रायपुर

महात्मा गांधी की खंडित मूर्ति लगाकर सीएम से लोकार्पण का आरोप, विपक्ष का हंगामा
05-Mar-2021 5:58 PM 47
 महात्मा गांधी की खंडित मूर्ति लगाकर सीएम से लोकार्पण का आरोप, विपक्ष का हंगामा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मार्च। मंत्रालय में महात्मा गांधी की नई मूर्ति की जगह पुरानी खंडित मूर्ति लगाकर मुख्यमंत्री से लोकार्पण कराने का मामला शुक्रवार को विधानसभा में उठा। विपक्षी भाजपा सदस्यों ने काम रोको प्रस्ताव लाकर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आदेश की कापी भी दिखाई, और इसको भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया। विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रश्नकाल के तुरंत बाद भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने मामला  उठाया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में ऐसी घटना हुई है जहां गांधीजी के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी के लोगों ने गांधीजी को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। इस बार भ्रष्टाचार की भेंट में गांधीजी को ही चढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय परिसर में गांधी प्रतिमा के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया है, और मामले की लीपापोती की तैयारी है। मंत्रालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए कार्यशाला का नाटक कर किसी कलाकार की कबाड़ में पड़ी मूर्ति को रंगरोगन कर आयोजन सहित धूमधाम से स्थापित कर दिया, और इसके नाम पर लाखों को पेड बॉय मी बताकर भुगतान खुद लेने के फिराक में थे।

मामले को रफा दफा करने के लिए 12 फरवरी को संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिससे छोटे कर्मचारियों को बली का बकरा बनाने के तैयारी है। गांधीजी के नाम पर सरकार के नाक के नीचे ऐसी काली करतुत को नजर अंदाज किया गया, और अब खानापूर्ति कर मामले पर पर्दा डालने की तैयारी है। बृजमोहन अग्रवाल ने काम रोको प्रस्ताव लाकर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मंत्रालय में गांधीजी की पुरानी मूर्ति लगाई गई है, और इस मामले पर छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

भाजपा सदस्य नारायण चंदेल, सौरभ सिंह, रंजना साहू, डमरूधर पुजारी, कृष्णमूर्ति बांधी, पुन्नूलाल मोहिले ने भी काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि गांधीजी की मूर्ति के नाम पर भ्रष्टाचार होना भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सीएम की इस्तीफे की मांग की। भाजपा सदस्यों ने चर्चा पर जोर देने लगे, और सभापति ने स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। शोर शराबा और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

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