने का मसला भी सामने आया। बताया जा रहा है कि राजगामी संपदा अध्यक्ष विवेक वासनिक और सदस्य रमेश खंडेलवाल के बीच मनमुटाव की स्थिति है। रमेश खंडेलवाल ने जहां जिलाध्यक्ष पदम कोठारी पर एकला  चलो का आरोप लगाया। वहीं राजगामी संपदा अध्यक्ष  वासनिक ने भी खंडेलवाल पर सहयोग नहीं करने की शिकायत प्रभारी मंत्री से की। 

बताया जाता है कि जिलाध्यक्ष कोठारी को प्रभारी मंत्री को सबको साथ लेकर चलने की हिदायत दी। वहीं खंडेलवाल के शिकवा शिकायत को भी प्रभारी मंत्री ने सुना। बताया जाता है कि खंडेलवाल को भी प्रभारी मंत्री ने राजगामी संपदा के साथ तालमेल रखकर काम करने की हिदायत दी।
 
चर्चा है कि प्रभारी मंत्री से कुछ नेता अकेले में बात करने की जुगत में भी थे, लेकिन उनका यह इरादा पूरा नहीं हो पाया। यह भी चर्चा है कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के हाशिये  को लेकर प्रभारी मंत्री ने सुध ली। उन्होंने वरिष्ठ नेता शशिकांत अवस्थी से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। कांग्रेस की शहर और जिला संगठन में काफी उठापटक चल रही है। अलग-अलग पदाधिकारियों ने अपना एक खेमा बना लिया है। शहर में कुलबीर छाबड़ा, जितेन्द्र मुदलियार, हफीज खान समेत अन्य नेताओं का अलग-अलग गुट बन गया है। इसी तरह जिले में पदम कोठारी, नवाज खान के अलावा अन्य नेताओं में आपसी अनबन है। बताया जा रहा है कि पार्टी में चल रही आंतरिक लड़ाई की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता पेशोपेश में है। यही कारण है कि प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में नेताओं की आपसी बहस सतह पर आ गई। प्रभारी मंत्री को नेताओं को नसीहत देने के लिए सामने आना पड़ा। उन्होंने पार्टी और सरकार को संगठित करने के लिए एकजुट होकर काम करने की नसीहत दी। 

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