राजनांदगांव

भाजयुमो मंडल अध्यक्ष बनने सामने आने लगे दावेदार
06-Mar-2021 1:36 PM 46
भाजयुमो मंडल अध्यक्ष बनने सामने आने लगे दावेदार

उत्तर मंडल के लिए भीषम ने शुरू की दावेदारी

राजनांदगांव, 6 मार्च। भाजयुमो जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद जिले के मंडलों में अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठापटक शुरू हो गई है। अध्यक्ष बनने के लिए दावेदार सामने आने लगे हैं। राजनांदगांव शहर के उत्तर और दक्षिण मंडल के अध्यक्ष बनने के लिए युवा नेताओं में जोर आजमाईश भी शुरू हो गई है। अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे युवा नेताओं ने वरिष्ठ नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष मोनू बहादुर के पास भी अध्यक्ष बनने की इच्छा लिए दावेदार पहुंच रहे हैं। जिलाध्यक्ष बहादुर फिलहाल दावेदारों से औपचारिक चर्चा कर रहे हैं। वह क्षेत्रीय संतुलन के तहत नियुक्ति करने पर जोर दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि नई टीम का ऐलान करने से पूर्व जिलाध्यक्ष बहादुर आला नेताओं से भी चर्चा करेंगे।

 
मिली जानकारी के मुताबिक जिले में भाजयुमो के कुल 20 मंडल है। जिसमें राजनंादगांव के उत्तर-दक्षिण और ग्रामीण मंडल भी शामिल है। राजनंादगांव के दक्षिण मंडल से प्रखर श्रीवास्तव, गोविंद यादव और हिमांशु सोनवानी का नाम चर्चा में है। वहीं उत्तर मंडल से अध्यक्ष के लिए अमन जायसवाल और भीषम देवांगन का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि नांदगांव ग्रामीण भाजयुमो मंडल के लिए भी कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। 

बताया जा रहा है कि मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह की पसंद मनोनयन का एक प्रमुख मापदंड हो सकता है। गौरतलब है कि जिलाध्यक्ष मोनू बहादुर के नाम की सिफारिश पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने की थी। बताया जा रहा है कि भाजयुमो की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा में भी पूर्व सांसद की पसंद का पूरा ख्याल रखा जाएगा। 

महामंत्री के लिए भी उठापटक
जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद भाजयुमो के दूसरे  पावरफुल पद महामंत्री के लिए भी जोर आजमाईश चल रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा की तर्ज पर भाजयुमो में भी ग्रामीण और शहर से महामंत्री पद के लिए युवाओं का मनोनयन किया जाएगा। महामंत्री पद के लिए प्रशांत कोड़ापे जहां ग्रामीण चेहरे माने जा रहे हैं। वहीं विवेक शर्मा भी महामंत्री बनने के लिए इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हालांकि सुमित भाटिया और गोलू गुप्ता भी महामंत्री के दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन संगठन में 35 साल की उम्र की पाबंदी के चलते दोनों का दावा कमजोर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि दोनों 35 साल से अधिक उम्र के हैं। प्रशांत कोड़ापे आदिवासी समाज से हैं। उनके मनोनयन से पार्टी के प्रति आदिवासी समाज के युवााओं का रूझान बढ़ सकता है। फिलहाल अध्यक्ष के साथ-साथ महामंत्री पद के लिए भी मंथन का दौर शुरू हो गया है।

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