राजनांदगांव

खेल महोत्सव में फुगड़ी और गिल्ली-डंडा होगा आकर्षण का केंद्र
25-Feb-2021 1:44 PM 59
खेल महोत्सव में फुगड़ी और गिल्ली-डंडा होगा आकर्षण का केंद्र

पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने निगम की पहल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 25 फरवरी।
छत्तीसगढ़ के लुप्त हो रहे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के इरादे से राजनांदगांव नगर निगम ने एक अभिनव पहल करते हुए परंपरागत खेलों का दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। नगर निगम की महापौर हेमा देशमुख द्वारा परंपरागत खेलों के प्रति लोगों का रूझान बढ़ाने के लिए अगले माह अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8-9 मार्च को दो दिवसीय खेल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में वर्ष 2020-21 के बजट में भी प्रावधान किया गया था। यह खेल महोत्सव म्युनिसिपल स्कूल मैदान में किया जाएगा। इसके लिए महापौर हेमा देशमुख ने बुधवार को स्कूलों के खेल शिक्षकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इस वर्ष खेल महोत्सव का आयोजन किया जाना है। इसकी तैयारी के लिए बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल जैसे खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, गिल्ली-डंडा, पि_ुल आदि आज-कल बहुत कम देखने को मिलता है। इन खेलों के प्रति लोगों में रूझान लाने खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 

इस संबंध में वर्ष 2020-21 के बजट में भी प्रावधान किया गया था। जिसके क्रियान्वयन की कड़ी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 8-9 मार्च को खेल महोत्सव का आयोजन म्युनिसिपल स्कूल मैदान में किया जाएगा, जिसमें बच्चे युवक, युवती व बुजुर्ग हिस्सा ले सकते हैं और महोत्सव में खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, गिल्ली डंडा, पि_ुल, तेज पैदल चाल, जलेबी दौड़, बोरा दौड़, भौरा, रस्सा खींच, कुर्सी दौड़, गेडी आदि खेल खिलाया जाएगा।  इसके अलावा अन्य खेल जैसे शतरंज, कैरम, बैडमिंटन, व्हॉलीबॉल, आदि खेल भी प्रतियोगिता मेें शामिल किया जाएगा। स्कूल मैदान में छत्तीसगढ़ के गढ़ कलेवा का स्टॉल भी लगाया जाएगा। उन्होंने खेल शिक्षकों से आयोजन को सफल बनाने आह्वान किया।

साहित्यिक सम्मेलन का होगा आयोजन
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि खेल महोत्सव में विभिन्न खेलों के लिए पुरस्कार भी रखा जाएगा। जिसमें टीम एवं व्यक्तिगत खेलों के लिए अलग-अलग पुरस्कार रहेंगे। पुरस्कार में नगद राशि के अलावा प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भी दिया जाएगा। खेलों का आयोजन सुबह 8 से 11 बजे तक एवं शाम को 3 से 6 बजे तक किया जाएगा। साथ ही साहित्यिक सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। 

 

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