कोण्डागांव

प्रदेश में ऋण माफी के नाम पर फ र्जीवाड़ा कर किसानों से हो रहा छलावा - लता उसेण्डी
01-Mar-2021 11:01 PM 33
 प्रदेश में ऋण माफी के नाम पर फ र्जीवाड़ा कर किसानों से हो रहा छलावा - लता उसेण्डी

  न्यायिक जांच समिति बिठाने की रखी मांग   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 1 मार्च। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेण्डी ने स्थानीय विश्राम गृह में 1 मार्च को प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रदेश में कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ हो रहे धोखे से अवगत करवाते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि, किसानों के माध्यम से एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें किसान द्वारा ऋणमाफी से पहले की जमा की गई राशि सरकार ने ले ली है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल व पीसीसी चीफ  मोहन मरकाम एक तरफ तो ढिंढोरा पीटते फिरते हैं कि किसानों का कर्ज माफ हुआ है,  किंतु धरातल पर सत्यता कुछ और ही बयां कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा, अन्नदाता से छलावे का जीता जागता उदाहरण कोण्डागांव जिले के ग्राम चिलपुटी से प्रकाश में आया है। किसान सोनसाय पिता घासिया, ग्राम चिलपुटी जिला कोण्डागांव ने लैंप्स के माध्यम से  5 जून 2017 को 23 हजार 528 रुपए का कर्ज लिया था जिसकी ब्याज समेत राशि 25 हजार 816 रुपए बकाया निकलती है। इसी बीच उक्त किसान को ऋणमाफी का प्रमाण पत्र 22 फरवरी 2019 को प्राप्त हुआ, जिससे उक्त रकम का कर्ज माफ हुआ। किंतु किसान द्वारा 15 अक्टूबर 2018 को संबंधित बैंक के लोन खाते में 15000 रुपए जमा करवाए गए। सवाल यह उठता हैं कि, अगर किसान ने 15000 रुपए का भुगतान किया है तो ऋण की रकम 25816 रुपए में से 15000 रुपए की राशि काट कर के कर्जमाफी होनी थी। और अगर उक्त राशि नहीं काटी गई है तो उसका समायोजन कहां हुआ।

उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है जो सरकार में बैठे जिम्मेदारों द्वारा किया जा रहा है। कोण्डागांव जिले में ऐसे तीन से चार मामले प्रकाश में आए है। जब पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के विधानसभा क्षेत्र का यह हाल है तो समूचे प्रदेश में न जाने कितने किसानों के साथ ऐसा छलावा हुआ होगा। एक ओर सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं का हक मार रही हैं तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री, उनके मंत्रीगण और विधायक ढिंढोरा पीटते घूम रहे हैं कि उन्होंने किसानों का कर्ज माफ किया हैं। ऐसे गंभीर मामले की स्पष्ट और सही दिशा में न्यायिक जांच समिति के माध्यम से त्वरित जांच होनी चाहिए। यह सरकार की गलत नीतियों और फेल हो चुकी सरकारी मशीनरी का ही नतीजा है, जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल बना है। भारतीय जनता पार्टी किसानों के हित में लगातार आंदोलनरत हैं और अगर ऐसे गंभीर मामले में त्वरित जांच व कार्यवाही नही होती तो हम सडक़ पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा, मंडल अध्यक्ष जैनेंद्र ठाकुर, मीनू कोर्राम, संतोष पात्र, रौनक दीवान व अन्य मौजूद रहे।

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